हम दहेज प्रथा को लेकर जो मानसिकता है लोगों में वो कैसे खत्म कर सकते है?...


user

Ravi Sharma

Advocate

2:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दहेज को लेकर जो मानसिकता भारतीय समाज में फैली है उस पर अगर अंकुश लगाना है तो सर्वप्रथम हमें सख्त से सख्त कानूनों को बनाना होगा, वह उन्हें उतनी ही सख्ती से लागू भी करना होगा| यदि दहेज लेने व देने को गैर जमानती अपराध बना दिया जाए व इसके लिए एक अलग अधिनियम राज्यसभा व लोकसभा में पास किया जाए तो इससे कुछ हद तक दहेज प्रथा पर रोक लगाई जा सकती है| परंतु व्यापक स्तर पर यदि दहेज प्रथा के प्रति जो मानसिकता है, उसे बदलना है तो हमें समाज में आमूलचूल परिवर्तन करने पड़ेंगे| समाज की जो मानसिक दशा है उसमें दहेज के प्रति जो संवेदना है वह उसके प्रति जो समर्थन है उस पर रोक लगानी होगी| दहेज में दहेज के लिए दे दिए जाने वाले धन व अन्य साधनों को अगर गिना जाए, तो वह किसी परिवार की जीवन भर की आय होती है| अगर हम यह सभी लोगों को बताएं व समाज में एक अच्छा जो मैसेज है वह पहुंचाए, तो इससे कुछ हद तक इस पर अंकुश लगाया जा सकता है| साथ ही साथ सामाजिक संगठनों व सरकार को सामाजिक जागरुकता के लिए, के साथ इसके प्रति एक क्रांति लेकर आनी होगी, जिससे कि कुछ हद तक हम इस पर अंकुश लगा सकते हैं| सबसे आम कारण जो दहेज का होता है वह होता है लालच और यदि लालच पर ही रोक लगा दी जाए यानि कि लोगों को इस चीज़ के लिए जागरूक बनाया जाए कि यदि आप एक लड़की से दहेज की मांग करते हैं तो आपको अपनी भी लड़की के लिए दहेज देना ही पड़ता है तो आपने जो भी कमाया वह और दूसरे हाथ से गवां भी दिया| तो लोगों को यह बात समझा नहीं बहुत ही आवश्यक है साथ ही साथ लड़कियों को भी यह चाहिए कि वह दहेज की मांग करने वाले परिवार के साथ रिश्ता कायम करने से मना कर दे| जब व्यापक स्तर पर यह क्रांति समाज में फैलेगी, तो ऐसे कुछ हद तक या हम कह सकते हैं कि बहुत हद तक दहेज प्रथा के प्रति जो मानसिकता है, उसमें बदलाव आएगा व समाज में एक क्रांति आने की संभावना है धन्यवाद|

dahej ko lekar jo mansikta bharatiya samaj mein faili hai us par agar ankush lagana hai toh sarvapratham hamein sakht se sakht kanuno ko banana hoga vaah unhe utani hi sakhti se laagu bhi karna hoga yadi dahej lene va dene ko gair jamaanati apradh bana diya jaaye va iske liye ek alag adhiniyam rajya sabha va lok sabha mein paas kiya jaaye toh isse kuch had tak dahej pratha par rok lagayi ja sakti hai parantu vyapak sthar par yadi dahej pratha ke prati jo mansikta hai use badalna hai toh hamein samaj mein amulchul parivartan karne padenge samaj ki jo mansik dasha hai usme dahej ke prati jo samvedana hai vaah uske prati jo samarthan hai us par rok lagani hogi dahej mein dahej ke liye de diye jaane waale dhan va anya saadhano ko agar gina jaaye toh vaah kisi parivar ki jeevan bhar ki aay hoti hai agar hum yah sabhi logo ko bataye va samaj mein ek accha jo massage hai vaah pahunchaye toh isse kuch had tak is par ankush lagaya ja sakta hai saath hi saath samajik sangathano va sarkar ko samajik jagrukta ke liye ke saath iske prati ek kranti lekar aani hogi jisse ki kuch had tak hum is par ankush laga sakte hain sabse aam karan jo dahej ka hota hai vaah hota hai lalach aur yadi lalach par hi rok laga di jaaye yani ki logo ko is cheez ke liye jagruk banaya jaaye ki yadi aap ek ladki se dahej ki maang karte hain toh aapko apni bhi ladki ke liye dahej dena hi padta hai toh aapne jo bhi kamaya vaah aur dusre hath se gavaan bhi diya toh logo ko yah baat samjha nahi bahut hi aavashyak hai saath hi saath ladkiyon ko bhi yah chahiye ki vaah dahej ki maang karne waale parivar ke saath rishta kayam karne se mana kar de jab vyapak sthar par yah kranti samaj mein failegi toh aise kuch had tak ya hum keh sakte hain ki bahut had tak dahej pratha ke prati jo mansikta hai usme badlav aayega va samaj mein ek kranti aane ki sambhavna hai dhanyavad

दहेज को लेकर जो मानसिकता भारतीय समाज में फैली है उस पर अगर अंकुश लगाना है तो सर्वप्रथम हमे

Romanized Version
Likes  61  Dislikes    views  581
WhatsApp_icon
5 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:58

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम दहेज प्रथा को लेकर जो मानसिकता है लोगों में वह कैसे खत्म कर सकते हैं उसे खत्म करने के लिए हर एक इंसान को अपने अपने घर में ही समझाना होगा कि यह चीज सही नहीं है नहीं खत्म कर रहे हो क्या जो बड़े-बड़े लोगों को इस प्रकार खत्म हो गई ठीक है और जो दहेज ट्रीक्लिन को कानून के हवाले करना चाहिए ठीक है जरूर कि दहेज प्रथा खत्म होकर ठीक है और मानसिकता भी खत्म होगी यह रियल लेने जाएंगे तो यह सही नहीं है गलत है तो यह भी होना चाहिए अब सरपंच भेजो छोटे छोटे लोग हैं तुम रुको कुछ रूल्स बनाने चाहिए दहेज प्रथा नहीं लेनी है तो ही मानसिकता खत्म हो सकते धीरे-धीरे ठीक है धन्यवाद

hum dahej pratha ko lekar jo mansikta hai logo mein vaah kaise khatam kar sakte hain use khatam karne ke liye har ek insaan ko apne apne ghar mein hi samajhana hoga ki yah cheez sahi nahi hai nahi khatam kar rahe ho kya jo bade bade logo ko is prakar khatam ho gayi theek hai aur jo dahej triklin ko kanoon ke hawale karna chahiye theek hai zaroor ki dahej pratha khatam hokar theek hai aur mansikta bhi khatam hogi yah real lene jaenge toh yah sahi nahi hai galat hai toh yah bhi hona chahiye ab sarpanch bhejo chote chhote log hain tum ruko kuch rules banane chahiye dahej pratha nahi leni hai toh hi mansikta khatam ho sakte dhire dhire theek hai dhanyavad

हम दहेज प्रथा को लेकर जो मानसिकता है लोगों में वह कैसे खत्म कर सकते हैं उसे खत्म करने के ल

Romanized Version
Likes  238  Dislikes    views  5253
WhatsApp_icon
user

Sefali

Media-Ad Sales

1:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो दहेज की प्रथा ,बस कहने के लिए खत्म होंगे पर असलियत में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है l आज भी सोसाइटी में इसको एनकरेज किया जाता है l काफी लोग जो है ,इसको फॉलो करते हैं और इसके बिना तो शादियां तक रुक जाती है, शादियां टूट जाती है l लोग अपनी बहुओं को ,बेटियों को मार देते हैं ऐसा भी होता है l तो लोग आज भी नहीं समझे कि कितना गलत है l यह आप शादी एक व्यापार नहीं है, एक रिश्ता है जिसमें इमोशंस, प्यार सब जुड़े हुए होते हैं l पर मेरे हिसाब से कानून को जो है, जितने भी रूल्स है डाउरी के अगेंस्ट में जो रूल है, और ज्यादा स्ट्रिक्ट करनी चाहिए l उन्हें, उनको एजुकेट करने की जो लोग इस को फॉलो करते हैं जो डावरी की प्रथा को फॉलो करते हैं उनको ,जो कानून को है उनको एजुकेट करना चाहिए कि कितना गलत है यह l यह ऐसी कोई चीज नहीं है की,ये कोई बिज़नस डील वो नहीं कर रहे हैं कि, आप मुंह मांगी कीमत पर आप अपने बेटों को या फिर कुछ भी शादी के लिए भेज रहे हैं l तो मेरे हिसाब से, बहुत ज्यादा रूल्स जो है बहोत ज्यादा स्ट्रिक्ट होने चाहिए और भी ज्यादा स्ट्रिक्ट होने चाहिए और एजुकेट करना चाहिए जो लोग इसको मानते है फॉलो करते हैं अभी तक l

jo dahej ki pratha bus kehne ke liye khatam honge par asliyat mein aisa bilkul bhi nahi hai l aaj bhi society mein isko enakarej kiya jata hai l kaafi log jo hai isko follow karte hain aur iske bina toh shadiyan tak ruk jaati hai shadiyan toot jaati hai l log apni bahuon ko betiyon ko maar dete hain aisa bhi hota hai l toh log aaj bhi nahi samjhe ki kitna galat hai l yah aap shadi ek vyapar nahi hai ek rishta hai jisme emotional pyar sab jude hue hote hain l par mere hisab se kanoon ko jo hai jitne bhi rules hai dauri ke against mein jo rule hai aur zyada strict karni chahiye l unhe unko educate karne ki jo log is ko follow karte hain jo dowry ki pratha ko follow karte hain unko jo kanoon ko hai unko educate karna chahiye ki kitna galat hai yah l yah aisi koi cheez nahi hai ki ye koi business deal vo nahi kar rahe hain ki aap mooh maangi kimat par aap apne beto ko ya phir kuch bhi shadi ke liye bhej rahe hain l toh mere hisab se bahut zyada rules jo hai bahut zyada strict hone chahiye aur bhi zyada strict hone chahiye aur educate karna chahiye jo log isko maante hai follow karte hain abhi tak l

जो दहेज की प्रथा ,बस कहने के लिए खत्म होंगे पर असलियत में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है l आज भी स

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  202
WhatsApp_icon
user

Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

1:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भीगी दहेज प्रथा किसी भी समाज के लिए एक अभिशाप होती है हमारे देश की सरकार ने दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए कानून बनाए और उनका सख्ती से पालन भी किया गया इसके अलावा हमारे देश की सरकार ने अविनाश को बढ़ाने के लिए प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सहारा लिया और आज हम देखते हैं TV पर बहुत ज्यादा बहुत सारे चैनल स्वयं दहेज प्रथा एक अभिशाप को खत्म करने के लिए advertisement दिए जाते हैं उसके बाद वह हमारे समाज में इस तरह की घटनाएं हो रही है डोमेस्टिक वायलेंस हो रहा है दहेज प्रथा की वजह से किसी को मार दिया जाता है तो मुझे लगता है कि हमारे समाज के लिए सिर शर्म की बात कोई नहीं होगी दूसरा अगर इस तरह की घटनाएं होती हो तो मुझे लगता है कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की भी जिम्मेदारी है वह इन चीजों को ठीक से देखें दूसरा मैं यह कहना चाहूंगा कि लोगों में अवेयरनेस की बहुत कमी है दूसरा एजुकेशन अगर लोगों की एजुकेशन बढ़ती है एजुकेशन से उनके अवेयरनेस पड़ेगी तो मुझे लगता है कि कहीं अब तक देश बताओ जो हमारे समाज के अंदर है उसे भी नेता मिलेगा क्योंकि जंगली देखा गया है कि जहां लोग रिमोट एरिया स्माल टाउन में रहते हैं वहां दहेज प्रथा बहुत ज्यादा पेमेंट है लेकिन जैसे वह मेट्रोपोलिटन सिटी में अगर आप रहते हो तो मुझे लगता है लोग इतने एजुकेटेड होते हैं उन चीजों को फ्री नहीं करते तो मुझे लगता है कि सरकार को सबसे ज्यादा ध्यान अवेयरनेस पर और एजुकेशन पर देना चाहिए ताकि दहेज प्रथा जैसी मानसिकता वाले लोगों को सख्त से सख्त सजा बीती जाए और एड्रेस पता जो हमारे समाज के लिए एक अभिशाप पर उससे भी निजात पाया जाए

bheegi dahej pratha kisi bhi samaj ke liye ek abhishap hoti hai hamare desh ki sarkar ne dahej pratha ko khatam karne ke liye kanoon banaye aur unka sakhti se palan bhi kiya gaya iske alava hamare desh ki sarkar ne avinash ko badhane ke liye print media electronic media ka sahara liya aur aaj hum dekhte hain TV par bahut zyada bahut saare channel swayam dahej pratha ek abhishap ko khatam karne ke liye advertisement diye jaate hain uske baad vaah hamare samaj mein is tarah ki ghatnaye ho rahi hai domestic violence ho raha hai dahej pratha ki wajah se kisi ko maar diya jata hai toh mujhe lagta hai ki hamare samaj ke liye sir sharm ki baat koi nahi hogi doosra agar is tarah ki ghatnaye hoti ho toh mujhe lagta hai ki local administration ki bhi jimmedari hai vaah in chijon ko theek se dekhen doosra main yah kehna chahunga ki logo mein awareness ki bahut kami hai doosra education agar logo ki education badhti hai education se unke awareness padegi toh mujhe lagta hai ki kahin ab tak desh batao jo hamare samaj ke andar hai use bhi neta milega kyonki jungli dekha gaya hai ki jaha log remote area small town mein rehte hain wahan dahej pratha bahut zyada payment hai lekin jaise vaah metropolitan city mein agar aap rehte ho toh mujhe lagta hai log itne educated hote hain un chijon ko free nahi karte toh mujhe lagta hai ki sarkar ko sabse zyada dhyan awareness par aur education par dena chahiye taki dahej pratha jaisi mansikta waale logo ko sakht se sakht saza biti jaaye aur address pata jo hamare samaj ke liye ek abhishap par usse bhi nijat paya jaaye

भीगी दहेज प्रथा किसी भी समाज के लिए एक अभिशाप होती है हमारे देश की सरकार ने दहेज प्रथा को

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  175
WhatsApp_icon
user

amitkul

CA student,pursuing bcom too

1:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज की डेट का जो प्रदेश की जो पर आता है वह कई वर्षों से हमारे संस्कृति में चली आ रही है कि लड़की के शादी के Tata समय जो है लड़की का परिवार जो है मुंह मांगी कीमत लड़के के परिवार को देता है दहेज दहेज कहते है इस प्रथा को यदि बदलना हो तो पहली बात तो जो होना चाहिए इस प्रकार को गुनाह गुनाह कर कबूल करा कर देखो ना करार कर देना चाहिए जो इस देश में हो चुका है दहेज लेना एक गुनाह है और इस गुना को अगर यदि हर कोने कोने कोने तक पहुंचाया जाए कि देखा जाए तो अभी शहर में जो है इस देश की प्रति इतनी ज्यादा तो है बच नहीं रही है क्योंकि यहां पर शहर में काफी सारे लोग जो शिक्षित हैं उनको इस प्रकार के इस प्रथा को कुप्रथा मानते हैं शहर के लोग तो जो है गांव में इस समय अधिक बड़े मात्रा पर जो है दहेज के प्रतापी भी निभाई जाती है तो हमें अभी यह करना चाहिए कि इसके ऊपर जो अवेयरनेस क्रिएट करनी चाहिए सब को बताना चाहिए कि दहेज देना एक गलत काम है दहेज एक देना एक बात है लड़की और लड़का एक दूसरे से शादी अपनी मर्जी से कर रहे हैं उन्हें दहेज देकर शायद ऐसा खरीदा नहीं जा सकता और यह मैं एक बात कहना चाहूंगा कि जो है लड़के लड़के को अगर जो है उसकी सेल्फ रिस्पेक्ट पर बता दी जाएगी दहेज में उसकी चॉइस सेल्फ रिस्पेक्ट एक तरह से डाउन हो रही है अगर इस बात का जो है लड़कों का अपनी मर्दानगी पर डाल दे तो मेरे हिसाब से दहेज तो यह बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा भारत में

aaj ki date ka jo pradesh ki jo par aata hai vaah kai varshon se hamare sanskriti mein chali aa rahi hai ki ladki ke shadi ke Tata samay jo hai ladki ka parivar jo hai mooh maangi kimat ladke ke parivar ko deta hai dahej dahej kehte hai is pratha ko yadi badalna ho toh pehli baat toh jo hona chahiye is prakar ko gunah gunah kar kabool kara kar dekho na karar kar dena chahiye jo is desh mein ho chuka hai dahej lena ek gunah hai aur is guna ko agar yadi har kone kone kone tak pahunchaya jaaye ki dekha jaaye toh abhi shehar mein jo hai is desh ki prati itni zyada toh hai bach nahi rahi hai kyonki yahan par shehar mein kaafi saare log jo shikshit hain unko is prakar ke is pratha ko kupratha maante hain shehar ke log toh jo hai gaon mein is samay adhik bade matra par jo hai dahej ke prataapee bhi nibhaai jaati hai toh hamein abhi yah karna chahiye ki iske upar jo awareness create karni chahiye sab ko bataana chahiye ki dahej dena ek galat kaam hai dahej ek dena ek baat hai ladki aur ladka ek dusre se shadi apni marji se kar rahe hain unhe dahej dekar shayad aisa kharida nahi ja sakta aur yah main ek baat kehna chahunga ki jo hai ladke ladke ko agar jo hai uski self respect par bata di jayegi dahej mein uski choice self respect ek tarah se down ho rahi hai agar is baat ka jo hai ladko ka apni mardanagi par daal de toh mere hisab se dahej toh yah bahut jaldi khatam ho jaega bharat mein

आज की डेट का जो प्रदेश की जो पर आता है वह कई वर्षों से हमारे संस्कृति में चली आ रही है कि

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  188
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
dahej pratha ke karan in hindi ; ravi bhokse ; dahej pratha ka gana ; dahej pratha in hindi ; ravi bhokse software ; dahej wala gana chahiye ; dahej pratha ke karan ; dahej pratha hindi ;

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!