अपने जीवन ऐसे कुछ लक्ष्य क्या हैं जिन्हें आप एक IAS अफ़सर बनके पूरा करना चाहते हैं?...


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Mittali Sethi

IAS 2017 Batch

5:01

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत कुछ है इतना यह भी कहूंगी कि जब आते हैं सर्विस इसमें तो बहुत सारी चीज है सोच कर आते हैं और उसके बाद हमें जो पर्सनल एक्सपीरियंस होते हैं उसके बेसिस पर हमेशा ऐसा लगता है कि कुछ चीजें बदल जाती हैं कुछ चीजें वैसे ही रहती है तो मुझे ऐसा लगता है कि हम यहां पर क्यों आए हैं हम यहां पर प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए आए हैं जिसका जो प्रॉब्लम है वह हमारी केपेसिटी में जितना है जिस पूछते हम बैठे हैं वह हमें सुलझाना है तू परिधान फिल्म मेरा महाराष्ट्र का डर है अब जब आप एक का डिस्ट्रिक्ट में पोस्ट होते हैं तो वह कुछ इंडिया की कुछ प्रॉब्लम जैसी है जो बहुत बेसिक हैं वहां पर शिक्षा को ले लीजिए या हेल्थ को रिलीज है तो दीदार सेक्टर जो हमेशा ऐसे हैं जिनमें डेवलपमेंट की जरूरत हमेशा होती है तो ऐसा ही एक काम नहीं है जो मुझे ऐसा लगता है कि मुझे करना चाहिए इंपैक्ट ऑफिस डिस्ट्रिक्ट में जब जाते हैं तो यह पहचानना बहुत जरूरी होता है कि वहां पर कौन सी ऐसी प्रॉब्लम है जिनका सॉल्यूशन आफ निकाल सकते हैं प्रोबेबली जैसे आप अपना दिमाग हैदरपुरा भरकर लेकर जाएंगे तो शायद उसमें और डालने की जगह ही नहीं है तो एक खाली मटका ही भरा जा सकता है हमेशा ऐसा कहा जाता है तो मुझे ऐसा लगता है कि बहुत इंपॉर्टेंट है के जवाब पर किसी नई जगह पर जाएं तो आप एक खाली मटका लेकर जाए यह मत सोचिए के यूनो मुझे ऐसा करना है मुझे वैसा करना है वहां पर जाएं लोगों से मिले उनसे पूछे कि उनकी जरूरत क्या है किसी की जरूरत के बाद कुछ जरूरत पूरी करना इस सो मच मोर इंपॉर्टेंट देन आपका यह सोचना कि आपको क्या करना है और आप लोगों के लिए वह करेंगे तो एक ही चीज मुझे बहुत इंपॉर्टेंट लगती है बस ड्राइविंग सेट हो जैसे मैंने पहले बोला कि कुछ सेक्टर जैसे हैं जहां पर आपको किसी से पूछने की जरूरत नहीं है आपको पता है कि एजुकेशन हेल्थ अगर खराब है तो उसे आप को इंप्रूव करना है उसमें आपको उसमें कोई दो राय नहीं है कुछ ऐसे फैक्टर्स है जो मुझे पर्सनली बहुत पसंद है जिन जिन एरियाज में मैं पर्सनली काम करना चाहूंगी मैं से एक है वेस्ट मैनेजमेंट क्लाइमेट चेंज की चर्चा बहुत होती है लेकिन उसे माइक्रो लेवल पर अंडरस्टैंड करना और माइक्रो लेवल पर समझ पाना बहुत कम लोग करते हैं तो दरिया जहां मुझे ऐसा लगता है कि आई वांट टू वर्क इन द वेस्ट हमारी सोसाइटी का बहुत बड़ा कंसर्न बनता जा रहा है और आज तक हमने अब शहरों में लाडली वेस्ट मैनेजमेंट किया है अभी तक गांव के लेवल पर वेस्ट मैनेजमेंट बहुत कम हुआ है बहुत कम ग्राम पंचायत में हम देखते हैं कि 20 मैनेजमेंट होता है तो मोहित एरिया है जहां पर मुझे बहुत इंटरेस्ट है काम करने में भी सोचना चल रिसोर्स मैनेजमेंट पानी बिजली इस वीडियो से ऐसे हैं जो बहुत मेनशनली पॉपुलर नहीं है बहुत सारे लोगों को यह रियल में कैसे काम से बहुत टेक्निकल एरियाज भी है इनमें आपको थोड़ा टेक्निकल नॉलेज लगता इन को सॉल्व करने के लिए और तो यह काम करना चाहूंगी दूसरा ऑप्शन अलसी था तो मुझे बहुत पैसे नहीं लगता है यह समझना कि हम सरकार जब एक स्कीम देती है तो लोग उसे क्यों अपनाते हैं या नहीं अपनाते हैं और लोगों का भी वे चेंज करने के लिए उसकी में ऐसा क्या है जो हम रख सकते हैं तो यह एक इंग्लिश में बहुत पॉपुलर छोरी है जिसे हम लाखेरी कहते हैं कि अपनी स्कीम में वह छोटा से चेंज कैसे करें डिफॉल्ट कैसे सेट करें और ऐसी क्या चीज है ज्यादा करें कि लोग उसकी इनको उसे अपनाएं और कुछ कभी कुछ कही बार ऐसा भी होता है कि हम जो करते हैं वह लोगों की बेहतरी के लिए होती है और फिर भी लोग को यह समझ में नहीं आता जैसे कि इंश्योरेंस इंश्योरेंस एक ऐसा सेक्टर है जहां पर लोगों की बेहतरी के लिए किया जाता है उसे अगर लोग अपनाए तो उनके लिए बेहतर रहता है बस फिर भी जब अपील पर जाते हैं किसानों से बात करते हैं बहुत लोगों से बात करते हैं तो उसे नहीं अपनाते हैं तो कई केसेज में उसे जैसे इंफॉर्मेशन एसिमेट्री कहा जाता है कि उन्हें पता ही नहीं है कि यह चीज करती है तो उसको हम कैसे ब्रिज करें कैसे पार करें यह बैरियर को दूसरा उनको मालूम है कि उनके लिए वह चीज अच्छी है फिर भी उसे अगर अपना नहीं पा रहे हैं तो उसमें अंडरस्टैंड करना कि उसमें क्या चैलेंज है और हम अपनी स्कीम डिलीवरी कैसे बेहतर कर सकते हैं तो यह दूरियां मुझे ऐसे लगते हैं कि पर्सनली वोट देकर दी जाए रियल जहां पर मुझे बहुत शौक है काम करने का और बहुत मजा आता है काम करने में थोड़ा टेक्निकली चैलेंजिंग है यह जैसे हैं जो आपको नाच अली का न्यू टिमली समझ में नहीं आएंगे एंड एटॉमिक सिटी ऑल द मोर एडवेंचरस आल्सो कि आपको मजा आता है बनी चीजें धीरे-धीरे समझने में तो देश जहां पर काम करना चाहूंगी

bahut kuch hai itna yah bhi kahungi ki jab aate hain service isme toh bahut saree cheez hai soch kar aate hain aur uske baad hamein jo personal experience hote hain uske basis par hamesha aisa lagta hai ki kuch cheezen badal jaati hain kuch cheezen waise hi rehti hai toh mujhe aisa lagta hai ki hum yahan par kyon aaye hain hum yahan par problem solve karne ke liye aaye hain jiska jo problem hai vaah hamari kepesiti mein jitna hai jis poochhte hum baithe hain vaah hamein suljhana hai tu paridhan film mera maharashtra ka dar hai ab jab aap ek ka district mein post hote hain toh vaah kuch india ki kuch problem jaisi hai jo bahut basic hain wahan par shiksha ko le lijiye ya health ko release hai toh DIDAR sector jo hamesha aise hain jinmein development ki zarurat hamesha hoti hai toh aisa hi ek kaam nahi hai jo mujhe aisa lagta hai ki mujhe karna chahiye impact office district mein jab jaate hain toh yah pahachanana bahut zaroori hota hai ki wahan par kaun si aisi problem hai jinka solution of nikaal sakte hain probably jaise aap apna dimag haidarapura bharkar lekar jaenge toh shayad usme aur dalne ki jagah hi nahi hai toh ek khaali matka hi bhara ja sakta hai hamesha aisa kaha jata hai toh mujhe aisa lagta hai ki bahut important hai ke jawab par kisi nayi jagah par jayen toh aap ek khaali matka lekar jaaye yah mat sochiye ke uno mujhe aisa karna hai mujhe waisa karna hai wahan par jayen logo se mile unse pooche ki unki zarurat kya hai kisi ki zarurat ke baad kuch zarurat puri karna is so match mor important then aapka yah sochna ki aapko kya karna hai aur aap logo ke liye vaah karenge toh ek hi cheez mujhe bahut important lagti hai bus driving set ho jaise maine pehle bola ki kuch sector jaise hain jaha par aapko kisi se poochne ki zarurat nahi hai aapko pata hai ki education health agar kharab hai toh use aap ko improve karna hai usme aapko usme koi do rai nahi hai kuch aise factors hai jo mujhe personally bahut pasand hai jin jin areas mein main personally kaam karna chahungi main se ek hai west management climate change ki charcha bahut hoti hai lekin use micro level par understand karna aur micro level par samajh paana bahut kam log karte hain toh dariya jaha mujhe aisa lagta hai ki I want to work in the west hamari society ka bahut bada kansarn baata ja raha hai aur aaj tak humne ab shaharon mein laadalee west management kiya hai abhi tak gaon ke level par west management bahut kam hua hai bahut kam gram panchayat mein hum dekhte hain ki 20 management hota hai toh mohit area hai jaha par mujhe bahut interest hai kaam karne mein bhi sochna chal resource management paani bijli is video se aise hain jo bahut menashanali popular nahi hai bahut saare logo ko yah real mein kaise kaam se bahut technical areas bhi hai inme aapko thoda technical knowledge lagta in ko solve karne ke liye aur toh yah kaam karna chahungi doosra option aalsi tha toh mujhe bahut paise nahi lagta hai yah samajhna ki hum sarkar jab ek scheme deti hai toh log use kyon apanate hain ya nahi apanate hain aur logo ka bhi ve change karne ke liye uski mein aisa kya hai jo hum rakh sakte hain toh yah ek english mein bahut popular chhori hai jise hum lakheri kehte hain ki apni scheme mein vaah chota se change kaise kare default kaise set kare aur aisi kya cheez hai zyada kare ki log uski inko use apanaen aur kuch kabhi kuch kahi baar aisa bhi hota hai ki hum jo karte hain vaah logo ki behatari ke liye hoti hai aur phir bhi log ko yah samajh mein nahi aata jaise ki insurance insurance ek aisa sector hai jaha par logo ki behatari ke liye kiya jata hai use agar log apnaye toh unke liye behtar rehta hai bus phir bhi jab appeal par jaate hain kisano se baat karte hain bahut logo se baat karte hain toh use nahi apanate hain toh kai casus mein use jaise information esimetri kaha jata hai ki unhe pata hi nahi hai ki yah cheez karti hai toh usko hum kaise bridge kare kaise par kare yah Barrier ko doosra unko maloom hai ki unke liye vaah cheez achi hai phir bhi use agar apna nahi paa rahe hain toh usme understand karna ki usme kya challenge hai aur hum apni scheme delivery kaise behtar kar sakte hain toh yah duriyan mujhe aise lagte hain ki personally vote dekar di jaaye real jaha par mujhe bahut shauk hai kaam karne ka aur bahut maza aata hai kaam karne mein thoda technically chailenjing hai yah jaise hain jo aapko nach ali ka new timli samajh mein nahi aayenge and atomic city all the mor edavencharas aalso ki aapko maza aata hai bani cheezen dhire dhire samjhne mein toh desh jaha par kaam karna chahungi

बहुत कुछ है इतना यह भी कहूंगी कि जब आते हैं सर्विस इसमें तो बहुत सारी चीज है सोच कर आते है

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Pamela Satpathy

IAS Officer, Telangana

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लक्ष्य तो मेरी बहुत सारे हैं पर ऐसे स्पेसिफिकली कभी उन लक्ष्यों को आईएस के साथ जोड़ा नहीं है आज तक जैसे आम इनमें से कोई स्पेसिफिक तो नहीं है की आईएस बनने के बाद ही यह करना है ये जरूर है कि जैसे बहुत सारे और आते हैं जाते हैं अपना किरदार निभाते हैं सच में ऐसा कुछ करना है जो लोगों के असली काम आ सके हमारे रहते और हमारे जाने के बाद भी पुलिस एस आई एस ए सर्विस हम पर गर्व करेगा वैसा कुछ कर पाए हम या फिर लोगों का कुछ भी भला हो सके हमारे यहां तो तो यह खुद से यह उम्मीद मैं रखती हूं बाकी कुछ और ऐसे स्पेसिफिक लक्ष्य करनी है

lakshya toh meri bahut saare hain par aise specifically kabhi un lakshyon ko ias ke saath joda nahi hai aaj tak jaise aam inmein se koi specific toh nahi hai ki ias banne ke baad hi yah karna hai ye zaroor hai ki jaise bahut saare aur aate hain jaate hain apna kirdaar nibhate hain sach mein aisa kuch karna hai jo logo ke asli kaam aa sake hamare rehte aur hamare jaane ke baad bhi police s I s a service hum par garv karega waisa kuch kar paye hum ya phir logo ka kuch bhi bhala ho sake hamare yahan toh toh yah khud se yah ummid main rakhti hoon baki kuch aur aise specific lakshya karni hai

लक्ष्य तो मेरी बहुत सारे हैं पर ऐसे स्पेसिफिकली कभी उन लक्ष्यों को आईएस के साथ जोड़ा नहीं

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धीरे-धीरे कैसे लगते हैं पर बनाना चाहते हैं कि 1 घंटे खर्च करने का या गर्मी कितनी है

dhire dhire kaise lagte hain par banana chahte hain ki 1 ghante kharch karne ka ya garmi kitni hai

धीरे-धीरे कैसे लगते हैं पर बनाना चाहते हैं कि 1 घंटे खर्च करने का या गर्मी कितनी है

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