आज हमारी देश की जैसी स्तिथि है, उसके बारे में आपको क्या बात सबसे उदास करती है?...


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Vivek Kumar Agrawal

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Dr Jayadev Sarangi

Worked at Indian Administrative Service (AGMUT), Formerly SECRETARY,GOVERNMENT OF NCT OF DELHI/Goa Government .Formerly Expert UNODC

2:03

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

की सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि जैसे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को मजबूत करना पड़ेगा अब 70 पर सेंट अगर किसी भी जेल के अंदर अंडरट्रायल्स होंगे तो अंडरटेल जो आते हैं उनमें से कितने लोगों को सजा मिलती है फाइनली वो पता नहीं लगता लेकिन बहुत सारे लोग ऐसे भी हो सकते हैं कि वह बाइज्जत बरी हो जाते हैं लेकिन जेल तो काटी लिए जिंदगी का जो समय खराब हो जाता है उनके परिवार के समय खराब हो जाता है उसको कोई कंपनी चैट नहीं कर पाता है तो हमारा सिस्टम इतना मजबूत होना चाहिए अगर कोई गुनाहगार है तो सजा मिले और जल्दी से जा मिले क्योंकि जस्टिस डिलेड इस जस्टिस डिनाइड होता है आप देखेंगे कि कई सारे जिलों में 70 परसेंट बची पर्सेंट होगी एमबी कंट्रोल होगा और कब सारे लोगों की जिंदगी में काफी फर्क पड़ेगा बाकी क्राइम की जो इन्वेस्टिगेशन होता है क्राइम की रिपोर्टिंग होती है वह बढ़ना भी जरूरी है हमारे समाज जितना सुरक्षित होना चाहिए उतना सुरक्षित नहीं हो पा रहे हैं कि कानून बदलना सारे लोग बदले जाते हैं तो लो बदलना अपने आप में पर्याप्त नहीं होता है डॉक्यूमेंटेशन कितना होता है और लोग को जिसे आप अगर यह सोचने लगती हो कि यह कानून से मेरे को कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि ट्राफिक वायलेशन में कर रहा हूं मैं पकड़ा नहीं आऊंगा तो आप इतना सख्त कानून बना रहे हो एक बात नहीं है कितना ज्यादा इंप्लीमेंटेशन हो पा रहा है कोई भी कानून है उतना ज्यादा मनी रखेगा तुम्हें चाहूंगा कि जल्दी ही यह क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम मजबूत हो क्राईम रिर्पोटिंग मजबूत हो और जो एनफोर्समेंट है वह मजबूत

ki sabse badi samasya toh yah hai ki jaise criminal justice system ko majboot karna padega ab 70 par sent agar kisi bhi jail ke andar andaratrayals honge toh undertail jo aate hain unmen se kitne logo ko saza milti hai finally vo pata nahi lagta lekin bahut saare log aise bhi ho sakte hain ki vaah baijjat bari ho jaate hain lekin jail toh kaati liye zindagi ka jo samay kharab ho jata hai unke parivar ke samay kharab ho jata hai usko koi company chat nahi kar pata hai toh hamara system itna majboot hona chahiye agar koi gunahgar hai toh saza mile aur jaldi se ja mile kyonki justice delayed is justice denied hota hai aap dekhenge ki kai saare jilon mein 70 percent bachi percent hogi MB control hoga aur kab saare logo ki zindagi mein kaafi fark padega baki crime ki jo investigation hota hai crime ki reporting hoti hai vaah badhana bhi zaroori hai hamare samaj jitna surakshit hona chahiye utana surakshit nahi ho paa rahe hain ki kanoon badalna saare log badle jaate hain toh lo badalna apne aap mein paryapt nahi hota hai documentation kitna hota hai aur log ko jise aap agar yah sochne lagti ho ki yah kanoon se mere ko koi fark nahi padega ki traffic vayleshan mein kar raha hoon main pakada nahi aaunga toh aap itna sakht kanoon bana rahe ho ek baat nahi hai kitna zyada implementation ho paa raha hai koi bhi kanoon hai utana zyada money rakhega tumhe chahunga ki jaldi hi yah criminal justice system majboot ho kraim reporting majboot ho aur jo enaforsament hai vaah mazboot

की सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि जैसे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को मजबूत करना पड़ेगा अब 70 पर

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Salil Bijur

Civil servant (IRS)

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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने जो प्रश्न किया है उसके उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि जो चीज मुझे सबसे ज्यादा उदास करती है इस प्रकार है आज हमारे देश में आकाश तहसील शिक्षित युवा वर्ग जो है वह अच्छे एजुकेशन लेने के बाद विदेशों की तरफ पलायन कर रहे हैं शायद उन्हें विदेश में अच्छी सैलरी अच्छा जीवन ज्यादा आकर्षित कर रहा है इसलिए वहां पर वह चले जा रहे हैं लेकिन मेरा यही कहना है कि अगर आपने इस देश में जन्म लिया है इस देश से शिक्षा ली है तो आपका यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि आप अपने देश में रहकर के देश की सेवा करें देश की प्रगति में अपनी प्रतिभा का योगदान करें अगर इस प्रकार से अगर लोग देश में रुकने लगे देश में देश के विकास में अपना योगदान देने लगे तो शायद देश की स्थिति कुछ और ही होगी क्योंकि यह विदेशों में भी यह चीज प्रचलित है कि जो भारतीयों की जो प्रतिभा होती है भारतीयों की जो मानसिक क्षमता होती है वह कहीं अधिक है इसलिए जो से विदेशों में जाकर के दूसरे देश की कर रहे हैं अगर वह अपने देश में रहकर के करें तो शायद देश की प्रगति और अधिक होगी दूसरा जो चीज मुझे बहुत परेशान करती हुई यह है कि यहां के लोग प्रतिभा और क्षमता होने के बावजूद कहीं ना कहीं अपना विवेक अपने जीवन में इस्तेमाल नहीं करते वो केवल और केवल एक भीड़ का हिस्सा बन कर के ही जीवन में आगे बढ़ते हैं यही कारण है ना ही वह अपने जीवन में कुछ खास करके अधिकार बातें हैं ना ही इस देश की प्रगति में अपना योगदान दे पाते हैं क्योंकि आज हमारे देश की स्थिति इस प्रकार की ही उसके पीछे बहुत बड़ा कारण है कि ज्यादातर लोग अधिकतर लोग केवल और केवल भीड़ का हिस्सा बनकर के रहते हैं चाहे वह अपने कैरियर का निर्धारण हो चाहे अपने जीवन में आगे बढ़ने की चीजें हो और चाहे कुछ और चाहिए हो हर जगह केवल और केवल दूसरों को देख कर के अपने जीवन में कार्य करने की कोशिश करते हैं यह ध्यान रखना होगा कि हर एक व्यक्ति में बहुत क्षमता होती है बहुत प्रतिभा होती है और एक अलग प्रतिभा होती है इसलिए कभी भी अगर हम अपने जीवन में अपना कैरियर दूसरों को देखकर के निर्धारित करेंगे या दूसरे जैसा कर रहे हैं वैसा करने की कोशिश करेंगे तो केवल एक जनरल इंसान हम बन के रह जाएंगे और केक जनरल जीवन ही जी पायेंगे कुछ बहुत अधिक सफल बहुत अधिक अच्छा हम अपने जीवन में कर ही नहीं सकते हैं इसीलिए अपने व्यक्तित्व की जो इनिक्वालिटी उसको पहचानने का काम हमारा है हमें अपने कैरियर का निर्धारण दूसरों को देख करके नहीं करना चाहिए कि दूसरा क्या कर रहा है क्या नहीं कर रहा है अपनी प्रतिभा को पहचानिए अपने इंटरेस्ट के आधार पर अपने जीवन का कैरियर कर निर्धारण करिए क्योंकि हर एक व्यक्ति हर एक काम नहीं कर सकता हर किसी एक कार्य के लिए बना होता है उस कार्य को पहचानना व्यक्ति की जिम्मेदारी होती है क्योंकि उसी कार्य में ही वह बहुत असाधारण कार्य कर सकता है ज्यादातर लोग एक भीड़ का हिस्सा बनकर जिधर सत्र सब लोग भागते हैं उधर ही भागने की कोशिश करते हैं इससे अपने जीवन को हो बहुत छोटा जीवन बनाते हैं दूसरा जो बहुत महत्वपूर्ण बात है कि ज्यादातर लोग अपने जीवन में भीड़ का हिस्सा बनकर के रह जाते हैं इसीलिए समाज के चंद लोग जो हैं वह अपने लाभ के लिए उनका प्रयोग करते हैं यह ध्यान रखना होगा कभी भी आपके आप भीड़ का हिस्सा ना बने अपने विवेक के आधार पर तय करें कि क्या सही है और क्या गलत है किसका साथ हमें देना चाहिए किसका साथ नहीं देना चाहिए उसके आधार पर जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करें अगर आप जो क्राउड मेंटालिटी है अगर अपने जीवन से आप खत्म कर देंगे तो निश्चित तौर से आप अपने जीवन को तो अच्छा बनाएंगे ही बनाएंगे इस देश की स्थिति में इस देश की प्रगति में भी अपना सकारात्मक योगदान दे पाएंगे इसलिए मेरा देश के नागरिकों से यही निवेदन है कि आप जीवन में जहां रहे जैसे रहे लेकिन हमेशा अपने विवेक का इस्तेमाल करें कभी केवल भीड़ का हिस्सा बनने की कोशिश ना करें क्योंकि अगर आपने भीड़ का हिस्सा बन कर रहे तो हमेशा एक भीड़ ही रहेंगे और कोई आएगा और आप का लाभ ले कर के चला जाएगा फिर बाद में दिक्कत परेशानी सिर्फ और सिर्फ आपको होगी आज जो देश की स्थिति है उसके पीछे आप जाने की को करेंगे तो बहुत बड़ा कारण है कि ज्यादातर लोग जिधर कोई कह देता है उधर भागने की हम कोशिश करते हैं हम यह नहीं पहचानते कि हमारे लिए देश के लिए सही क्या है और गलत क्या है इसलिए मेरा यही है कि अपने विचार को स्वतंत्रता दीजिए अपने आप को पहचानिए अपने विवेक के स्तन इस्तेमाल करते हुए जीवन में निर्णय लीजिए केवल दूसरों के कहने पर कुछ कार्य करने की कोशिश ना करें जब तक आप अपनी यूनीक आईडेंटिटी को नहीं पहचानेंगे अपनी योनि प्रतिभा को नहीं पहचानेंगे अपने ऊपर विश्वास नहीं करेंगे अपनी क्षमता पर विश्वास नहीं करेंगे तब तक ना आप अपने जीवन में कोई विशेष प्रगति कर पा सकते हैं और ना ही इस देश की जितनी प्रगति होनी चाहिए उतनी प्रगति हो सकेगी यह ध्यान रखना होगा हमारे भारत की जो कल्चर है वह बहुत महान कल चल रही यहां पर उस समय जब विदेशों में कोई भी नाम नहीं था तब भी यहां की जो प्रगति थी यहां की संस्कृति थी पूरे विश्व में प्रसिद्ध थी तो इसलिए यह बहुत जिम गाड़ी बनती है कि आज हमारे देश की इतनी अधिक जनसंख्या है उसके बावजूद हमारे देश में जितने प्रगति होनी चाहिए थी उतनी नहीं हो पा रही इसके पीछे कारण सिर्फ यही है कि लोग अपने जीवन में केवल भीड़ का हिस्सा बनकर के जीवन जी रहे हैं दूसरों के कहे में दूसरों के आगे जीवन करने की कोशिश कर रहे हैं और यह बहुत बड़ा कारण है कि लोग इतनी जनसंख्या होने के बावजूद देश में जितने प्रगति कितनी कामयाबी जितनी तरक्की होनी चाहिए थी वह नहीं हो पा रही है और मेरा खासतौर से उन शिक्षित युवाओं से यह जरूर आग्रह है कि अगर आपने बहुत अधिक शिक्षा ली है तो यहां पर देश में रह करके अपनी प्रतिभा का योगदान करें केवल पैसे के लिए क्यों अच्छे जीवन के लिए आप देश को छोड़कर के दूसरे देश में चले जाते हैं यह न देश के लिए सही है और ना ही आपके लिए सही है तो क्या विदेश में जाकर हो सकता है कि आपका बहुत सारा पैसा बहुत सारा धन आ जाता है एक अच्छा जीवन आ जाता है लेकिन आइडेंटी बिल्कुल नहीं रह जाती और यह जब कोई व्यक्ति वहां जाता है तो यह महसूस करता है तो आशा करूंगा कि जितने लोगों तक ही मेरी बात पहुंच रही है वह चीज समझेंगे सुनेंगे और अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे निश्चित तौर से उन्हें भी लाभ मिलेगा और इस देश को भी लाभ मिलेगा बहुत-बहुत धन्यवाद

aapne jo prashna kiya hai uske uttar mein main yahi kehna chahta hoon ki jo cheez mujhe sabse zyada udaas karti hai is prakar hai aaj hamare desh mein akash tehsil shikshit yuva varg jo hai vaah acche education lene ke baad videshon ki taraf palayan kar rahe hain shayad unhe videsh mein achi salary accha jeevan zyada aakarshit kar raha hai isliye wahan par vaah chale ja rahe hain lekin mera yahi kehna hai ki agar aapne is desh mein janam liya hai is desh se shiksha li hai toh aapka yah naitik kartavya baata hai ki aap apne desh mein rahkar ke desh ki seva kare desh ki pragati mein apni pratibha ka yogdan kare agar is prakar se agar log desh mein rukne lage desh mein desh ke vikas mein apna yogdan dene lage toh shayad desh ki sthiti kuch aur hi hogi kyonki yah videshon mein bhi yah cheez prachalit hai ki jo bharatiyon ki jo pratibha hoti hai bharatiyon ki jo mansik kshamta hoti hai vaah kahin adhik hai isliye jo se videshon mein jaakar ke dusre desh ki kar rahe hain agar vaah apne desh 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आपने जो प्रश्न किया है उसके उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि जो चीज मुझे सबसे ज्यादा उद

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Ramphal

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां आज हमारे देश की जैसी स्थिति हो उसके बारे में सोचते हम बहुत निराशा होती है क्योंकि भारत एक ऐसा विकासशील देश है जो प्राचीन समय से ही अन्य देशों का साथ देता रहा है जिसने भारत के प्रधानमंत्री द्वारा लाल नेहरू ने अगर चीन का साथ न दिया होता तो आज भारत एक शक्तिशाली राष्ट्र होता और विकसित देशों की श्रेणी में आता था इसके साथ ही वह सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यों का भी सदस्य होता है यह भी चीन चीन का साथ न दिया होता आज भारत सुरक्षा परिषद में स्थान पाने के लिए अन्य देशों के सामने आधा हाथ फैला रहा है जिसके कारण आज भी हमें सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्य ने मिली है हमारा देश प्रारंभ से ही साधन संपन्न देश रहा है भारत को प्राचीन समय से ही सोने की चिड़िया कहा जाता था लेकिन परिस्थितियों ने विश्व को बदल दिया तथा भारतीय के विकासशील देशों की श्रेणी में आने लगा है भारत विश्व में चित्र में दूसरा स्थान है चीन के बाद

haan aaj hamare desh ki jaisi sthiti ho uske bare me sochte hum bahut nirasha hoti hai kyonki bharat ek aisa vikasshil desh hai jo prachin samay se hi anya deshon ka saath deta raha hai jisne bharat ke pradhanmantri dwara laal nehru ne agar china ka saath na diya hota toh aaj bharat ek shaktishali rashtra hota aur viksit deshon ki shreni me aata tha iske saath hi vaah suraksha parishad ki sthai sadasyon ka bhi sadasya hota hai yah bhi china china ka saath na diya hota aaj bharat suraksha parishad me sthan paane ke liye anya deshon ke saamne aadha hath faila raha hai jiske karan aaj bhi hamein suraksha parishad me sthai sadasya ne mili hai hamara desh prarambh se hi sadhan sampann desh raha hai bharat ko prachin samay se hi sone ki chidiya kaha jata tha lekin paristhitiyon ne vishwa ko badal diya tatha bharatiya ke vikasshil deshon ki shreni me aane laga hai bharat vishwa me chitra me doosra sthan hai china ke baad

हां आज हमारे देश की जैसी स्थिति हो उसके बारे में सोचते हम बहुत निराशा होती है क्योंकि भारत

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Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज हमारे देश की जैसी स्थिति है उसके बारे में सबसे उदास करने वाली बातें केवल धीमा नेता या भ्रष्टाचार है जिस गति से हम अपने नैतिकता को भूलते जा रहे हैं अनुसार सार्थक परिवर्तन होते जा रहे हैं और बेईमान हमारे रग-रग में प्रवेश होती जा रही है वह सबसे बड़ी दुख जाएगा हर व्यक्ति हर तबका हर स्थिति केवल बेमन एक पेटी के लिए भ्रष्टाचार की डिग्री है तो लिखो स्वरूप पर ही टिकी हुई है बिना रिश्वत के कोई कामकाज नहीं हो रहा सीधे-सीधे कोई कामकाज भी होता है तो उसे किस प्रकार का दबाव या राजनीति के कारण होता है अन्यथा नहीं तो आज देश के सबसे धनी सीजी यही है कि देश और विकास की ओर बढ़ रहा है दूसरे देशों की अपेक्षा मेरा देश अधिक प्रगति की ओर है और भविष्य भी इसको बहुत मजबूर है परंतु जो हमने पिक्चर के दृष्टिकोण से देखें राजनीतिक तन की ओर बढ़ती जा रहे हैं जिस गति से हम नैतिक पतन की ओर बढ़ रहे हैं वह विचार नहीं है हर व्यक्ति हर कार्य में जो व्यक्ति जुड़ा है कुछ परसेंट इमानदारी के साथ में काम करने को तैयार है आने तक तो 75% कह लो तो कोई गलत नहीं होगा कि वे लोग अपने शरीर में संभावित कर चुके हैं काम के प्रति लगन तो नहीं रहती है काम चोरी करने का तरीके से ट्रेन में नैतिक कंपनी के बारे में नहीं कर रहा हूं ऐसे शासकीय भूमि के बारे में बात कर रहा हूं क्या शासन पैसा लगा रहा है और वहां जो रिजल्ट मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा है काम करने के तो कई तरीके होते हैं इमानदारी से बहुत अच्छे से भी होते हैं सब तो सो सकते हैं परंतु जब किसी कार्य में जुड़ता है विभाग शासन के द्वारा उसे कोई शरीफ परवाज की जाती है तो भी कि कुछ समझ के मानदेय देता है परंतु उसके आसपास को जो आता है उसे धीरे-धीरे करके भ्रष्टाचार की ओर अग्रसर करते चले जाता है और व्यक्ति अपने आप को भ्रष्ट बना लेता है तो यह एक गलत रिकॉर्डिंग भी है देश आज इस तरह से उन्नति की ओर बढ़ रहा है देश जिस तरह से प्रगति की ओर बढ़ रहा है वह एक सुंदर सी सी है एक मजबूत स्थिति रे मन को प्रशिक्षित करने वाली चीज है जो कई सालों से हम प्रगति जैसा होना चाहिए सरकार ने नहीं देखे तो वर्तमान में जो प्रगति है हम देख रहे हैं हां आज आर्थिक मंदी का दौर तो है यह मानो हमें इसमें कोई भी मन्नत नहीं है परंतु आज नहीं तो कल हमारी परेशानी बहुत बेहतर होगी जिस गति से हम यहां पर अपने देश में उद्योग स्थापित करने वाले हैं यह उपयोगी साबित होंगे आज उसी दिन में भी काटे और निकट होने का कारण यही है कि पूर्व के जो कुकर्म हमारे हुए हैं खराब हुए हैं और जिस कारण हमारी स्थिति बनी है उसे उस कारण से है अन्यथा इसलिए आज हम देख रहे हैं कि आशिक मंदिर को नहीं देते

aaj hamare desh ki jaisi sthiti hai uske bare mein sabse udaas karne wali batein keval dheema neta ya bhrashtachar hai jis gati se hum apne naitikta ko bhulte ja rahe hain anusaar sarthak parivartan hote ja rahe hain aur beiimaan hamare rug rug mein pravesh hoti ja rahi hai vaah sabse badi dukh jaega har vyakti har tabaka har sthiti keval beman ek peti ke liye bhrashtachar ki degree hai toh likho swaroop par hi tiki hui hai bina rishwat ke koi kaamkaaj nahi ho raha sidhe seedhe koi kaamkaaj bhi hota hai toh use kis prakar ka dabaav ya raajneeti ke karan hota hai anyatha nahi toh aaj desh ke sabse dhani CG yahi hai ki desh aur vikas ki aur badh raha hai dusre deshon ki apeksha mera desh adhik pragati ki aur hai aur bhavishya bhi isko bahut majboor hai parantu jo humne picture ke drishtikon se dekhen raajnitik tan ki aur badhti ja rahe hain jis gati se hum naitik patan ki aur badh rahe hain vaah vichar nahi hai har vyakti har karya mein jo vyakti juda hai kuch percent imaandari ke saath mein kaam karne ko taiyar hai aane tak toh 75 keh lo toh koi galat nahi hoga ki ve log apne sharir mein sambhavit kar chuke hain kaam ke prati lagan toh nahi rehti hai kaam chori karne ka tarike se train mein naitik company ke bare mein nahi kar raha hoon aise shaaskiye bhoomi ke bare mein baat kar raha hoon kya shasan paisa laga raha hai aur wahan jo result milna chahiye vaah nahi mil paa raha hai kaam karne ke toh kai tarike hote hain imaandari se bahut acche se bhi hote hain sab toh so sakte hain parantu jab kisi karya mein judta hai vibhag shasan ke dwara use koi sharif parvaj ki jaati hai toh bhi ki kuch samajh ke manday deta hai parantu uske aaspass ko jo aata hai use dhire dhire karke bhrashtachar ki aur agrasar karte chale jata hai aur vyakti apne aap ko bhrasht bana leta hai toh yah ek galat recording bhi hai desh aaj is tarah se unnati ki aur badh raha hai desh jis tarah se pragati ki aur badh raha hai vaah ek sundar si si hai ek majboot sthiti ray man ko prashikshit karne wali cheez hai jo kai salon se hum pragati jaisa hona chahiye sarkar ne nahi dekhe toh vartaman mein jo pragati hai hum dekh rahe hain haan aaj aarthik mandi ka daur toh hai yah maano hamein isme koi bhi mannat nahi hai parantu aaj nahi toh kal hamari pareshani bahut behtar hogi jis gati se hum yahan par apne desh mein udyog sthapit karne waale hain yah upyogi saabit honge aaj usi din mein bhi kaate aur nikat hone ka karan yahi hai ki purv ke jo kukarm hamare hue hain kharab hue hain aur jis karan hamari sthiti bani hai use us karan se hai anyatha isliye aaj hum dekh rahe hain ki aashik mandir ko nahi dete

आज हमारे देश की जैसी स्थिति है उसके बारे में सबसे उदास करने वाली बातें केवल धीमा नेता या भ

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हमारे देश में बस सभी को एक ही बार की स्थिति हमको अच्छा नहीं लगता कि हम लोग

hamare desh mein bus sabhi ko ek hi baar ki sthiti hamko accha nahi lagta ki hum log

हमारे देश में बस सभी को एक ही बार की स्थिति हमको अच्छा नहीं लगता कि हम लोग

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