क्या भ्रष्टाचार का कारण नेता हैं? भ्रष्टाचार की मूल जड़ किसे मानते हैं आप?...


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Amit Dutta

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विक्रेता हमारी आजोबा आए की क्षमता हो और हमारे सर्च की जो क्षमता हो जब दोनों में अंतर शुरू होता है तो वहीं से करप्शन जन्म लेती है हमारी आय न्यूनतम हो और हमारी सर्च अधिकतम हो आय में वृद्धि करने के लिए लोग करप्शन की ओर कदम बढ़ाते हैं मिलने वाला धन आसानी से ठीक है जब आपको गेन करने लगते हैं और अपनी जरूरत की चीजें पूरी करने लगते हैं तो उन्हें सबसे अच्छा दिखाई देता है करते समय करप्शन करने वाला यह जानता है कि वह यह कदम उठा रहा है वह गलत उठा रहा है लेकिन व्यक्ति की जरूरत है इतनी बढ़ जाती हैं तो पूरा करने के लिए वर्क करप्शन करने से बाज नहीं आता और सबसे वोट देना शुरू करता है कि देश में इतनी बड़ी बड़ी घटनाएं हुई हैं उन पर कुछ नहीं हुआ तो हम भी अगर कोई करेक्शन कर रहे हैं तो इसमें कोई बुरा नहीं है

vikreta hamari ajoba aaye ki kshamta ho aur hamare search ki jo kshamta ho jab dono mein antar shuru hota hai toh wahi se corruption janam leti hai hamari aay ninuntam ho aur hamari search adhiktam ho aay mein vriddhi karne ke liye log corruption ki aur kadam badhate hai milne vala dhan aasani se theek hai jab aapko gain karne lagte hai aur apni zarurat ki cheezen puri karne lagte hai toh unhe sabse accha dikhai deta hai karte samay corruption karne vala yah jaanta hai ki vaah yah kadam utha raha hai vaah galat utha raha hai lekin vyakti ki zarurat hai itni badh jaati hai toh pura karne ke liye work corruption karne se baaj nahi aata aur sabse vote dena shuru karta hai ki desh mein itni baadi badi ghatnaye hui hai un par kuch nahi hua toh hum bhi agar koi correction kar rahe hai toh isme koi bura nahi hai

विक्रेता हमारी आजोबा आए की क्षमता हो और हमारे सर्च की जो क्षमता हो जब दोनों में अंतर शुरू

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Sarup Singh

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भ्रष्टाचार का जो मूल कारण है मुझे लगता है कि जो लोगों की जंयती है सरकारी बैठे हुए हैं उनका नेचर है यह हम लोगों से जो सर इसे सरकार दो से मिल रही हैं जो उनको जाने यहां लोन का पैसा लेकर देना तू नदी किनारे भ्रष्टाचार कर रहा हूं इसलिए उन सभी को गलत तरीके से कर रहा हूं मुझे बताना कि मैं गलत कर रहा हूं इसी वजह से जो चलकर बैठा है इसीलिए अगर मैं खुद जाऊंगा कि मुझे शर्मा जगदीप लगाया

bhrashtachar ka jo mul karan hai mujhe lagta hai ki jo logo ki janyati hai sarkari baithe hue hain unka nature hai yah hum logo se jo sir ise sarkar do se mil rahi hain jo unko jaane yahan loan ka paisa lekar dena tu nadi kinare bhrashtachar kar raha hoon isliye un sabhi ko galat tarike se kar raha hoon mujhe bataana ki main galat kar raha hoon isi wajah se jo chalkar baitha hai isliye agar main khud jaunga ki mujhe sharma jagdeep lagaya

भ्रष्टाचार का जो मूल कारण है मुझे लगता है कि जो लोगों की जंयती है सरकारी बैठे हुए हैं उनका

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Ashok Kumar

Social Worker

0:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भ्रष्टाचार हार्मीपाल रहे भ्रष्टाचार की मूलचंद और कोई नहीं है हमें है इसलिए हमको भ्रष्टाचार को मिटाना है तो सबसे पहले हम अपने आप को ठीक हो किसी भी काम के लिए किसी को प्रॉब्लम होना दे सारे को जो भी काम करता है उसको सरकार तनख्वाह देती है

bhrashtachar harmipal rahe bhrashtachar ki moolchand aur koi nahi hai hamein hai isliye hamko bhrashtachar ko mitana hai toh sabse pehle hum apne aap ko theek ho kisi bhi kaam ke liye kisi ko problem hona de saare ko jo bhi kaam karta hai usko sarkar tankhvaah deti hai

भ्रष्टाचार हार्मीपाल रहे भ्रष्टाचार की मूलचंद और कोई नहीं है हमें है इसलिए हमको भ्रष्टाचार

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Manish Singh

VOLUNTEER

1:01

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन मेरे हिसाब से जो भ्रष्टाचार का मंजर है यानी कि जो बस इसके कारण भ्रष्टाचार फैल रहा है क्योंकि अगर कुछ काम हमें करवाना हो जल्दी करवाना होता है तो हम उस लिए लाइन में खड़े रहने को तैयार नहीं होते हैं जिसे जो हम सरकारी कमल कर्मचारी है उसको थोड़ा एक्स्ट्रा पैसा देते जिससे हमारे काम को जल्दी कर दे और इसी के आदतों से लग जाती है तो वह किसी के काम जो है वह आसानी से नहीं करता है उसको लगता है कि अब हर कोई मुझे जब पैसे देगा तो भी मैं काम करूंगा तो जो भ्रष्टाचार है वह हमसे शुरू हुआ अगर हम किसी को पैसा देना बंद कर दे हम अपना काम जो जनवरी इमानदारी से लाइन में खड़े होकर करे तो बिल्कुल भ्रष्ट जल्दी से कम हो जाएगा और सरकार किताब नहीं लिखी समय निकालने के बहुत सारे सी चीज है जिसके लिए आपको जाकर लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं है हर चीज में बिजली का बिल से टेलीफोन का बिल या फिर ड्राइविंग लाइसेंस के अप्लाई करना सब कुछ ऑनलाइन इंटरनेट से हो जाता है तो बजाएं उसकी फिल्म लाइन में खड़ा रहने की वजह पैसा दे हमको अगर ऑनलाइन कर लेते हैं कि साइबर करो खुद नहीं आता तो साइकिल कैसे से जाकर करवा देते हैं तुझे भ्रष्टाचार है देसी बिल्कुल कम होगा

lekin mere hisab se jo bhrashtachar ka manjar hai yani ki jo bus iske karan bhrashtachar fail raha hai kyonki agar kuch kaam hamein karwana ho jaldi karwana hota hai toh hum us liye line mein khade rehne ko taiyar nahi hote hain jise jo hum sarkari kamal karmchari hai usko thoda extra paisa dete jisse hamare kaam ko jaldi kar de aur isi ke aadaton se lag jaati hai toh vaah kisi ke kaam jo hai vaah aasani se nahi karta hai usko lagta hai ki ab har koi mujhe jab paise dega toh bhi main kaam karunga toh jo bhrashtachar hai vaah humse shuru hua agar hum kisi ko paisa dena band kar de hum apna kaam jo january imaandari se line mein khade hokar kare toh bilkul bhrasht jaldi se kam ho jaega aur sarkar kitab nahi likhi samay nikalne ke bahut saare si cheez hai jiske liye aapko jaakar line mein khade rehne ki zarurat nahi hai har cheez mein bijli ka bill se telephone ka bill ya phir driving license ke apply karna sab kuch online internet se ho jata hai toh bajaye uski film line mein khada rehne ki wajah paisa de hamko agar online kar lete hain ki cyber karo khud nahi aata toh cycle kaise se jaakar karva dete hain tujhe bhrashtachar hai desi bilkul kam hoga

लेकिन मेरे हिसाब से जो भ्रष्टाचार का मंजर है यानी कि जो बस इसके कारण भ्रष्टाचार फैल रहा है

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