क्या आरक्षण पब्लिक को जैसी दी जा रही है वैसे ही देनी चाहिए?...


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Sa Sha

Journalist since 1986

1:12

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण हमेशा से विवाद का विषय रहा है जहां तक मेरी व्यक्तिगत राय का सवाल है तो मैं आर्थिक आधार पर आरक्षण की धर्म इसलिए कहना चाहूंगी कि काश ऐसा हो पाता आरक्षण आर्थिक आधार पर होता आरक्षण की व्यवस्था पिछड़ों को मुख्यधारा में लाने के लिए शुरू की गई थी लेकिन तब से अब तक स्थिति काफी बदल गई है अब इसमें परिवर्तन होना चाहिए और आर्थिक आधार पर ही आरक्षण मिलनी चाहिए हालांकि नरसिंह राव की सरकार ने 1991 में आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने का एक नोटिफिकेशन जारी किया था लेकिन जाति के आधार पर आरक्षण के पक्षधर इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पर चले गए सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक आधार पर आरक्षण को अवैध ठहरा दिया इसके लिए कोटडे सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि आई और संपत्ति को आरक्षण का आधार कतई नहीं माना जा सकता

aarakshan hamesha se vivaad ka vishay raha hai jaha tak meri vyaktigat rai ka sawaal hai toh main aarthik aadhaar par aarakshan ki dharm isliye kehna chahungi ki kash aisa ho pata aarakshan aarthik aadhaar par hota aarakshan ki vyavastha pichadon ko mukhyadhara mein lane ke liye shuru ki gayi thi lekin tab se ab tak sthiti kaafi badal gayi hai ab isme parivartan hona chahiye aur aarthik aadhaar par hi aarakshan milani chahiye halaki narsingh rav ki sarkar ne 1991 mein aarthik aadhaar par 10 aarakshan dene ka ek notification jaari kiya tha lekin jati ke aadhaar par aarakshan ke pakshadhar iske khilaf supreme court par chale gaye supreme court ne aarthik aadhaar par aarakshan ko awaidh thahara diya iske liye kotde supreme court ne yah kaha ki I aur sampatti ko aarakshan ka aadhaar katai nahi mana ja sakta

आरक्षण हमेशा से विवाद का विषय रहा है जहां तक मेरी व्यक्तिगत राय का सवाल है तो मैं आर्थिक आ

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण जो है वह हमेशा से 1:00 am पॉपुलर और एक विवादित विषय है हमारे देश में जिस में हमेशा कोई न कोई पॉलिटिकल पार्टी जो है वह अपनी रोटी सेकने के लिए तैयार रहना बैठी रहती है तो मैं समझता हूं कि आरक्षण अभी जिस सिटी में दिया जा रहा है मैं नहीं समझता कि वह सही आरक्षण जो है वह एक फैमिली इनकम पर भेजो नहीं चाहिए अगर जैसे कोई मेरे फैमिली हैं जो बहुत अच्छा काम आती है और सब कुछ नहीं बात करनी तो एक बार फोन कर सकती है चाहे वह किसी भी काट के चावल कैसे हो तो फिर मैं नहीं समझ पा Action की जरूरत है क्योंकि वह जितनी भी चीजें हैं उसका एयरपोर्ट कैसा है उसको खरीद सकती है लेकिन जो लोग इनकम वाली फैमिली है जो जो मार्केट में मिल रहा है उनका फोन नहीं कर सकती जो स्कूल को एक्सेप्ट नहीं कर सकती मैं समाचार रिजर्वेशन को मिलना चाहिए चाहे वह कर जनरल कास्ट आदमी हो ऐसी HD हो या कोई भी जाति का हो तो मैं नहीं समझता कि काश भेज दो सिस्टम होना चाहिए जो इनकम बेस्ट होता है उस पर हमको रिजर्वेशन देनी चाहिए हमारे देश में

aarakshan jo hai vaah hamesha se 1 00 am popular aur ek vivaadit vishay hai hamare desh mein jis mein hamesha koi na koi political party jo hai vaah apni roti sekne ke liye taiyar rehna baithi rehti hai toh main samajhata hoon ki aarakshan abhi jis city mein diya ja raha hai nahi samajhata ki vaah sahi aarakshan jo hai vaah ek family income par bhejo nahi chahiye agar jaise koi mere family hain jo bahut accha kaam aati hai aur sab kuch nahi baat karni toh ek baar phone kar sakti hai chahen vaah kisi bhi kaat ke chawal kaise ho toh phir main nahi samajh paa Action ki zarurat hai kyonki vaah jitni bhi cheezen hain uska airport kaisa hai usko kharid sakti hai lekin jo log income wali family hai jo jo market mein mil raha hai unka phone nahi kar sakti jo school ko except nahi kar sakti main samachar reservation ko milna chahiye chahen vaah kar general caste aadmi ho aisi HD ho ya koi bhi jati ka ho toh main nahi samajhata ki kash bhej do system hona chahiye jo income best hota hai us par hamko reservation deni chahiye hamare desh mein

आरक्षण जो है वह हमेशा से 1:00 am पॉपुलर और एक विवादित विषय है हमारे देश में जिस में हमेशा

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Vatsal

Engineering Student

0:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आरक्षण हमेशा से चर्चा का विषय रहा है और मैं एक ही मतका हूं कि आरक्षण केवल और केवल आर्थिक व्यवस्था के साथ आर्थिक स्थिति के हिसाब से मिलना चाहिए बजाय कि धर्म जाति के आधार पर या किसी भी तरीके की किसी भी और चीज के साथ नहीं मिलना चाहिए केवल और केवल आर्थिक स्थिति के सबसे क्योंकि आरक्षण आरक्षण मूवी चाहिए किसी को एक्स्ट्रा बेनिफिट्स प्रोवाइड कर रहे हैं और जब कि कोई और आर्थिक स्थिति मजबूत है तो उसको उस एक्स्ट्रा बेनिफिट्स की कोई आवश्यकता नहीं है चाहे फिर वह s c o s t o दलितों या कुछ भी

dekhiye aarakshan hamesha se charcha ka vishay raha hai aur main ek hi mataka hoon ki aarakshan keval aur keval aarthik vyavastha ke saath aarthik sthiti ke hisab se milna chahiye bajay ki dharm jati ke aadhaar par ya kisi bhi tarike ki kisi bhi aur cheez ke saath nahi milna chahiye keval aur keval aarthik sthiti ke sabse kyonki aarakshan aarakshan movie chahiye kisi ko extra benefits provide kar rahe hain aur jab ki koi aur aarthik sthiti majboot hai toh usko us extra benefits ki koi avashyakta nahi hai chahen phir vaah s c o s t o dalito ya kuch bhi

देखिए आरक्षण हमेशा से चर्चा का विषय रहा है और मैं एक ही मतका हूं कि आरक्षण केवल और केवल आर

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Janak

An Enthusiastic Entrepreneur.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इजी रिजर्वेशन सिस्टम है हमारे इंडिया इंडिया में हमारे देश में जो कि कई सालों से चलता आ रहा है हमारे कॉन्स्टिट्यूशन में है हमारे गांव में पॉलिसीस में है हमारे एजुकेशन में है हर जगह है लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि रिजर्वेशन इंक्वारी सिस्टम है वह कास्ट बेस्ट नहीं होना चाहिए और स्टूडेंट मुझे लगता है कि एजुकेशन में रिजर्वेशन नहीं होना चाहिए हर एक को एक वर्ल्ड राइट है हर एक को इक्वल प्लीज़ है खुद को साबित करने के लिए खुद की जगह बंद खाने के लिए और वह हो सकता है तो या तो मेहनत करके हो सकता है मेहनत करके ही हो सकता है और रिजर्वेशन सिस्टम उनके इकॉनॉमी इकॉनॉमी पर रखना चाहिए मतलब क्या सामने वाला कंटेस्टेंट एकदम फाइनेंस लि उतना स्टेबल है कि नहीं उस बेसिस पर रिजर्वेशन सिस्टम होना चाहिए

easy reservation system hai hamare india india mein hamare desh mein jo ki kai salon se chalta aa raha hai hamare Constitution mein hai hamare gaon mein policies mein hai hamare education mein hai har jagah hai lekin mujhe aisa lagta hai ki reservation inkwari system hai vaah caste best nahi hona chahiye aur student mujhe lagta hai ki education mein reservation nahi hona chahiye har ek ko ek world right hai har ek ko equal please hai khud ko saabit karne ke liye khud ki jagah band khane ke liye aur vaah ho sakta hai toh ya toh mehnat karke ho sakta hai mehnat karke hi ho sakta hai aur reservation system unke ikanami ikanami par rakhna chahiye matlab kya saamne vala kantestent ekdam finance li utana stable hai ki nahi us basis par reservation system hona chahiye

इजी रिजर्वेशन सिस्टम है हमारे इंडिया इंडिया में हमारे देश में जो कि कई सालों से चलता आ रहा

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के समय में तो हम सभी जानते हैं कि आरक्षण जाति के हिसाब से दिया जाता है पर मेरा यह मानना है कि आरक्षण आर्थिक आधार पर या फिर व्यक्ति की बुद्धिमता के आधार पर देना चाहिए जातिवाद के आधार पर दिया गया आरक्षण हमारे देश में अच्छे अंक लाने वाले बुद्धिमान लोगों को पीछे छोड़ रहा है और उनकी जगह कम अंक लाने वाले आरक्षित जाति के लोगों को आगे निकल रहा है इसे कहीं ना कहीं हमारे देश का विकास कम हो रहा है और जो लोग हमारे देश को ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं वह लोग कहीं पीछे ही रह जाते हैं

aaj ke samay mein toh hum sabhi jante hain ki aarakshan jati ke hisab se diya jata hai par mera yah manana hai ki aarakshan aarthik aadhaar par ya phir vyakti ki buddhimata ke aadhaar par dena chahiye jaatiwad ke aadhaar par diya gaya aarakshan hamare desh mein acche ank lane waale buddhiman logo ko peeche chod raha hai aur unki jagah kam ank lane waale arakshit jati ke logo ko aage nikal raha hai ise kahin na kahin hamare desh ka vikas kam ho raha hai aur jo log hamare desh ko unchaiyon par le ja sakte hain vaah log kahin peeche hi reh jaate hain

आज के समय में तो हम सभी जानते हैं कि आरक्षण जाति के हिसाब से दिया जाता है पर मेरा यह मानना

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Anukrati

Journalism Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे लगता है कि आरक्षण वर्तमान समय में मिलना ही नहीं चाहिए जब आरक्षण लागू किया गया था तब शायद इसकी ज़रूरत रही होगी लेकिन धीरे-धीरे आरक्षण निस्वार्थ पजामा पहन लिया है प्रत्येक जाति को किसी न किसी रूप में आरक्षण की आकांक्षा है जो कि सही नहीं है फिर वह आरक्षण की आड़ में निर्दोष जनता के जीवन को दाव पर लगा देते हैं शुरुआत में जो बात आसान लगती है उसे एक समस्या बनाकर पूरे देश को इस ओर आकर्षित करना ही उनका दिए बन जाता है इसमें देश की तरक्की तो रुकती ही है आम जनता भी हैरान परेशान हो जाती है इसलिए योग्यता के आधार पर ही किसी भी व्यक्ति को नौकरी मिलनी चाहिए आरक्षण के आधार पर नहीं

mujhe lagta hai ki aarakshan vartaman samay mein milna hi nahi chahiye jab aarakshan laagu kiya gaya tha tab shayad iski zaroorat rahi hogi lekin dhire dhire aarakshan niswarth payjama pahan liya hai pratyek jati ko kisi na kisi roop mein aarakshan ki aakansha hai jo ki sahi nahi hai phir vaah aarakshan ki aad mein nirdosh janta ke jeevan ko daav par laga dete hain shuruat mein jo baat aasaan lagti hai use ek samasya banakar poore desh ko is aur aakarshit karna hi unka diye ban jata hai isme desh ki tarakki toh rukti hi hai aam janta bhi hairan pareshan ho jaati hai isliye yogyata ke aadhaar par hi kisi bhi vyakti ko naukri milani chahiye aarakshan ke aadhaar par nahi

मुझे लगता है कि आरक्षण वर्तमान समय में मिलना ही नहीं चाहिए जब आरक्षण लागू किया गया था तब श

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amitkul

CA student,pursuing bcom too

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदित्य मैं तो आरक्षण के बिल्कुल खिलाफ रिजर्वेशन बिल्कुल नहीं होनी चाहिए खास तौर से जो कॉलेज इसमें और नौकरी में जो रिजर्वेशन का जो कैटेगरी है वह बिल्कुल नहीं होना चाहिए रिजर्वेशन जो फैसला लिया जाता सरकार द्वारा वह तुरंत आजादी के बाद दिया गया था जिस समय कुछ समाज के कुछ भाग जैसे कि दलित दलित शरीर का शेड्यूल ट्राइब यह सब पूरे आदिवासी यह सब पूरी तरह से जो है विकसित नहीं हो पाए थे वह दूसरे हैं दूसरे को काटते उनके बराबर तो उनके भलाई के लिए और भारत की पूरी जनता की भलाई के इससे इन सारे लोगों को रिजर्वेशन दिया गया था स्कूल को कॉलेज ईश्वर नौकरियों में था कि यह भी प्राइस के लोगों भी पर अच्छे अच्छे से पढ़ लिखकर कुछ ऐसे अपनी जिंदगी सवार पर पर अब अब अभी के टाइम में अगर देखा जाए तो बहुत से लोग अपने अलग-अलग रिजर्वेशन की मांग कर रहे रिजर्वेशन का मुख्य कारण था संसाधन की कमी होना पर अब जो रिजर्वेशन जो दी जा रही है वह सब धर्मों और स्ट्राइक 11:15 पर दी जा रही है अलग-अलग आकाश को जो बिल्कुल गलत है ऐसा नहीं होना चाहिए खास करके कॉलेज इसमें अजोरिया कॉलेज में नौकरी में जो रिजर्वेशन होनी चाहिए वह सिर्फ और सिर्फ मेरिट पर होनी चाहिए अगर रिजर्वेशन मेरे हिसाब से किसी में रखना हो तो प्राइमरी एजुकेशन पर रखे क्योंकि शायद संसाधन ना होने के कारण बच्चों को जो है वह आज स्कूल नहीं भेजा जाता तो उनके लिए अगर रिजर्वेशन रखा जाए स्कूल में तो बहुत उपयोग कार्य होगा

aditya main toh aarakshan ke bilkul khilaf reservation bilkul nahi honi chahiye khaas taur se jo college isme aur naukri mein jo reservation ka jo category hai vaah bilkul nahi hona chahiye reservation jo faisla liya jata sarkar dwara vaah turant azadi ke baad diya gaya tha jis samay kuch samaj ke kuch bhag jaise ki dalit dalit sharir ka schedule tribe yah sab poore adiwasi yah sab puri tarah se jo hai viksit nahi ho paye the vaah dusre hain dusre ko katatey unke barabar toh unke bhalai ke liye aur bharat ki puri janta ki bhalai ke isse in saare logo ko reservation diya gaya tha school ko college ishwar naukriyon mein tha ki yah bhi price ke logo bhi par acche acche se padh likhkar kuch aise apni zindagi savar par par ab ab abhi ke time mein agar dekha jaaye toh bahut se log apne alag alag reservation ki maang kar rahe reservation ka mukhya karan tha sansadhan ki kami hona par ab jo reservation jo di ja rahi hai vaah sab dharmon aur strike 11 15 par di ja rahi hai alag alag akash ko jo bilkul galat hai aisa nahi hona chahiye khaas karke college isme ajoriya college mein naukri mein jo reservation honi chahiye vaah sirf aur sirf merit par honi chahiye agar reservation mere hisab se kisi mein rakhna ho toh primary education par rakhe kyonki shayad sansadhan na hone ke karan baccho ko jo hai vaah aaj school nahi bheja jata toh unke liye agar reservation rakha jaaye school mein toh bahut upyog karya hoga

आदित्य मैं तो आरक्षण के बिल्कुल खिलाफ रिजर्वेशन बिल्कुल नहीं होनी चाहिए खास तौर से जो कॉले

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