ज़िन्दगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए?...


user

Narendra Bhardwaj

Spirituality Reformer

2:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आध्यात्मिक दृष्टि से जिंदगी का लक्ष्य या भौतिक दृष्टि से जिंदगी का लक्ष्य जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए सवाल अधूरा है जिंदगी का लक्ष्य की दृष्टि से तो पैसा होता है ज्यादा से ज्यादा पैसा ज्यादा से ज्यादा सुख सुविधाएं हो नाम हो यशु लोग हमें जाने यह महत्वाकांक्षा हर आदमी के अंदर होती है लेकिन जीवन का लक्ष्य क्या है हम क्यों आए हैं अगर यह सवाल हो इसका जवाब हम क्यों आए हैं कि अगर समझ में आ जाए तो जीवन का लक्ष्य ढूंढ आसान होता है वैसे तो किसी ने कहा है आए थे हरि भजन को ओटन लगे कपास शरीर रामायण जी में भी लिखा है गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने रामायण में लिखा है देह धरे कर यह फल भाई वजीराम सब काम भाई सब छोड़कर शरीर मिलने का एक ही अर्थ है भजन किया जाए जिसके लिए शरीर मिला है शायद काटने के लिए शरीर मिला शरीर यह साधन है इस से यात्रा करने और यात्रा कहां की करनी है यह अगर पता हो तो लक्ष्य साधना बड़ा सरल हो जाए इसलिए इस जीवन का लक्ष्य तो सिर्फ ईश्वर को प्राप्त करना है बाकी जीवन के लक्ष्य समय परिस्थिति काल देश के अनुसार बदलते रहते हैं भौतिक जीवन के लक्ष्य दिन प्रतिदिन समय परिस्थिति उम्र के हिसाब से बदलते रहते हैं फिर भी ईश्वर को ना भूलो ईश्वर को याद रखो ईश्वर को प्राप्त करने के लिए मनुष्य शरीर मिलता है क्योंकि बड़े भाग्य मानुष तन पावा बड़ी मुश्किल से जब शरीर मिला है तो उसका उद्देश्य तो तभी पूरा होगा जब एक ही लक्ष्य परमात्मा से मिलन ईश्वर की प्राप्ति हुई अंतिम लक्ष्य है वही सर्वोत्तम ल और कोई लक्ष्य नहीं है बाकी के सारे लक्की झूठे हैं सारे लक्ष्णास और इसलिए एक ही मात्र जीवन का लक्ष होना चाहिए वह ईश्वर प्राप्ति

aadhyatmik drishti se zindagi ka lakshya ya bhautik drishti se zindagi ka lakshya zindagi ka lakshya kya hona chahiye sawaal adhura hai zindagi ka lakshya ki drishti se toh paisa hota hai zyada se zyada paisa zyada se zyada sukh suvidhaen ho naam ho yashu log hamein jaane yah mahatwakanksha har aadmi ke andar hoti hai lekin jeevan ka lakshya kya hai hum kyon aaye hain agar yah sawaal ho iska jawab hum kyon aaye hain ki agar samajh me aa jaaye toh jeevan ka lakshya dhundh aasaan hota hai waise toh kisi ne kaha hai aaye the hari bhajan ko otan lage kapaas sharir ramayana ji me bhi likha hai goswami tulsidas ji maharaj ne ramayana me likha hai deh dhare kar yah fal bhai wajiram sab kaam bhai sab chhodkar sharir milne ka ek hi arth hai bhajan kiya jaaye jiske liye sharir mila hai shayad katne ke liye sharir mila sharir yah sadhan hai is se yatra karne aur yatra kaha ki karni hai yah agar pata ho toh lakshya sadhna bada saral ho jaaye isliye is jeevan ka lakshya toh sirf ishwar ko prapt karna hai baki jeevan ke lakshya samay paristhiti kaal desh ke anusaar badalte rehte hain bhautik jeevan ke lakshya din pratidin samay paristhiti umar ke hisab se badalte rehte hain phir bhi ishwar ko na bhulo ishwar ko yaad rakho ishwar ko prapt karne ke liye manushya sharir milta hai kyonki bade bhagya maanush tan pawa badi mushkil se jab sharir mila hai toh uska uddeshya toh tabhi pura hoga jab ek hi lakshya paramatma se milan ishwar ki prapti hui antim lakshya hai wahi sarvottam l aur koi lakshya nahi hai baki ke saare lucky jhuthe hain saare lakshnas aur isliye ek hi matra jeevan ka lakshya hona chahiye vaah ishwar prapti

आध्यात्मिक दृष्टि से जिंदगी का लक्ष्य या भौतिक दृष्टि से जिंदगी का लक्ष्य जिंदगी का लक्ष्य

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  112
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dr.Paramjit Singh

Health and Fitness Expert/ Lecturer In Physical Education/

0:20
Play

Likes  130  Dislikes    views  2312
WhatsApp_icon
user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए जिंदगी में लगना चाहिए कि आपकी जिंदगी संसार के लिए आदर्श बन जाए और लोग नदियों का पानी करें गर्मी महसूस करें कि हमारे परिवार हमारे राष्ट्रीय मारे देश में आदर्शों के महान व्यक्ति ने जन्म दिया और उसने वही लेश मात्र भी साधना सेक्स निष्काम भाव स्वामी विवेकानंद भगवान गौतम बुद्ध पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी और जनता के पालनहार भगवान श्री कृष्ण चिंचेचे मुन्ना

zindagi ka lakshya kya hona chahiye zindagi me lagna chahiye ki aapki zindagi sansar ke liye adarsh ban jaaye aur log nadiyon ka paani kare garmi mehsus kare ki hamare parivar hamare rashtriya maare desh me aadarshon ke mahaan vyakti ne janam diya aur usne wahi lesh matra bhi sadhna sex nishkam bhav swami vivekananda bhagwan gautam buddha purushottam shri ramachandra ji aur janta ke palanahar bhagwan shri krishna chincheche munna

जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए जिंदगी में लगना चाहिए कि आपकी जिंदगी संसार के लिए आदर्श ब

Romanized Version
Likes  400  Dislikes    views  8006
WhatsApp_icon
user

Pramod Kushwaha

famous Motivational Guru N Painter

3:10
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न पूछा है किसी ने जिंदगी का लक्ष्य होना चाहिए तो पूरी दुनिया में जो भी इंसान या पशु या पक्षी या जानवर जो भी प्राणी है सभी का उद्देश है जिंदगी का जो लक्ष्य है वह सुख प्राप्त करना और जिंदगी में सुख की प्राप्ति के लिए दुनिया में इतनी भीड़ इतनी परेशानी इतनी मेहनत चाहे वह जानवर जीव-जंतु प्राणी व पक्षी हो इंसान हो तो जीवन का लक्ष्य है अपने आप को सुख देना और जब हम को सुख मिलने लगे तो उससे थोड़ा सामने वाले को भी देना मगर समझ ले लोगों ने सुख को कुछ और ही समझ लिया गाड़ी खरीद ली वह चाहते हैं यह सोचने लगे कि मैं सुखी हो गया किसी ने मकान खरीद लिया वह समझने लगा खुश हो गया तो यह बात समझ ले कि सुख कहते किसको है गाड़ी कभी भी आपको सुख नहीं दे सकती गाड़ी आपको रखता दे सकती है गाड़ी आपको कंफर्ट दे सकती है मगर शौक नहीं दे सकती मकान आपको सुख दे सकता है क्या मकान आपको रहने के लिए जगह दे सकता है कम पर दे सकता है मगर खुशी जो सुख जो आता है अंतर्मन से भीतर से निकलता है एक प्रकार हमने देखा कि एक बच्चा गुब्बारा बेच रहा था ₹1 का गुब्बारा बेचकर वह खुश हो रहा था दूसरा ₹1 का गुब्बारा ख़रीद के खुश हो रहा था तीसरे को मैंने देखा एक गुब्बारा छोड़ कर खुश हो रहा था अगर पैसे ही से सुख होता तो यह तो तीन प्रकार से ब्लॉक सको रहे हैं तो फिर तो उसे शाप से उसके पास कार होनी चाहिए थी मकान होना चाहिए था और गुब्बारा खुश हो रहा है कोई एक गुब्बारा लेकर सरपंच कोका कोला तू समझ ले कि सुख क्या है तो मैंने ही प्रश्न था जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए जिंदगी का लक्ष्य आपको सुख मिले और जो आपको सुख मिले तो थोड़ा सा सामने वाले को भी दें धन्यवाद

prashna poocha hai kisi ne zindagi ka lakshya hona chahiye toh puri duniya me jo bhi insaan ya pashu ya pakshi ya janwar jo bhi prani hai sabhi ka uddesh hai zindagi ka jo lakshya hai vaah sukh prapt karna aur zindagi me sukh ki prapti ke liye duniya me itni bheed itni pareshani itni mehnat chahen vaah janwar jeev jantu prani va pakshi ho insaan ho toh jeevan ka lakshya hai apne aap ko sukh dena aur jab hum ko sukh milne lage toh usse thoda saamne waale ko bhi dena magar samajh le logo ne sukh ko kuch aur hi samajh liya gaadi kharid li vaah chahte hain yah sochne lage ki main sukhi ho gaya kisi ne makan kharid liya vaah samjhne laga khush ho gaya toh yah baat samajh le ki sukh kehte kisko hai gaadi kabhi bhi aapko sukh nahi de sakti gaadi aapko rakhta de sakti hai gaadi aapko comfort de sakti hai magar shauk nahi de sakti makan aapko sukh de sakta hai kya makan aapko rehne ke liye jagah de sakta hai kam par de sakta hai magar khushi jo sukh jo aata hai antarman se bheetar se nikalta hai ek prakar humne dekha ki ek baccha gubbara bech raha tha Rs ka gubbara bechkar vaah khush ho raha tha doosra Rs ka gubbara kharid ke khush ho raha tha teesre ko maine dekha ek gubbara chhod kar khush ho raha tha agar paise hi se sukh hota toh yah toh teen prakar se block Sako rahe hain toh phir toh use shap se uske paas car honi chahiye thi makan hona chahiye tha aur gubbara khush ho raha hai koi ek gubbara lekar sarpanch coca cola tu samajh le ki sukh kya hai toh maine hi prashna tha zindagi ka lakshya kya hona chahiye zindagi ka lakshya aapko sukh mile aur jo aapko sukh mile toh thoda sa saamne waale ko bhi de dhanyavad

प्रश्न पूछा है किसी ने जिंदगी का लक्ष्य होना चाहिए तो पूरी दुनिया में जो भी इंसान या पशु य

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  132
WhatsApp_icon
user
Play

Likes  140  Dislikes    views  4166
WhatsApp_icon
user

Ajay Ojha

Statistical Officer

1:03
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्वेश्चन है इसका आंसर इंडिविजुअल कैन डू यू बहुत ज्यादा डिपेंड करता है हर किसी की लाइफ का इन डिफरेंट एम हो सकता है हर एक की लाइफ में बहुत सारे अटैक पीने से सोते हैं जो उसको वह इंसान बनाते हैं जो वह है नेचर और सिग्नेचर की थोड़ी काम करती है हर एक इंसान की लड़की रहते हैं उसने कुछ पॉइंट तक उसको लाया गया है जहां पर वह भी जिंदगी को एक-एक ऐंगल से दिख रहा है तू जो उसको आंतरिक रूप से शांति प्रदान करते इंटरनल पीस प्रोवाइड करती है जो उसके उसको उस डायरेक्शन में काम करना चाहिए बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जो बहुत ही गरीब तबके से बहुत ही मेहनत करके अपनी काबिलियत के बल पर आ गया कितनी ही चीजें अगेन कर ले लेकिन जब तक वह अपने जैसे लोगों का और बाला होते हुए नहीं देखते उनके अंदर में शांति नहीं आती इसीलिए कई सारे ऐसे लोग जिन्होंने गरीबी से अपने आप को उड़ते हुए देखा है और बढ़ाया है अपने बाकी वह हमेशा औरों की मदद में लगे रहते हैं एकदम पहले से बहुत सारे काम पर हो सकते हैं

question hai iska answer individual can do you bahut zyada depend karta hai har kisi ki life ka in different M ho sakta hai har ek ki life me bahut saare attack peene se sote hain jo usko vaah insaan banate hain jo vaah hai nature aur signature ki thodi kaam karti hai har ek insaan ki ladki rehte hain usne kuch point tak usko laya gaya hai jaha par vaah bhi zindagi ko ek ek angle se dikh raha hai tu jo usko aantarik roop se shanti pradan karte internal peace provide karti hai jo uske usko us direction me kaam karna chahiye bahut saare aise log hote hain jo bahut hi garib tabke se bahut hi mehnat karke apni kabiliyat ke bal par aa gaya kitni hi cheezen again kar le lekin jab tak vaah apne jaise logo ka aur bala hote hue nahi dekhte unke andar me shanti nahi aati isliye kai saare aise log jinhone garibi se apne aap ko udte hue dekha hai aur badhaya hai apne baki vaah hamesha auron ki madad me lage rehte hain ekdam pehle se bahut saare kaam par ho sakte hain

क्वेश्चन है इसका आंसर इंडिविजुअल कैन डू यू बहुत ज्यादा डिपेंड करता है हर किसी की लाइफ का इ

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  130
WhatsApp_icon
user

Arpna Singh

Social Activist|Motivational Speaker|Yoga Teacher|Story Writer

2:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वास्तविकता में जीवन का जो सही अर्थ है वह मूर्ख अर्थात इंसान का जन्म होने का यही एकमात्र उद्देश्य तो है वह मोक्ष की प्राप्ति ही है क्योंकि हमारे धर्म ग्रंथों के अनुसार या जो भी हमारी आदिकालीन परंपराएं हैं उनके अनुसार अगर कितने हजारों योनियों में भटकने के बाद जब इंसान का जन्म मिलता है तू वाकई में उसका एक ही एकमात्र लगता है कि उसको मुक्त होना है उसको मुक्ति मिलनी चाहिए लेकिन वो पृथ्वी पर आता है और यहां की माया में भ्रमित हो जाता है तो उसके लक्ष्य बन जाते हैं उसको लगता है जो सुख है उसके वही जीवन का साथ है योग्यताओं को बढ़ाने में सिर्फ आपके लिए पहुंचे वह अपने आपको बात करने में या फिर तो आप अपने जीवन को सफल करने में प्रयासरत हो जाता है और वह वास्तव हमें उस लक्ष्य को भूल जाता है जो वाकई उसको जन्म देने के साथ-साथ निर्धारित किया गया तो बहुत जरूरी है कि यह सभी चीजें क्योंकि आप जो पा रहे हैं वह अपने लिए कम और समाज के लिए जाता तो जो चीजें आप एकत्र कर रहे हैं वह सीमित संसाधन है आपके लिए और उसके बाद आपको यह सब चीजें यही छोड़कर जानी होंगी तो ख्याति आप प्राप्त कर रहे हैं उसे आप विश्व भर में फैल आएंगे दुनिया भर में फैल आएंगे लोग आपको जानेंगे वह ठीक है लेकिन कभी ना कभी आपको इन सब चीजों को छोड़कर जाना ही होगा वास्तविकता में यथार्थ अगर व्यक्ति समझ गए तो उसमें बहुत सारे जो है बदलाव आएंगे और वह पाप करने से तो बचेगा ही बचेगा क्योंकि लोग छाती के लिए इस उपलब्धि के लिए पता नहीं कितने लोगों को कष्ट देते हैं पता नहीं क्या-क्या गलत कार्य करते हैं और वह वास्तविकता में आते हैं सही लक्ष्य को भूल जाते हैं तो सब कुछ जरूरी है इस पर आई है पढ़ाई को लेकर अपने बिजनेस को लेकर अपनी जॉब को लेकर लक्ष्य और भी करिए लेकिन वास्तविकता में जो जीवन के साथ का जो लक्ष्य है उनको भी मतदान तो मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य परोपकार यार दूसरों के लिए करें दूसरों की बेहतरी के लिए करें और उसके बाद में जो भी मोटे जो है सो है तो ऐसा बनाइए साधन आपको दोबारा यह मनुष्य जन्म मिले ही ना और आप लोग तो हो जाएंगे उस परमपिता परमेश्वर धाम में पहुंचे आप उसके लिए भी थोड़ा सा प्रयास जरूर करते रहे

vastavikta me jeevan ka jo sahi arth hai vaah murkh arthat insaan ka janam hone ka yahi ekmatra uddeshya toh hai vaah moksha ki prapti hi hai kyonki hamare dharm granthon ke anusaar ya jo bhi hamari adikalin paramparayen hain unke anusaar agar kitne hazaro yoniyon me bhatakne ke baad jab insaan ka janam milta hai tu vaakai me uska ek hi ekmatra lagta hai ki usko mukt hona hai usko mukti milani chahiye lekin vo prithvi par aata hai aur yahan ki maya me bharmit ho jata hai toh uske lakshya ban jaate hain usko lagta hai jo sukh hai uske wahi jeevan ka saath hai yogyata ko badhane me sirf aapke liye pahuche vaah apne aapko baat karne me ya phir toh aap apne jeevan ko safal karne me prayasarat ho jata hai aur vaah vaastav hamein us lakshya ko bhool jata hai jo vaakai usko janam dene ke saath saath nirdharit kiya gaya toh bahut zaroori hai ki yah sabhi cheezen kyonki aap jo paa rahe hain vaah apne liye kam aur samaj ke liye jata toh jo cheezen aap ekatarr kar rahe hain vaah simit sansadhan hai aapke liye aur uske baad aapko yah sab cheezen yahi chhodkar jani hongi toh khyati aap prapt kar rahe hain use aap vishwa bhar me fail aayenge duniya bhar me fail aayenge log aapko jaanege vaah theek hai lekin kabhi na kabhi aapko in sab chijon ko chhodkar jana hi hoga vastavikta me yatharth agar vyakti samajh gaye toh usme bahut saare jo hai badlav aayenge aur vaah paap karne se toh bachega hi bachega kyonki log chhati ke liye is upalabdhi ke liye pata nahi kitne logo ko kasht dete hain pata nahi kya kya galat karya karte hain aur vaah vastavikta me aate hain sahi lakshya ko bhool jaate hain toh sab kuch zaroori hai is par I hai padhai ko lekar apne business ko lekar apni job ko lekar lakshya aur bhi kariye lekin vastavikta me jo jeevan ke saath ka jo lakshya hai unko bhi matdan toh manushya jeevan ka sabse bada lakshya paropkaar yaar dusro ke liye kare dusro ki behatari ke liye kare aur uske baad me jo bhi mote jo hai so hai toh aisa banaiye sadhan aapko dobara yah manushya janam mile hi na aur aap log toh ho jaenge us parampita parmeshwar dhaam me pahuche aap uske liye bhi thoda sa prayas zaroor karte rahe

वास्तविकता में जीवन का जो सही अर्थ है वह मूर्ख अर्थात इंसान का जन्म होने का यही एकमात्र उद

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  105
WhatsApp_icon
user

Abhishek Kumar Yadav

Expert In Account & Finance, Motivational Speaker& Life Coach

5:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे बहुत से मित्र यह पूछते हैं कि जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए तो मित्रो आज इस बारे में टॉपिक पर चर्चा करूंगा मैं अभिषेक कुमार यादव वाराणसी से तू जैसा कि हम बात करते हैं कि भगवान ने बहुत बड़ी गिफ्ट में दी है यह हमारा लाइफ आपको पता है इस ब्रह्मांड में कितने जीव हैं उसमें सबसे उत्कृष्ट चुप रहना है भगवान की वह है मानव तू यह जो जीवन हमें मिला है ना इसे किसी अच्छे कार्य में लगाना चाहिए इसे महान लक्ष्य के लिए इसका प्रयोग करना चाहिए किसी बड़े लक्ष्य के लिए प्रयोग करना चाहिए किसी छोटे लड़के के लिए जीवन में बड़ा बनाएं इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या लक्ष्मण आते हैं इस बात से ज्यादा फर्क पड़ता है कि वह लक्ष्य बड़ा होना चाहिए और आपके लिए और अपने समाज के विकास के लिए होना चाहिए जिससे आपका यह जीवन पूरी तरह से लगे कि भगवान ने जो आपको दिया है आपने उसका यूटिलाइजेशन किया है मेरे हिसाब से जो जीवन का लक्ष्य होना चाहिए आदमी का विकास करना होना चाहिए आदमी को हर क्षेत्र में अपना विकास करना चाहिए विकास की ओर जो व्यक्ति जाता है वह अपने जीवन को सबसे बड़ा लक्ष्य पाता है अब विकास किस चीज का भी का विकास प्रत्येक चीजों का अपने मौखिक मूल्यों का विकास अपने पारिवारिक मूल्यों का विकास अपने आर्थिक विकास करें अपने सामाजिक विकास करें देश का विकास कई तरह का विकास हो सकता है लेकिन पहले स्वयं का विकास होता है पर दूसरों का विकास होता है इसलिए जीवन का लक्ष्य हमारे अनुसार से प्रसन्न रहना है और ऐसे कार्य करना है जिससे अपना और दूसरों का विकास हो सके हर व्यक्ति का अपने अपने लाख होते हैं कोई व्यक्ति पैदा होते ही अपना लक्ष्य बना लेना है बना लेता है कि मुझे इंजीनियर बनना है मुझे डॉक्टर बनना है मुझे यह बनना है मुझे वह करना है कुछ भी बनी है आप अगर आपका लक्ष्य बड़ा है और महान है उससे आपका आपके समाज का विकास होता है कि सबसे अच्छा जीवन का इससे अच्छा लगे कोई हो नहीं सकता लेकिन हमेशा अपनी अंतरात्मा की आवाज सुने हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करें और दूसरों को प्रसन्न रखने की कोशिश करें कोई ऐसा कार्य न करें जिससे किसी भी जीव को कष्ट हूं मेरे साथी जीवन का सबसे बड़ा देश होना चाहिए कि आप किसी को कष्ट न दे कभी अपने आप को प्रसन्न रखने की कोशिश करें दूसरे लोगों को प्रसन्न रखने की कोशिश करें और जो अपने जीवन में इसके अलावा जो अपने पैसे से संबंधित जो अपना लक्ष्य बनाकर रखा है कि आपको यह बनना है वह बन्ना इंजीनियर डॉक्टर बता तू भी बना उसको पाने की कोशिश करें लेकिन अपने नैतिक मूल्यों के पाने का जो लक्ष्य है इसको कभी मत छोड़िए गा क्योंकि जैसे-जैसे समय बदलता जा रहा है लोगों के नैतिक मूल्य गिरते जा रहे हैं तो नैतिक मूल्यों का उत्थान जरूर होना चाहिए क्योंकि जो हमारा जीवन है ना इक्वाइन के 2 फेस की तरह जिसमें एक साइड में अच्छाई होती दूसरे सेट में बुराई होती है अगर बुराई अपने चरम पर होगी अच्छाई का पता नहीं जाएगा इसीलिए अच्छाई और बुराई के बीच में बैलेंस होना चाहिए किसी चीज की अति अच्छी नहीं होती है इसलिए मेरे हिसाब से व्यक्ति का जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य प्रसन्न रहना चाहिए और दूसरों को प्रसन्न रखना चाहिए उसके अलावा बहुत से और जीवन में अध्यक्ष बना सकते हैं इससे संबंधित आपको जो करना है लेकिन मेरे हिसाब से सबसे उत्तम लक्ष्य है खुद प्रसन्न रहना दूसरों को प्रसन्न रखना साथ में अपना विकास करना समाज का विकास यह मेरी अपनी राय है आपकी राय से अलग हो सकती और भी लोगों की राय से अलग हो सकती है लेकिन डिंग प्रैक्टिकल मैन लॉजिकल में लाइट इफेक्ट अपने अनुभव को सारा निचोड़ करके मैया को बता रहा हूं कि जितने लॉजिकल लोग हैं जितने तार्किक लोग है जितने फैक्ट पसंद करने वाले लोग हैं अंततः किसी एक निचोड़ पर आ जाते हैं जैसे मैं भी इतनी छोड़ कर आ गया कि मेरे जीवन का लक्ष्य कोल्हू के बैल की तरह पीस पीस के नौकरी करके खड़ी रुपया कमाया नहीं होना चाहिए बल्कि सुखी रहना प्रसन्न रखना अपने आपको अपने परिवार को पसंद रखना अपना विकास करना अपने समाज का विकास करना यही सबसे जीवन का महान लक्ष्य हो सकता है मेरा यह सुझाव आपको पसंद है उसको लाइक करिएगा बहुत-बहुत धन्यवाद सुनने के लिए और समय देने के लिए मैं अभिषेक कुमार यादव वाराणसी से

mere bahut se mitra yah poochhte hain ki zindagi ka lakshya kya hona chahiye toh mitro aaj is bare me topic par charcha karunga main abhishek kumar yadav varanasi se tu jaisa ki hum baat karte hain ki bhagwan ne bahut badi gift me di hai yah hamara life aapko pata hai is brahmaand me kitne jeev hain usme sabse utkrasht chup rehna hai bhagwan ki vaah hai manav tu yah jo jeevan hamein mila hai na ise kisi acche karya me lagana chahiye ise mahaan lakshya ke liye iska prayog karna chahiye kisi bade lakshya ke liye prayog karna chahiye kisi chote ladke ke liye jeevan me bada banaye is baat se fark nahi padta ki aap kya lakshman aate hain is baat se zyada fark padta hai ki vaah lakshya bada hona chahiye aur aapke liye aur apne samaj ke vikas ke liye hona chahiye jisse aapka yah jeevan puri tarah se lage ki bhagwan ne jo aapko diya hai aapne uska yutilaijeshan kiya hai mere hisab se jo jeevan ka lakshya hona chahiye aadmi ka vikas karna hona chahiye aadmi ko har kshetra me apna vikas karna chahiye vikas ki aur jo vyakti jata hai vaah apne jeevan ko sabse bada lakshya pata hai ab vikas kis cheez ka bhi ka vikas pratyek chijon ka apne maukhik mulyon ka vikas apne parivarik mulyon ka vikas apne aarthik vikas kare apne samajik vikas kare desh ka vikas kai tarah ka vikas ho sakta hai lekin pehle swayam ka vikas hota hai par dusro ka vikas hota hai isliye jeevan ka lakshya hamare anusaar se prasann rehna hai aur aise karya karna hai jisse apna aur dusro ka vikas ho sake har vyakti ka apne apne lakh hote hain koi vyakti paida hote hi apna lakshya bana lena hai bana leta hai ki mujhe engineer banna hai mujhe doctor banna hai mujhe yah banna hai mujhe vaah karna hai kuch bhi bani hai aap agar aapka lakshya bada hai aur mahaan hai usse aapka aapke samaj ka vikas hota hai ki sabse accha jeevan ka isse accha lage koi ho nahi sakta lekin hamesha apni antaraatma ki awaaz sune hamesha prasann rehne ki koshish kare aur dusro ko prasann rakhne ki koshish kare koi aisa karya na kare jisse kisi bhi jeev ko kasht hoon mere sathi jeevan ka sabse bada desh hona chahiye ki aap kisi ko kasht na de kabhi apne aap ko prasann rakhne ki koshish kare dusre logo ko prasann rakhne ki koshish kare aur jo apne jeevan me iske alava jo apne paise se sambandhit jo apna lakshya banakar rakha hai ki aapko yah banna hai vaah banna engineer doctor bata tu bhi bana usko paane ki koshish kare lekin apne naitik mulyon ke paane ka jo lakshya hai isko kabhi mat chodiye jaayega kyonki jaise jaise samay badalta ja raha hai logo ke naitik mulya girte ja rahe hain toh naitik mulyon ka utthan zaroor hona chahiye kyonki jo hamara jeevan hai na equine ke 2 face ki tarah jisme ek side me acchai hoti dusre set me burayi hoti hai agar burayi apne charam par hogi acchai ka pata nahi jaega isliye acchai aur burayi ke beech me balance hona chahiye kisi cheez ki ati achi nahi hoti hai isliye mere hisab se vyakti ka jeevan ka sabse bada lakshya prasann rehna chahiye aur dusro ko prasann rakhna chahiye uske alava bahut se aur jeevan me adhyaksh bana sakte hain isse sambandhit aapko jo karna hai lekin mere hisab se sabse uttam lakshya hai khud prasann rehna dusro ko prasann rakhna saath me apna vikas karna samaj ka vikas yah meri apni rai hai aapki rai se alag ho sakti aur bhi logo ki rai se alag ho sakti hai lekin ding practical man logical me light effect apne anubhav ko saara nichod karke maiya ko bata raha hoon ki jitne logical log hain jitne tarkik log hai jitne fact pasand karne waale log hain antatah kisi ek nichod par aa jaate hain jaise main bhi itni chhod kar aa gaya ki mere jeevan ka lakshya kolhu ke bail ki tarah peace peace ke naukri karke khadi rupya kamaya nahi hona chahiye balki sukhi rehna prasann rakhna apne aapko apne parivar ko pasand rakhna apna vikas karna apne samaj ka vikas karna yahi sabse jeevan ka mahaan lakshya ho sakta hai mera yah sujhaav aapko pasand hai usko like kariega bahut bahut dhanyavad sunne ke liye aur samay dene ke liye main abhishek kumar yadav varanasi se

मेरे बहुत से मित्र यह पूछते हैं कि जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए तो मित्रो आज इस बारे म

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  240
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी कलश होना चाहिए मानव सेवा इमानदारी के साथ धनसंपदा का समाज की सेवा करना माता पिता की सेवा करना थोड़ा अध्यात्म की ओर ध्यान देना प्राणायामा कीजिए और अच्छी दिशा की ओर जाइए प्रकृति का आनंद लीजिए जितना अच्छे से अच्छे समाज सेवा और लोगों को खुशियां दे सभी खुशियां बांटे गए तो खुशियां मिलेंगी आपको यह जिंदगी का नक्शा चाहिए

zindagi kalash hona chahiye manav seva imaandari ke saath dhanasampada ka samaj ki seva karna mata pita ki seva karna thoda adhyaatm ki aur dhyan dena pranayama kijiye aur achi disha ki aur jaiye prakriti ka anand lijiye jitna acche se acche samaj seva aur logo ko khushiya de sabhi khushiya bante gaye toh khushiya milegi aapko yah zindagi ka naksha chahiye

जिंदगी कलश होना चाहिए मानव सेवा इमानदारी के साथ धनसंपदा का समाज की सेवा करना माता पिता की

Romanized Version
Likes  225  Dislikes    views  2577
WhatsApp_icon
user

Kaushik Chaitnya

Spiritual expert

2:21
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी का लक्ष्य हमेशा श्रेष्ठ होना चाहिए जिंदगी का लक्ष्य में सामान होना चाहिए जिंदगी का लक्ष्य मेरे अपने जीवन में क्या पाना है उसके अनुरूप होना चाहिए आप क्या बनना चाहते हैं पहले आपको यह निर्णय करना है आप क्या बनना चाहते हैं और जो आप बनना चाहते हैं स्वाभाविक तो भैया आपका लक्ष्य लक्ष्य कोई और बताएं इससे बेहतर है कि मुझे अपने से खुद से सवाल करना है खुद से पूछना है कि मुझे क्या बनना है मुझ में क्या बनने की योग्यता परमात्मा ने दी है मेरे मन बुद्धि और मेरे अंतःकरण में कैसी संभावनाएं हैं क्या मेरे भीतर असीमित संभावनाएं हैं या मेरे भीतर अनंत संभावनाएं हैं आवश्यकता अनुरूप मेरी मेरे अंदर की संभावना को वहां पर निवेश कर दिया जाए अर्थात कोई ऐसा मार्गदर्शक मिल जाए कोई ऐसा गुरु मिल जाए कोई ऐसा अरे जीवन में एक व्यक्ति आ जाए जो मेरी संभावनाओं को साकार करके सफलता में बदल दी इसलिए आप पहले अपने लक्ष्य को निर्धारित करें और लक्ष्य निर्धारित होने के बाद आप वैसे व्यक्ति की खोज करें जो आप की संभावनाओं को साकार रूप देकर आपको सफल करें और आपका लक्ष्य में सब भला हो महान हो बड़े लक्ष्य की दुनिया में जाने जाते हैं और मुझे जाना जाना है कभी निराश नहीं होना है वह बहुत सुंदर कवि की पंक्ति है कि नर हो न निराश करो मन को कुछ काम करो कुछ काम करो जग में रहकर कुछ नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो जिसमें यह जीवन व्यर्थ ना हो तो अपने समय को व्यर्थ नहीं करना समय का सदुपयोग करें ध्यान दें इस जीवन की सबसे कीमती वस्तु कोई है तो उस कीमती वस्तु का नाम है टाइम समय ही आपका जीवन है इसलिए इस समय को पहचानो और समय की कीमत और कद्र करें तो हमारी सफलता मेरे पास होगी आपके लिए कोई भी चीज असंभव नहीं है मनुष्य के लिए सारी चीजें संभव है चांद तारे पर ही जाता है मंगल पर जाता है वहां जीवन की खोज करता है मनुष्य इतने बड़े-बड़े काम करना कौन हमारे जैसे तो कोई मनुष्य करते हैं बस उस संभावना को तलाश कर अपने भीतर की योग्यता को आगे निखारें बहुत-बहुत अपना लक्ष्य महान और उच्च रखें

zindagi ka lakshya hamesha shreshtha hona chahiye zindagi ka lakshya me saamaan hona chahiye zindagi ka lakshya mere apne jeevan me kya paana hai uske anurup hona chahiye aap kya banna chahte hain pehle aapko yah nirnay karna hai aap kya banna chahte hain aur jo aap banna chahte hain swabhavik toh bhaiya aapka lakshya lakshya koi aur bataye isse behtar hai ki mujhe apne se khud se sawaal karna hai khud se poochna hai ki mujhe kya banna hai mujhse me kya banne ki yogyata paramatma ne di hai mere man buddhi aur mere antahkaran me kaisi sambhavnayen hain kya mere bheetar asimeet sambhavnayen hain ya mere bheetar anant sambhavnayen hain avashyakta anurup meri mere andar ki sambhavna ko wahan par nivesh kar diya jaaye arthat koi aisa margadarshak mil jaaye koi aisa guru mil jaaye koi aisa are jeevan me ek vyakti aa jaaye jo meri sambhavanaon ko saakar karke safalta me badal di isliye aap pehle apne lakshya ko nirdharit kare aur lakshya nirdharit hone ke baad aap waise vyakti ki khoj kare jo aap ki sambhavanaon ko saakar roop dekar aapko safal kare aur aapka lakshya me sab bhala ho mahaan ho bade lakshya ki duniya me jaane jaate hain aur mujhe jana jana hai kabhi nirash nahi hona hai vaah bahut sundar kavi ki pankti hai ki nar ho na nirash karo man ko kuch kaam karo kuch kaam karo jag me rahkar kuch naam karo yah janam hua kis arth aho jisme yah jeevan vyarth na ho toh apne samay ko vyarth nahi karna samay ka sadupyog kare dhyan de is jeevan ki sabse kimti vastu koi hai toh us kimti vastu ka naam hai time samay hi aapka jeevan hai isliye is samay ko pehchano aur samay ki kimat aur kadra kare toh hamari safalta mere paas hogi aapke liye koi bhi cheez asambhav nahi hai manushya ke liye saari cheezen sambhav hai chand taare par hi jata hai mangal par jata hai wahan jeevan ki khoj karta hai manushya itne bade bade kaam karna kaun hamare jaise toh koi manushya karte hain bus us sambhavna ko talash kar apne bheetar ki yogyata ko aage nikharen bahut bahut apna lakshya mahaan aur ucch rakhen

जिंदगी का लक्ष्य हमेशा श्रेष्ठ होना चाहिए जिंदगी का लक्ष्य में सामान होना चाहिए जिंदगी का

Romanized Version
Likes  30  Dislikes    views  255
WhatsApp_icon
user

Vinita Rastogi

Career Counsellor / Life Coach

1:10
Play

Likes  6  Dislikes    views  131
WhatsApp_icon
user

Neha Chaudhary

Health care professional

0:48
Play

Likes  12  Dislikes    views  120
WhatsApp_icon
user

Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

0:48
Play

Likes  180  Dislikes    views  4800
WhatsApp_icon
user

S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

2:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए तो देखिए हर व्यक्ति सबसे ज्यादा प्रेम करता मैं आपको अपने परिवार को तो हमारी जिंदगी का लक्ष्य होना चाहिए सबसे पहला अलग होना चाहिए कि हम अपने को बेहतर से बेहतर बनाएं हमारा जिंदगी का पहला जो कि हम इतनी उन्नत करें हमको इलेक्शन प्रदान करें और उस लक्ष्य को अचीव करें और सबसे पहले झाइयों ऊंचाइयों को छूने की कोशिश करें और किसी अच्छे मुकाम पर किसी अच्छे पद को प्राप्त करके लाइफ में सेटल हो जाए जिससे हमारे जो लड़की सदस्य हैं माता-पिता हैं और दूसरी रिश्तेदार हैं मित्र हैं यह सब हमारी ओर से निश्चिंत हो जाए पहले तो हमारे जीवन का लक्ष्य होना चाहिए आपको उन्नति अपनी उन्नति उसके बाद हमारा लक्ष्य होना चाहिए अपने परिवार की उन्नति व्यक्ति उन्नति करता है तो अपने मित्र वाले इनकी इनकी उन्नति इनकी खुशी के लिए कोशिश करता है इसके बाद फिर हमारा जीवन का लक्ष्य होना चाहिए कि समाज की उन्नति समाज के लिए अच्छे काम करना श्रेष्ठ कार्य करना यह हम अच्छी तरह से दिल है तो हमको यह देखना चाहिए कि गरीब बच्चों की कम से कम 2 बच्चों की हम पढ़ाई का पूरा दायित्व अपने ऊपर लेने टैलेंटेड बच्चे हैं धन के अभाव में पढ़ने की पढ़ाई का कम से कम ट्यूशन तक उनकी पढ़ाई का खर्चा हम लोग उठा ले कोई व्यक्ति असहाय है उसकी मदद करने की कोशिश करें कोई सा शासन की नीतियों से परिचित नहीं है जो लक्ष्य है शासन की कल्याणकारी योजनाओं से परिचित नहीं है उसको शासन की कल्याणकारी योजनाओं से पता चला है कि दर्द के आंसू पहुंचने उसके जीवन का प्रयास करें जिंदगी जो है उसमें सबसे पहले आप उन्नति उसके बाद अपने परिवार की समाज की उन्नति और उसके बाद में पूरी तरह से समाज सेवा में लग जाना चाहिए इससे जीवन में बहुत शांति मिलती है बहुत

zindagi ka lakshya kya hona chahiye toh dekhiye har vyakti sabse zyada prem karta main aapko apne parivar ko toh hamari zindagi ka lakshya hona chahiye sabse pehla alag hona chahiye ki hum apne ko behtar se behtar banaye hamara zindagi ka pehla jo ki hum itni unnat kare hamko election pradan kare aur us lakshya ko achieve kare aur sabse pehle jhaiyon unchaiyon ko chune ki koshish kare aur kisi acche mukam par kisi acche pad ko prapt karke life me settle ho jaaye jisse hamare jo ladki sadasya hain mata pita hain aur dusri rishtedar hain mitra hain yah sab hamari aur se nishchint ho jaaye pehle toh hamare jeevan ka lakshya hona chahiye aapko unnati apni unnati uske baad hamara lakshya hona chahiye apne parivar ki unnati vyakti unnati karta hai toh apne mitra waale inki inki unnati inki khushi ke liye koshish karta hai iske baad phir hamara jeevan ka lakshya hona chahiye ki samaj ki unnati samaj ke liye acche kaam karna shreshtha karya karna yah hum achi tarah se dil hai toh hamko yah dekhna chahiye ki garib baccho ki kam se kam 2 baccho ki hum padhai ka pura dayitva apne upar lene talented bacche hain dhan ke abhaav me padhne ki padhai ka kam se kam tuition tak unki padhai ka kharcha hum log utha le koi vyakti asahay hai uski madad karne ki koshish kare koi sa shasan ki nitiyon se parichit nahi hai jo lakshya hai shasan ki kalyaankari yojnao se parichit nahi hai usko shasan ki kalyaankari yojnao se pata chala hai ki dard ke aasu pahuchne uske jeevan ka prayas kare zindagi jo hai usme sabse pehle aap unnati uske baad apne parivar ki samaj ki unnati aur uske baad me puri tarah se samaj seva me lag jana chahiye isse jeevan me bahut shanti milti hai bahut

जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए तो देखिए हर व्यक्ति सबसे ज्यादा प्रेम करता मैं आपको अपने

Romanized Version
Likes  478  Dislikes    views  3468
WhatsApp_icon
user

Monika Sharma

Psychologist

0:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो सेंड मेरे हिसाब से जिंदगी का लक्ष्य प्रगति वादी होना और साथ ही साथ पीस लविंग होना होना चाहिए कि आप अपने लक्ष्य निर्धारित करें और उनको प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करें जिससे कि आप प्रगति की दिशा में बढ़ते जाएंगे मैं आपको अपने लक्ष्य मिलेंगे आगे चलकर आपको प्रसन्नता मिलेगी और साथ ही साथ मानसिक शांति संतोष यह बहुत जरूरी है तो प्रगतिवादी होना और मानसिक शांति के लिए प्रयास कर यह लक्ष बनाई अपनी जिंदगी का थैंक यू सो मच

hello send mere hisab se zindagi ka lakshya pragati wadi hona aur saath hi saath peace loving hona hona chahiye ki aap apne lakshya nirdharit kare aur unko prapt karne ke liye lagatar prayas kare jisse ki aap pragati ki disha mein badhte jaenge main aapko apne lakshya milenge aage chalkar aapko prasannata milegi aur saath hi saath mansik shanti santosh yah bahut zaroori hai toh pragativadi hona aur mansik shanti ke liye prayas kar yah lakshya banai apni zindagi ka thank you so match

हेलो सेंड मेरे हिसाब से जिंदगी का लक्ष्य प्रगति वादी होना और साथ ही साथ पीस लविंग होना होन

Romanized Version
Likes  135  Dislikes    views  2427
WhatsApp_icon
user

Shipra Ranjan

Life Coach

1:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप का सवाल है कि जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए है तो मेरे हिसाब से जिंदगी का लक्ष्य होना चाहिए है सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण जो होनी चाहिए है बाकी आप खुद को सेटिस्फाइड रखें मैंटली तौर पर मानसिक तौर पर आप जब तक खुद को सेटिस्फाइड नहीं रखेंगे तब तक आप उन्हें खुद खुश रह पाएंगे ना दूसरों को खुशियां दे पाएंगे खुद को खुश रखने का मतलब हर तरीके से है चाहे जॉब की बात कर ले चाय फैमिली मेंबर्स की बात करना चाहिए शिक्षक की बात करना चाहे किसी और चीज की बात कर ले हर चीज के बारे में जब तक आप खुद को सेटिस्फाइड नहीं करेंगे तब तक आप ना खुद खुश रह पाएंगे ना दूसरों को खुशियां दे पाएंगे खुद को खुश रखने के लिए हर तरीके से ऐसा काम करें जिसमें आप को सुकून मिलता हो आपको खुशी मिलती हो अगर जॉब की बात करी जाए तो कोई भी ऐसी जॉब जिसमें आपको सुकून नहीं मिलता है आप उसको लेकर रहे हैं उसको आप कुछ समय तक खींच सकते हैं और उसको करने से आप खुश नहीं रह सकते इसी तरीके की बात करी कोई भी ऐसा रिश्ता दोस्त या कोई भी ऐसी चीज जिसे आप जबरदस्ती खींच रहे हैं उसके साथ में आप कुछ समय तक ख़ुश रह सकते हैं जिनकी भर के साथ में सुकून नहीं भूल सकते यार आप ऐसी चीजों को ऐसे काम को रहते रिश्ते को निभाया जिसने आप खुद सुकून से रह सकें तभी आप खुद से खुश रह पाएंगे और दूसरों के साथ खुशियां बांट पाएंगे मेरी सबसे सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट जिंदगी में यही होना चाहिए आपका दिन शुभ रहे

aap ka sawaal hai ki zindagi ka lakshya kya hona chahiye hai toh mere hisab se zindagi ka lakshya hona chahiye hai sabse pehle aur sabse mahatvapurna jo honi chahiye hai baki aap khud ko setisfaid rakhen maintali taur par mansik taur par aap jab tak khud ko setisfaid nahi rakhenge tab tak aap unhe khud khush reh payenge na dusro ko khushiya de payenge khud ko khush rakhne ka matlab har tarike se hai chahen job ki baat kar le chai family members ki baat karna chahiye shikshak ki baat karna chahen kisi aur cheez ki baat kar le har cheez ke bare mein jab tak aap khud ko setisfaid nahi karenge tab tak aap na khud khush reh payenge na dusro ko khushiya de payenge khud ko khush rakhne ke liye har tarike se aisa kaam kare jisme aap ko sukoon milta ho aapko khushi milti ho agar job ki baat kari jaaye toh koi bhi aisi job jisme aapko sukoon nahi milta hai aap usko lekar rahe hain usko aap kuch samay tak khinch sakte hain aur usko karne se aap khush nahi reh sakte isi tarike ki baat kari koi bhi aisa rishta dost ya koi bhi aisi cheez jise aap jabardasti khinch rahe hain uske saath mein aap kuch samay tak khush reh sakte hain jinki bhar ke saath mein sukoon nahi bhool sakte yaar aap aisi chijon ko aise kaam ko rehte rishte ko nibhaya jisne aap khud sukoon se reh sake tabhi aap khud se khush reh payenge aur dusro ke saath khushiya baant payenge meri sabse sabse zyada important zindagi mein yahi hona chahiye aapka din shubha rahe

आप का सवाल है कि जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए है तो मेरे हिसाब से जिंदगी का लक्ष्य होन

Romanized Version
Likes  164  Dislikes    views  3850
WhatsApp_icon
user

Rimjhim Singh

Behavioral Science, Personality Development, Soft Skills, English Language, V&A, IELTS, TOEFL, PTE Trainer; PET, Life Reinvent Coach & Motivational Speaker

2:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी का क्या लक्ष्मणा चाहिए सवाल बहुत ही इंपॉर्टेंट से पर सबसे अच्छी बात यहां यह है कि आप पहले ही मान चुके हैं कि इस जिंदगी का पैरामाउंट इंपॉर्टेंट वहां से शुरू होता है कि आपके जीवन में लग तो जरूर ही हो लक्ष्य का होना बेहद आवश्यक है ना अब लक्ष्य कैसे डिसाइड करें हर इंसान का कुछ इस प्रकार से होना चाहिए कि वह गिविंग रहे देने में परोपकार का लक्षणा चाहिए यहां अमूमन लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि भाई देने का मतलब तो दान है देने का मतलब है कि मुझे कहीं ना कहीं पैसा आया चीजें देनी पड़ेगी नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है तेरे से मेरा मतलब है कि अगर आप बहुत अच्छा आपके गुरु है टीचर है बहुत अच्छा पढ़ाते हैं सब अपने काम में हंड्रेड पसंद है आपके बढ़ मेरे बच्चे को फिर उसी चीज को पढ़ने के लिए दोबारा ट्यूशन है कहीं आना जाना पड़े अगर आप क्लास में जाकर बढ़ा रहे हैं तो बच्चे को न सिर्फ अपने सब्जेक्ट नॉलेजेबल कि बच्चे को आप अच्छे संस्कार अच्छी बातें सिखाएं अगर आप माता है तो बच्चे को एक अच्छे बेहतर भविष्य के लिए उससे कपूर कपूर के लड्डू गोपाल नहीं बनाए बल्कि उस बच्चे को अच्छे बुरे अनुभवों से मिलने वाली सीख को समझने में कोशिश करें यह ना हो कि बच्चा बुरी चीजों बुरे अनुभवों को कड़वे अनुभव समझ के अपने मन में बैठा ले अब उसे बताएं जीवन में उतार-चढ़ाव और कैसे जरूरी है हम बच्चों का mp3 सीखना है इसका मतलब यह होता है कि अगर हम दूसरे की जगह होते तो हम क्या करते हैं उसी तरीके से अगर आप एक बैंकर हैं अगर आप इंजीनियर है अगर आप एक डॉक्टर है फॉर द मैटर ग्राफिंग मजदूर भी हैं अगर आप एक माली भी हैं तो आप अपना काम ऐसे करें कि आपका काम ना सिर्फ सुकली किया गया बल्कि पूरे मन से अपने समर्पित होकर किया है कि आप यह जरूर देखें कि पेड़ लगाना मेरा काम नहीं है फिर फिर मेरा माली होने के तहत मेरा यह काम है किस पेड़ की रक्षा भी मैं ही करूं उस पेड़ को बड़े होने में मदद भी मैं करूं अपना हंड्रेड परसेंट दो अगर आपकी मिठाई की दुकान है तो फिर आपका कर्तव्य यह बनता है कि आप उस मिठाई में किसी इस तरह की चीज ना जाने दे जो कि खाने वाले के स्वास्थ्य को खराब करें तो जीवन का लक्ष्य देने का होना चाहिए और देने का आदेश से वाया मनुष्य के इंसानियत के कुछ फर्ज निभाने के लिए हमें पैसा या कोई दान देने की जरूरत नहीं है अगर हम अपना कार्य पूरी ईमानदारी से करते हैं अपना हंड्रेड परसेंट देते हैं अपनी फील्ड में तो मुझे लगता है कि आप अपने जीवन के लक्ष्य के अचीवमेंट के बहुत करीब पहुंच चुके हैं धन्यवाद

zindagi ka kya lakshmana chahiye sawaal bahut hi important se par sabse achi baat yahan yah hai ki aap pehle hi maan chuke hain ki is zindagi ka paramount important wahan se shuru hota hai ki aapke jeevan mein lag toh zaroor hi ho lakshya ka hona behad aavashyak hai na ab lakshya kaise decide kare har insaan ka kuch is prakar se hona chahiye ki vaah giving rahe dene mein paropkaar ka lakshanaa chahiye yahan amuman log confuse ho jaate hain ki bhai dene ka matlab toh daan hai dene ka matlab hai ki mujhe kahin na kahin paisa aaya cheezen deni padegi nahi aisa bilkul bhi nahi hai tere se mera matlab hai ki agar aap bahut accha aapke guru hai teacher hai bahut accha padhate hain sab apne kaam mein hundred pasand hai aapke badh mere bacche ko phir usi cheez ko padhne ke liye dobara tuition hai kahin aana jana pade agar aap kashi mein jaakar badha rahe hain toh bacche ko na sirf apne subject knowledgeable ki bacche ko aap acche sanskar achi batein sikhaye agar aap mata hai toh bacche ko ek acche behtar bhavishya ke liye usse kapur kapur ke laddu gopal nahi banaye balki us bacche ko acche bure anubhavon se milne wali seekh ko samjhne mein koshish kare yah na ho ki baccha buri chijon bure anubhavon ko kadve anubhav samajh ke apne man mein baitha le ab use bataye jeevan mein utar chadhav aur kaise zaroori hai hum baccho ka mp3 sikhna hai iska matlab yah hota hai ki agar hum dusre ki jagah hote toh hum kya karte hain usi tarike se agar aap ek banker hain agar aap engineer hai agar aap ek doctor hai for the matter graphing majdur bhi hain agar aap ek maali bhi hain toh aap apna kaam aise kare ki aapka kaam na sirf sukli kiya gaya balki poore man se apne samarpit hokar kiya hai ki aap yah zaroor dekhen ki ped lagana mera kaam nahi hai phir phir mera maali hone ke tahat mera yah kaam hai kis ped ki raksha bhi main hi karu us ped ko bade hone mein madad bhi main karu apna hundred percent do agar aapki mithai ki dukaan hai toh phir aapka kartavya yah baata hai ki aap us mithai mein kisi is tarah ki cheez na jaane de jo ki khane waale ke swasthya ko kharab kare toh jeevan ka lakshya dene ka hona chahiye aur dene ka aadesh se vaya manushya ke insaniyat ke kuch farz nibhane ke liye hamein paisa ya koi daan dene ki zarurat nahi hai agar hum apna karya puri imaandaari se karte hain apna hundred percent dete hain apni field mein toh mujhe lagta hai ki aap apne jeevan ke lakshya ke achievement ke bahut kareeb pohch chuke hain dhanyavad

जिंदगी का क्या लक्ष्मणा चाहिए सवाल बहुत ही इंपॉर्टेंट से पर सबसे अच्छी बात यहां यह है कि आ

Romanized Version
Likes  162  Dislikes    views  2976
WhatsApp_icon
user

Manish Sharma

Hypnotherapist and Founder, SecondSightIndia

0:60
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब बोलकर बताती जिंदगी का क्या गुण होना चाहिए तो मैं डिसाइड यही करूंगा कि किस डे में आपको पूछ रहे हैं अगर आप लाइफ में सक्सेस होने के लिए कोई बोल पूछ रहा है सब लक्ष्य ऐसा बनाइए जिसमें आप जा महारत हासिल हो जिसका में आपका महारत हासिल है जो काम आपको बहुत अच्छे से आता हूं उसी हिसाब से अपना लक्ष्य बनाइए नक्शा होना चाहिए या नहीं पता है लेकिन लक्ष्य आप ही बनाओगे यह है कि आपके अंदर जो कैपेबिलिटी सबसे ज्यादा हो उस तरीके का लक्ष्य बनाइए और मैं आपको एक भूखंड करूंगा जो कि आपके सवाल के नाम से यह लक्ष्य लक्ष्य बुक पढ़िए आपको सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे क्योंकि लक्ष्यों पर बोलना स्टार्ट करें तो 1 घंटे का टाइम जाएगा यहां शॉर्ट में जवाब देना होते तो 1 मिनट के अंदर आपको जवाब दिया जा रहा है बाकी में एक पूरा ऑडियो 10 मिनट तक का बोलूंगा शायद कल या परसों में आपको इसका जवाब पूरा कंपलीट मिल पाएगा

jab bolkar batati zindagi ka kya gun hona chahiye toh main decide yahi karunga ki kis day mein aapko puch rahe hain agar aap life mein success hone ke liye koi bol puch raha hai sab lakshya aisa banaiye jisme aap ja maharat hasil ho jiska mein aapka maharat hasil hai jo kaam aapko bahut acche se aata hoon usi hisab se apna lakshya banaiye naksha hona chahiye ya nahi pata hai lekin lakshya aap hi banaaoge yah hai ki aapke andar jo capability sabse zyada ho us tarike ka lakshya banaiye aur main aapko ek bhukhand karunga jo ki aapke sawaal ke naam se yah lakshya lakshya book padhiye aapko saare sawalon ke jawab mil jaenge kyonki lakshyon par bolna start kare toh 1 ghante ka time jaega yahan short mein jawab dena hote toh 1 minute ke andar aapko jawab diya ja raha hai baki mein ek pura audio 10 minute tak ka boloonga shayad kal ya parso mein aapko iska jawab pura complete mil payega

जब बोलकर बताती जिंदगी का क्या गुण होना चाहिए तो मैं डिसाइड यही करूंगा कि किस डे में आपको प

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  182
WhatsApp_icon
user

Mausam Babbar and, Dr. Rishu Singh

Managing Directors - Risham IAS Academy

8:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यह बहुत ही अच्छी कली अगर मैं इस बात को यह सवाल को मैं बात करूं तो यह बहुत ही अच्छी कली एक करेक्ट सवाल है हेमंत चले जा इंसानों के लिए कि जो उनकी जिंदगी है जो लाइफ है उसका मोटिव क्या है या उसका पर्स हम कैसे डिफाइन करें तो देखिए मैं यूपीएससी के कंटेस्ट में आपको बताना चाहूंगा कि एक सिविल सर्वेंट को जब यूपीएससी ने है आपका जो पेपर का मॉडल है जब उसमें जनरल स्टडीज फॉर को इनकल्केट्स किया है इसमें वह एथिक्स इंटीग्रिटी और एटीट्यूड की बात करते हैं तो मैं आपको बताना चाहूंगा कि यूपीएससी कैंडिडेट के लाइफ में बहुत बार ऐसा होता है कि जब वह जो ग्राफी को पढ़ते हुए या हिस्ट्री को पढ़ते हुए इकॉनमी को पढ़ते हुए या फिर क्वॉलिटी को पढ़ते हुए इस बात को रियल आइज करता है कि हमारे देश में जितनी भी प्रॉब्लम है अगर मैं बात करूं करप्शन कि यह मैं बात करूं और पावर्टी की गरीबी की या मैं एनिमल कमेंट की बात करूं या मैं वूमेन एंपावरमेंट से बात करूं हरिया में और भी बहुत सारी प्रॉब्लम के बारे में अगर मैं इस बारे में मैं आपको बताऊं तो कई बार लगता है कि इसका कोई सलूशन नहीं है या फिर अगर मैं बात करूं तो हरे कैंडिडेट जब अपनी तैयारी कर रहा होता है तो देखिए वह बहुत बड़े प्रिंसिपल्स को स्टडी करके जाता है उसे पता होता है कि मुझे इंटीग्रल होना है या मुझे हमेशा मेटल कॉर्पोरेशन के साथ काम करना है मुझे एटीट्यूड नहीं प्रॉब्लम में नहीं फंसना है या मैं बात करूं तो मुझे हमेशा कंपैशनेट रहना है कि मुझे लोगों के लिए MP3 का प्रयोग के तहत काम करना है हर एक प्रश्न का हर एक इंसान का नया पर आपको बताना चाहूंगा कि जो लाइफ का एक मोटिव है वह अलग अलग है मैं बात कर लूंगा देखिए टीचर इन सबसे पहले तो अगर मैं बात करूं कि हमारे हिंदुस्तान के जितने भी टीचर हैं जो कि यूपीएससी में ही अगर इन वर्ल्ड में तो मैं उनको बताना चाहूंगा कि अगर कोई भी यूपीएससी का कैंडिडेट आगे आईएएस या आईपीएस सेंट्रल गवर्नमेंट की पोस्ट पर नौकरी कर रहा और उसके बावजूद भी देखिए अगर वह करप्ट हो रहा है या वो किसी स्कैंडल में फंस रहा है तो मुझे लगता है कि उस बच्चे की या जो वह सिविल सर्विसेस का कैंडिडेट है उसकी गलती नहीं है जो उसके आइडियल है जो उसके इस ओर हैं जिन विचारों के ऊपर या जिन सिद्धांतों के ऊपर वह चल रहा है वहीं स्ट्रांग नहीं है या इतनी ज्यादा इनेबल नहीं कर रहे हो उस आदमी को या वह इंसान को जो उसको रोक सकें कि उसको क्या करना है क्योंकि उसकी लाइफ की ज्वेलरी है जब वह इतनी बड़ी पोस्ट पर बैठा है अगर आप लोगों के लिए काम करने के लिए देखिए सोच रहे हैं क्योंकि जब ए कैंडिडेट तैयारी करने लगता है तो उसे लगता है कि मैं देश का भला कर लूंगा या मुझे कुछ करना चाहिए तो देखिए कुछ प्रॉब्लम क्या जाने की वजह से या कुछ चीज हो पा रही है तो मुझे लगता है कि यह बहुत ही दयनीय बात है हमारे लिए कि हम अपने लक्ष्य से हम अपने मोटिफ से भटक रहे हैं कि जैसे देखिए अपने कहा है कि लक्ष्य होना ही क्या चाहिए तो हर एक प्रश्न का जैसे मैंने शुरूआत में ही कहा आपको कि हर एक आदमी का जो मोटिव है वो अलग होता है उसको पहचानना को बहुत जल्दी अमल में लेकर आना देखिए बहुत बड़ी बात है अगर आप अपने मोटे को जान गए हैं या मैं अगर बात करूं कि आप आईएएस बनना चाहते हैं तो देखी आपने जो वैल्यू से आपके जो मोरल में आपके जो प्रिंसिपल आप उनसे भटके मत आप उन पर हमेशा रहे जैसे मैंने पहले भी अपने सवालों में देखकर बताया है आईएएस की तैयारी देखिए सिर्फ एग्जाम पास करने के लिए के लिए नहीं है क्योंकि जो आपकी पोस्ट है वह सिविल सर्वेंट की है आप लोगों के नौकर क्या लाए जाते हैं तो हम उसके बाद जब देखते हैं कि आपके जो ब्यूरोक्रेट्स नहीं आपके जो आईएएस आईपीएस अफसर शाही की तरह अगर जी रहे हैं तो देखिए जो उनको हमारे संविधान के वजह से जो पावर मिल रही है जो अथॉरिटी मिल रही है जो प्रेस्टीज मिल रही है मैं यह नहीं कहूंगा देखिए कि उस प्रेस्टीज को आप तो करा दीजिए क्योंकि आपने मेहनत क्या है इतने साल जो हो सकता है शायद कोई और ना करें तो आप उस चीज को डिस्टर्ब करते हैं पर मैं यह जरूर कहूंगा कि देखिए आप एक इंसान है और अगर आप देश की सेवा करने के लिए देखिए उस पोस्ट पर गए हैं और अगर आपको लगता है कि आप सिविल सर्वेंट हैं और पब्लिक रिलेशंस आपके बहुत अच्छे होने चाहिए तो मुझे यह लगता है कि एक यूपीएससी कैंडिडेट के आधार पर आपका जिंदगी का लक्ष्य होना चाहिए कि मुझे लाख तक लोगों की सेवा करनी है क्योंकि जो सेटिस्फेक्शन जो एक मैं कहूंगा कि संपूर्ण राजस्व आपको उसी से आ सकती है वह हो सकता है किसी और चीज से ही देखिए हमारे सब के कुछ काम है जो जिंदगी में हमारे होते हैं अगर मैं एक स्टूडेंट की बात करूं जो यूपीएससी की तैयारी कर रहा है आईएएस बनने से पहले तो उसका देख ले कुछ कर्तव्य उसको जो है अपने रूठ के ऊपर यार डिसिप्लिन के ऊपर देखिए हमेशा रहना चाहिए तो उस पर शंका मोटे उस टाइम के लिए देखेगी ही बन जाता है कि मुझे जो पढ़ना है जो मैं पढ़ रहा हूं मुझे कुछ सीखने के लिए करना है मुझे हमेशा कुछ नया जानने के लिए देखें और पढ़ना है या मैं अगर इस बात को और भी ज्यादा महत्वपूर्ण लाने की बात करूंगा कि मैं आपको बताऊंगा कि एक स्टूडेंट को हमेशा से लगना चाहिए कि मैंने जो सीखा है या जो भी मैं यूपीएससी की स्टैंडर्ड बुक सही एनसीआरटी से अपने समाज की पढ़ाई करके या अपने इतिहास के बारे में जानकर या अपने देश की अर्थव्यवस्था के बारे में जान के कुछ सीख गया हूं तो मैं आपको हमेशा यह कहना चाहूंगा कि देखिए आप चाहे किसी भी कोने में हिंदुस्तान में है आप उस चीज से अगर अपने समाज का देख कर भला नहीं कर पा रहे हैं तो उस लर्निंग का या उसे डिप्रेशन का देखे कोई फायदा नहीं है कोई लाभ नहीं है क्योंकि देखिए दो और ऐसा आ गया है कि जब हमें अपने इतिहास की तरफ अपने पीछे एक बार फिर से देखना पड़ेगा जिसे मेडिकल में मॉडर्न हिस्ट्री में हमारे पास टॉपिक्स भी आते हैं और भक्ति गम के सुख से जमके या इंडियन रेनेसां के रिफॉम्रिज्म रिवाइवलिज्म के नाम पर तो आज बुधवार है जब आपको रिफॉर्म करने के लिए फिर से जरूरत है हमारे दिमाग में देखिए जो आइडियल हमारे होने चाहिए रचना लिटी के और वेद धमके और एक्सीलेंट के रीडिंग और राइटिंग के तो मुझे लगता है कि आपको यह बहुत ही ज्यादा फिर से एक जरूरत आन पड़ी है हमारे ऊपर कि हम इन चीजों को आप होल्ड करें और एक ऐसे समाज की कल्पना करें हम ना सिर्फ कल्पना करें और हम ही लोग हैं जिन्होंने अपने देश के लक्ष्य को समझना है और उसके ऊपर काम करना है जो ना सिर्फ हम कल्पना करें और अपने समाज को बेहतरीन बनाने के प्रति काम भी करें तो मुझे देखिए सबसे संपूर्ण और सबसे महत्वपूर्ण बात यही लगती है एक इंसान के लिए आप तो टीचर हैं आप से डॉक्टर हैं आप चाहे किसी भी व्यवसाय में तो देखिए मैं आपको हमेशा से यही राय देना चाहूंगा कि आप किसी भी काम में अगर आप अपने काम से आप अपने ज्ञान से आप अपनी समझ से अगर देखे किसी का भला कर सकते हैं और अपने समाज में एक बेहतरीन छाप छोड़ सकते हैं आप आप अगर अपने आप को दे हमेशा रोल मॉडल मानेंगे ताकि अगर मुझे देख कर कोई और फॉलो करें तो मुझे लगता है उससे बड़ा लक्ष्य आपकी जिंदगी और कोई भी और हो नहीं सकता तो मेरी शुभकामनाएं देकर आपके साथ हैं आप जिस भी काम आप स्टूडेंट है तो देखिए आपके लिए बेस्ट ऑफ लक आप जिस भी चीज में है हमेशा लर्निंग को ध्यान में रखकर पड़े रीडिंग और राइटिंग पर हमेशा ध्यान दें हमारे जिंदगी में इंसान के लिए यह दो की चीजें देखी एक जरूरी है और हम हिंदी में भी इसी के बारे में बात करते हैं कि पढ़ना और लिखना चाहिए यह जो आज की चीजें देखी चल रही है मैं यह नहीं कहूंगा कि यह किसी काम की नहीं है पर मैं आपको यह भी बताना जरूर जाऊंगा इन्होंने जो हमारे समाज को आज की डेट में बनाया है वह बहुत ज्यादा पॉजिटिव भी नहीं है तो वॉयसबनी मैं कहूंगा विजडम को पैक टाइप कीजिए समझ जरूर रखी है आज के डेट में जो भी हो रहा है पर इतने अधीन मत हो जाएगी मैं फिर से उस बात को रिपीट करूंगा कि आप अगर जिंदगी का लक्ष्य ही नहीं अपना पहचान पाए और अगर पहचान पाए तो आज की वजह से अगर आप अपना लक्ष्य ही भूल गए तो मेरे इंसान की सबसे बड़ी हार है तो आप अपनी लाइफ में बहुत आगे जाएं थैंक यू सो मच

dekhiye yah bahut hi achi kalee agar main is baat ko yah sawaal ko main baat karu toh yah bahut hi achi kalee ek correct sawaal hai hemant chale ja insano ke liye ki jo unki zindagi hai jo life hai uska motive kya hai ya uska purse hum kaise define kare toh dekhiye main upsc ke kantest mein aapko bataana chahunga ki ek civil servant ko jab upsc ne hai aapka jo paper ka model hai jab usme general studies for ko inakalkets kiya hai isme vaah ethics integrity aur attitude ki baat karte hai toh main aapko bataana chahunga ki upsc candidate ke life mein bahut baar aisa hota hai ki jab vaah jo graafi ko padhte hue ya history ko padhte hue economy ko padhte hue ya phir quality ko padhte hue is baat ko real eyez karta hai ki hamare desh mein jitni bhi problem hai agar main baat karu corruption ki yah main baat karu aur poverty ki garibi ki ya main animal comment ki baat karu ya main women empowerment se baat karu hariya mein aur bhi bahut saree problem ke bare mein agar main is bare mein main aapko bataun toh kai baar lagta hai ki iska koi salution nahi hai ya phir agar main baat karu toh hare candidate jab apni taiyari kar raha hota hai toh dekhiye vaah bahut bade principles ko study karke jata hai use pata hota hai ki mujhe integral hona hai ya mujhe hamesha metal corporation ke saath kaam karna hai mujhe attitude nahi problem mein nahi fansana hai ya main baat karu toh mujhe hamesha compassionate rehna hai ki mujhe logo ke liye MP3 ka prayog ke tahat kaam karna hai har ek prashna ka har ek insaan ka naya par aapko bataana chahunga ki jo life ka ek motive hai vaah alag alag hai baat kar lunga dekhiye teacher in sabse pehle toh agar main baat karu ki hamare Hindustan ke jitne bhi teacher hai jo ki upsc mein hi agar in world mein toh main unko bataana chahunga ki agar koi bhi upsc ka candidate aage IAS ya ips central government ki post par naukri kar raha aur uske bawajud bhi dekhiye agar vaah corrupt ho raha hai ya vo kisi scandal mein fans raha hai toh mujhe lagta hai ki us bacche ki ya jo vaah civil services ka candidate hai uski galti nahi hai jo uske ideal hai jo uske is aur hai jin vicharon ke upar ya jin siddhanto ke upar vaah chal raha hai wahi strong nahi hai ya itni zyada enable nahi kar rahe ho us aadmi ko ya vaah insaan ko jo usko rok sake ki usko kya karna hai kyonki uski life ki jewellery hai jab vaah itni baadi post par baitha hai agar aap logo ke liye kaam karne ke liye dekhiye soch rahe hai kyonki jab a candidate taiyari karne lagta hai toh use lagta hai ki main desh ka bhala kar lunga ya mujhe kuch karna chahiye toh dekhiye kuch problem kya jaane ki wajah se ya kuch cheez ho paa rahi hai toh mujhe lagta hai ki yah bahut hi dayaniye baat hai hamare liye ki hum apne lakshya se hum apne motif se bhatak rahe hai ki jaise dekhiye apne kaha hai ki lakshya hona hi kya chahiye toh har ek prashna ka jaise maine shuruat mein hi kaha aapko ki har ek aadmi ka jo motive hai vo alag hota hai usko pahachanana ko bahut jaldi amal mein lekar aana dekhiye bahut baadi baat hai agar aap apne mote ko jaan gaye hai ya main agar baat karu ki aap IAS bana chahte hai toh dekhi aapne jo value se aapke jo moral mein aapke jo principal aap unse bhatke mat aap un par hamesha rahe jaise maine pehle bhi apne sawalon mein dekhkar bataya hai IAS ki taiyari dekhiye sirf exam paas karne ke liye ke liye nahi hai kyonki jo aapki post hai vaah civil servant ki hai aap logo ke naukar kya laye jaate hai toh hum uske baad jab dekhte hai ki aapke jo bureaucrats nahi aapke jo IAS ips officer shahi ki tarah agar ji rahe hai toh dekhiye jo unko hamare samvidhan ke wajah se jo power mil rahi hai jo authority mil rahi hai jo prestige mil rahi hai yah nahi kahunga dekhiye ki us prestige ko aap toh kara dijiye kyonki aapne mehnat kya hai itne saal jo ho sakta hai shayad koi aur na kare toh aap us cheez ko disturb karte hai par main yah zaroor kahunga ki dekhiye aap ek insaan hai aur agar aap desh ki seva karne ke liye dekhiye us post par gaye hai aur agar aapko lagta hai ki aap civil servant hai aur public rileshans aapke bahut acche hone chahiye toh mujhe yah lagta hai ki ek upsc candidate ke aadhaar par aapka zindagi ka lakshya hona chahiye ki mujhe lakh tak logo ki seva karni hai kyonki jo setisfekshan jo ek main kahunga ki sampurna rajaswa aapko usi se aa sakti hai vaah ho sakta hai kisi aur cheez se hi dekhiye hamare sab ke kuch kaam hai jo zindagi mein hamare hote hai agar main ek student ki baat karu jo upsc ki taiyari kar raha hai IAS banne se pehle toh uska dekh le kuch kartavya usko jo hai apne rooth ke upar yaar discipline ke upar dekhiye hamesha rehna chahiye toh us par shanka mote us time ke liye dekhenge hi ban jata hai ki mujhe jo padhna hai jo main padh raha hoon mujhe kuch sikhne ke liye karna hai mujhe hamesha kuch naya jaanne ke liye dekhen aur padhna hai ya main agar is baat ko aur bhi zyada mahatvapurna lane ki baat karunga ki main aapko bataunga ki ek student ko hamesha se lagna chahiye ki maine jo seekha hai ya jo bhi main upsc ki standard book sahi ncert se apne samaj ki padhai karke ya apne itihas ke bare mein jaankar ya apne desh ki arthavyavastha ke bare mein jaan ke kuch seekh gaya hoon toh main aapko hamesha yah kehna chahunga ki dekhiye aap chahen kisi bhi kone mein Hindustan mein hai aap us cheez se agar apne samaj ka dekh kar bhala nahi kar paa rahe hai toh us learning ka ya use depression ka dekhe koi fayda nahi hai koi labh nahi hai kyonki dekhiye do aur aisa aa gaya hai ki jab hamein apne itihas ki taraf apne peeche ek baar phir se dekhna padega jise medical mein modern history mein hamare paas topics bhi aate hai aur bhakti gum ke sukh se jamake ya indian renesan ke rifamrijm rivaivalijm ke naam par toh aaj budhavar hai jab aapko reform karne ke liye phir se zarurat hai hamare dimag mein dekhiye jo ideal hamare hone chahiye rachna liti ke aur ved dhamake aur excellent ke reading aur writing ke toh mujhe lagta hai ki aapko yah bahut hi zyada phir se ek zarurat Aan padi hai hamare upar ki hum in chijon ko aap hold kare aur ek aise samaj ki kalpana kare hum na sirf kalpana kare aur hum hi log hai jinhone apne desh ke lakshya ko samajhna hai aur uske upar kaam karna hai jo na sirf hum kalpana kare aur apne samaj ko behtareen banne prati kaam bhi kare toh mujhe dekhiye sabse sampurna aur sabse mahatvapurna baat yahi lagti hai ek insaan ke liye aap toh teacher hai aap se doctor hai aap chahen kisi bhi vyavasaya mein toh dekhiye main aapko hamesha se yahi rai dena chahunga ki aap kisi bhi kaam mein agar aap apne kaam se aap apne gyaan se aap apni samajh se agar dekhe kisi ka bhala kar sakte hai aur apne samaj mein ek behtareen chhaap chod sakte hai aap aap agar apne aap ko de hamesha roll model manenge taki agar mujhe dekh kar koi aur follow kare toh mujhe lagta hai usse bada lakshya aapki zindagi aur koi bhi aur ho nahi sakta toh meri subhkamnaayain dekar aapke saath hai aap jis bhi kaam aap student hai toh dekhiye aapke liye best of luck aap jis bhi cheez mein hai hamesha learning ko dhyan mein rakhakar pade reading aur writing par hamesha dhyan de hamare zindagi mein insaan ke liye yah do ki cheezen dekhi ek zaroori hai aur hum hindi mein bhi isi ke bare mein baat karte hai ki padhna aur likhna chahiye yah jo aaj ki cheezen dekhi chal rahi hai yah nahi kahunga ki yah kisi kaam ki nahi hai par main aapko yah bhi bataana zaroor jaunga inhone jo hamare samaj ko aaj ki date mein banaya hai vaah bahut zyada positive bhi nahi hai toh vayasabani main kahunga wisdom ko pack type kijiye samajh zaroor rakhi hai aaj ke date mein jo bhi ho raha hai par itne adheen mat ho jayegi main phir se us baat ko repeat karunga ki aap agar zindagi ka lakshya hi nahi apna pehchaan paye aur agar pehchaan paye toh aaj ki wajah se agar aap apna lakshya hi bhool gaye toh mere insaan ki sabse baadi haar hai toh aap apni life mein bahut aage jaye thank you so match

देखिए यह बहुत ही अच्छी कली अगर मैं इस बात को यह सवाल को मैं बात करूं तो यह बहुत ही अच्छी क

Romanized Version
Likes  137  Dislikes    views  2445
WhatsApp_icon
user

Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

2:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि जीवन का लक्ष्य क्या होना चाहिए देखिए जीवन का लक्ष्या पर्पस ऑफ़ लाइफ यह एक ऐसा टॉपिक है जिसमें हम किसी के भी जीवन का लक्ष्य नहीं आ डिफाइन कर सकते हैं तो पहली चीज यह समझिए के जीवन का लक्ष्य आपका या हो मेरा या किसी और का भी वह बनता है इंसान के अपने सोच अपने कुछ लोग अपने धर्म से अपना लक्ष्य लेते हैं कुछ लोग अपने कर्म से लेते हैं किसी की ट्रेनिंग होती है परवरिश है उसमें उनकी जैसी भी जीवन की स्थिति परिस्थितियां रही उस हिसाब से उनका लक्ष्य बनता है कोई करियर में अपना लक्ष्य बनाता है किसी को रिश्ते में बनना कामयाब बनाना है किसी को किसी को कुछ अलग ही हटके करना है तो हर इंसान की क्योंकि जीवन अलग होता है परिस्थितियां अलग होती हैं जिसमें वह अर्जुन के साथ और कुत्ते बैठे रहते हैं उनकी सोच उनके विचार धाराएं अलग होती है उसी तरह हर इंसान का जीवन का लक्ष्य पालक होता है वह और जिसका मतलब किसी एक का सॉरी किसी एक इंसान का जो लक्ष्य जरूरी नहीं हर एक का वही हो और सबका अलग अलग है सबका जीवन अलग है तो आप का क्या लक्ष्य होना चाहिए जीवन का यह मुझसे ज्यादा आप खुद डिसाइड करोगे हां आप यह कोचिंग के जरिए पता कर सकते हो क्या आप को अपना लक्ष्य बनाना कैसे क्रिकेट कोच में एक्सपर्ट होते हैं मैं खुद एक लाइट को छुड़ाया और मेरे बहुत से क्लाइंट्स को मैंने हेल्प किया है इसमें जब हमारे पास आते हैं हमारे प्रोग्राम है पर्पस ऑफ़ लाइफ तो जिसमें 15 सेशन सोते हैं जिसके थ्रू हम उन्हें कुछ क्वेश्चन आंसर देते हैं सवाल और जवाब और कुछ दूसरे टूल्स इसके जरिए वह अपना लक्ष्य जीवन का खुद डिफाइन कर लेते हैं तो यह किया जा सकता है लेकिन क्या होना चाहिए वह खुद इंसान उसकी परिभाषा लिखता है कोई और उसे नहीं समझा सकता धन्यवाद

aapka sawaal hai ki jeevan ka lakshya kya hona chahiye dekhiye jeevan ka lakshya purpose of life yah ek aisa topic hai jisme hum kisi ke bhi jeevan ka lakshya nahi aa define kar sakte hain toh pehli cheez yah samjhiye ke jeevan ka lakshya aapka ya ho mera ya kisi aur ka bhi vaah banta hai insaan ke apne soch apne kuch log apne dharm se apna lakshya lete hain kuch log apne karm se lete hain kisi ki training hoti hai parvarish hai usme unki jaisi bhi jeevan ki sthiti paristhiyaann rahi us hisab se unka lakshya banta hai koi career mein apna lakshya banata hai kisi ko rishte mein banna kamyab banana hai kisi ko kisi ko kuch alag hi hatake karna hai toh har insaan ki kyonki jeevan alag hota hai paristhiyaann alag hoti hain jisme vaah arjun ke saath aur kutte baithe rehte hain unki soch unke vichar dharayen alag hoti hai usi tarah har insaan ka jeevan ka lakshya paalak hota hai vaah aur jiska matlab kisi ek ka sorry kisi ek insaan ka jo lakshya zaroori nahi har ek ka wahi ho aur sabka alag alag hai sabka jeevan alag hai toh aap ka kya lakshya hona chahiye jeevan ka yah mujhse zyada aap khud decide karoge haan aap yah coaching ke jariye pata kar sakte ho kya aap ko apna lakshya banana kaise cricket coach mein expert hote hain main khud ek light ko chudaya aur mere bahut se clients ko maine help kiya hai isme jab hamare paas aate hain hamare program hai purpose of life toh jisme 15 session sote hain jiske through hum unhe kuch question answer dete hain sawaal aur jawab aur kuch dusre tools iske jariye vaah apna lakshya jeevan ka khud define kar lete hain toh yah kiya ja sakta hai lekin kya hona chahiye vaah khud insaan uski paribhasha likhta hai koi aur use nahi samjha sakta dhanyavad

आपका सवाल है कि जीवन का लक्ष्य क्या होना चाहिए देखिए जीवन का लक्ष्या पर्पस ऑफ़ लाइफ यह एक

Romanized Version
Likes  125  Dislikes    views  1922
WhatsApp_icon
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

1:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा प्रश्न जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए सबका अलग अलग होता है कोई डॉक्टर बनना चाहता है कोई इंजीनियर बनना चाहता है कोई और बनना चाहता है कोई पायलट बनना चाहता है कोई टीचर बनना चाहता है कोई अमाउंट रिंग मैनचेस्टर बनना चाहता है कोई गवर्नमेंट जॉब करना चाहता है कोई प्राइवेट जॉब करना चाहता है कोई गवर्नमेंट जॉब के बदले प्राइवेट जॉब करेगा कोई जॉब नहीं करना है लेकिन उसको बिजनेस करने के लिए सब के सब का नेचर अलग अलग होता है और एक अच्छी सी लाइफ जिओ गुल्लक पर लाइफ एंड एंजॉय

shiksha prashna zindagi ka lakshya kya hona chahiye sabka alag alag hota hai koi doctor banna chahta hai koi engineer banna chahta hai koi aur banna chahta hai koi pilot banna chahta hai koi teacher banna chahta hai koi amount ring manchester banna chahta hai koi government karna chahta hai koi private job karna chahta hai koi government ke badle private job karega koi job nahi karna hai lekin usko business karne ke liye sab ke sab ka nature alag alag hota hai aur ek achi si life jio gullak par life and enjoy

शिक्षा प्रश्न जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए सबका अलग अलग होता है कोई डॉक्टर बनना चाहता

Romanized Version
Likes  26  Dislikes    views  272
WhatsApp_icon
user

RAKESH SHARMA

Business Man

0:11
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी का लक्ष्य सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास

zindagi ka lakshya sabka saath sabka vikas aur sabka vishwas

जिंदगी का लक्ष्य सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  44
WhatsApp_icon
user

Nitish Kumar

RRB Railway JE

0:06
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी का लक्ष्य की प्राप्ति होना चाहिए

zindagi ka lakshya ki prapti hona chahiye

जिंदगी का लक्ष्य की प्राप्ति होना चाहिए

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  4
WhatsApp_icon
user
1:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए हर इंसान को एक अलग ताकत एक अलग सोच एक अलग l&k साथ पैदा किया गया है और धरती पर भेजा गया है और उसके लिए एक क्रम निर्धारित किया गया है आप जैसे जैसे जिंदगी में आगे बढ़ेंगे वह कर्म आपके सामने आता जाएगा अब आप इसमें एक चीज का ध्यान रखे वह यह है कि अगर आप कोई काम कर रहे हैं उसमें आप निशान इस पर हो रहे हैं सफलता नहीं मिल रही है तो आप नोटिस करें कि मेरी कहां-कहां क्या-क्या गलती हो रही है और अगली बार अगर जब आपको वह काम करने को मौका मिले तो उस बार आपको उन गलतियों को दोहराना नहीं है अपने आप को उस बार इस चीज से सुरक्षित रखकर कोशिश करनी है तो जैसे ही आप इस तरीके से काम करेंगे इसका यह मतलब होता है कि आप जो है प्रोग्रेस कर रहे हैं इंसान अपनी जिंदगी में चाहे कुछ भी करें कर्म चाहे कोई भी करें कार्य चाहे कोई भी करें उसका पहला सिद्धांत और उसका पहला लक्ष्य होना चाहिए कि मेरे द्वारा मुझसे जितने भी लोग छोड़ रहे हैं उनमें से किसी को भी किसी भी तरीके की तकलीफ नहीं होनी चाहिए यह इंसानियत का एक लक्ष्य है अगर कोई भी इंसान बना ले तू भी तो फिर चाहे अपने धैर्य से अपनी धीरज की अपनी मेहनत से कोई भी लक्ष्य को हासिल कर सकता है अब लक्ष्य आपको तय करना है लक्ष्य तक कैसे पहुंचना है उसका तरीका मैंने आप आशा करता हूं कि आपके सवाल का संतुष्टि पूर्वक जवाब मैंने आपको दिया है खुश रहे आबाद रहे धन्यवाद

dekhiye har insaan ko ek alag takat ek alag soch ek alag l k saath paida kiya gaya hai aur dharti par bheja gaya hai aur uske liye ek kram nirdharit kiya gaya hai aap jaise jaise zindagi mein aage badhenge vaah karm aapke saamne aata jaega ab aap isme ek cheez ka dhyan rakhe vaah yah hai ki agar aap koi kaam kar rahe hain usme aap nishaan is par ho rahe hain safalta nahi mil rahi hai toh aap notice kare ki meri kahaan kahaan kya kya galti ho rahi hai aur agli baar agar jab aapko vaah kaam karne ko mauka mile toh us baar aapko un galatiyon ko doharana nahi hai apne aap ko us baar is cheez se surakshit rakhakar koshish karni hai toh jaise hi aap is tarike se kaam karenge iska yah matlab hota hai ki aap jo hai progress kar rahe hain insaan apni zindagi mein chahen kuch bhi kare karm chahen koi bhi kare karya chahen koi bhi kare uska pehla siddhant aur uska pehla lakshya hona chahiye ki mere dwara mujhse jitne bhi log chod rahe hain unmen se kisi ko bhi kisi bhi tarike ki takleef nahi honi chahiye yah insaniyat ka ek lakshya hai agar koi bhi insaan bana le tu bhi toh phir chahen apne dhairya se apni dheeraj ki apni mehnat se koi bhi lakshya ko hasil kar sakta hai ab lakshya aapko tay karna hai lakshya tak kaise pahunchana hai uska tarika maine aap asha karta hoon ki aapke sawaal ka santushti purvak jawab maine aapko diya hai khush rahe aabaad rahe dhanyavad

देखिए हर इंसान को एक अलग ताकत एक अलग सोच एक अलग l&k साथ पैदा किया गया है और धरती पर भेजा

Romanized Version
Likes  37  Dislikes    views  357
WhatsApp_icon
user

Arvind Bhawsar

ceo, Life Coach, Motivational Speaker, Leadership Coach, Keynote Speaker, Spiritual Expert

1:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आपको यह सवाल है जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए सबसे अच्छा तरीका यह हो सकता है कि आप को सबसे तेज बोर्ड साइट करना चाहिए क्या आपको सफल बनना है बस एक चीज आपको ही डिसाइड करना है उसके बाद अपनी दिनचर्या है उसमें आप सुधार करते जाइए उन लोगों की तरह सफल को बताने की जरूरत नहीं कि कौन से लोग कि मैं बात कर रहा हूं एग्जांपल नरेंद्र मोदी अनिल अंबानी सॉरी मुकेश अंबानी अगर आप इन लोगों की तरह अपनी दिनचर्या को प्रेरित करेंगे उन संगत का असर होता है एक समय बाद आपका खुद ही आप उन लोगों की तरह व्यवहार करने लगेंगे जबकि कोई व्यक्ति किसी तरह व्यवहार करने लगता है तो एक समय पश्चात वह उस तरफ बन भी जाता है आपके जीवन का लक्ष्य ना चाहिए सफल बन्ना दूसरा अगर आपको पैसा कमाना है तो अमीर बनना और आपको नॉलेज कमाना है तो ज्ञानी बनो ठीक है धन्यवाद

dekhiye aapko yah sawaal hai zindagi ka lakshya kya hona chahiye sabse accha tarika yah ho sakta hai ki aap ko sabse tez board site karna chahiye kya aapko safal banna hai bus ek cheez aapko hi decide karna hai uske baad apni dincharya hai usme aap sudhaar karte jaiye un logo ki tarah safal ko batane ki zarurat nahi ki kaunsi log ki main baat kar raha hoon example narendra modi anil ambani sorry mukesh ambani agar aap in logo ki tarah apni dincharya ko prerit karenge un sangat ka asar hota hai ek samay baad aapka khud hi aap un logo ki tarah vyavhar karne lagenge jabki koi vyakti kisi tarah vyavhar karne lagta hai toh ek samay pashchat vaah us taraf ban bhi jata hai aapke jeevan ka lakshya na chahiye safal banna doosra agar aapko paisa kamana hai toh amir banna aur aapko knowledge kamana hai toh gyani bano theek hai dhanyavad

देखिए आपको यह सवाल है जिंदगी का लक्ष्य क्या होना चाहिए सबसे अच्छा तरीका यह हो सकता है कि

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  82
WhatsApp_icon
user

आचार्य प्रशांत

IIT-IIM Alumnus, Ex Civil Services Officer, Mystic

8:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी रहे हो उसी का नाम जीवन है ना बिजी रहे हो उसका नाम उसमें देख लो कि यूट्यूब तुम्हें बताता हूं उससे मुक्ति ही जीवन का लक्ष्य है और दुखों से मुक्त हो जाओ जीवन का लक्ष्य प्राप्त हो गया उसके बाद किसी और की बात करने की जरूरत नहीं है लक्ष्मी हो गए तुम जीवन का अंतिम लक्ष्य फिर क्या हो गया लक्ष्मी माता अभी व्यस्त हो अभी मत कह देना कि जीवन लक्ष्य हीन होता है तू मेरी जिंदगी में कोई नहीं जब तुम्हारे पास दुख बहुत आवश्यक है कि तुम्हारे पास लक्ष्य हो और हर लक्ष्य का ताल्लुक तुम्हारे दुख से होगा अध्यात्म से बाहर है जिसको तुम लक्ष्य करते हो तो बाण मारा दुख पर दुख मिट गया दुख जब तक है तब तक लक्ष्य बनाना पड़ेगा ना ग्रीन हमारी मांग दूसरी रहती है हमारी मांग रहती है कि जीवन के जो दुख बंधन मजबूरियां चल रहे हैं वह तो चलते रहें उसके साथ में कोई और पवित्र पावन ऊंचा गरिमा में ही लक्ष्य बता दे गुरुवर बटाला शहर में बता भी दो तो तुम्हारे किस काम का चल ही रहा है और साथ ही तुम्हें लक्ष्य बता दिया कि जाओ हजार गरीबों की सेवा करो तो दुख चल ही रहा है बता दिया कि कल आना करेगा जब करो पाठ करो विधि करो तो जो भी करो उसका फंक्शन में होना चाहिए ना लेकिन अक्सर हमारी नियत होती है दुख को बचाए रखने की और दुख को बचाएं बचाएं तमाम दूसरे लक्ष्यों में खोए रहने की जब तक तुम्हारे पास दोपहर बंधन है तब तक कोई और लक्ष्य तुम्हें शोभा ही नहीं देता कोई और लक्ष्य तुम्हारे किसी काम का नहीं है एक ही लक्ष्य होना चाहिए उससे मुक्ति फौज में आ रही है बात जब तुम्हें दुख उठता है तो बता कर आता है कि किस कोटि का है और होगा किसी को टीका कोटि-कोटि जान देने से दुख कम हो जाता है तो यह जानने से क्या लाभ कि दुख किस कोटि का है कोठियां तो सब मन का निर्माण तुम्हें दर्द किसी वजह से होता दर्द तो दर्द है ना तुम्हें तो दर्द कितनी भर्ती चाहिए इतना जानना काफी है कि दर्द किस कोटि का है तुम्हें तो दर्द हो ही रहा है ना वह कौन से चिकित्सक है जो तुम्हें बता दे कि तुम्हारा कैंसर कौन चित्रकार का है बड़े विद्या पूर्ण तरीके से चलो नाम रखो उसमें तुम्हारा जो कैंसर उत्तर पत्रकार करें इसमें क्या मिल गया तुम्हें तो समाधान चाहिए ना तो यह हटाओ कि तुम्हारे दर्द का नाम क्या है कोटि क्या है तुम्हारे दर्द को दुनिया या अध्यात्म की दृष्टि से देखते हैं निशाना लगाओ कोटा क्या है ना कि हम दुख दर्द रोग को भी चिड़िया दे देते हैं और कुछ सेनिया बड़ी सम्मान जलपरियां होती है बात को समझना और अपमानजनक होती होती हैं सम्मानीय दुख होते हैं उनको तुम इसलिए नहीं हटाते क्योंकि उस सम्मानीय धोखे और जब बड़े और नींबू को भीम इसलिए नहीं हटाते क्योंकि वह किसी को पता चल गया तो दुख समझ में आ रही है सम्मान और गरिमा और जिम्मेदारी के नाम पर न जाने कितने दुख लेकर घूमते रहते हो ना हमको भी नहीं पर उन दुखों को हटाने की सोचते भी नहीं क्योंकि उन दुखों के साथ जुड़ा हुआ है संभाल माननीय सम्माननीय बता दिया है और उसके पूछते पूछते ही नहीं यह तो हम थोड़ी बताएंगे उनको डरा कभी होने ही नहीं तो बाकी बचे मध्यमवर्गीय बुर्जुआ उनको तो मछलियां नहीं बताओगे कि यह तो यू मत बोले रे करके जितने दुख है सब बच्चे ही रह जाते हैं तुमने उनका नामकरण कर रखा है सिर्फ दुख तुम्हारा हक है कि हर दुख को हटा दो जहां बताया मैंने यह तो आज बहुत दुख के मारे हैं और महाराज आध्यात्मिक दुखों से ग्रस्त महाराजा भोग वादी

ji rahe ho usi ka naam jeevan hai na busy rahe ho uska naam usme dekh lo ki youtube tumhe batata hoon usse mukti hi jeevan ka lakshya hai aur dukhon se mukt ho jao jeevan ka lakshya prapt ho gaya uske baad kisi aur ki baat karne ki zarurat nahi hai laxmi ho gaye tum jeevan ka antim lakshya phir kya ho gaya laxmi mata abhi vyast ho abhi mat keh dena ki jeevan lakshya heen hota hai tu meri zindagi mein koi nahi jab tumhare paas dukh bahut aavashyak hai ki tumhare paas lakshya ho aur har lakshya ka talluk tumhare dukh se hoga adhyaatm se bahar hai jisko tum lakshya karte ho toh baan mara dukh par dukh mit gaya dukh jab tak hai tab tak lakshya banana padega na green hamari maang dusri rehti hai hamari maang rehti hai ki jeevan ke jo dukh bandhan majabooriyan chal rahe hain vaah toh chalte rahein uske saath mein koi aur pavitra paavan uncha garima mein hi lakshya bata de guruvar batala shehar mein bata bhi do toh tumhare kis kaam ka chal hi raha hai aur saath hi tumhe lakshya bata diya ki jao hazaar garibon ki seva karo toh dukh chal hi raha hai bata diya ki kal aana karega jab karo path karo vidhi karo toh jo bhi karo uska function mein hona chahiye na lekin aksar hamari niyat hoti hai dukh ko bachaye rakhne ki aur dukh ko bachaen bachaen tamaam dusre lakshyon mein khoe rehne ki jab tak tumhare paas dopahar bandhan hai tab tak koi aur lakshya tumhe shobha hi nahi deta koi aur lakshya tumhare kisi kaam ka nahi hai ek hi lakshya hona chahiye usse mukti fauj mein aa rahi hai baat jab tumhe dukh uthata hai toh bata kar aata hai ki kis koti ka hai aur hoga kisi ko tika koti koti jaan dene se dukh kam ho jata hai toh yah jaanne se kya labh ki dukh kis koti ka hai kothiyan toh sab man ka nirmaan tumhe dard kisi wajah se hota dard toh dard hai na tumhe toh dard kitni bharti chahiye itna janana kaafi hai ki dard kis koti ka hai tumhe toh dard ho hi raha hai na vaah kaunsi chikitsak hai jo tumhe bata de ki tumhara cancer kaun chitrakar ka hai bade vidya purn tarike se chalo naam rakho usme tumhara jo cancer uttar patrakar kare isme kya mil gaya tumhe toh samadhan chahiye na toh yah hatao ki tumhare dard ka naam kya hai koti kya hai tumhare dard ko duniya ya adhyaatm ki drishti se dekhte hain nishana lagao quota kya hai na ki hum dukh dard rog ko bhi chidiya de dete hain aur kuch seniya badi sammaan jalapriyan hoti hai baat ko samajhna aur apamanajanak hoti hoti hain sammaniya dukh hote hain unko tum isliye nahi hatate kyonki us sammaniya dhokhe aur jab bade aur nimbu ko bhim isliye nahi hatate kyonki vaah kisi ko pata chal gaya toh dukh samajh mein aa rahi hai sammaan aur garima aur jimmedari ke naam par na jaane kitne dukh lekar ghumte rehte ho na hamko bhi nahi par un dukhon ko hatane ki sochte bhi nahi kyonki un dukhon ke saath jinko hua hai sambhaal mananiya sammananiya bata diya hai aur uske poochhte poochhte hi nahi yah toh hum thodi batayenge unko dara kabhi hone hi nahi toh baki bache madhyamwargiye burjuaa unko toh machhliyan nahi bataoge ki yah toh you mat bole ray karke jitne dukh hai sab bacche hi reh jaate hain tumne unka namakaran kar rakha hai sirf dukh tumhara haq hai ki har dukh ko hata do jaha bataya maine yah toh aaj bahut dukh ke maare hain aur maharaj aadhyatmik dukhon se grast maharaja bhog wadi

जी रहे हो उसी का नाम जीवन है ना बिजी रहे हो उसका नाम उसमें देख लो कि यूट्यूब तुम्हें बताता

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  1204
WhatsApp_icon
user

Porshia Chawla Ban

Psychologist

4:60
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सभी लोगों के लिए उनका लक्ष्य अलग होता है और लक्ष्य निर्धारण जो है वह व्यक्ति अपने व्यक्तित्व के हिसाब से मान्यताओं के हिसाब से अपनी धारणाओं के हिसाब से करता है किसी एक व्यक्ति के लिए उसका लक्ष्य जीविका से संबंधित हो सकता है कि मुझे डॉक्टर बनना है इंजीनियर बनना है कोई बोलता है कि मुझे आज है ईश्वर की प्राप्ति करनी है मुझे अध्यात्म में कैसी हाइट पर पहुंचना है रिद्धि सिद्धि हासिल करनी है तो इस तरह का उसका विचार चलता है किसी को लगता है कि आप मेरी जो बिजनेस है जो मुझे मेरे पैरंट्स से मिला है जो मेरा परिवार है समाज है मुझे उसका कल्याण करना है उसका भरण पोषण करना है मुझे अपना आज उस जिम्मेदारी है वह पूरी तरह से निभानी है और सामाजिक तौर पर मुझे खरा उतरता है सबको सेटिस्फाई करना है उसी में मेरी सेटिस्फेक्शन है तो सभी लोग अपना अलग-अलग लक्ष्य जो है अपने-अपने डोमिनेंट जो उनका जिस जिस जोन का एक ऐसा चित्र रहता है जिसमें वह कुछ करना चाहते हैं उसके हिसाब से चूस करते हैं लेकिन जवाब यह का क्वेश्चन पूछते हैं जब आप ही सवाल पूछते हैं कि क्या होना चाहिए यानी कि आदर्श क्या है आदर्श क्या है क्या होना चाहिए दिल्ली तो आदर्श यह है कि किसी एक नगरी को किसी एक डगर को ना पकडे जिसे अगर कोई पैसा बनाने निकला है आर्थिक रूप से संपन्न होना चाहता है और उसी को ही अपना लक्ष्य बना रहे जीवन का कोई है जो आध्यात्मिक को बना रहा है कोई है जो अपने विद्या को रिज्म को नॉलेज को अगेन करना चाहता है क्या कोर्स करना चाहता है तो वह मानसिक रूप से सुदृढ़ होना चाहता है तो वह उस पर काम करता है उसको अपना लक्ष्य बना लेता है तो कोई जैसे सामाजिक सामाजिक एग्जांपल दिया कि सामाजिक के किस तरह से लोग उस एंगल से भी सोचते हैं और कोई अपना शारीरिक लक्ष्य भी बनाता है कि मुझे अच्छा दिखना है सुडौल देखना है मुझे अपने शरीर का ख्याल रखना है तो वह कसरत करते हैं और अपने शरीर को वैसा बनाते हैं और जिस भी क्षेत्र में 5 क्षेत्र जो मैंने बताएं उसमें से कोई भी जोर डोमिनेंट रहता है किसी का जिसमें उसका प्रभाव ज्यादा रहता है वह उसके हिसाब से अपनी आजीविका भी चुन लेता है कि मैं उस फील्ड में जाऊंगा या वह काम करूंगा जिसे अगर किसी ने बोला कि मुझे डॉक्टर बनना है किसी ने बोला कि मुझे लायर बनना है किसने बोला मुझे बिजनेसमैन बनना है किसने बोला कि मैं अपना सिम खोलूंगा सोहेल स्टेप सिस्टर तो आपने देखा होगा कि जो जसनगर नगर में चला है वह भी उसी में ही रम जाता है उसी को अपना बुरा मान लेता है बना लेता है लेकिन क्या होना चाहिए जब हम कहते हैं तो आदर्श यह है कि एक वक्त टीका आ जाओ पांचो भाग है वह पांचो भाग पर समान रूप से उसका जो है लक्ष्य होना चाहिए क्योंकि हम को जो संपूर्ण संतोष की प्राप्ति है या खुशी की प्राप्ति है वह एक बैलेंस में मिलती है वह बैलेंस होना बहुत जरूरी है यदि किसी को लगता है कि मेरा लक्ष्य आर्थिक को संपन्न ताहि है और वह आर्थिक संपन्नता की तरफ निकल पड़ता है लेकिन वह अपनी हेल्थ को इग्नोर कर रहा है या अपने सामाजिक कार्यों को इग्नोर कर रहा है तो वह सही नहीं तो पांचों भागो पर हमको हमारा योगदान जो है रखना है हमको हमारा योगदान के साथ-साथ पहले लक्ष्य निर्धारित करना है अपने लिए तो प्राप्ति करनी ही है उस चीज की लेकिन हमको अपने समाज को भी योगदान देना है और दूसरों के उत्थान के लिए भी काम करना है यह भी हमारे लक्ष्य में अंतर्निहित होना चाहिए कि मैं जो भी कार्य कर रहा हूं वह कार्य से दूसरों को क्या फायदा होगा या हो सकता है चाहे फिर वह किसी एक प्राणी को भी तो इंसान खुद के लिए और अपने परिवार के लिए तो करता ही है लेकिन समाज के लिए और लोक कल्याण के लिए वह क्या कर रहा है वह भी उसमें अंतर्निहित होना जरूरी है तभी हम बोलेंगे कि यह लक्ष्य जो है यह जो जीवन है यह बुरा समृद्ध और शक्तिशाली बलवान है इसमें सारे इसी से हमने इंक्लूड की हैं सारे इसमें पैरामीटर्स पर हमने काम किया है तो यह होना चाहिए हमारा लक्ष्य और यह हर व्यक्ति के लिए जो इसका रास्ता होगा चुनने का वह अलग रहेगा तरीका अलग रहेगा लेकिन पांचों भागों पर काम करना जरूरी है धन्यवाद

sabhi logo ke liye unka lakshya alag hota hai aur lakshya nirdharan jo hai vaah vyakti apne vyaktitva ke hisab se manyataon ke hisab se apni dharnaon ke hisab se karta hai kisi ek vyakti ke liye uska lakshya jeevika se sambandhit ho sakta hai ki mujhe doctor bana hai engineer bana hai koi bolta hai ki mujhe aaj hai ishwar ki prapti karni hai mujhe adhyaatm mein kaisi height par pahunchana hai riddhi siddhi hasil karni hai toh is tarah ka uska vichar chalta hai kisi ko lagta hai ki aap meri jo business hai jo mujhe mere Parents se mila hai jo mera parivar hai samaj hai mujhe uska kalyan karna hai uska bharan poshan karna hai mujhe apna aaj us jimmedari hai vaah puri tarah se nibhaanee hai aur samajik taur par mujhe Khara utarata hai sabko satisfy karna hai usi mein meri setisfekshan hai toh sabhi log apna alag alag lakshya jo hai apne apne dominant jo unka jis jis zone ka ek aisa chitra rehta hai jisme vaah kuch karna chahte hain uske hisab se chus karte hain lekin jawab yah ka question poochhte hain jab aap hi sawaal poochhte hain ki kya hona chahiye yani ki adarsh kya hai adarsh kya hai kya hona chahiye delhi toh adarsh yah hai ki kisi ek nagari ko kisi ek Dagar ko na pakade jise agar koi paisa banane nikala hai aarthik roop se sampann hona chahta hai aur usi ko hi apna lakshya bana rahe jeevan ka koi hai jo aadhyatmik ko bana raha hai koi hai jo apne vidya ko rijm ko knowledge ko again karna chahta hai kya course karna chahta hai toh vaah mansik roop se sudridh hona chahta hai toh vaah us par kaam karta hai usko apna lakshya bana leta hai toh koi jaise samajik samajik example diya ki samajik ke kis tarah se log us Angle se bhi sochte hain aur koi apna sharirik lakshya bhi banata hai ki mujhe accha dikhana hai sudaul dekhna hai mujhe apne sharir ka khayal rakhna hai toh vaah kasrat karte hain aur apne sharir ko waisa banate hain aur jis bhi kshetra mein 5 kshetra jo maine bataye usme se koi bhi jor dominant rehta hai kisi ka jisme uska prabhav zyada rehta hai vaah uske hisab se apni aajiwika bhi chun leta hai ki main us field mein jaunga ya vaah kaam karunga jise agar kisi ne bola ki mujhe doctor bana hai kisi ne bola ki mujhe liar bana hai kisne bola mujhe bussinessmen bana hai kisne bola ki main apna sim kholunga sohel step sister toh aapne dekha hoga ki jo jasanagar nagar mein chala hai vaah bhi usi mein hi rum jata hai usi ko apna bura maan leta hai bana leta hai lekin kya hona chahiye jab hum kehte hain toh adarsh yah hai ki ek waqt tika aa jao paancho bhag hai vaah paancho bhag par saman roop se uska jo hai lakshya hona chahiye kyonki hum ko jo sampurna santosh ki prapti hai ya khushi ki prapti hai vaah ek balance mein milti hai vaah balance hona bahut zaroori hai yadi kisi ko lagta hai ki mera lakshya aarthik ko sampann tahi hai aur vaah aarthik sampannata ki taraf nikal padta hai lekin vaah apni health ko ignore kar raha hai ya apne samajik karyo ko ignore kar raha hai toh vaah sahi nahi toh panchon bhago par hamko hamara yogdan jo hai rakhna hai hamko hamara yogdan ke saath saath pehle lakshya nirdharit karna hai apne liye toh prapti karni hi hai us cheez ki lekin hamko apne samaj ko bhi yogdan dena hai aur dusro ke utthan ke liye bhi kaam karna hai yah bhi hamare lakshya mein antarnihit hona chahiye ki main jo bhi karya kar raha hoon vaah karya se dusro ko kya fayda hoga ya ho sakta hai chahen phir vaah kisi ek prani ko bhi toh insaan khud ke liye aur apne parivar ke liye toh karta hi hai lekin samaj ke liye aur lok kalyan ke liye vaah kya kar raha hai vaah bhi usme antarnihit hona zaroori hai tabhi hum bolenge ki yah lakshya jo hai yah jo jeevan hai yah bura samriddh aur shaktishali balwan hai isme saare isi se humne include ki hain saare isme parameters par humne kaam kiya hai toh yah hona chahiye hamara lakshya aur yah har vyakti ke liye jo iska rasta hoga chunane ka vaah alag rahega tarika alag rahega lekin panchon bhaagon par kaam karna zaroori hai dhanyavad

सभी लोगों के लिए उनका लक्ष्य अलग होता है और लक्ष्य निर्धारण जो है वह व्यक्ति अपने व्यक्तित

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  41
WhatsApp_icon
user

Vivek Shukla

Life coach

0:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस जिंदगी में लक्खा आपको ऐसी बनाई है बस आप को उसके प्रति जागरूक एवं श्रेष्ठता सोच लेकर चलनी चाहिए गलत रास्ता नहीं होना चाहिए यह फिर जल्दी पैसो के चक्कर में किसी भी गलत पोस्ट को अपनाकर जिससे लोगों को यह दूसरे की स्वतंत्रता एक दूसरे की मन ही मन में भावना एक दूसरे के म्यूजिक होती है बहुत ही ज्यादा अच्छी बात है लेकिन आप दूसरों को दुखी करके खुश रहेंगे बहुत ही बुरी बातें ऐसी दूसरों को दबाकर आप खुश होते कि यह बहुत गलत है बेहतर होगा कि आप अपनी तरक्की में किसी के पास में कोई है फिर किसी के गाने कंधे पर लात रख करना चाहे तो ज्यादा बेहतर होगा बेहतर होगा कि आप अपनी मंजिल खुद चुनें और सबसे बेहतरीन तरीके से प्राप्त करें विशिष्ट लक्ष्य ही है जिसमें किसी के रहने की वजह ना बने आप ओके बाय फ्रेंड

is zindagi mein lakkha aapko aisi banai hai bus aap ko uske prati jagruk evam shreshthata soch lekar chalni chahiye galat rasta nahi hona chahiye yah phir jaldi paiso ke chakkar mein kisi bhi galat post ko apnakar jisse logo ko yah dusre ki swatantrata ek dusre ki man hi man mein bhavna ek dusre ke music hoti hai bahut hi zyada achi baat hai lekin aap dusro ko dukhi karke khush rahenge bahut hi buri batein aisi dusro ko dabakar aap khush hote ki yah bahut galat hai behtar hoga ki aap apni tarakki mein kisi ke paas mein koi hai phir kisi ke gaane kandhe par laat rakh karna chahen toh zyada behtar hoga behtar hoga ki aap apni manjil khud chune aur sabse behtareen tarike se prapt kare vishisht lakshya hi hai jisme kisi ke rehne ki wajah na bane aap ok bye friend

इस जिंदगी में लक्खा आपको ऐसी बनाई है बस आप को उसके प्रति जागरूक एवं श्रेष्ठता सोच लेकर चलन

Romanized Version
Likes  31  Dislikes    views  736
WhatsApp_icon
user

Gurudev Jyotish Kendra, Call-09334552913

Online Astrologer & Palmist, Gemstones Advice, Astrology Solution/Remedies

0:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी क्लच क्या होना चाहिए मेरे हिसाब से मेरा पर्सनल भी हुई यह है कि किसी भी व्यक्ति के लिए मेरे लिए तो है ही और दूसरे किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन का लक्ष्य सिर्फ शांति और सिर्फ शांति ही होना चाहिए आप बिजनेस कीजिए जॉब कीजिए जो भी कीजिए तिलक छक्का शांति होना चाहिए ऐसा नहीं है कि किसी भी काम को करने के बाद आप अशांत हो जाए किसी भी काम करने के बाद अब डिस्टर्ब हो जाए डिस्टरबेंस हो ना किसी काम को करने के बाद यह तो लक्ष नहीं हो सकता है लक्ष्मेश्वर शांति रहता है चाहे जितना भी छोटा यह जितना भी बड़ा काम कर ले या कोई भी काम कर लिए लक्ष्मेश्वर शांति होना चाहिए ऐसा मेरा मानना है मैं एक ऑनलाइन एस्ट्रोलॉजर हूं अगर आपको कोई एडवाइस चाहिए अपने ज्योतिष से जुड़ा हुआ अपनी कुंडली से जुड़ा हुआ तो आप मुझे कॉल कर सकते हैं मेरा नंबर है 9334 25013 आप मेरी वेबसाइट को चेक कीजिए www.mahagenco.in धन्यवाद

zindagi Clutch kya hona chahiye mere hisab se mera personal bhi hui yah hai ki kisi bhi vyakti ke liye mere liye toh hai hi aur dusre kisi bhi vyakti ke liye jeevan ka lakshya sirf shanti aur sirf shanti hi hona chahiye aap business kijiye job kijiye jo bhi kijiye tilak chakka shanti hona chahiye aisa nahi hai ki kisi bhi kaam ko karne ke baad aap ashant ho jaaye kisi bhi kaam karne ke baad ab disturb ho jaaye distarabens ho na kisi kaam ko karne ke baad yah toh lakshya nahi ho sakta hai lakshmeshwar shanti rehta hai chahen jitna bhi chota yah jitna bhi bada kaam kar le ya koi bhi kaam kar liye lakshmeshwar shanti hona chahiye aisa mera manana hai ek online Astrologer hoon agar aapko koi advice chahiye apne jyotish se juda hua apni kundali se juda hua toh aap mujhe call kar sakte hain mera number hai 9334 25013 aap meri website ko check kijiye www mahagenco in dhanyavad

जिंदगी क्लच क्या होना चाहिए मेरे हिसाब से मेरा पर्सनल भी हुई यह है कि किसी भी व्यक्ति के ल

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  16
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी का लक्ष्य होना चाहिए विकास अपने लिविंग स्टैंडर्ड को ऊंचा उठाना और दुनिया वालों की मदद करना वैसे हमारे भारतीय आर्ष ग्रंथों में जीवन के चार मूल उद्देश्य बताया गया है जिन्हें हम पुरुषार्थ चतुष्टय कहते हैं धर्म अर्थ काम और मोक्ष दरमियानी पुण्य लोगों की मदद करें अर्थ यानी पैसा धन संपत्ति इकट्ठा करें कामयानी शादी विवाह बाल बच्चे पैदा करें अपनी वासनाओं की पूर्ति करें गाड़ी मोटर बंगला जो भी हो सके भौतिक संसाधन जुटाए और मुक्त यानी यह 8400000 यूनियन मुझे जीव भटकते रहता है इस आवागमन के साधन से अपने इसी शरीर के बदौलत साधना करके आप इससे उबर जाए यह मुक्ति है यही चार लक्ष्य बहुत-बहुत धन्यवाद

zindagi ka lakshya hona chahiye vikas apne living standard ko uncha uthna aur duniya walon ki madad karna waise hamare bharatiya arsh granthon mein jeevan ke char mul uddeshya bataya gaya hai jinhen hum purusharth chatushtay kehte hai dharm arth kaam aur moksha daramiyani punya logo ki madad kare arth yani paisa dhan sampatti ikattha kare kamayani shadi vivah baal bacche paida kare apni vasnaon ki purti kare gaadi motor bangla jo bhi ho sake bhautik sansadhan jutaye aur mukt yani yah 8400000 union mujhe jeev bhatakte rehta hai is aavagaman ke sadhan se apne isi sharir ke badaulat sadhna karke aap isse ubar jaaye yah mukti hai yahi char lakshya bahut bahut dhanyavad

जिंदगी का लक्ष्य होना चाहिए विकास अपने लिविंग स्टैंडर्ड को ऊंचा उठाना और दुनिया वालों की म

Romanized Version
Likes  33  Dislikes    views  1117
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
insan apni jindagi ke kitne sal sote hue batata hai ; insan apni zindagi ke kitne saal sote hue batata hai ;

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!