किसी समस्या का समाधान के लिए लोगों को कैसे जागरूक करें?...


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Niraj Devani

PHILOSOPHER

1:02

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

समस्या जिसकी होती है वह उसके प्रति जागरूक हो ही जाता है लेकिन कई बार ऐसी होती है कि जो जनरल समस्या होती है सब लोगों की होती है किसी एक विस्तार किया पूरे देश की इस तरह से बड़े पैमाने पर होती है तब ऐसा होता है कि सब एक दूसरे की राह देखते हैं कि वह यह करेगा यह करेगा तो ऐसी समस्याओं का सूरज ना वह तो और लोगों के बुद्धि पर डिपेंड करता है कि लोग कितने वहां पर कुछ अपना योगदान देना चाहते हैं समस्या को सॉल्व करने के लिए लेकिन अगर किसी और की एक अपनी समस्या है किसी की तो उसमें तो उसे जागरूक करने की जरूरत ही नहीं है वह जब बड़ी होगी या उनको लगेगा कि अब इसका उपाय ढूंढना ही चाहिए तो वह ढूंढ ही लेंगे

samasya jiski hoti hai vaah uske prati jagruk ho hi jata hai lekin kai baar aisi hoti hai ki jo general samasya hoti hai sab logo ki hoti hai kisi ek vistaar kiya poore desh ki is tarah se bade paimane par hoti hai tab aisa hota hai ki sab ek dusre ki raah dekhte hain ki vaah yah karega yah karega toh aisi samasyaon ka suraj na vaah toh aur logo ke buddhi par depend karta hai ki log kitne wahan par kuch apna yogdan dena chahte hain samasya ko solve karne ke liye lekin agar kisi aur ki ek apni samasya hai kisi ki toh usme toh use jagruk karne ki zarurat hi nahi hai vaah jab badi hogi ya unko lagega ki ab iska upay dhundhana hi chahiye toh vaah dhundh hi lenge

समस्या जिसकी होती है वह उसके प्रति जागरूक हो ही जाता है लेकिन कई बार ऐसी होती है कि जो जन

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J.P. Y👌g i

Psychologist

6:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न प्रकट हुआ है किसी भी समस्या के समाधान के लिए लोगों को कैसे मतलब किसी भी समस्या के समाधान के लिए लोगों के प्रति कोई रुझान नहीं जाना समस्या का प्रधान हम श्वेता होता है लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता नहीं पहली बात तो शाम को जब लोग तो अंकुर नहीं करेंगे पर एक बात बताइए अगर आप बहुत अच्छे महान हैं और आपने अपने आपको संयम प्रदर्शन में समाज में गलत प्रतिष्ठा बना रखे लोग पहली बात तो उसका अंकन करेंगे क्यारी व्यक्ति हमें समझा रही है ऐसा है ठीक है अच्छी विचारधारा भी करेंगे तो लोग मरने नहीं करेंगे क्योंकि आज कल की दुनिया दिखावे की दुनिया इस पर हमें लोगों की चिंता छोड़ कर के पहली बात अपनी जागरूकता खुद की बढ़ानी चाहिए और जब हम खुश संभोग जागृत अवस्था में हो जाएंगे तो लोग को अगर आप एक छोटे से शब्द में निर्देश करेंगे लोग आपको सर आएंगे मान्य करेंगे कि हम जो कह रहे युवा समय प्रति फलित रूप में बात कही जा रही हैं समाज के जो दृष्टिकोण नजरिया है वह यही है हाईलाइट में आप नहीं आ रहे हैं 100 से 11 व्यक्ति हमें क्या उद्देश कर रहा है तो ऐसी कुछ नहीं अपने आप को संतुष्ट होकर शाम को जागृत कीजिए उसके बाद फिर लोगों के बारे में सोचिए कि लोगों क्या करना है अब मैं बुरा नहीं मानो कहना चाहता क्यों लोगों को एक परिभाषा में क्या की भेड़ चाल है जाएगी बैठ जाती उसके पीछे पीछे वालों की लाइन लग जाती हो चाहे वह गड्ढे में गिरे कुएं में गिरे उससे कोई मतलब नहीं कि यह पता कि गतिमान हो रहा है इसी कड़ी में हम प्रभावित हो रहे हैं तो इस तरह की एक अवधारणा है जहां तक लगता है इस सही है पब्लिक क्या है लोग क्या है घड़ी का बोलबाला है और जो भीड़ में जितना ज्यादा तमाशा लगा सके उसके बाद जो मर्जी कर जैसे एक मदारी होता है एक ऑप्शन शुरू में रखता है कि मैं एक विचित्र चीज करने वाला हूं यह सामने अब उसको विशेषता को देखने के लिए अच्छे को देखने के लोग हैं और समय देते हैं उसके बीच में उसकी एक आंख पर उस समय के बाद वह अपना जो रिलीज करता है कार्यक्रम को अपना हाथ से निकाल देता है लेकिन लोग किस बिंदु कह रहे हैं इसके पर पर इस प्रकार लोगों की रेक बुझान गतिविधियां हैं तो इससे बेहतर है कि पहले हम अपने आप को फुल जागृत होकर चेतन न करें यह जरूरी नहीं है को समझा जा सकता है आनंद को समझाया जा सकता है जो प्रतिनिधि जगत के नेता हुए हैं उसके अंदर कार्रवाई चल आपके तरह जुड़ता गया क्योंकि एक चीज सत्य की धारा उसको बाण के साथ चला रही है विद्यार्थी भी अग्रसर हो रही है तो उसके पीछे चलने के आगे हमारा लाभ हो रहा है तो इस तरह का नियोजन यह होता है पब्लिक को सुधारने का तो लोगों को सुधारने का मतलब यह होगा कि लोगों को मिस जन समुदाय और लोगों के मतलब है आलोक अभिनेता ने मतभेद होती है अगर हम एक ही कोई निर्जल देंगे तो कोई कहेगा यार ऐसा ऐसा प्रधानमंत्री बिचारा जैसा भी कर रहा हो या और भी बहुत से महान लोग हैं उनके प्रति विवेचना अपने दिमाग परेशानियों से लोग करते हैं आलोचना भी कर सकते हैं बहुत भेजता लेकिन इससे कोई लेना देना नहीं है आप प्रकाशित होंगे तो उजाला होगा और जब उजाला आगे बढ़ेगा तो आपके पीछे-पीछे पब्लिक चलेंगे तो मेन चीज नहीं कहना चाहता हूं कि अगर इस तरह पार्टी कूलर 11 की चक्कर में फंसा देता अपने जीवन को भी बर्बाद कर दोगे कहीं के नहीं रहोगे तो भी नेता नहीं देख सामूहिक रूप से तुम्हें आकर्षण करना है यह प्रश्न बल मिलता है आपका जब कह रहा है लोगों को जन समुदाय के लिए यही है क्या अपने आप को पहली बात पुरस्कृत कर प्रखर करें उसके बाद जो आप विवेचना करेंगे लोग मानेंगे स्वीकार करेंगे और आगे बढ़ेंगे समस्या किसकी है हमें महसूस होता कि यह समस्या है लोगों की लेकिन हो सकता लोगों के लिए वह समझता ही नहीं तो लोगों की समस्याओं का स्तर अपने-अपने ढंग से किसी कर्म से दायित्व से मजबूत धन उपार्जन से और दायित्वों से बोल देना जाने भिन्न-भिन्न तरीके से लोग अपनी समस्याओं का एक पहाड़ बना रखे तो समूचे समस्याओं का समाधान करने के लिए आप लोगों की जागरूकता जिसको भूख लगी है तुम सॉपडिश करो गाना करो कुछ भी करो कोई महसूस नहीं होता की सबसे पहली बात उस को भोजन से मतलब है तो इसी तरह हर एक इंसान की एक अलग अलग समस्या हो सकती है जो महत्वपूर्ण होती है उनके लिए उसके बाद उनको समझ में आता है तो हर मनुष्य के लोगों के जीवन में एक समस्या जरूर गंभीर होगी जो उसका निदान पाना चाहता वह अपने अपने ढंग से अलग है लेकिन एक सूत्रधार ऐसा मिलेगी सारी समस्या का निदान हो जाए एक प्लेटफार्म भी बहुत अच्छी बात है ऐसा विकल्प ऐसी संभावना प्रकट हो रही है तो उसका विस्तार बनाना चाहिए

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प्रश्न प्रकट हुआ है किसी भी समस्या के समाधान के लिए लोगों को कैसे मतलब किसी भी समस्या के स

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Akash Kustwar

National Karate Instructor

0:26
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

की समस्या के समाधान के लोगों को जागरूक करना किसी भी चीज के प्रति लोगों को जागरूक करना है तो गली मोहल्ले में नाटक नुक्कड़ के माध्यम से पोस्टर लगाकर एलईडी चलाकर नाइट में प्रोग्राम करके हमारे जागरूक बना सकते हैं डोर टू डोर करने की वजह अगर आप मोहल्ले में नाटक वगैरा यह करते हैं मुक़द्दर ज्यादा बेटर होगी धन्यवाद

ki samasya ke samadhan ke logo ko jagruk karna kisi bhi cheez ke prati logo ko jagruk karna hai toh gali mohalle mein natak nukkad ke madhyam se poster lagakar LED chalakar night mein program karke hamare jagruk bana sakte hain door to door karne ki wajah agar aap mohalle mein natak vagera yah karte hain muqaddar zyada better hogi dhanyavad

की समस्या के समाधान के लोगों को जागरूक करना किसी भी चीज के प्रति लोगों को जागरूक करना है त

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी समस्या का समाधान के लिए लोगों को कैसे जागृत समस्या किस प्रकार की हो गया मालिका कोरोनावायरस चल रहा है हो सके तो हमें लोगों को जागरूक करना है सोशल मीडिया होटल से बाहर बाद गांव में खेतों में हर जगह पर स्कूल में हॉस्पिटल हर जगह जागरूकता है तो किसी भी समस्या को जो पूरे मास्को बुरी का वर्दी के लिए है तब उसकी जागरूकता अब डेंगू जैसी बीमारी कौन सा जैसे मारी और भी बहुत सारी उमर एड्स बीमारी इन सारी बीमारियों की जागरूकता बहुत जरूरी है और जागरूकता के लिए प्रिंट मीडिया का करना पड़ेगा है आप मास कम्युनिकेशन का करना पड़े चाहे छोटे-छोटे नुक्कड़ नाटक करना पड़ेगा हे बड़े-बड़े विज्ञापन बड़े-बड़े होर्डिंग लगाने की जरूरत किसी भी तरह में हर जगह से हमें इंसाफ अब दृष्टि प्रचार करना चाहिए

kisi samasya ka samadhan ke liye logo ko kaise jagrit samasya kis prakar ki ho gaya malika coronavirus chal raha hai ho sake toh hamein logo ko jagruk karna hai social media hotel se bahar baad gaon me kheton me har jagah par school me hospital har jagah jagrukta hai toh kisi bhi samasya ko jo poore moscow buri ka wardi ke liye hai tab uski jagrukta ab dengue jaisi bimari kaun sa jaise mari aur bhi bahut saari umar aids bimari in saari bimariyon ki jagrukta bahut zaroori hai aur jagrukta ke liye print media ka karna padega hai aap mass communication ka karna pade chahen chote chote nukkad natak karna padega hai bade bade vigyapan bade bade hoarding lagane ki zarurat kisi bhi tarah me har jagah se hamein insaaf ab drishti prachar karna chahiye

किसी समस्या का समाधान के लिए लोगों को कैसे जागृत समस्या किस प्रकार की हो गया मालिका कोरोना

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी समस्या के समाधान के लिए लोगों को जागरूक करना बहुत ही आसान पहले जो समझते हैं उससे क्या-क्या परेशानी होगा उसे क्या क्या हानि होगा क्या क्या मुसीबत है यह उन लोगों को बताना पड़ेगा और इसका निवारण कैसे किया जाए यह बात उनको बताना पड़ेगा पश्चात में बाद में कब्जा करके समस्या का किसी भी समस्या का समाधान निकल सकता है

kisi samasya ke samadhan ke liye logo ko jagruk karna bahut hi aasaan pehle jo samajhte hain usse kya kya pareshani hoga use kya kya hani hoga kya kya musibat hai yah un logo ko bataana padega aur iska nivaran kaise kiya jaaye yah baat unko bataana padega pashchat mein baad mein kabza karke samasya ka kisi bhi samasya ka samadhan nikal sakta hai

किसी समस्या के समाधान के लिए लोगों को जागरूक करना बहुत ही आसान पहले जो समझते हैं उससे क्या

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे की समस्या के समाधान के लिए लोगों का ग्राफ जागरूक करना चाहते हैं तो उनके बीच में पहले जानें कि वह लोग क्या सोच रहे हैं फिर उस पर प्रतिक्रिया दे तो फिर जब आप अपनी बात वहां रखेंगे तो उसे उस बात के लिए उनसे प्रतिक्रिया ले ताकि पाप को पता चल सके कि वह उस समस्या के बारे में या फिर आपके बातों के विचारों के बारे में वह क्या सोचते हैं फिर उसके बाद जब वह अपनी बातें कर ले तो उसके बाद आप उनको अच्छाई और बुराई दोनों चीजें बताएं उस समस्या को लेकर अगर वह आपका साथ देते हैं इस तरीके से तो आप उनको अच्छा ही बताइए कि अगर हम आशा करते हैं तो हमारे आने वाले समय में काफी अच्छा हो सकता है कुछ तरीके से जब आप लोगों को मोटिवेट करेंगे तो आपके पास जरूर सुनेंगे और उनको जाग उठा कर सकते हैं इसके लिए आपको काफी मेहनत करने की जरूरत पड़ेगी लोगों को बहुत अच्छे तरीके से कन्वेंस करना पड़ेगा यह काम इतना भी आसान नहीं है क्योंकि लोग आजकल बहुत तरीके के होते हैं कुछ लोग नेगेटिव थिंकिंग के होते हैं कुछ लोग पॉजिटिव होते हैं तो नेगेटिव थिंकिंग वाले लोगों को पार्क थिंकिंग लाने में काफी समय लगता है तो आपको उन्हें बात बात पर या फिर ऐसी बातें आपको करनी पड़ेगी जिससे वह आपसे जल्दी से सहमत हो सके

likhe ki samasya ke samadhan ke liye logo ka graph jagruk karna chahte hain toh unke beech mein pehle jaane ki vaah log kya soch rahe hain phir us par pratikriya de toh phir jab aap apni baat wahan rakhenge toh use us baat ke liye unse pratikriya le taki paap ko pata chal sake ki vaah us samasya ke bare mein ya phir aapke baaton ke vicharon ke bare mein vaah kya sochte hain phir uske baad jab vaah apni batein kar le toh uske baad aap unko acchai aur burayi dono cheezen bataye us samasya ko lekar agar vaah aapka saath dete hain is tarike se toh aap unko accha hi bataye ki agar hum asha karte hain toh hamare aane waale samay mein kaafi accha ho sakta hai kuch tarike se jab aap logo ko motivate karenge toh aapke paas zaroor sunenge aur unko jag utha kar sakte hain iske liye aapko kaafi mehnat karne ki zarurat padegi logo ko bahut acche tarike se convence karna padega yah kaam itna bhi aasaan nahi hai kyonki log aajkal bahut tarike ke hote hain kuch log Negative thinking ke hote hain kuch log positive hote hain toh Negative thinking waale logo ko park thinking lane mein kaafi samay lagta hai toh aapko unhe baat baat par ya phir aisi batein aapko karni padegi jisse vaah aapse jaldi se sahmat ho sake

लिखे की समस्या के समाधान के लिए लोगों का ग्राफ जागरूक करना चाहते हैं तो उनके बीच में पहले

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