आजकल सच्चाई लुप्त क्यों हो रही है?...


play
user

महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

0:34

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज का सच्चाई लोग क्यों हो रही है आपके लिए हो रही होगी आप झूठ बोलते होंगे और सबसे स्पष्ट करते हुए लोग सच बोलने सच्चे रहे कहां लुप्त हो रही है जो बताइए कहीं भी तो नहीं हो रही है ट्रेन में टिकट लेते हो जवाब देते हो कहीं नहीं हो रही अपना नजरिया सुधारी धन्यवाद नमस्कार

aaj ka sacchai log kyon ho rahi hai aapke liye ho rahi hogi aap jhuth bolte honge aur sabse spasht karte hue log sach bolne sacche rahe kahaan lupt ho rahi hai jo bataiye kahin bhi toh nahi ho rahi hai train mein ticket lete ho jawab dete ho kahin nahi ho rahi apna najariya sudhari dhanyavad namaskar

आज का सच्चाई लोग क्यों हो रही है आपके लिए हो रही होगी आप झूठ बोलते होंगे और सबसे स्पष्ट कर

Romanized Version
Likes  179  Dislikes    views  2155
WhatsApp_icon
25 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Surendra Sharma

अध्यापन

0:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल के जीवन में लोग अति महत्वाकांक्षी हो गए हैं अति महत्वाकांक्षी अभिलाषी या फिर भौतिकवादी होने के कारण ज्यादा से ज्यादा धन अर्जित करना चाहते हैं उसके लिए उन्हें झूठ का सहारा लेना पड़ता है जिस व्यक्ति को अभिलाषा नहीं हो या महत्वाकांक्षा नहीं हो संतोषी व्यक्ति हमेशा सच्चा होता है

aajkal ke jeevan mein log ati mahatwakanshi ho gaye hain ati mahatwakanshi abhilashi ya phir bhautikvadi hone ke karan zyada se zyada dhan arjit karna chahte hain uske liye unhe jhuth ka sahara lena padta hai jis vyakti ko abhilasha nahi ho ya mahatwakanksha nahi ho santosh vyakti hamesha saccha hota hai

आजकल के जीवन में लोग अति महत्वाकांक्षी हो गए हैं अति महत्वाकांक्षी अभिलाषी या फिर भौतिकवाद

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  1228
WhatsApp_icon
user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

3:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राष्ट्र के स्टाइल लुक चुप क्यों हो रही है जिधर देखो उधर झूठ फरेब जुमलेबाजी बनावट लिखावट आर्टिफिशियल सिटी चेयर ढूंढ के बादल धूल की आंधी और जिधर देखो उधर की धूल के कण जो दूसरों की आंखों में पढ़कर आंखों पर पर्दा डाल देते हैं बुलंद नारों बुलंद आवाज और जी की वाणी से लोगों को मोहित कन्ना आकर्षित करना और उसके प्रभाव में आकर लोग भक्त बन जाते हैं तो बताओ इस तरह की बवंडर इस तरह के तूफान आ रहे हो वहां सच्चाई रूपी वर्षा की बूंदे कहां देखें और क्षणिक माथे के लिए जब सच्चाई यूपी वर्षा प्राकृतिक करती है तो बड़े-बड़े तूफान पुष्प वर्षा में बह जाते हैं और फिर उसका एक ऐसी विषम स्थिति पैदा कर देती है कि लाख शक्तिशाली और बलशाली होने के बावजूद भी उस वर्षा की बाढ़ में चपाती बह जाते हैं इंसान को यह बात पता है लेकिन इन आर्टिफिशियल झूठ कपट फरीद जुमलेबाजी के अंदर सच्चाई जो है वह छिप गई है जैसे बादलों में छुप जाता है इसी तरह इन बातों में सच्चाई छुप गई है लेकिन हम सबको याद है जब अर्जुन ने प्रतिज्ञा की थी वैसे ही आज के दिन में गेट का जिसने अभिमन्यु की हत्या की थी मर्डर किया था उसका बंद करूंगा भगवान कृष्ण ने अपनी माया से कुछ देर के लिए युद्ध क्षेत्र में सूर्य का छिपा दिया सूर्य की छुट्टी जयद्रथ युद्ध क्षेत्र में सामने आ गया बस उसी वक्त वह वक्त था भगवान कृष्ण की माया की जिन्होंने तुरंत बादलों को हटा लिया और अर्जुन ने अपना प्रण पूरा किया और जयद्रथ का वध किया इसी तरह से जो सच्चाई छुपी हुई है उसके बाद मिलेंगे और उसका प्रकाश सकते सामने आएगा

rashtra ke style look chup kyon ho rahi hai jidhar dekho udhar jhuth fareb jumlebaji banawat likhavat artificial city chair dhundh ke badal dhul ki aandhi aur jidhar dekho udhar ki dhul ke kan jo dusro ki aankho mein padhakar aankho par parda daal dete hai buland naron buland awaaz aur ji ki vani se logo ko mohit kanna aakarshit karna aur uske prabhav mein aakar log bhakt ban jaate hai toh batao is tarah ki bavandar is tarah ke toofan aa rahe ho wahan sacchai rupee varsha ki bundein kahaan dekhen aur kshanik mathe ke liye jab sacchai up varsha prakirtik karti hai toh bade bade toofan pushp varsha mein wah jaate hai aur phir uska ek aisi visham sthiti paida kar deti hai ki lakh shaktishali aur balshali hone ke bawajud bhi us varsha ki baadh mein chapati wah jaate hai insaan ko yah baat pata hai lekin in artificial jhuth kapat faridabad jumlebaji ke andar sacchai jo hai vaah chhip gayi hai jaise badalon mein chup jata hai isi tarah in baaton mein sacchai chup gayi hai lekin hum sabko yaad hai jab arjun ne pratigya ki thi waise hi aaj ke din mein gate ka jisne abhimanyu ki hatya ki thi murder kiya tha uska band karunga bhagwan krishna ne apni maya se kuch der ke liye yudh kshetra mein surya ka chhipa diya surya ki chhutti jayadrath yudh kshetra mein saamne aa gaya bus usi waqt vaah waqt tha bhagwan krishna ki maya ki jinhone turant badalon ko hata liya aur arjun ne apna pran pura kiya aur jayadrath ka vadh kiya isi tarah se jo sacchai chhupee hui hai uske baad milenge aur uska prakash sakte saamne aayega

राष्ट्र के स्टाइल लुक चुप क्यों हो रही है जिधर देखो उधर झूठ फरेब जुमलेबाजी बनावट लिखावट आ

Romanized Version
Likes  30  Dislikes    views  1132
WhatsApp_icon
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:38
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है आजकल सच्चाई लिख क्यों हो रही है अगर आजकल सच्चाई लुप्त हो रही है तो आप चाहिए उन सच्चाई को अगर आप सच्चाई को बचाओगे तो सच्चाई लुप्त नहीं होगी अच्छी बनी रहेगी और आप लोगों को संदेश दीजिए कि सत्य बोलिए तो आप को सुकून मिलेगा आपको माइंड को रिलैक्स मिलेगा और आप अच्छा जीवन बिता सकते या और उनको उनकी फैमिली को बोले कि वह सत्य का साथ दें तो उनको भी मेंटली रिलैक्स मिलेगा सुकून मिलेगा और सच्चाई लूट नहीं होगी आपका दिन शुभ हो गुड लक परी लाइफटेक एंड एंजॉय

aapka prashna hai aajkal sacchai likh kyon ho rahi hai agar aajkal sacchai lupt ho rahi hai toh aap chahiye un sacchai ko agar aap sacchai ko bachaoge toh sacchai lupt nahi hogi achi bani rahegi aur aap logo ko sandesh dijiye ki satya bolie toh aap ko sukoon milega aapko mind ko relax milega aur aap accha jeevan bita sakte ya aur unko unki family ko bole ki vaah satya ka saath de toh unko bhi mentally relax milega sukoon milega aur sacchai loot nahi hogi aapka din shubha ho good luck pari laifatek and enjoy

आपका प्रश्न है आजकल सच्चाई लिख क्यों हो रही है अगर आजकल सच्चाई लुप्त हो रही है तो आप चाहिए

Romanized Version
Likes  260  Dislikes    views  4551
WhatsApp_icon
user
0:06
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल सच्चा इतिहास लोग तो रही है कि लोगों ने झूठ बोलना ज्यादा शुरू कर दिया है

aajkal saccha itihas log toh rahi hai ki logo ne jhuth bolna zyada shuru kar diya hai

आजकल सच्चा इतिहास लोग तो रही है कि लोगों ने झूठ बोलना ज्यादा शुरू कर दिया है

Romanized Version
Likes  58  Dislikes    views  2076
WhatsApp_icon
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज तक चाहिए इसलिए लुप्त होती जा रही है क्योंकि आजकल जो जीवन है वह अर्थ पर आधारित हो गया तन पर आधारित हो गया अधिकांश लोग इस संसार में धन की उपासना करने वाले मिलेंगे वेस्टर्न कल्चर के 4 वर्षों लेंगे जो धन की प्रमुखता को इंपोर्टेंस ही देते हैं और इसलिए धन कमाने के लिए अन्याय अधर्म अनीति अनुचित रास्तों से भी कोई परी नहीं करते हैं उनके लिए धन आना चाहिए चाय चाय चाय चाय चाय चाय चाय चाय चाय धोखेबाजी के अन्य साधनों से आए उनको जाना चाहिए इन रास्तों से हम आते हैं तो उसके लिए चल पड़े झूठ का भी सहारा लेना लेते हैं तो इसलिए आप देख रहे हैं कि आज के मानव जीवन सच्चाई से एकदम दूर हो गया है क्योंकि जनसंख्या जनसंख्या इस कदर बढ़ती जा रही है कि आज मानव को मानव के प्रति कोई प्रेम नहीं इससे धारियों का कोई महत्व नहीं है मित्रता का कोई महत्व नहीं है भाई बंधु तक में दरारें देखी जा सकती है इस धनी धन कमाने नहीं है धन्यवाद भाई भाई के बीच में दरारें पैदा कर दिए बाप बेटों के बीच में दरारें पैदा करती हैं इंसान सचाई से एकदम दूर चल अपनी जिंदगी जी रहा है सारे जगह आपको दिखावा दिखाई देगा छूटा आडंबर दिखावे की जिंदगी असत्य से भरी हुई झूठ फरेब छल कपट आदि सभी नीतियों का सहारा लेते हुए लोग जी रहे हैं सच्चाई से एकदम लुप्त होते जा रहे हैं सच्चाई आपको देखने पर प्राप्त नहीं होगी और बदतमीजी आप सच्चा जीवन जीना भी चाहेंगे तो लोग आपको जीने ना देंगे क्योंकि दुनिया ऐसे लोगों से भरी हुई है जो स्वार्थी हैं लालची है चालाक है जरूरत है वह आपको ऐसे प्रयोग करेंगे जैसे एक निर्जीव वस्तु होती है यूज एंड थ्रो उनका उपयोग आपसे है उनका नाम आपसे है तो मित्रता है रिश्तेदारी है भाई यह बंधु है और यदि उनका कोई आप से लोग लालच नहीं है उनका तो आपसे ना कोई मित्रता है ना कोई दोस्ती है ना ही रिश्तेदारी है ना कोई भाई बंधु है ऐसी दुनिया में जी रहे हैं हम लोग

aaj tak chahiye isliye lupt hoti ja rahi hai kyonki aajkal jo jeevan hai vaah arth par aadharit ho gaya tan par aadharit ho gaya adhikaansh log is sansar mein dhan ki upasana karne waale milenge western culture ke 4 varshon lenge jo dhan ki pramukhta ko importance hi dete hain aur isliye dhan kamane ke liye anyay adharma aniti anuchit raston se bhi koi pari nahi karte hain unke liye dhan aana chahiye chai chai chai chai chai chai chai chai chai dhokhebaji ke anya saadhano se aaye unko jana chahiye in raston se hum aate hain toh uske liye chal pade jhuth ka bhi sahara lena lete hain toh isliye aap dekh rahe hain ki aaj ke manav jeevan sacchai se ekdam dur ho gaya hai kyonki jansankhya jansankhya is kadar badhti ja rahi hai ki aaj manav ko manav ke prati koi prem nahi isse dhariyon ka koi mahatva nahi hai mitrata ka koi mahatva nahi hai bhai bandhu tak mein dararen dekhi ja sakti hai is dhani dhan kamane nahi hai dhanyavad bhai bhai ke beech mein dararen paida kar diye baap beto ke beech mein dararen paida karti hain insaan sachai se ekdam dur chal apni zindagi ji raha hai saare jagah aapko dikhawa dikhai dega chhuta aandabar dikhaave ki zindagi asatya se bhari hui jhuth fareb chhal kapat aadi sabhi nitiyon ka sahara lete hue log ji rahe hain sacchai se ekdam lupt hote ja rahe hain sacchai aapko dekhne par prapt nahi hogi aur badatamiji aap saccha jeevan jeena bhi chahenge toh log aapko jeene na denge kyonki duniya aise logo se bhari hui hai jo swaarthi hain lalchi hai chalak hai zarurat hai vaah aapko aise prayog karenge jaise ek nirjeev vastu hoti hai use and throw unka upyog aapse hai unka naam aapse hai toh mitrata hai rishtedaari hai bhai yah bandhu hai aur yadi unka koi aap se log lalach nahi hai unka toh aapse na koi mitrata hai na koi dosti hai na hi rishtedaari hai na koi bhai bandhu hai aisi duniya mein ji rahe hain hum log

आज तक चाहिए इसलिए लुप्त होती जा रही है क्योंकि आजकल जो जीवन है वह अर्थ पर आधारित हो गया तन

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  1
WhatsApp_icon
user

S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

1:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है आजकल सिंचाई युक्त क्यों हो रही है तो इसका उत्तर इस प्रकार है कि पुराने समय में रूम सच्चाई ईमानदारी परोपकार इन गुणों को महत्व देते थे और संपूर्ण से 100 साल पहले हमारे पूर्वज अच्छे-अच्छे थे भले ही नहीं थी लेकिन आजकल के नवीन युग में लोग धन के पीछे दौड़ रही है हमको पागल कर दिया है येन केन प्रकारेण उठाना चाहते हैं सुख से लेना चाहते हैं उनकी सूची है कि धन से ही सच्चा सुख मिलता है और सच्चाई भी यही है बंसी भौतिक सुख तो मिलता है लेकिन आत्मा के सुख नहीं मिलता चलूं धन के पीछे पागल है आपने किसी को नहीं चाहिए सब धन के पीछे पागल हैं और प्रदुम ताकि युग में लोग झूठ पर झूठ बोलते हैं कैसी भी सफल होना चाहते हैं कि मैं कैसे भी ज्यादा चाहती हैं इसलिए आज चल रही है और का बोलबाला हो रहा है राजस्थान में रखी गई है कि झूठ का बोलबाला सच्चे का मुंह काला सच्चे का मुंह काला है झूठ का बोलबाला

aapka prashna hai aajkal sinchai yukt kyon ho rahi hai toh iska uttar is prakar hai ki purane samay me room sacchai imaandaari paropkaar in gunon ko mahatva dete the aur sampurna se 100 saal pehle hamare purvaj acche acche the bhale hi nahi thi lekin aajkal ke naveen yug me log dhan ke peeche daudh rahi hai hamko Pagal kar diya hai yen cane prakaren uthana chahte hain sukh se lena chahte hain unki suchi hai ki dhan se hi saccha sukh milta hai aur sacchai bhi yahi hai bansi bhautik sukh toh milta hai lekin aatma ke sukh nahi milta chalu dhan ke peeche Pagal hai aapne kisi ko nahi chahiye sab dhan ke peeche Pagal hain aur pradum taki yug me log jhuth par jhuth bolte hain kaisi bhi safal hona chahte hain ki main kaise bhi zyada chahti hain isliye aaj chal rahi hai aur ka bolbala ho raha hai rajasthan me rakhi gayi hai ki jhuth ka bolbala sacche ka mooh kaala sacche ka mooh kaala hai jhuth ka bolbala

आपका प्रश्न है आजकल सिंचाई युक्त क्यों हो रही है तो इसका उत्तर इस प्रकार है कि पुराने समय

Romanized Version
Likes  174  Dislikes    views  2136
WhatsApp_icon
user

DR. I.P.SINGH

Doctorate in Literature

4:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बट आपका प्रश्न है आजकल सच्चाई लोग तो क्यों हो रही है शायद आपके सामने ऐसे अवसर आए हैं जहां आप के साथ विश्वासघात हुआ है कि आपने बहुत सी चीजें ऐसी देखी जिसमें सच्चाई को छुपाने की कोशिश की गई हो विशेष करके आज व्यापार के क्षेत्र में 1 भोग और विलास के परिवेश में ऑनलाइन ही कही जाती है कि फैशन की जो इस युग में गारंटी की उम्मीद ना करें लेकिन यह ध्यान रखें कि यह सदा ही हो रहा है पुराने समय में चलेंगे तो सीता जी का जो अपहरण हुआ वह रावण ने ब्राह्मण का वेश बना रखा था अधिकारी का बाली को जब मारा राम ने तो चुप करके मारा था इसी तरीके से आप चलेंगे महाभारत में देखेंगे तो शिखंडी को आगे करके भीष्म पितामह पर बाण चलाए गए थे और युधिष्ठिर ने अंत में जब दुर्योधन चाहिए टिकिया तो दृष्टि की जगह में खड़े हुए और नियम के अनुसार युधिष्ठिर को युद्ध करना चाहिए था लेकिन उन्होंने भीम को प्रणाम किया और भीम ने अपनी आंख में गीता रख रखी थी तो कहा जाता है कि उन्होंने भीम को प्रणाम करते हैं इस गीता को प्रणाम किया था लोक मान्यता है कि ऐसी स्थिति में भी व्यस्त हो सकते थे तो इसमें जो है उन्होंने भी सच्चाई को छुपा छुपा कर के ले जा पुरुषोत्तम कहे गए तो ऐसा नहीं है मित्र हमेशा समाज में ऐसा रहा है कि अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए कभी कभी धोखा देने का काम होता रहा है इस काम में ध्यान रखेंगे बेक आपके दिमाग में आ सकता क्या यह उचित है या अनुचित तो मित्र अपने आप धर्म दो प्रकार के मांगे वर्मा ने दायित्व कर्तव्य बोध एक मानव भरे का पद विशेष परिस्थितियों में मानव धर्म की अवहेलना हो सकते अभिमान धर्म क्या है सत्य बोलिए नैतिकता का साथ दीजिए किसी को धोखा मत दीजिए यह मानव धर्म है लेकिन कहा गया है कि अगर झूठ बोलने से किसी का भला हो तो वहां झूठ बोल देना चाहिए यह आप धर्म है तो ध्यान रखें कि विषम परिस्थितियों में तथ्य को छिपाया जा सकता है यह आप उधर में आता है और इससे अगर किसी का भला हो यह पाप नहीं माना जाता है हां अब इस फैशन के हुए आप कह सकते हैं कि कुछ तथाकथित लोग ऐसे हैं कि जो भौतिकता वादी परिवेश में खाओ पियो मौज करो के परिवेश में दूसरों को धोखा देकर के अपना उल्लू सीधा करने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि अब मीडिया बहुत ज्यादा प्रभावी हो गई इश्क ऐसी सूचनाएं हमें ज्यादा मिलने लगी हैं हमारा जिंदगी का जो संदर्भ है वह बड़ा बड़े व्यापक फलक पर स्थापित हो गया है हम लोग आज से 40 साल पहले अपनी पिता होता जी से पूछेंगे तो आप बताएंगे कि आदमी 23 मिठाई से ज्यादा नाम ही नहीं जानता तो 10 मिठाई तो शायद ही किसी जाना हो आज आप बाजार में कोई ठीक-ठाक आप का बाजार होश में चले जाए तो मिठाइयों के नाम ही इतने हो गए हैं जितने शब्दों में कभी काम चल जाता था आप बिस्कुट के उसमें चले जाइए हमारे समय में दो साबुन होते थे सनलाइट और लाइव बॉय बस इसके बाद धीरे-धीरे साबुन के ब्रांड आए तो आज बाजार में कुछ ऐसे दोस्त पर कितने लोग हैं जो धोखा दे करके अपना काम चलाने का प्रयास कर रहे हैं और उनकी सूचना में ज्यादा मिलती है आप अलग ज्यादा इसलिए में धोखा ज्यादा लगता है अन्यथा यह जीवन का एक सत्य है कि सच्चाई को छिपा कर के भी लोग काम चलाते रहे कल भी आज भी और आने वाले कल के लिए भी तैयार रहिए अरे लोगों का नैतिक पतन हो रहा है उससे प्रवृत्ति कुछ ज्यादा बढ़ती जा रही है इससे दुखी होने या निराश होने की जरूरत नहीं हो सकता आपके साथ धोखा हुआ हो थोड़ा सा दृष्टिकोण को जीवंत बनाए रखें थोड़ी सावधानी से काम ले तो ऐसे बहुत से विश्वासघात को आप तुरंत पकड़ भी सकता हूं उसका निदान लिखो सकते बहुत-बहुत धन्यवाद

but aapka prashna hai aajkal sacchai log toh kyon ho rahi hai shayad aapke saamne aise avsar aaye hain jaha aap ke saath vishwasghat hua hai ki aapne bahut si cheezen aisi dekhi jisme sacchai ko chhupaane ki koshish ki gayi ho vishesh karke aaj vyapar ke kshetra me 1 bhog aur vilas ke parivesh me online hi kahi jaati hai ki fashion ki jo is yug me guarantee ki ummid na kare lekin yah dhyan rakhen ki yah sada hi ho raha hai purane samay me chalenge toh sita ji ka jo apahran hua vaah ravan ne brahman ka vesh bana rakha tha adhikari ka baali ko jab mara ram ne toh chup karke mara tha isi tarike se aap chalenge mahabharat me dekhenge toh shikhandi ko aage karke bhishma pitamah par baan chalaye gaye the aur yudhishthir ne ant me jab duryodhan chahiye tikkiya toh drishti ki jagah me khade hue aur niyam ke anusaar yudhishthir ko yudh karna chahiye tha lekin unhone bhim ko pranam kiya aur bhim ne apni aankh me geeta rakh rakhi thi toh kaha jata hai ki unhone bhim ko pranam karte hain is geeta ko pranam kiya tha lok manyata hai ki aisi sthiti me bhi vyast ho sakte the toh isme jo hai unhone bhi sacchai ko chupa chupa kar ke le ja purushottam kahe gaye toh aisa nahi hai mitra hamesha samaj me aisa raha hai ki apne uddeshya ko pura karne ke liye kabhi kabhi dhokha dene ka kaam hota raha hai is kaam me dhyan rakhenge bek aapke dimag me aa sakta kya yah uchit hai ya anuchit toh mitra apne aap dharm do prakar ke mange verma ne dayitva kartavya bodh ek manav bhare ka pad vishesh paristhitiyon me manav dharm ki avhelna ho sakte abhimaan dharm kya hai satya bolie naitikta ka saath dijiye kisi ko dhokha mat dijiye yah manav dharm hai lekin kaha gaya hai ki agar jhuth bolne se kisi ka bhala ho toh wahan jhuth bol dena chahiye yah aap dharm hai toh dhyan rakhen ki visham paristhitiyon me tathya ko chipaya ja sakta hai yah aap udhar me aata hai aur isse agar kisi ka bhala ho yah paap nahi mana jata hai haan ab is fashion ke hue aap keh sakte hain ki kuch tathakathit log aise hain ki jo bhautikata wadi parivesh me khao piyo mauj karo ke parivesh me dusro ko dhokha dekar ke apna ullu seedha karne ka prayas kar rahe hain kyonki ab media bahut zyada prabhavi ho gayi ishq aisi suchnaen hamein zyada milne lagi hain hamara zindagi ka jo sandarbh hai vaah bada bade vyapak falk par sthapit ho gaya hai hum log aaj se 40 saal pehle apni pita hota ji se puchenge toh aap batayenge ki aadmi 23 mithai se zyada naam hi nahi jaanta toh 10 mithai toh shayad hi kisi jana ho aaj aap bazaar me koi theek thak aap ka bazaar hosh me chale jaaye toh mithaiyon ke naam hi itne ho gaye hain jitne shabdon me kabhi kaam chal jata tha aap biscuit ke usme chale jaiye hamare samay me do sabun hote the sunlight aur live boy bus iske baad dhire dhire sabun ke brand aaye toh aaj bazaar me kuch aise dost par kitne log hain jo dhokha de karke apna kaam chalane ka prayas kar rahe hain aur unki soochna me zyada milti hai aap alag zyada isliye me dhokha zyada lagta hai anyatha yah jeevan ka ek satya hai ki sacchai ko chhipa kar ke bhi log kaam chalte rahe kal bhi aaj bhi aur aane waale kal ke liye bhi taiyar rahiye are logo ka naitik patan ho raha hai usse pravritti kuch zyada badhti ja rahi hai isse dukhi hone ya nirash hone ki zarurat nahi ho sakta aapke saath dhokha hua ho thoda sa drishtikon ko jivant banaye rakhen thodi savdhani se kaam le toh aise bahut se vishwasghat ko aap turant pakad bhi sakta hoon uska nidan likho sakte bahut bahut dhanyavad

बट आपका प्रश्न है आजकल सच्चाई लोग तो क्यों हो रही है शायद आपके सामने ऐसे अवसर आए हैं जहां

Romanized Version
Likes  35  Dislikes    views  344
WhatsApp_icon
user

ANIL SINGH

Business Man | Ex-Teacher

1:04
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सच्चाई लोग तो नहीं हो रही है दिक्कत यह आ रहा है कि कोई भी व्यक्ति आजकल ऐसा कार्य नहीं करना चाह रहा इससे उसकी बदनामी हो गए इंसल्ट फील करें हर एक की चाहता है कि हर किसको जाने उसके कर्मों से उसके घर में इतने विक्रम होते जा रहे हैं कि व्यक्ति को सन में नहीं आ रहा है कि वह सही है या गलत है आजकल का व्यक्ति ऐसा हो रहा है कि वह गलतियों करने के बाद भी गलती को छुपाने का प्रयास करता है सामने तक के मालूम है जो गलत है फिर अपनी गलती एक्सेप्ट नहीं करता है यह नहीं है कि सचाई लुप्त होती जा रही है बच्चे के साथ में अभी तक नहीं है सच्चाई को सामने लाने का उद्देश्य सकती है पर नहीं हो सकती है बारिश के समय में बादल छा जाते हैं दिन में पूरी देखनी है आ सकता पड़ता है धन्यवाद

sacchai log toh nahi ho rahi hai dikkat yah aa raha hai ki koi bhi vyakti aajkal aisa karya nahi karna chah raha isse uski badnami ho gaye insult feel kare har ek ki chahta hai ki har kisko jaane uske karmon se uske ghar mein itne vikram hote ja rahe hain ki vyakti ko san mein nahi aa raha hai ki vaah sahi hai ya galat hai aajkal ka vyakti aisa ho raha hai ki vaah galatiyon karne ke baad bhi galti ko chhupaane ka prayas karta hai saamne tak ke maloom hai jo galat hai phir apni galti except nahi karta hai yah nahi hai ki sachai lupt hoti ja rahi hai bacche ke saath mein abhi tak nahi hai sacchai ko saamne lane ka uddeshya sakti hai par nahi ho sakti hai barish ke samay mein badal cha jaate hain din mein puri dekhni hai aa sakta padta hai dhanyavad

सच्चाई लोग तो नहीं हो रही है दिक्कत यह आ रहा है कि कोई भी व्यक्ति आजकल ऐसा कार्य नहीं करना

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  74
WhatsApp_icon
user

nirurajput

Life Coach

1:38
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका किचन कि आज का सच है या लुप्त क्यों हो रही है क्योंकि सच्चाई के ऊपर आप बुराई ने बुरी तरह से जकड़ रखा सच्चाई को कोई बाहर निकलेंगे नहीं देता है आजकल वातावरण कैसा हो गया जान चारों तरफ सच्चाई को दबाया जा रहा है वातावरण मिले हुए सभी वातावरण इसके अंदर समाज हमारे यूपी में विस्थापित में जूठे तरह से किस तरह झूठ बोला जाता है किस तरह की बातें की जाती किस तरह गलत चीजें ज्यादा इंदौर आ जाती है अपने समाज में सम्मान में यह नहीं बोला जाता कि सच कैसे बोला जाए समान में बोला जाता कि झूठ को किस तरह बोला जाता है गालियां किस तरह बोली जाती है मैं समाज में सिखाया जा रहा और ना अपने एजुकेशन सिस्टम ना अपने स्कूल में स्कूलों में ऐसे सिखाया जा रहा है कि सब कैसे बोला जाए किस तरह आपको सच्चाई से किस तरह आपको चीज मिलती है स्कूलों में ना आपने जो अपन कोर्स जो आपने कि किताबें होती उसमें एक ही कहानियां नहीं है जिसमें आपको सच्चाई की कुछ बातें हो तो अपन किए थे उसमें अलग-अलग तरीके से सच्चाई का कोई नाम नहीं सच्चाई बुराई नहीं होते अलग-अलग होते ज्यादा कोई मोहब्बतें इश्क पर कोई ज्ञान अंग्रेजी में कहानियां होती है तो भी अलग-अलग फोटो पिक नहीं होते अच्छा है इसमें कारनामा नॉर्मल वातावरण हमारे यहां चारों तरफ जो भी है उनके कारण अब सच्चाई अब गई है इसलिए धीरे-धीरे लुप्त हो रही कोई भी सच्चाई बोलता है कोई विश्वास नहीं है सब पर इसलिए वातायन बहुत खराब है इसलिए लुप्त हो गई

aapka kitchen ki aaj ka sach hai ya lupt kyon ho rahi hai kyonki sacchai ke upar aap burayi ne buri tarah se jakad rakha sacchai ko koi bahar nikalenge nahi deta hai aajkal vatavaran kaisa ho gaya jaan charo taraf sacchai ko dabaya ja raha hai vatavaran mile hue sabhi vatavaran iske andar samaj hamare up mein visthaapit mein juthe tarah se kis tarah jhuth bola jata hai kis tarah ki batein ki jaati kis tarah galat cheezen zyada indore aa jaati hai apne samaj mein sammaan mein yah nahi bola jata ki sach kaise bola jaaye saman mein bola jata ki jhuth ko kis tarah bola jata hai galiya kis tarah boli jaati hai samaj mein sikhaya ja raha aur na apne education system na apne school mein schoolon mein aise sikhaya ja raha hai ki sab kaise bola jaaye kis tarah aapko sacchai se kis tarah aapko cheez milti hai schoolon mein na aapne jo apan course jo aapne ki kitaben hoti usme ek hi kahaniya nahi hai jisme aapko sacchai ki kuch batein ho toh apan kiye the usme alag alag tarike se sacchai ka koi naam nahi sacchai burayi nahi hote alag alag hote zyada koi mohabbatein ishq par koi gyaan angrezi mein kahaniya hoti hai toh bhi alag alag photo pic nahi hote accha hai isme karnama normal vatavaran hamare yahan charo taraf jo bhi hai unke karan ab sacchai ab gayi hai isliye dhire dhire lupt ho rahi koi bhi sacchai bolta hai koi vishwas nahi hai sab par isliye vatayan bahut kharab hai isliye lupt ho gayi

आपका किचन कि आज का सच है या लुप्त क्यों हो रही है क्योंकि सच्चाई के ऊपर आप बुराई ने बुरी त

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  196
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल सच्चाई इसलिए क्योंकि लोगों की सहनशीलता कम हो रही है अगर मैं मेरे दोस्त को या मेरे मित्र या मेरे परिवार के किसी सदस्य को यह बता दूं कि यह सच है तो वह मुझसे बुरा मान जाएगा वह मुझसे काम छोड़ देगा क्योंकि वह उसकी सहनशीलता ही नहीं है उस सच को एक्सेप्ट करने को मानना ही नहीं चाहता क्योंकि उसने अपनी आंखों पर अपनी ही दिमाग में इस चीज के गांव स्टार्ट के लिए कुछ एक अपना ही एक मत दिया हुआ है वह उसके आगे बढ़ना ही नहीं जाता उस सहनशीलता के आगे वह जाना ही नहीं चाहता तो काफी टॉलरेंस लेवल कम हो चुका है इंसान इतना गुस्सा करता है तो कोई सच को जानने के लिए ना तो रेडी है और अगर आपको पता चलता है तो कोई रिएक्शन आपका ऐसा होता है जिससे दूसरों को लगता है कि यह रिश्ते टूट जाएंगे तू सजना बताया जाए धीरे धीरे ऐसे कई जगह है कई मामले हैं जहां इसी कारणों से कि हमारी इज्जत कम ना हो जाए हमारे रिश्ते खराब ना हो जाए इससे हमारे बिजनेस को नुकसान होगा इस पर अगर ऐसा हो गया तो हमसे डांस कल आपको देखा तो हमारा यह काम नहीं होगा ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिसके कारण धीरे धीरे धीरे 27 युक्त हो रही है

aajkal sacchai isliye kyonki logo ki sahansheelta kam ho rahi hai agar main mere dost ko ya mere mitra ya mere parivar ke kisi sadasya ko yah bata doon ki yah sach hai toh vaah mujhse bura maan jaega vaah mujhse kaam chhod dega kyonki vaah uski sahansheelta hi nahi hai us sach ko except karne ko manana hi nahi chahta kyonki usne apni aakhon par apni hi dimag me is cheez ke gaon start ke liye kuch ek apna hi ek mat diya hua hai vaah uske aage badhana hi nahi jata us sahansheelta ke aage vaah jana hi nahi chahta toh kaafi tolerance level kam ho chuka hai insaan itna gussa karta hai toh koi sach ko jaanne ke liye na toh ready hai aur agar aapko pata chalta hai toh koi reaction aapka aisa hota hai jisse dusro ko lagta hai ki yah rishte toot jaenge tu sajna bataya jaaye dhire dhire aise kai jagah hai kai mamle hain jaha isi karanon se ki hamari izzat kam na ho jaaye hamare rishte kharab na ho jaaye isse hamare business ko nuksan hoga is par agar aisa ho gaya toh humse dance kal aapko dekha toh hamara yah kaam nahi hoga aisi bahut saari cheezen hain jiske karan dhire dhire dhire 27 yukt ho rahi hai

आजकल सच्चाई इसलिए क्योंकि लोगों की सहनशीलता कम हो रही है अगर मैं मेरे दोस्त को या मेरे मित

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  40
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बड़ा विचित्र का साला जब झूठ के बल पर ही सारे कार्य हो सकते हैं जब झूठ ही फल-फूल सकता है जब झूठ के बल पर पदोन्नति हो सकती है झूठ के बल पर हमें लाइफ का पूरी लाइफ मजे में कट सकती है तो फिर सच्चाई का सहारा क्यों ना क्यों सच्चाई से अवगत हूं तो इसीलिए लोग सच्चाई के पक्ष में ना चल के झूठ को ज्यादा सहारा मांग रहा है

bada vichitra ka sala jab jhuth ke bal par hi saare karya ho sakte hain jab jhuth hi fal fool sakta hai jab jhuth ke bal par padonnati ho sakti hai jhuth ke bal par hamein life ka puri life maje me cut sakti hai toh phir sacchai ka sahara kyon na kyon sacchai se avgat hoon toh isliye log sacchai ke paksh me na chal ke jhuth ko zyada sahara maang raha hai

बड़ा विचित्र का साला जब झूठ के बल पर ही सारे कार्य हो सकते हैं जब झूठ ही फल-फूल सकता है जब

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  87
WhatsApp_icon
user

Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

1:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सच्चाई कभी लुफ्त नहीं होती सच्चाई को उजागर करने वाले आज के जमाने में लुप्त हो चुके हैं किसी भी चीज को उजागर करने वाला ही सच्चाई एक आधार है इसको लेकर आते हैं तो दिन शानदार व्यक्तित्व का मालिक कराएंगे आप वही शानदार व्यक्तित्व की डेट में कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं और हम आप हमें और आपको लगता है कि सच्चाई सच्चाई सूर्या प्रकृति द्वारा बनाए गए किसी भी चीज को कोई भी चीज नहीं होता हम उसको याद करते ही उसके सहारे जीना चाहते नहीं हम तो यही सब के द्वारा आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपका पूर्वज है उसके अगर आप उसे भूल जाएंगे आपके इंसान हम लोग आप लोग सो गए हैं इसकी सच्चाई क्या है यह लोगों को बताना पड़ेगा कभी सच्चाई कभी छुप नहीं सकती बनावट खुशबू कमी आ सकती कागज के फूलों से धन्यवाद

sacchai kabhi luft nahi hoti sacchai ko ujagar karne waale aaj ke jamane me lupt ho chuke hain kisi bhi cheez ko ujagar karne vala hi sacchai ek aadhar hai isko lekar aate hain toh din shandar vyaktitva ka malik karaenge aap wahi shandar vyaktitva ki date me kahin dikhai nahi de rahe hain aur hum aap hamein aur aapko lagta hai ki sacchai sacchai shurya prakriti dwara banaye gaye kisi bhi cheez ko koi bhi cheez nahi hota hum usko yaad karte hi uske sahare jeena chahte nahi hum toh yahi sab ke dwara aage badhana chahte hain toh aapka purvaj hai uske agar aap use bhool jaenge aapke insaan hum log aap log so gaye hain iski sacchai kya hai yah logo ko batana padega kabhi sacchai kabhi chup nahi sakti banawat khushboo kami aa sakti kagaz ke fulo se dhanyavad

सच्चाई कभी लुफ्त नहीं होती सच्चाई को उजागर करने वाले आज के जमाने में लुप्त हो चुके हैं किस

Romanized Version
Likes  33  Dislikes    views  382
WhatsApp_icon
user

UP13🇮🇳GOURAV SHINGHANIYA

#Sexologist#DOCTOR.#®A 2.z Sex Piroblum Ke Liye Follow Me Sex Piroblum Kesi Bhi Ho.

0:18
Play

Likes  20  Dislikes    views  426
WhatsApp_icon
user
3:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल सच्चाई है इसलिए लुप्त होती जा रही है क्योंकि सच्चाई का जो रास्ता है वह बड़ा ही कठिन है सच्चाई के रास्ते पर चलना दुनिया का क्या ब्रह्मांड का सबसे मुश्किल काम है सच्चाई के रास्ते पर चलना क्योंकि लोग सच सुनना नहीं चाहते ठीक है अगर आप गुंडे गुंडा बोल दे गुंडा नाराज हो जाएगा अंधे को अंधा बोल दिया नाराज हो जाएगा कोई भ्रष्टाचारी नेता से आप बोल दे कि यह तो बड़ा करप्ट लीडर नाराज हो जाएगा हो सकता है आपको मरवा दे या कुछ भी हो सकता है कोई अपनी बुराई नहीं सुन पाता है ठीक है सब अपनी बड़ाई सुनना चाहते हैं झूठी तारीफ करो है कि नहीं तो बात यह है कि सच्चाई का रास्ता बड़ा ही कठिन है बड़ा ही दुष्कर है इस पर चलना आग पर चलने के समान एक काम करेगा मैं आपको एक डांस कर देता हूं आप 1 हफ्ते के लिए सच बोलेगा चलिए कल से शुरू करना आप सिर्फ सच बोलेंगे जैसा है वैसा ही बोलेंगे और आप खुद करके देख लीजिए आपको खुद रिजल्ट पता चल जाएगा मैंने करके देखा था बड़ा ही मुश्किल है ठीक है सच्चाई के रास्ते पर चलना बड़ा ही मुश्किल आप 1 हफ्ते के लिए सच बोल कर देखेगा आप संकल्प ले ले कि 1 हफ्ते के लिए सिर्फ एक हफ्ते की मैं बात कर रहा हूं मैं झूठ नहीं बोलूंगा अब मैं सिर्फ सत्य बोलूंगा जो जैसा है वैसा कहूंगा ठीक है जो चीज जैसी है मैं उसे वैसा ही करूंगा और सच्चाई के रास्ते पर चलूंगा आप खुद देख लीजिए आप से कितने लोग दो आपके कितने लोग दुश्मन बन जाएंगे कितने लोग कटने लगेंगे कितने लोग आप से अलग हो जाएंगे आपको खुद ही पता चल जाएगा ठीक है यह बड़ा ही मुश्किल रास्ता है और सच्चाई लुप्त होती जा रही है इसके पीछे कारण यह भी है कि लोग अपने स्वार्थों को पूरा करना चाहते हैं इसके लिए वह झूठ भी बोलते हैं पढ़ाई भी करते हैं झूठी बड़ाई भी करते हैं झूठा सम्मान भी दिखाते हैं स्वार्थ पूरे होने चाहिए लालच पूरा होना चाहिए अपना का निकालो आजकल लोगों की यह मेंटालिटी इसके लिए वह गलत रास्ते पर चलने को तैयार है बुराई के रास्ते पर भी चलने को तैयार है लोगों लोगों की मानसिकता यह है कि हमारे स्वार्थ पूरे हो हमारी जरूरतें पूरी हो दूसरे को कुचल के इंसान आगे बढ़ना चाहता है तो सच्चाई रही कहां गई लोग तरक्की करना चाहते ढेर सारा पैसा कमाना चाहते हैं पैसे कमाने के लिए अगर गलत तरीका भी अपना ना पड़े दंड फंड करना पड़े झूठ बोलना पड़े बोलो क्या जा रहा है बस पैसा आना चाहिए तरक्की होनी चाहिए चाहे झूठ बोलना पड़े तो सच्चाई तो बहुत ही किनारे में छूट जाती है ठीक है तो कारण यह है स्वार्थ लालच निकालो अपनी हमारी जरूरतें पूरी होनी चाहिए झूठ बोलकर लोग आगे बढ़ते हैं यही सब है आप खुद समझदार है और सच्चाई आजकल नहीं गई है बहुत ही शादी बहुत ही कम लोग हैं जो सच बात बोलते हो वरना तो बड़ा मुश्किल है

aajkal sacchai hai isliye lupt hoti ja rahi hai kyonki sacchai ka jo rasta hai vaah bada hi kathin hai sacchai ke raste par chalna duniya ka kya brahmaand ka sabse mushkil kaam hai sacchai ke raste par chalna kyonki log sach sunana nahi chahte theek hai agar aap gunde gunda bol de gunda naaraj ho jaega andhe ko andha bol diya naaraj ho jaega koi bhrashtachaari neta se aap bol de ki yah toh bada corrupt leader naaraj ho jaega ho sakta hai aapko marava de ya kuch bhi ho sakta hai koi apni burayi nahi sun pata hai theek hai sab apni badaai sunana chahte hain jhuthi tareef karo hai ki nahi toh baat yah hai ki sacchai ka rasta bada hi kathin hai bada hi dushkar hai is par chalna aag par chalne ke saman ek kaam karega main aapko ek dance kar deta hoon aap 1 hafte ke liye sach bolega chaliye kal se shuru karna aap sirf sach bolenge jaisa hai waisa hi bolenge aur aap khud karke dekh lijiye aapko khud result pata chal jaega maine karke dekha tha bada hi mushkil hai theek hai sacchai ke raste par chalna bada hi mushkil aap 1 hafte ke liye sach bol kar dekhega aap sankalp le le ki 1 hafte ke liye sirf ek hafte ki main baat kar raha hoon main jhuth nahi boloonga ab main sirf satya boloonga jo jaisa hai waisa kahunga theek hai jo cheez jaisi hai main use waisa hi karunga aur sacchai ke raste par chalunga aap khud dekh lijiye aap se kitne log do aapke kitne log dushman ban jaenge kitne log katane lagenge kitne log aap se alag ho jaenge aapko khud hi pata chal jaega theek hai yah bada hi mushkil rasta hai aur sacchai lupt hoti ja rahi hai iske peeche karan yah bhi hai ki log apne swarthon ko pura karna chahte hain iske liye vaah jhuth bhi bolte hain padhai bhi karte hain jhuthi badaai bhi karte hain jhutha sammaan bhi dikhate hain swarth poore hone chahiye lalach pura hona chahiye apna ka nikalo aajkal logo ki yah mentalaity iske liye vaah galat raste par chalne ko taiyar hai burayi ke raste par bhi chalne ko taiyar hai logo logo ki mansikta yah hai ki hamare swarth poore ho hamari jaruratein puri ho dusre ko kuchal ke insaan aage badhana chahta hai toh sacchai rahi kaha gayi log tarakki karna chahte dher saara paisa kamana chahte hain paise kamane ke liye agar galat tarika bhi apna na pade dand fund karna pade jhuth bolna pade bolo kya ja raha hai bus paisa aana chahiye tarakki honi chahiye chahen jhuth bolna pade toh sacchai toh bahut hi kinare me chhut jaati hai theek hai toh karan yah hai swarth lalach nikalo apni hamari jaruratein puri honi chahiye jhuth bolkar log aage badhte hain yahi sab hai aap khud samajhdar hai aur sacchai aajkal nahi gayi hai bahut hi shaadi bahut hi kam log hain jo sach baat bolte ho varna toh bada mushkil hai

आजकल सच्चाई है इसलिए लुप्त होती जा रही है क्योंकि सच्चाई का जो रास्ता है वह बड़ा ही कठिन ह

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  66
WhatsApp_icon
user

Himanshu

Dental

0:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भाई जी सच्चाई लुप्त नहीं हो रही है आजकल का जो जेनरेशन है ना उसके अंदर ना तो सच सुनने की क्षमता है और ना सच कहने की

bhai ji sacchai lupt nahi ho rahi hai aajkal ka jo generation hai na uske andar na toh sach sunne ki kshamta hai aur na sach kehne ki

भाई जी सच्चाई लुप्त नहीं हो रही है आजकल का जो जेनरेशन है ना उसके अंदर ना तो सच सुनने की क्

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  109
WhatsApp_icon
user

सन्जु, उमेश धुरिया अंबेडकर नगर

सन्जु, उमेश धुरिया हरीनाथ पूरलोडवा अंबेडकर नगर बाजार महरुआ

1:07
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल सच्चाई क्यों लूट हो रही आजकल सच्चाई इसलिए लुप्त हो रही है कि किसी के पास इमानदारी नहीं है और इसी से आदमी परेशान है सब कोई परेशान है परेशान रहेगा जब तक सच्चाई पर नहीं चलेगा और सच्चाई पर चलने वाले सदा खुश रहते हैं सुखी रहते हैं वह टाइम भले लगता है लेकिन वह अपनी ईमानदारी पर चलने से उसे बहुत ज्ञान मिलती है और सच्चाई पर ही चलना चाहिए दूर से सोचो और सच्चे मन से सूची ईमानदारी पर चलने से क्या मिलता है सबको मिलेगा जरूर मिलेगा ईमानदारी से चलेगी तभी आगे बढ़ी कि दुनिया नहीं तो ऐसे ही भस्मासुर लगा रहेगा हमें तो ऐसे ही लगता है ईमानदारी से चलना चाहिए जरूरी होती है ईमानदारी पर चलना

aajkal sacchai kyon loot ho rahi aajkal sacchai isliye lupt ho rahi hai ki kisi ke paas imaandari nahi hai aur isi se aadmi pareshan hai sab koi pareshan hai pareshan rahega jab tak sacchai par nahi chalega aur sacchai par chalne waale sada khush rehte hain sukhi rehte hain vaah time bhale lagta hai lekin vaah apni imaandaari par chalne se use bahut gyaan milti hai aur sacchai par hi chalna chahiye dur se socho aur sacche man se suchi imaandaari par chalne se kya milta hai sabko milega zaroor milega imaandaari se chalegi tabhi aage badhi ki duniya nahi toh aise hi bhasmasur laga rahega hamein toh aise hi lagta hai imaandaari se chalna chahiye zaroori hoti hai imaandaari par chalna

आजकल सच्चाई क्यों लूट हो रही आजकल सच्चाई इसलिए लुप्त हो रही है कि किसी के पास इमानदारी नही

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  102
WhatsApp_icon
user

Anand Narayan Prabhu.

Singer, Writer

1:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सच्चाई लुप्त इसलिए हो रही है क्योंकि सच कड़वा होता है जो अधिकांश लोगों को पसंद नहीं है तो आप समझ सकते हैं सच्चाई लुप्त होना कोई अचरज की बात नहीं है कड़वा किसी को पसंद नहीं है इसलिए सब झूठ पसंद कर रहे हैं सच्चाई लुप्त हो रही है आई नो कि यह बहुत गलत है पूरे विश्व में अगर ऐसा है तो पर इसमें सुधार किया जा सकता है विचारों के द्वारा विचार लाएंगे बदलाव होगा तो हम सच के साथ होंगे और भजन करे भगवान कृपा करेंगे तो हमें सांस मिलेगा सच के साथ देने के लिए क्योंकि सच का साथ हर कोई देख भी नहीं सकता बहुत दर्द है हरीश चंद्र बोस एसे मतलब भक्त और भगवान को भी कितने कठिन परिश्रम खाने पड़े हैं सच का साथ देने के लिए राम भगवान में कोई भी बात तो सच का साथ देना बहुत आसान नहीं है इसलिए वह लोग जो है क्योंकि लोग दे नहीं पा रहे हैं इतने सांस नहीं हो रहे हैं आजकल के लोग इस पर बहुत विचार देना चाहिए पूरे विश्व को इस पर ध्यान दें अपने अपने विचार प्रकट करने चाहिए और इस को फॉलो करने की सच्चाई लुफ्त ना हो झूठ खत्म हो तभी हम सुखी जीवन जी पाएंगे क्योंकि यह जीवन और यह दुनिया सच के आधार पर है जय जय सियाराम

sacchai lupt isliye ho rahi hai kyonki sach kadwa hota hai jo adhikaansh logo ko pasand nahi hai toh aap samajh sakte hain sacchai lupt hona koi acharaj ki baat nahi hai kadwa kisi ko pasand nahi hai isliye sab jhuth pasand kar rahe hain sacchai lupt ho rahi hai I no ki yah bahut galat hai poore vishwa me agar aisa hai toh par isme sudhaar kiya ja sakta hai vicharon ke dwara vichar layenge badlav hoga toh hum sach ke saath honge aur bhajan kare bhagwan kripa karenge toh hamein saans milega sach ke saath dene ke liye kyonki sach ka saath har koi dekh bhi nahi sakta bahut dard hai harish chandra bose essay matlab bhakt aur bhagwan ko bhi kitne kathin parishram khane pade hain sach ka saath dene ke liye ram bhagwan me koi bhi baat toh sach ka saath dena bahut aasaan nahi hai isliye vaah log jo hai kyonki log de nahi paa rahe hain itne saans nahi ho rahe hain aajkal ke log is par bahut vichar dena chahiye poore vishwa ko is par dhyan de apne apne vichar prakat karne chahiye aur is ko follow karne ki sacchai luft na ho jhuth khatam ho tabhi hum sukhi jeevan ji payenge kyonki yah jeevan aur yah duniya sach ke aadhar par hai jai jai siyaram

सच्चाई लुप्त इसलिए हो रही है क्योंकि सच कड़वा होता है जो अधिकांश लोगों को पसंद नहीं है तो

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  82
WhatsApp_icon
user

Er.Hemant Rajput

Software Engineer

0:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल सच्चाई इसीलिए खत्म होती प्रतीत हो रही है क्योंकि आजकल व्यक्ति कोई अन्य व्यक्ति पर विश्वास बहुत कम करता है विश्वास करने का कारण है मतलब विश्वास करने के कारण से ही सच्चाई तथा दो व्यक्तियों के बीच में आदान-प्रदान करने की प्रक्रिया होती है तथा उनके मन में विचारों में एक जैसी मनु भावना प्रकट होती है जिससे कि उन दोनों के बीच में एक जैसे विकार उत्पन्न हो जाते हैं इसीलिए सच्चाई इस वक्त इस काल में बहुत कम दिखाई दे रही है और अधिकतर व्यक्ति दूध का सहारा ले रहे हैं

aajkal sacchai isliye khatam hoti pratit ho rahi hai kyonki aajkal vyakti koi anya vyakti par vishwas bahut kam karta hai vishwas karne ka karan hai matlab vishwas karne ke karan se hi sacchai tatha do vyaktiyon ke beech me aadaan pradan karne ki prakriya hoti hai tatha unke man me vicharon me ek jaisi manu bhavna prakat hoti hai jisse ki un dono ke beech me ek jaise vikar utpann ho jaate hain isliye sacchai is waqt is kaal me bahut kam dikhai de rahi hai aur adhiktar vyakti doodh ka sahara le rahe hain

आजकल सच्चाई इसीलिए खत्म होती प्रतीत हो रही है क्योंकि आजकल व्यक्ति कोई अन्य व्यक्ति पर विश

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  96
WhatsApp_icon
user
0:25
Play

Likes  11  Dislikes    views  171
WhatsApp_icon
user
0:36
Play

Likes  4  Dislikes    views  86
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वास्तविक में देखा जाए तो सच्चाई लुक तो हो नहीं रही है बल्कि सच्चाई यह है कि वह अपना प्रचार प्रसार नहीं करते सच्चाई सावन भादो की तरह नहीं बरसती बल्कि ओस की बूंदों की मानिंद कहां से ऊपर बिच्छू होती है जरूरत है उसे समझने की और लोगों तक पहुंचाने की है यदि आप सच्चाई के पक्षधर है सच्चाई को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करें यदि सच्चाई इस दुनिया में नहीं होती तो घूम ही सड़क के नहीं चिड़िया झा चाहती नहीं सूरज निकलता नहीं और चांद का हनन लोगों को मिलता नहीं सच्चाई के दम पर दुनिया टिका हुआ है और इसी से दुनिया चल रही है विश्वास कीजिए सच्चाई हर जगह है आपके अंदर मेरे अंदर आपके बच्चों के अंदर और न जाने कितने लोगों के अंदर जॉब छोटे मासूम बच्चों को देखते हैं तो सच्चाई कला कुछ नहीं दिखता है इसलिए हम नहीं कह सकते कि सच्चाई छुप रही है

vastavik me dekha jaaye toh sacchai look toh ho nahi rahi hai balki sacchai yah hai ki vaah apna prachar prasaar nahi karte sacchai sawan bhado ki tarah nahi barsati balki oa ki boondon ki manind kaha se upar bichhoo hoti hai zarurat hai use samjhne ki aur logo tak pahunchane ki hai yadi aap sacchai ke pakshadhar hai sacchai ko logo tak pahunchane ka prayas kare yadi sacchai is duniya me nahi hoti toh ghum hi sadak ke nahi chidiya jha chahti nahi suraj nikalta nahi aur chand ka hanan logo ko milta nahi sacchai ke dum par duniya tika hua hai aur isi se duniya chal rahi hai vishwas kijiye sacchai har jagah hai aapke andar mere andar aapke baccho ke andar aur na jaane kitne logo ke andar job chote masoom baccho ko dekhte hain toh sacchai kala kuch nahi dikhta hai isliye hum nahi keh sakte ki sacchai chup rahi hai

वास्तविक में देखा जाए तो सच्चाई लुक तो हो नहीं रही है बल्कि सच्चाई यह है कि वह अपना प्रचार

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  61
WhatsApp_icon
user

Piyush Goel

Mech Engg, Motivator.

1:35
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तुम उसका कस्टमर केयर की रात के क्वेश्चन के जवाब देने के लिए आज कल से चालू हो रही है दोस्तों मैंने क्या लिखा था कि झूठ तट पर अधिकार कर रहा है और यह लग गया है जो सिर्फ अधिकार करना है आपके पास पावर है पावर से अपने पैसे से कोई गलत काम करने के लिए आप जानते हैं कि ऐसा नहीं है ऊपर वाले के यहां देर होती है बिल्कुल भी नहीं है मूवी प्यार झुकता नहीं सच है खुद आ जाते हो तो ऐसा हो रहा है हकीकत यह है कि सच्चे दिल से

tum uska customer care ki raat ke question ke jawab dene ke liye aaj kal se chaalu ho rahi hai doston maine kya likha tha ki jhuth tat par adhikaar kar raha hai aur yah lag gaya hai jo sirf adhikaar karna hai aapke paas power hai power se apne paise se koi galat kaam karne ke liye aap jante hain ki aisa nahi hai upar waale ke yahan der hoti hai bilkul bhi nahi hai movie pyar jhukta nahi sach hai khud aa jaate ho toh aisa ho raha hai haqiqat yah hai ki sacche dil se

तुम उसका कस्टमर केयर की रात के क्वेश्चन के जवाब देने के लिए आज कल से चालू हो रही है दोस्तो

Romanized Version
Likes  120  Dislikes    views  1500
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो आजकल सच्चाई लुक्ड क्यों हो रही है इसका अर्थ है आजकल सच्चाई इसलिए लूट हो रही है क्योंकि आजकल कि झूठ बोलना ज्यादा हो गया और झूठ ही सच माना जा रहा है तो इसीलिए आजकल आज के युग में सच्चाई लुप्त होने जा रही है गायब होती जा रही है इसका कोई आधार भी नहीं बच रहा है ज्यादातर झूठ बोलते जा रहे हैं और उसे ही सच मानते आ रहे हैं लोग जो कि एकदम सरासर गलत है तो इसीलिए यह सच्चाई का नामोनिशान मिटा जा रहा है और 1 दिन ऐसा होगा कि सचाई नाम की चीज ही नहीं रहेगी तब उठेगी झूठ रहेगा क्योंकि अभी से झूठ को सच मान रहे हैं लोग ऐसा करते हैं हमारा यह सुझाव समझ में आया होगा

dekho aajkal sacchai lukd kyon ho rahi hai iska arth hai aajkal sacchai isliye loot ho rahi hai kyonki aajkal ki jhuth bolna zyada ho gaya aur jhuth hi sach mana ja raha hai toh isliye aajkal aaj ke yug me sacchai lupt hone ja rahi hai gayab hoti ja rahi hai iska koi aadhar bhi nahi bach raha hai jyadatar jhuth bolte ja rahe hain aur use hi sach maante aa rahe hain log jo ki ekdam sarasar galat hai toh isliye yah sacchai ka namonishan mita ja raha hai aur 1 din aisa hoga ki sachai naam ki cheez hi nahi rahegi tab uthegee jhuth rahega kyonki abhi se jhuth ko sach maan rahe hain log aisa karte hain hamara yah sujhaav samajh me aaya hoga

देखो आजकल सच्चाई लुक्ड क्यों हो रही है इसका अर्थ है आजकल सच्चाई इसलिए लूट हो रही है क्योंक

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  133
WhatsApp_icon
user

Ajit kumar

Engineer

5:46
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल हम लोग एक सरकारी से बहुत ही बाकी है जो जानते तो सब लोग हैं लेकिन कोई आवाज नहीं उठा था इस बार भी मजा आएगा दीघा के बारे में पूरा इतिहास इतना पीछे इतना पिछड़ गई इतना पिछड़ गई इसका हद हो गया बिहार कोई काम सुधारने के लिए बड़े-बड़े नेता और अभी हैं कभी कोई यह नहीं सोचता था कि हम ऐसा क्या करें कि बिहार के लोगों को सुकून और चैन की जिंदगी जी सकें बिहार के लोगों को हग हग आदि क्षेत्र में जहां भी जाओ वहां बदनामी होती है क्यों बदनामी होती है बिहार का बिहारी दूसरे स्टेट में जाते हैं या कहीं भी जाते हैं तुम पकवान होती है क्यों होती है बिहार की गवर्नमेंट है और किस देश के जो गारमेंट चला रही है उनसे हाथ जोड़कर विनती है कि बिहार में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां का गाना कंस्ट्रक्शन का काम चालू है मेडिकल कॉलेज स्कूल बने बहुत सारे फ्लैट बने जिससे कि बिहार के उत्तर देना अपने जिंदगी सर उठा के जियो इतना कि हो इसका कोई हद नहीं है चाहे तो बिहार में इतना प्रोजेक्ट इतना प्रोजेक्ट लगा सकते हैं कि पूरा चाइना अमित का इस सारे खेल हो जाएंगे बिहार के अगर की हादसे एक आंगन बिहार को आगे बढ़ाना है तो बिहार में कल से नहीं आज से नहीं अभी चाहिए शुरुआत करनी होगी बिहार में प्रोजेक्ट स्कीम कोई भी कंपनी है एक चीज और बोलते हैं कि आज इंडिया में बहुत से लोग हैं सब जगह पड़ता है बिहार के लोग प्रसाद बिहार किस स्टेट में चलो ठीक है लफ्जों में भी ठीक है पुराना बस में काम करना बहुत जरूरी है बात भी सही है ख्याति हमारा बिहार में अरे प्रोजेक्ट होती तो हम प्रोजेक्ट में काम करते हैं अपना बिहार में रहती अपना शर्मिला के किसी और के तक गाड़ी नहीं था आज इतना दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है और शायद भी बहुत दुख की बात कर रहा हूं जब कोई अपना खाएंगे मौज में रहेंगे मस्ती करेंगे और बिहार को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी और दूसरी बात यह भी है कि जब भी हम कोई काम करते हैं हमारे मन में की होती हैं जो काम कर रहे हैं और सही करें हमसे गलतियां ना हमें भी चाहते बिहार में हम लोग काम करें और जो करें तो सही करें सही कराए बिहार में नीतीश कुमार के नया युवा क्या होगा अमरनाथ सिकरवार मत करी हम तो बर्बाद हुई रहे हमारे आने वरना सर मत करिए आप लोग बिहार में बहुत जरूरी है जरूरी है कंस्ट्रक्शन का काम चालू करवाना करते करते करते करते प्यार कर देंगे आपकी हर बात कर दिखाने का क्या होता है आपको लेना है अगर मना नहीं है कमाने का मौका दीजिए वीडियो डाउनलोड

aajkal hum log ek sarkari se bahut hi baki hai jo jante toh sab log hain lekin koi awaaz nahi utha tha is baar bhi maza aayega digha ke bare me pura itihas itna peeche itna pichad gayi itna pichad gayi iska had ho gaya bihar koi kaam sudhaarne ke liye bade bade neta aur abhi hain kabhi koi yah nahi sochta tha ki hum aisa kya kare ki bihar ke logo ko sukoon aur chain ki zindagi ji sake bihar ke logo ko hug hug aadi kshetra me jaha bhi jao wahan badnami hoti hai kyon badnami hoti hai bihar ka bihari dusre state me jaate hain ya kahin bhi jaate hain tum pakvaan hoti hai kyon hoti hai bihar ki government hai aur kis desh ke jo garment chala rahi hai unse hath jodkar vinati hai ki bihar me sabse zyada factoriyan ka gaana construction ka kaam chaalu hai medical college school bane bahut saare flat bane jisse ki bihar ke uttar dena apne zindagi sir utha ke jio itna ki ho iska koi had nahi hai chahen toh bihar me itna project itna project laga sakte hain ki pura china amit ka is saare khel ho jaenge bihar ke agar ki haadse ek aangan bihar ko aage badhana hai toh bihar me kal se nahi aaj se nahi abhi chahiye shuruat karni hogi bihar me project scheme koi bhi company hai ek cheez aur bolte hain ki aaj india me bahut se log hain sab jagah padta hai bihar ke log prasad bihar kis state me chalo theek hai lafjon me bhi theek hai purana bus me kaam karna bahut zaroori hai baat bhi sahi hai khyati hamara bihar me are project hoti toh hum project me kaam karte hain apna bihar me rehti apna sharmila ke kisi aur ke tak gaadi nahi tha aaj itna dikkat ka samana karna pad raha hai aur shayad bhi bahut dukh ki baat kar raha hoon jab koi apna khayenge mauj me rahenge masti karenge aur bihar ko aage badhane ke liye har sambhav prayas karegi aur dusri baat yah bhi hai ki jab bhi hum koi kaam karte hain hamare man me ki hoti hain jo kaam kar rahe hain aur sahi kare humse galtiya na hamein bhi chahte bihar me hum log kaam kare aur jo kare toh sahi kare sahi karae bihar me nitish kumar ke naya yuva kya hoga amarnath sikaravar mat kari hum toh barbad hui rahe hamare aane varna sir mat kariye aap log bihar me bahut zaroori hai zaroori hai construction ka kaam chaalu karwana karte karte karte karte pyar kar denge aapki har baat kar dikhane ka kya hota hai aapko lena hai agar mana nahi hai kamane ka mauka dijiye video download

आजकल हम लोग एक सरकारी से बहुत ही बाकी है जो जानते तो सब लोग हैं लेकिन कोई आवाज नहीं उठा था

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  73
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!