राजपूत क्या है?...


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Abhishek Shekher Gaur

Civil Engineer

0:26

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजपूत इन को कहा जाता है जो क्षत्रिय वर्ण में आते हैं राजपूत उनको इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह राजा हुआ करते थे तो राजपूत हो गए हो और जो क्षत्रिय थे उनको वर्ण व्यवस्था के हिसाब से युद्ध का काम दिया जाता था और वो राजा वही होते थे जैसे हमारे चार वर्ण से ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र तो उसी में राजपूत छतरी में आते थैंक यू

rajput in ko kaha jata hai jo kshatriya varn mein aate hain rajput unko isliye kaha jata hai kyonki vaah raja hua karte the toh rajput ho gaye ho aur jo kshatriya the unko varn vyavastha ke hisab se yudh ka kaam diya jata tha aur vo raja wahi hote the jaise hamare char varn se brahman kshatriya vaiishay shudra toh usi mein rajput chatri mein aate thank you

राजपूत इन को कहा जाता है जो क्षत्रिय वर्ण में आते हैं राजपूत उनको इसलिए कहा जाता है क्योंक

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nirurajput

Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजपूत क्या है तो मेक ठाट ऊपर कविता सुनाता हूं हम राजा हैं हमें शराफत से राज करने दो हम महाराजा बने तो हर दुश्मन का जीना हराम कर देंगे जब हम सिंहासन पर बैठते हैं तो राजा कहलाते जब हम घोड़े पर सवार होते हैं तो योद्धा कहलाते जब हम किसी की जान बचाते तो छत्रिय कल आते जब हम किसी को वचन देते हैं तो राजपूत कहलाते हैं मेरा कत्ल कर दो कोई शिकवा ना होगा मुझे धोखा दे दो कोई बदला ना होगा पर अगर जो आप उठी मेरे वतन हिंदुस्तान पर तो फिर तलवार उठेगी और फिर कोई समझौता नहीं होगा हमारी ताकत का अंदाजा तुम क्या लगाओगे क्या लगाओगे गालिब हम तो कब्रिस्तान से ही गुजरते हैं तो मुर्दे उठकर कहते हैं जय माता दी बन्ना सर पर केसरिया साफा मुख पर सोने की आभा जब हाथ में लेते तलवार धुन या करती कोटि-कोटि प्रणाम अपनी अपनी मां के बच्चे पूत इसलिए कहते हमको छत्रिय राजपूत जो मच्छर से डर जाता उसका खून भी लाल होता है जो शेर से लड़ जाता है उसका खून भी लाल होता है लेकिन एक अजब खून का जलवा जो गजब पूत का होता है जो मौत को भी ललकार हुए खून राजपूत का होता है जमाने ने राजपूतों की असूल तो बदल दिए पार्क खून और दादागिरी आज भी वही है जून में रहने वालो आजमा कर देखना कभी हमारी छाती पर फौलादी भी पिघलता है शेर का जिगरा राजपूत हमेशा अकेला निकलता है गुलामी तो हम सिर्फ अपने मां बाप की करते हैं दुनिया के लिए तो कल भी बादशाह बादशाह थे और आज भी राजपूत उस बारिश का नाम नहीं जो बरसे और थम जाए राजपूत हो सूरज नहीं जो चमके और डूब जाए राजपूत नाम है उस साथ का जो चले तो जिंदगी और हमें तो मौत बन जाए अभी तक हम इतने ही इतने भी मामूली नहीं हुए कि किसी के दिल में बसना चाहें और वो इनकार कर दे जो मिटा सके हमारी सूरत के पन्ने उधम किसी में का शुक्र है तलवार म्यान के अंदर वरना जुट सके हमारे सामने वह सरकार आनी नहीं तो क्या हुआ कि राजा आज भी लाखों दिलों पे राज करता है बंदूक और तलवार जैसे खिलौने बाजार में बहुत बिकते हैं पर उसे चलाने का जिगर दुनिया की किसी भी बाजार में नहीं बिकता राजपूत उसे लेकर पैदा होता है किसी ने पूछा राजपूतों की जनसंख्या इतनी कम क्यों है राजपूत ने कहा यह प्रकृति का नियम है यदि शेरों यानी राजपूतों को बढ़ा दिया जाए तो दूसरी प्रजातियां खतरे में पड़ जाएगी कोशिश तो सब करते हैं लेकिन सबको हासिल ताज नहीं होता सौरभ तो कोई भी कमाल है पर बन्ना वाला अंदाज नहीं होता उस दिन भी कहा था आज भी कह रहा हूं उम्र छोटी है लेकिन जब जा दुनिया को मुट्ठी करने का रखता हूं मेरी दोस्ती का फायदा उठा लेना क्योंकि मेरी दुश्मनी का नुकसान सहने पाओगे हथियार तो शौक के लिए वरना किसी के मन में खौफ पैदा करने के लिए तो बस नाम ही काफी है लोग कहते हैं तुझे तेरी बना गिरी 1 दिन मरवाएगी मैंने प्यार से कहा क्या करूं सबको बना गिरी आती नहीं और मेरी जाती नहीं कामुकता लगाकर कोई शेर नहीं बनता भाला उठाकर कोई राणा प्रताप नहीं बनता रणभूमि में पता चलता योद्धाओं का पूछो कि मरोड़ी लगाने से कोई राजपूत नहीं बनता कुछ हुनर खून में होते दिखाई नहीं जाते यूं दंड बैठक लगाने से कलेजा राजपूत का नहीं बनता अगर कविता अच्छी लगी तो लाइक कीजिए और कमेंट कीजिए

rajput kya hai toh make thaat upar kavita sunata hoon hum raja hai hamein sharafat se raj karne do hum maharaja bane toh har dushman ka jeena haraam kar denge jab hum sinhaasan par baithate hai toh raja kehlate jab hum ghode par savar hote hai toh yodha kehlate jab hum kisi ki jaan bachate toh Kshatriya kal aate jab hum kisi ko vachan dete hai toh rajput kehlate hai mera katl kar do koi shikwa na hoga mujhe dhokha de do koi badla na hoga par agar jo aap uthi mere vatan Hindustan par toh phir talwar uthegee aur phir koi samjhauta nahi hoga hamari takat ka andaja tum kya lagaoge kya lagaoge galib hum toh kabristan se hi gujarate hai toh murde uthakar kehte hai jai mata di banna sir par kesariya safa mukh par sone ki aabha jab hath mein lete talwar dhun ya karti koti koti pranam apni apni maa ke bacche poot isliye kehte hamko Kshatriya rajput jo macchar se dar jata uska khoon bhi laal hota hai jo sher se lad jata hai uska khoon bhi laal hota hai lekin ek ajab khoon ka jalwa jo gajab poot ka hota hai jo maut ko bhi lalkar hue khoon rajput ka hota hai jamane ne rajputo ki asul toh badal diye park khoon aur dadagiri aaj bhi wahi hai june mein rehne waalon ajama kar dekhna kabhi hamari chhati par fauladi bhi pighalata hai sher ka jigra rajput hamesha akela nikalta hai gulaami toh hum sirf apne maa baap ki karte hai duniya ke liye toh kal bhi badshah badshah the aur aaj bhi rajput us barish ka naam nahi jo barase aur tham jaaye rajput ho suraj nahi jo chamke aur doob jaaye rajput naam hai us saath ka jo chale toh zindagi aur hamein toh maut ban jaaye abhi tak hum itne hi itne bhi mamuli nahi hue ki kisi ke dil mein basana chahain aur vo inkar kar de jo mita sake hamari surat ke panne udham kisi mein ka shukra hai talwar myana ke andar varna jut sake hamare saamne vaah sarkar aani nahi toh kya hua ki raja aaj bhi laakhon dilon pe raj karta hai bandook aur talwar jaise khilone bazaar mein bahut bikate hai par use chalane ka jigar duniya ki kisi bhi bazaar mein nahi bikta rajput use lekar paida hota hai kisi ne poocha rajputo ki jansankhya itni kam kyon hai rajput ne kaha yah prakriti ka niyam hai yadi sheron yani rajputo ko badha diya jaaye toh dusri prajatiya khatre mein pad jayegi koshish toh sab karte hai lekin sabko hasil taj nahi hota saurabh toh koi bhi kamaal hai par banna vala andaaz nahi hota us din bhi kaha tha aaj bhi keh raha hoon umr choti hai lekin jab ja duniya ko mutthi karne ka rakhta hoon meri dosti ka fayda utha lena kyonki meri dushmani ka nuksan sahane paoge hathiyar toh shauk ke liye varna kisi ke man mein khauf paida karne ke liye toh bus naam hi kaafi hai log kehte hai tujhe teri bana giri 1 din maravaegi maine pyar se kaha kya karu sabko bana giri aati nahi aur meri jaati nahi kamukata lagakar koi sher nahi baata bhala uthaakar koi rana pratap nahi baata ranbhumi mein pata chalta yoddhaon ka pucho ki marodi lagane se koi rajput nahi baata kuch hunar khoon mein hote dikhai nahi jaate yun dand baithak lagane se kaleja rajput ka nahi baata agar kavita achi lagi toh like kijiye aur comment kijiye

राजपूत क्या है तो मेक ठाट ऊपर कविता सुनाता हूं हम राजा हैं हमें शराफत से राज करने दो हम मह

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Prabhat Kumar

Teacher at Oxford English High School 7 year experience

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजपूत उत्तर भारत का एक क्षत्रिय कुल माना जाता है जो कि राजपुत्र का अपभ्रंश है राजस्थान को ब्रिटिश काल में राजपूताना भी कहा गया है पुराने जमाने में आर्य जाति में केवल चार वर्णों की व्यवस्था थी राजपूत काल में प्राचीन वर्ण व्यवस्था समाप्त हो गई थी तथा वर्ण के स्थान पर कई जातियां और उपजातियां बनाई गई कवि चंद्र बधाई के अकथा अनुसार राजपूत की 36 जातियां थी कुछ इतिहासकारों ने प्राचीन काल एवं मध्य काल को संधि काल भी कहा है इस काल के महत्वपूर्ण राजवंशों में राष्ट्रकूट वंश चालुक्य वंश चौहान वंश चंदेल वंश परमार वंश एवं गुर्जर प्रतिहार वंश आते हैं राजपूत मुख्य रूप से हिंदू धर्म से आते हैं तथा इनकी भाषाएं हिंद आरे भाषाएं हैं

rajput uttar bharat ka ek kshatriya kul mana jata hai jo ki rajputra ka apbransh hai rajasthan ko british kaal mein rajpootana bhi kaha gaya hai purane jamane mein arya jati mein keval char varnon ki vyavastha thi rajput kaal mein prachin varn vyavastha samapt ho gayi thi tatha varn ke sthan par kai jatiya aur upajatiyan banai gayi kavi chandra badhai ke akatha anusaar rajput ki 36 jatiya thi kuch itihasakaron ne prachin kaal evam madhya kaal ko sandhi kaal bhi kaha hai is kaal ke mahatvapurna rajvansho mein raastrakut vansh chalukky vansh Chauhan vansh chandel vansh parmar vansh evam gurjar pratihar vansh aate hain rajput mukhya roop se hindu dharm se aate hain tatha inki bhashayen hind aarey bhashayen hain

राजपूत उत्तर भारत का एक क्षत्रिय कुल माना जाता है जो कि राजपुत्र का अपभ्रंश है राजस्थान को

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Ashwani Thakur

👤Teacher & Advisor🙏

0:11
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आपका पूछा गया प्रश्न है राजपूत की परिभाषा क्या है तो मैं अपना चाहूंगा दोस्तों राजपूत की परिभाषा नहीं राजपूत जाति होता है ठीक है राजपूत जाति होता है

aapka poocha gaya prashna hai rajput ki paribhasha kya hai toh main apna chahunga doston rajput ki paribhasha nahi rajput jati hota hai theek hai rajput jati hota hai

आपका पूछा गया प्रश्न है राजपूत की परिभाषा क्या है तो मैं अपना चाहूंगा दोस्तों राजपूत की पर

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Manish Singh

VOLUNTEER

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजपूती जाती है जो कि चार वर्णों में हमारी समाज और डिवाइडेड हिंदू धर्म में क्षत्रिय ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र इसमें सिराज है वह छत्रिय में आते हैं इनका काम जो है वो राजा देश की रक्षा करने का है यानि कि एक तस्वीर वॉरियर्स हुआ करते थे

rajputi jaati hai jo ki char varnon mein hamari samaj aur divided hindu dharm mein kshatriya brahman kshatriya vaiishay shudra isme seraj hai vaah Kshatriya mein aate hain inka kaam jo hai vo raja desh ki raksha karne ka hai yani ki ek tasveer warriors hua karte the

राजपूती जाती है जो कि चार वर्णों में हमारी समाज और डिवाइडेड हिंदू धर्म में क्षत्रिय ब्राह्

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munmun

Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजपूत जो है उत्तर भारत का एक क्षेत्र कुल माना जाता है जो कि राजपुत्र का अपभ्रंश है और राजस्थान को ब्रिटिश काल में राजपूताना भी कहा गया है और पुराने समय में आर्य जाति में केवल चार वर्णों की व्यवस्था थी राजपूत काल में प्राचीन वर्ण व्यवस्था समाप्त हो गई थी और उनके स्थान पर जो है कई जातियां और जातियां बनाई गई थी

rajput jo hai uttar bharat ka ek kshetra kul mana jata hai jo ki rajputra ka apbransh hai aur rajasthan ko british kaal mein rajpootana bhi kaha gaya hai aur purane samay mein arya jati mein keval char varnon ki vyavastha thi rajput kaal mein prachin varn vyavastha samapt ho gayi thi aur unke sthan par jo hai kai jatiya aur jatiya banai gayi thi

राजपूत जो है उत्तर भारत का एक क्षेत्र कुल माना जाता है जो कि राजपुत्र का अपभ्रंश है और राज

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