भारतीय शिक्षा प्रणाली क्यों इतना अच्छा नहीं है?...


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Baby Tiwari

Student/Marketing/Lic Adviser

2:00

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भारतीय शिक्षा की अगर बात करें तो इतनी भी बुरी भारतीय शिक्षा नहीं है लेकिन मैं अगर बात करो कि यहां चली है ढीली है भारती शिक्षा निकेतन स्कूल संसाधन की कमी होती है या तो तू कहीं और टीचर लोग नहीं आ पा रहे हैं वहां पर शिक्षा की कमी है लोगों में क्लास ढंग से नहीं करवा पा रहे हैं तो कहीं संसाधन की कमी पाई गई है और कहीं कहीं भी थोड़ी सी का मतलब कि ऑन डिसिप्लिन है तो ऐसा इसलिए कि इसके लिए जो हमारा खत्म होनी चाहिए वह उसने कमी रह गई और इसके पीछे जो इस उत्सुकता होती है तो शायद इसके प्रति अगर ध्यान दिया जाए तो काफी प्रोग्रेस होगा और टीचर की बात की बात की गवर्नमेंट को संसाधन संसाधन के प्रति ध्यान देना चाहिए नहीं तो नेट की प्रॉब्लम है तू ही शिक्षा को ऑफ कर रही है कि अगर यह सब इसके लिए नहीं जा सकते हैं और भी ध्यान दिया जा रहा है मलिक रोमांटिक पर ध्यान काफी दे रहा है और रिजल्ट भी अच्छा नहीं है अब तो बदलो समाज बदलेगा और फिर देश बदलेगा तो वह जब तक हम लोग अपनी आपने नहीं करेंगे बताओ तब तक यह देश विकास नहीं कर सकता तो पहले खुद में यह परिवर्तन करना अंकुर जी की कमी पाई जाती है तो कृपया अपनी मांग करनी चाहिए

bharatiya shiksha ki agar baat karein toh itni bhi buri bharatiya shiksha nahi hai lekin main agar baat karo ki yahan chali hai dhili hai bharati shiksha niketan school sansadhan ki kami hoti hai ya toh tu kahin aur teacher log nahi aa pa rahe hai wahan par shiksha ki kami hai logo mein class dhang se nahi karva pa rahe hai toh kahin sansadhan ki kami payi gayi hai aur kahin kahin bhi thodi si ka matlab ki on discipline hai toh aisa isliye ki iske liye jo hamara khatam honi chahiye wah usne kami reh gayi aur iske peeche jo is utsukta hoti hai toh shayad iske prati agar dhyan diya jaye toh kaafi progress hoga aur teacher ki baat ki baat ki government ko sansadhan sansadhan ke prati dhyan dena chahiye nahi toh net ki problem hai tu hi shiksha ko of kar rahi hai ki agar yeh sab iske liye nahi ja sakte hai aur bhi dhyan diya ja raha hai malik romantic par dhyan kaafi de raha hai aur result bhi accha nahi hai ab toh badlo samaj badlega aur phir desh badlega toh wah jab tak hum log apni aapne nahi karenge batao tab tak yeh desh vikas nahi kar sakta toh pehle khud mein yeh parivartan karna ankur ji ki kami payi jati hai toh kripya apni maang karni chahiye

भारतीय शिक्षा की अगर बात करें तो इतनी भी बुरी भारतीय शिक्षा नहीं है लेकिन मैं अगर बात करो

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