1 दिन में व्यक्ति कितनी बार सोचता है?...


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Vivek Shukla

Life coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका यह जो कहना है कि 1 दिन में व्यक्ति कितनी बार सोचता है सोच कभी बंद नहीं थे जब तक आदमी की मानसिक स्थिति दो जब तक आर्मी सोच में नहीं आता तब तक उसका दिमाग कुछ न कुछ उतरा काली अच्छी बातों को तेरी आंखें खुली हैं किसी भी कार्य कर रहा है उसका दिमाग उसी के बारे में जो कर रहा है उसके बारे में सोचा राधा ही बैठे रहते हैं

aapka yeh jo kehna hai ki 1 din mein vyakti kitni baar sochta hai soch kabhi band nahi the jab tak aadmi ki mansik sthiti do jab tak army soch mein nahi aata tab tak uska dimag kuch na kuch utara kali acchi baaton ko teri aankhen khuli hain kisi bhi karya kar raha hai uska dimag usi ke bare mein jo kar raha hai uske bare mein socha radha hi baithe rehte hain

आपका यह जो कहना है कि 1 दिन में व्यक्ति कितनी बार सोचता है सोच कभी बंद नहीं थे जब तक आदमी

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Dr. VIYATA CHANDA

CLINICAL PSYCHOLOGIST

1:34

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

न्यूरोसाइंटिस्ट उनकी स्टडी रिसर्च के मुताबिक एक आम आदमी के दिमाग में औसत 1 दिन में लगभग 60,000 से लेकर के 80 हजार तक विचार आते हैं जिसका गम वृक्ष निकाले तो प्रति घंटे 2000 से लेकर की 3000 तक की सोची है मतलब हम दिन में पूरे दिन भर में करीबन 80000 सोचो से व्यस्त रहते हैं अगर इसका हम एक औसत पॉजिटिव थॉट्स इन नेगेटिव का निकाले तो लगभग 80 हजार आपके विचार हैं उनमें से 80% और जो विचार आप के रहते हैं वह दूसरे सूरत आर्य अगर हमने गेट्स कभी औसत निकालने को कम से कम 60% आपका नहीं चाहते हैं उसे आपका मन रहता है जब आप किसी अच्छे काम की तरफ ध्यान देने की भी कोशिश करते हैं या उसे फोकस करने की कोशिश करते हैं तो यही सारे जो बाकी था वह आपका आपकी रास्ते में रोक लगाते हैं कि आप किसी एक चीज में कंसंट्रेट करता है तो रिसर्च यही बताती है कि हमारे दिमाग में लगभग हम दिन में 80 5080 हजारों से

nyurosaintist unki study research ke mutabik ek aam aadmi ke dimag mein ausat 1 din mein lagbhag 60,000 se lekar ke 80 hazaar tak vichar aate hain jiska gum vriksh nikale toh prati ghante 2000 se lekar ki 3000 tak ki sochi hai matlab hum din mein poore din bhar mein kariban 80000 socho se vyast rehte hain agar iska hum ek ausat positive thoughts in Negative ka nikale toh lagbhag 80 hazaar aapke vichar hain unmen se 80% aur jo vichar aap ke rehte hain wah dusre surat arya agar humne gates kabhi ausat nikalne ko kam se kam 60% aapka nahi chahte hain use aapka man rehta hai jab aap kisi acche kaam ki taraf dhyan dene ki bhi koshish karte hain ya use focus karne ki koshish karte hain toh yahi saare jo baki tha wah aapka aapki raste mein rok lagate hain ki aap kisi ek cheez mein concentrate karta hai toh research yahi batati hai ki hamare dimag mein lagbhag hum din mein 80 5080 hazaro se

न्यूरोसाइंटिस्ट उनकी स्टडी रिसर्च के मुताबिक एक आम आदमी के दिमाग में औसत 1 दिन में लगभग 60

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Kriti

Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

1 दिन में व्यक्ति कितनी बार सोचता है तो देखिए व्यक्ति के मन में कोई भी व्यक्ति कोई भी इंसान के मन में दिनभर कुछ ना कुछ ख्याल चलते ही रहते तो हम यह पता नहीं लगा सकते हैं कि इंसान कितनी बार सोचता है और क्या-क्या चीजें सोचता है क्योंकि इंसान को तो दिमाग होता है वह बहुत सारी चीजें एक बार में भी सोच लेता है और उसका दिमाग दिन भर बोर करते रहता है यह भी कि जब इंसान सोते रहता है तो उसके दिमाग में तब भी कुछ ना कुछ चलता रहता है तो दिमाग दिमाग जो है इंसान का वह कभी रुकता नहीं है इसलिए इसका पता लगाना लगा नहीं सकते हैं कि व्यक्ति एक दिन में कितनी बार सोचता है

1 din mein vyakti kitni baar sochta hai toh dekhiye vyakti ke man mein koi bhi vyakti koi bhi insaan ke man mein dinbhar kuch na kuch khayal chalte hi rehte toh hum yah pata nahi laga sakte hain ki insaan kitni baar sochta hai aur kya kya cheezen sochta hai kyonki insaan ko toh dimag hota hai vaah bahut saree cheezen ek baar mein bhi soch leta hai aur uska dimag din bhar bore karte rehta hai yah bhi ki jab insaan sote rehta hai toh uske dimag mein tab bhi kuch na kuch chalta rehta hai toh dimag dimag jo hai insaan ka vaah kabhi rukata nahi hai isliye iska pata lagana laga nahi sakte hain ki vyakti ek din mein kitni baar sochta hai

1 दिन में व्यक्ति कितनी बार सोचता है तो देखिए व्यक्ति के मन में कोई भी व्यक्ति कोई भी इंसा

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