क्यों भारतीय माता-पिता अपने बच्चों को चंद्रग्रहण के दौरान घरों में रहने के लिए कहते हैं? क्या यह केवल एक मिथक है या क्या इसकी कोई वैज्ञानिक व्याख्या है?...


play
user

Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

1:02

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये, जब सूर्य ग्रहण होता है तो उस समय जो है साइंटिफिकली भी यह एक फैक्ट है कि उस समय हमें सूरज की तरफ नहीं देखना चाहिए l क्योंकि सूरज की रोशनी भले ही कम हो जाती है क्योंकि चंद्रमा के उनके बीच में आ जाता है लेकिन उसकी जो हार्मफुल जो रेडिएशन है, बहुत सारी जो कि आंखों के लिए अच्छी नहीं है वह कम नहीं होती है l और चुकी उस समय जब कवर होता है, बसंत हमारी आंखों की पुतलियां ज्यादा बड़ी हो जाती है तो उस तरीके के हार्मफुल रेडिएशन ज्यादा अब्सोर्ब करती हैं और उस वजह से हमारी आंखों को नुकसान होता l तो सूर्य ग्रहण देखना जरूर जो है वह नुकसानदेह होता लेकिन जहां तक चंद्रग्रहण का सवाल है मेरी जानकारी में तो ऐसा कोई भी साइंटिफिक कारण नहीं है कि जिस में चंद्र ग्रहण को देखने से कोई भी नुकसान होगा क्यूंकि चंद्रमा की जो रौशनी रहती है वोह रेफ्लेक्टेद रोशनी रहती है और उसमें कोई बहुत ज्यादा नुकसान होने के चांसेस नहीं रहते हैं l मैं समझता हूं कि एक मिथक है और यह तरीके से देखा जाए तो एक सुपरस्तिशन है l

dekhiye jab surya grahan hota hai to us chahiye samay jo hai scientifically bhi yeh ek chahiye fact hai ki us chahiye samay hume suraj ki taraf nahi dekhna chahiye l kyonki suraj ki roshni bhale hi kam ho jati hai kyonki chandrama ke unke bich mein aa jata hai lekin uski jo harmful jo radiation hai bahut saree jo ki aankho ke liye acchi nahi hai wah kam nahi hoti hai l aur chuki us chahiye samay jab cover hota hai basant hamari aankho ki putaliyan zyada badi ho jati hai to us chahiye tarike ke harmful radiation zyada absorb karti chahiye hain aur us chahiye wajah se hamari aankho ko nuksan hota l to surya grahan dekhna jarur jo hai wah nukasaanadeh hota lekin jaha tak chandragrahan ka chahiye sawal hai meri jankari mein to aisa koi bhi scientific kaaran nahi hai ki jis mein chandra grahan ko dekhne se koi bhi nuksan hoga kyunki chandrama ki jo roshni rehti hai woh reflekted roshni rehti hai aur usamen chahiye koi bahut zyada nuksan hone ke chances nahi rehte hain l main samajhata hoon ki ek chahiye mithak hai aur yeh tarike se dekha jaye to ek chahiye suparastishan hai l

देखिये, जब सूर्य ग्रहण होता है तो उस समय जो है साइंटिफिकली भी यह एक फैक्ट है कि उस समय हमे

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  518
KooApp_icon
WhatsApp_icon
3 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!