अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है?...


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Dr. Mahesh Mohan Jha

Asst. Professor,Astrologer,Author

1:07
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आपका प्रश्न है अग्नि को परमात्मा क्यों बोला जाता है अगली को पर मुकदमा नहीं माना जाता है अग्नि को कुछ बनाना और कुछ इसलिए बोला जाता है कि रची तनहाई आकाश जल का योगदान है उसी तरह अग्नि का भी योगदान सृष्टि की रचना हुई थी ऑफिस सृष्टि जो अभी तक चल नहीं और जीव आत्मा शरीर रूपी धारण कर यह भुगतान है उसमें भी पंचतत्व का योगदान है उसको तत्व अग्नि और बुक इसलिए अग्नि को कुछ बदल जाता है दो कि परमात्मा

aapka prashna hai agni ko paramatma kyon bola jata hai agli ko par mukadma nahi mana jata hai agni ko kuch banana aur kuch isliye bola jata hai ki rachi tanhai akash jal ka yogdan hai usi tarah agni ka bhi yogdan shrishti ki rachna hui thi office shrishti jo abhi tak chal nahi aur jeev aatma sharir rupee dharan kar yah bhugtan hai usme bhi panchatatwa ka yogdan hai usko tatva agni aur book isliye agni ko kuch badal jata hai do ki paramatma

आपका प्रश्न है अग्नि को परमात्मा क्यों बोला जाता है अगली को पर मुकदमा नहीं माना जाता है अग

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अनमोल मणी

योग शिक्षक

1:14
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जो व्यक्ति अग्नि को परमात्मा मानता है वह बहुत बड़ी भूल में है परमात्मा सत चित आनंद स्वरूप है चैतन्य विवेकशील है बुद्धिमान है प्रेम करने वाला है मनुष्य आत्माओं के भावों को समझने वाला है मनुष्य आत्माओं के दुखों को दूर करने वाला है हमारी भावनाओं को समझने वाला है अग्नि हमारी भावनाओं को नहीं समझेगी अग्नि में कोई विवेक नहीं है परमात्मा में बोलने की क्षमता है सुनने की क्षमता है अग्नि में कोई सुनने की क्षमता नहीं है अग्नि बोल नहीं सकती अग्नि सुन नहीं सकती अग्नि चैतन्य में नहीं है अग्नि तो हम प्रज्वलित करते हैं तो अग्नि को परमात्मा मानने वाला व्यक्ति परमात्मा को नहीं जानता है इसलिए अग्नि को परमात्मा कह देते हैं अग्नि को कोई परमात्मा नहीं मानेगा

jo vyakti agni ko paramatma maanta hai vaah bahut badi bhool me hai paramatma sat chit anand swaroop hai chaitanya vivekshil hai buddhiman hai prem karne vala hai manushya atmaon ke bhavon ko samjhne vala hai manushya atmaon ke dukhon ko dur karne vala hai hamari bhavnao ko samjhne vala hai agni hamari bhavnao ko nahi samajhegee agni me koi vivek nahi hai paramatma me bolne ki kshamta hai sunne ki kshamta hai agni me koi sunne ki kshamta nahi hai agni bol nahi sakti agni sun nahi sakti agni chaitanya me nahi hai agni toh hum prajwalit karte hain toh agni ko paramatma manne vala vyakti paramatma ko nahi jaanta hai isliye agni ko paramatma keh dete hain agni ko koi paramatma nahi manega

जो व्यक्ति अग्नि को परमात्मा मानता है वह बहुत बड़ी भूल में है परमात्मा सत चित आनंद स्वरूप

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

2:46
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BK Kalyani

Teacher On Rajyoga Spiritual Knowledge

1:31
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अच्छी क्वेश्चन है अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है मैं तो कहूंगी अग्नि को परमात्मा माना नहीं जाता है अगर अग्नि परमात्मा रहती तो पूरे संसार को नहीं जला देती घर को जला नहीं देती 80 को चला नहीं देती अपनापन जलाता थोड़ी है अग्नि से तेज स्वरूप है परमात्मा की अग्नि जैसे तेज है परमपिता परमात्मा की प्रकाश सूक्ष्म जिस तरह से आप अग्नि को पकड़ नहीं सकती इस तरह से परमात्मा को भी पकड़ नहीं सकते और उसकी तेज इतनी प्रकाशित है तो पूरे विश्व को वह शक्ति भरता है अग्नि को परमात्मा नहीं माना जाता है अग्नि परमात्मा होती तो हम जब जलाते हैं जलता है जब उठाते हैं बुझाती है तो पर इतना कभी चलता है कभी कुत्ता नहीं परमात्मा गर्भ जाए ना तो हमारा यह सृष्टि कभी नहीं चल सकते हम जो इस पृथ्वी पर चल रहे हैं बोल रहे हैं ना हमारे स्वास्थ्य ही थक जाएगी इस सृष्टि को बनाने वाला परमात्मा ज्योति स्वरूप वाला स्वरूप प्रकाश पुंज निराकार है तो अभी को परमात्मा नहीं कहा जाता

achi question hai agni ko paramatma kyon mana jata hai main toh kahungi agni ko paramatma mana nahi jata hai agar agni paramatma rehti toh poore sansar ko nahi jala deti ghar ko jala nahi deti 80 ko chala nahi deti apnapan jalata thodi hai agni se tez swaroop hai paramatma ki agni jaise tez hai parampita paramatma ki prakash sukshm jis tarah se aap agni ko pakad nahi sakti is tarah se paramatma ko bhi pakad nahi sakte aur uski tez itni prakashit hai toh poore vishwa ko vaah shakti bharta hai agni ko paramatma nahi mana jata hai agni paramatma hoti toh hum jab jalate hain jalta hai jab uthate hain bujhati hai toh par itna kabhi chalta hai kabhi kutta nahi paramatma garbh jaaye na toh hamara yah shrishti kabhi nahi chal sakte hum jo is prithvi par chal rahe hain bol rahe hain na hamare swasthya hi thak jayegi is shrishti ko banane vala paramatma jyoti swaroop vala swaroop prakash punj nirakaar hai toh abhi ko paramatma nahi kaha jata

अच्छी क्वेश्चन है अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है मैं तो कहूंगी अग्नि को परमात्मा मान

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Megh Achaarya

vastu Expert,Motivational Speaker Meditation Studio.

0:58
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अग्नि पृथ्वी वायु जल और आकाश यह सभी परमात्मा के ही रूप हैं इन्हें से मिलकर हमारे शरीर का निर्माण हुआ है तो केवल अग्नि ही नहीं है चलती है पृथ्वी भी है वायु भी है और आकाश भी यही सभी तत्व हमारे शरीर के अंदर विद्यमान है तत्व का मतलब यह नहीं समझते कि मिट्टी हमारे अंदर जमा है या हवा हमारे अंदर खुशी हुई है कि आंचल हमारे नहीं जिन तत्वों से वचन बना है वह तत्व है हमारे अंदर जिन तत्वों से पृथ्वी बनी है वह तत्व हैं हमारे अंदर जिन तत्वों से अग्नि उत्पन्न हुई है वह तत्व हमारे अंदर तो तत्व का अर्थ यह समस्या मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं बहुत-बहुत धन्यवाद

agni prithvi vayu jal aur akash yah sabhi paramatma ke hi roop hain inhen se milkar hamare sharir ka nirmaan hua hai toh keval agni hi nahi hai chalti hai prithvi bhi hai vayu bhi hai aur akash bhi yahi sabhi tatva hamare sharir ke andar vidyaman hai tatva ka matlab yah nahi samajhte ki mitti hamare andar jama hai ya hawa hamare andar khushi hui hai ki aanchal hamare nahi jin tatvon se vachan bana hai vaah tatva hai hamare andar jin tatvon se prithvi bani hai vaah tatva hain hamare andar jin tatvon se agni utpann hui hai vaah tatva hamare andar toh tatva ka arth yah samasya meri subhkamnaayain aapke saath hain bahut bahut dhanyavad

अग्नि पृथ्वी वायु जल और आकाश यह सभी परमात्मा के ही रूप हैं इन्हें से मिलकर हमारे शरीर का न

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Norang sharma

Social Worker

1:32
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नमस्कार दोस्तों वोकल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का सवाल है कि अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है दोस्तों आप सभी जानते भी होंगे कि हमारा शरीर है वह पंच भूतों से मिलकर बना है प्रकृति ने ही से निर्मित किया होता है वो पंच तत्व है वायु अग्नि पृथ्वी आकाश और सूर्य इन पांचों तत्वों से हमारा शरीर है वह बनता है और बाद में उसी में विलीन हो जाता है और हिंदू धर्म में तो अग्नि की महिमा और भी ज्यादा कहीं गई है क्योंकि दोस्तों जीवन से लेकर तो मरण तक के जितने भी संस्कार होते हैं वह अग्नि की साक्षी में होते हैं हिंदू धर्म में जितने भी खबर या पूजा पद्धति है उसमें अग्नि को साक्षी मानकर ही कोई धार्मिक कार्य किया जाता है क्योंकि दोस्तों वह इस तरह से ईश्वर का ही प्रत्यक्ष रूप समझा जाता है इसीलिए हिंदू धर्म में मरने के बाद भी अंतिम संस्कार जलाकर किया जाता है दाह संस्कार जिसको बोलते हैं वह अग्नि को समर्पित कर दिया जाता है मृत शरीर को इसलिए दोस्तों अग्नि की महिमा बहुत ज्यादा है और एक तरह से यह प्रकृति का ही एक स्वरूप है और पंचतत्व का इसके साथ संबंध होने की वजह से इसे एक तरह से ईश्वर की प्रतिमूर्ति ही समझा जाता है धन्यवाद

namaskar doston vocal par sun rahe mere sabhi buddhijeevi shrotaon ko mera pyar bhara namaskar aaj ka sawaal hai ki agni ko paramatma kyon mana jata hai doston aap sabhi jante bhi honge ki hamara sharir hai vaah punch bhooton se milkar bana hai prakriti ne hi se nirmit kiya hota hai vo punch tatva hai vayu agni prithvi akash aur surya in panchon tatvon se hamara sharir hai vaah banta hai aur baad mein usi mein vileen ho jata hai aur hindu dharm mein toh agni ki mahima aur bhi zyada kahin gayi hai kyonki doston jeevan se lekar toh maran tak ke jitne bhi sanskar hote hain vaah agni ki sakshi mein hote hain hindu dharm mein jitne bhi khabar ya puja paddhatee hai usme agni ko sakshi maankar hi koi dharmik karya kiya jata hai kyonki doston vaah is tarah se ishwar ka hi pratyaksh roop samjha jata hai isliye hindu dharm mein marne ke baad bhi antim sanskar jalakar kiya jata hai daah sanskar jisko bolte hain vaah agni ko samarpit kar diya jata hai mrit sharir ko isliye doston agni ki mahima bahut zyada hai aur ek tarah se yah prakriti ka hi ek swaroop hai aur panchatatwa ka iske saath sambandh hone ki wajah se ise ek tarah se ishwar ki pratimurti hi samjha jata hai dhanyavad

नमस्कार दोस्तों वोकल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज

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Kishan Kumar

Motivational speaker

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हेलो दोस्तों आप का क्वेश्चन है अग्नि को परमात्मा क्यों मंगाता है दोस्तों हमारे पृथ्वी का निर्माण और संसार में पांच तत्वों से मिलकर बना है अगली भी शामिल है इसलिए हम अग्नि को परमात्मा मनाते हैं MP3 के पांच तत्वों से मिलकर बना है उसमें अग्नि लिए हवा भी है पानी है तो कई सारी चीज है इसीलिए इसको भी परमात्मा माना जाता है थैंक यू

hello doston aap ka question hai agni ko paramatma kyon mangata hai doston hamare prithvi ka nirmaan aur sansar mein paanch tatvon se milkar bana hai agli bhi shaamil hai isliye hum agni ko paramatma manate hain MP3 ke paanch tatvon se milkar bana hai usme agni liye hawa bhi hai paani hai toh kai saari cheez hai isliye isko bhi paramatma mana jata hai thank you

हेलो दोस्तों आप का क्वेश्चन है अग्नि को परमात्मा क्यों मंगाता है दोस्तों हमारे पृथ्वी का न

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अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है अग्नि को परमात्मा इसलिए माना जाता है क्योंकि हम अग्नि पर डिफरेंट है हम सब अगर अग्नि ना हो तुम लाखों साल पहले पीछे चले जाएंगे और हमारा विकास रुक जाएगा इसलिए अग्नि को परमात्मा माना जाता है

agni ko paramatma kyon mana jata hai agni ko paramatma isliye mana jata hai kyonki hum agni par different hai hum sab agar agni na ho tum laakhon saal pehle peeche chale jaenge aur hamara vikas ruk jaega isliye agni ko paramatma mana jata hai

अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है अग्नि को परमात्मा इसलिए माना जाता है क्योंकि हम अग्नि

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अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है आदमी एक तत्व है सृष्टि में जो पांच तत्व मौजूद है जल देने कि आप आपको जल्द कहा जाता है आप फिर आता है तेज तेज आने अग्नि जल अग्नि पृथ्वी वायु इन पांच तत्वों से पूरी सृष्टि बनी है और यह पांच तत्व किसने बनाए यह बनाने वाला तो कोई होगा ना अग्नि को भी तो किसी ने बनाया होगा ना तू जो क्रिएटिव पावर जो है जिसके जरिए यह सृष्टि खरीद हुई है निर्मित हुई है उसका संतुलन भी वही पावर कर रही है उस पावर को आप जो मर्जी नाम दे उसको आप ईश्वर करें खुदा कहे गॉड कहे वाहेगुरु कहे अल्लाह कहे ईश्वर कहे परमात्मा कहे नाम से कोई फर्क नहीं पड़ता उसके गुण में जैसे कि माता होती है तुम आता अपने बच्चे को तोतली भाषा में कई नामों से पुकार के लिए लेकिन उसके अंदर का जो प्रेम होता है मैं तो उसका है उसमें तो कोई फर्क नहीं पड़ता अलग-अलग पुतली भाषा में अगर नाम उन्होंने ले भी लिया तो उसी तरह क्रिएटिव पावर जो है सृष्टि का निर्माण करने वाली और उस सूची को चलाने वाली एक है उसके जरिए पांचों तत्व निर्माण हुए हैं उसी में से अग्नि एक तत्व है

agni ko paramatma kyon mana jata hai aadmi ek tatva hai shrishti me jo paanch tatva maujud hai jal dene ki aap aapko jald kaha jata hai aap phir aata hai tez tez aane agni jal agni prithvi vayu in paanch tatvon se puri shrishti bani hai aur yah paanch tatva kisne banaye yah banane vala toh koi hoga na agni ko bhi toh kisi ne banaya hoga na tu jo creative power jo hai jiske jariye yah shrishti kharid hui hai nirmit hui hai uska santulan bhi wahi power kar rahi hai us power ko aap jo marji naam de usko aap ishwar kare khuda kahe god kahe vaheguru kahe allah kahe ishwar kahe paramatma kahe naam se koi fark nahi padta uske gun me jaise ki mata hoti hai tum aata apne bacche ko totli bhasha me kai namon se pukaar ke liye lekin uske andar ka jo prem hota hai main toh uska hai usme toh koi fark nahi padta alag alag putali bhasha me agar naam unhone le bhi liya toh usi tarah creative power jo hai shrishti ka nirmaan karne wali aur us suchi ko chalane wali ek hai uske jariye panchon tatva nirmaan hue hain usi me se agni ek tatva hai

अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है आदमी एक तत्व है सृष्टि में जो पांच तत्व मौजूद है जल द

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Mehul Bhai

Social Worker.

2:34
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आपका सवाल है अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है तो हकीकत यह है कि अग्नि को परमात्मा नहीं माना जाता जैसे कि वेदों में लिखा है कि अग्नि तनु ऋषि ऐसा कुछ शब्द है मतलब परमात्मा को नाम है अग्नि अग्नि जैसे उसका प्रकाश है वो तेज है इस आयुर्वेद मंडल में लिखा है जो संत रामपाल जी महाराज बताते तो परमात्मा की एक परिभाषा है अग्नि मतलब नहीं है एक नाम है जिसे की एक आदमी के दो तीन नाम रहते हैं वैसे वह उसका नाम है भगवान का अग्नि अग्नि का नाम बताया जाए तो अग्नि परमात्मा नहीं है परमात्मा कोई और है जिसकी पहचान तत्वदर्शी संत कराएगा जो आज के टाइम में तत्वदर्शी संत मात्र संत रामपाल जी महाराज जी स्कूटी पर मैं ऐसे नहीं कहता हूं कि मैंने दिनांक समझा है उनका ज्ञान देखा है तभी उसकी बुक भी नाम गंगा जीने की राह श्रद्धा भक्ति खतरा है यह सब कुछ तक आपको online.pdf मिल सकता है या उधर भी कर सकती हो कुछ देख सकते हो कि परमात्मा कौन है कैसा है कहां और कैसे मिलता है अगर हम नकली गुरु के पीछे लगेंगे और उसके साधना करेंगे छात्रों को सुख नहीं मिलेगा भक्ति का क्योंकि वह साधना है ठीक नहीं बताते वह शास्त्र विरुद्ध साधना बताते हैं मन मुख्य साधना बताते हैं इससे कोई लाभ नहीं होता क्योंकि गीता जी में भी लिखा है कि जो साधक मनमाना आचरण करेगा व्रत रखेगा उपासना करेगा तो आओ जानू आज पढ़ा लिखा समय उसका लाभ उठाओ संत रामपाल जी महाराज के सत्संग भी साधना टीवी पर 7:30 बजे आते हैं वह देख लो यह बुक जो बोली वह आप गूगल से पीड़ित मंगवा लो पढ़ लो और खुद निर्णय कर लो क्या सच्चा है क्या झूठ है

aapka sawaal hai agni ko paramatma kyon mana jata hai toh haqiqat yah hai ki agni ko paramatma nahi mana jata jaise ki vedo me likha hai ki agni tanu rishi aisa kuch shabd hai matlab paramatma ko naam hai agni agni jaise uska prakash hai vo tez hai is ayurveda mandal me likha hai jo sant rampal ji maharaj batatey toh paramatma ki ek paribhasha hai agni matlab nahi hai ek naam hai jise ki ek aadmi ke do teen naam rehte hain waise vaah uska naam hai bhagwan ka agni agni ka naam bataya jaaye toh agni paramatma nahi hai paramatma koi aur hai jiski pehchaan tatvadarshi sant karaega jo aaj ke time me tatvadarshi sant matra sant rampal ji maharaj ji scooty par main aise nahi kahata hoon ki maine dinank samjha hai unka gyaan dekha hai tabhi uski book bhi naam ganga jeene ki raah shraddha bhakti khatra hai yah sab kuch tak aapko online pdf mil sakta hai ya udhar bhi kar sakti ho kuch dekh sakte ho ki paramatma kaun hai kaisa hai kaha aur kaise milta hai agar hum nakli guru ke peeche lagenge aur uske sadhna karenge chhatro ko sukh nahi milega bhakti ka kyonki vaah sadhna hai theek nahi batatey vaah shastra viruddh sadhna batatey hain man mukhya sadhna batatey hain isse koi labh nahi hota kyonki geeta ji me bhi likha hai ki jo sadhak manmana aacharan karega vrat rakhega upasana karega toh aao janu aaj padha likha samay uska labh uthao sant rampal ji maharaj ke satsang bhi sadhna TV par 7 30 baje aate hain vaah dekh lo yah book jo boli vaah aap google se peedit mangwa lo padh lo aur khud nirnay kar lo kya saccha hai kya jhuth hai

आपका सवाल है अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है तो हकीकत यह है कि अग्नि को परमात्मा नहीं

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Chaitny Kalki

Social Worker

1:34
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अभी को परमात्मा क्या माना जाता है आपके सुनने या पढ़ने में यश में कुछ हुआ होगा या मित्र को योगी अग्नि को परमात्मा नई तकनीक को देव माना गया है और अग्नि एकमात्र अभी भी है जो उर्दू गमन करते हैं बाकी जितने भी अनुगमन करेंगे आप कुछ भी ले लीजिए अधोगामी करेंगे अभी एकमात्र ऐसा साधन है जो उर्दू का मन करता है साधना में इसीलिए इसका महत्व है कि ऊपर की ऊपर की ओर बढ़े विकास करें नतीजे पंचभूत तत्वों की कोई भी चीज देखी जाती अगर आपको कुछ होने से गिरेगा नहीं गिरेगा उठते हैं तो इसको आप को प्रदर्शित किया विकास सदस्य राष्ट्र से भी ले सकते हैं और अग्नि सस्ता काम भी करती हैं अगली हमारे जीवन का एक हिस्सा है वह नहीं हो तो हमारा जीवन अधूरा अधूरा क्या है नहाना के बराबर है अग्नि को परमात्मा नहीं देव और पंचरत्न से एक तत्व है वह नहीं है तो इससे भी सुंदर नहीं है

abhi ko paramatma kya mana jata hai aapke sunne ya padhne me yash me kuch hua hoga ya mitra ko yogi agni ko paramatma nayi taknik ko dev mana gaya hai aur agni ekmatra abhi bhi hai jo urdu gaman karte hain baki jitne bhi anugaman karenge aap kuch bhi le lijiye adhogami karenge abhi ekmatra aisa sadhan hai jo urdu ka man karta hai sadhna me isliye iska mahatva hai ki upar ki upar ki aur badhe vikas kare natije panchabhut tatvon ki koi bhi cheez dekhi jaati agar aapko kuch hone se girega nahi girega uthte hain toh isko aap ko pradarshit kiya vikas sadasya rashtra se bhi le sakte hain aur agni sasta kaam bhi karti hain agli hamare jeevan ka ek hissa hai vaah nahi ho toh hamara jeevan adhura adhura kya hai nahaana ke barabar hai agni ko paramatma nahi dev aur panchratna se ek tatva hai vaah nahi hai toh isse bhi sundar nahi hai

अभी को परमात्मा क्या माना जाता है आपके सुनने या पढ़ने में यश में कुछ हुआ होगा या मित्र को

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

0:24
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अग्नि पंचतत्व में की शादी है आकाश वायु अग्नि जल पृथ्वी क्योंकि अग्नि बिना हमारा अस्तित्व नहीं है हकनि के बिना हम व्यवधान नहीं कर सकते अभी की भी खबर कि हमें पहुंची आवश्यकता है इसलिए कवि देव को भी परमात्मा का स्वरूप माना गया है

agni panchatatwa mein ki shadi hai akash vayu agni jal prithvi kyonki agni bina hamara astitva nahi hai hakani ke bina hum vyavdhan nahi kar sakte abhi ki bhi khabar ki hamein pahuchi avashyakta hai isliye kavi dev ko bhi paramatma ka swaroop mana gaya hai

अग्नि पंचतत्व में की शादी है आकाश वायु अग्नि जल पृथ्वी क्योंकि अग्नि बिना हमारा अस्तित्व न

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Shri Nirmal Dev Ji

Shirmad Bhagwat Kathaparwekta

0:55
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अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है आदमी को परमात्मा नहीं माना जाता है बल्कि अग्नि परमात्मा के द्वारा एक बनाई गई सृष्टि संघर्ष सृष्टि पालन में सहयोग करें और यह देवी के रूप में देवी दिल्ली में है इसका जो है महत्त्व शृष्टि पर बहुत ही अधिक है

agni ko paramatma kyon mana jata hai aadmi ko paramatma nahi mana jata hai balki agni paramatma ke dwara ek banai gayi shrishti sangharsh shrishti palan me sahyog kare aur yah devi ke roop me devi delhi me hai iska jo hai mahatva shrishti par bahut hi adhik hai

अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है आदमी को परमात्मा नहीं माना जाता है बल्कि अग्नि परमात्

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पत्नी को परमात्मा क्यों माना जाता है अग्नि जो है एक अग्नि देव के नाम से है यह मशहूर क्योंकि अग्नि एक ऐसी ऊर्जा है जिसके बिना संसार का कहना मुश्किल है आपकी पाचन शक्ति के लिए उसके लिए ऊर्जा की आवश्यकता है हमें जो भी है संसार में कन्हैया ऊर्जा अत्यंत आवश्यक है और अग्नि और सोचा का ही समाहित रूप है इसीलिए अग्नि को धैर्य शक्ति और परमात्मा की शक्ति माना जाता है आपको ज्ञात होगा कि संचित ट्रैक्टर से भी देखें जल को सबसे शीतल माना जाता है पर वही जल है जो आपकी इलेक्ट्रिसिटी कुछ मन करता है इसमें आदमी शक्ति इसलिए ऊर्जा हर प्राणी में हर जगह हर जगह व्याप्त है पर उस ऊर्जा के विभिन्न रूप हैं

patni ko paramatma kyon mana jata hai agni jo hai ek agni dev ke naam se hai yah mashoor kyonki agni ek aisi urja hai jiske bina sansar ka kehna mushkil hai aapki pachan shakti ke liye uske liye urja ki avashyakta hai hamein jo bhi hai sansar me kanhaiya urja atyant aavashyak hai aur agni aur socha ka hi samahit roop hai isliye agni ko dhairya shakti aur paramatma ki shakti mana jata hai aapko gyaat hoga ki sanchit tractor se bhi dekhen jal ko sabse shital mana jata hai par wahi jal hai jo aapki electricity kuch man karta hai isme aadmi shakti isliye urja har prani me har jagah har jagah vyapt hai par us urja ke vibhinn roop hain

पत्नी को परमात्मा क्यों माना जाता है अग्नि जो है एक अग्नि देव के नाम से है यह मशहूर क्योंक

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Dhananjay Singh

Social Worker

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अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है कौन मूर्ख कहता है कि परमात्मा या पदार्थ प्रकाश फिर से सब के सब पदार्थ है परमात्मा नहीं हो सकता और बर्तन पदार्थ है उसे मान लो तैयारियां नहीं देखा जा सकता

agni ko paramatma kyon mana jata hai kaun murkh kahata hai ki paramatma ya padarth prakash phir se sab ke sab padarth hai paramatma nahi ho sakta aur bartan padarth hai use maan lo taiyariya nahi dekha ja sakta

अग्नि को परमात्मा क्यों माना जाता है कौन मूर्ख कहता है कि परमात्मा या पदार्थ प्रकाश फिर से

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Priyank Chauhan

Jack of all trades

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अग्नि को परमात्मा अग्नि के गुणों की वजह से माना जाता है आप अग्नि को देखेंगे तो अग्नि ज्योति स्वरूप है ज्योति पुंज है दूसरी चीजों को सफाई करती है प्रखर बनाती है उसके अलावा अग्नि ऊर्जा का स्रोत भी है इसके अलावा वैदिक धर्म में अग्निदेव जो हैं वह यज्ञ की आहुति यों को देवलोक तरीके जाते हैं तो उन्हें श्रेष्ठ देवता माना जाता है हिंदू जो संस्कार होते हैं जैसे अगर शादी की बात करें तो अग्निसाक्षी होती है जो भी फ्री होते हैं उनके उसके अलावा कोई भी पूजा जो है वह अग्नि की अग्नि जलाए बिना पूरी नहीं हो सकती है इन्हीं सब कारणों से और अग्नि के गुणों की वजह से अग्नि को देवता माना जाता है और एक श्रेष्ठ देवता माना जाता है

agni ko paramatma agni ke gunon ki wajah se mana jata hai aap agni ko dekhenge toh agni jyoti swaroop hai jyoti punj hai dusri chijon ko safaai karti hai prakhar banati hai uske alava agni urja ka srot bhi hai iske alava vaidik dharm mein agnidev jo hain vaah yagya ki aahutee yo ko devlok tarike jaate hain toh unhe shreshtha devta mana jata hai hindu jo sanskar hote hain jaise agar shadi ki baat kare toh agnisakshi hoti hai jo bhi free hote hain unke uske alava koi bhi puja jo hai vaah agni ki agni jalae bina puri nahi ho sakti hai inhin sab karanon se aur agni ke gunon ki wajah se agni ko devta mana jata hai aur ek shreshtha devta mana jata hai

अग्नि को परमात्मा अग्नि के गुणों की वजह से माना जाता है आप अग्नि को देखेंगे तो अग्नि ज्योत

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अग्नि पूरे शरीर को जलाने के पश्चात आत्मा को उत्तरी मिल जाता है और करो

agni poore sharir ko jalane ke pashchat aatma ko uttari mil jata hai aur karo

अग्नि पूरे शरीर को जलाने के पश्चात आत्मा को उत्तरी मिल जाता है और करो

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