हम जिसे अपना समझते हैं वही हमारी बुराई करें तो कैसा फील होगा?...


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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

2:21

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम अपना समझते हैं वही हमारी बुराई करें तो कैसा फील होगा यह तो सही बात है कि हम अपना समझते वह हमें बुराई करें हमारी बुराई करें तो अच्छा नहीं लगेगा लेकिन यह सीधा का सिंपल सा हमारी सोच है लेकिन जिसे हम अपना समझते हैं वह हमारी बुराई भी करे तो अपना ही समझते हैं उसकी बुराई क्या परवाह करना क्योंकि हम उसकी बुराई में भी मुझे अच्छाई नजर आती है अगर आप अच्छे हैं अच्छे स्वभाव के नजरिए उनकी बुराई को बिल्कुल उनसे किसी तरह के मनमुटाव ना करें उनका काम यह तो उनका अपना तरीका है ना आप चाहते हैं आप अपना समझते ही आपका स्वभाव है और बुराई करना उनका स्वभाव कैसे चेंज कर सकते हो आप अपनी बुराई करता है तो आप अपने अच्छे वाले स्वभाव को छोड़कर उनके बुरे बुराई करने वाली बुरी आदतों को अपनाने यह गलत बात है जब गलत आदमी गलती करने से बाज नहीं आता समझ लीजिए कितना देर नहीं चाहिए एक गलती भी करते हैं तो उसको छोड़ दे नहीं हम किसी की बुराई करते हैं तो कम से कम उन्हीं लोगों से सीख लें और यह समझे कि वह इतना देने चाहे इतना बुरे कामों के लिए भी उसी तरह से उठना है और दिन से बने अपने अच्छे कामों के लिए आप भी सोच ले मेरी कोई लाख बुराई करें लेकिन मैं भी अच्छा करना किसी को अपना समझना मैं छोड़ दूं यूज कीजिए तो याद कीजिए दोनों को नाम तुझे भी कहेंगे लेकिन वह नकारात्मक नकारात्मक उनके उनका थोड़ा तो आप से ही सीख लेंगे और बुरी आदत को छोड़ेंगे

hum apna samajhte hai wahi hamari burayi karein toh kaisa feel hoga yeh toh sahi baat hai ki hum apna samajhte wah humein burayi karein hamari burayi karein toh accha nahi lagega lekin yeh seedha ka simple sa hamari soch hai lekin jise hum apna samajhte hai wah hamari burayi bhi kare toh apna hi samajhte hai uski burayi kya parvaah karna kyonki hum uski burayi mein bhi mujhe acchai nazar aati hai agar aap acche hai acche swabhav ke nazariye unki burayi ko bilkul unse kisi tarah ke manmutaav na karein unka kaam yeh toh unka apna tarika hai na aap chahte hai aap apna samajhte hi aapka swabhav hai aur burayi karna unka swabhav kaise change kar sakte ho aap apni burayi karta hai toh aap apne acche wale swabhav ko chhodkar unke bure burayi karne wali buri aadaton ko apnane yeh galat baat hai jab galat aadmi galti karne se baaj nahi aata samajh lijiye kitna der nahi chahiye ek galti bhi karte hai toh usko chod de nahi hum kisi ki burayi karte hai toh kam se kam unhi logo se seekh le aur yeh samjhe ki wah itna dene chahe itna bure kaamo ke liye bhi usi tarah se uthna hai aur din se bane apne acche kaamo ke liye aap bhi soch le meri koi lakh burayi karein lekin main bhi accha karna kisi ko apna samajhna main chod doon use kijiye toh yaad kijiye dono ko naam tujhe bhi kahenge lekin wah nakaratmak nakaratmak unke unka thoda toh aap se hi seekh lenge aur buri aadat ko chodenge

हम अपना समझते हैं वही हमारी बुराई करें तो कैसा फील होगा यह तो सही बात है कि हम अपना समझते

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