देश में मुसलमानों की बढ़ती आबादी चिंता का विषय क्यों है?...


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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

1:42

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बढ़ती हुई आबादी चाहे किसी भी धर्म की हो वह चिंता का विषय जरूर है मुसलमानों की भी और हिंदुओं की लेकिन ऐसा कि जो रीसेंट जो स्टेटिस्टिक्स अभी दो-तीन दिन पहले मैंने पढ़ाई पेपर में उसके हिसाब से दोनों की जो आबादी में जो क्रोध है दोनों में गिरावट आई है हालांकि यह बात सही है कि मुसलमानों की जो आबादी की तरफ बढ़ने की तरह भी हिंदुओं से ज्यादा है लेकिन अगर आप 10 साल 15 साल पहले जो हिंदुओं की आबादी की जड़ जो दर्द दिया जो मुसलमानों की हो गई है और मुसलमानों की आबादी धरती जो है लगातार नीचे जा रही है और यह भी हकीकत है कि जो आबादी बढ़ने का एक बहुत बड़ा जो कारण होता है वह पॉपुलेशन मैं आपके स्टेटस में आते हैं जो गरीब लोग होते हैं वह जल्दी कर ज्यादा बच्चे होते हैं क्योंकि जो वह उनको ऐसा सिक्योरिटी देखते हैं और दूसरी बात यह है कि उनके बच्चों को चुकी मेडिकल केयर नहीं होता तो अक्सर वह मर जाते हैं और इस वजह से भी हो बच्चे पैदा करना चाहते हैं लेकिन जैसे-जैसे इकोनॉमिक्स स्टेटस आदमी का इंप्रूव होता है वैसे ही वह बाबा जी धीरे धीरे करके उनकी कम होने लगती है और दूसरी बात यह होता है कि जब पढ़ाई होती है और एजुकेटेड महिलाएं होती हैं खासतौर से तो डेफिनेटली जो है वह जो पॉपुलेशन की ग्रोथ रेट कम हो जाती है क्योंकि लेट शादियां होती है और शादी होने के बाद में बच्चे भी ज्यादा नहीं बदलते हम तो मुसलमानों की जो एक समस्या में समास का एक बहुत बड़ा कारण है उनकी जो आज आधी आबादी तेजी से बढ़ रही है कि उनकी एजुकेशन लेवल भी काफी पीछे है और अगर उसमें धीरे धीरे करके इंप्रूवमेंट होगा तो मैं समझता हूं कि उनकी आवादी कदर भी उसी लेवल पहुंच जाएगा जितना हिंदुओं का है

badhti hui aabadi chahe kisi bhi dharm ki ho wah chinta ka vishay jarur hai musalmano ki bhi aur hinduon ki lekin aisa ki jo recent jo statistics abhi do teen din pehle maine padhai paper mein uske hisab se dono ki jo aabadi mein jo krodh hai dono mein giravat eye hai halaki yeh baat sahi hai ki musalmano ki jo aabadi ki taraf badhne ki tarah bhi hinduon se jyada hai lekin agar aap 10 saal 15 saal pehle jo hinduon ki aabadi ki jad jo dard diya jo musalmano ki ho gayi hai aur musalmano ki aabadi dharti jo hai lagatar niche ja rahi hai aur yeh bhi haqiqat hai ki jo aabadi badhne ka ek bahut bada jo kaaran hota hai wah population main aapke status mein aate hain jo garib log hote hain wah jaldi kar jyada bacche hote hain kyonki jo wah unko aisa Security dekhte hain aur dusri baat yeh hai ki unke baccho ko chuki medical care nahi hota to aksar wah mar jaate hain aur is wajah se bhi ho bacche paida karna chahte hain lekin jaise jaise economics status aadmi ka improve hota hai waise hi wah baba ji dhire chahiye dhire chahiye karke unki kum hone lagti hai aur dusri baat yeh hota hai ki jab padhai hoti hai aur educated mahilaye hoti hain khaastaur se to definetli jo hai wah jo population ki growth rate kum ho jati hai kyonki late shadiyan hoti hai aur shadi hone ke baad mein bacche bhi jyada nahi badalte hum to musalmano ki jo ek samasya mein samaas ka ek bahut bada kaaran hai unki jo aaj aadhi chahiye aabadi teji se badh rahi hai ki unki education level bhi kaafi piche hai aur agar usamen chahiye dhire chahiye dhire chahiye karke improvement hoga to main samajhata hoon ki unki aavadi kadar bhi ussi level pohch jayega jitna hinduon ka hai

बढ़ती हुई आबादी चाहे किसी भी धर्म की हो वह चिंता का विषय जरूर है मुसलमानों की भी और हिंदुओ

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Mehmood Alum

Law Student

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देखिए देश के अंदर मुसलमानों के साथ साथ अन्य धर्म को भी आजादी बढ़ रही है ऐसा नहीं है कि केवल मुस्लिम धर्म की आबादी बढ़ रही है और बाकी धर्मों की घट रही है सभी धर्म के लोगों की आबादी बढ़ रही है और बढ़ती हुई आबादी बेशक चिंता का विषय जरूर है और इस पर लगाम लगाए जाने की जरूरत है सरकार ऐसी नीतियां रही है ताकि बढ़ती आबादी को हतोत्साहित किया जा सके लेकिन मुद्दा यह है कि देश की आबादी को मानव संसाधन में कैसे परिवर्तित किया जा सके चीन की आबादी विश्व में सबसे ज्यादा है लेकिन चीन ने अपनी आबादी को मानव संसाधन के रूप में परिवर्तित कर दिया है लोगों को सक्षम बना दिया है इसलिए चीन की आबादी उसके देश के लिए वरदान बन गई है हमारे देश में भी यही किए जाने की जरूरत है

dekhie desh ke andar musalmanon ke saath saath anya dharm ko bhi azadi badh rahi hai aisa nahi hai ki keval muslim dharm ki aabadi badh rahi hai aur baki dharmon ki ghat rahi hai sabhi dharm ke logo ki aabadi badh rahi hai aur badhti hui aabadi vesak chinta ka vishay zaroor hai aur is par lagaam lagaye jaane ki zarurat hai sarkar aisi nitiyan rahi hai taki badhti aabadi ko hatotsahit kiya ja sake lekin mudda yeh hai ki desh ki aabadi ko manav sansadhan mein kaise parivartit kiya ja sake china ki aabadi vishwa mein sabse zyada hai lekin china ne apni aabadi ko manav sansadhan ke roop mein parivartit kar diya hai logo ko saksham bana diya hai isliye china ki aabadi uske desh ke liye vardan ban gayi hai hamare desh mein bhi yahi kiye jaane ki zarurat hai

देखिए देश के अंदर मुसलमानों के साथ साथ अन्य धर्म को भी आजादी बढ़ रही है ऐसा नहीं है कि केव

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नमस्कार दोस्तों मेरा नाम विवेक पांडे आपका सवाल है देश में मुसलमानों की बढ़ती आबादी चिंता का विषय है क्योंकि देश की बढ़ती आबादी ही चिंता का विषय है कि मेरा जवाब है देश की बढ़ती आबादी ही चिंता का विषय है देश में मुसलमानों की बढ़ती आबादी चिंता का विषय क्यों है कि आप का सवाल है दोस्तों आबादी किसी की भी बड़े हमारे देश की अभी वर्तमान आबादी जनसंख्या 135 करोड़ कुछ हो चुकी है भारत क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश और जनसंख्या की दृष्टि से वर्तमान में दूसरा और आगे चलकर यह पहला हो जाएगा हमारे देश में संसाधनों की कमी सार्वजनिक यातायात में होने वाली रोड परेशानियां कठिनाइयां हर तरह की परेशानियां चाय अस्पताल की हो शिक्षा की हो अन्य जरूरी उपयोगों की रोजमर्रा की चीजों में जो कमी हो रही है बेतहाशा महंगाई बढ़ रही है प्रदूषण इतना बढ़ रहा है और इसका पूरा पूरा जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ जनसंख्या है या पढ़ते आए दर्शन सत्यता और सच्चाई है जब तक हमारे देश में जनसंख्या निषेध कानून लागू नहीं किया जाएगा यह बीमारियां और यह दुश्वारियां इसी तरह से पढ़ी जाएंगी और इस पर चर्चा करने के अलावा और कोई कार्य नहीं बचेगा लेकिन हमारी पहली होनी चाहिए कि देश में बहुत ही जल्द जनसंख्या निषेध कानून लाना चाहिए ताकि हम आने वाली 70 से 100 साल के बीच में अपनी जन संख्या को 2 अरब और ढाई अरब जाने से बचा ले नहीं तो आप देखेंगे हर जगह यह जो अमित शब्द यूज करते हैं ना त्राहिमाम त्राहिमाम वैसा कुछ हो जाएगा प्लीज जनसंख्या निषेध कानून हमारे देश में लाना चाहिए वही इन सब समस्याओं का

namaskar doston mera naam vivek pandey aapka sawal hai desh mein musalmanon ki badhti aabadi chinta ka vishay hai kyonki desh ki badhti aabadi hi chinta ka vishay hai ki mera jawab hai desh ki badhti aabadi hi chinta ka vishay hai desh mein musalmanon ki badhti aabadi chinta ka vishay kyon hai ki aap ka sawal hai doston aabadi kisi ki bhi bade hamare desh ki abhi vartaman aabadi jansankhya 135 crore kuch ho chuki hai bharat kshetrafal ki drishti se vishwa ka satvaan sabse bada desh aur jansankhya ki drishti se vartaman mein doosra aur aage chalkar yeh pehla ho jayega hamare desh mein sansadhano ki kami sarvajanik yatayat mein hone wali road pareshaniya kathinaiyaan har tarah ki pareshaniya chai aspatal ki ho shiksha ki ho anya zaroori upayogon ki rozmarra ki chijon mein jo kami ho rahi hai betahasha mahangai badh rahi hai pradushan itna badh raha hai aur iska pura pura zimmedar sirf aur sirf jansankhya hai ya padhte aaye darshan satyata aur sacchai hai jab tak hamare desh mein jansankhya nishedh kanoon laagu nahi kiya jayega yeh bimariyan aur yeh dushwariyan isi tarah se padhi jayegi aur is par charcha karne ke alava aur koi karya nahi bachega lekin hamari pehli honi chahiye ki desh mein bahut hi jald jansankhya nishedh kanoon lana chahiye taki hum aane wali 70 se 100 saal ke beech mein apni jan sankhya ko 2 arab aur dhai arab jaane se bacha le nahi toh aap dekhenge har jagah yeh jo amit shabd use karte hai na trahimam trahimam waisa kuch ho jayega please jansankhya nishedh kanoon hamare desh mein lana chahiye wahi in sab samasyaon ka

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम विवेक पांडे आपका सवाल है देश में मुसलमानों की बढ़ती आबादी चिंता क

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कुत्ता का बच्चा

kutta ka baccha

कुत्ता का बच्चा

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Sefali

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अरुण, सबसे पहले तो मैं यह कहना चाहूंगी कि ऐसा कोई इंडेक्स निकला नहीं है जिसे जो दिखा सके कि हमारे देश में मुसलमानों की जनसंख्या है जो बढ़ गई है या यह चिंता का विषय है l अगर भी चिंता का विषय है मेरे हिसाब से सरकार जो है मेजर डिसीजंस बनाएगी कि क्यों यह चिंता का विषय है l वैसे भी हमारा जो देश है और डाइवर्सिटी के लिए माना गया है l और मैंने हिसाब से सरकार उसको वेल बैलेंस करती है l हर जो है इस देश में जो सारे रिलीजन्स चाहे वह हिंदू हो, सीख हो, इसाई हो, मुसलमान हो l तो अगर भी कोई भी चिंता का विषय है मेरे हिसाब से सरकार डिसाइड करेगी कि क्या है और उस पर आएंगे रिसर्च बिठाएंगे, एस ऑफ़ नाउ ऐसा कोई इंडेक्स निकला नहीं है कि वह दिखा सके मुसलमानों की संख्या बढ़ गई और वह एक चिंता का विषय है l

arun sabse pehle to main yeh kehna chahungi ki aisa koi index nikla nahi hai jise jo dikha sake ki hamare desh mein musalmano ki jansankhya hai jo badh gayi hai ya yeh chinta ka vishay hai l agar bhi chinta ka vishay hai mere hisab se sarkar jo hai major disijans banaegi ki kyu yeh chinta ka vishay hai l waise bhi hamara jo desh hai aur diversity ke liye mana gaya hai l aur maine hisab se sarkar usko well balance karti hai l har jo hai is desh mein jo sare rilijans chahe wah hindu ho seekh ho isai ho muslim ho l to agar bhi koi bhi chinta ka vishay hai mere hisab se sarkar decide karegi ki kya hai aur us par aayenge research bithaenge s of now aisa koi index nikla nahi hai ki wah dikha sake musalmano ki sankhya badh gayi aur wah ek chinta ka vishay hai l

अरुण, सबसे पहले तो मैं यह कहना चाहूंगी कि ऐसा कोई इंडेक्स निकला नहीं है जिसे जो दिखा सके क

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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राधे कि मैं नहीं समझता कि देश में अगर मुसलमानों की जो तादाद है वह बढ़ रही है जो आबादी वाला चाहिए तो यह ज्यादा चिंता यह सब चीजों को ज्यादा सीरियस नहीं लेना चाहिए क्योंकि इंडिया जो है वह हिंदू नॉमिनेटेड कंट्री है उस में मुस्लिमों की तादाद जो है वह 140 गया 150 यह सब चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए कि उनकी जो पॉपुलेशन है और ज्यादा हो रही है हिंदुओं का कंपटीशन में हिंदुओं के ज्यादा और यह उनके कंपैरिजन में मेरे को लगता है कि हम सब हम सब को जो है वह आपस में मिल बांटकर खुशी से कंधे से कंधा मिलाकर रहना चाहिए और हमको जो है अपने देश के विकास में समय जो है व्यतीत करना चाहिए ना कि यह सब देखने में क्यों उनके दो बच्चे को ज्यादा पैदा हो रहे हमारे काम और है तो वह लोग इंडिया को 2 मिनट कर देंगे एक दिन तो यह सब फालतू चीजों पर मिलता है कि कोई इंपॉर्टेंट देने की जरूरत है

radhe ki main nahi samajhata ki desh mein agar musalmano ki jo tadad hai wah badh rahi hai jo aabadi wala chahiye to yeh jyada chinta yeh sab chijon ko jyada serious nahi lena chahiye kyonki india jo hai wah hindu nominated country hai us mein muslimo ki tadad jo hai wah 140 gaya 150 yeh sab chijon par jyada dhyan nahi dena chahiye ki unki jo population hai aur jyada ho rahi hai hinduon ka competition mein hinduon ke jyada aur yeh unke kampairijan mein mere ko lagta hai ki hum sab hum sab ko jo hai wah aapas mein mil bantakar khushi se kandhe se kandha milakar rehna chahiye aur hamko jo hai apne desh ke vikash mein samay jo hai vyatit karna chahiye na ki yeh sab dekhne mein kyu unke do bacche ko jyada paida ho rahe hamare kaam aur hai to wah log india ko 2 minute kar denge ek din to yeh sab faltu chijon par milta hai ki koi important chahiye dene ki zarurat hai

राधे कि मैं नहीं समझता कि देश में अगर मुसलमानों की जो तादाद है वह बढ़ रही है जो आबादी वाला

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