आपके एक IAS अफ़सर बनने के बाद के शुरुआती दिन कैसे थे?...


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Dr Jayadev Sarangi

Worked at Indian Administrative Service (AGMUT), Formerly SECRETARY,GOVERNMENT OF NCT OF DELHI/Goa Government .Formerly Expert UNODC

1:39

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पिछले शुरुआत में जब हम लोग ट्रेनिंग करने के बाद जब आए यहां पर ज्वाइन किया एसडीएम दिल्ली में लगे तो छोटी-छोटी बातें हैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में हम पढ़ते थे और मैं एसडीएम जो लगा दिल्ली नंबर सिटी एरिया ही होता था एसडीएम पटेल नगर पटेल नगर उन दिनों दिल्ली में एक ही होते थे डिस्टिक मजिस्ट्रेट और एसडीएम थे तो दिल्ली का काफी बड़ा हिस्सा मेरे पास शायद एसडीएम और दिल्ली यूनिवर्सिटी का एरिया भी हमारे ज्योग्राफिकल एरिया में पड़ता था तू जब जाते थे और वही लोग आपको पहचानता है दुकानदार और रहने वाले हो सारे लोग पहचानते हैं और आप वहां की मजिस्ट्रेट है तो छोटी-छोटी समस्या लेकर जब आती थी और आप उनका कोई मदद कर पाते थे तो मिलता था उठा कर पा रहा हूं अच्छा लगता था क्योंकि उम्र तो उसमें 22 साल की उम्र में आप हो वहां पर तो आपको लग रहा था कि मैं तो बच्चा था यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था और 6 महीना साल पहले यही लोग मेरे को हॉस्टल में खाना खिला रहे थे और अभी भी समस्या है चाय छोटी-छोटी समस्याएं थी जो भी उनको लग रहा था कि उनमें से कोई उनकी परिवार में से कोई उसी एरिया में मजिस्ट्रेट लगा हुआ है तो उसके पास पहुंच जाओ तो चाय हो राशन कार्ड नहीं बन रहा है चाय कोई पुलिस में दर्ज करना चाहता है नहीं हो पा रहा है या कोई भी परेशानी है तो उनको लगता है कि उनके परिवार का कोई सदस्य है और आपको भी लगता था कि आप उस एरिया में हो जहां पर आप अपना बताएं हूं बड़ा अच्छा लगता है

pichhle shuruat mein jab hum log training karne ke baad jab aaye yahan par join kiya sdm delhi mein lage toh choti choti batein hain delhi university mein hum padhte the aur main sdm jo laga delhi number city area hi hota tha sdm patel nagar patel nagar un dino delhi mein ek hi hote the district magistrate aur sdm the toh delhi ka kaafi bada hissa mere paas shayad sdm aur delhi university ka area bhi hamare jyografikal area mein padta tha tu jab jaate the aur wahi log aapko pahachanta hai dukaandar aur rehne waale ho saare log pehchante hain aur aap wahan ki magistrate hai toh choti choti samasya lekar jab aati thi aur aap unka koi madad kar paate the toh milta tha utha kar paa raha hoon accha lagta tha kyonki umr toh usme 22 saal ki umr mein aap ho wahan par toh aapko lag raha tha ki main toh baccha tha university mein padh raha tha aur 6 mahina saal pehle yahi log mere ko hostel mein khana khila rahe the aur abhi bhi samasya hai chai choti choti samasyaen thi jo bhi unko lag raha tha ki unmen se koi unki parivar mein se koi usi area mein magistrate laga hua hai toh uske paas pohch jao toh chai ho raashan card nahi ban raha hai chai koi police mein darj karna chahta hai nahi ho paa raha hai ya koi bhi pareshani hai toh unko lagta hai ki unke parivar ka koi sadasya hai aur aapko bhi lagta tha ki aap us area mein ho jaha par aap apna bataye hoon bada accha lagta hai

पिछले शुरुआत में जब हम लोग ट्रेनिंग करने के बाद जब आए यहां पर ज्वाइन किया एसडीएम दिल्ली मे

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपके गांव की एक आईएएस अफसर बनने के बाद से बातचीत में कैसे थे शुरुआती दिन उमंग है क्योंकि जब कोई नया पर मिनी ट्रैक्टर और सोनालिका ट्रैक्टर्स को जिम्मेदारियां भी मिलती है टाइम मिलते ही क्यों ना हम अपने कार्य को पूरा पूरा समय अपने ऑफिस को देते हैं और उसके बाद जब हम जैसे जैसे आगे बढ़ते हैं सफलता की तरफ बढ़ते हैं आगे प्रमोशन के अवसर मिलते हैं या कोई नई ड्यूटी मिलती है कोई नया प्रेस मिलता है जिलों के विषय में विचार करते हैं और एक तरफ खुशी प्राप्त होती है कि हमें एक प्रमोशन मिला या हमने बहुत तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन साथ ही साथ तकनीकों का दौर भी शुरू होने लगता है

aapke gaon ki ek IAS officer banne ke baad se batchit mein kaise the shuruati din umang hai kyonki jab koi naya par mini tractor aur sonalika tractors ko zimmedariyan bhi milti hai time milte hi kyon na hum apne karya ko pura pura samay apne office ko dete hain aur uske baad jab hum jaise jaise aage badhte hain safalta ki taraf badhte hain aage promotion ke avsar milte hain ya koi nayi duty milti hai koi naya press milta hai jilon ke vishay mein vichar karte hain aur ek taraf khushi prapt hoti hai ki hamein ek promotion mila ya humne bahut teji se aage badhne ki koshish ki lekin saath hi saath taknikon ka daur bhi shuru hone lagta hai

आपके गांव की एक आईएएस अफसर बनने के बाद से बातचीत में कैसे थे शुरुआती दिन उमंग है क्योंकि ज

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