तत्व एवं यौगिक में क्या अंतर है?...


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shekhar11

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिलीप तत्व जैसे एलिमेंट कहते हैं और यौगिक देखा जाए तो इसे हम लोग कंपाउंड कहते हैं तो जब कोई रासायनिक पदार्थ एक ही प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं तो ऐसे पदार्थ को तत्व कहा जाता है जैसे हाइड्रोजन हीलियम नीयन और वह रासायनिक पदार्थों अलग-अलग प्रकार के तत्व से के प्रमाणों से मिलकर बने होते हैं उनके योगिक कहते हैं तब इसमें अलग-अलग प्रकार के तत्व के परमाणु आपस में रासायनिक बंधुओं द्वारा जुड़े होते हैं जैसे h2o एनएसीएल

dilip tatva jaise element kehte hain aur yaugik dekha jaye toh ise hum log compound kehte hain toh jab koi Rasayanik padarth ek hi prakar ke parmanuo se milkar bane hote hain toh aise padarth ko tatva kaha jata hai jaise hydrogen helium niyan aur wah Rasayanik padarthon alag alag prakar ke tatva se ke pramano se milkar bane hote hain unke yogic kehte hain tab ismein alag alag prakar ke tatva ke parmanu aapas mein Rasayanik bandhuon dwara jude hote hain jaise h2o NACL

दिलीप तत्व जैसे एलिमेंट कहते हैं और यौगिक देखा जाए तो इसे हम लोग कंपाउंड कहते हैं तो जब को

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munmun

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तत्व और यौगिक में यह अंतर है कि तत्व जो है जब कोई रसायनिक पदार्थ एक ही प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बनता है तो ऐसे पदार्थ को जो है तत्व कहते हैं और यौगिक में रसायनिक पदार्थ जो अलग-अलग प्रकार के तत्वों के परमाणु से मिलकर बना होता है उसे योग्य कहते हैं और तत्वों के उदाहरण जो है एलुमिनियम हिलियम हाइड्रोजन ऑक्सीजन योगी के उदाहरण है जल और सोडियम क्लोराइड दत्तपुकुर चिन्ह प्रतीक चिन्ह के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है योगी को को उनके रासायनिक सूत्र के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है जो यह बताता है कि वह योगिक कौन कौन से तत्वों से मिलकर बना है वह को किसी भी रसायनिक या भौतिक विधि द्वारा जो तोड़कर सरल पदार्थों के रूप में या सरल कानों के रूप में विभाजित नहीं किया जा सकता है योगी को को किसी भी रानी के भौतिक विधि का प्रयोग करते हैं उनके चरण तत्वों के रूप में तोड़ा जा सकता है जिन तत्वों से मिलकर योगी बना होता है और अब तक लगभग 117 तत्व की खोज की जा चुकी है और इन नेतृत्व को जो है धातु अधातु और उपधातु के रूप में बांटा गया है विभिन्न प्रकार के तत्वों का उपयोग अलग-अलग अनुपात में करके कई प्रकार के योगिक बनाए जा चुके हैं और बनाए जा सकते हैं इसलिए इनकी संख्या को नहीं बता सकते हैं लेकिन एक विशाल संख्या में यौगिकों का निर्माण किया जा सकता है और इन योगी को को आयनिक यौगिक या आठवीं की योगिक आदि कई वर्गों में बांटा जा सकता है

tatva aur yaugik mein yah antar hai ki tatva jo hai jab koi rasayanik padarth ek hi prakar ke parmanuo se milkar baata hai toh aise padarth ko jo hai tatva kehte hain aur yaugik mein rasayanik padarth jo alag alag prakar ke tatvon ke parmanu se milkar bana hota hai use yogya kehte hain aur tatvon ke udaharan jo hai aluminium helium hydrogen oxygen yogi ke udaharan hai jal aur sodium chloride duttapukur chinh prateek chinh ke dwara pradarshit kiya jata hai yogi ko ko unke Rasayanik sutra ke dwara pradarshit kiya jata hai jo yah batata hai ki vaah yogic kaun kaun se tatvon se milkar bana hai vaah ko kisi bhi rasayanik ya bhautik vidhi dwara jo todkar saral padarthon ke roop mein ya saral kanon ke roop mein vibhajit nahi kiya ja sakta hai yogi ko ko kisi bhi rani ke bhautik vidhi ka prayog karte hain unke charan tatvon ke roop mein toda ja sakta hai jin tatvon se milkar yogi bana hota hai aur ab tak lagbhag 117 tatva ki khoj ki ja chuki hai aur in netritva ko jo hai dhatu adhatu aur upadhatu ke roop mein baata gaya hai vibhinn prakar ke tatvon ka upyog alag alag anupat mein karke kai prakar ke yogic banaye ja chuke hain aur banaye ja sakte hain isliye inki sankhya ko nahi bata sakte hain lekin ek vishal sankhya mein yaugikon ka nirmaan kiya ja sakta hai aur in yogi ko ko ionic yaugik ya aatthvi ki yogic aadi kai vargon mein baata ja sakta hai

तत्व और यौगिक में यह अंतर है कि तत्व जो है जब कोई रसायनिक पदार्थ एक ही प्रकार के परमाणुओं

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