क्या आदिवासियों की हालत को नज़र अंदाज़ किया जाता है?...


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Dinesh Sahu

Politician

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Girish Soni

Indian Politician

1:01
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं किया जा सकता आदिवासियों की हालत मेरे देखी आदिवासियों को तो बहुत कुछ आज ही तो मैं बहुत परेशान हूं मैं महाराष्ट्र गया था मैं सुनकर हैरान तो उन्होंने कभी जिंदगी में अपना वोट डालते हैं आता है उसको उसको उसको पैसा देना उसको घर देना वह अपने आप ही सब कुछ समझा देता है तब यह वोट डालना उनको यह नहीं पता है उनको यह नहीं पता तो आदिवासियों की जो स्थिति है आप आप समझ सकते हो तन पर कपड़े की झंकर नहीं है तो आज आदिवासियों की स्थिति को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं किया जा सकता बहुत परिस्थिति में देखने का मौका मिला तो पता लगा नहीं तो कई बार दर्शन ही नहीं होते और चैनल को दिखाने की क्या

nahi kiya ja sakta adivasiyon ki halat mere dekhi adivasiyon ko toh bahut kuch aaj hi toh main bahut pareshan hoon main maharashtra gaya tha main sunkar hairan toh unhone kabhi zindagi mein apna vote daalte hain aata hai usko usko usko paisa dena usko ghar dena vaah apne aap hi sab kuch samjha deta hai tab yah vote dalna unko yah nahi pata hai unko yah nahi pata toh adivasiyon ki jo sthiti hai aap aap samajh sakte ho tan par kapde ki jhankar nahi hai toh aaj adivasiyon ki sthiti ko bilkul najarandaj nahi kiya ja sakta bahut paristithi mein dekhne ka mauka mila toh pata laga nahi toh kai baar darshan hi nahi hote aur channel ko dikhane ki kya

नहीं किया जा सकता आदिवासियों की हालत मेरे देखी आदिवासियों को तो बहुत कुछ आज ही तो मैं बहुत

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Farhan Yahiya

Chief Reporter

0:36

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल नजरअंदाज किया जाता है अगर उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाता है तो आदिवासी आदिवासी थोड़ी ना होता हे राजन की सरकार है यह चाहे केंद्र की सरकार हो इस पर ज्यादा तरक्की नहीं चाहती आदिवासियों को मैंने आपसे क्या कहा जैसे देश में हालात है इस टाइम में क्या गरीबों को और गरीब होने दो अमीर है तो वह हम ही होता चला जाए तो वैसे ही आदिवासी हैं ठीक है इनको आदिवासी रहने दो क्यों इनको दिखाओ पढ़ाओ इन को बनाओ ताकि और भी ज्यादा देश के अंदर यह भी अपने हाथ मांगने लगे इसलिए जो पिछड़ा वर्ग है जो दबे कुचले लोग हैं उन्हें दबाते रहो उनको कुछ चलते रहो यही राजनीति रह गई है

bilkul najarandaj kiya jata hai agar unhein najarandaj nahi kiya jata hai toh adiwasi aadiwasi thodi na hota hai rajan ki sarkar hai yeh chahe kendra ki sarkar ho is par zyada tarakki nahi chahti adivasiyon ko maine aapse kya kaha jaise desh mein haalaat hai is time mein kya garibon ko aur garib hone do amir hai toh wah hum hi hota chala jaye toh waise hi adiwasi hain theek hai inko adiwasi rehne do kyon inko dikhaao padhao in ko banao taki aur bhi zyada desh ke andar yeh bhi apne hath mangne lage isliye jo pichda varg hai jo dabe kuchle log hain unhein dabate raho unko kuch chalte raho yahi rajneeti reh gayi hai

बिल्कुल नजरअंदाज किया जाता है अगर उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाता है तो आदिवासी आदिवासी थोड

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Abhi Kumar Rana

Journalist

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदिवासी भी लोग होते हैं जिन पर किसी से डरते हैं वो लोग बता सकते हैं बस थोड़ी देर लगती है क्या बताओ अपना एक फोन से फेसबुक लोगों को दिखाने की व्यवस्था नहीं है उनके बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं

aadiwasi bhi log hote hain jin par kisi se darte hain vo log bata sakte hain bus thodi der lagti hai kya batao apna ek phone se facebook logo ko dikhane ki vyavastha nahi hai unke bacche school mein padhte hain

आदिवासी भी लोग होते हैं जिन पर किसी से डरते हैं वो लोग बता सकते हैं बस थोड़ी देर लगती है क

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं बहुत अच्छी बात आपको बताऊं कि जब से आजाद हुआ है तब से हमारे यहां आदिवासियों के लिए स्वीकृत के लिए और कुछ मिर्ची के जरिए करोड़ों करोड़ों रुपए जो है अलग-अलग चुके हैं और लगाए गए हैं लेकिन आप देखिए कर रही हैं कि जो पैसा उनके विकास के लिए उनके सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सरकार दे रही है उसका कहां पर हो रहा है लग रहा है कि नहीं आ मॉडलिंग एजेंसीज के ऊपर भी आपको जो है ना नजर रखने की जरूरत है एक सवाल की गिनती बनानी पड़ेगी कि को मॉनिटर कर सकें कि हमने आपको जिम्मेदारी दी थी कि आदिवासियों की 10 सालों में आदिवासियों के विकास के लिए ना करूं तो तेज है केंद्र सरकार ने दिए लेकिन 70 साल के बाद ही उनकी हालत वैसी की वैसी रही है और यहां तक कि आप जब आदिवासी क्षेत्रों में आ जाएगी ऐसा लगेगा कि हम साउथ अफ्रीका के किसी कंपनी में आ गए हैं हमको शर्म आती है जब हमारी छुट्टी नहीं मिल पाया कि हम तो यह भगवान की बात है कितना पैसा लगने के बाद भी आदमी की हालत भी ठीक है उसे लगता है कि देश के ऊपर चाहिए उनके ऊपर सब्जी बनानी चाहिए

main bahut achi baat aapko bataun ki jab se azad hua hai tab se hamare yahan adivasiyon ke liye sawikrit ke liye aur kuch mirchi ke jariye karodo karodo rupaye jo hai alag alag chuke hain aur lagaye gaye hain lekin aap dekhiye kar rahi hain ki jo paisa unke vikas ke liye unke samajik aur aarthik vikas ke liye sarkar de rahi hai uska kahaan par ho raha hai lag raha hai ki nahi aa modelling agencies ke upar bhi aapko jo hai na nazar rakhne ki zarurat hai ek sawaal ki ginti banani padegi ki ko monitor kar sake ki humne aapko jimmedari di thi ki adivasiyon ki 10 salon mein adivasiyon ke vikas ke liye na karu toh tez hai kendra sarkar ne diye lekin 70 saal ke baad hi unki halat vaisi ki vaisi rahi hai aur yahan tak ki aap jab adiwasi kshetro mein aa jayegi aisa lagega ki hum south africa ke kisi company mein aa gaye hain hamko sharm aati hai jab hamari chhutti nahi mil paya ki hum toh yah bhagwan ki baat hai kitna paisa lagne ke baad bhi aadmi ki halat bhi theek hai use lagta hai ki desh ke upar chahiye unke upar sabzi banani chahiye

मैं बहुत अच्छी बात आपको बताऊं कि जब से आजाद हुआ है तब से हमारे यहां आदिवासियों के लिए स्वी

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां यह सही बात है कि लंबे समय तक आदिवासी क्षेत्र को सरकारी उपेक्षा झेलनी पड़ी है और जबकि आदिवासी मूलतः उनका लोकाचार उनका जनजीवन प्रकृति से जुड़ा हुआ है प्रकृति पर आधारित है और सरकारी उपेक्षा के कारण ही आदिवासी क्षेत्रों में ऐसे संगठनों ने अपने पांव पसारे और उनके दिलों दिमाग में ऐसे जहर को हो या किस कारण आदिवासी नक्सली होने की तरफ प्रेरित हुए उन्हें ऐसा लगा कि वह जंगल के निवासी है उनका अपना साम्राज्य होना चाहिए यही कारण है कि आज शाम से लेकर बिहार बिहार से लेकर छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ से लेकर कि तेलंगाना आंध्र प्रदेश मध्य प्रदेश उत्तर उत्तरप्रदेश एक लंबा एक लंबी श्रंखला जो है आदिवासियों की वह नक्सल में तब्दील हो गई और नक्सलियों ने सरकार को शासन को अपना दुश्मन माना सरकारी व्यवस्था सरकारी तंत्र को मारना उन्हें लूटना प्रभावित करना वह उनके एजेंडे में शामिल हो गया और इसमें जो वामपंथी विचारधारा थी वह ओपन से जुड़े हुए लोग थे बाद में जो सरकारें अलग-अलग प्रदेशों में आए वह भी इनके प्रभाव से छूती नहीं रहे चाहे वह कांग्रेस की सरकार हो जाए बिहार में राजद की सरकारों के साथ गठजोड़ बना रहा तो यह कहना तो सही है कि सरकारों की उपेक्षा जरूर रही है लेकिन अब जब सरकार विकास कार्य करना चाहती है तो उसने वही नक्सली वही आदिवासी रोड़ा बन कर के खड़े हैं लेकिन फिर भी वर्तमान सरकार बहुत संवेदनशील है और बड़े पैमाने पर नक्सलियों का उन्मूलन किया गया है उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है

ji haan yah sahi baat hai ki lambe samay tak adiwasi kshetra ko sarkari upeksha jhelani padi hai aur jabki adiwasi moolat unka lokachar unka janjivan prakriti se jinko hua hai prakriti par aadharit hai aur sarkari upeksha ke karan hi adiwasi kshetro mein aise sangathano ne apne paav pasare aur unke dilon dimag mein aise zehar ko ho ya kis karan adiwasi naksali hone ki taraf prerit hue unhe aisa laga ki vaah jungle ke niwasi hai unka apna samrajya hona chahiye yahi karan hai ki aaj shaam se lekar bihar bihar se lekar chattisgarh chattisgarh se lekar ki telangana andhra pradesh madhya pradesh uttar uttar pradesh ek lamba ek lambi shrinkhala jo hai adivasiyon ki vaah naxal mein tabdil ho gayi aur naksaliyo ne sarkar ko shasan ko apna dushman mana sarkari vyavastha sarkari tantra ko marna unhe lootna prabhavit karna vaah unke agent mein shaamil ho gaya aur isme jo vampanthi vichardhara thi vaah open se jude hue log the baad mein jo sarkaren alag alag pradeshon mein aaye vaah bhi inke prabhav se chuti nahi rahe chahen vaah congress ki sarkar ho jaaye bihar mein rajad ki sarkaro ke saath gathajod bana raha toh yah kehna toh sahi hai ki sarkaro ki upeksha zaroor rahi hai lekin ab jab sarkar vikas karya karna chahti hai toh usne wahi naksali wahi adiwasi roda ban kar ke khade hain lekin phir bhi vartaman sarkar bahut samvedansheel hai aur bade paimane par naksaliyo ka unmulan kiya gaya hai unhe mukhyadhara mein lane ka prayas kiya ja raha hai

जी हां यह सही बात है कि लंबे समय तक आदिवासी क्षेत्र को सरकारी उपेक्षा झेलनी पड़ी है और जबक

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Aamir Saleem Khan

Chief Reporter/News editor

0:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या जा रहा है बड़े बड़े हो जाते थे जो अब तक मैंने दवा है या शब्द

kya ja raha hai bade bade ho jaate the jo ab tak maine dawa hai ya shabd

क्या जा रहा है बड़े बड़े हो जाते थे जो अब तक मैंने दवा है या शब्द

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदिवासियों की हालत को नजरअंदाज करने वाली पार्टी का नाम है कांग्रेस पार्टी कांग्रेस पार्टी ने हमारे देश के गरीबों के साथ नाइंसाफी की है हमारे देश के किसानों के साथ नाइंसाफी की है और हमारे देश के आदि आदिवासियों को नजर अंदाज किया है अगर कांग्रेस पार्टी ने 70 सालों में कुछ कार्य किया हुआ तो हमारे देश के आदिवासियों की स्थिति अच्छी होती है हमारे देश के किसानों की स्थिति अच्छी होती हमारे देश के गरीबों की स्थिति अच्छी होती लेकिन आज भी हमारे देश को विकासशील देश बोला जाता है 2014 में जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने थे हमारे देश के उस टाइम 18000 गांव ऐसे थे जहां के लोग बिजली के खंबे का शक्ल तक नहीं देखे थे आज उन सभी गांव में बिजली पहुंचाई गई है आज हमारे देश के सभी गरीबों के पास बैंक अकाउंट है आज हमें गैस कनेक्शन हमारे देश के मैक्सिमम गरीबों के पास गैस कनेक्शन है गैस सभी आसानी से मिल जाता है और रोड सड़क की व्यवस्था अच्छी हो रही है हमारे देश में रोड सड़क का कार्य भी बहुत अच्छे से हो रहा है मोदी जी ने गांव गांव बिजली पहुंचाई है गांव को सड़क सड़क गांव को शहर से जुड़ा है प्रधानमंत्री सड़क योजना के माध्यम से आइए हम सभी लोग मिलजुलकर भारतीय जनता पार्टी को अपना महत्वपूर्ण वोट दें ताकि हमारे देश में आदिवासियों की स्थिति अच्छी हो सके हमारे देश के किसानों को उनका अधिकार मिल सके और हमारे देश से गरीबी का खात्मा हो सके धन्यवाद

adivasiyon ki halat ko najarandaj karne wali party ka naam hai congress party congress party ne hamare desh ke garibon ke saath nainsafi ki hai hamare desh ke kisano ke saath nainsafi ki hai aur hamare desh ke aadi adivasiyon ko nazar andaaz kiya hai agar congress party ne 70 salon mein kuch karya kiya hua toh hamare desh ke adivasiyon ki sthiti achi hoti hai hamare desh ke kisano ki sthiti achi hoti hamare desh ke garibon ki sthiti achi hoti lekin aaj bhi hamare desh ko vikasshil desh bola jata hai 2014 mein jab pradhanmantri shri narendra modi ji pradhanmantri bane the hamare desh ke us time 18000 gaon aise the jaha ke log bijli ke khambe ka shakl tak nahi dekhe the aaj un sabhi gaon mein bijli pahunchai gayi hai aaj hamare desh ke sabhi garibon ke paas bank account hai aaj hamein gas connection hamare desh ke maximum garibon ke paas gas connection hai gas sabhi aasani se mil jata hai aur road sadak ki vyavastha achi ho rahi hai hamare desh mein road sadak ka karya bhi bahut acche se ho raha hai modi ji ne gaon gaon bijli pahunchai hai gaon ko sadak sadak gaon ko shehar se juda hai pradhanmantri sadak yojana ke madhyam se aaiye hum sabhi log miljulakar bharatiya janta party ko apna mahatvapurna vote de taki hamare desh mein adivasiyon ki sthiti achi ho sake hamare desh ke kisano ko unka adhikaar mil sake aur hamare desh se garibi ka khatma ho sake dhanyavad

आदिवासियों की हालत को नजरअंदाज करने वाली पार्टी का नाम है कांग्रेस पार्टी कांग्रेस पार्टी

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Sampat Techno

Welcome to my YouTube channel "Sampat Techno"

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है क्या आदिवासियों की हालत को नजरअंदाज करना चाहिए बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि वह आदिवासी ही है और कोई भी जाति धर्म क्यों नहीं है वह भी एक इंसान है और मेरे आपके तरह है इसलिए कोई भी व्यक्ति यदि उसका हालत गंभीर हो तो उसमें हम लोग को भी सहयोग करना चाहिए गवर्नमेंट को भी सहयोग करना चाहिए किसी भी प्रकार की पक्षपात नहीं करना चाहिए किस देश के नागरिक ही है ना वह भी एक इंसान भी है ना तो हम लोग को जो है आपस में भाईचारा का जो है नता निभाना चाहिए ताकि सारे मानवता का भी कदर जो है वह करना चाहिए किसी भी प्रकार से कोई भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए क्योंकि आजकल आपको पता ही होगा कि आदमी का आयु 60 साल हो गया है और जैसा जैसा अभी चल रहा है ऐसे में टेंशन के जरिए आदमी का जो है वह घटते जा रहा है इतना कम उम्र में जो है झगड़ते कोई पैदान है जितना प्रेम पूर्वक रहेगा उतना शरीर में भी कुछ ताजगी आता है और अंदर से ही आपको खुशी महसूस होता है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए किसी का भी परेशानी हो नजरअंदाज नहीं करना चाहिए चाहे वह आपका गांव का हो या फिर कहीं दूसरे राज्य का भी क्यों ना हो कोई भी अधिक परेशानी में है तो उसे मिलना चाहिए उसका परेशानी को हल करने का भरसक प्रयास करना चाहिए आपसे जो भी हो हो सकता यदि आप से किसी का उधार हो रहा है तो यह बहुत बड़ा परोपकार का काम होगा

aapka sawaal hai kya adivasiyon ki halat ko najarandaj karna chahiye bilkul bhi nahi karna chahiye kyonki vaah adiwasi hi hai aur koi bhi jati dharm kyon nahi hai vaah bhi ek insaan hai aur mere aapke tarah hai isliye koi bhi vyakti yadi uska halat gambhir ho toh usme hum log ko bhi sahyog karna chahiye government ko bhi sahyog karna chahiye kisi bhi prakar ki pakshapat nahi karna chahiye kis desh ke nagarik hi hai na vaah bhi ek insaan bhi hai na toh hum log ko jo hai aapas me bhaichara ka jo hai nata nibhana chahiye taki saare manavta ka bhi kadar jo hai vaah karna chahiye kisi bhi prakar se koi bhi vyakti ke saath bhedbhav nahi karna chahiye kyonki aajkal aapko pata hi hoga ki aadmi ka aayu 60 saal ho gaya hai aur jaisa jaisa abhi chal raha hai aise me tension ke jariye aadmi ka jo hai vaah ghatate ja raha hai itna kam umar me jo hai jhagadate koi paidan hai jitna prem purvak rahega utana sharir me bhi kuch tajgi aata hai aur andar se hi aapko khushi mehsus hota hai toh aisa bilkul bhi nahi karna chahiye kisi ka bhi pareshani ho najarandaj nahi karna chahiye chahen vaah aapka gaon ka ho ya phir kahin dusre rajya ka bhi kyon na ho koi bhi adhik pareshani me hai toh use milna chahiye uska pareshani ko hal karne ka bharasak prayas karna chahiye aapse jo bhi ho ho sakta yadi aap se kisi ka udhaar ho raha hai toh yah bahut bada paropkaar ka kaam hoga

आपका सवाल है क्या आदिवासियों की हालत को नजरअंदाज करना चाहिए बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए क्य

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां आदिवासियों की हालत को नजरअंदाज किया जाता है क्योंकि उसमें लोग जागरूक नहीं होते हैं उनके अधिकार के बारे में कोई लड़ना नहीं चाहता है और अच्छी बड़ी-बड़ी वकील भी उनकी ओर से पैरवी नहीं कर पाते हैं क्योंकि आदिवासियों के पास बड़े वकील करने की क्षमता नहीं होती है ऐसी स्थिति में जिन लोगों के पास चिंता है कम है वह अपने अधिकारों को पाने में उतना ही कमजोर साबित होता है

ji haan adivasiyon ki halat ko najarandaj kiya jata hai kyonki usme log jagruk nahi hote hain unke adhikaar ke bare me koi ladana nahi chahta hai aur achi badi badi vakil bhi unki aur se pairavi nahi kar paate hain kyonki adivasiyon ke paas bade vakil karne ki kshamta nahi hoti hai aisi sthiti me jin logo ke paas chinta hai kam hai vaah apne adhikaaro ko paane me utana hi kamjor saabit hota hai

जी हां आदिवासियों की हालत को नजरअंदाज किया जाता है क्योंकि उसमें लोग जागरूक नहीं होते हैं

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Vikram

Politician

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Rahul kumar

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदिवासियों की हालत को बिल्कुल भाई साहब से नजर अंदाज किया जाता रहा है लेकिन अभी फिलहाल कुछ समय में जो प्रधानमंत्री हैं उन्होंने आदिवासियों के लिए बहुत सारे पॉलिसीस बनाएं जिससे के नए-नए पॉलिसीस अभी लॉन्च किया जा रहे हैं जोकि दवे पिछड़े लोग हैं जिनको कि हमारे जो अभी जो देश प्रगति कर रहा इसमें शामिल नहीं हो पा रहे हैं तो उनसे भी चुप गोसाई पॉलिश बनाने काम हो रहा है और भविष्य और बेहतर बनाने के लिए जरूर काम कर रहे हैं हमारे मोदी साहब ऐसा नहीं है कि बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है ध्यान दिया जा रहा है और भविष्य और बेहतर किया जाएगा

adivasiyon ki halat ko bilkul bhai saheb se nazar andaaz kiya jata raha hai lekin abhi filhal kuch samay mein jo pradhanmantri hain unhone adivasiyon ke liye bahut saare policies banaye jisse ke naye naye policies abhi launch kiya ja rahe hain joki dave pichade log hain jinako ki hamare jo abhi jo desh pragati kar raha isme shaamil nahi ho paa rahe hain toh unse bhi chup gosai polish banane kaam ho raha hai aur bhavishya aur behtar banane ke liye zaroor kaam kar rahe hain hamare modi saheb aisa nahi hai ki bilkul dhyan nahi diya ja raha hai dhyan diya ja raha hai aur bhavishya aur behtar kiya jaega

आदिवासियों की हालत को बिल्कुल भाई साहब से नजर अंदाज किया जाता रहा है लेकिन अभी फिलहाल कुछ

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