क्या भारत को समय और पैसा ओलम्पिक एथलीटों के प्रशिक्षण पर निवेश करना चाहिए? वहां पदक जीतने से हमें क्या लाभ मिलता है?...


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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

1:03

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत के लिए बिल्कुल जरूरी है कि वह अपने दायित्वों के प्रशिक्षण में निवेश करें क्योंकि मैडम जब आते हैं तब आप अपने आप को दुनिया के सामने जो वर्ल्ड ऑर्नामेंट्स होते हैं उसके उनके सामने आप अपने अपने आप को प्रस्तुत करते हो यह संदेश को उसके कॉल मी से उसके पॉपुलेशन से हम आते हैं वैसे ही हम उनके खेलों में उनके पार्टिसिपेशन से भी उनको आते हैं उसका असली मेडल से अगर आपके पास बैलेंस नहीं होंगे तो आप अपने आप को दुनिया के समक्ष इस स्थान पर नहीं रह पाओगे कि आपके यहां के लोग कितने हेल्दी हैं और कितने पास हैं कंपटीशन होता क्यों है दो देशों के बीच में होता ही है कि यह हेल्थी किसे कहते हैं हेल्थी दोस्ती को भी निभाने के लिए एक दूसरे के सामने समझ रखने के लिए कि हमारे यहां के जो स्टेशन से हमारी आंखें जो हमारे यहां तो लोग रहते हैं कितने फिट हैं हेलो का एक ही मतलब होता है इस वजह से हर खेल में हर देश अपने कुछ तकलीफ को भेजता है जिनको प्रिपेयर करता है और दुनिया के सामने अपने आप को प्रदान करता है कि हम किस तरह से अपने आप को सच क्यों आप से आगे

bharat ke liye bilkul zaroori hai ki vaah apne dayitvo ke prashikshan mein nivesh kare kyonki madam jab aate hain tab aap apne aap ko duniya ke saamne jo world ornaments hote hain uske unke saamne aap apne apne aap ko prastut karte ho yah sandesh ko uske call me se uske population se hum aate hain waise hi hum unke khelo mein unke participation se bhi unko aate hain uska asli medal se agar aapke paas balance nahi honge toh aap apne aap ko duniya ke samaksh is sthan par nahi reh paoge ki aapke yahan ke log kitne healthy hain aur kitne paas hain competition hota kyon hai do deshon ke beech mein hota hi hai ki yah healthy kise kehte hain healthy dosti ko bhi nibhane ke liye ek dusre ke saamne samajh rakhne ke liye ki hamare yahan ke jo station se hamari aankhen jo hamare yahan toh log rehte hain kitne fit hain hello ka ek hi matlab hota hai is wajah se har khel mein har desh apne kuch takleef ko bhejta hai jinako prepare karta hai aur duniya ke saamne apne aap ko pradan karta hai ki hum kis tarah se apne aap ko sach kyon aap se aage

भारत के लिए बिल्कुल जरूरी है कि वह अपने दायित्वों के प्रशिक्षण में निवेश करें क्योंकि मैडम

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