चीन की तुलना में भारत के इकनोमिक लाभ क्या हैं?...


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Neha S

UPSC कोच

0:56

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

Wikipedia गर्दन में करें तो भारत की जो प्रोफेसर भारत के चौथे दिन एक नामी कि वह यह है कि एक ड्राइवर ग्राफिक्स जो इंडिया के पास आता फेवरेट है बहुत-बहुत ज्यादा स्कोप हैं यहां पर ऐसी शक्ति को बढ़ाने का आयुर्वेदिक उपाय ग्लोबलाइजेशन के लिए बेस्ट माना जाता है मेरे ही द्वारा नहीं के वर्ल्ड वाइड माना जाता है पॉजिटिव ग्रुप है इसकी फोकस पॉजिटिव होता है अभी दोनों की कंट्री का तो जीडीपी में ही कटिंग मशीन इनक्रीस जा रहा है उसमें भारत की इन्फर्मेशन रेड्डी पहले से कम हुआ है तो यह है भारतीय क्रिकेट जो लावै चीन की तुलना में मेरे पास से

Wikipedia gardan mein kare toh bharat ki jo professor bharat ke chauthe din ek nami ki vaah yah hai ki ek driver graphics jo india ke paas aata favourite hai bahut bahut zyada scope hain yahan par aisi shakti ko badhane ka ayurvedic upay globalization ke liye best mana jata hai mere hi dwara nahi ke world wide mana jata hai positive group hai iski focus positive hota hai abhi dono ki country ka toh gdp mein hi cutting machine increase ja raha hai usme bharat ki information reddy pehle se kam hua hai toh yah hai bharatiya cricket jo lavai china ki tulna mein mere paas se

Wikipedia गर्दन में करें तो भारत की जो प्रोफेसर भारत के चौथे दिन एक नामी कि वह यह है कि एक

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

डिग्गी चीन की तुलना में भारत फिलहाल अभी तक बहुत ही आगे 2020 तक भारत की कॉमर्स में नंबर वन कंपनी बन जाएगा भारत आदर्श सेक्टर में भी बहुत अच्छे प्रथम करें उसमें भी नंबर वन हो जाएगा इसका पूरा ग्राफ जो है वर्ल्ड बैंक में दे चुके है वर्ल्ड बैंक का कहना है कि भारत आने वाले 23 सालों में बाकी देशों को पछाड़ते हुए आगे जाएगा और चीन को भी इसका घाटा होगा क्योंकि चीन फिलहाल अभी आगे हैं उस को पछाड़ते हुए भारत अभी आगे आ चुके 2017 से लेकर 2020 तक भारत बहुत ही तरक्की कर चुके और कर दी कॉमर्स से लेकर आप जितना भी रियल एस्टेट सेक्टर में चले जाइए या दूसरे शिपिंग में चले जाइए या लॉजिस्टिक में चले जाइए आप देख रहे होंगे कि भारत की संख्या और भारत की बिजनेस पॉलिसी बहुत ही सिंपल हो चुकी है जिससे क्या हुआ पूरा देश में फंडिंग हो रही है और भारत की जीडीपी ग्रोथ हो रहा है और ग्राहक को एक से एक जगह पर क्राफ्ट मिल रहे हैं और भाई भारत की आबादी के हिसाब से चीन की आबादी थोड़ा ज्यादा है जिसके पैसे चीन की जो काम करने की क्षमता है जो है वह थोड़ा तो ढीली पड़ी है और भारत की काम करने की संख्या बहुत आगे या इकोनॉमिक्स हिसाब से अगर आप देखेंगे 2020 तक भारत और दर्द सबसे बेस्ट देश में से एक देश है जिसकी जी आप इतने ग्रोथ हो चुकी है आज शाम हो चुकी इकॉनमी के हिसाब से भारत अभी चीन से बहुत आ गई है

diggi china ki tulna mein bharat filhal abhi tak bahut hi aage 2020 tak bharat ki commerce mein number van company ban jaega bharat adarsh sector mein bhi bahut acche pratham kare usme bhi number van ho jaega iska pura graph jo hai world bank mein de chuke hai world bank ka kehna hai ki bharat aane waale 23 salon mein baki deshon ko pachadate hue aage jaega aur china ko bhi iska ghata hoga kyonki china filhal abhi aage hain us ko pachadate hue bharat abhi aage aa chuke 2017 se lekar 2020 tak bharat bahut hi tarakki kar chuke aur kar di commerce se lekar aap jitna bhi real estate sector mein chale jaiye ya dusre shipping mein chale jaiye ya logistic mein chale jaiye aap dekh rahe honge ki bharat ki sankhya aur bharat ki business policy bahut hi simple ho chuki hai jisse kya hua pura desh mein funding ho rahi hai aur bharat ki gdp growth ho raha hai aur grahak ko ek se ek jagah par craft mil rahe hain aur bhai bharat ki aabadi ke hisab se china ki aabadi thoda zyada hai jiske paise china ki jo kaam karne ki kshamta hai jo hai vaah thoda toh dhili padi hai aur bharat ki kaam karne ki sankhya bahut aage ya economics hisab se agar aap dekhenge 2020 tak bharat aur dard sabse best desh mein se ek desh hai jiski ji aap itne growth ho chuki hai aaj shaam ho chuki economy ke hisab se bharat abhi china se bahut aa gayi hai

डिग्गी चीन की तुलना में भारत फिलहाल अभी तक बहुत ही आगे 2020 तक भारत की कॉमर्स में नंबर वन

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Krishna Singh

Bsc,llb(hon.),ias aspirant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब हम चीनी अर्थव्यवस्था की तुलना भारतीय अर्थव्यवस्था से करते हैं तो कुछ अच्छी चीजें भारतीय अर्थव्यवस्था में नजर आती है जैसे-जैसे देखिए चीनी अर्थव्यवस्था है वहां जो वस्तुओं सेवाओं के मूल्य होते हैं वह प्रशासित कीमत क्रिया विधि द्वारा तय होते हैं या नहीं सर्वाधिक बस्ती में सुबह हो पर प्रशासन ने तय करती है या नहीं केंद्र गया राज्य सरकारों के जिम्मे होते हैं और वहीं निर्धारित करते हैं इससे यह होता है कि अर्थव्यवस्था में जो नए नए उद्योग कहां स्थापित करने वाले हैं कोई और नया करना चाहिए रोशन करना चाहे तो बहुत देखे थे वहां थी और बात भारतीय अर्थव्यवस्था किया तो हमारे यहां देखें मिश्रित अर्थव्यवस्था है या नहीं प्राइवेट के साथ साथी गवर्नमेंट भी हैं जो हमारे यहां जो बाजार के नियम हवा बाजार कीमत क्रिया विधि के साथ ही साथ प्रशासित कीमत क्रिया विधि के द्वारा तय होते हैं अर्थात हमारे यहां सर्वाधिक एक वस्तु पर नियंत्रण से मुक्त हैं उनके मूल्य बाजार कीमत पर नहीं मांग या फिर उत्पादन के नियमों के अनुसार तय होते हैं और कुछ ऐसी सेक्टर से जो प्रशासन की जिम में और जहां प्रशासन ने तय करती है इन चीजों से यह होता है कि हमारे प्राइवेट सेक्टर में भी बहुत अच्छा कार्य हो जाते नहीं जो इन मौसम नई-नई चीजें स्थापित करना चाहते हो आराम से कर सकता है साथी गवर्नमेंट का जो कुछ ऐस ट्रैक्टर्स में नियंत्रण होता है ताकि हमारे यहां जो सामाजिक आर्थिक रूप से पिछड़े हैं उनके लिए कुछ किया जा सके तो बात चीनी अर्थव्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था की है तो कुछ हद से हद तक तो भारतीय अर्थव्यवस्था सही है हर उम्र के मामलों में नियमों के मामले लेकिन हकीकत में कुछ नहीं समझता हमसे बहुत ही ताकतवर है और वहां हम से कम गरीबी है और उसने बहुत अपनी समस्याओं का समाधान कर लिया है क्योंकि वह एक दलीय देश है और यहां सर्वाधिक विनिर्माण क्षेत्र को महत्व देता हमारे बिना नाम विनिर्माण क्षेत्र पर बहुत कम ध्यान दिया गया इसी वजह से हमारी अर्थव्यवस्था कुछ भी छोटी है

jab hum chini arthavyavastha ki tulna bharatiya arthavyavastha se karte hai toh kuch achi cheezen bharatiya arthavyavastha mein nazar aati hai jaise jaise dekhiye chini arthavyavastha hai wahan jo vastuon sewaon ke mulya hote hai vaah prashasit kimat kriya vidhi dwara tay hote hai ya nahi sarvadhik basti mein subah ho par prashasan ne tay karti hai ya nahi kendra gaya rajya sarkaro ke jimme hote hai aur wahi nirdharit karte hai isse yah hota hai ki arthavyavastha mein jo naye naye udyog kahaan sthapit karne waale hai koi aur naya karna chahiye roshan karna chahen toh bahut dekhe the wahan thi aur baat bharatiya arthavyavastha kiya toh hamare yahan dekhen mishrit arthavyavastha hai ya nahi private ke saath sathi government bhi hai jo hamare yahan jo bazaar ke niyam hawa bazaar kimat kriya vidhi ke saath hi saath prashasit kimat kriya vidhi ke dwara tay hote hai arthat hamare yahan sarvadhik ek vastu par niyantran se mukt hai unke mulya bazaar kimat par nahi maang ya phir utpadan ke niyamon ke anusaar tay hote hai aur kuch aisi sector se jo prashasan ki gym mein aur jaha prashasan ne tay karti hai in chijon se yah hota hai ki hamare private sector mein bhi bahut accha karya ho jaate nahi jo in mausam nayi nayi cheezen sthapit karna chahte ho aaram se kar sakta hai sathi government ka jo kuch ace tractors mein niyantran hota hai taki hamare yahan jo samajik aarthik roop se pichade hai unke liye kuch kiya ja sake toh baat chini arthavyavastha bharatiya arthavyavastha ki hai toh kuch had se had tak toh bharatiya arthavyavastha sahi hai har umr ke mamlon mein niyamon ke mamle lekin haqiqat mein kuch nahi samajhata humse bahut hi takatwar hai aur wahan hum se kam garibi hai aur usne bahut apni samasyaon ka samadhan kar liya hai kyonki vaah ek daliyaa desh hai aur yahan sarvadhik vinirmaan kshetra ko mahatva deta hamare bina naam vinirmaan kshetra par bahut kam dhyan diya gaya isi wajah se hamari arthavyavastha kuch bhi choti hai

जब हम चीनी अर्थव्यवस्था की तुलना भारतीय अर्थव्यवस्था से करते हैं तो कुछ अच्छी चीजें भारतीय

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