रेलवे जून तक विश्व स्तरीय यात्री ट्रेनों को पेश करेगी, आपकी उम्मीदें क्या है?...


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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रेलवे का यह कहना कि वह जून तक विश्वस्तरीय ट्रेनें प्रोड्यूस कर देगी या चलाएगी तो वह हो सकता है वह 12 ट्रेन ऐसी बना लें लेकिन मौजूदा स्थिति में यह देखने को मिलता है कि रेलवे की जो हालत है वह बिल्कुल दयनीय हो चुकी है रेलवे पहले से जो ट्रेनें हैं उन्हें ही अच्छे से नहीं चला पा रहा है तो इस स्थिति में रेलवे को नई ट्रेनें या फिर और प्रीमियम ट्रेन ए लाने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि जो पहले से ही उनके पास संसाधन हैं उन्हें ही वह अच्छे तरीके से व्यवस्थित तरीके से कर चला पाए तो यह बाकी आम नागरिकों के लिए काफी अच्छा होगा हम सभी को पता है कि रेलवे की कंडीशन कितनी खराब हो चुकी है ना तो सफाई की व्यवस्था होती है ट्रेन हमेशा लेट ही चलती हैं और असुरक्षा की तो बात करना चाह रहे हो रेलवे के लिए एक बेईमानी से लगने लगी है क्योंकि आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आती है जहां पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या फिर मारपीट की घटनाएं या फिर लूटपाट की पटना रेलवे में होती रहती हैं तो सबसे पहले रेलवे को उच्च स्तरीय ट्रेनों को लाने से अच्छा है कि इस बात पर ध्यान दें कि जो ट्रेन में पहले से भारत में चल रही हैं उन वह अच्छी या सुचारू तरीके से चलते हैं जहां पर यात्रियों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े तो नई ट्रेनों में इन्वेस्ट करने से काफी यह बेहतर होगा कि जो ट्रेनें हैं

railway ka yah kehna ki vaah june tak vishvastariye trainen produce kar degi ya chalaegi toh vaah ho sakta hai vaah 12 train aisi bana le lekin maujuda sthiti mein yah dekhne ko milta hai ki railway ki jo halat hai vaah bilkul dayaniye ho chuki hai railway pehle se jo trainen hai unhe hi acche se nahi chala paa raha hai toh is sthiti mein railway ko nayi trainen ya phir aur premium train a lane ki koi avashyakta nahi hai kyonki jo pehle se hi unke paas sansadhan hai unhe hi vaah acche tarike se vyavasthit tarike se kar chala paye toh yah baki aam nagriko ke liye kaafi accha hoga hum sabhi ko pata hai ki railway ki condition kitni kharab ho chuki hai na toh safaai ki vyavastha hoti hai train hamesha late hi chalti hai aur asuraksha ki toh baat karna chah rahe ho railway ke liye ek baimani se lagne lagi hai kyonki aaye din aisi ghatnaye saamne aati hai jaha par mahilaon ke saath chedchad ya phir maar peet ki ghatnaye ya phir lutpat ki patna railway mein hoti rehti hai toh sabse pehle railway ko ucch stariy traino ko lane se accha hai ki is baat par dhyan de ki jo train mein pehle se bharat mein chal rahi hai un vaah achi ya sucharu tarike se chalte hai jaha par yatriyon ko pareshaniyo ka samana na karna pade toh nayi traino mein invest karne se kaafi yah behtar hoga ki jo trainen hain

रेलवे का यह कहना कि वह जून तक विश्वस्तरीय ट्रेनें प्रोड्यूस कर देगी या चलाएगी तो वह हो सकत

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