IAS, IPS, IFS और IRS - हमारे देश में इन सभी पदों को लेकर एक बायस क्यों हैं?...


user

Dr Devansh Yadav

Additional Deputy Commissioner at ADC Bordumsa, Government of Arunachal Pradesh

1:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिनमें समाज यही कहूंगा कि बैलेंस तो नहीं है लोग अभी भी ऑफिसर की तरफ से एक बातचीत इसको बोलते हैं सकारात्मक सोच के साथ देखते हैं और शायद उसका कारण यह है कि आपको एक कॉन्पिटिटिव एग्जाम के थ्रू लिया जाता है आप समाज से ही आए हुए छात्र होते हैं जो कि एक प्रकार से नौकरी के अलग-अलग ऑप्शन देख रहे होते हैं और आपको लगता है कि इस ऑप्शन कि मैं देश सेवा कर सकता हूं लोगों को लगता है कि हमारे परिवार के साथ भी बहुत ही कम से कम सब सुविधाओं के साथ रहते हैं चीजों के साथ रहते हैं तो उनको एक थोड़ा विश्वास रहता है कि अगर कोई गरीब आएगा या फिर लिया कि भी ऐसा लगता है कि समाज में जो सर्विस है उनको लेकर काफी सकारात्मक विचार है हो सकता है कि सोशल मीडिया के दौर में जो नेगेटिव बातें हैं जो न कर अस्मत बातें हैं वह सादा आती हूं इसका मतलब यह नहीं है कि सकारात्मक बातों से लोगों का ध्यान नहीं है आज की जो हमारे विभाग हमारे ऑफिसों में लोग आते हैं इसीलिए आते हैं क्योंकि उनको पता है कि आने से उनको कुछ ना कुछ फायदा मिलेगा जो भी ऑफिसर है वह उनकी बात तो सुनेंगे मेरा यही मानना है कि अभी भी समाज में ताकि इंटरेस्ट है और आप देखेंगे जिस प्रकार के लोग नौकरी के लिए या के यूपीएससी के एग्जाम के लिए एप्लीकेशन देते हैं 5 अगस्त के लिए एग्जाम देते हैं दुनिया का सबसे गरीब आदमी की ज्यादा से ज्यादा तरीके से मदद कर सकते हो

jinmein samaj yahi kahunga ki balance toh nahi hai log abhi bhi officer ki taraf se ek batchit isko bolte hain sakaratmak soch ke saath dekhte hain aur shayad uska karan yah hai ki aapko ek competetive exam ke through liya jata hai aap samaj se hi aaye hue chatra hote hain jo ki ek prakar se naukri ke alag alag option dekh rahe hote hain aur aapko lagta hai ki is option ki main desh seva kar sakta hoon logo ko lagta hai ki hamare parivar ke saath bhi bahut hi kam se kam sab suvidhaon ke saath rehte hain chijon ke saath rehte hain toh unko ek thoda vishwas rehta hai ki agar koi garib aayega ya phir liya ki bhi aisa lagta hai ki samaj mein jo service hai unko lekar kaafi sakaratmak vichar hai ho sakta hai ki social media ke daur mein jo Negative batein hain jo na kar asmat batein hain vaah saada aati hoon iska matlab yah nahi hai ki sakaratmak baaton se logo ka dhyan nahi hai aaj ki jo hamare vibhag hamare afison mein log aate hain isliye aate hain kyonki unko pata hai ki aane se unko kuch na kuch fayda milega jo bhi officer hai vaah unki baat toh sunenge mera yahi manana hai ki abhi bhi samaj mein taki interest hai aur aap dekhenge jis prakar ke log naukri ke liye ya ke upsc ke exam ke liye application dete hain 5 august ke liye exam dete hain duniya ka sabse garib aadmi ki zyada se zyada tarike se madad kar sakte ho

जिनमें समाज यही कहूंगा कि बैलेंस तो नहीं है लोग अभी भी ऑफिसर की तरफ से एक बातचीत इसको बोलत

Romanized Version
Likes  40  Dislikes    views  1342
WhatsApp_icon
11 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Adityavikram Hirani

IAS Officer Trainee at LBSNAA

1:16

Likes  250  Dislikes    views  2612
WhatsApp_icon
user

Harssh A Poddar

Indian Police Service | Dy. Commissioner of Police, Nagpur

1:01
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह हरार की आखिरी लोगों को बाहर से ज्यादा लगता है राधे दर्शाते हैं को जनता की सेवा करने की इतनी सारी मौके मिलते हैं और आपको आपके पास इतना ज्यादा काम है कि आपके पास कभी तरक्की नहीं रहता है पूछने के लिए कि अगर मैं वह सब इसमें रहता तो और ज्यादा बेहतर जनता की सेवा कर कर पाता यह लगता है मैं भी उस दिन से गुजर चुका हूं बात चरितार्थ एक्सपेंसिव है कि आपको कभी भी यह सोचने का मौका भी नहीं मिलेगा कि मैं उस सर्विस में रहता तो ज्यादा काम कर पाता तो आई डोंट थिंक रहती है बारात आ जाते हैं तो

yah harar ki aakhiri logo ko bahar se zyada lagta hai radhe darshate hain ko janta ki seva karne ki itni saree mauke milte hain aur aapko aapke paas itna zyada kaam hai ki aapke paas kabhi tarakki nahi rehta hai poochne ke liye ki agar main vaah sab isme rehta toh aur zyada behtar janta ki seva kar kar pata yah lagta hai bhi us din se gujar chuka hoon baat charitarth expensive hai ki aapko kabhi bhi yah sochne ka mauka bhi nahi milega ki main us service mein rehta toh zyada kaam kar pata toh I dont think rehti hai baraat aa jaate hain toh

यह हरार की आखिरी लोगों को बाहर से ज्यादा लगता है राधे दर्शाते हैं को जनता की सेवा करने की

Romanized Version
Likes  34  Dislikes    views  400
WhatsApp_icon
user

Salil Bijur

Civil servant (IRS)

2:03
Play

Likes  53  Dislikes    views  627
WhatsApp_icon
user

Nikhil Dhanraj Nippanikar

IAS 2018 Batch, BIHAR Cadre

1:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां यह बाइल्स इसलिए आया है क्योंकि लोग जब एग्जाम के बारे में बोलते हैं उसकी एग्जाम होता है अन्य सेवाओं के लोग बचपन से ही टूट गए क्या मेरे भाई किसी के बोलने से बहुत समझदार हो अगर कुछ समाज में उनका रोल और उसके स्रोत कौन जगदीश और विक्रम किसी और को हिंदी में क्या होता है क्या नहीं होता

haan yah bales isliye aaya hai kyonki log jab exam ke bare mein bolte hain uski exam hota hai anya sewaon ke log bachpan se hi toot gaye kya mere bhai kisi ke bolne se bahut samajhdar ho agar kuch samaj mein unka roll aur uske srot kaun jagdish aur vikram kisi aur ko hindi mein kya hota hai kya nahi hota

हां यह बाइल्स इसलिए आया है क्योंकि लोग जब एग्जाम के बारे में बोलते हैं उसकी एग्जाम होता है

Romanized Version
Likes  93  Dislikes    views  1032
WhatsApp_icon
user

Mukund

Counselor & Coach

6:01
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आईएएस आईपीएस और आईआरएस हमारे देश में इन सभी पदों को लेकर 122 क्यों है बाय सैनी की पक्षपात देखिए मैंने यह पहले भी उत्तर दिया है जो है यह जो हमारे गांव देहात है और छोटे शहर है वहां पर कहीं न कहीं यह आईएएस आईपीएस जो होते हैं यह लड़ाई fs2 होते हैं कि एक तरह से राजा होते पूरा क्षेत्र जो है जिला जो है और डिविजनल कमिश्नर तो कुछ 45 जिले जो हैं वह संभालते हैं उसका प्रबंधक होते हैं मैंने मैंने मैनेजमेंट शायद तो लोगों का उनके साथ जो होता है इंटरेक्शन कहीं ना कहीं होता रहता है लेकिन अगर कोई बात विवाद हो गई अगर कोई जस्टिस 15 अगस्त 26 जनवरी ऐसे कुछ मौके हो गए या फिर जो है वहां के जो स्कूल कॉलेज का कोई फंक्शन हो गया कुछ ना सही तो आते जाते हो लाल बत्ती वाली गाड़ी घूमती है तो जायज बात है और जाहिर बात है कि वहां के जो लोग हैं वह बड़ा ही प्रेरित होते हैं इनको देखकर कि वह हमारे यहां सबसे बड़े यह है ठीक है ना और तो यह कैसे बने बड़े अच्छा पढ़ाई करके यह बन सकते हैं हम बहुत बढ़िया दूसरा कारण यह है कि वहां पर गांव देहात छोटे शहर में एक निजी प्राइवेट कंपनियां बहुत कम होती है अगर भी तो होती है छोटी होती है ठीक है ना अच्छा अब आते हैं बड़े शहर बड़े शहर में क्या है सबसे पहले यह जो लोग हैं आईएएस आईपीएस आईपीएस ज्यादातर जो है वह सरकारी महकमे में मिनिस्ट्री में डिपार्टमेंट में जो है क्या कह सरकारी संस्थाओं में और दिन को कहते हैं पब्लिक सेक्टर यूनिट वहां पर इनका पोस्टिंग होता है अच्छा और जब तक हम बिजनेसमैन नहीं होते छोटे बिजनेस में हमारा इनके साथ जो पाला है बहुत काम पड़ता है जो आम आदमी आदमी की बात कर रहा हूं ठीक है ना तो इसलिए जो है ना हमारा हम जो जिस से प्रभावित होते हैं वह बड़े शहर में इनसे प्रभावित नहीं होते उनसे प्रभावित होते हैं जो बड़ी गाड़ी चला रहे हैं ठीक है ना जो बड़े स्कूल में पढ़ रहे हैं जो बड़े होटलों में जाग जाते आते हैं ठीक है ना और हमारा यह सोचना समझना है कि याद तू आए एस आई पी एस है उसके बराबर ही है यह लोग बल्कि पैसों के मामले में तो यह तो एक कदम दो कदम आगे हैं इसलिए जो जो बड़े शहर में पक्षपात जो है 22 जून ए प्राइवेट की तरफ ज्यादा है कंपनियां भी बड़ी बड़ी होती है ठीक है ना कंपनियों में आधे भी बड़े बड़े होते हैं ठीक है ना और तन्हाई भी बड़ी अच्छी अच्छी मिलती है ठीक है ना आए दिन हम सुनते हैं कि यह इंडिया के भ्रमण करने गए हैं ठीक है तो आए दिन सुनते हैं कि उन्होंने यह खरीदा वह खरीदा मतलब जो ऐसी ऐसी वस्तु है जो बहुत महंगे हैं तो इन सब के कारण जो है ना बड़े शहर में पक्षपात बाय आईएएस आईपीएस आईएफएस की तरफ नहीं है ठीक है ना उनके बच्चों भी हमारे बच्चों के साथ पढ़ते हैं ठीक है ना उनके जो घर बार होते हैं वह हमारे घर के आस-पास ही होते हैं कोई ऐसा कोई भी बहुत बड़ी कोठी है बांग्ला ऐसे नहीं होता ठीक है ना तो जो है सौ बात की एक बात यह बाय पक्षपात जो आप कह रहे हैं यह दो तरफा है एक गांव देहात क्या कहते हैं छोटा शहर जिला में एक तरफ तक तरफ से ठीक है ना और दूसरा जो है उसका नाम क्या बड़े शहर में प्राइवेट प्राइवेट वालों की तो दोनों जो है कब प्रभाव अपनी जगह सही भी है और होता भी है तो आपका जो सवाल है इन सभी पदों को लेकर एक बहस क्यों है जैसे मैंने बताया यह सारे पर जो है डाल देना इसमें बहुत मायने रखते हैं और जब कोई अपने छोटे बिजनेस मैंने और आए दिन हमारा इनके साथ पाला पड़ता है क्योंकि लाइसेंस है और कुछ भी है कंप्लायंस है ठीक है नहीं तो हम लोग हैं नौकरी चुरा लोगे वह तो हार्डली कभी कबार अगर कुछ पाला पड़ गया तो पड़ गया नहीं तो वह भी नहीं पड़ता चलिए सपना कॉमेडी आप समझ गए

IAS ips aur IRS hamare desh mein in sabhi padon ko lekar 122 kyon hai bye saini ki pakshapat dekhiye maine yah pehle bhi uttar diya hai jo hai yah jo hamare gaon dehaant hai aur chote shehar hai wahan par kahin na kahin yah IAS ips jo hote hain yah ladai fs2 hote hain ki ek tarah se raja hote pura kshetra jo hai jila jo hai aur divijanal commissioner toh kuch 45 jile jo hain vaah sambhalate hain uska prabandhak hote hain maine maine management shayad toh logo ka unke saath jo hota hai interaction kahin na kahin hota rehta hai lekin agar koi baat vivaad ho gayi agar koi justice 15 august 26 january aise kuch mauke ho gaye ya phir jo hai wahan ke jo school college ka koi function ho gaya kuch na sahi toh aate jaate ho laal batti wali gaadi ghoomti hai toh jayaj baat hai aur jaahir baat hai ki wahan ke jo log hain vaah bada hi prerit hote hain inko dekhkar ki vaah hamare yahan sabse bade yah hai theek hai na aur toh yah kaise bane bade accha padhai karke yah ban sakte hain hum bahut badhiya doosra karan yah hai ki wahan par gaon dehaant chote shehar mein ek niji private companiya bahut kam hoti hai agar bhi toh hoti hai choti hoti hai theek hai na accha ab aate hain bade shehar bade shehar mein kya hai sabse pehle yah jo log hain IAS ips ips jyadatar jo hai vaah sarkari mahkame mein ministry mein department mein jo hai kya keh sarkari sasthaon mein aur din ko kehte hain public sector unit wahan par inka posting hota hai accha aur jab tak hum bussinessmen nahi hote chote business mein hamara inke saath jo pala hai bahut kaam padta hai jo aam aadmi aadmi ki baat kar raha hoon theek hai na toh isliye jo hai na hamara hum jo jis se prabhavit hote hain vaah bade shehar mein inse prabhavit nahi hote unse prabhavit hote hain jo badi gaadi chala rahe hain theek hai na jo bade school mein padh rahe hain jo bade hotelo mein jag jaate aate hain theek hai na aur hamara yah sochna samajhna hai ki yaad tu aaye s I p s hai uske barabar hi hai yah log balki paison ke mamle mein toh yah toh ek kadam do kadam aage hain isliye jo jo bade shehar mein pakshapat jo hai 22 june a private ki taraf zyada hai companiya bhi badi badi hoti hai theek hai na companion mein aadhe bhi bade bade hote hain theek hai na aur tanhai bhi badi achi achi milti hai theek hai na aaye din hum sunte hain ki yah india ke bhraman karne gaye hain theek hai toh aaye din sunte hain ki unhone yah kharida vaah kharida matlab jo aisi aisi vastu hai jo bahut mehnge hain toh in sab ke karan jo hai na bade shehar mein pakshapat bye IAS ips IFS ki taraf nahi hai theek hai na unke baccho bhi hamare baccho ke saath padhte hain theek hai na unke jo ghar baar hote hain vaah hamare ghar ke aas paas hi hote hain koi aisa koi bhi bahut badi kothi hai bangla aise nahi hota theek hai na toh jo hai sau baat ki ek baat yah bye pakshapat jo aap keh rahe hain yah do tarfa hai ek gaon dehaant kya kehte hain chota shehar jila mein ek taraf tak taraf se theek hai na aur doosra jo hai uska naam kya bade shehar mein private private walon ki toh dono jo hai kab prabhav apni jagah sahi bhi hai aur hota bhi hai toh aapka jo sawaal hai in sabhi padon ko lekar ek bahas kyon hai jaise maine bataya yah saare par jo hai daal dena isme bahut maayne rakhte hain aur jab koi apne chote business maine aur aaye din hamara inke saath pala padta hai kyonki license hai aur kuch bhi hai compliance hai theek hai nahi toh hum log hain naukri chura loge vaah toh hardali kabhi kabar agar kuch pala pad gaya toh pad gaya nahi toh vaah bhi nahi padta chaliye sapna comedy aap samajh gaye

आईएएस आईपीएस और आईआरएस हमारे देश में इन सभी पदों को लेकर 122 क्यों है बाय सैनी की पक्षपात

Romanized Version
Likes  96  Dislikes    views  1859
WhatsApp_icon
user

Shri Praveen Srivastava

Indian Forest Service officer; Currently serving as PCCF of Maharashtra Forest Department at its Nagpur Head Office

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह सब अपने अपने फील्ड में बहुत महत्व रखते हैं लेकिन अपना जो दिमाग सेटिंग गवर्नेंस का सिस्टम है उसमें वह अधिकारी का काम जिसकी सोच स्थानीय लोगों से जुड़ती है या एक सैनिक लोगों की समस्या को सॉल्व करती है वहीं अधिकार होता है फिर अगर वह आईएस में हो या इसमें हो या फॉरेस्ट सर्विस क्या होगा समझ आता है लेकिन सफलता की एक लोकतांत्रिक जुराब लोगों से लोगों को इसका फायदा मिले जहां तक लोगों को फायदा मिलता है अपना महत्व भाषण करती है और समाज में उसका रिजल्ट यह बात जरूर है कि अगर उसकी सेवाओं का डायरेक्टली दो को भी फायदा नहीं मिल रहा है या उसकी जानकारी नहीं है वह सर्विस धीरे-धीरे अपना मात्र होती जाती है

yah sab apne apne field mein bahut mahatva rakhte hai lekin apna jo dimag setting Governance ka system hai usme vaah adhikari ka kaam jiski soch sthaniye logo se judti hai ya ek sainik logo ki samasya ko solve karti hai wahi adhikaar hota hai phir agar vaah ias mein ho ya isme ho ya forest service kya hoga samajh aata hai lekin safalta ki ek loktantrik jurab logo se logo ko iska fayda mile jaha tak logo ko fayda milta hai apna mahatva bhashan karti hai aur samaj mein uska result yah baat zaroor hai ki agar uski sewaon ka directly do ko bhi fayda nahi mil raha hai ya uski jaankari nahi hai vaah service dhire dhire apna matra hoti jaati hai

यह सब अपने अपने फील्ड में बहुत महत्व रखते हैं लेकिन अपना जो दिमाग सेटिंग गवर्नेंस का सिस्ट

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  15
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह सभी पदों को लेकर हमारे देश में पाया इसलिए है क्योंकि यह दुखद है यह बहुत ही ज्यादा अपने आप में पावर सकते हैं इतना ही काफी हमारे पूरे देश में कुछ भी करवाने के लिए एक छोटा सा चपरासी नहीं जब किसी आईएस ऑफिस का काम करता है तो वह भी अपने आप में बहुत बड़ा आदमी हो जाता है

yah sabhi padon ko lekar hamare desh me paya isliye hai kyonki yah dukhad hai yah bahut hi zyada apne aap me power sakte hain itna hi kaafi hamare poore desh me kuch bhi karwane ke liye ek chota sa chaprasi nahi jab kisi ias office ka kaam karta hai toh vaah bhi apne aap me bahut bada aadmi ho jata hai

यह सभी पदों को लेकर हमारे देश में पाया इसलिए है क्योंकि यह दुखद है यह बहुत ही ज्यादा अपने

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  92
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सभी चीज की ट्रेनिंग होती है जो कि हमें इस मोबाइल में ट्रेनिंग दीजिए दी गई है इस मोबाइल से हमने अपनी ट्रेनिंग को फोन किया और आप लोगों के आगे प्रस्तुत हैं जो कि आप लोग हमसे सवाल जवाब करते हैं पढ़े-लिखे तो भले नहीं है मगर फिलहाल आप लोगों का सभी चीज का जवाब देने में सक्षम है मगर हां इतना भी सक्षम नहीं है कि हम आपके इस पढ़े-लिखे चीज को सभी जवाब दे सके मगर हां देने की पूरी कोशिश करते हैं क्योंकि हम वह हैं जो अपनी जिंदगी में हार ना तो कभी पसंद ही नहीं किया क्योंकि हारता वही है जिसका मनोबल कमजोर हो और अपने आप को कमजोर साबित करने में वह अच्छा साबित करने में ना लग सके और वह अच्छा ना हो सके

sabhi cheez ki training hoti hai jo ki hamein is mobile me training dijiye di gayi hai is mobile se humne apni training ko phone kiya aur aap logo ke aage prastut hain jo ki aap log humse sawaal jawab karte hain padhe likhe toh bhale nahi hai magar filhal aap logo ka sabhi cheez ka jawab dene me saksham hai magar haan itna bhi saksham nahi hai ki hum aapke is padhe likhe cheez ko sabhi jawab de sake magar haan dene ki puri koshish karte hain kyonki hum vaah hain jo apni zindagi me haar na toh kabhi pasand hi nahi kiya kyonki harta wahi hai jiska manobal kamjor ho aur apne aap ko kamjor saabit karne me vaah accha saabit karne me na lag sake aur vaah accha na ho sake

सभी चीज की ट्रेनिंग होती है जो कि हमें इस मोबाइल में ट्रेनिंग दीजिए दी गई है इस मोबाइल से

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  122
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आईएएस आईपीएस आईएफएस यार आईएस हमारे देश के बहुत ही उच्च पद है जिस बहुत ज्यादा सम्मान मिलता है वह इस पद पर रहे के सिवा कर सकते हैं हमारे जनता की

IAS ips IFS yaar ias hamare desh ke bahut hi ucch pad hai jis bahut zyada sammaan milta hai vaah is pad par rahe ke siva kar sakte hain hamare janta ki

आईएएस आईपीएस आईएफएस यार आईएस हमारे देश के बहुत ही उच्च पद है जिस बहुत ज्यादा सम्मान मिलता

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  71
WhatsApp_icon
user
0:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आईआर

IR

आईआर

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  69
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!