गरीबी में जनसँख्या वृद्धि का कितना बड़ा हिस्सा होता है?...


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Ravi Sharma

Advocate

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गरीबी का सीधा संबंध होता है अशिक्षा से तथा शिक्षित व्यक्ति अपने सामाजिक उत्तरदायित्व एक शिक्षित व्यक्ति की अपेक्षा कमतर निभाता है उदाहरण के तौर पर एक गरीब अशिक्षित व्यक्ति जनसंख्या वृद्धि पर अंकुश लगाने की जो साधन होते हैं उसके प्रति ज्ञान कम रखता है जिससे कि जनसंख्या वृद्धि होना तय माना जाता है देखिए हम किस प्रकार से गरीबों को जनसंख्या वृद्धि के लिए उत्तरदाई मानते हैं वह भी ठीक नहीं है परंतु यह सत्य है कि एक गरीब व्यक्ति जनसंख्या वृद्धि में होने वाले आमूलचूल परिवर्तन उसे वापस से होने वाले देश के प्रति जो उसके हानि होती है जनसंख्या वृद्धि से उस से अनभिज्ञ रहता है उदाहरण के तौर पर एक गरीब व्यक्ति यदि उसके तीन बच्चे हैं तो वह चाहता है कि वह तीनों बच्चे आजीविका कमाने में उसका समर्थन करें परंतु एक शिक्षित व्यक्ति क्योंकि भारी वर्क ऑफिस अपने बच्चों की शिक्षा में लगाता है वह शायद इतना उत्तरदाई नहीं हो पाता कि वह दो या तीन बच्चों की जीविका के साधन व उनकी शिक्षा की जो साधन है वह होने सरलता से मैया करा सके तो इस कारणवश शिक्षित व्यक्ति जो होता है उसका एक या दो बच्चे होने के बाद बात मानता है कि उनके लालन-पालन में जिस प्रकार से उसका धन व्यय होगा वह बहुत अधिक हो सकता है परंतु अशिक्षित व्यक्ति जो की खुद भी अशिक्षित है वह नहीं चाहता कि वह किसी भी प्रकार से उनकी शिक्षा अन्य साधनों पर धन व्यय करें तथा बचाता है कि उसके दो बच्चे हैं वह कुछ बड़ा होने के बाद ही आजीविका कमाने में उसका सहयोग करें तो गरीब ना केवल गरीब बना रहता है बल्कि अशिक्षित भी बना रहता है वह उसके आने वाली पीढ़ी भी शिक्षित होती है गरीब होती है वह किसी भी प्रकार से राष्ट्र के विकास में योगदान नहीं कर पाती धन्यवाद

gareebi ka seedha sambandh hota hai asiksha se tatha shikshit vyakti apne samajik uttardayitva ek shikshit vyakti ki apeksha kamtar nibhata hai udaharan ke taur par ek garib ashikshit vyakti jansankhya vriddhi par ankush lagane ki jo sadhan hote hain uske prati gyaan kam rakhta hai jisse ki jansankhya vriddhi hona tay mana jata hai dekhiye hum kis prakar se garibon ko jansankhya vriddhi ke liye uttardai maante hain vaah bhi theek nahi hai parantu yah satya hai ki ek garib vyakti jansankhya vriddhi mein hone waale amulchul parivartan use wapas se hone waale desh ke prati jo uske hani hoti hai jansankhya vriddhi se us se anbhigya rehta hai udaharan ke taur par ek garib vyakti yadi uske teen bacche hain toh vaah chahta hai ki vaah tatvo bacche aajiwika kamane mein uska samarthan kare parantu ek shikshit vyakti kyonki bhari work office apne baccho ki shiksha mein lagaata hai vaah shayad itna uttardai nahi ho pata ki vaah do ya teen baccho ki jeevika ke sadhan va unki shiksha ki jo sadhan hai vaah hone saralata se maiya kara sake toh is karanvash shikshit vyakti jo hota hai uska ek ya do bacche hone ke baad baat manata hai ki unke lalan palan mein jis prakar se uska dhan vyay hoga vaah bahut adhik ho sakta hai parantu ashikshit vyakti jo ki khud bhi ashikshit hai vaah nahi chahta ki vaah kisi bhi prakar se unki shiksha anya saadhano par dhan vyay kare tatha bachata hai ki uske do bacche hain vaah kuch bada hone ke baad hi aajiwika kamane mein uska sahyog kare toh garib na keval garib bana rehta hai balki ashikshit bhi bana rehta hai vaah uske aane wali peedhi bhi shikshit hoti hai garib hoti hai vaah kisi bhi prakar se rashtra ke vikas mein yogdan nahi kar pati dhanyavad

गरीबी का सीधा संबंध होता है अशिक्षा से तथा शिक्षित व्यक्ति अपने सामाजिक उत्तरदायित्व एक शि

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Shankar Singh Rajpurohit

Indian Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अजय देवगन जागृति का हिंदुस्तान की जाती है और राजा देते

ajay devgan jagriti ka Hindustan ki jati hai aur raja dete

अजय देवगन जागृति का हिंदुस्तान की जाती है और राजा देते

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Hima Agarwal

Journalist

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देखें जरा की भी जनसंख्या होगी ज्यादा होगी तो वह विकास नहीं होगा क्योंकि अपने देश में एक टेंडेंसी है कि जितने हाथ उतना काम लेकिन विकास के लिए हमें एक नियम बनाना पड़ेगा जनसंख्या कंट्रोल के लिए कि अगर जनसंख्या नियंत्रण में होगी तभी हमारा विकास संभव है तभी हमारा देश आगे बढ़ सकता है नहीं तो यह प्रॉब्लम लगातार बनी रहेगी

dekhen zara ki bhi jansankhya hogi zyada hogi toh vaah vikas nahi hoga kyonki apne desh mein ek tendency hai ki jitne hath utana kaam lekin vikas ke liye hamein ek niyam banana padega jansankhya control ke liye ki agar jansankhya niyantran mein hogi tabhi hamara vikas sambhav hai tabhi hamara desh aage badh sakta hai nahi toh yah problem lagatar bani rahegi

देखें जरा की भी जनसंख्या होगी ज्यादा होगी तो वह विकास नहीं होगा क्योंकि अपने देश में एक टे

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गरीबी क्यों जनसंख्या बढ़ी है इस विद्या का नाटक देख रही हूं आज मैं तो बचपन से बताइए ना इसका मतलब जनसंख्या वह कलर नहीं है आपके पास रोजगार ही नहीं है आपके पास कोई व्यवस्था ही नहीं है कि उनको फिक्र तो प्लांट

gareebi kyon jansankhya badhi hai is vidya ka natak dekh rahi hoon aaj main toh bachpan se bataiye na iska matlab jansankhya vaah color nahi hai aapke paas rojgar hi nahi hai aapke paas koi vyavastha hi nahi hai ki unko fikra toh plant

गरीबी क्यों जनसंख्या बढ़ी है इस विद्या का नाटक देख रही हूं आज मैं तो बचपन से बताइए ना इसका

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SUSHIL LAKRA

Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

संतोष शिक्षक होना चाहिए स्टेशन का परसेंटेज ज्यादा यहां पर देश में यहां कोई जमाने में जो होना चाहिए परिवार में जो होने से प्रत्येक आदमी शिक्षित होगा उनका स्टैंडर्ड बढ़ेगा आर्थिक स्थिति कमजोर है यहां मौका नहीं दिया जाता है पॉलिटिक्स पॉलीटिकल पार्टी के द्वारा समाज के द्वारा गरीबों को प्राकृतिक रूप से लिया जाता है उनको पढ़ा लिखा जाता है तू एजुकेटेड भी हमारे देश में एजुकेशन सिस्टम पर चेंज करना सभी होगा और हमें देखते हैं चूहा और किसी वहां काफी प्रावधान है हमारे देश में नहीं है

santosh shikshak hona chahiye station ka percentage zyada yahan par desh mein yahan koi jamane mein jo hona chahiye parivar mein jo hone se pratyek aadmi shikshit hoga unka standard badhega aarthik sthiti kamjor hai yahan mauka nahi diya jata hai politics political party ke dwara samaj ke dwara garibon ko prakritik roop se liya jata hai unko padha likha jata hai tu educated bhi hamare desh mein education system par change karna sabhi hoga aur humein dekhte hain chuha aur kisi wahan kaafi pravadhan hai hamare desh mein nahi hai

संतोष शिक्षक होना चाहिए स्टेशन का परसेंटेज ज्यादा यहां पर देश में यहां कोई जमाने में जो हो

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Shubham

Software Engineer in IBM

1:04
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अंडे की सब्जी गरीबी में जनसंख्या वृद्धि का काफी बड़ा योगदान है और अच्छा खासा योगदान है गरीब गरीबी क्या मैं ऐसा इसलिए बोल रहा हूं इसके पीछे कई सारे रीजन में बनवाई बना आपको बताने वाला हूं जैसे जो गरीब लोग होते हैं वह रिट्रीट होते हैं ज्यादा ज्यादातर तुमको कॉन्ट्रासेप्टिव प्रीकॉशंस के बारे में ज्यादा नॉलेज नहीं होती तो यह भी एक कारण पॉपुलेशन बढ़ाने का दूसरी चीज आपको पता है कुछ जो मैं YouTube जो पुअर पीपल होते हैं जो गरीब लोग होते हैं वह यह सोचते हैं कि भाई अगर हमारे घर में ज्यादा फैमिली मेंबर्स होंगे तो ज्यादा इनकम होगी और हमारी थोड़ी गरीबी कम होगी तो यह भी एक रीजन है आप मानो या नहीं मानो तीसरा सीजन आपको पता है कुछ लोग यह सोचते हैं कि अगर हमारे ज्यादा बच्चों की तू जो हमारे बुढ़ापे में यही बचा मेरे काम आएंगे तो यह भी कहीं ना कहीं रीजन होता है तो ऐसे ही कई सारे रीजन है मुझे लगता है कि जिसकी वजह से गरीबी गरीबी में जंच क्या वाकई बड़ा योगदान रहा है हमेशा से

ande ki sabzi garibi mein jansankhya vriddhi ka kaafi bada yogdan hai aur accha khasa yogdan hai garib garibi kya main aisa isliye bol raha hoon iske peeche kai saare reason mein banwaai bana aapko batane vala hoon jaise jo garib log hote hain vaah retreat hote hain zyada jyadatar tumko contraceptive precautions ke bare mein zyada knowledge nahi hoti toh yah bhi ek karan population badhane ka dusri cheez aapko pata hai kuch jo main YouTube jo poor pipal hote hain jo garib log hote hain vaah yah sochte hain ki bhai agar hamare ghar mein zyada family members honge toh zyada income hogi aur hamari thodi garibi kam hogi toh yah bhi ek reason hai aap maano ya nahi maano teesra season aapko pata hai kuch log yah sochte hain ki agar hamare zyada baccho ki tu jo hamare budhape mein yahi bacha mere kaam aayenge toh yah bhi kahin na kahin reason hota hai toh aise hi kai saare reason hai mujhe lagta hai ki jiski wajah se garibi gareebi mein janch kya vaakai bada yogdan raha hai hamesha se

अंडे की सब्जी गरीबी में जनसंख्या वृद्धि का काफी बड़ा योगदान है और अच्छा खासा योगदान है गरी

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