भागवत गीता को किसके द्वारा महत्व दिया गया है?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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भगवत गीता को हिंदू धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए अपितु यह कैसा धार्मिक ग्रंथ है क्या ऐसा उसको सही करना चाहिए विश्व के समस्त लोगों को गार्डेंस देता है जीवन को सरल बनाता है जल को शुद्ध सात्विक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करता है यह आज किसकी इंपोटेंसी का जानकारी आपको इस बात से मिल सकती है कि समस्त भाषाओं में आज भागवत गीता का अनुवाद किया हुआ है बल्कि भारत में लोग इतने नहीं अनुसरण कर रहे हैं जितना कि विश्व में अन्य लोग गीता का अनशन किया जा रहा है वहां पर सर्च किया जा रहा है और भी लोग इस कंपटीशन और इसके द्वारा मानव को यह बताएं जीवन सीजी निक भक्ति मार्ग ज्ञान मार्ग और प्रेमा अब कर मार्शल भक्ति मार्ग सब्सिडी है इसमें वक्त अपना समर्थन करता है जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिए इस वाले सिद्धांत और प्रगति है अपने स्वामी के दोनों को नहीं देखता है अपितु उसके प्रति समर्पित होता है और जग में जीवन जीता दूसरा ज्ञान में जीव विज्ञान में माफ करता है ना रुको भगवान की पसंद करता है उसके लिए फॉलो करने के लिए कहता है आता जीवन में शक्ति ही जाना चाहिए कि जीवन जहां पर उसका उत्तर है और मृत्यु के बीच में हमको ऐसे अच्छे कार्य करने चाहिए जिससे मानव मात्र का भला हो और सभी की सहायता से वाक्य भावों उदारता के भाव सच्चाई धर्म त्याग दिया जाए और किसी का भी चिंतन किया जाए ना कार्य में किया जाए यह है कि जीवन को मिलाकर उनकी आप नहीं रह सकते इसलिए हमें मान को ऐसे कर्म करने चाहिए जो कल के लिए सुंदर हो दूसरों के लिए आदर्श कारी हो और लोग उनका फॉलो कर सकें और कम फास्ट के लिए आपको पछताना न पड़े कि मैंने ऐसे गंदे कार्य किए थे जो समाज में मेरे लिए याद संसार मेरे लिए अभ्यास के कारण बनेंगे यह कम मार्ग है अच्छे कर्म की जाए सब कर्म किए जाएं अपने रास्ते पर चला जाए धर्म और नीति के रास्ते पर चलाएं और ऐसे अपना जीवन जिया जाए सिर्फ गीता के दौड़ा प्रस्तुत किए जाते हैं मानव को बाकी अन्य जो है इस बात का फॉलो करते हैं बाकी गीता संसार की सबसे पक्की होनी चाहिए सर भारत को छोड़कर के विश्व के अन्य सदस्य देशों में इन बस्तियों में वह किसके द्वारा किया जा रहा है कि उसके सिलेबस में शामिल है और भारत में भी कुछ रिश्ते तो नहीं अपने सिलेबस में से संस्कृत और हिंदी में शामिल किया है बहुत अच्छी बात है हमारे विद्यार्थी हमारी आने वाली पीढ़ियां गीता के मर्म को समझ सके और अपने जीवन को उसके अनुसार फॉलो कर सकें यह बहुत अच्छी बात है

bhagwat geeta ko hindu dharm se nahi jodna chahiye apitu yah kaisa dharmik granth hai kya aisa usko sahi karna chahiye vishwa ke samast logo ko gardens deta hai jeevan ko saral banata hai jal ko shudh Satvik jeevan jeene ke liye protsahit karta hai yah aaj kiski impotensi ka jaankari aapko is baat se mil sakti hai ki samast bhashaon mein aaj bhagwat geeta ka anuvad kiya hua hai balki bharat mein log itne nahi anusaran kar rahe hain jitna ki vishwa mein anya log geeta ka anshan kiya ja raha hai wahan par search kiya ja raha hai aur bhi log is competition aur iske dwara manav ko yah bataye jeevan CG nick bhakti marg gyaan marg aur prema ab kar marshall bhakti marg subsidy hai isme waqt apna samarthan karta hai jahi vidhi rakhe ram tahi vidhi rahiye is waale siddhant aur pragati hai apne swami ke dono ko nahi dekhta hai apitu uske prati samarpit hota hai aur jag mein jeevan jita doosra gyaan mein jeev vigyan mein maaf karta hai na ruko bhagwan ki pasand karta hai uske liye follow karne ke liye kahata hai aata jeevan mein shakti hi jana chahiye ki jeevan jaha par uska uttar hai aur mrityu ke beech mein hamko aise acche karya karne chahiye jisse manav matra ka bhala ho aur sabhi ki sahayta se vakya bhavon udarata ke bhav sacchai dharm tyag diya jaaye aur kisi ka bhi chintan kiya jaaye na karya mein kiya jaaye yah hai ki jeevan ko milakar unki aap nahi reh sakte isliye hamein maan ko aise karm karne chahiye jo kal ke liye sundar ho dusro ke liye adarsh kaari ho aur log unka follow kar sake aur kam fast ke liye aapko pachhataana na pade ki maine aise gande karya kiye the jo samaj mein mere liye yaad sansar mere liye abhyas ke karan banenge yah kam marg hai acche karm ki jaaye sab karm kiye jayen apne raste par chala jaaye dharm aur niti ke raste par chalaye aur aise apna jeevan jiya jaaye sirf geeta ke dauda prastut kiye jaate hain manav ko baki anya jo hai is baat ka follow karte hain baki geeta sansar ki sabse pakki honi chahiye sir bharat ko chhodkar ke vishwa ke anya sadasya deshon mein in bastiyon mein vaah kiske dwara kiya ja raha hai ki uske syllabus mein shaamil hai aur bharat mein bhi kuch rishte toh nahi apne syllabus mein se sanskrit aur hindi mein shaamil kiya hai bahut achi baat hai hamare vidyarthi hamari aane wali peedhiyaan geeta ke marm ko samajh sake aur apne jeevan ko uske anusaar follow kar sake yah bahut achi baat hai

भगवत गीता को हिंदू धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए अपितु यह कैसा धार्मिक ग्रंथ है क्या ऐसा उसको

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भगवत गीता का जो महत्त्व दिया है वह जिन्होंने इस पुस्तक को लिखा था वह तो वेदव्यास

bhagwat geeta ka jo mahatva diya hai vaah jinhone is pustak ko likha tha vaah toh vedvyas

भगवत गीता का जो महत्त्व दिया है वह जिन्होंने इस पुस्तक को लिखा था वह तो वेदव्यास

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