हमारी जिंदिगी में समाज का कितना महत्व है? हम लोगों को यह क्यों बोला जाता है की हमें समाज का हिस्सा बन कर रहना चाहिए?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हम बड़े भाग्यशाली हैं सौभाग्यशाली हैं जो हमें यह इंसानी रूप में जीवन मिला है यह दुर्लभ होता है और अभी फुल कि हमें यह जीवन मिला है लेकिन यह मेरा जीवन मिला का है यह जीवन मिलता है एक समाज में एक जगह पर हम पैदा होते हैं एक परिवार में पैदा होते हैं उस परिवार के अपने रीति रिवाज होते हैं उस परिवार के अपने कायदे कानून होते हैं तो एक तो हो गया मेरा इमीडिएट परिवार मेरे माता पिता जिनके घर में पैदा होता हूं दूसरा जो हमारी कमी नहीं है हमारी आशा में लिए हैं हमारी एक्सटेंडेड फैमिली है वह हो गई उसके बाद हम वह फैमिली स्टे करती है एक सोसाइटी में उसके बाद एक देश में औरत और ग्लोबली हम ग्लोबल सिटिजन भी कहलाते हैं तो हम हमेशा से एक समाज का हिस्सा होते हैं और एक और जैसा कि हम जाते हैं कोई ना कोई जभी भी कोई पैदा होता है रिलेशन का एंगल भी आ जाता है कि यह इस धर्म का है है उस धर्म का है वगैरह वगैरह एनीवेज उसको नाटक करते हो हम खाली समाज की बात करते हैं तो भले ही मेरे पास आज फ्री विल है कि मैं जो चाहूं वह कर सकता हूं लेकिन मुझे आज समाज के कार्य कानून अमर यादव उन चीजों को भी ध्यान में रखकर चलना चाहिए जैसे कि अगर मैं अपने घर में एक पार्टी करना चाहता हूं और है और आसपास बुजुर्ग हैं आप आसपास भी मेरे लोग रहते तो मैं यह ना करो कि मैं पूरी रात लाउड म्यूजिक बजा के वहां पर पार्टी करुं शोर हल्ला करूं यह सही नहीं है क्योंकि मैं समाज का एक हिस्सा हूं मैं वह चीज करूं क्योंकि समाज के दायरे में सही है वह करना मुनासिब वह करना चाहिए उसमें कोई दिक्कत नहीं है और तो इसीलिए जब हम बोलते हैं कि समाज कितना महत्वपूर्ण है समाज आपको बनाता भी आपको बिगड़ता भी आप कहां पर रहते हैं आप का घर कैसा है समाज कैसा है हस्त अंदर कैसी है कैसी है उससे आपका डायरेक्शन भी आता है होता है कि आप लाइफ में कहां जा रहे हैं क्या कर रहे हैं अपने अलावा

ji hum bade bhagyashali hai saubhagyashali hai jo hamein yah insani roop mein jeevan mila hai yah durlabh hota hai aur abhi full ki hamein yah jeevan mila hai lekin yah mera jeevan mila ka hai yah jeevan milta hai ek samaj mein ek jagah par hum paida hote hai ek parivar mein paida hote hai us parivar ke apne riti rivaaj hote hai us parivar ke apne kayade kanoon hote hai toh ek toh ho gaya mera imidiet parivar mere mata pita jinke ghar mein paida hota hoon doosra jo hamari kami nahi hai hamari asha mein liye hai hamari extended family hai vaah ho gayi uske baad hum vaah family stay karti hai ek society mein uske baad ek desh mein aurat aur globally hum global sitijan bhi kehlate hai toh hum hamesha se ek samaj ka hissa hote hai aur ek aur jaisa ki hum jaate hai koi na koi jab bhi bhi koi paida hota hai relation ka Angle bhi aa jata hai ki yah is dharm ka hai hai us dharm ka hai vagera vagairah enivej usko natak karte ho hum khaali samaj ki baat karte hai toh bhale hi mere paas aaj free will hai ki main jo chahu vaah kar sakta hoon lekin mujhe aaj samaj ke karya kanoon amar yadav un chijon ko bhi dhyan mein rakhakar chalna chahiye jaise ki agar main apne ghar mein ek party karna chahta hoon aur hai aur aaspass bujurg hai aap aaspass bhi mere log rehte toh main yah na karo ki main puri raat loud music baja ke wahan par party karu shor halla karu yah sahi nahi hai kyonki main samaj ka ek hissa hoon main vaah cheez karu kyonki samaj ke daayre mein sahi hai vaah karna munasib vaah karna chahiye usme koi dikkat nahi hai aur toh isliye jab hum bolte hai ki samaj kitna mahatvapurna hai samaj aapko banata bhi aapko bigadta bhi aap kahaan par rehte hai aap ka ghar kaisa hai samaj kaisa hai hast andar kaisi hai kaisi hai usse aapka direction bhi aata hai hota hai ki aap life mein kahaan ja rahe hai kya kar rahe hai apne alava

जी हम बड़े भाग्यशाली हैं सौभाग्यशाली हैं जो हमें यह इंसानी रूप में जीवन मिला है यह दुर्लभ

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हमारी जिंदगी में स्मार्ट का बहुत महत्व है अच्छा है तो चरित्र अच्छा होता है स्मार्ट में हमें बहुत कुछ दिया आपने हमें बहुत कुछ दिया है एक स्मार्ट का निर्माण निश्चित ही होता है जब एक बच्चा पैदा होता है उसकी पैदा होते ही उसका शुरू हो जाता है जैसे माता-पिता और रिश्तेदारों में भी करता है वह कुछ सीखता भी है और रहेगा ऐसा ही होगा

hamari zindagi mein smart ka bahut mahatva hai accha hai toh charitra accha hota hai smart mein hamein bahut kuch diya aapne hamein bahut kuch diya hai ek smart ka nirmaan nishchit hi hota hai jab ek baccha paida hota hai uski paida hote hi uska shuru ho jata hai jaise mata pita aur rishtedaron mein bhi karta hai vaah kuch sikhata bhi hai aur rahega aisa hi hoga

हमारी जिंदगी में स्मार्ट का बहुत महत्व है अच्छा है तो चरित्र अच्छा होता है स्मार्ट में हमे

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Rahul kumar

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

समाज एक या एक से अधिक लोगों का जो समुदाय होता है उसको बोलते हैं जिसमें कि हर एक तू जो व्यक्ति है अपनी मानवीय क्रियाकलाप करते हैं इसलिए खुद का जो पर्सनल काम है वह कर दें और जो समाज में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के प्रति जो सुने हैं उसका भाव रखते हैं ताकि जो है समाज अच्छा हो और एक दूसरे की भलाई के बारे में सोचते हैं और हर एक दुनिया में अलग अलग तरह की इसकी जो भारत है वह डाइवोर्स कंट्री है उसमें अलग-अलग तरह के समाज के लोग रहते अपने अपनी अलग पहचान अपने अपने अलग-अलग रस्म रिवाज का पालन करते हैं तो अब कुल जो मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है तो उसे समाज में रहने रहने से ही उसका विकास होगा और सभी एक दूसरे की जो सोच है अलग अलग अलग की सोच से लोगों का विकास होता है

samaaj ek ya ek se adhik logo ka jo samuday hota hai usko bolte hain jisme ki har ek tu jo vyakti hai apni manviya kriyakalap karte hain isliye khud ka jo personal kaam hai vaah kar de aur jo samaj mein ek vyakti dusre vyakti ke prati jo sune hain uska bhav rakhte hain taki jo hai samaj accha ho aur ek dusre ki bhalai ke bare mein sochte hain aur har ek duniya mein alag alag tarah ki iski jo bharat hai vaah divorce country hai usme alag alag tarah ke samaj ke log rehte apne apni alag pehchaan apne apne alag alag rasm rivaaj ka palan karte hain toh ab kul jo manushya ek samajik prani hai toh use samaj mein rehne rehne se hi uska vikas hoga aur sabhi ek dusre ki jo soch hai alag alag alag ki soch se logo ka vikas hota hai

समाज एक या एक से अधिक लोगों का जो समुदाय होता है उसको बोलते हैं जिसमें कि हर एक तू जो व्यक

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