ऐसा क्यों है की लोग अपने दादा दादी का सम्मान नहीं करते और उन्हें नज़र अंदाज़ करने की कोशिश करते हैं?...


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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल सही बात कही है क्योंकि मैं भी तो डिप्टी कमिश्नर था तो एक डिस्ट्रिक्ट में पंचकूला में हम लोगों ने शुरू किया था आदर्श सम्मानित प्रोजेक्ट इसमें एल्डरली लोगों को हेल्प करने के लिए खास तौर पर दिल्ली लोगों को ऑफिस में जाकर लाइन में ना लगना पड़े उनके लिए मदद के लिए कोई को बैंक नेट जाएं तो बैंक को भी हमने उसने रिक्वेस्ट की थी कि उनको प्रायोरिटी भी जाए आपने देखा होगा कि पूछते और कई जगह लोगों को पहले ही जाने दिया जाता है तो जैसे ही हमारी सोसाइटी अगली लोगों का ध्यान रखें लगेगी और एक और बात यह है कि लोग जो है उसमें निकले हो जाते हैं या जो यंगर जेनरेशन होती है वह खुल जाती है कि इन्होंने कितना सफाई करते हैं उसके लिए हमें थोड़ा साइड की कटिंग को भी मेंटली स्ट्रांग बनाना होगा और उनको थोड़ा सा टाइटन को काउंसलिंग के लिए तो फिर भी उसके बाद उनको ना तो खाना एंड सिक्योरिटी होती ना इमोशनल सिक्योरिटी होती ना उनके साथ कोई रोता है कोई उनका दुख दर्द समझे और उनकी यादें यादें ताजा कर आना चाहे कोई भी एक कन्वर्सेशन करें उनके साथ ज्यादा टाइम सेंड करें यही चाहिए हमको मिल जाए और उनको थोड़ी सी और कुछ नहीं चाहिए बाकी और इमोशनल इंटेलिजेंस में बैलेंस कैसे रखना है लाइफ का कहना है और ऐसा मानना है इनका उनका ध्यान रखेंगे रिंकू रिस्पेक्ट मिलेगा पॉजिटिविटी भी आएगी और उनके अंदर क्वालिटी बहुत होती है एक्सीडेंट होते हैं वह कर चुके होते हैं और उसके बाद वह उनको उनकी जो क्वालिटीज हैं उनका सोसाइटी को भी फायदा हो सकता है कि एक एक्सपीरियंस कोई सिविल इंजीनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर आइटम्स के लिए भी जा सकते हैं कबड्डी जा सकती है एक पेनल्टी उनका बनाया जा सकता है

bilkul sahi baat kahi hai kyonki main bhi toh deputy commissioner tha toh ek district mein panchkula mein hum logon ne shuru kiya tha adarsh sammanit project isme eldarali logon ko help karne ke liye khas taur par delhi logon ko office mein jaakar line mein na lagna pade unke liye madad ke liye koi ko bank net jayen toh bank ko bhi humne usne request ki thi ki unko priority bhi jaaye aapne dekha hoga ki poochhte aur kai jagah logon ko pehle hi jaane diya jata hai toh jaise hi hamari society agli logon ka dhyan rakhen lagegi aur ek aur baat yah hai ki log jo hai usmein nikle ho jaate hain ya jo younger generation hoti hai vaah khul jaati hai ki inhone kitna safaai karte hain uske liye hamein thoda side ki cutting ko bhi mentally strong banana hoga aur unko thoda sa titan ko kaunsaling ke liye toh phir bhi uske baad unko na toh khana and Security hoti na emotional Security hoti na unke saath koi rota hai koi unka dukh dard samjhe aur unki yaadain yaadain taaza kar aana chahen koi bhi ek conversation karen unke saath zyada time send karen yahi chahiye hamko mil jaaye aur unko thodi si aur kuch nahi chahiye baki aur emotional intelligence mein balance kaise rakhna hai life ka kehna hai aur aisa manana hai inka unka dhyan rakhenge rinku respect milega positivity bhi aaegi aur unke andar quality bahut hoti hai accident hote hain vaah kar chuke hote hain aur uske baad vaah unko unki jo kwalitij hain unka society ko bhi fayda ho sakta hai ki ek experience koi civil engineer electrical engineer iteams ke liye bhi ja sakte hain kabaddi ja sakti hai ek penalty unka banaya ja sakta hai

बिल्कुल सही बात कही है क्योंकि मैं भी तो डिप्टी कमिश्नर था तो एक डिस्ट्रिक्ट में पंचकूला म

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Dr. Jitubhai Shah

Friend, Philosopher and Guide

1:22

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लुक दादा दादी का रिस्पेक्ट नहीं करते हैं कि आज ज्यादा देखने को मिलता है लेकिन उनका मेन रीजन है कि अगर पैरंट्स को मैं रिस्पेक्ट नहीं दूंगा मेरे पैरंट्स को तो जो बच्चे देखेंगे वही करेंगे बच्चे की भाषा समझते हैं वह अनुकरण कि अगर मैं मेरे पैरंट्स को बहुत रिश्वत देता हूं उनको पूछ कर सब कुछ करता हूं उनके साथ बैठता हूं तो मेरे बच्चे भी उनके दादा दादी के साथ बैठेंगे और उनको सुनेंगे उनके कुछ चला लेंगे लेकिन उसकी सबसे पहले हमको हमारे पेरेंट्स के साथ बहुत अच्छा व्यवहार करना जरूरी है दूसरा दादा दादी को भी अपनी पुरानी मान्यताओं को छोड़ कर अभी के बच्चे के क्या रिक्वायरमेंट है उनको फ्रीडम देना उनको जिस चीज में इंटरेस्ट है उसमें हमको कृष्ण लीला बर्बाद टुकटुक नहीं करना ऐसा मत करो ऐसा मत करो उनको पॉजिटिविटी में रखना उनको या प्रेषित करना उनके साथ बच्चा बनकर जीना तो वह जरूर दादा दादी को रिस्पेक्ट करेंगे दोनों पक्ष में सावधानी की जरूरत है

look dada dadi ka respect nahi karte hain ki aaj zyada dekhne ko milta hai lekin unka main reason hai ki agar Parents ko main respect nahi dunga mere Parents ko toh jo bacche dekhenge wahi karenge bacche ki bhasha samajhte hain vaah anukaran ki agar main mere Parents ko bahut rishwat deta hoon unko poochh kar sab kuch karta hoon unke saath baithta hoon toh mere bacche bhi unke dada dadi ke saath baitheange aur unko sunenge unke kuch chala lenge lekin uski sabse pehle hamko hamare parents ke saath bahut accha vyavhar karna zaroori hai doosra dada dadi ko bhi apni purani manyataon ko chhod kar abhi ke bacche ke kya requirement hai unko freedom dena unko jis cheez mein interest hai usmein hamko krishna leela barbad tuktuk nahi karna aisa mat karo aisa mat karo unko positivity mein rakhna unko ya preshit karna unke saath baccha bankar jeena toh vaah zaroor dada dadi ko respect karenge dono paksh mein savadhani ki zaroorat hai

लुक दादा दादी का रिस्पेक्ट नहीं करते हैं कि आज ज्यादा देखने को मिलता है लेकिन उनका मेन रीज

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Rahul kumar

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

से क्या बताएं ग्रैंड पेरेंट्स को आपका रिस्पेक्ट नहीं करते हैं कोई भी लोग तो इग्नोर करते हैं तो आपको अच्छा नहीं लगता है आपको हर्ट होता है तो बिल्कुल हम लोग भी सब के लिए भी हर्ट होता है बिल्कुल लालची लोग भी इस तरह करते हैं तुम को सोचना चाहिए और राम स्कीम इंपॉर्टेंट होता है उसके पेरेंट्स उनको समझाना चाहिए कि इस तरह का भेज ना करें इससे आगे कब बढ़ेंगे जो मुझे पसंद है इसलिए करना चाहिए कि रेस्पेक्ट करना सीखो अपने से बड़े का बुजुर्ग का मंत्र पहले से समझाना चाहिए क्योंकि जो बच्चे होते हैं स्टार्टिंग से जिस से समझाया जाता है उनकी अंदर जो है उस तरह का चीज रह जाता हमेशा मिलता नहीं है कुछ तो है जो खत्म हो जाती है लेकिन जो बेसिक चीजें हैं वह खत्म नहीं होती तो उनको सबसे बड़ा करना चाहिए ताकि गोरे होने पर या छोटे से बीज इतने बड़े लोग हैं अपनी गर्लफ्रेंड से हो या कोई और भी बड़े लोग उनकी जरूरत पर कैसे करें

se kya batayen grand parents ko aapka respect nahi karte hain koi bhi log toh ignore karte hain toh aapko accha nahi lagta hai aapko heart hota hai toh bilkul hum log bhi sab ke liye bhi heart hota hai bilkul lalchi log bhi is tarah karte hain tum ko sochna chahiye aur ram scheme important hota hai uske parents unko samajhana chahiye ki is tarah ka bhej na karen isse aage kab badhenge jo mujhe pasand hai isliye karna chahiye ki respect karna sikho apne se bade ka bujurg ka mantra pehle se samajhana chahiye kyonki jo bacche hote hain starting se jis se samjhaya jata hai unki andar jo hai us tarah ka cheez reh jata hamesha milta nahi hai kuch toh hai jo khatam ho jaati hai lekin jo basic cheezen hain vaah khatam nahi hoti toh unko sabse bada karna chahiye taki gore hone par ya chhote se beej itne bade log hain apni girlfriend se ho ya koi aur bhi bade log unki zaroorat par kaise karen

से क्या बताएं ग्रैंड पेरेंट्स को आपका रिस्पेक्ट नहीं करते हैं कोई भी लोग तो इग्नोर करते है

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