कोचिंग कक्षा में जो टीचर होते हैं, वह कोचिंग कक्षा क्यों लगाते हैं, वह तो सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कर सकते हैं, इसका क्या कारण बताइए?...


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बड़ा मित्र मैं जय आदर्श प्रकाश डिंडोरी जिला से आपका बहुत ही अच्छा प्रश्न है कोचिंग कक्षा में जो टीचर होते हैं वह कोचिंग कक्षा में कोचिंग अच्छे क्यों सरकारी नौकरी कोई प्राइवेट नौकरी भी तो कर सकते हैं क्या कारण है इसका तो इसके केवल एक नहीं अब जिन जिन लोगों से आप यह प्रश्न पूछेंगे जो जो सभी को चलाते हैं हर किसी का उत्तर अपने-अपने नजरिए से अलग अलग होगा हो सकता है किसी इंसान ने खुद स्वयं कोचिंग करी और कोचिंग की इतनी पढ़ाई की हो स्वयं कोचिंग देने लायक बन गया हो परंतु किसी कारणवश उस इंसान का किसी प्राइवेट या सरकारी परीक्षा के एग्जाम में उसका सिलेक्शन नहीं हो पाया गया उसको पैसों की डिमांड कर ली गई थी आपको इतना इतना पैसा लगेगा हो सकता है वह यह सोच ले कि जो मेरे साथ बिता वह किसी और के साथ ना पीते तो मैं उनको क्यों अपनी तरफ से उनसे कुछ चार्ज करके यदि उनसे डिमांड की जाती है पैसों को लेकर कि भैया आपके अंदर का भी अब तो है आपके अंदर अच्छी सैनी के मतलब आपके पास प्रमाण पत्र भी रखें लेकिन फिर भी पद और स्थान के लिए कुछ ना कुछ देना पड़ता है कि भ्रष्टाचार इतना बढ़ चुका है तो सीधी सी बात यह है कि इंसान यदि सब का जिम्मा उठा ले तू इंसान स्वयं कोचिंग चला कर अपनी कोचिंग में पढ़ाने वाले बच्चों को उनके पद के लिए जो पैसा मांगा जाता है तो वह बता दे सकता है यह एक सच्चे गुरु की एक पहचान हो गई भाई जो भी है एक संस्थान चला रहा है किस वजह से चला रहा है और किसी के पास जाओगे इतना ज्ञान अर्जित किया ज्ञान का कुछ ना कुछ तो मिलना चाहिए तू अपने ज्ञान को अर्जित करके अपनी नौकरी पेशा सब कुछ छोड़ कर खुद की प्राइवेट संस्थान खोलेगा क्योंकि सरकारी नौकरी में आपको बना हुआ पैसा मिलता है लेकिन आप खुद का संस्थान चलाओगे तो उसमें आपके कर्मों के हिसाब से आपको पैसा मिलेगा तो यह नजरिया भी हो सकता है कुछ लोगों का फंडा यह रहता है कि भैया बोलो का यह सोचना रहता है पूरे देश का भविष्य मारे हाथों में है और हम भी शिक्षा देते हैं उसमें केवल सरकारी नौकरियों को लेकर नहीं उसमें थोड़ा सा इंसान को भविष्य में क्या करना चाहिए कैसे निर्णय लेना चाहिए इससे शिक्षा देता तो कुछ ऐसे लोग रहते हैं जो संपूर्ण देश की शिक्षा देने के लिए अपने कोचिंग संस्थान चालू कर लेते तो अपन कभी भी किसी भी इंसान की कोचिंग क्लास को लेकर प्रश्न नहीं उठा सकते कि हर इंसान अलग-अलग का मकसद को लेकर कोचिंग क्लासेस ओपन करता है या तो फिर कुछ लोग कैसे रहते हैं कि सेकसी कि यहां इंसान कोचिंग क्लास चलाकर खूब पैसे कमा रहा है हम भी कोचिंग यात्रा के पैसे कमा सकते हैं कि एक ही प्रश्न के बहुत सारे उत्तर हो सकते हैं बशर्ते आप जिस भी कोचिंग में जा रहे हैं आप जिस कोचिंग वाले को देखकर यह प्रश्न आप उठा रहे हैं एक बार आप उस इंसान से जाके बात करिए कि आपने ऐसा क्यों किया आपने कोचिंग क्यों ओपन कि आप चाहते तो खुद की एक सरकारी या प्राइवेट जॉब कर सकते थे तो इसका उत्तर वह कोचिंग का जो मालिक होगा जिसमें कोचिंग खोल कर रही ओपन करके रखी है उससे बेहतर उत्तर आपको कोई नहीं रह पाएगा जय भारत जय महाकाल

bada mitra main jai adarsh prakash dindori jila se aapka bahut hi accha prashna hai coaching kaksha me jo teacher hote hain vaah coaching kaksha me coaching acche kyon sarkari naukri koi private naukri bhi toh kar sakte hain kya karan hai iska toh iske keval ek nahi ab jin jin logo se aap yah prashna puchenge jo jo sabhi ko chalte hain har kisi ka uttar apne apne nazariye se alag alag hoga ho sakta hai kisi insaan ne khud swayam coaching kari aur coaching ki itni padhai ki ho swayam coaching dene layak ban gaya ho parantu kisi karanvash us insaan ka kisi private ya sarkari pariksha ke exam me uska selection nahi ho paya gaya usko paison ki demand kar li gayi thi aapko itna itna paisa lagega ho sakta hai vaah yah soch le ki jo mere saath bita vaah kisi aur ke saath na peete toh main unko kyon apni taraf se unse kuch charge karke yadi unse demand ki jaati hai paison ko lekar ki bhaiya aapke andar ka bhi ab toh hai aapke andar achi saini ke matlab aapke paas pramaan patra bhi rakhen lekin phir bhi pad aur sthan ke liye kuch na kuch dena padta hai ki bhrashtachar itna badh chuka hai toh seedhi si baat yah hai ki insaan yadi sab ka jimma utha le tu insaan swayam coaching chala kar apni coaching me padhane waale baccho ko unke pad ke liye jo paisa manga jata hai toh vaah bata de sakta hai yah ek sacche guru ki ek pehchaan ho gayi bhai jo bhi hai ek sansthan chala raha hai kis wajah se chala raha hai aur kisi ke paas jaoge itna gyaan arjit kiya gyaan ka kuch na kuch toh milna chahiye tu apne gyaan ko arjit karke apni naukri pesha sab kuch chhod kar khud ki private sansthan kholega kyonki sarkari naukri me aapko bana hua paisa milta hai lekin aap khud ka sansthan chalaoge toh usme aapke karmon ke hisab se aapko paisa milega toh yah najariya bhi ho sakta hai kuch logo ka fanda yah rehta hai ki bhaiya bolo ka yah sochna rehta hai poore desh ka bhavishya maare hathon me hai aur hum bhi shiksha dete hain usme keval sarkari naukriyon ko lekar nahi usme thoda sa insaan ko bhavishya me kya karna chahiye kaise nirnay lena chahiye isse shiksha deta toh kuch aise log rehte hain jo sampurna desh ki shiksha dene ke liye apne coaching sansthan chaalu kar lete toh apan kabhi bhi kisi bhi insaan ki coaching class ko lekar prashna nahi utha sakte ki har insaan alag alag ka maksad ko lekar coaching classes open karta hai ya toh phir kuch log kaise rehte hain ki sexy ki yahan insaan coaching class chalakar khoob paise kama raha hai hum bhi coaching yatra ke paise kama sakte hain ki ek hi prashna ke bahut saare uttar ho sakte hain basharte aap jis bhi coaching me ja rahe hain aap jis coaching waale ko dekhkar yah prashna aap utha rahe hain ek baar aap us insaan se jake baat kariye ki aapne aisa kyon kiya aapne coaching kyon open ki aap chahte toh khud ki ek sarkari ya private job kar sakte the toh iska uttar vaah coaching ka jo malik hoga jisme coaching khol kar rahi open karke rakhi hai usse behtar uttar aapko koi nahi reh payega jai bharat jai mahakal

बड़ा मित्र मैं जय आदर्श प्रकाश डिंडोरी जिला से आपका बहुत ही अच्छा प्रश्न है कोचिंग कक्षा म

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