आपने एक IAS अफ़सर बनने का निर्णय कब और क्यों लिया?...


play
user

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैंने आईएस बनने का निर्णय ली मैं 13 साल का था तभी लिया था पहले तो लाइफ में कभी ऐसा सोचा नहीं था लेकिन इंसीडेंट था कि भाई मेरे अपने मित्र के साथ में खेल रहा था और किसी अगर घर में चला गया और उसके फादर ने मेरे फादर के बारे में जाने के बाद मुझे मार के वहां से भगा दिया अपने बेटे को भी बिगड़ा बहुत कैसे घटिया लोगों के साथ नहीं खेलते तुम्हारी परवरिश बिगड़ जाएगी या तुम्हारे संस्कार खराब हो जाएंगे और मुझे इंडिकेट कर दे बोला कि जैसे लड़के के यह भी आगे भी रिक्शा चलाएगा और रिक्शा चला गया ऑटो चलाएगा तुम्हें बनाया तुम्हें बड़ा आदमी बनना है मुझे इंडिकेट करते हुए अपनी बेटी को बहुत बड़ी बात है कि ऐसे ही ऐसे लोग साथ नहीं रहना चाहिए इसके अंदर क्या क्या कमी है बहुत सारी लगा और मैं वापस अपने घर आ गया और उसके बाद में अपने घर के बगल में एक मिश्रा थे वह पढ़ाई करते थे तो सिविल सर्विस की तैयारी भी करते थे तो उनके पास गया उनसे बोला कि भैया ऐसा ऐसा हुआ और उसने कहा कि मैं बहुत घटिया फैमिली से हूं या मेरे संस्कार अच्छे नहीं है मेरे साथ रहने से लोग खराब हो जाएंगे तो क्या करना चाहिए कि लोग ऐसा मेरे बारे में ना बोले नहीं बोल रहे हैं समाज का भी होता है तुम्हारे फादर का काम है ऐसा है उसके वैसे लोग तो बोल रहे हैं इसके लिए तुम्हारे पास दो रास्ते हैं ऐसे तो उन्होंने सवाल लाइट मोड में बोला था या तो तुम बिजनेस करो और खूब पैसा कमाओ मैं अमीर आदमी बनो और या तो तुम कुछ ऐसा करो जो बहुत तुम्हें नाम कमाएं दे दे मैंने ऐसी क्या चीज है जो मैं कर लूं पैसा तुम्हें पास है नहीं तो बिजनेस नहीं कर पाऊंगा अभी फिलहाल तो जग में 12 साल का बिजनेस क्या होता है वहीं बैठा था लेकिन उन्हें कुछ मैंने पूछा कि ऐसा क्या करूं जिससे कौन से एग्जाम पास करोगी इससे मेरी स्पीड बढ़ जाए तू ने मजाक में बोला बैटरी बढ़ जाएगी फिर तुम्हारे फादर कुछ भी करते हो उससे तुम्हें पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा लोग तुम्हारे सामने रिस्पेक्ट करेंगे तुम्हारे सामने तो उसी दिन मैंने लिया था ऐसी बात है तो ठीक है मैं आप आईएएस ऑफिसर उसका कुछ है बनूंगा उसके बाद से मेरा निर्णय बन गया फिर मैं कुछ भी पता होता था उन्हीं से पूछ लगा क्या पढ़ना चाहिए क्या नहीं पड़ना चाहिए सी किताबें और ईयर बुक में पैसा जुटा था था साल 12 साल भर में जब एग्जाम खत्म हो जाता उसके उसी दिन वापस आते समय उस पैसे से सामान्य दिन किताबे अलीपुर प्रतिज्ञा दम इतना सोचा था

maine ias banne ka nirnay li main 13 saal ka tha tabhi liya tha pehle toh life mein kabhi aisa socha nahi tha lekin insident tha ki bhai mere apne mitra ke saath mein khel raha tha aur kisi agar ghar mein chala gaya aur uske father ne mere father ke bare mein jaane ke baad mujhe maar ke wahan se bhaga diya apne bete ko bhi bigda bahut kaise ghatiya logo ke saath nahi khelte tumhari parvarish bigad jayegi ya tumhare sanskar kharab ho jaenge aur mujhe indicate kar de bola ki jaise ladke ke yah bhi aage bhi riksha chalayega aur riksha chala gaya auto chalayega tumhe banaya tumhe bada aadmi bana hai mujhe indicate karte hue apni beti ko bahut baadi baat hai ki aise hi aise log saath nahi rehna chahiye iske andar kya kya kami hai bahut saree laga aur main wapas apne ghar aa gaya aur uske baad mein apne ghar ke bagal mein ek mishra the vaah padhai karte the toh civil service ki taiyari bhi karte the toh unke paas gaya unse bola ki bhaiya aisa aisa hua aur usne kaha ki main bahut ghatiya family se hoon ya mere sanskar acche nahi hai mere saath rehne se log kharab ho jaenge toh kya karna chahiye ki log aisa mere bare mein na bole nahi bol rahe hai samaj ka bhi hota hai tumhare father ka kaam hai aisa hai uske waise log toh bol rahe hai iske liye tumhare paas do raste hai aise toh unhone sawaal light mode mein bola tha ya toh tum business karo aur khoob paisa kamao main amir aadmi bano aur ya toh tum kuch aisa karo jo bahut tumhe naam kamaye de de maine aisi kya cheez hai jo main kar loo paisa tumhe paas hai nahi toh business nahi kar paunga abhi filhal toh jag mein 12 saal ka business kya hota hai wahi baitha tha lekin unhe kuch maine poocha ki aisa kya karu jisse kaunsi exam paas karogi isse meri speed badh jaaye tu ne mazak mein bola battery badh jayegi phir tumhare father kuch bhi karte ho usse tumhe par koi fark nahi padega log tumhare saamne respect karenge tumhare saamne toh usi din maine liya tha aisi baat hai toh theek hai aap IAS officer uska kuch hai banunga uske baad se mera nirnay ban gaya phir main kuch bhi pata hota tha unhi se puch laga kya padhna chahiye kya nahi padhna chahiye si kitaben aur year book mein paisa jutta tha tha saal 12 saal bhar mein jab exam khatam ho jata uske usi din wapas aate samay us paise se samanya din kitabe alipur pratigya dum itna socha tha

मैंने आईएस बनने का निर्णय ली मैं 13 साल का था तभी लिया था पहले तो लाइफ में कभी ऐसा सोचा नह

Romanized Version
Likes  257  Dislikes    views  3172
KooApp_icon
WhatsApp_icon
4 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!