दिल्ली में मौत के 8 महीने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया था। भारतीय कानून इतना धीमा क्यों है?...


user
Play

Likes  57  Dislikes    views  1917
WhatsApp_icon
6 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

0:58

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरा असंभव है कि ज्यादातर कैसेट में पुलिस पर है वह FIR लॉन्च करने में बहुत ढिलाई बरती है उसका मुख्य कारण क्या होता है कि जो पुलिस के जो रिकॉर्ड होते हैं उसमें कितने क्राइम हुए हुए FIR के बेसिस पर डिसाइड होते हैं और इसलिए वह कम से कम FIR दर्ज करते हैं जिससे कि वह यह प्रोजेक्ट कर सकेंगे उनके एरिया में और उस पीरियड के अंदर क्राइम कम हुआ है तो यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि 8 महीने बाद में हत्या का मामला दर्ज हुआ मैं समझता हूं कि हमारे देश में ऑनलाइन fir लॉन्च करने का जो प्रोविजन है उसको बहुत जल्दी से जल्दी लाना चाहिए ताकि जो है आपको किसी पुलिस ऑफिसर के पास जा कर के जो है FIR लॉस करना है क्या ऑनलाइन है उसको इलाज कर सकें और उसके बाद में पुलिस ऑफिसर हैं उसको यूनिवर्सिटी गेट करें तो यह कानून जो इतना धीमा है उसका कारण यही है कि हर आदमी जो है अपने स्टेटस से शुरू करना चाहता है और यह दिखाना चाहता है कि उसके पीरियड के अंदर जो है वह क्राइम कम हुआ है

mera asambhav hai ki jyadatar kaiset mein police par hai wah FIR launch karne mein bahut dhilaii barti hai uska mukhya kaaran kya hota hai ki jo police ke jo record hote hain usamen chahiye kitne crime hue hue FIR ke basis par decide hote hain aur isliye wah kum se kum FIR darj karte hain jisse ki wah yeh project kar sakenge unke area mein aur us period ke andar crime kum hua hai to yeh bahut hi durbhagyaporn baat hai ki 8 mahine baad mein hatya ka maamla darj hua main samajhata hoon ki hamare desh mein online fir launch karne ka jo provision hai usko bahut jaldi se jaldi lana chahiye taki jo hai aapko kisi police officer ke paas ja kar ke jo hai FIR loss karna hai kya online hai usko ilaj kar saken aur uske baad mein police officer hain usko university get kare chahiye to yeh kanoon jo itna dhema hai uska kaaran yahi hai ki har aadmi jo hai apne status se shuru karna chahta hai aur yeh dikhana chahta hai ki uske period ke andar jo hai wah crime kum hua hai

मेरा असंभव है कि ज्यादातर कैसेट में पुलिस पर है वह FIR लॉन्च करने में बहुत ढिलाई बरती है उ

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  401
WhatsApp_icon
user

Sagar सागर

Engineer ,Singer,Director

1:07
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारतीय कानून उतना ही ढीला है जितने ठेले हम हैं यह सत्य है कि जैसी जनता वैसा कानून आप जैसे जागरुक हो गए कानून भी उतना ही जागरूक होगा अगर किसी की रिपोर्ट को लिखने में इतना वक्त लगा है तो कहीं ना कहीं आप के प्रयत्न में कोई कमी अवश्य रही है वरना कोई भी कार्य अगर आप पूरी लगन व निष्ठा के साथ करें तो अवश्य पूरा होता है हमें अपने आप को सुधारने की आवश्यकता है क्योंकि कानून हमारे लिए है हम कानून के लिए नहीं लेकिन आज कानून हमारा इस्तेमाल करता है कानून के वाशिंदे महाराष्ट्र माल करते हैं क्यों क्योंकि हम खुद हम लोग खुद ही कृपा भ्रष्ट हैं भगत जी हमारा काम ही नहीं चलता हम जल्दी कर्म कराने के लिए खुद ही रिश्वत के आगे पेशकश करते हैं हमारे खुद के ही कारण खराब है हमें खुद को सुधारने की आवश्यकता है फिर 8 महीने नहीं केवल 8 सेकंड में आप की रिपोर्ट दर्ज होगी धन्यवाद

bharatiya kanoon utana hi dheela hai jitne thele hum hain yah satya hai ki jaisi janta waisa kanoon aap jaise jagruk ho gaye kanoon bhi utana hi jagruk hoga agar kisi ki report ko likhne me itna waqt laga hai toh kahin na kahin aap ke prayatn me koi kami avashya rahi hai varna koi bhi karya agar aap puri lagan va nishtha ke saath kare toh avashya pura hota hai hamein apne aap ko sudhaarne ki avashyakta hai kyonki kanoon hamare liye hai hum kanoon ke liye nahi lekin aaj kanoon hamara istemal karta hai kanoon ke vashinde maharashtra maal karte hain kyon kyonki hum khud hum log khud hi kripa bhrasht hain bhagat ji hamara kaam hi nahi chalta hum jaldi karm karane ke liye khud hi rishwat ke aage peshkash karte hain hamare khud ke hi karan kharab hai hamein khud ko sudhaarne ki avashyakta hai phir 8 mahine nahi keval 8 second me aap ki report darj hogi dhanyavad

भारतीय कानून उतना ही ढीला है जितने ठेले हम हैं यह सत्य है कि जैसी जनता वैसा कानून आप जैसे

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  187
WhatsApp_icon
user

MD HAROON

Teacher

0:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपके द्वारा पूछा गया सवाल है दिल्ली में मौत के 8 महीने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया था भारतीय कानून इतना धीमा क्यों है लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि कोई भी जब मामला होता है किसका तो पुलिस उसे लिखने में पुलिस लेने में बहुत ही कतराती है उसका खास वजह यह होता है कि जो मामला करने वाला अपराध करने वाला बड़े ऊंचे तबके के लोग होते हैं जैसे कोई मंत्री का बेटा होता है कोई विधायक होता है चाहे वह रेप कांड हो या और भी कोई बात हो तो इस तरह से जब बड़े उच्च अधिकारी अगर कोई भी केस करते हैं तो पुलिस फौरन उस मामला को लेने में हिचकी चाहती है और यही वजह है कि कानून आज होता जुर्म आज होता है और उसका केस जो है सालों भर बाद थाने में फाइल होता है

aapke dwara poocha gaya sawaal hai delhi me maut ke 8 mahine ke baad hatya ka maamla darj kiya gaya tha bharatiya kanoon itna dheema kyon hai lekin sabse badi baat yah hai ki koi bhi jab maamla hota hai kiska toh police use likhne me police lene me bahut hi katrati hai uska khas wajah yah hota hai ki jo maamla karne vala apradh karne vala bade unche tabke ke log hote hain jaise koi mantri ka beta hota hai koi vidhayak hota hai chahen vaah rape kaand ho ya aur bhi koi baat ho toh is tarah se jab bade ucch adhikari agar koi bhi case karte hain toh police phauran us maamla ko lene me hichki chahti hai aur yahi wajah hai ki kanoon aaj hota jurm aaj hota hai aur uska case jo hai salon bhar baad thane me file hota hai

आपके द्वारा पूछा गया सवाल है दिल्ली में मौत के 8 महीने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया

Romanized Version
Likes  40  Dislikes    views  539
WhatsApp_icon
user

Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

1:01
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन लॉयन ऑर्डर इस द मैटर ऑफ स्टेट सब्जेक्ट अगर मैं दिल्ली की बात को तो दिल्ली में एक यूनियन डायरेक्टरी है यूनियन टेरिटरी के अंदर जो भी लॉयन ऑर्डर को होम मिनिस्ट्री देती है अगर मैं स्टेट की बात करूं तो अदर स्टेट में लॉयन ऑर्डर स्टेट गवर्नमेंट जॉब सरकार होती है उसको देती है तो कभी कभी यह देखा गया है कि कहीं ना कहीं सरकार का इंवॉल्वमेंट भी रहता है वह सरकार अपने हिसाब से इन चीजों को मेनू प्लेट भी करती है तो इसी का परिणाम है कम हमारे देश के अंदर सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट और अदर्स बॉडी नेट कोर्ट के अंदर 40 मिलियन से ज्यादा कैसे अभी भी पेंडिंग है तू प्ले दिखाता है कि सरकार और जो हमारा जुडिशल सिस्टम है बहुत ही ज्यादा लेखक जीके कभी-कभी केस की सुनवाई इतनी लंबी हो जाती है 10:00 10 साल तक भी 10 साल 15 साल बाद भी उस का डिसीजन नहीं आ पाता तो मुझे लगता है कि बिल्कुल पुलिस रिफॉर्म्स भी आ सकता है वह जुडी से जुकाम की भी आवश्यकता है ताकि हालांकि सरकार ने कुछ कार्य किए जैसे फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्माण किया तो फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी सजा मिलने में एक 2 साल लग ही जाता है कितना भी

lekin layan order is d matter of state subject agar main delhi ki baat ko to delhi mein ek union dayrektari hai union territory ke andar jo bhi layan order ko home ministry deti hai agar main state ki baat karu chahiye to other state mein layan order state government sarkar hoti hai usko deti hai to kabhi kabhi yeh dekha gaya hai ki kahin na kahin sarkar ka invalwament bhi rehta hai wah sarkar apne hisab se in chijon ko menu plate bhi karti hai to isi ka parinam hai kum hamare desh ke andar supreme court highcourt aur others body net court ke andar 40 million se jyada kaise abhi bhi pending hai tu play dikhaata hai ki sarkar aur jo hamara judicial system hai bahut hi jyada lekhak gk kabhi kabhi case ki sunavai itni lambi ho jati hai 10:00 10 saal tak bhi 10 saal 15 saal baad bhi us ka decision nahi aa pata to mujhe lagta hai ki bilkul police reforms bhi aa sakta hai wah judee se jukam ki bhi avashyakta hai taki halaki sarkar ne kuch karya kiye jaise fast track court ka nirman kiya to fast track court mein bhi saja milne mein ek 2 saal lag hi jata hai kitna bhi

लेकिन लॉयन ऑर्डर इस द मैटर ऑफ स्टेट सब्जेक्ट अगर मैं दिल्ली की बात को तो दिल्ली में एक यून

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  72
WhatsApp_icon
user

.

Hhhgnbhh

1:28
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे हमें यह तो दिखता भाई लड़की भारत का जो कानून है वह बहुत ज्यादा स्लो है काफी ज्यादा ऐसे फैसले होते हैं जैसे 10 10 15 15 साल से भी ज्यादा लग जाते हैं स्वर्ग में तब तक व्यक्ति खुद मर जाता पर वह किस्सा जो है बस और नहीं हो पाता तो भारत सरकार को इस चीज है मुझे लगता कि कुछ करना चाहिए हमें अपने जो गारमेंट है और जो माइलेज बने हुए हैं उनको हम एक दूसरे को थोड़ा और सॉन्ग करना चाहिए ताकि फैसले थोड़ा जल्दी दिया जा सके इतने दिन में अगर पैसे लिए जाने के लिए जाएंगे तो इसलिए उससे बहुत ज्यादा नुकसान होगा जैसे कि आप यही किस्सा सुन लीजिए कि दिल्ली में एक मौत के 8 महीने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया है तो भारतीय कानून में बहुत धीमा है इसमें अब हमें इश्क इस समय मैं नहीं जानती की बातें कानून में कोई दिक्कत है क्या दिक्कत आई है क्योंकि आप देखिए हो सकता है कि जो व्यक्ति व्यक्ति वह खुद ही रिपोर्ट लिखवाना चाहते हो पहले या फिर पीछे से पुलिस इस रिपोर्ट को ना लिखना चाहती हो किसी प्रेशर की वजह से भारतीय कानून है उसके अंदर घपला

dekhe hume yeh to dikhta bhai ladki bharat ka jo kanoon hai wah bahut jyada slow hai kaafi jyada aise faisle hote hain jaise 10 10 15 15 saal se bhi jyada lag jaate hain swarg mein tab tak vyakti khud mar jata par wah kissa jo hai bus aur nahi ho pata to bharat sarkar ko is cheez hai mujhe lagta ki kuch karna chahiye hume apne jo garment hai aur jo mileage bane hue hain unko hum ek dusre chahiye ko thoda aur song karna chahiye taki faisle thoda jaldi diya ja sake itne din mein agar paise liye jaane ke liye jaenge to isliye usse bahut jyada nuksan hoga jaise ki aap yahi kissa sun lijiye ki delhi mein ek maut ke 8 mahine ke baad hatya ka maamla darj kiya gaya hai to bhartiya kanoon mein bahut dhema hai isme ab hume ishq is samay main nahi jaanti ki batein kanoon mein koi dikkat hai kya dikkat eye hai kyonki aap dekhie chahiye ho sakta hai ki jo vyakti vyakti wah khud hi report chahiye likhavana chahte ho pehle ya phir piche se police is report chahiye ko na likhna chahti ho kisi pressure ki wajah se bhartiya kanoon hai uske andar ghapla

देखे हमें यह तो दिखता भाई लड़की भारत का जो कानून है वह बहुत ज्यादा स्लो है काफी ज्यादा ऐसे

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  19
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!