क्या मतदान ना करने वाले नागरिकों से सामाजिक आर्थिक व राजनीतिक अधिकार छीन लेना चाहिए?...


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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मुझे लगता है कि जो व्यक्ति आप मतदान नहीं करता है तो उसके मुताबिक आर को छीन लेना यह बहुत ही गलत है यह हमारे संविधान के खिलाफ भी है और मैं बस इतना कहना चाहूंगा अगर कोई व्यक्ति मतदान नहीं करता है तो हमारा दायित्व बनता है सरकार का दायित्व बनता है हर व्यक्ति का दायित्व बनता है उस व्यक्ति को प्रमोट करें ताकि वह अपने वोट को कष्ट करें और अपने अधिकारों का प्रयोग करें तो अगर किस तरह का कोई फैसला यह भी जाता है कि उसके व्यक्ति के मताधिकार को ही खत्म कर दी जाए तो मुझे लगता है बहुत ही गलत फैसला होगा मुझे नहीं पता कभी सरकार इस तरह के फैसले पर भी अमल करेगी

dekhiye mujhe lagta hai ki jo vyakti aap matdan nahi karta hai toh uske mutabik R ko cheen lena yah bahut hi galat hai yah hamare samvidhan ke khilaf bhi hai aur main bus itna kehna chahunga agar koi vyakti matdan nahi karta hai toh hamara dayitva baata hai sarkar ka dayitva baata hai har vyakti ka dayitva baata hai us vyakti ko promote kare taki vaah apne vote ko kasht kare aur apne adhikaaro ka prayog kare toh agar kis tarah ka koi faisla yah bhi jata hai ki uske vyakti ke matadhikar ko hi khatam kar di jaaye toh mujhe lagta hai bahut hi galat faisla hoga mujhe nahi pata kabhi sarkar is tarah ke faisle par bhi amal karegi

देखिए मुझे लगता है कि जो व्यक्ति आप मतदान नहीं करता है तो उसके मुताबिक आर को छीन लेना यह ब

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Sa Sha

Journalist since 1986

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में अनिवार्य मतदान लागू किया गया इसके बाद से पूरे देश में इस पर चर्चा शुरु हो गई पैसे अनिवार्य मतदान की मांग देश में काफी समय से उठ रही है लेकिन देश के राजनीतिक दल और बुद्धिजीवी इस व्यवस्था के बारे में एकमात्र नहीं है कुछ मतदान को मौलिक नागरिक कर्तव्य से जोड़ते हैं और उल्लंघन करने पर जुर्माने की बात करती हैं तो कुछ अनिवार्य मतदान को लोकतंत्र के लिए व्यवहारिक नहीं मानते हैं संविधान में नागरिकों के कुछ कर्तव्य और दायित्व निर्धारित कर दी गई संविधान भी है हर एक नागरिक का कर्तव्य भी है कि वह हर हाल में उड़ते नागरिक के पास जहां वोट देने का अधिकार है वही वोट ना देने का भी संवैधानिक हक है नोटा के जरिए एक विकल्प रास्ता खुल गया है इसके अलावा संविधान में सभी नागरिकों को राजनीतिक और आर्थिक अधिकार पीती है उसे कैसे छीना जा सकता है

gujarat ke sthaniye nikaay chunav mein anivarya matdan laagu kiya gaya iske baad se poore desh mein is par charcha shuru ho gayi paise anivarya matdan ki maang desh mein kaafi samay se uth rahi hai lekin desh ke raajnitik dal aur buddhijeevi is vyavastha ke bare mein ekmatra nahi hai kuch matdan ko maulik nagarik kartavya se jodte hain aur ullanghan karne par jurmane ki baat karti hain toh kuch anivarya matdan ko loktantra ke liye vyavaharik nahi maante hain samvidhan mein nagriko ke kuch kartavya aur dayitva nirdharit kar di gayi samvidhan bhi hai har ek nagarik ka kartavya bhi hai ki vaah har haal mein udte nagarik ke paas jaha vote dene ka adhikaar hai wahi vote na dene ka bhi samvaidhanik haq hai NOTA ke jariye ek vikalp rasta khul gaya hai iske alava samvidhan mein sabhi nagriko ko raajnitik aur aarthik adhikaar piti hai use kaise chinaa ja sakta hai

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में अनिवार्य मतदान लागू किया गया इसके बाद से पूरे देश में इस

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amitkul

CA student,pursuing bcom too

1:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो व्यक्ति जो है मतदान नहीं करता उसे उस की आधिकारिक राजनीतिक अधिकार छीन लिया जाए ऐसा तो कहना काफी ऐसा करना तो थोड़ा गलत ही होगा एक कहावत है कि इंसान बुरा नहीं होता उसके विचार बुरे होते अगर हम उसके विचारों को बदल पाए तो इंसान भी बदला इंसान भी बदल जाएगा तो हमें हमें बस इतना करना है कि अपने कार्य अपना जो है पर इसके प्रति सारे नागरिकों को जागृत करना है कि अपना मतदान करें क्योंकि यदि वह मतदान नहीं कर रहे थे उनके बारे में अलग-अलग राजनेता दलों से बहुत सारे लोग जो है उनके नाम पर मतदान कर रहे हैं यहां पर ऐसा ऐसा भी बहुत संभव यार बहुत जगह हुआ भी है कि किसी और के नाम पर जो मर्जी व्यक्ति जो मतदान नहीं कर रहा है उनके नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति आकर मतदान कर रहा है और जो राजनीतिक इशारों पर चल रहा है तो इसलिए आप कृपया करके सारे नागरिक जो है उन्हें मतदान जरुर देना चाहिए

jo vyakti jo hai matdan nahi karta use us ki adhikarik raajnitik adhikaar cheen liya jaaye aisa toh kehna kaafi aisa karna toh thoda galat hi hoga ek kahaavat hai ki insaan bura nahi hota uske vichar bure hote agar hum uske vicharon ko badal paye toh insaan bhi badla insaan bhi badal jaega toh hamein hamein bus itna karna hai ki apne karya apna jo hai par iske prati saare nagriko ko jagrit karna hai ki apna matdan kare kyonki yadi vaah matdan nahi kar rahe the unke bare mein alag alag raajneta dalon se bahut saare log jo hai unke naam par matdan kar rahe hain yahan par aisa aisa bhi bahut sambhav yaar bahut jagah hua bhi hai ki kisi aur ke naam par jo marji vyakti jo matdan nahi kar raha hai unke naam par koi doosra vyakti aakar matdan kar raha hai aur jo raajnitik ishaaron par chal raha hai toh isliye aap kripya karke saare nagarik jo hai unhe matdan zaroor dena chahiye

जो व्यक्ति जो है मतदान नहीं करता उसे उस की आधिकारिक राजनीतिक अधिकार छीन लिया जाए ऐसा तो कह

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Shubham

Software Engineer in IBM

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शर्मा जी के बारे में अपनी राय दें तो मेरे साथ से अंजू लोग मतदान नहीं करते और नहीं करना चाहते उनसे पहली चीज राजनीतिक अधिकार दो तीन ही लेना चाहिए उनको कोई हक नहीं है राजनीतिक अधिकार देने का और दूसरी चीज हो गई जो सामाजिक आर्थिक चीज हो गया मैं आपको एक बात बताऊं अगर हम किसी चीज को भूल करते हैं जबरदस्ती बोर्ड करने के लिए तो वह चीज मेरे साथ से तो सही नहीं है क्योंकि अगर वह खुद के मन से हमको खुद समझना चाहिए कि हम को मतदान करना है और अगर हम मतदान करेंगे तो हमारे देश के लिए और हमारे लिए आगे जाकर लाभ होने वाला है तो बस मैं यही बोलूंगा अगर जो लोग बदनाम नहीं करते उनको उनको राजनीतिक अधिकार नहीं देना चाहिए क्योंकि वह इस चीज में इस चीज को लेने के लायक ही नहीं है और दूसरी चीज और सामाजिक की बात रहेगी तो शाम आज का अधिकार उनसे कैसे छीन सकते हैं और बताओ उनको हमेशा मोटिवेशन को प्रेरित करना चाहिए कि वोट करने के आपके मतदान करने के कितने सारे फायदे हैं यह हमारी पैदा होने वाला इन सब चीजो से तो अगर उनको लगेगा वह समझेंगे तो वह खुद ही मतदान करने आएंगे और ना आप हम को जबरदस्ती मतदान करा नहीं करा सकता और मतदान करा भी लेते ज़बरदस्ती तो उसका कोई फायदा नहीं है वैसे ही बोलूंगा और राजनीतिक अधिकार सारे छीन लेना चाहिए हम को कोई हक नहीं है राजनीति में घुसने का राजनीतिक जैसी चीजों को करने का क्योंकि वह लोग मतदान नहीं करते तो वैसे ही बोलूंगा

sharma ji ke bare mein apni rai de toh mere saath se Anju log matdan nahi karte aur nahi karna chahte unse pehli cheez raajnitik adhikaar do teen hi lena chahiye unko koi haq nahi hai raajnitik adhikaar dene ka aur dusri cheez ho gayi jo samajik aarthik cheez ho gaya main aapko ek baat bataun agar hum kisi cheez ko bhool karte hain jabardasti board karne ke liye toh vaah cheez mere saath se toh sahi nahi hai kyonki agar vaah khud ke man se hamko khud samajhna chahiye ki hum ko matdan karna hai aur agar hum matdan karenge toh hamare desh ke liye aur hamare liye aage jaakar labh hone vala hai toh bus main yahi boloonga agar jo log badnaam nahi karte unko unko raajnitik adhikaar nahi dena chahiye kyonki vaah is cheez mein is cheez ko lene ke layak hi nahi hai aur dusri cheez aur samajik ki baat rahegi toh shaam aaj ka adhikaar unse kaise cheen sakte hain aur batao unko hamesha motivation ko prerit karna chahiye ki vote karne ke aapke matdan karne ke kitne saare fayde yah hamari paida hone vala in sab cheejo se toh agar unko lagega vaah samjhenge toh vaah khud hi matdan karne aayenge aur na aap hum ko jabardasti matdan kara nahi kara sakta aur matdan kara bhi lete zabardasti toh uska koi fayda nahi hai waise hi boloonga aur raajnitik adhikaar saare cheen lena chahiye hum ko koi haq nahi hai raajneeti mein ghusne ka raajnitik jaisi chijon ko karne ka kyonki vaah log matdan nahi karte toh waise hi boloonga

शर्मा जी के बारे में अपनी राय दें तो मेरे साथ से अंजू लोग मतदान नहीं करते और नहीं करना चाह

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Anukrati

Journalism Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे नहीं लगता है कि उनसे सभी अधिकार छीन लेना चाहिए उससे मतदान करने की जागरुकता जनता में नहीं आएगी इसकी जागरूकता के लिए जनता को शिक्षित और समझदार होना चाहिए मतदान हम सभी को प्राप्त एक अधिकार है उसे हम यूज करते हैं या नहीं यह हमारा अपना निर्णय है लेकिन हम जनता को यह मालूम होना चाहिए कि उनका वोट कितना महत्वपूर्ण है उनके द्वारा चुना गया कैंडिडेट उनके लिए क्या क्या कर सकता है उनके वोट से वह कैसे देश का विकास और उन्नति में सहयोग कर सकते हैं इसके लिए उन्हें वोट की महत्ता और अपने अधिकार को समझना होगा एक अच्छा व्यक्ति देश का नेता बने देश को आगे ले जाए जनता का भला हो जनता का जीवन सुख सफलता पूर्वक रहें इसके लिए उन्हें वोट जरुर देना चाहिए अपने अधिकार का उपयोग करके अपने ही लिए अच्छा उम्मीदवार खड़ा करना चाहिए

mujhe nahi lagta hai ki unse sabhi adhikaar cheen lena chahiye usse matdan karne ki jagrukta janta mein nahi aayegi iski jagrukta ke liye janta ko shikshit aur samajhdar hona chahiye matdan hum sabhi ko prapt ek adhikaar hai use hum use karte hain ya nahi yah hamara apna nirnay hai lekin hum janta ko yah maloom hona chahiye ki unka vote kitna mahatvapurna hai unke dwara chuna gaya candidate unke liye kya kya kar sakta hai unke vote se vaah kaise desh ka vikas aur unnati mein sahyog kar sakte hain iske liye unhe vote ki mahatta aur apne adhikaar ko samajhna hoga ek accha vyakti desh ka neta bane desh ko aage le jaaye janta ka bhala ho janta ka jeevan sukh safalta purvak rahein iske liye unhe vote zaroor dena chahiye apne adhikaar ka upyog karke apne hi liye accha ummidvar khada karna chahiye

मुझे नहीं लगता है कि उनसे सभी अधिकार छीन लेना चाहिए उससे मतदान करने की जागरुकता जनता में न

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Apurva D

Optimistic Coder

1:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मदद करना यह भारत की स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश की पहचान है मछली भारत में आदिल सरकार आए इसके लिए हम शरीफ कंट्रीब्यूशन देखते हैं जो मकाम ना करने वाले मात्रिक है उनसे जरुर राजनीतिक अधिकार छीन लेना चाहिए उनको कोई भी हो या अभिशाप उसके बारे में कोई पोस्ट हो इस पर प्रतिबंध लगाना चाहिए क्योंकि अभी उनको समझाना जरूरी है सोने पर मजबूर होना सही होता है हालांकि हम उनके सामाजिक और आर्थिक अधिकार पर तो कुछ नहीं कर सकते बट राजनीतिक अधिकार छीन लेने के बाद कोई समझ सकता है कि मतदान करना वाकई में जरूरी है

dekhiye madad karna yah bharat ki swatantra aur loktantrik desh ki pehchaan hai machli bharat mein adil sarkar aaye iske liye hum sharif kantribyushan dekhte hain jo makam na karne waale matrik hai unse zaroor raajnitik adhikaar cheen lena chahiye unko koi bhi ho ya abhishap uske bare mein koi post ho is par pratibandh lagana chahiye kyonki abhi unko samajhana zaroori hai sone par majboor hona sahi hota hai halaki hum unke samajik aur aarthik adhikaar par toh kuch nahi kar sakte but raajnitik adhikaar cheen lene ke baad koi samajh sakta hai ki matdan karna vaakai mein zaroori hai

देखिए मदद करना यह भारत की स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश की पहचान है मछली भारत में आदिल सरकार

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अमेरिका कब से हम ऐसा नहीं करना चाहिए जो लोग मतदान नहीं करते हमें उनका आर्थिक व राजनीतिक अधिकार छीन नहीं लेना चाहिए क्योंकि अगर हम देखें तो 2014 के बाद से अगर वोटिंग देखे तो वोटिंग में बहुत बढ़ोतरी आ चुकी है वह चाहे अलग-अलग राज्यों के लोक चुनाव की हो या फिर मुंसिपल चुनाव की हो उस में बढ़ोतरी आई गई थी कि 2014 में एक नया ऑप्शन आएगा तो एक नया एक ऑप्शन आएगा तो सो की नोट आता जो कि नानक देव बहुत है इसमें आपको कोई भी अगर आज नेता को वोट नहीं देना तो आप नहीं दे सकते हो तो मेरे हिसाब से यह जो मोटा ऑप्शन चाहिए बहुत जरुरी था और इस से मैंने देखा है कि कैसे गुजरात इलेक्शन में भी नोटों की वजह से दोनों ही पार्टी कांग्रेस और बीजेपी को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है तो मेरे हिसाब से यह कहना गलत है कि जो लोग को वोट नहीं देते हो उनका आर्थिक एवं राजनीतिक अधिकार छीन लेना चाहिए कि कम दिखे तो जाओ तो लोगों को अगर हम आईटी सेक्टर की बात करें तो उन्हें छुट्टी नहीं मिलती है वोटिंग के दिन तो मेरे सबसे इसके लिए वोट नहीं कर पाते हैं जो कि सरकारी जो कि सरकारी ऑफिसर है जो सरकारी ऑफिस में काम करते हैं उन्हें वोटिंग के लिए छुट्टी मिलती तो वह वोट दे पाते हैं परंतु जो प्राइवेट सेक्टर में काम करते हो ना कभी कभी छुट्टी नहीं मिल पाती जिसके वजह से वोट नहीं कर पाते तो मेरे हिसाब से उस कारण के लिए हमें उन लोगों का सामाजिक आर्थिक एवं राजनितिक अधिकार नहीं छीन लेना चाहिए

america kab se hum aisa nahi karna chahiye jo log matdan nahi karte hamein unka aarthik va raajnitik adhikaar cheen nahi lena chahiye kyonki agar hum dekhen toh 2014 ke baad se agar voting dekhe toh voting mein bahut badhotari aa chuki hai vaah chahen alag alag rajyo ke lok chunav ki ho ya phir munsipal chunav ki ho us mein badhotari I gayi thi ki 2014 mein ek naya option aayega toh ek naya ek option aayega toh so ki note aata jo ki nanak dev bahut hai isme aapko koi bhi agar aaj neta ko vote nahi dena toh aap nahi de sakte ho toh mere hisab se yah jo mota option chahiye bahut zaroori tha aur is se maine dekha hai ki kaise gujarat election mein bhi noton ki wajah se dono hi party congress aur bjp ko bahut bada nuksan hua hai toh mere hisab se yah kehna galat hai ki jo log ko vote nahi dete ho unka aarthik evam raajnitik adhikaar cheen lena chahiye ki kam dikhe toh jao toh logo ko agar hum it sector ki baat kare toh unhe chhutti nahi milti hai voting ke din toh mere sabse iske liye vote nahi kar paate hain jo ki sarkari jo ki sarkari officer hai jo sarkari office mein kaam karte hain unhe voting ke liye chhutti milti toh vaah vote de paate hain parantu jo private sector mein kaam karte ho na kabhi kabhi chhutti nahi mil pati jiske wajah se vote nahi kar paate toh mere hisab se us karan ke liye hamein un logo ka samajik aarthik evam rajnitik adhikaar nahi cheen lena chahiye

अमेरिका कब से हम ऐसा नहीं करना चाहिए जो लोग मतदान नहीं करते हमें उनका आर्थिक व राजनीतिक अध

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