बॉलीवुड फिल्मों को हॉलीवुड फिल्मों जैसी पहचान क्यों नहीं मिलती? आपके अनुसार इसका क्या कारण हो सकता है?...


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Jeet Dholakia

Anchor and Media Professional

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बॉलीवुड फिल्म को हॉलीवुड फिल्म जैसी पहचान क्यों नहीं मिलती तो कहीं ना कहीं मुझे लगता है कि बॉलीवुड की फिल्मों का जो कंटेंट होता है उनकी टीम होती है या तो फिर उनका कोई प्रॉब्लम बड़ा प्रॉब्लम होता है वह बजट का प्रॉब्लम होता है क्योंकि अरे प्रोडक्ट्स बड़ा बजट खर्च नहीं कर सकता तो कहीं ना कहीं आप बजट कंस्ट्रेंट भी है और दूसरी बात मैं आपको तो जाऊंगा कंटेंट क्विक कंटेंट जो हॉलीवुड में होता है वह बॉलीवुड फिल्में हम सोच भी नहीं सकते क्योंकि हॉलीवुड में काफी सारी ऐसी फिल्में है जो नए दौर नए दौर से क्रिएट होती है जो कि बॉलीवुड में वही फिल्में हॉलीवुड में से उठाकर वह लोग क्रिएट करते तो पूरा रीक्रिएट करते हैं तो कहीं ना कहीं जो कंटेंट है और बॉलीवुड बॉलीवुड फिल्म में जो थीम है फिल्म की टीम टीम का सब्जेक्ट है वह भी मैटर करता है वह भी इतना है ऐसा हो गया कि हम सोसायटी को दिखाने के लिए फिल्म बना रहे हैं सुसाइड एक्सेप्ट करेगी नहीं करेगी यह सब चीज मायने रखती है बॉलीवुड की चौकी हॉलीवुड की फिल्मों के गर्म बात करें तो उसमें ऐसा नहीं है कि आइए तो मैं बताऊंगा तो लोगों को क्या रिएक्शन आएगा हमारे यहां कोई दंगे फसाद तो नहीं हो जाएंगे यह सब सोचते नहीं है वह जो उनके माइंड में ख्याल आया उसके ऊपर वह फिल्म बना देते हैं तो कहीं ना कहीं यह बात भी है जो बॉलीवुड को हॉलीवुड से अलग करती है और अब बॉलीवुड को हॉलीवुड की कंटेंट उठाने पड़े हैं और इसलिए मुझे लगता है कि आज शायद बॉलीवुड फिल्मों को हॉलीवुड फिल्म जितनी पहचान नहीं मिलती है

bollywood film ko hollywood film jaisi pehchaan kyon nahi milti toh kahin na kahin mujhe lagta hai ki bollywood ki filmo ka jo content hota hai unki team hoti hai ya toh phir unka koi problem bada problem hota hai vaah budget ka problem hota hai kyonki are products bada budget kharch nahi kar sakta toh kahin na kahin aap budget constraint bhi hai aur dusri baat main aapko toh jaunga content quick content jo hollywood mein hota hai vaah bollywood filme hum soch bhi nahi sakte kyonki hollywood mein kaafi saree aisi filme hai jo naye daur naye daur se create hoti hai jo ki bollywood mein wahi filme hollywood mein se uthaakar vaah log create karte toh pura rikriet karte hain toh kahin na kahin jo content hai aur bollywood bollywood film mein jo theme hai film ki team team ka subject hai vaah bhi matter karta hai vaah bhi itna hai aisa ho gaya ki hum sociaty ko dikhane ke liye film bana rahe hain suicide except karegi nahi karegi yah sab cheez maayne rakhti hai bollywood ki chowki hollywood ki filmo ke garam baat kare toh usme aisa nahi hai ki aaiye toh main bataunga toh logo ko kya reaction aayega hamare yahan koi dange fasad toh nahi ho jaenge yah sab sochte nahi hai vaah jo unke mind mein khayal aaya uske upar vaah film bana dete hain toh kahin na kahin yah baat bhi hai jo bollywood ko hollywood se alag karti hai aur ab bollywood ko hollywood ki content uthane pade hain aur isliye mujhe lagta hai ki aaj shayad bollywood filmo ko hollywood film jitni pehchaan nahi milti hai

बॉलीवुड फिल्म को हॉलीवुड फिल्म जैसी पहचान क्यों नहीं मिलती तो कहीं ना कहीं मुझे लगता है कि

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Md Shahbaz Alam

Filmmaker | Creative Director

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बॉलीवुड फिल्मों को पहले कह सकते हैं कि हॉलीवुड की पहचान नहीं मिल रही थी लेकिन अभी लास्ट कुछ सालों में हॉलीवुड फिल्मों की पहचान है बॉलीवुड की पहचान है जबसे हजार दो हजार करोड़ का कलेक्शन शुरू करना

bollywood filmo ko pehle keh sakte hain ki hollywood ki pehchaan nahi mil rahi thi lekin abhi last kuch salon mein hollywood filmo ki pehchaan hai bollywood ki pehchaan hai jabse hazaar do hazaar crore ka collection shuru karna

बॉलीवुड फिल्मों को पहले कह सकते हैं कि हॉलीवुड की पहचान नहीं मिल रही थी लेकिन अभी लास्ट कु

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Abhilash Shah

Osho Sannyasi, Actor, Acting Trainer, Filmmaker, Life Coach, Yogi - Meditator

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए बॉलीवुड का सपना है और बहुत सारे हिंदी फिल्म प्रेमियों का सपना है कि बॉलीवुड फिल्मों को बॉलीवुड फिल्मों की तरह सम्मान मिले और दर्जा मिले लेकिन बहुत मुश्किल है क्योंकि यह लोग कॉपी करते हैं बॉलीवुड वाले और इसीलिए उन्हें यह मिलने की संभावना ना के बराबर है यह सम्मान उन्हें नाव के बराबर मिलेगा यहां की पब्लिक को बेवकूफ बना लेंगे लेकिन हॉलीवुड में तो बैठे हुए ना सब वहां पर दो फिल्म क्रिटिक जो बैठे हुए हैं फिल्म एनालिस्ट बैठे हुए हैं वह तो सब बाप होते हैं उनको तो पता चलता कि कौन से धर्म से कौन सा सीन उठाया है या तो फिर उनका शॉट डिवीज़न है वह उठाया है वह पता चल जाता है तो वह कॉपी पर को बिल्कुल ही एंटरटेन नहीं करते और इसी कारण काफी सारी इंडिया से ऑस्कर में भेजी गई फिल्म उन्होंने रिजेक्ट की है और जो 2 फिल्म अब तक अच्छा परफॉर्म कर भाई जो फाइनल तक पहुंच पाई मदर इंडिया और लगान क्योंकि उसने ओरिजिनल की थी ओरिजिनल कांसेप्ट था और इसीलिए बोलो फाइनल फाइनल तक पहुंच पाई और फिर फाइनल में वह जीत नहीं भाई वह अलग बात है लेकिन फाइनल तक पहुंचना भी बहुत बड़ी बात होती है मेरे हिसाब से तो वह दो फिल्में को रीजनल dt11 ऑथेंटिसिटी थी इसीलिए वह दोनों फिल्मी इतना अच्छा परफॉर्म कर पाई और बाकी और बाकी ऑलमोस्ट सारी फिल्मों में कुछ ना कुछ तो गड़बड़ी होती है बॉलीवुड फिल्मों की बात करो मैं क्योंकि वो साउथ की काफी सारी फिल्म होती है कि जो अच्छी होती है बट वह हमें देखने को नहीं मिलती है अभी ठीक है पिछले दो-तीन सालों से हालात बदले हैं अभी ओटीटी प्लेटफॉर्म और यूट्यूब में काफी साउथ की फिल्में भी हमें देखने को मिलती है तो अभी हमें पता चलता है कितने साल पहले इतनी सारी अच्छी मूवी भी साउथ इंडस्ट्री ने बनाई है तो साउथ की मूवीस में भी कुछ-कुछ मूवीस कॉपी होती है लेकिन ज्यादातर साउथ की मूवीस में ऑपरेशन ऑफिस ज्यादा होते हैं और बोलोगे एक्सपेरिमेंटल है मैंने एक्सपेरिमेंट करते रहते हैं तो वहां की फिल्मों में एक मैं देख सकता हूं फ्यूचर कि ऐसा हो सकता है कि वह लोग अभी तेरे हॉलीवुड को फ्यूचर में लेकिन उनका भी थोड़ा स्टाइल है जिस्म पर ज्यादा जोर होता है स्टाइलाइजेशन पर बोलो थोड़ा ज्यादा फोकस करते हैं तो वह उनका तरीका है फिल्म बनाने का की बहुत बड़ा ग्रेट मैन और में बनाते हैं अपने हीरो को थोड़ा ज्यादा है लेट कर दे वह उनका ही कभी ऑफ वी ऑफ प्रिंटिंग जीरो वह उनका एक तरीका है दिखाने का तो और हॉलीवुड में कुछ अलग तरीके से प्रेग्नेंट कर दे वो लोग थोड़े शटल भी में प्रसिद्ध प्रेजेंट कर दे वह हाईलाइट नहीं करते अपने हीरो को ज्यादा ज्यादा दर्द करते हैं वह बहुत ही कम मूवी में ऐसा होता है बाकी ज्यादातर जो मूवी बनती है वह शक्ल में में बनती है और रियलिज्म से काफी करीब होती है उनकी मूवी हॉलीवुड की मूवी दम है तो इसीलिए वह भी थोड़ा संभावना कम है इस वजह से बाकी ऐसा कहा जाता है कि सत्यजीत रे जो बंगाली डिलीट करते उनकी काफी सारी फिल्में है जिससे हॉलीवुड के बड़े-बड़े डिटेक्टर सुनकर प्रभावित है अभी 2 साल पहले की इंटरव्यू आटा मार्टिन स्कोर्सेसे जब इंडिया आए थे तो शाहरुख खान शाहरुख खान की कोई मूवी रिलीज हो रही थी तो शाहरुख खान ने उन्हें बोला कि आप यह मूवी देखें मेरी है अभी रिलीज होने वाली है तो मार्टिन स्कोर्सेसे ने कहा था कि और हां शाहरुख खान सभी कहा था कि मैं आपकी फिल्मों फिल्मों को बहुत पसंद करता हूं उससे इंस्पायर्ड हूं और आप मिलिए फिल्म रिलीज हो तो प्लीज उसको देखिएगा तो मार्टिन स्कोर्सेसे ने कहा था कि आपको सत्यजीत रे का व्रत देखना चाहिए और उससे कुछ सीखना चाहिए ऐसा उन्होंने बताया था मार्टिन स्कोर्सेसे हॉलीवुड का बहुत बड़ा डिटेकटर है और उन्हें बहुत ही बेहतरीन फिल्में बनाई है और ऑस्कर भी उन्होंने जीते हैं उनकी फिल्मों ने तो यह बहुत बड़ा कंपलीमेंट सत्यजीत रे को ऑस्कर अवॉर्ड भी मिला हुआ है लाइफ टाइम अचीवमेंट ऑस्कर अवार्ड मिला था सत्यजीत रे को तो यह हमारे लिए बहुत ही गौरव की और बहुत ही बड़ी बात है लेकिन बॉलीवुड को अभी तक कुछ नहीं मिला है क्योंकि बॉलीवुड हमेशा कॉपी पेस्ट करता है और या तो कोई कांसेप्ट चुराता है या तो कोई सीन चुराता है या तो शॉट डिवीज़न चुराता है या तो कुछ ना कुछ वह सूरत ही रहता है चाहे वह म्यूजिक हो यासीन हो या स्टाइल हो कॉस्ट्यूम तो कुछ बस यही उसका मतलब मैं तो काम भी करता हूं तो मुझे पता है हम लोगों को जब सिंधिया जाता है तो रन चाहिए मुझे तो पहले तुम का फिक्स होता है कि उनको ऐसा ही चाहिए मतलब कुछ लिखा हुआ उन्होंने ऐसा नहीं कि कुछ नया उन्होंने सोचा है और नया रेफरेंसर में दे रहे हैं ऐसा नहीं यह फिल्म जैसा मुझे चाहिए यह बंदर जैसा मुझे चाहिए वह देखकर ही डिसाइड करते हैं वह कुछ नया सर्जन नहीं करते नया क्रिएशन नहीं देते नया अपना कुछ कंट्रीब्यूशन नहीं देते क्रिएटिव तो जब तक यह चीजें नहीं होगी तब तक कुछ हो गई नहीं कुछ डेवलपमेंट भी होगा तो यह एक बहुत दुखद बात है लेकिन अभी क्या करें ऐसा ही है और जो भी बड़े बड़े पैसे वाले हैं वह सब अभिषेक गेम खेलते हैं सिर्फ गम किसको बोलते हैं कि देखो हॉलीवुड में इतनी इतना पैसा कमाया और यह भी सब्जेक्ट कैसा चल रहा है अभी बायोटिक का ट्रेन चल रहा है तो चलो अभी कौन सा स्टार चल रहा है तो यह स्टार चल रहे तो इसको ले लो और यह सब ठीक चल रहा है इसको ले लो और को मोदी बायोपिक इसके ऊपर बनानी चाहिए तो कभी एस्कॉर्ट का ज्यादा ट्रेन बताइए स्पोर्ट का कोई पॉपुलर पर्सन ले लो और उसके बाद एक बना डालो अच्छा काम जैसे मेंटालिटी ब्लॉक रखते हैं तो यह मंडल वीडियो फिल्म बनेगी वह कैसे बढ़ेगी और ऐक्टर भी सोचते हैं कि चलो भी हमको तो पैसा मिल रहा है हमको तो काम मिल रहा है चलो हम अपनी दुकान चलाएं तो सब लोग अपनी अपनी दुकान चलाने पर लगे हुए हैं फिल्म कोई नहीं बनाता है दुकान चलाते मेंटालिटी से जब काम होगा तो क्या होगा आपका भी होगा ना दुकानदारी होगी ना तो देखो दुकानदारी अच्छी हो रही है 200 करोड़ 300 करोड़ कमा रही है फिल्में लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर लोग हंसते हम पर फिल्म तो चलो तो भी थोड़ी ठीक है लेकिन हमारी हिंदी सीरियल्स को देखकर लोग बाहर हंसते हैं हमारा मजाक उड़ाते हैं कि ऐसे सीरियल आप लोग देखते हुए इंडियन ऑडियंस कैसे इतनी बेवकूफ है कि ऐसी सीरियल देखती है इतना मजाक उड़ा देगा हमारा तो यह ऑडियंस के लिए नहीं लेकिन मैं तो बोलूंगा कि हमारे मेकस की ही यह बहार है हमारे मिकस की ही यह गलती है क्योंकि ऑडियंस कुछ भी नहीं आप आपकी जिम्मेदारी है कि आप कुछ कुछ अच्छा-अच्छा परोस रहे हफ्ते में एक-दो बार 12 एपिसोड कैसे बना सकते हो ना कि जो थोड़े बहुत अच्छे हो जिसमें ऑडियंस का टेस्ट ग्रो लेकिन जो घटिया उससे घटिया और ज्यादा घटिया वैसे बनाने पर तुले हुए हैं अभी सारी सीरियल देख लो तो ऐसी है तो अभी हिंदी सिनेमा और हिंदी सीरियल्स का तो मेरे जैसे दिख रहा हूं तो टेक्निकल इतनी परफेक्ट होती है कि जिसमें कोई गलती निकालनी मुश्किल है लेकिन क्रिएटिवली बिल्कुल डिजास्टर होती है और हॉलीवुड में तो हमारा कोई है ही नहीं भले यहां पर कोई कुछ भी बोलता हूं यहां के मीडिया में कुछ भी चुकता हो लेकिन हकीकत दिए हैं मैंने ऑस्कर विनर डायरेक्टर के साथ भी काम किया है मैंने एक और दो हॉलीवुड फिल्मों में मैंने काम किया है तो मैं मेरे अनुभव से आपको बता रहा हूं कि ऐसा है हालांकि वह लोग बहुत डाउन टू अर्थ होते हैं और हमें बहुत स्पेस लेते हैं काम करने के लिए मैंने भी जो एक छोटा सा सीन किया था उससे मुझे काफी स्पेस लिया था डीजे में मुझे पूरा उन्होंने सुना था मुझे बताना कि नहीं बताओ कैसे परफॉर्म करोगे एंड व्हो परफॉर्म्स देखा फिर उन्हें जो ठीक लगा उन्होंने अपना इनपुट दिया और फिर वैसे ही उन्होंने फिर फाइनल किया तो इतना स्पेस वह लोग देते हैं वह लोग हमारा पॉइंट ऑफ यू अप्रिशिएट कर दे मैं तोड़ नहीं पाते तोड़ते नहीं जीवन मैंने जो अक्सर बिना डिटेक्टर के साथ काम किया था मैं उनकी भी बात कर रहा हूं उन्होंने पहले मेरा परफॉर्मेंस देखा और फिर उन्हों उनको सही लगा तो उन्होंने वह अप्रूव किया और फिर वहीं उन्होंने शूट किया तो इस तरह से डेमोक्रेटिक व्वे में वो लोग काम करते हैं तो यह हमें सीखने की जरूरत है यहां भी डेमोक्रेटिक भी में काम होता है बॉलीवुड में ऐसा नहीं है कि गलत बताया लेकिन यहां इनफ्लुएंस बहुत होता है बॉलीवुड में आउटर रिंग रोड से बोलो कितने पीड़ित है कि वह वही वही छपते हैं अभी पहले से आप बंदे को बांध लो कि मुझे ऐसा ही चाहिए तो अभी नया पनिश में क्या आएगा नयापन के लिए क्या होना चाहिए आपके अंदर एक क्लेरिटी होनी चाहिए प्लस आपके अंदर वह एक्सेप्टेबिलिटी होनी चाहिए कि सामने वाला कुछ नया इनपुट लाता है और वह मेरे नहीं तो बेहतर है तो मैं उसको एक्सेप्ट करूं तो यह सारी चीजें हमें लेकिन है और इसीलिए हमें ग्रो करने में बहुत बहुत टाइम लगेगा अनलेस कि यह जो कूड़ा कचरा है वह हट जाए और नए लोगों को मौका मिले ऐसा भगवान कुछ चमत्कार करें तो हो सकता है वरना अभी जो हालात है वह तो बहुत ही बदतर हालत है क्रिएटिवली अभी भले दो सौ करोड़ 300 करोड़ कमाते हैं मनी ग्रो हो रहा है लेकिन कुछ नहीं होता एक कलाकार का एक आत्म संतोष आत्म सम्मान भी होता है कि मैं इंडस्ट्री में आया और मैं इंडस्ट्री से गया तो इस दौरान इस बीच में मैंने क्रिएटिवली इतना कंट्रीब्यूट किया मैंने इतने इतने क्रिएटिव माइलस्टोन अचीव्ड किए मैंने इतने इतने क्रिएटिव परफॉर्मेंसेस की है मैंने क्रिएटिविटी में मेरा इतना कॉन्ट्रिब्यूशन दिया यह तो मैं ले रहा हूं ना 200 300 करोड में ले रहा हूं लेकिन मैं देख रहा हूं कूड़ा कचरा दे रहा हूं मैं लोगों को हर लोग सैटरडे संडे बाहर निकलकर गालियां दे रखी हमारे वीकेंड बर्बाद कर दिया यह फिल्म न और 400 के पेपर हेड ले लिया तो यह हालात है हमारे तो कहां से फिर कुछ होगा मैं तो उम्मीद रखता हूं फ्यूचर में कुछ चेंज हो और ऑडियंस भी अभी थोड़ा समझ थोड़ी समझदारी रखें और ऐसी फिल्मों को देखना ही बंद कर दें क्योंकि ऑडियो में जब तक इनको देखती रहेगी ना तब तक यह लोग कूड़ा कचरा ही खाते रहेंगे तो ऑडियंस को बिल्कुल ही बंद कर दे तो इन लोगों को फिर जरूरत पैदा होगी कि अब कुछ अच्छा करना ही पड़ेगा वरना हम लोग चलेंगे नहीं तभी लोग अच्छा करेंगे तो लेट ही फ्यूचर में क्या होता है लेट सुपर द बेस्ट थैंक्यू

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mekas ki hi yah bahar hai hamare mikas ki hi yah galti hai kyonki adiyans kuch bhi nahi aap aapki jimmedari hai ki aap kuch kuch accha accha paros rahe hafte me ek do baar 12 episode kaise bana sakte ho na ki jo thode bahut acche ho jisme adiyans ka test grow lekin jo ghatiya usse ghatiya aur zyada ghatiya waise banane par tule hue hain abhi saari serial dekh lo toh aisi hai toh abhi hindi cinema aur hindi siriyals ka toh mere jaise dikh raha hoon toh technical itni perfect hoti hai ki jisme koi galti nikaalanee mushkil hai lekin creatively bilkul disaster hoti hai aur hollywood me toh hamara koi hai hi nahi bhale yahan par koi kuch bhi bolta hoon yahan ke media me kuch bhi chukata ho lekin haqiqat diye hain maine oscar winner director ke saath bhi kaam kiya hai maine ek aur do hollywood filmo me maine kaam kiya hai toh main mere anubhav se aapko bata raha hoon ki aisa hai halaki vaah log bahut down to arth hote hain aur hamein bahut space lete hain kaam karne ke liye maine bhi jo ek 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देखिए बॉलीवुड का सपना है और बहुत सारे हिंदी फिल्म प्रेमियों का सपना है कि बॉलीवुड फिल्मों

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महेश हिन्दू

विधार्थी

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार भाइयों बहनों आपने बॉलीवुड फिल्म और हॉलीवुड फिल्मों की बात की देखे बॉलीवुड जो है वह एक हिंदी भाषा को तवज्जो देता है जितनी भी फिल्में वगैरह जो कुछ बनता है वह सब हिंदी में है और जो हॉलीवुड है वह इंग्लिश में और इंग्लिश है वह अंतरराष्ट्रीय भाषा भी है कई लगभग कुछ देशों की राष्ट्रीय भाषा भी है और इंग्लिश जो है लोग ज्यादा पसंद करते हैं उसमें जो क्या है हॉलीवुड फिल्मों में मिर्च मसाला ज्यादा है लड़का ज्यादा है आप बात मेरी समझ सकते हैं जो हॉलीवुड जो हीरो हीरोइन है वह अलग अलग देशों से आते हैं उनके सभ्यता संस्कृति भारत के बिल्कुल विपरीत है ठीक है ना और जो भारत की सभ्यता संस्कृति और संसार के सर्वश्रेष्ठ सभ्यताओं में से एक मानी जाती है और वह भी तथा हमारी जो फिल्में बनती है वह हिंदी में बनती है हिंदी जो बादशाह है वह संसार की सबसे चौथे नंबर की बड़ी भाषा है ठीक है ना और भारत में भी मैं आपकी जानकारी के बता दो 60 से 65% लोग हिंदी को जानते हैं पढ़ सकते हैं लिख सकते हैं बोल सकते हैं समझ सकते हैं बाकी लोग नहीं जानते साउथ में चले जाइए आप और कुछ उत्तर पूर्व भारत के मेघालय मिजोरम नागालैंड राज्य में तो सबसे बड़ा कारण तो यही है भाषा का धन्यवाद तथा देखिए पहचानने हिंदी फिल्मों को भी खूब मिलती है रूस में चीन में भी खूब है

namaskar bhaiyo bahanon aapne bollywood film aur hollywood filmo ki baat ki dekhe bollywood jo hai wah ek hindi bhasha ko tavajjo deta hai jitni bhi filme vagera jo kuch banta hai wah sab hindi mein hai aur jo hollywood hai wah english mein aur english hai wah antararashtriya bhasha bhi hai kai lagbhag kuch deshon ki rashtriya bhasha bhi hai aur english jo hai log zyada pasand karte hai usme jo kya hai hollywood filmo mein mirch masala zyada hai ladka zyada hai aap baat meri samajh sakte hai jo hollywood jo hero heroine hai wah alag alag deshon se aate hai unke sabhyata sanskriti bharat ke bilkul viprit hai theek hai na aur jo bharat ki sabhyata sanskriti aur sansar ke sarvashreshtha sabhyatao mein se ek maani jati hai aur wah bhi tatha hamari jo filme banti hai wah hindi mein banti hai hindi jo badshah hai wah sansar ki sabse chauthe number ki baadi bhasha hai theek hai na aur bharat mein bhi main aapki jankari ke bata do 60 se 65% log hindi ko jante hai padh sakte hai likh sakte hai bol sakte hai samajh sakte hai baki log nahi jante south mein chale jaiye aap aur kuch uttar purv bharat ke meghalaya mizoram nagaland rajya mein toh sabse bada kaaran toh yahi hai bhasha ka dhanyavad tatha dekhie pahachanane hindi filmo ko bhi khoob milti hai rus mein china mein bhi khoob hai

नमस्कार भाइयों बहनों आपने बॉलीवुड फिल्म और हॉलीवुड फिल्मों की बात की देखे बॉलीवुड जो है वह

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Ambrish

Pg.History

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भारत की राष्ट्रभाषा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए इसलिए तो भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी

bharat ki rashtrabhasha honi chahiye ki nahi honi chahiye isliye toh bharat ki rashtriya bhasha hindi

भारत की राष्ट्रभाषा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए इसलिए तो भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हॉलीवुड में जो है बॉलीवुड की तरह पहचान अपना बनाना शुरु कर दिया क्योंकि आप जो पहने थे वह भी बॉलीवुड मूवीस देखना चाहती हूं और उसको बहुत ही पसंद करती है जैसे कि चाइना और जापान हुआ है मेरी दवा तो वहां की भेजो फॉरेन वाली है उसे वह भी बॉलीवुड मूवीस को पसंद करने लगी है उनके जो स्टार से हैं जो डायरेक्शन सांग्स वगैरा उनको भी पसंद आ रहे बिल्कुल और ढाबा बॉलीवुड ने भी जो है हॉलीवुड को टक्कर देना शुरू कर दिया है और उसकी तरह पहचान ना मिलने में जो है बॉलीवुड को ज्यादा दिन का वक्त नहीं है क्योंकि आप बॉलीवुड चैनल की मूवीस भी जो है वह बॉलीवुड में बिल्कुल बनने लगी है और अब क्या कर सकते हैं बॉलीवुड की हीरोइन भेजो है मोड में जाकर काम कर रही जैसे प्रियंका चोपड़ा दीपिका पादुकोण भी जो है वह हॉलीवुड मूवीस में काम करते हैं तो अब मैं बिल्कुल जो है वह बॉलीवुड जो है बॉलीवुड को टक्कर दे रहा है

hollywood mein jo hai bollywood ki tarah pehchaan apna banana shuru kar diya kyonki aap jo pehne the vaah bhi bollywood Movies dekhna chahti hoon aur usko bahut hi pasand karti hai jaise ki china aur japan hua hai meri dawa toh wahan ki bhejo foreign wali hai use vaah bhi bollywood Movies ko pasand karne lagi hai unke jo star se hai jo direction songs vagera unko bhi pasand aa rahe bilkul aur dhaba bollywood ne bhi jo hai hollywood ko takkar dena shuru kar diya hai aur uski tarah pehchaan na milne mein jo hai bollywood ko zyada din ka waqt nahi hai kyonki aap bollywood channel ki Movies bhi jo hai vaah bollywood mein bilkul banne lagi hai aur ab kya kar sakte hai bollywood ki heroine bhejo hai mode mein jaakar kaam kar rahi jaise priyanka chopra deepika padukone bhi jo hai vaah hollywood Movies mein kaam karte hai toh ab main bilkul jo hai vaah bollywood jo hai bollywood ko takkar de raha hai

हॉलीवुड में जो है बॉलीवुड की तरह पहचान अपना बनाना शुरु कर दिया क्योंकि आप जो पहने थे वह भी

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बॉलीवुड मूवी जो है वह बॉलीवुड से बिल्कुल कम पर नहीं कर सकते क्योंकि होली तो पूरा दुनिया में छपा हुआ मूवी होता है और बॉलीवुड अभी जो हो रहा है उसे लगता है ज्यादा टाइम नहीं लगेगा वह जल्दी बॉलीवुड और हॉलीवुड सेमी देखेगा

bollywood movie jo hai vaah bollywood se bilkul kam par nahi kar sakte kyonki holi toh pura duniya mein chapa hua movie hota hai aur bollywood abhi jo ho raha hai use lagta hai zyada time nahi lagega vaah jaldi bollywood aur hollywood semi dekhega

बॉलीवुड मूवी जो है वह बॉलीवुड से बिल्कुल कम पर नहीं कर सकते क्योंकि होली तो पूरा दुनिया मे

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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से उसका मीनिंग कंटेंट का कारण होगा तो क्या देखें तो अब बॉलीवुड फिल्में और हॉलीवुड फिल्में का कंटेंट बहुत ही अलग है और बहुत उसमें डिफरेंस हॉलीवुड मूवीस ऑफ बॉलीवुड मूवीस ऑल बॉलीवुड मूवीस कमिंग रहता है इंटरटेनमेंट करने के लिए बट हॉलीवुड मूवी Entertainment के साथ वह बहुत अलग-अलग तीन अलग-अलग दोनों में फोकस करते हुए एक ही जॉनी जॉनी Entertainment नहीं हर टाइम नहीं आती रहती है जो ज्यादातर बॉलीवुड मूवीज आपकी भी रहती है क्लास डेकोरेशन भी बहुत ज्यादा है बॉलीवुड मूवीस का तू इसलिए ज्यादा तक हॉलीवुड जो है और वह हिंदी मूवीस बहुत ही कम देख पाते हैं क्योंकि उनका लिंग बहुत ज्यादा रहते हैं और उनमें बहुत ज्यादा सॉन्ग वगैरह भी रहते उनको ऐसे नाम लीनो फिल्म उसमें पसंद नहीं रहता है और प्लस अब देखो तो जो हॉलीवुड मूवीस जाए उनका कंटेंट इन का थीम वैसा रहता है जो पूरे सोसाइटी को इफेक्ट करें

mere hisab se uska meaning content ka karan hoga toh kya dekhen toh ab bollywood filme aur hollywood filme ka content bahut hi alag hai aur bahut usme difference hollywood Movies of bollywood Movies all bollywood Movies coming rehta hai entertainment karne ke liye but hollywood movie Entertainment ke saath vaah bahut alag alag teen alag alag dono mein focus karte hue ek hi Jonny Jonny Entertainment nahi har time nahi aati rehti hai jo jyadatar bollywood movies aapki bhi rehti hai class decoration bhi bahut zyada hai bollywood Movies ka tu isliye zyada tak hollywood jo hai aur vaah hindi Movies bahut hi kam dekh paate hai kyonki unka ling bahut zyada rehte hai aur unmen bahut zyada song vagera bhi rehte unko aise naam lino film usme pasand nahi rehta hai aur plus ab dekho toh jo hollywood Movies jaaye unka content in ka theme waisa rehta hai jo poore society ko effect karen

मेरे हिसाब से उसका मीनिंग कंटेंट का कारण होगा तो क्या देखें तो अब बॉलीवुड फिल्में और हॉलीव

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Hhhgnbhh

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बॉलीवुड फिल्मों को होली

bollywood filmo ko holi

बॉलीवुड फिल्मों को होली

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