दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है?...


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Jetha prajapat

career Support, Network Marketing

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अच्छे छोटा बनी है सबसे पहले उसको सुनी है उसके दर्द को सुनिए दोस्त बनाइए फिर आपको सारी तकलीफ है सुनाएगा फिर उसने आप अपने सजा अपने हिसाब से या किसी से चला लेकर उसे सलाह दे सकते हैं

acche chota bani hai sabse pehle usko suni hai uske dard ko suniye dost banaiye phir aapko saari takleef hai sunaega phir usne aap apne saza apne hisab se ya kisi se chala lekar use salah de sakte hain

अच्छे छोटा बनी है सबसे पहले उसको सुनी है उसके दर्द को सुनिए दोस्त बनाइए फिर आपको सारी तकली

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Rajender Singh

Journalist

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Kailash Rajput

Pharmacist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसे कि आप का ऑपरेशन है दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है तू मेरे हिसाब से इसका जो आंसर हो सकता है वह यह कि सबसे पहले आप यह एलाइज करें यह देखें कि आप जब कभी भी तकलीफ में होते हो तो आप दूसरे लोगों से मतलब कैसा व्यवहार चाहते हो मतलब वह आपके साथ किस किस तरह की बात करें आप के साथ कैसा व्यवहार करें तो जैसा आप चाहते हैं वैसा ही आप दूसरों के साथ करने का प्रयत्न करें कोशिश करें और दूसरी बात यह कि अगर कोई चिड़चिड़ा वह रहा है आपकी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा है या आप कोई किसी भी टॉपिक पर बात करना चाह रहे हो तो वह इतना सीरियसली उसको नहीं ले रहा है तो यही कुछ बातें हैं जिनसे कि आप दूसरों की तकलीफ को समझ सकते हो कुछ और तक तो दोस्तों अगर आपको मेरा विचार अच्छा लगा हो मेरा आंसर अच्छा लगाओ तो आप मुझे फॉलो करें और मेरा एक यूट्यूब चैनल भी है जिसका लिंक आपको मेरे होमपेज भी अगर खोलो गे तो वहां पर मिल जाएगा और आप वहां जाकर उसको सप्ताह भी कर सकते हैं थैंक यू

jaise ki aap ka operation hai dusre ki takleef ko kaise samjha ja sakta hai tu mere hisab se iska jo answer ho sakta hai vaah yah ki sabse pehle aap yah elaij kare yah dekhen ki aap jab kabhi bhi takleef me hote ho toh aap dusre logo se matlab kaisa vyavhar chahte ho matlab vaah aapke saath kis kis tarah ki baat kare aap ke saath kaisa vyavhar kare toh jaisa aap chahte hain waisa hi aap dusro ke saath karne ka prayatn kare koshish kare aur dusri baat yah ki agar koi chidchida vaah raha hai aapki baaton par zyada dhyan nahi de raha hai ya aap koi kisi bhi topic par baat karna chah rahe ho toh vaah itna seriously usko nahi le raha hai toh yahi kuch batein hain jinse ki aap dusro ki takleef ko samajh sakte ho kuch aur tak toh doston agar aapko mera vichar accha laga ho mera answer accha lagao toh aap mujhe follow kare aur mera ek youtube channel bhi hai jiska link aapko mere homepage bhi agar kholo gay toh wahan par mil jaega aur aap wahan jaakar usko saptah bhi kar sakte hain thank you

जैसे कि आप का ऑपरेशन है दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है तू मेरे हिसाब से इसका जो आं

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Adv Anil Agarwal

Tanushka Associates, Advocate High Court

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दूसरे की तकलीफ को समझने के लिए आपको सबसे बड़ी और इंपॉर्टेंट चीज है उसकी परिस्थितियों को समझना मैं किसी इंसान से कुछ एस पैक करके कोई चीज लेने गया कि भाई मुझे एक चीज दे दे सामने वाले ने मुझे झट से मना कर दिया अब यहां आप तो यह हुआ कि आ रही है तो साला अजमेर से गंदा है कि मेरे से तो कभी काम पड़ा तो मैंने इसके हेल्प कर दिया और अब इसका मुझे काम पड़ रहा है तो यह मुझे मना कर रहा है लेकिन कई बार ऐसी परिस्थिति होती है सामने वाले के सामने की पोस्ट के लिए मना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता है तो बस यही एक चीज है जो हर आदमी नहीं समझ पाता है इसलिए जरूरी नहीं कि जो दिख रहा है वह सही है कई बार जो नहीं दिखता है वह भी सही होता है उसे दिख रहा है वह गलत होता है इसलिए इंसान को समझने से पहले इंसान की परिस्थिति परिस्थिति को समझना बहुत जरूरी है

dusre ki takleef ko samjhne ke liye aapko sabse badi aur important cheez hai uski paristhitiyon ko samajhna main kisi insaan se kuch S pack karke koi cheez lene gaya ki bhai mujhe ek cheez de de saamne waale ne mujhe jhat se mana kar diya ab yahan aap toh yah hua ki aa rahi hai toh sala ajmer se ganda hai ki mere se toh kabhi kaam pada toh maine iske help kar diya aur ab iska mujhe kaam pad raha hai toh yah mujhe mana kar raha hai lekin kai baar aisi paristhiti hoti hai saamne waale ke saamne ki post ke liye mana karne ke alava koi vikalp nahi hota hai toh bus yahi ek cheez hai jo har aadmi nahi samajh pata hai isliye zaroori nahi ki jo dikh raha hai vaah sahi hai kai baar jo nahi dikhta hai vaah bhi sahi hota hai use dikh raha hai vaah galat hota hai isliye insaan ko samjhne se pehle insaan ki paristhiti paristhiti ko samajhna bahut zaroori hai

दूसरे की तकलीफ को समझने के लिए आपको सबसे बड़ी और इंपॉर्टेंट चीज है उसकी परिस्थितियों को सम

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Surendra Sharma

अध्यापन

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उसके मन से उसके व्यवहार से तकलीफ का पता लग जाता है

uske man se uske vyavhar se takleef ka pata lag jata hai

उसके मन से उसके व्यवहार से तकलीफ का पता लग जाता है

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Karishma

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर आप सच्ची में दूसरों की तकलीफ समझना चाहते हो तो आप जिसकी भी दुखी देखते हो आप उसके पास जाकर उसके साथ बैठकर थोड़ी देर के साथ बातचीत करके उसको पूछ सकते हो कि उसको क्या तकलीफ है उसकी लाइफ के बारे में जाना उसके पर्सनल लाइफ और जो भी अभी प्राइस एंड कि उसकी कंडीशन है उसकी जो जीवन के लिए है जीवन में जो जो भी प्रॉब्लम्स ऑफिस कर रहा है उससे पूछिए और उसको कंफर्टेबल फील करवाओ अपने ताकि वह हर एक चीज आपको खुलकर बता सके और जब आपको पता चलेगा कि उसको असलियत में क्या हो रहा है उसका फैमिली बैकग्राउंड क्या है उसकी फैमिली में क्या कौन सी प्रॉब्लम है किस वजह से वह टेंशन में है उसका नेचर कैसा है यह सब जान के रुझान लिंग करके आप उसके बारे में जानकारी इकट्ठा करो और यह मेरी जान जाने की कोशिश करो कि अभी वह किन किन परिस्थितियों से गुजर रहा है जब आपको पता चलेगा कि उसकी प्रेजेंट लाइफ में कौनसी-कौनसी हो कंफ्यूजन है या कौन सी प्रॉब्लम से जो सिचुएशन को ऑफिस कर रहा है और वह डिफिकल्टी लेवल क्या है उसका और उसको किस तरीके से सॉल्व किया जा सकता है आप उसके साथ शेयर करने के बहाने या फिर आप उसको कन्वीनियंस फी मिर्ची के हिसाब से आप उसके साथ बातचीत करो उसको शेयर करने के भाव से अब उसके पास जाओगे और आप उसको पूछोगे कि आपकी तकलीफ पटना आए हो ना कि आप उसको परेशान करना हो तब जाकर थोड़ा बहुत अब आपके साथ जब कंफर्टेबल हो जाता है वह आपको सब चीज है खुल कर बताएंगे फिर बाद में आप जान सकते हो कि उसके साथ क्या अभी हो रहा है वास्तविकता क्या है और किस चीज से परेशानी है इस तरीके से आप उसको समझा सकते हो समझ सकते हो और उसको भी कैंसिल कर सकते हो

agar aap sachi mein dusro ki takleef samajhna chahte ho toh aap jiski bhi dukhi dekhte ho aap uske paas jaakar uske saath baithkar thodi der ke saath batchit karke usko puch sakte ho ki usko kya takleef hai uski life ke bare mein jana uske personal life aur jo bhi abhi price and ki uski condition hai uski jo jeevan ke liye hai jeevan mein jo jo bhi problems office kar raha hai usse puchiye aur usko Comfortable feel karwao apne taki vaah har ek cheez aapko khulkar bata sake aur jab aapko pata chalega ki usko asliyat mein kya ho raha hai uska family background kya hai uski family mein kya kaun si problem hai kis wajah se vaah tension mein hai uska nature kaisa hai yah sab jaan ke rujhan ling karke aap uske bare mein jaankari ikattha karo aur yah meri jaan jaane ki koshish karo ki abhi vaah kin kin paristhitiyon se gujar raha hai jab aapko pata chalega ki uski present life mein kaun se kaun se ho confusion hai ya kaun si problem se jo situation ko office kar raha hai aur vaah difficulty level kya hai uska aur usko kis tarike se solve kiya ja sakta hai aap uske saath share karne ke bahaane ya phir aap usko convenience fee mirchi ke hisab se aap uske saath batchit karo usko share karne ke bhav se ab uske paas jaoge aur aap usko puchoge ki aapki takleef patna aaye ho na ki aap usko pareshan karna ho tab jaakar thoda bahut ab aapke saath jab Comfortable ho jata hai vaah aapko sab cheez hai khul kar batayenge phir baad mein aap jaan sakte ho ki uske saath kya abhi ho raha hai vastavikta kya hai aur kis cheez se pareshani hai is tarike se aap usko samjha sakte ho samajh sakte ho aur usko bhi cancel kar sakte ho

अगर आप सच्ची में दूसरों की तकलीफ समझना चाहते हो तो आप जिसकी भी दुखी देखते हो आप उसके पास ज

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है दूसरे की तकलीफ को समझा समझने के लिए जब भी वह अपनी मुश्किल से करता है आपको बताता है अब समझते हो तब आप सोचें कि अब उनकी जगह होते तो क्या करते हैं ओके उसकी सिचुएशन को अपनी सिचुएशन में समझ गए तो अब क्या करते हैं तो आप उनका दर्द आराम से समझ जाओगे ठीक है और उसके उपाय भी निकल जाएंगे आपको आराम से problem-solution भी मिल जाएगा ठीक है और आपको सलूशन उनको बता भी सकते हो

dusre ki takleef ko kaise samjha ja sakta hai dusre ki takleef ko samjha samjhne ke liye jab bhi vaah apni mushkil se karta hai aapko batata hai ab samajhte ho tab aap sochen ki ab unki jagah hote toh kya karte hain ok uski situation ko apni situation mein samajh gaye toh ab kya karte hain toh aap unka dard aaram se samajh jaoge theek hai aur uske upay bhi nikal jaenge aapko aaram se problem solution bhi mil jaega theek hai aur aapko salution unko bata bhi sakte ho

दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है दूसरे की तकलीफ को समझा समझने के लिए जब भी वह अपनी म

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Niraj Devani

PHILOSOPHER

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन दूसरों की तकलीफों को समझना तभी पॉसिबल है जब आप मूवी के एकदम क्लोज हो आपको उनके प्रति बहुत प्यार होगा वरना सिर्फ फॉर्मेलिटी रह जाती है कि मैं तुम्हें तुम्हारा दर्द समझता हूं लेकिन मैं आपको जो अपने हैं जो आपके और जिनके जिनके लिए आपको बहुत फीलिंग है उनका दर्द अपने आप को पता चल जाएगा कि वह तकलीफ में है

lekin dusro ki takaleephon ko samajhna tabhi possible hai jab aap movie ke ekdam close ho aapko unke prati bahut pyar hoga varna sirf formality reh jaati hai ki main tumhe tumhara dard samajhata hoon lekin main aapko jo apne hai jo aapke aur jinke jinke liye aapko bahut feeling hai unka dard apne aap ko pata chal jaega ki vaah takleef mein hai

लेकिन दूसरों की तकलीफों को समझना तभी पॉसिबल है जब आप मूवी के एकदम क्लोज हो आपको उनके प्रति

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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उसने दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है दूसरे की तकलीफ और तभी समझ सकते हैं जब आप उसको अपने जगह रखे और अपने आपको उसकी जगह रखें अपने आपको उसकी जगह रख कर देखेंगे तो आपको समझ में आएगी वह किस तकदीर की कोचिंग करे कि आप उसकी जगह है ना कुछ स्पेशल में है जिसमें वह है और आपके ऊपर उन्नति तथा धातु टाइम जोश बरकरार है समझ में आ जाएगी क्या है बात अच्छा अच्छा आज दूसरे की तकलीफ ऐसा करना चाहते हो तो बस एक शाम 1:00 पर मिला है क्या आप अपने आप को उसकी जगह रख कर देखिए आपको समझ में आ जाए चूत की सेक्सी पिक्चर

usne dusre ki takleef ko kaise samjha ja sakta hai dusre ki takleef aur tabhi samajh sakte hain jab aap usko apne jagah rakhe aur apne aapko uski jagah rakhen apne aapko uski jagah rakh kar dekhenge toh aapko samajh me aayegi vaah kis takdir ki coaching kare ki aap uski jagah hai na kuch special me hai jisme vaah hai aur aapke upar unnati tatha dhatu time josh barkaraar hai samajh me aa jayegi kya hai baat accha accha aaj dusre ki takleef aisa karna chahte ho toh bus ek shaam 1 00 par mila hai kya aap apne aap ko uski jagah rakh kar dekhiye aapko samajh me aa jaaye chut ki sexy picture

उसने दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है दूसरे की तकलीफ और तभी समझ सकते हैं जब आप उसको

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Kankan Sarmah

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है और कोई दूसरा व्यक्ति जो तकलीफ में है उनकी और फिट इन हिस और हर्षित तो आप वास्तविक जानते आप कोशिश करके देखते हैं देख सकते हैं कि जब आपके पास पैसा ना हो तो क्या क्या समस्या के साथ हो सकता है अगर आपके पास रहने का कोई साधन नहीं है तो क्या क्या समस्या हो सकता है उसको अनुभव करना और कम चीजों में अब कितना ज्यादा दे सकते हो वह भी बहुत इंपॉर्टेंट है तो इन चीजों को आप ध्यान से देखिए इन चीजों का ध्यान से विस्तार से सोचिए उनको प्रैक्टिकली अब देखिए इंप्लीमेंट कीजिए फिर आपको पता चलेगा कि दूसरों का दर्द कैसा होता है ठीक है धन्यवाद

dusre ki takleef ko kaise samjha ja sakta hai aur koi doosra vyakti jo takleef mein hai unki aur fit in hiss aur harshit toh aap vastavik jante aap koshish karke dekhte hain dekh sakte hain ki jab aapke paas paisa na ho toh kya kya samasya ke saath ho sakta hai agar aapke paas rehne ka koi sadhan nahi hai toh kya kya samasya ho sakta hai usko anubhav karna aur kam chijon mein ab kitna zyada de sakte ho vaah bhi bahut important hai toh in chijon ko aap dhyan se dekhiye in chijon ka dhyan se vistaar se sochiye unko practically ab dekhiye implement kijiye phir aapko pata chalega ki dusro ka dard kaisa hota hai theek hai dhanyavad

दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है और कोई दूसरा व्यक्ति जो तकलीफ में है उनकी और फिट इन

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है आपको बताना चाहेंगे कि मां पुरानी कहावत है कि जब तक आप दूसरे के जूतों में पहनने ला लेंगे तब तक आप को पता है चलेगा कि जूता कहां से काटता है तो यहां पर जब तक आप खुद को दूसरे की जगह रखकर नहीं सोचेंगे तब तक आप को पता नहीं चल सकता है एक दूसरे पर क्या बीत रही है उसको क्या तकलीफ है मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

dusre ki takleef ko kaise samjha ja sakta hai aapko batana chahenge ki maa purani kahaavat hai ki jab tak aap dusre ke jooton me pahanne la lenge tab tak aap ko pata hai chalega ki juta kaha se katata hai toh yahan par jab tak aap khud ko dusre ki jagah rakhakar nahi sochenge tab tak aap ko pata nahi chal sakta hai ek dusre par kya beet rahi hai usko kya takleef hai main subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad

दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है आपको बताना चाहेंगे कि मां पुरानी कहावत है कि जब तक

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Prashant Tewatia

Gym Trainer

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माय नेम इज प्रशांत तकलीफ को मैं आपको सबसे सिंपल दो तरीके बताता हूं एक तो आप बिल्कुल फॉर रेड के सेंटर में देखिए लाइक थोड़ा नीचे बंदगी सामने से ना आपको देखे कि वह चल गया अकाउंट में चल रहा है बिल्कुल आराम से खुलकर हंस के सबसे बेस्ट पंडल

my name is prashant takleef ko main aapko sabse simple do tarike batata hoon ek toh aap bilkul for red ke center mein dekhiye like thoda niche bandagi saamne se na aapko dekhe ki vaah chal gaya account mein chal raha hai bilkul aaram se khulkar hans ke sabse best pandal

माय नेम इज प्रशांत तकलीफ को मैं आपको सबसे सिंपल दो तरीके बताता हूं एक तो आप बिल्कुल फॉर रे

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अगर आपको किसी की तकलीफ समझ नहीं है तो सबसे पहले आपको उसे समय देना होगा और उसके शरीर के जो भाव है उन्हें समझ रहा था और उसके चेहरे को पढ़ना होगा तभी आप दूसरे की तकलीफ समझता है

agar aapko kisi ki takleef samajh nahi hai toh sabse pehle aapko use samay dena hoga aur uske sharir ke jo bhav hai unhe samajh raha tha aur uske chehre ko padhna hoga tabhi aap dusre ki takleef samajhata hai

अगर आपको किसी की तकलीफ समझ नहीं है तो सबसे पहले आपको उसे समय देना होगा और उसके शरीर के जो

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Harish Menaria

Mind professor| Tourism Guide

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दूसरों की तकलीफ को समझने के लिए उस तकलीफ के अंदर हमको विचार करना पड़ता कि काश यह तकलीफ अगर हमारे ऊपर आ जाती तो हमारे ऊपर क्या बीत रही हो लेकिन हम उतनी ही इस तकलीफ को नहीं समझ सकते हैं कुछ तकलीफ का खाली एक अनुभव कर सकते हैं रियल में तकलीफ है समझ सकता है जो उस दौर से गुजर रहा वहीं उसकी तकलीफ को समझ सकता है बस हम उसे कहा सा भेज सकते क्या यार यह चीज अगर मेरे ऊपर बीत रही होती तो मैं क्या सुन मेरे मेरे पर क्या गुजर रही हो तो हम उस चीज को समझ सकते हैं कुछ तकलीफ के अंदर उतरना पड़ता है मेरे को उस चीज को फिल करना पड़ता है क्या उस दूसरे के ऊपर क्या गुजर रहा है तो हम उस तकलीफ को समझ पाते हैं बाकी समझना इन पॉसिबल होता है भारत के अंदर बहुत सारी ऐसी है जो लोग लाखों लोग मर रहे है तो मरने दे लेकिन आपने देखा होगा अपने ऊपर हावी कर लेता है क्या अगर ऐसा होता तो मेरे साथ ऐसा होता उसके परिवार के साथ ऐसा हो रहा तू यही कारण होता है

dusron ki takleef ko samjhne ke liye us takleef ke andar hamko vichar karna padta ki kash yah takleef agar hamare upar aa jaati toh hamare upar kya beet rahi ho lekin hum utani hi is takleef ko nahi samajh sakte hai kuch takleef ka khaali ek anubhav kar sakte hai real mein takleef hai samajh sakta hai jo us daur se gujar raha wahi uski takleef ko samajh sakta hai bus hum use kaha sa bhej sakte kya yaar yah cheez agar mere upar beet rahi hoti toh main kya sun mere mere par kya gujar rahi ho toh hum us cheez ko samajh sakte hai kuch takleef ke andar utarna padta hai mere ko us cheez ko fill karna padta hai kya us dusre ke upar kya gujar raha hai toh hum us takleef ko samajh paate hai baki samajhna in possible hota hai bharat ke andar bahut saree aisi hai jo log laakhon log mar rahe hai toh marne de lekin aapne dekha hoga apne upar haavi kar leta hai kya agar aisa hota toh mere saath aisa hota uske parivar ke saath aisa ho raha tu yahi karan hota hai

दूसरों की तकलीफ को समझने के लिए उस तकलीफ के अंदर हमको विचार करना पड़ता कि काश यह तकलीफ अगर

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Mohini Kharbanda

Soft Skill Trainer, Teacher

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Amreen Chaudhary

College student B.A. 1st

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जब कोई इंसान ज्यादा तकलीफ में होता है तो हमें उसके करीब रहने की आवश्यकता होती है तो उसके करीब जाओ उसकी बातों को समझो उस आंखों से पता चल जाता है इंसान के दुख तकलीफ का उसके रहने था जब इंसान का तो शांत हो जाता है ना या ज्यादा हंसता है तो वह ज्यादा दुखी होता उसके अंदर की बात को समझने के लिए उसके दिल की लड़ाई तक पहुंचना जरूरी है

jab koi insaan zyada takleef me hota hai toh hamein uske kareeb rehne ki avashyakta hoti hai toh uske kareeb jao uski baaton ko samjho us aakhon se pata chal jata hai insaan ke dukh takleef ka uske rehne tha jab insaan ka toh shaant ho jata hai na ya zyada hansata hai toh vaah zyada dukhi hota uske andar ki baat ko samjhne ke liye uske dil ki ladai tak pahunchana zaroori hai

जब कोई इंसान ज्यादा तकलीफ में होता है तो हमें उसके करीब रहने की आवश्यकता होती है तो उसके क

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DHONDI Bhuvaneshwari.

Language Pandit Hindi.

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Arvind

Teacher

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दूसरे की तकलीफ को समझना नामुमकिन है आप उसके बताए हुए एहसासों से शायद एहसास कर सकते उसे कितनी तकलीफ है पर तकलीफ व्याधि का अनुमान लगाना नामुमकिन है अब उसकी पीड़ा का कारण जान सकते हैं आप उसके द्वारा बताए गए अनुभवों से पता करने का प्रयत्न कर सकते हैं कि उसकी तकलीफ क्या है पर समझना नामुमकिन है क्योंकि वही व्यक्ति अपनी पीड़ा को समझ सकता है आपने जो जगह होता है जिस पर को तकलीफ देना आसान है कि हम किसी और की तकलीफ समझ सकते हैं क्या अंतर्यामी जो होते हैं वह दूसरे के हाव भाव से सन में रखने वाले व्यक्ति की तकलीफ समझ जाते हैं इन तो सच्चाई में कोई भी किसी की तकलीफ नहीं समझ सकता अन्यथा वह ईश्वर लाल जी सत ईश्वर या तो किसी तांत्रिक मन को जान सकता है और उसकी तकलीफ को समझ सकता है

dusre ki takleef ko samajhna namumkin hai aap uske bataye hue ehasason se shayad ehsaas kar sakte use kitni takleef hai par takleef vyadhi ka anumaan lagana namumkin hai ab uski peeda ka karan jaan sakte hain aap uske dwara bataye gaye anubhavon se pata karne ka prayatn kar sakte hain ki uski takleef kya hai par samajhna namumkin hai kyonki wahi vyakti apni peeda ko samajh sakta hai aapne jo jagah hota hai jis par ko takleef dena aasaan hai ki hum kisi aur ki takleef samajh sakte hain kya antaryami jo hote hain vaah dusre ke hav bhav se san me rakhne waale vyakti ki takleef samajh jaate hain in toh sacchai me koi bhi kisi ki takleef nahi samajh sakta anyatha vaah ishwar laal ji sat ishwar ya toh kisi tantrika man ko jaan sakta hai aur uski takleef ko samajh sakta hai

दूसरे की तकलीफ को समझना नामुमकिन है आप उसके बताए हुए एहसासों से शायद एहसास कर सकते उसे कित

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monika Arora

Career Counsellor

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जब भी कोई तकलीफ में होता है तो उसका जो व्यवहार होता है वह थोड़ा सा बदल जाता है या तो वह बिल्कुल शांत हो जाता है या फिर बहुत ज्यादा ही अग्रसर हो जाता है तो इंसान को जब कोई तकलीफ हो रही होती है तो उसको समझने के लिए आपका शांत होना बहुत जरूरी है और उसके व्यवहार को आप समझिए अगर कुछ शांत हो के तरफ बैठ गया है या तो तकलीफ में है और या फिर बहुत परेशान है बहुत चिल्ला रहा है किसी ने किसी को अपना गुस्सा उतार रहा है तो यह सब चीजें भी व्यवहार को दिखाती हैं

jab bhi koi takleef me hota hai toh uska jo vyavhar hota hai vaah thoda sa badal jata hai ya toh vaah bilkul shaant ho jata hai ya phir bahut zyada hi agrasar ho jata hai toh insaan ko jab koi takleef ho rahi hoti hai toh usko samjhne ke liye aapka shaant hona bahut zaroori hai aur uske vyavhar ko aap samjhiye agar kuch shaant ho ke taraf baith gaya hai ya toh takleef me hai aur ya phir bahut pareshan hai bahut chilla raha hai kisi ne kisi ko apna gussa utar raha hai toh yah sab cheezen bhi vyavhar ko dikhati hain

जब भी कोई तकलीफ में होता है तो उसका जो व्यवहार होता है वह थोड़ा सा बदल जाता है या तो वह बि

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दूसरे की तकलीफ को ऐसे समझा जा सकता है कि वह उदास बैठा है अकेला है हमेशा एकांत में रहता है किसी से बात नहीं करता है कोई हंसता है तो भी उसको कुछ फर्क नहीं पड़ता है अब वह अपने आप में खोया रहता है उसे किसी की खुशी भी अच्छी नहीं लगती किसी के दुख से भी हो अपने आप में परेशान होता रहता है उसके बर्ताव से आपको पता पड़ जाता हूं किस तरह से बोल रहा है चल रहा है उसके मनोभावों को देख कर उसको कुछ भी पूछने पर वह कैसे बोलता है कैसे बर्ताव करता है और सारी चीजें जिससे हमें लग जाता है कि कोई इंसान तकलीफ में है

dusre ki takleef ko aise samjha ja sakta hai ki vaah udaas baitha hai akela hai hamesha ekant me rehta hai kisi se baat nahi karta hai koi hansata hai toh bhi usko kuch fark nahi padta hai ab vaah apne aap me khoya rehta hai use kisi ki khushi bhi achi nahi lagti kisi ke dukh se bhi ho apne aap me pareshan hota rehta hai uske bartaav se aapko pata pad jata hoon kis tarah se bol raha hai chal raha hai uske manobhavon ko dekh kar usko kuch bhi poochne par vaah kaise bolta hai kaise bartaav karta hai aur saari cheezen jisse hamein lag jata hai ki koi insaan takleef me hai

दूसरे की तकलीफ को ऐसे समझा जा सकता है कि वह उदास बैठा है अकेला है हमेशा एकांत में रहता है

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दूसरों की तकलीफ को समझना ऐसा आपका नेचर है अगर तो समझी क्या आप बहुत अच्छे इंसान हैं क्योंकि हर इंसान इस युग में अपनी ही अपने ही बारे में सोचता है कि मैं क्या करूं मेरे को तकलीफ है मुझे दुख है पर अगर आपके मन में ऐसा है तो आप बहुत अच्छे इंसान हैं तो अगर आप किसी भी व्यक्ति के बारे में बोल रहे हैं जो आपका फ्रेंड है या आपका अपना कोई फैमिली मेंबर है या रिश्तेदार है तो आप सबसे पहले उसके बीजों को समझें कि उसके भीम में कोई चेंज दिख रहा है उसके बाद में कोई आपको चेंज दिख रहा है रोज की तरह वह आपसे खुलकर बात नहीं कर रहा है या कर रही है या नेता इतने अच्छे से वोट नहीं कर रहे हैं वह किसी के साथ घुल मिल नहीं पा रहे हैं क्या वह अकेले बैठे बैठे कुछ सोच रहे हैं तो आप उनको विश्वास दिलाया कि वह उनके बारुण जो भी तकलीफ है वह आपसे शेयर करें क्योंकि हर चीज बांटने से हमेशा खुशियां बांटने से दुगनी होती है और दुख बांटने से कम हो जाता है इसलिए आप उनको विश्वास दिलाया कि आप हो सकता है कि आप उनका दुख दूर करने में उनके तकलीफ संभल में उनके सहायता करें उनकी तकलीफों को दूर करने में उनकी हेल्प करें इस तरह से व्यक्ति के व्यवहार से उसके जो डेली रूटीन का वर्क है उससे हम व्यक्ति को समझ सकते हैं कि क्या उसे तकलीफ है या वह कुछ जरूरत से ज्यादा कोई परेशानी में है

dusron ki takleef ko samajhna aisa aapka nature hai agar toh samjhi kya aap bahut acche insaan hai kyonki har insaan is yug mein apni hi apne hi bare mein sochta hai ki main kya karu mere ko takleef hai mujhe dukh hai par agar aapke man mein aisa hai toh aap bahut acche insaan hai toh agar aap kisi bhi vyakti ke bare mein bol rahe hai jo aapka friend hai ya aapka apna koi family member hai ya rishtedar hai toh aap sabse pehle uske beejon ko samajhe ki uske bhim mein koi change dikh raha hai uske baad mein koi aapko change dikh raha hai roj ki tarah vaah aapse khulkar baat nahi kar raha hai ya kar rahi hai ya neta itne acche se vote nahi kar rahe hai vaah kisi ke saath ghul mil nahi paa rahe hai kya vaah akele baithe baithe kuch soch rahe hai toh aap unko vishwas dilaya ki vaah unke barun jo bhi takleef hai vaah aapse share kare kyonki har cheez baantne se hamesha khushiya baantne se dugni hoti hai aur dukh baantne se kam ho jata hai isliye aap unko vishwas dilaya ki aap ho sakta hai ki aap unka dukh dur karne mein unke takleef sambhal mein unke sahayta kare unki takaleephon ko dur karne mein unki help kare is tarah se vyakti ke vyavhar se uske jo daily routine ka work hai usse hum vyakti ko samajh sakte hai ki kya use takleef hai ya vaah kuch zarurat se zyada koi pareshani mein hai

दूसरों की तकलीफ को समझना ऐसा आपका नेचर है अगर तो समझी क्या आप बहुत अच्छे इंसान हैं क्योंकि

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Suresh Jat

History & Politics Student

1:29
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हेलो एंड वेलकम टू माय गूगल हैंडल आज हम इस पर इस मुद्दे पर एक छोटी सी चर्चा करते हैं कि दूसरों की समस्या को कैसे पहली बात तो दोस्तों किसी की समस्या को अगर समझना है तो उसे दूसरा मत समझना अगर आप मेरे से दूसरा समझ लिया है तो उसकी समस्या समझने की जरूरत भी नहीं है अगर आप उसे अपना समझ कर समस्या का हल करते हैं तो अपना सर्वस्य उसमें आप खुद-ब-खुद डाल देंगे जैसे अपनी समस्याओं को हल करते हैं वैसे ही आप उसकी समस्याओं को भी हल करें इसमें कोई बड़ी बात नहीं है कि वह दूसरा है या खुद है क्योंकि आप किसी की समस्या को किसी की परेशानी क्यों किसी के दुख को कम करते हैं तो आप एक योगी की तरह होते हैं क्योंकि का अर्थ जो योग करता है मतलब सभी का जोड़ करता है सबको एक साथ लगता है तो उसी स्थिति में आप बड़ी से बड़ी समस्या को हल कर सकते हैं सो फर्स्ट ऑफ ऑल यू नीड टू बी ए यूनिक एंड मेक ए यूनिटी आपको सबसे पहले उसे अपना समझना है प्रत्येक को जब आप ऐसा करते हैं तो आप बड़ी से बड़ी समस्या को हल कर सकते हैं

hello and welcome to my google handle aaj hum is par is mudde par ek choti si charcha karte hain ki dusro ki samasya ko kaise pehli baat toh doston kisi ki samasya ko agar samajhna hai toh use doosra mat samajhna agar aap mere se doosra samajh liya hai toh uski samasya samjhne ki zarurat bhi nahi hai agar aap use apna samajh kar samasya ka hal karte hain toh apna Sarvasya usme aap khud bsp khud daal denge jaise apni samasyaon ko hal karte hain waise hi aap uski samasyaon ko bhi hal kare isme koi badi baat nahi hai ki vaah doosra hai ya khud hai kyonki aap kisi ki samasya ko kisi ki pareshani kyon kisi ke dukh ko kam karte hain toh aap ek yogi ki tarah hote hain kyonki ka arth jo yog karta hai matlab sabhi ka jod karta hai sabko ek saath lagta hai toh usi sthiti me aap badi se badi samasya ko hal kar sakte hain so first of all you need to be a Unique and make a unity aapko sabse pehle use apna samajhna hai pratyek ko jab aap aisa karte hain toh aap badi se badi samasya ko hal kar sakte hain

हेलो एंड वेलकम टू माय गूगल हैंडल आज हम इस पर इस मुद्दे पर एक छोटी सी चर्चा करते हैं कि दूस

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Om Ram

Meadition ,Yoga ,Spiritual

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नमस्ते बारीक उनको पूछना है आपको क्या तकलीफ है तो वह अपने को बता देगा यह इजी और बहुत सी पद्धति और दूसरी एक बात है जो आपको कोई हेल्प मांगेगा मदर मुझे यह समझ लेना चाहिए

namaste baarik unko poochna hai aapko kya takleef hai toh vaah apne ko bata dega yah easy aur bahut si paddhatee aur dusri ek baat hai jo aapko koi help mangega mother mujhe yah samajh lena chahiye

नमस्ते बारीक उनको पूछना है आपको क्या तकलीफ है तो वह अपने को बता देगा यह इजी और बहुत सी पद

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gurjeet

Business Owner

4:56
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है बहुत ही अच्छा क्वेश्चन आपको मैं अभी एक-दो दिन से आया हूं और इतना ज्यादा रिस्पांस इतनी ज्यादा फॉलोअर्स और इतने ज्यादा व्यूज थैंक्स आप सब लोगों का जो सुन रहे हो इसे यह लगा कि आप नहीं सच में चाहिए प्यास है सच को जानने की और आज जो अभी यह क्वेश्चन है दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता बहुत बड़ी कला है दूसरे को समझना दूसरे के घर में आग लगी हो तो मजा आता है ना अपने घर में आग लगी हो तो बहुत दिक्कत होती है कल तक वायरस कहां था हुआ हम न्यूज़ सुनते थे अब धीरे-धीरे हमारे घर में भी आ गया तो हम अब कर्फ्यू को पेश कर रहे हैं लोग राम को किस तरह क्या हो रहा है अब हमारी बॉडी के ऊपर हमारे मन के ऊपर यह प्रभाव पड़ रहा है तो उसको साफ कैसे करना होता है आपने उसके मन को कैसे समझ ना होता है आपने आपने उन हालातों में अपने आप को विजुलाइजेशन करना विजुलाइजेशन समिति ने महसूस करना कि मेरे साथ ऐसा हो रहा है उसको कोई मर गया सब रोज देखते हैं सड़कों पर लोग आते-जाते मर जाते हैं श्मशान में लोग जाते हैं मर जाते हैं और आप कभी सीरियस नहीं होते कि मैं भी मर जाऊंगा हम चोरी ठगी बेईमानी यश तो एक दिन ऐसे ही करेंगे किसी अर्थी को जाते हुए देखिए यहां श्मशान घाट जाते हैं मान दिखे तो क्या देखेंगे श्मशान घाट में कैसे यू आर टी आई कैसे उसे रखा गया बस इतना करें उस प्राऊड से थोड़ा साइड में हट जाए और समझे की अर्थी आपकी आई है उस आर्थिक में समझे कि आप लेटे हुए हैं आप ही के ऊपर चद्दर है आप ही के मां-बाप हैं वह उन्होंने उठा कर रख दिया शमशान के बाद अब घड़ा तोड़ रहे हैं अब उठा लिया थी जैसे-जैसे विजुलाइजेशन करेंगे ना तो आपको पता चलेगा कि दूसरे का दर्द क्या होता है अभी मेरे भारत में लोग हिंदू हैं ठीक है मुसलमान हैं हमारे राजनेता हमको सिखाते नहीं यह बातें हमारे गुरु गुरु है वह चलाकर गुरु क्या है गुरु घंटाल है इतने इतने बड़े मंदिर में मूर्तियां बनाई है मूर्तियों के पीछे लड़ी जा रहे हैं इतने बड़े-बड़े चंदा खा रहे हैं हम लोग कृषि उसे फेस कर रहे लोग गरीबी को झेल रहे हैं अब आपने देखा कोई मंदिर वाला उठकर पैसा दे रहा हूं अब गरीबी का तो आप फेस कर रहे हो ना दर्द को यह नहीं खींच कर रहे आप तो जब भी कोई शादी होती है तो भी मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे जाते हो इनके लिए आप पहल देते हो अब क्या मिला क्योंकि आपकी सोच अनशक्ति इतनी बढ़िया नहीं है परमात्मा ऐसी किसी भी चीज का गुलाम नहीं है परमात्मा है और वह होगा और रहता है वह इन बातों से कभी नहीं कुछ होता यह आपको यूज़ करते हैं तो आपको विजुलाइजेशन करना है हालात मेरे ऊपर मेरे ऊपर आ गए आपको वहां महसूस करना है कि मैं बीमार हूं मैं कर्फ्यू में हूं मैं मर गया हूं मैं फ्लॉप हो गया हूं तो आप उस समय क्या चाहेंगे हमदर्दी आप लोगों ने तो क्या चाहेंगे हमदर्दी और तो कुछ नहीं चाहेंगे ऐसे ही आपसे कोई चाहता हमदर्दी तो आप लोगों को प्रेम ले हमदर्दी है जब आपको पता चल जाएगा मुझे प्रेम चाहिए मुझे हमदर्दी चाहिए मेरे लिए धन कीमती है तो दूसरे का मैदान कभी नहीं मारूंगा दूसरे को तकलीफ को इस तरह से समझा जा सकता है

dusre ki takleef ko kaise samjha ja sakta hai bahut hi accha question aapko main abhi ek do din se aaya hoon aur itna zyada response itni zyada followers aur itne zyada Views thanks aap sab logo ka jo sun rahe ho ise yah laga ki aap nahi sach me chahiye pyaas hai sach ko jaanne ki aur aaj jo abhi yah question hai dusre ki takleef ko kaise samjha ja sakta bahut badi kala hai dusre ko samajhna dusre ke ghar me aag lagi ho toh maza aata hai na apne ghar me aag lagi ho toh bahut dikkat hoti hai kal tak virus kaha tha hua hum news sunte the ab dhire dhire hamare ghar me bhi aa gaya toh hum ab curfew ko pesh kar rahe hain log ram ko kis tarah kya ho raha hai ab hamari body ke upar hamare man ke upar yah prabhav pad raha hai toh usko saaf kaise karna hota hai aapne uske man ko kaise samajh na hota hai aapne aapne un halaton me apne aap ko vijulaijeshan karna vijulaijeshan samiti ne mehsus karna ki mere saath aisa ho raha hai usko koi mar gaya sab roj dekhte hain sadkon par log aate jaate mar jaate hain shmashan me log jaate hain mar jaate hain aur aap kabhi serious nahi hote ki main bhi mar jaunga hum chori thagi baimani yash toh ek din aise hi karenge kisi arthi ko jaate hue dekhiye yahan shmashan ghat jaate hain maan dikhe toh kya dekhenge shmashan ghat me kaise you R T I kaise use rakha gaya bus itna kare us praud se thoda side me hut jaaye aur samjhe ki arthi aapki I hai us aarthik me samjhe ki aap lete hue hain aap hi ke upar chaddar hai aap hi ke maa baap hain vaah unhone utha kar rakh diya shamshan ke baad ab ghada tod rahe hain ab utha liya thi jaise jaise vijulaijeshan karenge na toh aapko pata chalega ki dusre ka dard kya hota hai abhi mere bharat me log hindu hain theek hai musalman hain hamare raajneta hamko sikhaate nahi yah batein hamare guru guru hai vaah chalakar guru kya hai guru ghantal hai itne itne bade mandir me murtiya banai hai murtiyon ke peeche ladi ja rahe hain itne bade bade chanda kha rahe hain hum log krishi use face kar rahe log garibi ko jhel rahe hain ab aapne dekha koi mandir vala uthakar paisa de raha hoon ab garibi ka toh aap face kar rahe ho na dard ko yah nahi khinch kar rahe aap toh jab bhi koi shaadi hoti hai toh bhi mandir masjid gurudware jaate ho inke liye aap pahal dete ho ab kya mila kyonki aapki soch anshakti itni badhiya nahi hai paramatma aisi kisi bhi cheez ka gulam nahi hai paramatma hai aur vaah hoga aur rehta hai vaah in baaton se kabhi nahi kuch hota yah aapko use karte hain toh aapko vijulaijeshan karna hai haalaat mere upar mere upar aa gaye aapko wahan mehsus karna hai ki main bimar hoon main curfew me hoon main mar gaya hoon main flop ho gaya hoon toh aap us samay kya chahenge humdardi aap logo ne toh kya chahenge humdardi aur toh kuch nahi chahenge aise hi aapse koi chahta humdardi toh aap logo ko prem le humdardi hai jab aapko pata chal jaega mujhe prem chahiye mujhe humdardi chahiye mere liye dhan kimti hai toh dusre ka maidan kabhi nahi marunga dusre ko takleef ko is tarah se samjha ja sakta hai

दूसरे की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है बहुत ही अच्छा क्वेश्चन आपको मैं अभी एक-दो दिन से आय

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हम दूसरों की तकलीफ जब समझते हैं जो हमारे खुद के ऊपर बिकती है क्योंकि हमें किसी व्यक्ति का गम का परेशानी के एहसास की प्रॉब्लम कैसा होता जो कुछ हमारे ऊपर भी तो हमको उससे चाचा कहां इस बेचारे के ऊपर है इस विषय पर कितने प्रॉब्लम है कितने प्रॉब्लम है जो वह इसका सामना कैसे करता है जब खुदा जब खुद के ऊपर दिखाता है ना जब इंसान का एहसास होता है दूसरों की तकलीफ जब्बर समझता के इस को तकलीफ तो मुझसे भी ज्यादा है

hum dusro ki takleef jab samajhte hain jo hamare khud ke upar bikti hai kyonki hamein kisi vyakti ka gum ka pareshani ke ehsaas ki problem kaisa hota jo kuch hamare upar bhi toh hamko usse chacha kaha is bechare ke upar hai is vishay par kitne problem hai kitne problem hai jo vaah iska samana kaise karta hai jab khuda jab khud ke upar dikhaata hai na jab insaan ka ehsaas hota hai dusro ki takleef jabbar samajhata ke is ko takleef toh mujhse bhi zyada hai

हम दूसरों की तकलीफ जब समझते हैं जो हमारे खुद के ऊपर बिकती है क्योंकि हमें किसी व्यक्ति का

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parvej tadvi

Network Marketing

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Nidhi

Student

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दूसरों की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है तो इसको समझने के लिए सबसे पहले आप क्या उस तकलीफ समझना चाहते हैं यह मायने रखता है अगर आप उसको समझना चाहते हैं तब कुछ समझ लेंगे आगे वाली की तकलीफ उनकी प्रॉब्लम को सॉल्व करने की कोशिश करेंगे और अगर आप नहीं समझना चाहते हैं तो आपके सामने कोई कैसा भी इंसान आ जाए जो बहुत दुखी तो दिख रहा है जिसका दुख लेकिन फिर भी आप उसकी हेल्प नहीं करोगे आप उसको समझना नहीं जाओगी क्या आप चाहते ही नहीं उसको समझना और अगर आप समझने का आपका ऐसा आपका सोचे कि आप समझ पाओ तो फिर आप सबको समझ समझ जाओगे आपको की प्रॉब्लम में है और कुछ की हेल्प करनी चाहिए थैंक यू

dusro ki takleef ko kaise samjha ja sakta hai toh isko samjhne ke liye sabse pehle aap kya us takleef samajhna chahte hain yah maayne rakhta hai agar aap usko samajhna chahte hain tab kuch samajh lenge aage wali ki takleef unki problem ko solve karne ki koshish karenge aur agar aap nahi samajhna chahte hain toh aapke saamne koi kaisa bhi insaan aa jaaye jo bahut dukhi toh dikh raha hai jiska dukh lekin phir bhi aap uski help nahi karoge aap usko samajhna nahi jaogi kya aap chahte hi nahi usko samajhna aur agar aap samjhne ka aapka aisa aapka soche ki aap samajh pao toh phir aap sabko samajh samajh jaoge aapko ki problem me hai aur kuch ki help karni chahiye thank you

दूसरों की तकलीफ को कैसे समझा जा सकता है तो इसको समझने के लिए सबसे पहले आप क्या उस तकलीफ सम

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BOB

Teacher

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दूसरों की तस्वीर को इतना समझा जा सकता है कि आप हमसे बात करिए और उनकी तकलीफ को महसूस करिए अगर आप उनकी तस्वीर को महसूस करेंगे तो आप उनका तक तुम को समझ पाएंगे

dusro ki tasveer ko itna samjha ja sakta hai ki aap humse baat kariye aur unki takleef ko mehsus kariye agar aap unki tasveer ko mehsus karenge toh aap unka tak tum ko samajh payenge

दूसरों की तस्वीर को इतना समझा जा सकता है कि आप हमसे बात करिए और उनकी तकलीफ को महसूस करिए अ

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सर मैं आपको बता दूं कि जिसके पास जितना तकलीफ है उस तकलीफ को अगर मेरे पास जो तकलीफ है वह दूसरा मेरे अलावा और कोई दूसरा में जितना उसको समझ ही नहीं सकता क्योंकि मेरे साथ वह हुआ इसलिए मैं अच्छी तरह भली-भांति तरह से जानता हूं मैं क्या नहीं करता यह क्या कर दिया इसलिए मुझे यह तकलीफ मिली है इसलिए अगर आप दूसरे की तकलीफ और जानना चाहते हैं तो समझो उसके नीचे में बदलाव आना उदास उसके पास जो तकलीफ तो वह दास रहना है मतलब उसकी नेत्र में पहले अगर वह खेलता था तथा मौज मजा के अंदाज बनाता था उस अंदाज में अब नहीं दिखना इसी हिसाब से आप हमें इंसान हैं हमें दूसरे को अनुभव फीलिंग को समझ सकते हैं तो फिल्म के जरिए हम समझ सकते हैं कि दूसरे की तकलीफ क्या है और क्या नहीं है और मैं बता दूं सर की इज्जत जिसके पास जितना तकलीफ होता है वही समझ सकता है कि तकलीफ उसके क्या है उसके लिए तकलीफ हम दूसरे की तकलीफ उतना अच्छा से समझ नहीं पाते हैं जितना अच्छा से जिसके पास वह तकलीफ है तो वहीं उसके नीचे में बदलाव आना आया और उस केटीट्यूड में बदलाव आना इस इंसान से हम उसकी तकलीफ हो समझ सकते हैं

sir main aapko bata doon ki jiske paas jitna takleef hai us takleef ko agar mere paas jo takleef hai vaah doosra mere alava aur koi doosra mein jitna usko samajh hi nahi sakta kyonki mere saath vaah hua isliye main achi tarah bhali bhanti tarah se jaanta hoon main kya nahi karta yah kya kar diya isliye mujhe yah takleef mili hai isliye agar aap dusre ki takleef aur janana chahte hai toh samjho uske niche mein badlav aana udaas uske paas jo takleef toh vaah das rehna hai matlab uski netra mein pehle agar vaah khelta tha tatha mauj maza ke andaaz banata tha us andaaz mein ab nahi dikhana isi hisab se aap hamein insaan hai hamein dusre ko anubhav feeling ko samajh sakte hai toh film ke jariye hum samajh sakte hai ki dusre ki takleef kya hai aur kya nahi hai aur main bata doon sir ki izzat jiske paas jitna takleef hota hai wahi samajh sakta hai ki takleef uske kya hai uske liye takleef hum dusre ki takleef utana accha se samajh nahi paate hai jitna accha se jiske paas vaah takleef hai toh wahi uske niche mein badlav aana aaya aur us ketityud mein badlav aana is insaan se hum uski takleef ho samajh sakte hain

सर मैं आपको बता दूं कि जिसके पास जितना तकलीफ है उस तकलीफ को अगर मेरे पास जो तकलीफ है वह दू

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