कर्म बड़ा है या पूजा?...


user

Anjana Baliga

Counselor

2:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने प्रश्न पूछा कर्म बड़ा है या पूजा पूजा आप सबसे पहले किस चीज को मानते हैं घंटी अगरबत्ती यह सब पूजा के साधन है यह भी तो आप एक कर्म ही कर रहे हैं उस परमपिता ईश्वर की पूजा करना भी एक बड़ा कारण है तो कर्म कर कैसे गर्म करें कर्म ऐसे कर्म करें जो अच्छे हो जो आपकी सोच में अच्छाई लाए सकारात्मकता लाए आप किसी का बुरा ना करें तो अच्छे कर्म करने के लिए जो पूजा शक्ति चाहिए जो आपको ऊपर वाला अच्छी सोच देगा अच्छे विचार देगा आपको सही दिशा दिखाएगा तो यह भी तो आप एक कर्म ही कर रहे हैं पूजा करना भी यह करम है तो कर्म भी बड़ा है पूजा से दोनों ही होना चाहिए क्योंकि आप अच्छे कर्म करेंगे तो भगवान आपको फल भी अच्छा देगा तो आप जब पूजा करें तो क्या मांगे सबसे पहले तो यह आप उस प्रभु का धन्यवाद दे कि जो भी संसार में जीवित रखने के लिए उसने दिया वह आप है आपका कोटि-कोटि धन्यवाद धन्यवाद करें कि आपके इर्द-गिर्द वायु है जिसको आप सांस ले पा रहे हैं आप जब भी पूजा करें भगवान का धन्यवाद करें कि आपको पीने के लिए पानी है आपके लिए खाने के लिए भरपूर मात्रा में है आपके लिए सूर्य भगवान भरपूर रूप से सूर्य प्रकाश दे रहे और आपके इर्द-गिर्द पानी वायु और खाना और जग आदित्य कि आप चुन सकते हैं आसपास के लोगों के साथ संबंध बिठा सकते हैं तो भगवान ने आपको बहुत प्रयास मर्दाना दिया जब आप इस तरह इस पूजनीय भाव से भगवान से सकारात्मकता होने का वरदान मांगते हैं कि मुझे हमेशा ही किसी भी परिस्थिति में पॉजिटिव रखना मेरे अंदर की चेतना को जगाए रखना मैं कोई बुरा काम ना करो बुरा ना सुनो बुरा ना देखूं बुरा ना बोलूं तुझे इस तरह की भावनाओं के साथ काम करते हैं तो कर्म भी फलित होता है तो दोनों करना बहुत जरूरी है पूजा करने से विनम्र भाव और धन्यवाद से पूजा करिए और कर्म करें तो अच्छा कर्म करें क्योंकि सोचती होगी तो ही कर्म अच्छा होगा जब नकारात्मक सोच से काम करोगे तो कर्म भी बुरे होंगे तो फल भी बुरा मिलेगा तो पूजा करते वक्त हमेशा भगवान को कहना कि मेरे साथ रहना और आपका मार्गदर्शन अच्छे से करते रहना

apne prashna poocha karm bada hai ya puja puja aap sabse pehle kis cheez ko maante hain ghanti agarbatti yah sab puja ke sadhan hai yah bhi toh aap ek karm hi kar rahe hain us parampita ishwar ki puja karna bhi ek bada karan hai toh karm kar kaise garam kare karm aise karm kare jo acche ho jo aapki soch me acchai laye sakaraatmakata laye aap kisi ka bura na kare toh acche karm karne ke liye jo puja shakti chahiye jo aapko upar vala achi soch dega acche vichar dega aapko sahi disha dikhaega toh yah bhi toh aap ek karm hi kar rahe hain puja karna bhi yah karam hai toh karm bhi bada hai puja se dono hi hona chahiye kyonki aap acche karm karenge toh bhagwan aapko fal bhi accha dega toh aap jab puja kare toh kya mange sabse pehle toh yah aap us prabhu ka dhanyavad de ki jo bhi sansar me jeevit rakhne ke liye usne diya vaah aap hai aapka koti koti dhanyavad dhanyavad kare ki aapke ird gird vayu hai jisko aap saans le paa rahe hain aap jab bhi puja kare bhagwan ka dhanyavad kare ki aapko peene ke liye paani hai aapke liye khane ke liye bharpur matra me hai aapke liye surya bhagwan bharpur roop se surya prakash de rahe aur aapke ird gird paani vayu aur khana aur jag aditya ki aap chun sakte hain aaspass ke logo ke saath sambandh bitha sakte hain toh bhagwan ne aapko bahut prayas mardaana diya jab aap is tarah is pujaniya bhav se bhagwan se sakaraatmakata hone ka vardaan mangate hain ki mujhe hamesha hi kisi bhi paristhiti me positive rakhna mere andar ki chetna ko jagae rakhna main koi bura kaam na karo bura na suno bura na dekhu bura na bolu tujhe is tarah ki bhavnao ke saath kaam karte hain toh karm bhi falit hota hai toh dono karna bahut zaroori hai puja karne se vinamra bhav aur dhanyavad se puja kariye aur karm kare toh accha karm kare kyonki sochti hogi toh hi karm accha hoga jab nakaratmak soch se kaam karoge toh karm bhi bure honge toh fal bhi bura milega toh puja karte waqt hamesha bhagwan ko kehna ki mere saath rehna aur aapka margdarshan acche se karte rehna

अपने प्रश्न पूछा कर्म बड़ा है या पूजा पूजा आप सबसे पहले किस चीज को मानते हैं घंटी अगरबत्ती

Romanized Version
Likes  332  Dislikes    views  4058
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

0:09

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कलम बड़ा है या पूजा कर्म ही पूजा है वर्क इस वरशिप

kalam bada hai ya puja karm hi puja hai work is worship

कलम बड़ा है या पूजा कर्म ही पूजा है वर्क इस वरशिप

Romanized Version
Likes  176  Dislikes    views  5757
WhatsApp_icon
user
0:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मनुष्य का कर्म ही बड़ा है अगर कर्म ही करेगा तो वही उसकी पूजा होगी रविंद्र नाथ टैगोर ने कहा है वह ईश्वर कर्म ही पूजा है आज आप कर्म करे आपकी बात हो जाओ

manushya ka karm hi bada hai agar karm hi karega toh wahi uski puja hogi ravindra nath tagore ne kaha hai vaah ishwar karm hi puja hai aaj aap karm kare aapki baat ho jao

मनुष्य का कर्म ही बड़ा है अगर कर्म ही करेगा तो वही उसकी पूजा होगी रविंद्र नाथ टैगोर ने कहा

Romanized Version
Likes  54  Dislikes    views  1654
WhatsApp_icon
user

Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

0:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड्स आधे किसका बहुत सिंपल सा जवाब है कि ऑफिस बातें कर्म करने से ही कुछ मिलेगा अगर पूजा करने से कुछ मिल जाता तो जो पंडित है वह सबसे अमीर होते हैं पूरे देश में तो आप प्रेफरेंस अपने काम को दीजिए काम में मेहनत कीजिए पूजा करूं तब आता है जब सारी चीज आपके किस्मत पर डिपेंड करती है जहां पर आप कुछ नहीं कर सकते जहां पर आपकी एफिशिएंसी खत्म हो जाती है आपकी मेहनत खत्म हो जाती है उसके बाद भगवान का रोल आता है अगर आप कुछ नहीं कर रहे हो और सिर्फ पूजा के भरोसे बैठे तो उसका कोई भी सच में आप कर्म करते रहिए और उसका फल आपको जरूर मिलेगा

hello friends aadhe kiska bahut simple sa jawab hai ki office batein karm karne se hi kuch milega agar puja karne se kuch mil jata toh jo pandit hai vaah sabse amir hote hain poore desh mein toh aap prefarens apne kaam ko dijiye kaam mein mehnat kijiye puja karu tab aata hai jab saree cheez aapke kismat par depend karti hai jaha par aap kuch nahi kar sakte jaha par aapki efishiensi khatam ho jaati hai aapki mehnat khatam ho jaati hai uske baad bhagwan ka roll aata hai agar aap kuch nahi kar rahe ho aur sirf puja ke bharose baithe toh uska koi bhi sach mein aap karm karte rahiye aur uska fal aapko zaroor milega

हेलो फ्रेंड्स आधे किसका बहुत सिंपल सा जवाब है कि ऑफिस बातें कर्म करने से ही कुछ मिलेगा अगर

Romanized Version
Likes  80  Dislikes    views  789
WhatsApp_icon
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है यह है कि कर्मा बड़ा है या पूजा के करमा बड़ी है ठीक है करना बड़ा है करना अच्छा है तो वह पूजा के समान ही हुआ ठीक है तो कर्मा बड़ा है पूजा बाद में आती है और कर्म अच्छा है तो पूजा भी अपने आप ही हो जाएगी क्योंकि वह भी एक सिक्के के दो पहलू है ठीक है तो करना पड़ा है और पूजा बाद में आती है और देखा जाए तो के साथ पूजा जॉइंट ही है ठीक है आपका दिन शुभ हो धन्यवाद गुड लक पर लाइफ टेक केयर एंड हैप्पी धनतेरस

aapka prashna hai yah hai ki karma bada hai ya puja ke karma badi hai theek hai karna bada hai karna accha hai toh vaah puja ke saman hi hua theek hai toh karma bada hai puja baad mein aati hai aur karm accha hai toh puja bhi apne aap hi ho jayegi kyonki vaah bhi ek sikke ke do pahaloo hai theek hai toh karna pada hai aur puja baad mein aati hai aur dekha jaaye toh ke saath puja joint hi hai theek hai aapka din shubha ho dhanyavad good luck par life take care and happy dhanteras

आपका प्रश्न है यह है कि कर्मा बड़ा है या पूजा के करमा बड़ी है ठीक है करना बड़ा है करना अच्

Romanized Version
Likes  325  Dislikes    views  4292
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कर्म प्रधान विश्व रचि राखा को करि तर्क बड़ा विशाखा कर्म के अनुसार ही इस सृष्टि की रचना हुई है कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन भगवान कृष्ण ने लिखा है कर्म ही पूजा है कर्म करते रहिए फल की चिंता मत कीजिए तो कर्म बड़ा या पूजा इसमें कर्म बड़ा है कर्म ही ईश्वर की पूजा है अपने कर्तव्य का निर्वहन करते जाएंगे वही पूजा है और पूजा भगवान का ध्यान आदि करना उसी के अंतर्गत आता है जय श्री राम

karm pradhan vishwa rachi rakha ko kari tark bada vishakha karm ke anusaar hi is shrishti ki rachna hui hai karmanyevadhikaraste ma faleshu kadachan bhagwan krishna ne likha hai karm hi puja hai karm karte rahiye fal ki chinta mat kijiye toh karm bada ya puja isme karm bada hai karm hi ishwar ki puja hai apne kartavya ka nirvahan karte jaenge wahi puja hai aur puja bhagwan ka dhyan aadi karna usi ke antargat aata hai jai shri ram

कर्म प्रधान विश्व रचि राखा को करि तर्क बड़ा विशाखा कर्म के अनुसार ही इस सृष्टि की रचना हुई

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  156
WhatsApp_icon
user

Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

3:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्त बार अच्छे से वाले की कर्म बड़ा है या पूजा देखे हमेशा हम जो भी कुछ करते हैं ना वह पहले एक सूट से शुरू होती है और खत्म होती है हमारे कारण हमारा कार्य क्या होता है हम किस चीज को कैसे करते हैं किस दृष्टि से देखते हैं और फिर वह बन जाते हैं हमारा कर्म अब हर एक कर्म का कार्य फल भी होता है भाई आपने कुछ एक्शन लिया तो उसका क्वेश्चन कुछ कौन सी ट्रेन से रिजल्ट का परिणाम होगा अगर मैंने अच्छे की है तो परिणाम भी अच्छा ही होगा अब इसी तरह जब हम पूजा की बात करते हैं तो पूछा क्या भाई आप किसी की पूजा करते हैं पूजा के लिए कोई एक्चुअल करता है कोई कुछ करता है कोई कुछ करता है अब पूजा किसकी करते हैं भाई पूजा हम इंसान की तो करते नहीं है राइट इंसान पूजनीय होता है आदरणीय होता है लेकिन हम उसकी पूजा नहीं करते हम उनको वह मान सम्मान देते हैं पूछा तो हम इश्वर की करते हैं गॉड की करते हैं राइट भगवान की करते हैं पूजा ओके जब आप पूजा करते हैं तो इसका आज भी है कि आपका कर्मफल एकदम चेंज हो जाएगा अगर आपने अक्षय कर नहीं किए तो पूजा से आप अपने कर्म को बदल नहीं सकते हां कुछ आता थोड़ा बहुत ऊपर नीचे कर सकते हैं लेकिन आप उसको बदल नहीं सकते यह आप सोचे जरूर क्यों एक क्लासिक एग्जांपल है कि भाई एक तरफ श्री रामचंद्र जी यह थे और एक तरफ रावण का रावण के बाद सब बहुत विद्यार्थी बहुत ज्ञान था बहुत बड़ा तपस्वी था सब कुछ था उसके पास और एक तरफ मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी के जीत किसकी हुई श्री रामचंद्र जी की क्यों क्योंकि भले ही इनके पास वैसा वाला ज्ञान नहीं था जो रावण के पास था जिसके लिए वह बहुत अहंकारी था लेकिन इनके पास वह मर्यादा थी इनको इसलिए मर्यादा पुरुषोत्तम रहते हैं मर्यादा के मतलब यह नहीं होता इनको सब पता होता है कि इनको पता था कि का क्या कैसे करना है सब कुछ चला गया लेकिन इन्होंने अपना ध्यान नहीं छोड़ा उन्होंने साहस नहीं छोड़ा उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया आप कोई भी एग्जांपल कोई भी चैप्टर उठाकर देख लीजिए रहमान का तो आपको पता चलेगा कि इन्होंने हमेशा वही किया जो एकदम सही होता है तो इसका मतलब क्या यह धार्मिक के रास्ते पर चलें धर्म का वचन धारण करने योग्य इन्होंने अपने कर्म ऐसे बनाएं किन का कर्म फल भी वैसा ही रहा उसी तरफ रावण उसने क्या किया उसने अहंकार में या जो भी कुछ समझ लिए पूछा था सुबह तो बहुत किया लेकिन अंत में क्या मिला उसको उसको हार मिली उस इंसान से जो अपने कर्म पर अडिग रहा उसने भाई कर्म किया जो जो बहुत अनुनासिक साथ था जो बहुत सही था अंधारी से तो अब सवाल है कि भाई कर्म बड़ा या पूजा जी सबसे पहले कर्म आता है पूजा बाद में आती है बताता हूं कैसे अगर आपके कर्म अच्छे नहीं हो रहा पूजा-पाठ करते हो तो फायदा क्या भाई अगर आप कर्म करते हो ना पूजा पाठ नहीं करते कर्म अच्छे वाले करते पूजा पाठ नहीं करते तो बहुत अच्छी बात होती है सोच कर देखिए भगवान यह नहीं तुम करो और मेरी पूजा करो मैं तुम्हें माफ कर दूंगा ऐसा नहीं है भगवान बोलते हैं कि तुम वैसा भरता करो जैसा तुम्हें बताओ करना चाहिए बाकी सब ठीक-ठाक हो जाएगा पूजा तो हम अपनी अंदरूनी शांति करने के लिए करते हैं पूजा हम इसलिए करते हैं कि भाई आप मेरे से कोई गलती हो गई त्रुटि हो गई तो उसे क्षमा कर दीजिएगा या मुझे सही रास्ते पर ही रखेगा मुझे कोई गलत काम ना हो जाए पूजा का असल में देखा जाए तो यह होता है पूजा का असल में पहले कैसे टाइम बेबी था कि आप एनर्जी उस देवी देवता से कौन सी एनर्जी से उनके पास वह कुछ लेना चाहते हैं उसे संग्रह करना चाहते हैं तो काम से जाने से पहले लोग पूजा पाठ करके निकालते थे ताकि मेरा दिन शुभ मंगल हो यह था पूजा

dost baar acche se wale ki karm bada hai ya puja dekhe hamesha hum jo bhi kuch karte hain na wah pehle ek suit se shuru hoti hai aur khatam hoti hai hamare kaaran hamara karya kya hota hai hum kis cheez ko kaise karte hain kis drishti se dekhte hain aur phir wah ban jaate hain hamara karm ab har ek karm ka karya fal bhi hota hai bhai aapne kuch action liya toh uska question kuch kaun si train se result ka parinam hoga agar maine acche ki hai toh parinam bhi accha hi hoga ab isi tarah jab hum puja ki baat karte hain toh puchha kya bhai aap kisi ki puja karte hain puja ke liye koi actual karta hai koi kuch karta hai koi kuch karta hai ab puja kiski karte hain bhai puja hum insaan ki toh karte nahi hai right insaan pujaniya hota hai adaraniya hota hai lekin hum uski puja nahi karte hum unko wah maan sammaan dete hain puchha toh hum ishvar ki karte hain god ki karte hain right bhagwan ki karte hain puja ok jab aap puja karte hain toh iska aaj bhi hai ki aapka karmfal ekdam change ho jayega agar aapne akshay kar nahi kiye toh puja se aap apne karm ko badal nahi sakte haan kuch aata thoda bahut upar niche kar sakte hain lekin aap usko badal nahi sakte yeh aap soche zaroor kyon ek classic example hai ki bhai ek taraf shri ramachandra ji yeh the aur ek taraf ravan ka ravan ke baad sab bahut vidyarthi bahut gyaan tha bahut bada tapaswi tha sab kuch tha uske paas aur ek taraf maryada purushottam shri ramachandra ji ke jeet kiski hui shri ramachandra ji ki kyon kyonki bhale hi inke paas waisa vala gyaan nahi tha jo ravan ke paas tha jiske liye wah bahut ahankari tha lekin inke paas wah maryada thi inko isliye maryada purushottam rehte hain maryada ke matlab yeh nahi hota inko sab pata hota hai ki inko pata tha ki ka kya kaise karna hai sab kuch chala gaya lekin inhone apna dhyan nahi choda unhone saahas nahi choda unhone koi galat kaam nahi kiya aap koi bhi example koi bhi chapter uthaakar dekh lijiye rahman ka toh aapko pata chalega ki inhone hamesha wahi kiya jo ekdam sahi hota hai toh iska matlab kya yeh dharmik ke raste par chalen dharm ka vachan dharan karne yogya inhone apne karm aise banaye kin ka karm fal bhi waisa hi raha usi taraf ravan usne kya kiya usne ahankar mein ya jo bhi kuch samajh liye puchha tha subah toh bahut kiya lekin ant mein kya mila usko usko haar mili us insaan se jo apne karm par adig raha usne bhai karm kiya jo jo bahut anunasik saath tha jo bahut sahi tha andhari se toh ab sawal hai ki bhai karm bada ya puja ji sabse pehle karm aata hai puja baad mein aati hai batata hoon kaise agar aapke karm acche nahi ho raha puja path karte ho toh fayda kya bhai agar aap karm karte ho na puja path nahi karte karm acche wale karte puja path nahi karte toh bahut acchi baat hoti hai soch kar dekhie bhagwan yeh nahi tum karo aur meri puja karo main tumhe maaf kar dunga aisa nahi hai bhagwan bolte hain ki tum waisa bharta karo jaisa tumhe batao karna chahiye baki sab theek thak ho jayega puja toh hum apni andaruni shanti karne ke liye karte hain puja hum isliye karte hain ki bhai aap mere se koi galti ho gayi truti ho gayi toh use kshama kar dijiyega ya mujhe sahi raste par hi rakhega mujhe koi galat kaam na ho jaye puja ka asal mein dekha jaye toh yeh hota hai puja ka asal mein pehle kaise time baby tha ki aap energy us devi devta se kaun si energy se unke paas wah kuch lena chahte hain use sangrah karna chahte hain toh kaam se jaane se pehle log puja path karke nikalate the taki mera din shubha mangal ho yeh tha puja

दोस्त बार अच्छे से वाले की कर्म बड़ा है या पूजा देखे हमेशा हम जो भी कुछ करते हैं ना वह पहल

Romanized Version
Likes  162  Dislikes    views  8180
WhatsApp_icon
user

Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

0:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा है कि कर्म बड़ा है या पूजा तो डेफिनेटली कर्म ही बड़ा है पूजा करने से दिल्ली आरती करने से घंटी बजाने से कुछ भी हासिल नहीं होता है आप काम करिए कईलू कर्म को ही पूजा मानते हैं जितना अच्छा कर्म करेंगे उतना फल आपको मिलेगा ही भगवान की कोई रिक्वायरमेंट नहीं है कि वह घंटी बजाने से प्रसाद चढ़ाने से और आरती करने से बहुत खुश हो जाते हैं अगर आप दीपक करते हैं तो घर में शांति रहती है अच्छा लगता है माहौल अच्छा लगता है भजन पूजन करने से माहौल अच्छा लगता है पर उससे आप कुछ मिलेगा यह सोचकर अपने शांति के लिए आप सब कुछ कर रहे हैं पर जो आप जितना ज्यादा अच्छा कर्म करेंगे फालतू कर्म कहीं मिलेगा आपको और किसी का भी नहीं मिलेगा

aapne poocha hai ki karm bada hai ya puja toh definetli karm hi bada hai puja karne se delhi aarti karne se ghanti bajane se kuch bhi hasil nahi hota hai aap kaam kariye kailu karm ko hi puja maante hain jitna accha karm karenge utana fal aapko milega hi bhagwan ki koi requirement nahi hai ki vaah ghanti bajane se prasad chadhane se aur aarti karne se bahut khush ho jaate hain agar aap deepak karte hain toh ghar mein shanti rehti hai accha lagta hai maahaul accha lagta hai bhajan pujan karne se maahaul accha lagta hai par usse aap kuch milega yah sochkar apne shanti ke liye aap sab kuch kar rahe hain par jo aap jitna zyada accha karm karenge faltu karm kahin milega aapko aur kisi ka bhi nahi milega

आपने पूछा है कि कर्म बड़ा है या पूजा तो डेफिनेटली कर्म ही बड़ा है पूजा करने से दिल्ली आरती

Romanized Version
Likes  71  Dislikes    views  1891
WhatsApp_icon
user

Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

0:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न कर्म बड़ा है पूजा देखकर कर्म का अपना महत्व है पूजा का अपना महत्व है गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म को श्रेष्ट बताया था मेरे विचार में भी कर्म बड़ा है लेकिन पूजा का अपना प्रभाव उस को नकारा नहीं जा सकता धन्यवाद

aapka prashna karm bada hai puja dekhkar karm ka apna mahatva hai puja ka apna mahatva hai geeta mein bhagwan shrikrishna ne karm ko shresth bataya tha mere vichar mein bhi karm bada hai lekin puja ka apna prabhav us ko nakara nahi ja sakta dhanyavad

आपका प्रश्न कर्म बड़ा है पूजा देखकर कर्म का अपना महत्व है पूजा का अपना महत्व है गीता में भ

Romanized Version
Likes  106  Dislikes    views  2030
WhatsApp_icon
user

Rasbihari Pandey

लेखन / कविता पाठ

0:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कर्म प्रधान विश्व करि राखा जो जस करहिं सो तस फल शाखा ऐसा गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस में लिखा है अर्थात कर्म ही प्रधान है श्रीमद भगवत गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन तुम कर्म करो फल की चिंता बिल्कुल ना करो तो इसलिए हर हाल में हमें कर्म ही करना चाहिए फल की चिंता छोड़ देनी चाहिए क्योंकि अगर हम फल की चिंता करने लगेंगे फिर कोई भी कार्य हम सही चित्र से नहीं कर पाएंगे

karm pradhan vishwa kari rakha jo jass karahin so tas fal shakha aisa goswami tulsidas ne ramcharitmanas mein likha hai arthat karm hi pradhan hai srimad bhagwat geeta mein bhagwan krishna kehte hain karmanyevadhikaraste ma faleshu kadachan tum karm karo fal ki chinta bilkul na karo toh isliye har haal mein hamein karm hi karna chahiye fal ki chinta chod deni chahiye kyonki agar hum fal ki chinta karne lagenge phir koi bhi karya hum sahi chitra se nahi kar payenge

कर्म प्रधान विश्व करि राखा जो जस करहिं सो तस फल शाखा ऐसा गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस

Romanized Version
Likes  12  Dislikes    views  288
WhatsApp_icon
user
4:38
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आर्थिक दृष्टि से धार्मिक दृष्टि से दोनों से कर्म हमेशा बड़ा होता है जिया कर्म के युग में किन-किन चीजों का समावेश होता है जैसे कि आपकी सच्ची श्रद्धा सफल परिणामों के प्रति मोकामा के प्रति समर्थन कर्तव्यों के प्रति निष्ठा लोगों का स्मरण ईश्वर स्वरूप लोगों में सच्ची श्रद्धा लोगों का विश्वास जीतना समाज में जनसेवक जनहित कल्याणकारी कार्य करना यह सभी बिंदुपथ निर्देशन भैया पॉइंट्स जवा क्य या उदाहरण अच्छे सच्चे और विश्वसनीय कर्म के युग में आते हैं जब ऐसा कार्य आप करते हो तो खुद-ब-खुद आप जैसे अच्छे लोगों की पूजा होती है आप अपने ह्रदय में बैठे हुए ईश्वर स्वरूप भगवान किसी भी देश उस समय आप उसे माने किसी भी दृश्य से दृष्टिकोण से अपना चेक कोई सी भी भगवान हूं विष्णु भगवान श्री कृष्ण जी रोज भोलेनाथ जी हनुमान जी राम जी इस तरीके से स्वयं आपके विचार आपके मस्तिष्क सच्चे कर्म के योग में विलीन हो जाएंगे और मैं यह कहना चाहूंगा लोग आपसे मिलने के लिए प्रताड़ित होंगे प्रताड़ित धन्यवाद

dekhiye aarthik drishti se dharmik drishti se dono se karm hamesha bada hota hai jiya karm ke yug mein kin kin chijon ka samavesh hota hai jaise ki aapki sachi shraddha safal parinamon ke prati mokama ke prati samarthan kartavyon ke prati nishtha logo ka smaran ishwar swaroop logo mein sachi shraddha logo ka vishwas jeetna samaj mein jansevak janhit kalyaankari karya karna yah sabhi bindupath nirdeshan bhaiya points java kya ya udaharan acche sacche aur viswasniya karm ke yug mein aate hain jab aisa karya aap karte ho toh khud bsp khud aap jaise acche logo ki puja hoti hai aap apne hriday mein baithe hue ishwar swaroop bhagwan kisi bhi desh us samay aap use maane kisi bhi drishya se drishtikon se apna check koi si bhi bhagwan hoon vishnu bhagwan shri krishna ji roj bholenaath ji hanuman ji ram ji is tarike se swayam aapke vichar aapke mastishk sacche karm ke yog mein vileen ho jaenge aur main yah kehna chahunga log aapse milne ke liye pratarit honge pratarit dhanyavad

देखिए आर्थिक दृष्टि से धार्मिक दृष्टि से दोनों से कर्म हमेशा बड़ा होता है जिया कर्म क

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  169
WhatsApp_icon
user

Rajesh Rana

Educator, Lawyer

1:24
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पूजा क्या है वास्तव में एक निश्चित समय पर एक निश्चित स्थान पर बैठकर अपने मन को एक पॉइंट पर एकाग्र करते हैं यही पूछा फिर वह भगवान की मूर्ति पर एकाग्र कर सकते हैं फिर वह आसमान में देखकर आसमान को देखते हुए कारगर हो सकते हैं वह जमीन में देखते हुए कादर हो सकते हैं यह सभी जगह जो आप ऐसा करते हैं वह पूजा हो जब आप काम करते हैं तो वेट दिल्ली रेट उन्हें रूटीन है आपके शेड्यूल है एक परमाणु पर शेड्यूल रोजा बोलते हैं जाते हैं ऑफिस में बैठने काम करते हैं वहां भी आप अपने आप को कंसंट्रेट करते हैं की जगह पर और वह भी पूछा इसलिए कहा जाता है कर्म ही पूजा है अब कर्म क्या करते हैं अलग-अलग तरह के होते हैं सभी पूजा होते हैं वास्तव में पूजा अच्छी भी होती है बुरे भी होती है दुष्ट आदमी भी पूजा करते हैं शरीफ आदमी की पूजा करते उसकी पूजा करते हैं और तांत्रिक की पूजा करते उनका फल उसी हिसाब से मिलता है तो पूजा अनेक तरह की है और कर्म ही पूजा है अलग-अलग तरह के कर्म होते हैं तो उसमें अलग-अलग तरह की पूजा हम कह सकते हैं

puja kya hai vaastav mein ek nishchit samay par ek nishchit sthan par baithkar apne man ko ek point par ekagra karte hain yahi poocha phir vaah bhagwan ki murti par ekagra kar sakte hain phir vaah aasman mein dekhkar aasman ko dekhte hue kargar ho sakte hain vaah jameen mein dekhte hue kadar ho sakte hain yah sabhi jagah jo aap aisa karte hain vaah puja ho jab aap kaam karte hain toh wait delhi rate unhe routine hai aapke schedule hai ek parmanu par schedule roza bolte hain jaate hain office mein baithne kaam karte hain wahan bhi aap apne aap ko concentrate karte hain ki jagah par aur vaah bhi poocha isliye kaha jata hai karm hi puja hai ab karm kya karte hain alag alag tarah ke hote hain sabhi puja hote hain vaastav mein puja achi bhi hoti hai bure bhi hoti hai dusht aadmi bhi puja karte hain sharif aadmi ki puja karte uski puja karte hain aur tantrika ki puja karte unka fal usi hisab se milta hai toh puja anek tarah ki hai aur karm hi puja hai alag alag tarah ke karm hote hain toh usme alag alag tarah ki puja hum keh sakte hain

पूजा क्या है वास्तव में एक निश्चित समय पर एक निश्चित स्थान पर बैठकर अपने मन को एक पॉइंट पर

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  126
WhatsApp_icon
user

Dr Kanahaiya

Dr Kanahaiya Reki Grand Masstr Apt .Sujok .Homyopathy .

0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अनुष्का तू कर्म बड़ा है या पूजा का प्रश्न है पूजा करना भी एक तरफ करना कि पूजा यह कर्म करना ही है वह कॉफी गीता में कहा गया जैसा कर्म करोगे वैसा फल देगा भगवान यह गीता का ज्ञान इसलिए आप जिस प्रकार की कर्म करोगे उसका आपको फल आपको करना पड़ेगा पड़ेगा

anushka tu karm bada hai ya puja ka prashna hai puja karna bhi ek taraf karna ki puja yah karm karna hi hai vaah coffee geeta mein kaha gaya jaisa karm karoge waisa fal dega bhagwan yah geeta ka gyaan isliye aap jis prakar ki karm karoge uska aapko fal aapko karna padega padega

अनुष्का तू कर्म बड़ा है या पूजा का प्रश्न है पूजा करना भी एक तरफ करना कि पूजा यह कर्म करना

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  5
WhatsApp_icon
user

Mr. Mukesh Kumar

Youtuber, https://youtu.be/lxwi7CXLHSQ

1:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि कर्म बड़ा है या पूजा तो मैं आपको कुछ बातें ऐसी बताना चाहूंगा जो अपने जीवन में उतार कर आप सैनिक मूल्यांकन कर सकते हैं स्वयं ही पता लगा सकते हैं कि कर्म बड़ा है या पूजा पहले कुछ दिनों तक आप जैसे एक माह में 28 29 30 31 दिनों तक किसी भी महीने को अपनी स्वेच्छा से चुन सकते उसको हाफ हाफ डे में कन्वर्ट कर दे मतलब की बातें अब उसको में से 15 दिन नहीं आप मान लेगी आप तो कर्म कीजिए ठीक पहले आप पूजा करें 15 दिन पूजा करने के बाद आप देखिए आपको क्या प्राप्त होता है शिवाय मन की शांति के आपको कुछ प्राप्त नहीं होगा और फिर उसके अगले 15 दिन आप वर्कर दी जिस चित्र में करना चाहते हैं फिर आप देखिए क्या मैं आपको कुछ लाभ प्राप्त हो रहा है आर्थिक रूप से भी आपको लाभ प्राप्त होगा शारीरिक रूप से भी लाभ प्राप्त होगा सामाजिक रूप से बिलासपुर आंकड़ा वक्तव्य डिसीजन निकाल लेंगे कि कर्म बड़ा है या पूजा

aapka prashna hai ki karm bada hai ya puja toh main aapko kuch batein aisi bataana chahunga jo apne jeevan mein utar kar aap sainik mulyankan kar sakte hain swayam hi pata laga sakte hain ki karm bada hai ya puja pehle kuch dino tak aap jaise ek mah mein 28 29 30 31 dino tak kisi bhi mahine ko apni swachcha se chun sakte usko half half day mein convert kar de matlab ki batein ab usko mein se 15 din nahi aap maan legi aap toh karm kijiye theek pehle aap puja kare 15 din puja karne ke baad aap dekhiye aapko kya prapt hota hai shivay man ki shanti ke aapko kuch prapt nahi hoga aur phir uske agle 15 din aap worker di jis chitra mein karna chahte hain phir aap dekhiye kya main aapko kuch labh prapt ho raha hai aarthik roop se bhi aapko labh prapt hoga sharirik roop se bhi labh prapt hoga samajik roop se bilaspur akanda vaktavya decision nikaal lenge ki karm bada hai ya puja

आपका प्रश्न है कि कर्म बड़ा है या पूजा तो मैं आपको कुछ बातें ऐसी बताना चाहूंगा जो अपने जीव

Romanized Version
Likes  21  Dislikes    views  417
WhatsApp_icon
user
0:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सलाम वालेकुम फल कर्म बड़ा है या पूजा जी हां कर्म बड़ा है कर्म अच्छे हैं तो पूजा भी है अगर हम कर्म के हिसाब से चलेंगे अगर जैसे कर्म करेंगे वैसा ही भोगी के अच्छे कर्म करेंगे तो हमें अच्छा फल मिलेगा हम बुरे कर्म करेंगे तो हमें बुरा कर्म मिलेगा हम अच्छे कर्म करेंगे तो पूजा पाठ किसी का मान सम्मान के शिक्षक आप लोग सब कुछ हमारे आगे होगी पर हम कर्म ही अच्छा नहीं करेंगे तो किसी के साथ मारपीट किसी के साथ बैठ जाना बेमतलब ही वह होता है बुरा कर्म तो कर्म अच्छा हो तो सब अच्छा होता है तो कर्म बड़ा है शुक्रिया

salaam walekum fal karm bada hai ya puja ji haan karm bada hai karm acche hain toh puja bhi hai agar hum karm ke hisab se chalenge agar jaise karm karenge waisa hi bhogi ke acche karm karenge toh hamein accha fal milega hum bure karm karenge toh hamein bura karm milega hum acche karm karenge toh puja path kisi ka maan sammaan ke shikshak aap log sab kuch hamare aage hogi par hum karm hi accha nahi karenge toh kisi ke saath maar peet kisi ke saath baith jana bematalab hi vaah hota hai bura karm toh karm accha ho toh sab accha hota hai toh karm bada hai shukriya

सलाम वालेकुम फल कर्म बड़ा है या पूजा जी हां कर्म बड़ा है कर्म अच्छे हैं तो पूजा भी है अगर

Romanized Version
Likes  25  Dislikes    views  484
WhatsApp_icon
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:20
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कर्म बड़ा है या पूजा बहुत अच्छा प्रश्न है देखिए पूजा जो है वह हम खाली सुबह करते और फ्री हो जाते हैं और पूरे दिन हमको कर्म ही करना पड़ता है इसलिए कहा गया है कि कर्म ही पूजा है वर्क इस वरशिप जाने की कर्म ही पूजा है इसलिए अगर हम अच्छे से अगर पूरा दिन कर्म करते हैं भगवान को हम अपने मन में मजाक करते और हम पूरा दिन अगर कर्म करते हैं तो हमें अवश्य अच्छे परिणाम मिलते हैं क्योंकि कर्म कई कर्मफल हमको मिलता है पूजा करके और हम कर मनो करें और सोचे कि भगवान हमें कोई फल दे देंगे तो बिना कर्म किए कोई भी फल प्राप्त नहीं होता है कर्म को प्रधान नेता हमारी जिंदगी में देनी चाहिए और कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन सुपर को याद रखते हमें हमारे हाथ में कर्म है और कर्म ही हम करें फल जो है भगवान को जो भेजना होगा वह देंगे इसलिए कर्म को प्रशांत सर जी और सदैव अच्छे से अच्छे कार्य करें धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

karm bada hai ya puja bahut accha prashna hai dekhiye puja jo hai vaah hum khaali subah karte aur free ho jaate hain aur poore din hamko karm hi karna padta hai isliye kaha gaya hai ki karm hi puja hai work is worship jaane ki karm hi puja hai isliye agar hum acche se agar pura din karm karte hain bhagwan ko hum apne man mein mazak karte aur hum pura din agar karm karte hain toh hamein avashya acche parinam milte hain kyonki karm kai karmfal hamko milta hai puja karke aur hum kar mano kare aur soche ki bhagwan hamein koi fal de denge toh bina karm kiye koi bhi fal prapt nahi hota hai karm ko pradhan neta hamari zindagi mein deni chahiye aur karmanyevadhikaraste ma faleshu kadachan super ko yaad rakhte hamein hamare hath mein karm hai aur karm hi hum kare fal jo hai bhagwan ko jo bhejna hoga vaah denge isliye karm ko prashant sir ji aur sadaiv acche se acche karya kare dhanyavad aapka din shubha ho

कर्म बड़ा है या पूजा बहुत अच्छा प्रश्न है देखिए पूजा जो है वह हम खाली सुबह करते और फ्री हो

Romanized Version
Likes  60  Dislikes    views  1192
WhatsApp_icon
user

Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

0:47
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तो नमस्कार आपने पूछा कर्म बड़ा है या पूजा तो देखिए कर्म बड़ा है या पूजा बड़ा तो पूछा ही है चौकी कर्म अगर आप किसी की पिटाई कर रहे हैं किसी की बुराई कर रहे हैं तो भी वह एक कर्म में ही आता है कर्म कभी पूजा से बड़ा नहीं हो सकता लेकिन अच्छा कर्म ही पूजा कहलाता है आप इसे इस दृष्टि से भी देख सकते हैं अच्छे कर्म पूजा के सामान लेकिन करो बड़ा है या पूजा तो यहां पर पूजा ही बड़ा है धन्यवाद

hello doston namaskar aapne poocha karm bada hai ya puja toh dekhiye karm bada hai ya puja bada toh poocha hi hai chowki karm agar aap kisi ki pitai kar rahe hain kisi ki burayi kar rahe hain toh bhi vaah ek karm mein hi aata hai karm kabhi puja se bada nahi ho sakta lekin accha karm hi puja kehlata hai aap ise is drishti se bhi dekh sakte hain acche karm puja ke saamaan lekin karo bada hai ya puja toh yahan par puja hi bada hai dhanyavad

हेलो दोस्तो नमस्कार आपने पूछा कर्म बड़ा है या पूजा तो देखिए कर्म बड़ा है या पूजा बड़ा तो

Romanized Version
Likes  24  Dislikes    views  476
WhatsApp_icon
user

Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कर्म बड़ा है या कुछ आपको बताना चाहता हूं मेरे प्यारे साथी यह दोनों की बातें अलग अलग हैं दोनों ही बातें दोनों ही चीजें बहुत कुछ लोगों के जीवन में कर्म बड़ा है और कुछ लोग अपनी पूजा को ज्यादा बड़ा ही पत्ते अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग जो इंसान अपने काम पर विश्वास करते हैं ना रिश्ते के हमारे बड़े बुजुर्ग भी गए हैं कि कर्म ही पूजा है मत कर सकते हैं क्योंकि कर्म ही पूजा है या मेरा काम ही पूजा है मेरी सेवा ही पूजा है उन लोगों के लिए कर्म ही पूजा होता कुछ लोग ऐसे हैं जो पूजा को ही कर्म मानते हैं तो वह भी अपनी जगह पर सही है उनके लिए पूजा ही कर्म और धर्म है

karm bada hai ya kuch aapko bataana chahta hoon mere pyare sathi yah dono ki batein alag alag hain dono hi batein dono hi cheezen bahut kuch logo ke jeevan mein karm bada hai aur kuch log apni puja ko zyada bada hi patte alag alag sthano par alag alag jo insaan apne kaam par vishwas karte hain na rishte ke hamare bade bujurg bhi gaye hain ki karm hi puja hai mat kar sakte hain kyonki karm hi puja hai ya mera kaam hi puja hai meri seva hi puja hai un logo ke liye karm hi puja hota kuch log aise hain jo puja ko hi karm maante hain toh vaah bhi apni jagah par sahi hai unke liye puja hi karm aur dharm hai

कर्म बड़ा है या कुछ आपको बताना चाहता हूं मेरे प्यारे साथी यह दोनों की बातें अलग अलग हैं दो

Romanized Version
Likes  63  Dislikes    views  1233
WhatsApp_icon
user

Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

0:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसे कि प्रश्न है बड़ा है बड़ा है या पूजा तो कर्म ही पूजा है कम से बड़ा कोई दूसरा पूजा नहीं है इसलिए आप कम कीजिए कि मनुष्य कहता है की पूजा करने से जो फल प्राप्त होता है तो पूजा से तो कुछ फल प्राप्त हो या ना हो लेकिन कर्म करने से आपको फल की प्राप्ति होगी और कर्म करते जाना है फल क्या मिलेगा इसकी चिंता भी नहीं करनी है क्योंकि ऐसा हमारे यहां के धार्मिक ग्रंथ गीता जो है उसमें भी लिखा हुआ है कर्म किए जा फल की चिंता मत कर ऐ इंसान जैसा कर्म करेगा वैसा फल देगा भगवान यह है गीता का ज्ञान दो लाइन में मैंने आपको पूरे गीता रहस्य के बारे में बता दो कर्म ही पूजा है

jaise ki prashna hai bada hai bada hai ya puja toh karm hi puja hai kam se bada koi doosra puja nahi hai isliye aap kam kijiye ki manushya kahata hai ki puja karne se jo fal prapt hota hai toh puja se toh kuch fal prapt ho ya na ho lekin karm karne se aapko fal ki prapti hogi aur karm karte jana hai fal kya milega iski chinta bhi nahi karni hai kyonki aisa hamare yahan ke dharmik granth geeta jo hai usme bhi likha hua hai karm kiye ja fal ki chinta mat kar ae insaan jaisa karm karega waisa fal dega bhagwan yeh hai geeta ka gyaan do line mein maine aapko poore geeta rahasya ke bare mein bata do karm hi puja hai

जैसे कि प्रश्न है बड़ा है बड़ा है या पूजा तो कर्म ही पूजा है कम से बड़ा कोई दूसरा पूजा नही

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  25
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पढ़ा होगा कि कर्म ही पूजा है अगर आप कर्म करते हैं ईमानदारी के साथ अपने कर्म का निस्तारण करते हैं तो आप की पूजा से बड़ी कर्म ही पूजा है कर्म और पूजा दोनों अलग-अलग लेकिन अगर आप अपना कर्म कर पूजा करने का समय नहीं मिलता

aapne padha hoga ki karm hi puja hai agar aap karm karte hain imaandaari ke saath apne karm ka nistaaran karte hain toh aap ki puja se badi karm hi puja hai karm aur puja dono alag alag lekin agar aap apna karm kar puja karne ka samay nahi milta

आपने पढ़ा होगा कि कर्म ही पूजा है अगर आप कर्म करते हैं ईमानदारी के साथ अपने कर्म का निस्ता

Romanized Version
Likes  112  Dislikes    views  1130
WhatsApp_icon
user

Siyaram Dubey

YouTuber/Spiritual Person/Thinker/Social-media Activist

0:48
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है कर्म बड़ा है या पूजा तो बेशक कर्म बड़ा होता है क्योंकि कर्म से ही आप पूजा की ओर अग्रसर होते हैं और भगवान श्री कृष्ण गीता में भी कह चुके हैं कि कर्म ही पूजा है तो इसलिए बेशक कर्म बड़ा होता है लेकिन सात्विक और विवेकपूर्ण किया गया कर्म ही पूजा के समान माना गया है ना कि तामसिक और किसी को दुख पहुंचाने वाला कर्म बिल्कुल पूजा के श्रेणी में नहीं आएगा

namaskar aapka prashna hai karm bada hai ya puja toh beshak karm bada hota hai kyonki karm se hi aap puja ki aur agrasar hote hain aur bhagwan shri krishna geeta mein bhi keh chuke hain ki karm hi puja hai toh isliye beshak karm bada hota hai lekin Satvik aur vivekpurn kiya gaya karm hi puja ke saman mana gaya hai na ki tamasik aur kisi ko dukh pahunchane vala karm bilkul puja ke shreni mein nahi aayega

नमस्कार आपका प्रश्न है कर्म बड़ा है या पूजा तो बेशक कर्म बड़ा होता है क्योंकि कर्म से ही आ

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  83
WhatsApp_icon
user

Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

0:22
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिना कर्म किए पूजा कैसे हो सकती है दिल्ली कर्म ही बड़ा है कर्म पूजा होती है पूजा से कम नहीं हो सकता हम कर्म करेंगे भगवान के प्रति सेवा करेंगे तो काम करके ही करेंगे इडली बड़ा है

bina karm kiye puja kaise ho sakti hai delhi karm hi bada hai karm puja hoti hai puja se kam nahi ho sakta hum karm karenge bhagwan ke prati seva karenge toh kaam karke hi karenge idli bada hai

बिना कर्म किए पूजा कैसे हो सकती है दिल्ली कर्म ही बड़ा है कर्म पूजा होती है पूजा से कम नही

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  174
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न मुझे फॉर्म बढ़ाया पूजा भगवान कहते हैं भगवत गीता में अगर आप पूजा करोगी तो भगवान से मांगना पड़ेगा लेकिन अगर आप करोगी तो भगवान तो आपको देना ही पड़ेगा इसलिए कर्म बड़ा है

aapka prashna mujhe form badhaya puja bhagwan kehte hain bhagwat geeta me agar aap puja karogi toh bhagwan se maangna padega lekin agar aap karogi toh bhagwan toh aapko dena hi padega isliye karm bada hai

आपका प्रश्न मुझे फॉर्म बढ़ाया पूजा भगवान कहते हैं भगवत गीता में अगर आप पूजा करोगी तो भगवान

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  108
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कर्म बड़ा है या पूजा मेरे हिसाब से कर्म ही बड़ा है क्योंकि सच्चा कर्म करने के लिए ही हम सब संसार वासियों को भेजा है और जन्म दिया है हम जब सच्चा कर्म करेंगे तो ईश्वर का अमृत के समान पूजा होगा और हम सब को बिना मांगे ही परमात्मा फल देगा हमको मांगने का मांगने का जरूरत भी नहीं पड़ेगा हम सब संसार वासियों शास्त्र विधि के अनुसार कर्म करना चाहिए हम सब लोगों को

karm bada hai ya puja mere hisab se karm hi bada hai kyonki saccha karm karne ke liye hi hum sab sansar vasiyo ko bheja hai aur janam diya hai hum jab saccha karm karenge toh ishwar ka amrit ke saman puja hoga aur hum sab ko bina mange hi paramatma fal dega hamko mangne ka mangne ka zarurat bhi nahi padega hum sab sansar vasiyo shastra vidhi ke anusaar karm karna chahiye hum sab logo ko

कर्म बड़ा है या पूजा मेरे हिसाब से कर्म ही बड़ा है क्योंकि सच्चा कर्म करने के लिए ही हम सब

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  131
WhatsApp_icon
user
1:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कर्मण्ए वाधिकारस्ते मा फलेशु कदाचना मातरम पद हेतु कमला मां करणी का सबसे बड़ा मार्ग अपने जीवन को सफल बनाने के लिए अनुष्का सेन को सफल बनाने के लिए गर्म करना चाहिए लोगों के प्रति मानव जाति की बात करते उनको सबको हंसाने का उनके विकास में होगे एक-दो है पूनम को एक कल उसके साथ को दिखाने में बात करनी चाहिए और बना उसका जीवन में किसी दूसरे को कभी प्यार मानव जाति विवाह भाग 2 करोड़ के विकास और उनको सरवन कुमार दिखाने का प्रयास करता है हमें प्रेम रतन संतुष्ट और आनंद की अनुभूति करता है और उसे महान व्यक्ति की बात करते हैं और ऐसी कोई बात नहीं आपकी मर्जी जो है आते हैं जो लोगों के मदद करता है कभी-कभी दीन सबन को लखत है पीने लगे ना कोई और जो बंधु पीने लगा तभी हम दूसरा मूवी पुकार भगवान डाउनलोड कर लूंगी उनको भी अपने जीवन को सफल बनाने मत करते हैं तो कैसे करूं मेरा रास्ता और कर्म के माध्यम से बात कर सकते हैं और इस बात करने का जो है मारते हुए कही है और वर्तमान के राष्ट्रपति के कार्यकाल में सर्वत्र समाना का सत्संग सुनाएं हमसे अपने और सभी लोगों को हमारे निकल जाना चाहिए धन्यवाद

karmanye vadhikaraste ma faleshu kadachana mataram pad hetu kamla maa karni ka sabse bada marg apne jeevan ko safal banane ke liye anushka sen ko safal banane ke liye garam karna chahiye logo ke prati manav jati ki baat karte unko sabko hansaane ka unke vikas me hoge ek do hai poonam ko ek kal uske saath ko dikhane me baat karni chahiye aur bana uska jeevan me kisi dusre ko kabhi pyar manav jati vivah bhag 2 crore ke vikas aur unko sarvan kumar dikhane ka prayas karta hai hamein prem ratan santusht aur anand ki anubhuti karta hai aur use mahaan vyakti ki baat karte hain aur aisi koi baat nahi aapki marji jo hai aate hain jo logo ke madad karta hai kabhi kabhi din saban ko lakhat hai peene lage na koi aur jo bandhu peene laga tabhi hum doosra movie pukaar bhagwan download kar lungi unko bhi apne jeevan ko safal banane mat karte hain toh kaise karu mera rasta aur karm ke madhyam se baat kar sakte hain aur is baat karne ka jo hai marte hue kahi hai aur vartaman ke rashtrapati ke karyakal me sarvatra samaana ka satsang sunaen humse apne aur sabhi logo ko hamare nikal jana chahiye dhanyavad

कर्मण्ए वाधिकारस्ते मा फलेशु कदाचना मातरम पद हेतु कमला मां करणी का सबसे बड़ा मार्ग अपने जी

Romanized Version
Likes  46  Dislikes    views  831
WhatsApp_icon
user

Dhananjay Singh

Social Worker

9:09
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

घर में बड़ा है या पूजा दिखे कर्म को शास्त्र में प्रधान कहा गया है जैसा मनुष्य काम करता है कर्म करो खुल उसका दे धारण भी होता है कर्म को पूजा सिर्फ शेष नहीं कहा जा सकता क्योंकि कर्म को बंधन में कहा गया है कर्म एक जंजीर है जंजीर लोहे का हो या सोने का हो है तो आज अंजीर ही कर्म किशनगढ़ पूजा से नहीं तुलना की जा सकती क्योंकि पूजा जो है आत्मा का दौरा किया जाता है मनुष्य अपने आत्मा को अवस्था में इन समाधि अवस्था में ले जाता है तो परम परमात्मा का साक्षात्कार करता है जब आता परमात्मा का मिलन होता है तो वहां से भक्ति चालू होता है उसी को पूजा कहते हैं लेकिन मनुष्य सोच लिया कि पूजा अगरबत्ती जलाने से धूप जलाने से दिया जलाने से हरि कीर्तन करने से हर रिजल्ट 24 घंटा करने से शास्त्र पढ़ने से भक्ति गीत गाने से परमात्मा के पूजा होती है यह महा मूर्खों की पहचान है भारत के विद्या बैंगब्रोग या कहीं भी नहीं कहता की पूजा कैसे की जाती है पूजा तो कभी किया जा सकता है जब आप अपने आत्मबल में आएंगे जब आप आत्म साक्षात्कार करेंगे आत्मा से भी किया जा सकता है जब आप विहंगम योग का ज्ञान लेंगे इस शास्त्र में सहायक माधुरी मेनपथ हमार परा विद्या के नाम से जाना जाता है जो भारत की विद्या के सारे ही मनुष्य पूजा कर सकता है भक्ति कर सकता है क्योंकि परमात्मा मन बुद्धि इंद्रियां का विषय नहीं है तो कितनी अच्छा भक्ति गाना गा लो कितने ही तुम खिला लो कितने ही तुम शास्त्र पढ़ लो कितनी ही बड़ा विद्वान ही क्यों ना बन जाओ लेकिन तुमने आत्मसाक्षात्कार नहीं किया तो तुम परमात्मा की भक्ति पूजा नहीं कर सकते यह गुप्त रहस्य है इसको जानने के लिए इसके जो प्रनेता है सतगुरु उनके सानिध्य में जाना पड़ता है उनसे सिखाया जाता है भक्ति कैसे करते पूजा कैसे करते हैं क्योंकि शास्त्र भी यही कहता हूं सही कहता है यह दुआ जो निरवान तक आपके मन साथ-साथ जहां समान बुद्धि इंद्रियां वापस लौट आते हैं उसे परेशान था परमेश्वर है उनके भक्त नमन से होती ने बुद्धि से नहीं इंद्रियों से नहीं कोई पाखंड साधना अभ्यास नहीं तब से नहीं जब से हरिओम के भक्त तो तभी हो सकता है जब इसे आप पढ़े हो जाएंगे या आपका मेरा मेवासा मत नहीं हम सब हम सब एक अबोध बालक अज्ञानी नासमझ इसीलिए हम लोगों को गुरु करना होगा वह बताते हैं उसके इसीलिए इस ज्ञान को लेना चाहते हैं तो आप नेट पर देखें डब्लू डब्लू विहंगाम योगा डॉट कॉम वहां जाकर ज्ञान को लिया जा सकता है लेकिन उसी व्यक्ति को क्या लेना चाहिए जिस व्यक्ति के अंदर सेवा भाव इसके अंदर सेवा भाव नहीं हो तो इस ज्ञान पर ना लें और उसी व्यक्ति के लेना चाहिए जो व्यक्ति चतुर हो विवेकी हो सच्चाई को समझने की योग्यता रखता हो क्योंकि सच्ची बात बहुत कड़वाहट होती है इसे लोग विचलित हो जाते हैं कभी सारी से लिखा देते हैं सच कहा सच कहूं तो मार दौड़े झूठ ही चेक किया है आज भी भारत के ही स्थिति रहा है भारत की विद्या है भारत के लोग ही नहीं जानते कितना मूर्ख महामूर्ख ऐसे लोगों को शास्त्रों में पावर मुक्ता गया है जो महामूर्ख से भी बढ़कर होता है वही पावर मूर्ख हो हमसे मेरे दोस्तों पूजा महान है पूजा सबकी बस की बात नहीं है ना पूजा सबको कर नहीं सकता जिस पर सद्गुरु की कृपा होती है वही पूजा कर सकता है क्योंकि अभियोग की कॉल रहे हैं जब तक हो सकती आपके अंदर प्रवाहित नहीं होगा तब तक आप कहां से शरीर के अंदर प्रवेश कर पाएंगे इसीलिए कहा गया शास्त्र में सेवा सत्संग गुरु भजन और सत्संग विचार सैया रे सैया अंतिम नित्य कीजिए 3 साल संसार सेवा सत्संग और साधना जो व्यक्ति से जुड़े रहता है वह उस आता को प्राप्त करने में सक्षम होता है कि चित्र बातें हैं समय का भाव है आज समझे पूजा महान है पूजा की अपनी महिमा है

ghar mein bada hai ya puja dikhe karm ko shastra mein pradhan kaha gaya hai jaisa manushya kaam karta hai karm karo khul uska de dharan bhi hota hai karm ko puja sirf shesh nahi kaha ja sakta kyonki karm ko bandhan mein kaha gaya hai karm ek zanjeer hai zanjeer lohe ka ho ya sone ka ho hai toh aaj anjir hi karm kishangarh puja se nahi tulna ki ja sakti kyonki puja jo hai aatma ka daura kiya jata hai manushya apne aatma ko avastha mein in samadhi avastha mein le jata hai toh param paramatma ka sakshatkar karta hai jab aata paramatma ka milan hota hai toh wahan se bhakti chaalu hota hai usi ko puja kehte hain lekin manushya soch liya ki puja agarbatti jalane se dhoop jalane se diya jalane se hari kirtan karne se har result 24 ghanta karne se shastra padhne se bhakti geet gaane se paramatma ke puja hoti hai yah maha murkhon ki pehchaan hai bharat ke vidya baingabrog ya kahin bhi nahi kahata ki puja kaise ki jaati hai puja toh kabhi kiya ja sakta hai jab aap apne atmabal mein aayenge jab aap aatm sakshatkar karenge aatma se bhi kiya ja sakta hai jab aap vihangam yog ka gyaan lenge is shastra mein sahayak madhuri menapath hamar para vidya ke naam se jana jata hai jo bharat ki vidya ke saare hi manushya puja kar sakta hai bhakti kar sakta hai kyonki paramatma man buddhi indriya ka vishay nahi hai toh kitni accha bhakti gaana ga lo kitne hi tum khila lo kitne hi tum shastra padh lo kitni hi bada vidhwaan hi kyon na ban jao lekin tumne atmasakshatkar nahi kiya toh tum paramatma ki bhakti puja nahi kar sakte yah gupt rahasya hai isko jaanne ke liye iske jo praneta hai satguru unke sanidhya mein jana padta hai unse sikhaya jata hai bhakti kaise karte puja kaise karte hain kyonki shastra bhi yahi kahata hoon sahi kahata hai yah dua jo nirvan tak aapke man saath saath jaha saman buddhi indriya wapas lot aate hain use pareshan tha parmeshwar hai unke bhakt naman se hoti ne buddhi se nahi indriyon se nahi koi pakhand sadhna abhyas nahi tab se nahi jab se hariom ke bhakt toh tabhi ho sakta hai jab ise aap padhe ho jaenge ya aapka mera mevasa mat nahi hum sab hum sab ek abodh balak agyani nasamajh isliye hum logo ko guru karna hoga vaah batatey hain uske isliye is gyaan ko lena chahte hain toh aap net par dekhen w w vihangam yoga dot com wahan jaakar gyaan ko liya ja sakta hai lekin usi vyakti ko kya lena chahiye jis vyakti ke andar seva bhav iske andar seva bhav nahi ho toh is gyaan par na le aur usi vyakti ke lena chahiye jo vyakti chatur ho viveki ho sacchai ko samjhne ki yogyata rakhta ho kyonki sachi baat bahut kadawahat hoti hai ise log vichalit ho jaate hain kabhi saree se likha dete hain sach kaha sach kahun toh maar daude jhuth hi check kiya hai aaj bhi bharat ke hi sthiti raha hai bharat ki vidya hai bharat ke log hi nahi jante kitna murkh mahamurkh aise logo ko shastron mein power mukta gaya hai jo mahamurkh se bhi badhkar hota hai wahi power murkh ho humse mere doston puja mahaan hai puja sabki bus ki baat nahi hai na puja sabko kar nahi sakta jis par sadguru ki kripa hoti hai wahi puja kar sakta hai kyonki abhiyog ki call rahe hain jab tak ho sakti aapke andar pravahit nahi hoga tab tak aap kahaan se sharir ke andar pravesh kar payenge isliye kaha gaya shastra mein seva satsang guru bhajan aur satsang vichar saiya ray saiya antim nitya kijiye 3 saal sansar seva satsang aur sadhna jo vyakti se jude rehta hai vaah us aata ko prapt karne mein saksham hota hai ki chitra batein hain samay ka bhav hai aaj samjhe puja mahaan hai puja ki apni mahima hai

घर में बड़ा है या पूजा दिखे कर्म को शास्त्र में प्रधान कहा गया है जैसा मनुष्य काम करता है

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  25
WhatsApp_icon
user

Piyush Goel

Mech Engg, Motivator.

0:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

200 अकरम बकरम बकरम नहीं करोगे अभी सुबह उठे बताया कि मुझे नाश्ता करना है और नाश्ता करना है पूजा करने के बाद मतगणना भी एक कदम या नो में जवाब देना क्या है विक्रम पूजा करूंगा

200 akram bakram bakram nahi karoge abhi subah uthe bataya ki mujhe nashta karna hai aur nashta karna hai puja karne ke baad mataganana bhi ek kadam ya no mein jawab dena kya hai vikram puja karunga

200 अकरम बकरम बकरम नहीं करोगे अभी सुबह उठे बताया कि मुझे नाश्ता करना है और नाश्ता करना है

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  28
WhatsApp_icon
user

Er Jaisingh

Mathematics Solution, 1:00PM TO 2:00PM

1:11
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करो बड़ा है या पूजा कर्म मैं दोनों ही चीज विद्यमान है पाप भी और पुण्य भी मनुष्य जिस तरह से कर्म करता है उसको वैसे फल मिलते हैं कर्म के फल अवश्य मिलते हैं कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन क्योंकि यह डिसाइड यह निर्णय नहीं दे सकते हैं कि यह है कर्म पाप की श्रेणी में है या पुण्य की श्रेणी में यह तो बाद में उसका फल अवश्य मिलता है बस हमें अपनी बुद्धि से समाज की अनुसार एवं देश के अनुसार कर्म करते रहना चाहिए सब से समझाइश ज्ञानवान की पुस्तकें हैं जो बड़े-बड़े लोग जो है अपने सुविचार और आदर्श छोड़ गए हैं उन आदर्शों का पालन करना चाहिए तो सत्कर्म कहलाता है बस सीधी सी बात है यह सत्कर्म आदमी करेगा तो उसको मोक्ष अवश्य मिलेगा क्रम में दोनों ही चीज विद्यमान है पाप भी और अपने लिए कर्म बढ़ा तो है लेकिन चॉइस अपनी अपनी

karo bada hai ya puja karm main dono hi cheez vidyaman hai paap bhi aur punya bhi manushya jis tarah se karm karta hai usko waise fal milte hain karm ke fal avashya milte hain karmanyevadhikaraste ma faleshu kadachan kyonki yeh decide yeh nirnay nahi de sakte hain ki yeh hai karm paap ki shreni mein hai ya punya ki shreni mein yeh toh baad mein uska fal avashya milta hai bus humein apni buddhi se samaj ki anusaar evam desh ke anusaar karm karte rehna chahiye sab se samjhaiye gyaanvaan ki pustakein hain jo bade bade log jo hai apne suvichar aur adarsh chod gaye hain un aadarshon ka palan karna chahiye toh satkarm kehlata hai bus sidhi si baat hai yeh satkarm aadmi karega toh usko moksha avashya milega kram mein dono hi cheez vidyaman hai paap bhi aur apne liye karm badha toh hai lekin choice apni apni

करो बड़ा है या पूजा कर्म मैं दोनों ही चीज विद्यमान है पाप भी और पुण्य भी मनुष्य जिस तरह से

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  37
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बड़ा तो कर्म है लेकिन कर्म बिना पूजा के नहीं की जा सकती है पूजा करने से आपके अंदर शुद्धता आती है आपका विचार शुद्ध होता है आपका कर्म शुद्ध होता है इसलिए कर्म करने से पहले पूजा करना बहुत जरूरी है अगर आप भगवान को याद करते हैं तो आपका कर्म सही रहता है और आपके अंदर अहंकार नहीं रहता आपके अंदर दया भावना उत्पन्न होती है आप मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं इसलिए पूजा जरूरी है

bada toh karm hai lekin karm bina puja ke nahi ki ja sakti hai puja karne se aapke andar shuddhta aati hai aapka vichar shudh hota hai aapka karm shudh hota hai isliye karm karne se pehle puja karna bahut zaroori hai agar aap bhagwan ko yaad karte hain toh aapka karm sahi rehta hai aur aapke andar ahankar nahi rehta aapke andar daya bhavna utpann hoti hai aap madad karne ke liye tatpar rehte hain isliye puja zaroori hai

बड़ा तो कर्म है लेकिन कर्म बिना पूजा के नहीं की जा सकती है पूजा करने से आपके अंदर शुद्धता

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  130
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कर्म बड़ा होता है पूजा भी एक कर्म ही है इसलिए कर्म का महत्व ज्यादा है

karm bada hota hai puja bhi ek karm hi hai isliye karm ka mahatva zyada hai

कर्म बड़ा होता है पूजा भी एक कर्म ही है इसलिए कर्म का महत्व ज्यादा है

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  103
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
अकरम बकरम ; अकरम बक्रम ;

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!