प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की कड़ी निंदा की है। क्या आप उससे सहमत हैं?...


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Rajiv Ranjan

Account student,social thinker

0:58

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मूर्तियों को तोड़ना किसी भी प्रकार से उचित नहीं है मूर्तियां जो होती है हमारा इतिहास हमारी संस्कृति हमारी सभ्यता हमारी धरोहर से जुड़ी हुई होती है मूर्तियों की रक्षा करने का अर्थ है कि अपने इतिहास की रक्षा करना किसी भी कोई भी मूर्ति तत्व किसी भी संप्रदाय से किसी भी धर्म से क्यों नहीं जुड़ी है परंतु हर एक धर्म को उसका आदर करना चाहिए क्योंकि वह हमारे इतिहास से जुड़ी है वह आप जिस क्षेत्र में रहते हैं उस क्षेत्र का भ्रमण की प्रतिनिधित्व करती है तो इस प्रकार मूर्तियों को तोड़ना यह बहुत ही गलत है आप प्रधानमंत्री जी ने जो इसका इसके खिलाफ आवाज उठाई है और इसके इसकी जो निंदा कि वह बहुत ही सकारात्मक कदम लोगों को अपने आप लोग अपने संस्कृति की रक्षा करनी सीखनी चाहिए और यह है हम भारतीयों में नहीं है कि हम अपनी संस्कृति को बचा कर रखें जो मोदी जी ने जो निंदा करके और हम लोगों को इसे सीखने का जो ज्ञान दिया है उसे हम लोग को एक्सेप्ट करना चाहिए और मोदी जी ने मोदी जी के द्वारा उठाए गए कदम

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देखिए मूर्तियों को तोड़ना किसी भी प्रकार से उचित नहीं है मूर्तियां जो होती है हमारा इतिहास

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी प्रधानमंत्री जी ने तो की है इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी की जो प्रेसिडेंट उन्होंने भी चीज की कड़ी निंदा की है कि जो मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है इसके अलावा लेनिन की मूर्ति तोड़ी गई और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को भी क्षति पहुंचाई गई तो मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं यह डिटेल एशियन हुआ है क्योंकि जिस प्रकार कम्युनिस्ट नेता की मूर्ति को तोड़ा गया पेरियार की मूर्ति को तोड़ा गया उसके उसी कार्य टेली चंदा के श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को तोड़ा गया मुझे लगता है कि सरकार को वहां की जो राज्य सरकारें कहीं ने की जिम्मेदारी उसकी भी है अब केरल में यह हादसा हुआ तो मुझे लगता है केरल सरकार कोलकाता में हुआ है तो कोलकाता में भी और राज्य सरकार की जिम्मेदारी अगर कानून व्यवस्था को ना वह नहीं लागू कर पा रहे हैं तो मुझे लगता है कि राज्य सरकार के लिए शर्म की बात कोई भी नहीं हो सकती इसके अलावा प्रधानमंत्री जी ने भी कहा है तो मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं एक सख्त एक्शन होगा उन्होंने तकलीफ कहां है कि जो भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता इस में इन्वॉल्व को उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी तो यह दिखाता है कि कहीं ना कि प्रधानमंत्री इस तरह की चीजों को बर्दाश्त नहीं करेंगे

vicky pradhanmantri ji ne toh ki hai iske alava bharatiya janta party ki jo president unhone bhi cheez ki kadi ninda ki hai ki jo murtiyon ko toda ja raha hai iske alava lenin ki murti todi gayi aur shyaama prasad mukherjee ki murti ko bhi kshati pahunchai gayi toh mujhe lagta hai ki kahin na kahin yah detail asian hua hai kyonki jis prakar communist neta ki murti ko toda gaya periyar ki murti ko toda gaya uske usi karya telly chanda ke shyaama prasad mukherjee ki murti ko toda gaya mujhe lagta hai ki sarkar ko wahan ki jo rajya sarkaren kahin ne ki jimmedari uski bhi hai ab kerala mein yah hadsa hua toh mujhe lagta hai kerala sarkar kolkata mein hua hai toh kolkata mein bhi aur rajya sarkar ki jimmedari agar kanoon vyavastha ko na vaah nahi laagu kar paa rahe hain toh mujhe lagta hai ki rajya sarkar ke liye sharm ki baat koi bhi nahi ho sakti iske alava pradhanmantri ji ne bhi kaha hai toh mujhe lagta hai ki kahin na kahin ek sakht action hoga unhone takleef kahaan hai ki jo bhi bharatiya janta party ke karyakarta is mein involve ko uske khilaf sakht se sakht karyavahi ki jayegi toh yah dikhaata hai ki kahin na ki pradhanmantri is tarah ki chijon ko bardaasht nahi karenge

विकी प्रधानमंत्री जी ने तो की है इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी की जो प्रेसिडेंट उन्होंने भ

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Anukrati

Journalism Graduate

1:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं इस बात से बिल्कुल सहमत हूं यह चीज हम भारतीयों में अभी तक नहीं आई है कि हम पब्लिक प्रॉपर्टी की रिस्पेक्ट करें अगर आप बाहर जाकर किसी डेवलप कंट्री में देखेंगे तो वहां के सिटीजन इन सब चीजों के काफी रिस्पेक्ट करते हैं कि पब्लिक ट्रेन को अच्छे से रखा जाए पब्लिक बस इस को अच्छे से रखा जाए जो रहने के पार के वहां पर अच्छे से रहें पर हम लोग ऐसा बिल्कुल नहीं करते हैं हमारे दिमाग में ऐसा होता है कि अगर वह पब्लिक है तो वह गवर्मेंट की है जबकि ऐसा है नहीं हमें समझ नहीं पाते हैं कि वह हमारा ही पैसा है हमारी ही चीज हमारी टेक्स्ट से निकली हुई चीजें हैं और हमारे लिए ही हैं तो मुझे लगता है यह लोगों को समझना जरूरी है और प्राइम मिनिस्टर की पोस्ट पर होते हुए इतनी बड़ी पोस्ट पर होते हुए अगर कोई इसकी निंदा करता है तो मुझे लगता है एकदम सही है यह सिर्फ उनको ही नहीं बाकी पॉलिटिशंस को बाकी गांव में

main is baat se bilkul sahmat hoon yah cheez hum bharatiyon mein abhi tak nahi I hai ki hum public property ki respect kare agar aap bahar jaakar kisi develop country mein dekhenge toh wahan ke citizen in sab chijon ke kaafi respect karte hain ki public train ko acche se rakha jaaye public bus is ko acche se rakha jaaye jo rehne ke par ke wahan par acche se rahein par hum log aisa bilkul nahi karte hain hamare dimag mein aisa hota hai ki agar vaah public hai toh vaah government ki hai jabki aisa hai nahi hamein samajh nahi paate hain ki vaah hamara hi paisa hai hamari hi cheez hamari text se nikli hui cheezen hain aur hamare liye hi hain toh mujhe lagta hai yah logo ko samajhna zaroori hai aur prime minister ki post par hote hue itni badi post par hote hue agar koi iski ninda karta hai toh mujhe lagta hai ekdam sahi hai yah sirf unko hi nahi baki politicians ko baki gaon mein

मैं इस बात से बिल्कुल सहमत हूं यह चीज हम भारतीयों में अभी तक नहीं आई है कि हम पब्लिक प्रॉप

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