मैडिटेशन कैसे करें?...


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Dr. Kartik Kumar

Yoga Instructor

0:46

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसा कि मैं पूर्व में बताया था मैं चेतन ब्रह्म मुहूर्त में करें और स्वर्वेद के साथ करें भी हंगामे की साधना के साथ करें भी ध्यान की तो कई पद्धतियां इसमें सर्वोत्तम पद्धति अभियान का मुख्य ध्यान पद्धति है जिसको यूनाइटेड नेशन 2013 में उसको सर्टिफिकेशन किया और उन्होंने बताया कि अभियान अपने आप में एक अद्भुत और अलौकिक है इस ज्ञान को करने से अल्फा तरंगे जागृत होती है और व्यक्ति के अंदर जो है स्थिरता आती है और व्यक्ति परम शांति को प्राप्त होता है ऑपरेशन कोबरा मुहूर्त में सद्गुरु के सिद्धांत को लेकर स्वर्वेद के सिद्धांत को लेकर आगे बढ़े निश्चित रूप से आपको लाभ मिलेगा जानने के लिए आप संपर्क कर सकते हैं

jaisa ki main purv mein bataya tha main chetan Brahma muhurt mein kare aur swarved ke saath kare bhi hangame ki sadhna ke saath kare bhi dhyan ki toh kai paddhatiyan isme sarvottam paddhatee abhiyan ka mukhya dhyan paddhatee hai jisko united nation 2013 mein usko certification kiya aur unhone bataya ki abhiyan apne aap mein ek adbhut aur alaukik hai is gyaan ko karne se alpha tarange jagrit hoti hai aur vyakti ke andar jo hai sthirta aati hai aur vyakti param shanti ko prapt hota hai operation kobra muhurt mein sadguru ke siddhant ko lekar swarved ke siddhant ko lekar aage badhe nishchit roop se aapko labh milega jaanne ke liye aap sampark kar sakte hain

जैसा कि मैं पूर्व में बताया था मैं चेतन ब्रह्म मुहूर्त में करें और स्वर्वेद के साथ करें भी

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Shubham Kumar

Yoga Instructor

0:15
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज मैं आपको एक सिंपल सी मेडिसिन टेक्निक बनाता हूं आप किसी भी जगह पर बैठ जाइए अपनी आंखों को बंद कर ले और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें ऐसा 510 मिनट कीजिए यह एक बहुत ही सिंपल सी मेडिसिन टेक्निक है उसके बहुत सारे लाभ भी है धन्यवाद

aaj main aapko ek simple si medicine technique banata hoon aap kisi bhi jagah par baith jaiye apni aankho ko band kar le aur apne swasthya par dhyan de aisa 510 minute kijiye yah ek bahut hi simple si medicine technique hai uske bahut saare labh bhi hai dhanyavad

आज मैं आपको एक सिंपल सी मेडिसिन टेक्निक बनाता हूं आप किसी भी जगह पर बैठ जाइए अपनी आंखों को

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

9:11
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेडिटेशन कैसे करें अभी करिए चलिए मैं बोल रहा हूं आप वैसे करते जाइए या जब फुर्सत मिले तब तो करिएगा आरामदायक मुद्रा में बैठ जाएं या लेट जाएं और अपनी आंखें बंद कर ले अपने कानों में पढ़ रही आवाजों को सुनें आज की आवाज दूर की आवाज गाड़ियों की आवाज पानी की आवाज हवा की हवा जो भी आवाज आ रही है यह पक्का है कि वह आवाज आप सुन रहे हो उस पर क्रिया या प्रतिक्रिया नहीं करनी बस आवाज आ रही है आ रही है बस आवाज को जानते रहिए आवाज को जानने के बाद अपनी सास को जानिए स्वाद आ रही है जा रही है जब सांस आती है तो उस में ठंडक रहती है हवा में जब सांस बाहर जाती है तो हवा में गर्माहट रहती है इसको महसूस करें जानते रहें विश्वास आ रही है सो जा रही है अब इस समय आप एक साथ दो काम हो रहे हैं आपके स्वास्थ का भी पता चल रहा है आवाजों का भी पता चल रहा है गॉड अब इसके बाद आपका शरीर का और जो बिछावन है कुर्सी है चाबी आप बैठे हो उसके स्पर्श को महसूस करें शरीर का और जो शरीर का संपर्क है जमीन से या बिस्तर से उसको महसूस करें तीन चीजें हो गए आवाज स्वास स्पर्श आवा तीनों को एक साथ महसूस करता रहे हो परंतु आप अलग हो इन तीनों से अलग हो जानते रहे कुछ और नहीं करना और इस जानने के लिए भी कुछ नहीं करना होता बस आप जान रहे हो कोई क्रिया नहीं है अब इसके बाद अपने विचारों पर ध्यान दें विचार आ रहे हैं विचार जा रहे हैं देखें कौन कौन से विचार आते हैं पीछे नहीं पड़ना विचारों के बस विचारों को जानना है विचार आया विशाल चला गया करते रहे विचारों को देखते रहे स्वास को जानते हैं आवाज को जानते रहें स्पर्श को जानते रहें मुंह में अगर कोई स्वाद है तो उसको भी जाने और यह सब प्रिय साइज में हो रही है आप कर कुछ नहीं रहे युवा यू आर नॉट नोइंग ऑल राइट जानते रहें कुछ भी करना नहीं है बस जो हो रहा है उसको जाने जानते रहे आपके आसपास जो भी कुछ हो रहा है सुबह से साफ करना कुछ और नहीं करना नोइंग आप जो भी अपनी इंद्रियों के माध्यम से जान रहे हैं उसको जानते रहे और कुछ भी करना नहीं है विचार भी उसी में है भावनाएं भी उन्हें में हैं शरीर की खुजली अभी उसी में हैं शरीर के दर्द भी उसी में है केवल जाना जा रहा है यह जानते जानते आप एक शांति में चले जाएंगे गहन शांति में और फिर अपने आप से पूछिए इन सब कुछ जानने वाला कौन हूं मैं हुए मालती सिंह जानते रहे कौन है जानने वाले जानने वाले को जानना ही ध्यान बैठे रहे की अवस्था में खोलिए कुछ और नहीं करना है सारी चीजों के प्रति सजग होना है और जानते हैं कुछ और नहीं करना सजग रहें जानते रहें शरीर का स्पर्श नहीं हो रहा है और आप इसको जानने वाले भी हैं जानने वाले को जानो आप इन सब से परे हो पूर्ण सजगता के साथ इस समय बैठे हुए हो सब चीजों का आनंद ले रहे हैं कान में आवाज में कभी आनंद ले रहे हो स्पर्श का भी आनंद ले रहे हो विचारों का भी ले रहे हो अगर आंखें खुली है तो दृश्य का भी आनंद ले रहे हो और अगर बंद है तो जो अंधेरा देखा है आंखों की पिक्चर उसका भी आनंद ले रहे हैं विचारों का भी आनंद ले रहा विचार आते हैं चले जाते हैं शांति प्रेम आनंद में आप इस समय हो ना कुछ पाना है ना कुछ खोना है केवल आनंद में रहना है इस समय अपने मन में कुछ विचार लाएं जो भी आप चाहते हो अपने जीवन में माली जी आप रिश्तो में सफलता चाहते हो वह अपने ईश्वर को गुरु को बोले कि मेरे जीवन में मेरे रिश्तो में सफलता दे आपको धन्यवाद अगर आप बिजनेस करना चाहते हो तो बोलो मैं फलाना बिजनेस करना चाहता हूं उसे मुझे सफलता ने और फिर धन्यवाद दें अभिजीत जो भी आपकी इच्छा है वह इच्छा इस समय आप इन टेंशन ले लीजिए उसका वह आपकी पूरी होगी और यह आप रोज अभ्यास कर सकते हैं आपको यह कैसा लगा इसको जरूर मुझे बताइएगा अब आप लंबी गहरी सांस लीजिए और छोड़ दीजिए एक और लंबी गहरी सांस लें और छोड़ दें और धीरे-धीरे अपनी आंखें खोले मुस्कुराते हुए अपने आपको धन्यवाद दे ईश्वर को धन्यवाद दे अपनी भैंस को धन्यवाद दे माता-पिता और गुरुओं को भी धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद मुझसे संपर्क करना है तो मेरा फोन नंबर है नहीं 30063 आपका मंगल हो आपका मंगल हो आपका मंगल धन्यवाद

meditation kaise kare abhi kariye chaliye main bol raha hoon aap waise karte jaiye ya jab phursat mile tab toh kariega aaramadayak mudra mein baith jaye ya late jaye aur apni aankhen band kar le apne kanon mein padh rahi avajon ko sunen aaj ki awaaz dur ki awaaz gadiyon ki awaaz paani ki awaaz hawa ki hawa jo bhi awaaz aa rahi hai yah pakka hai ki vaah awaaz aap sun rahe ho us par kriya ya pratikriya nahi karni bus awaaz aa rahi hai aa rahi hai bus awaaz ko jante rahiye awaaz ko jaanne ke baad apni saas ko janiye swaad aa rahi hai ja rahi hai jab saans aati hai toh us mein thandak rehti hai hawa mein jab saans bahar jaati hai toh hawa mein garmahat rehti hai isko mehsus kare jante rahein vishwas aa rahi hai so ja rahi hai ab is samay aap ek saath do kaam ho rahe hain aapke swaasth ka bhi pata chal raha hai avajon ka bhi pata chal raha hai god ab iske baad aapka sharir ka aur jo bichavan hai kursi hai chabi aap baithe ho uske sparsh ko mehsus kare sharir ka aur jo sharir ka sampark hai jameen se ya bistar se usko mehsus kare teen cheezen ho gaye awaaz swas sparsh ava tatvo ko ek saath mehsus karta rahe ho parantu aap alag ho in tatvo se alag ho jante rahe kuch aur nahi karna aur is jaanne ke liye bhi kuch nahi karna hota bus aap jaan rahe ho koi kriya nahi hai ab iske baad apne vicharon par dhyan de vichar aa rahe hain vichar ja rahe hain dekhen kaun kaunsi vichar aate hain peeche nahi padhna vicharon ke bus vicharon ko janana hai vichar aaya vishal chala gaya karte rahe vicharon ko dekhte rahe swas ko jante hain awaaz ko jante rahein sparsh ko jante rahein mooh mein agar koi swaad hai toh usko bhi jaane aur yah sab priya size mein ho rahi hai aap kar kuch nahi rahe yuva you R not knowing all right jante rahein kuch bhi karna nahi hai bus jo ho raha hai usko jaane jante rahe aapke aaspass jo bhi kuch ho raha hai subah se saaf karna kuch aur nahi karna knowing aap jo bhi apni indriyon ke madhyam se jaan rahe hain usko jante rahe aur kuch bhi karna nahi hai vichar bhi usi mein hai bhaavnaye bhi unhe mein hain sharir ki khujli abhi usi mein hain sharir ke dard bhi usi mein hai keval jana ja raha hai yah jante jante aap ek shanti mein chale jaenge gahan shanti mein aur phir apne aap se puchiye in sab kuch jaanne vala kaun hoon main hue malti Singh jante rahe kaun hai jaanne waale jaanne waale ko janana hi dhyan baithe rahe ki avastha mein kholiye kuch aur nahi karna hai saree chijon ke prati sajag hona hai aur jante hain kuch aur nahi karna sajag rahein jante rahein sharir ka sparsh nahi ho raha hai aur aap isko jaanne waale bhi hain jaanne waale ko jano aap in sab se pare ho purn sajgata ke saath is samay baithe hue ho sab chijon ka anand le rahe hain kaan mein awaaz mein kabhi anand le rahe ho sparsh ka bhi anand le rahe ho vicharon ka bhi le rahe ho agar aankhen khuli hai toh drishya ka bhi anand le rahe ho aur agar band hai toh jo andhera dekha hai aankho ki picture uska bhi anand le rahe hain vicharon ka bhi anand le raha vichar aate hain chale jaate hain shanti prem anand mein aap is samay ho na kuch paana hai na kuch khona hai keval anand mein rehna hai is samay apne man mein kuch vichar laye jo bhi aap chahte ho apne jeevan mein maali ji aap rishto mein safalta chahte ho vaah apne ishwar ko guru ko bole ki mere jeevan mein mere rishto mein safalta de aapko dhanyavad agar aap business karna chahte ho toh bolo main falana business karna chahta hoon use mujhe safalta ne aur phir dhanyavad de abhijeet jo bhi aapki iccha hai vaah iccha is samay aap in tension le lijiye uska vaah aapki puri hogi aur yah aap roj abhyas kar sakte hain aapko yah kaisa laga isko zaroor mujhe bataiega ab aap lambi gehri saans lijiye aur chod dijiye ek aur lambi gehri saans le aur chod de aur dhire dhire apni aankhen khole muskurate hue apne aapko dhanyavad de ishwar ko dhanyavad de apni bhains ko dhanyavad de mata pita aur guruon ko bhi dhanyavad dhanyavad dhanyavad dhanyavad mujhse sampark karna hai toh mera phone number hai nahi 30063 aapka mangal ho aapka mangal ho aapka mangal dhanyavad

मेडिटेशन कैसे करें अभी करिए चलिए मैं बोल रहा हूं आप वैसे करते जाइए या जब फुर्सत मिले तब तो

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा है मेडिटेशन या ध्यान कैसे करें मेडिटेशन या ध्यान हम अपने मन की शांति के लिए करते हैं तनाव कम करने के लिए करते हैं आनंद के लिए करते हैं और जो जो आगे बढ़ते जाते हैं ध्यान करने से हमें आत्म साक्षात्कार होता है हमारी एकाग्रता बढ़ती है हमें समता भाव जागृत होता है या ना हम समरस हो जाते हैं सुख और दुख को एक ही भाव से देखने लगते हैं और अंततः आत्म शुद्धि या मन का शुद्धिकरण होता है इस ध्यान या मेडिटेशन की शुरुआत हम कैसे करें कहां से करें यह अब मैं आपको बताऊंगा सबसे पहले आप आराम से बैठ जाएं पालथी मारकर शरीर को सीधा करने यानी कि आपकी पीठ और फिर सीधा रहे आंखों को बंद करें इस स्थिति में आप थोड़ी देर तक बैठे रहे ध्यान को शुरू करने की जल्दबाजी न करें पहले किरासन में सुख पूर्वक आनंद पूर्वक बैठ जाएं कुछ देर बैठने के बाद धीरे-धीरे अपना ध्यान अपने नाक के आसपास में क्या है आपके नाक के दोनों दरवाजों पर ध्यान केंद्रित करें अंदर आती सांस और बाहर जाते समय को महसूस करें बहुत सजगता से एक पहरेदार की तरह हर अंदर आती और जाती सास को देखते रहें अगर सांस लंबी है तो लंबी है अगर सांस छोटी है तो छोटी है सांस जैसी भी है उसको वैसी ही रहने दें उसके साथ कोई अभ्यास न करें उस को बदलने की कोशिश ना करें केवल देखते रहे जानते रहे सांसो को केवल देखना है पूरी सजगता से पूरी सावधानी से पूरी होशियारी से पूरी मुस्तैदी से ध्यान भटक जाता है तो यह स्वाभाविक है आपको सिर्फ इतना करना है कि आप ध्यान को वापस अपनी सांसो पर लेकर आए लगातार अपनी सांसो को देखते रहे पूरी सजगता से कुछ देर के बाद आंखों को बंद रखते हुए मन ही मन अपने पूरे शरीर को देखें सिर से लेकर पैर तक और पैर से लेकर सिर तक भीतर सांस लेते हुए अपने पूरे शरीर को महसूस करें बाहर सांस छोड़ते हुए अपने पूरे शरीर को महसूस करें अपने शरीर के एक-एक अंग को महसूस करें शरीर के हर हिस्से को महसूस करें चप्पा चप्पा छान डालें यहां से आत्म साक्षात्कार की शुरुआत होती है भीतर सांस लेते हुए शरीर को विश रामदेव शरीर के एक-एक अंग को रिलैक्स करें शांत करें बाहर सांस छोड़ते हुए शरीर के एक-एक अंग को आराम दें शीतल करें पूरा ध्यान लगातार अपनी सांसों पर पूरी तरह सजग सचेत पीठ सीधी गर्दन सीधी आंखें बंद इस तरह से ध्यान में बैठने का अभ्यास करें 10 मिनट 15 मिनट 20 मिनट ध्यान जीवन भर का अभ्यास है एक-दो दिन या एक-दो सप्ताह करने वाला ब्यास नहीं है जितना ध्यान करते जाएंगे आपको रोज नए नए अनुभव होंगे और आप उत्तरोत्तर विकास करते जाएंगे और उसका लाभ आप महसूस करेंगे यह ध्यान का पहला चरण मैंने आपको बताया इसके आगे बहुत कुछ है लेकिन जब आप इतना कर ले उसके बाद ही आगे की बात आपको बताना उचित होगा और अगर इतना भी कर लेते हैं तो यह भी बहुत कुछ होगा पूरी तल्लीनता से ध्यान करें शुरू में हो सकता है आपको थोड़ा मुश्किल लगे पर जवाब अपनी सांसों को देखने लगेंगे अपने शरीर को देखने लगेंगे तो आपको भी सुकून एक शांति मिलेगी और आपको अच्छा लगेगा और यह ध्यान जहां तक हो सके सुबह उठकर करें और अगर सुबह कुछ देर आप ध्यान कर लेते हैं उसकी सुगंध उसकी खुशबू आप दिनभर महसूस करेंगे एक शांति मानसिक शांति और आनंद की अनुभूति आप दिन भर करते रहेंगे तथागत आपका कल्याण करें आपका हो मंगल हो आप हमेशा खुश रहें

aapne poocha hai meditation ya dhyan kaise kare meditation ya dhyan hum apne man ki shanti ke liye karte hain tanaav kam karne ke liye karte hain anand ke liye karte hain aur jo jo aage badhte jaate hain dhyan karne se hamein aatm sakshatkar hota hai hamari ekagrata badhti hai hamein samata bhav jagrit hota hai ya na hum samras ho jaate hain sukh aur dukh ko ek hi bhav se dekhne lagte hain aur antatah aatm shudhi ya man ka shuddhikaran hota hai is dhyan ya meditation ki shuruat hum kaise kare kahaan se kare yah ab main aapko bataunga sabse pehle aap aaram se baith jayen palthi marakar sharir ko seedha karne yani ki aapki peeth aur phir seedha rahe aankho ko band kare is sthiti mein aap thodi der tak baithe rahe dhyan ko shuru karne ki jaldabaji na kare pehle kirasan mein sukh purvak anand purvak baith jayen kuch der baithne ke baad dhire dhire apna dhyan apne nak ke aaspass mein kya hai aapke nak ke dono darvajon par dhyan kendrit kare andar aati saans aur bahar jaate samay ko mehsus kare bahut sajgata se ek pehredar ki tarah har andar aati aur jaati saas ko dekhte rahein agar saans lambi hai toh lambi hai agar saans choti hai toh choti hai saans jaisi bhi hai usko vaisi hi rehne de uske saath koi abhyas na kare us ko badalne ki koshish na kare keval dekhte rahe jante rahe saanso ko keval dekhna hai puri sajgata se puri savdhani se puri hoshiyaari se puri mustaidi se dhyan bhatak jata hai toh yah swabhavik hai aapko sirf itna karna hai ki aap dhyan ko wapas apni saanso par lekar aaye lagatar apni saanso ko dekhte rahe puri sajgata se kuch der ke baad aankho ko band rakhte hue man hi man apne poore sharir ko dekhen sir se lekar pair tak aur pair se lekar sir tak bheetar saans lete hue apne poore sharir ko mehsus kare bahar saans chodte hue apne poore sharir ko mehsus kare apne sharir ke ek ek ang ko mehsus kare sharir ke har hisse ko mehsus kare chappa chappa chhan Daalein yahan se aatm sakshatkar ki shuruat hoti hai bheetar saans lete hue sharir ko wish ramdev sharir ke ek ek ang ko relax kare shaant kare bahar saans chodte hue sharir ke ek ek ang ko aaram de shital kare pura dhyan lagatar apni shanson par puri tarah sajag sachet peeth seedhi gardan seedhi aankhen band is tarah se dhyan mein baithne ka abhyas kare 10 minute 15 minute 20 minute dhyan jeevan bhar ka abhyas hai ek do din ya ek do saptah karne vala byas nahi hai jitna dhyan karte jaenge aapko roj naye naye anubhav honge aur aap uttarottar vikas karte jaenge aur uska labh aap mehsus karenge yah dhyan ka pehla charan maine aapko bataya iske aage bahut kuch hai lekin jab aap itna kar le uske baad hi aage ki baat aapko bataana uchit hoga aur agar itna bhi kar lete hain toh yah bhi bahut kuch hoga puri tallinata se dhyan kare shuru mein ho sakta hai aapko thoda mushkil lage par jawab apni shanson ko dekhne lagenge apne sharir ko dekhne lagenge toh aapko bhi sukoon ek shanti milegi aur aapko accha lagega aur yah dhyan jaha tak ho sake subah uthakar kare aur agar subah kuch der aap dhyan kar lete hain uski sugandh uski khushboo aap dinbhar mehsus karenge ek shanti mansik shanti aur anand ki anubhuti aap din bhar karte rahenge tathagat aapka kalyan kare aapka ho mangal ho aap hamesha khush rahein

आपने पूछा है मेडिटेशन या ध्यान कैसे करें मेडिटेशन या ध्यान हम अपने मन की शांति के लिए करत

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Lalit Maheshwari

Social Worker

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PANKAJ SHARMA

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले हवाई अड्डा सबसे पहले तो यह ध्यान दें कि मेडिटेशन किया नहीं जाता है मेडिटेशन का मतलब है कि हमें सबसे पहले शांत भाव में बैठना आना चाहिए यदि हम बैठना सीख गए तभी मेडिटेशन संभव है तो अपनी दोनों आंखें बंद करके कम से कम 5 मिनट के लिए बिना कुछ किए सिर्फ सांसों के आने और जाने को महसूस करिए यह मेडिटेशन का पहला चैप्टर है मेडिटेशन में कुल 112 चेक करें इस पहले चैप्टर को पहले आप सफल बनाइए फिर बाकी के चैप्टर को समझाने के लिए मुझसे संपर्क करें

sabse pehle hawai adda sabse pehle toh yah dhyan de ki meditation kiya nahi jata hai meditation ka matlab hai ki hamein sabse pehle shaant bhav mein baithana aana chahiye yadi hum baithana seekh gaye tabhi meditation sambhav hai toh apni dono aankhen band karke kam se kam 5 minute ke liye bina kuch kiye sirf shanson ke aane aur jaane ko mehsus kariye yah meditation ka pehla chapter hai meditation mein kul 112 check kare is pehle chapter ko pehle aap safal banaiye phir baki ke chapter ko samjhane ke liye mujhse sampark kare

सबसे पहले हवाई अड्डा सबसे पहले तो यह ध्यान दें कि मेडिटेशन किया नहीं जाता है मेडिटेशन का म

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YogaChary Ajay Makwana

Founder & Director - Om Divine Yoga Foundation

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेडिटेशन कैसे करें पहले तो हम यह समझ ले कि मेडिटेशन याने के ध्यान वो कुछ करते हुए भी ना करना समझ ले कुछ करते हुए भी ना करना उसको मेडिटेशन कहते हैं ध्यान कहते हैं यान में हमको लगता है कि हम कुछ कर रहे लेकिन उसमें कुछ करने का नहीं होता जब हम कुछ नहीं करते और घंटों तक ऐसे ही हम बैठे रहते हैं तब वह ध्यान हो जाता है ज्ञान हम चलते चलते भी कर सकते हैं ध्यान हम कोई भी काम कर रहे उसमें जब हमारा पूरा ध्यान उसी में चला जाता है तो उसको भी ध्यान बोलते हैं ध्यान अपने गुरु चंद्र सूरज पर्वत को ईश्वर के ऊपर भी उसको देखते ही ध्यान कर सकते हैं आंख बंद करके अपने स्वास्थ्य स्वास्थ्य की क्रिया को देखकर अपना ध्यान हम जहां तिलक करते उस जगह पर ले जाकर अपना ध्यान रख भाई चक्र पहले जाकर नाभि चक्र पर ले जाकर उसका भी हम ध्यान कर सकते हैं आपको जो अच्छा लगे आप जिसमें डीप मेडिटेशन में जज सके वह ध्यान समझ लेना कि आपके लिए बेहतर है ज्ञान की अलग-अलग बहुत ज्यादा विद्या है उसमें आपको जो अच्छा लगे आप वह कर सकते हैं खुली आंख रखकर भी कहीं एक जगह पर ध्यान पिकाके भी कर सकते हैं वादा करके भी आप कर सकते हैं ओम नमः शिवाय

meditation kaise kare pehle toh hum yah samajh le ki meditation yane ke dhyan vo kuch karte hue bhi na karna samajh le kuch karte hue bhi na karna usko meditation kehte hain dhyan kehte hain yaan mein hamko lagta hai ki hum kuch kar rahe lekin usme kuch karne ka nahi hota jab hum kuch nahi karte aur ghanto tak aise hi hum baithe rehte hain tab vaah dhyan ho jata hai gyaan hum chalte chalte bhi kar sakte hain dhyan hum koi bhi kaam kar rahe usme jab hamara pura dhyan usi mein chala jata hai toh usko bhi dhyan bolte hain dhyan apne guru chandra suraj parvat ko ishwar ke upar bhi usko dekhte hi dhyan kar sakte hain aankh band karke apne swasthya swasthya ki kriya ko dekhkar apna dhyan hum jaha tilak karte us jagah par le jaakar apna dhyan rakh bhai chakra pehle jaakar nabhi chakra par le jaakar uska bhi hum dhyan kar sakte hain aapko jo accha lage aap jisme deep meditation mein judge sake vaah dhyan samajh lena ki aapke liye behtar hai gyaan ki alag alag bahut zyada vidya hai usme aapko jo accha lage aap vaah kar sakte hain khuli aankh rakhakar bhi kahin ek jagah par dhyan pikake bhi kar sakte hain vada karke bhi aap kar sakte hain om namah shivay

मेडिटेशन कैसे करें पहले तो हम यह समझ ले कि मेडिटेशन याने के ध्यान वो कुछ करते हुए भी ना

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Harish Chand

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेडिटेशन कैसे करें कितना अच्छा सवाल है आपका इतना सुंदर जवाब भी आप सुन लीजिए कि योग और ध्यान के माध्यम से आप मेडिटेशन कर सकते हैं और मेडिसन मेडिटेशन करने से आपको बहुत फायदे होते हैं और आपको करना चाहिए आपको अनुलोम विलोम प्राणायाम कपालभाती उसके बाद आपको ध्यान साधना यह सब करोगे तो हम मेडिटेशन होगा और आपका जो लक्ष्य है उसे प्राप्त कर सकते हैं

meditation kaise kare kitna accha sawaal hai aapka itna sundar jawab bhi aap sun lijiye ki yog aur dhyan ke madhyam se aap meditation kar sakte hain aur medicine meditation karne se aapko bahut fayde hote hain aur aapko karna chahiye aapko anulom vilom pranayaam kapalbhati uske baad aapko dhyan sadhna yah sab karoge toh hum meditation hoga aur aapka jo lakshya hai use prapt kar sakte hain

मेडिटेशन कैसे करें कितना अच्छा सवाल है आपका इतना सुंदर जवाब भी आप सुन लीजिए कि योग और ध्या

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Yog Guru Amit Agrawal Rishiyog

Yoga Acupressure Expert

1:13
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नेविगेशन कैसे करें देखिए अगर आप शुरुआत कर रहे हैं मेडिटेशन की तो आप प्राणायाम से ध्यान के स्तर पर आते हैं जब प्राणायामा पूरे कंसंट्रेशन के साथ करते हैं तो धीरे-धीरे आप ध्यान में भी उतरने लगते हैं इसके लिए आपको कंसंट्रेशन की आवश्यकता होती है आप सांसो पर कंसंट्रेशन बनाइए 10 मिनट कम से कम आंखें बंद करके अपनी ब्रितपॉप जब कीजिए इस पर मैंने एक वीडियो भी बनाई है उसको आप देखिए डीप ब्रीथिंग आपको नहीं टेशन में ले जाती है चांस को गहरा लेना और छोड़ना यह बहुत ही महत्वपूर्ण है मेडिटेशन के कई तरीके हैं मेडिटेशन आप गायत्री मंत्र महामृत्युंजय मंत्र ओमकार का उच्चारण इसके साथ भी कर सकते हैं इसके मानसिक रूप के मानसिक रूप से इसका मानसिक जाप करते हुए कर सकते हैं आप बिना कुछ मंत्र का उच्चारण किए सांसो पर ध्यान लगा सकते हैं और इसके अतिरिक्त आप जिस भी गुरु जी श्री ईश्वर ईस्ट को मानते हैं उनको साकार रूप से भी आपने स्टेशन में जुड़ सकते हैं ईश्वर मैंने कुछ वीडियोस बनाई है आप उन वीडियोस को देखिए मेरे प्रोफाइल में यूट्यूब चैनल पर जाकर मेरे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें और उन वीडियोस को देखकर फॉलो कीजिए

nevigeshan kaise kare dekhiye agar aap shuruat kar rahe hain meditation ki toh aap pranayaam se dhyan ke sthar par aate hain jab pranayama poore kansantreshan ke saath karte hain toh dhire dhire aap dhyan mein bhi utarane lagte hain iske liye aapko kansantreshan ki avashyakta hoti hai aap saanso par kansantreshan banaiye 10 minute kam se kam aankhen band karke apni britapap jab kijiye is par maine ek video bhi banai hai usko aap dekhiye deep breathing aapko nahi teshan mein le jaati hai chance ko gehra lena aur chhodna yah bahut hi mahatvapurna hai meditation ke kai tarike hain meditation aap gayatri mantra mahamrityunjay mantra omkar ka ucharan iske saath bhi kar sakte hain iske mansik roop ke mansik roop se iska mansik jaap karte hue kar sakte hain aap bina kuch mantra ka ucharan kiye saanso par dhyan laga sakte hain aur iske atirikt aap jis bhi guru ji shri ishwar east ko maante hain unko saakar roop se bhi aapne station mein jud sakte hain ishwar maine kuch videos banai hai aap un videos ko dekhiye mere profile mein youtube channel par jaakar mere youtube channel ko subscribe kare aur un videos ko dekhkar follow kijiye

नेविगेशन कैसे करें देखिए अगर आप शुरुआत कर रहे हैं मेडिटेशन की तो आप प्राणायाम से ध्यान के

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Aditi Garg

Meditation Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेडिटेशन कैसे करें अगर आप मेडिटेशन करना चाहते हैं तो आपको घर का ऐसा पुणे ढूंढना होगा जहां बहुत शांति हो वहां पर जाकर बैठ जाइए जमीन पर बैठ जाइए हो सके तो और आंखें बंद करके बैठ गई अपनी प्रीति कर लीजिए और अपना सारा ध्यान सांसो पर लगाइए आ रही है जा रही है आ रही है जा रही है मेडिटेशन 40 मिनट के लिए करना होगा क्या पूरा ध्यान अपनी सांसो पर लगाएं तो आप पाएंगे कि आप जो थॉट सब काम हो गए हैं बॉडी रिलैक्स हो गई है और आपकी बोमाइंड और बॉडी में एकाग्रता आ गई है और दूसरा तरीका मेडिटेशन करने का यह है कि अगर आप बिल्कुल न्यू कमर हैं और आपने कभी मेडिटेशन नहीं किया तब म्यूजिक मेडिटेशन कर सकते हैं अब गूगल क्रोम या याहू गूगल क्रोम में यूट्यूब से म्यूजिक निकाल सकते मेडिटेशन वाटरफॉल मेडिटेशन हो सकता है फ्लूट मेडिटेशन हो सकता है और भी बहुत प्रकार के मेडिटेशन यूट्यूब पर जीवन है आप उनमें से कोई मेडिटेशन ले लीजिए 40 मिनट का मेडिटेशन जरूर हो उसे ले ली क्या बंद करके बैठ जाइए और अपना पूरा ध्यान उस म्यूजिक पर लगाइए 40 मिनट बाद आपको बहुत शांति का अहसास होगा इस प्रकार आप टेंशन कर सकते हैं थैंक यू

meditation kaise kare agar aap meditation karna chahte hain toh aapko ghar ka aisa pune dhundhana hoga jaha bahut shanti ho wahan par jaakar baith jaiye jameen par baith jaiye ho sake toh aur aankhen band karke baith gayi apni preeti kar lijiye aur apna saara dhyan saanso par lagaaiye aa rahi hai ja rahi hai aa rahi hai ja rahi hai meditation 40 minute ke liye karna hoga kya pura dhyan apni saanso par lagaye toh aap payenge ki aap jo thought sab kaam ho gaye hain body relax ho gayi hai aur aapki bomaind aur body mein ekagrata aa gayi hai aur doosra tarika meditation karne ka yah hai ki agar aap bilkul new kamar hain aur aapne kabhi meditation nahi kiya tab music meditation kar sakte hain ab google chrome ya yahoo google chrome mein youtube se music nikaal sakte meditation vatarafal meditation ho sakta hai flute meditation ho sakta hai aur bhi bahut prakar ke meditation youtube par jeevan hai aap unmen se koi meditation le lijiye 40 minute ka meditation zaroor ho use le li kya band karke baith jaiye aur apna pura dhyan us music par lagaaiye 40 minute baad aapko bahut shanti ka ehsaas hoga is prakar aap tension kar sakte hain thank you

मेडिटेशन कैसे करें अगर आप मेडिटेशन करना चाहते हैं तो आपको घर का ऐसा पुणे ढूंढना होगा जहां

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Rohit Singh

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेडिसन करने की सबसे बेटी की भी तो होती है उसमें आपको पद्मासन या सिद्धासन में बैठना होता है कि आपको सीधे रखनी होती है औरतों के और कीटोन जो है मिली गोलाकार की चीज बन जाए और बाकी अपने टेशन कर सकते हैं लेकिन स्टेशन किस स्टेट में जाने के लिए आपको अपने शरीर को और योगासनों के द्वारा तैयार करना पड़ता है ताकि आप ज्यादा बेहतर तरीके से ध्यान लगा सके और मेडिसन का सके तो उसके लिए बता पाएंगे कि कौन सा योगा कैसे करना है क्योंकि अगर मेरे बताए कि अगर आप करेंगे तो है आपको पैदा की बजाय जो है नुकसान पहुंचा सकता है तो यह सही तरीके से

medicine karne ki sabse beti ki bhi toh hoti hai usme aapko padmasana ya siddhasan mein baithana hota hai ki aapko sidhe rakhni hoti hai auraton ke aur ketone jo hai mili golaakar ki cheez ban jaaye aur baki apne teshan kar sakte hain lekin station kis state mein jaane ke liye aapko apne sharir ko aur yogasanon ke dwara taiyar karna padta hai taki aap zyada behtar tarike se dhyan laga sake aur medicine ka sake toh uske liye bata payenge ki kaun sa yoga kaise karna hai kyonki agar mere bataye ki agar aap karenge toh hai aapko paida ki bajay jo hai nuksan pohcha sakta hai toh yah sahi tarike se

मेडिसन करने की सबसे बेटी की भी तो होती है उसमें आपको पद्मासन या सिद्धासन में बैठना होता है

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meditation kaise karte hain ; meditation kaise kiya jata hai ;

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