आप इनमे से क्या होना चाहेंगे- अमीर परिवार का पालतू जानवर या एक ग़रीब व्यक्ति?...


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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

छपरा से क्या होना चाहेंगे अमीर परिवार का पालतू जानवर या गरीब व्यक्ति जी हम तो एक गरीब व्यक्ति होना चाहिए और उस गरीब व्यक्ति में से अमीर व्यक्ति बनने के अपने मेहनत से अपने मजबूत जैसे गुल्लक पर

chapra se kya hona chahenge amir parivar ka paaltu janwar ya garib vyakti ji hum toh ek garib vyakti hona chahiye aur us garib vyakti mein se amir vyakti banne ke apne mehnat se apne majboot jaise gullak par

छपरा से क्या होना चाहेंगे अमीर परिवार का पालतू जानवर या गरीब व्यक्ति जी हम तो एक गरीब व्यक

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ऐसे और सवाल
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Porshia Chawla Ban

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बहुत ही दिलचस्प सवाल है कि आप इनमें से क्या होना चाहिए अमित परिवार का पालतू जानवर या एक गरीब व्यक्ति डेफिनेटली में गरीब व्यक्ति होना चाहूंगी क्योंकि आप ऐसा हो या ना हो लेकिन अगर आप समृद्धि हैं अपने व्यक्तित्व में समृद्ध हैं और आपका गौरवशाली व्यक्तित्व है और आपके अंदर कुछ ऐसी क्वालिटीज हैं जो आपको एक अच्छा इंसान बनाती है वह गरीब होना ज्यादा बेटर है बजाय किसी के पालतू जानवरों ने की किसी अमीर व्यक्ति के पालतू जानवरों का नहीं होना मुझे ज्यादा पसंद आएगा

yah bahut hi dilchasp sawaal hai ki aap inmein se kya hona chahiye amit parivar ka paaltu janwar ya ek garib vyakti definetli mein garib vyakti hona chahungi kyonki aap aisa ho ya na ho lekin agar aap samridhi hain apne vyaktitva mein samriddh hain aur aapka gauravshali vyaktitva hai aur aapke andar kuch aisi kwalitij hain jo aapko ek accha insaan banati hai vaah garib hona zyada better hai bajay kisi ke paaltu jaanvaro ne ki kisi amir vyakti ke paaltu jaanvaro ka nahi hona mujhe zyada pasand aayega

यह बहुत ही दिलचस्प सवाल है कि आप इनमें से क्या होना चाहिए अमित परिवार का पालतू जानवर या एक

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे वास्तव में इन दोनों में से कुछ भी नहीं होना चाहूंगा मैं बताता हूं क्यों लेकिन जरूरी नहीं है कि हर अमीर आदमी बेकार होता है उसकी सोच अलग होती है वह लोगों पर अत्याचार करते वह गलत तरीके से कैसे बनाते हैं ऐसा नहीं है यह हमारा दृष्टिकोण बन गया है हालांकि हमें दिखेगा कि हां काफी सारे केस में शत्रु है लेकिन हंड्रेड परसेंट ऐसा नहीं है दूसरी बात भाई गरीब आदमी गरीब व्यक्ति के घर में आज जान लेना परिवार लेना ऐसा नहीं कि वहां पर सब लोग सच बोलते हैं सब सही काम करते हैं कुछ भी गलत नहीं होता ऐसा बिल्कुल नहीं है वो अमीर और गरीब हो यहां पर पैसों से हमें नहीं नाता चाहिए हमें तो ऐसा देखना चाहिए कि वह कौन सा परिवार है मैं तो उस परिवार में जान लेना चाहूंगा और इनो चाहूंगा अपनी लाइफ एक्सपीरियंस जो कि एकदम सही हो मुनासिब हो जिस तरीके से प्रकृति ने मुझे बनाया है और चाहता है प्रकृति की मेरा आचरण मेरा व्यवहार मेरा कंडा में जिस तरीके से लोगों को देखता हूं उनसे व्यवहार करता हूं नीचे के साथ में कैसे अपने आप को रखता हूं और नीचे को मैं क्या देता हूं क्या उससे लेता हूं और वातावरण को मैं क्या प्रदान करता हूं क्या नहीं लेता क्या उसके लिए मैं कुछ सोचता हूं देखता हूं क्या मैं अपने बारे में खाली सोचता हूं यह दूसरों के बारे में भी सोच रहा हूं उनके उनके लिए काम करता हूं मैं तो ऐसा जान चाहता हूं जहां पर मेरे पास है यह अवेयरनेस वो मेरे पास यह बुद्धि हो जिससे बुद्धि के बल पर मैं कुछ ऐसा ही और चुनिंदा डिसीजंस ले पाऊं ऐसी लाइफ जीने का प्रयास कर सकूं जो मुझे सुकून दे शांति दे मुझे वह अमीर परिवार या गरीब परिवार वैसा वाला डिफरेंटशिएशन नहीं करना मुझे तो यह देखना कि वह कौन सा परिवार है वहां पर जहां पर खुशियां हैं भले ही उनके पास पैसे नहीं है ऐसो आराम नहीं है या मान लीजिए बेसिक लेवल के काम करते हैं लेकिन वहां पर सुख समृद्धि है संतोष है एक दूसरे पर विश्वास है एक प्यार है एक भावना है एक दूसरे के प्रति मैं उस परिवार में हमेशा जान लेना चाहूंगा मेरा परिवार प्रेजेंट परिवार मुझे बहुत अच्छा लगता है और मैं भगवान के लिए भगवान को शुक्र के साथ करता हूं कि मैं इस परिवार में आया हूं और यह बुद्धि जो भी कुछ मिला है यह जो संस्कार मिले मुझे अपने परिवार से मिले हैं घरवालों से सबसे पहले मिलता है मैं इसके लिए भी बहुत धन्यवाद करता हूं और मैं चाहता हूं क्या नहीं मिले लाइफ में भी मेरे को सबसे इंपॉर्टेंट चीज जो मुझे लगती है वही रहती है कि भाई मेरे को जो मेरे जो संस्कार है वह सही होने चाहिए जो बुद्धि है वह सही होनी चाहिए यह सारी चीजें आती हैं आपके घर परिवार से तो मैं इसको अमीर व गरीब वर्ग ऐसे करके नहीं देखता मैं तो वह परिवार देखता हूं जहां पर सुख और समृद्धि और संतोष हो हंसी हो प्रेम हो बस इतना काफी है

dekhe vaastav mein in dono mein se kuch bhi nahi hona chahunga main batata hoon kyon lekin zaroori nahi hai ki har amir aadmi bekar hota hai uski soch alag hoti hai vaah logo par atyachar karte vaah galat tarike se kaise banate hain aisa nahi hai yah hamara drishtikon ban gaya hai halaki hamein dikhega ki haan kaafi saare case mein shatru hai lekin hundred percent aisa nahi hai dusri baat bhai garib aadmi garib vyakti ke ghar mein aaj jaan lena parivar lena aisa nahi ki wahan par sab log sach bolte hain sab sahi kaam karte hain kuch bhi galat nahi hota aisa bilkul nahi hai vo amir aur garib ho yahan par paison se hamein nahi nataa chahiye hamein toh aisa dekhna chahiye ki vaah kaun sa parivar hai toh us parivar mein jaan lena chahunga aur ino chahunga apni life experience jo ki ekdam sahi ho munasib ho jis tarike se prakriti ne mujhe banaya hai aur chahta hai prakriti ki mera aacharan mera vyavhar mera kanda mein jis tarike se logo ko dekhta hoon unse vyavhar karta hoon niche ke saath mein kaise apne aap ko rakhta hoon aur niche ko main kya deta hoon kya usse leta hoon aur vatavaran ko main kya pradan karta hoon kya nahi leta kya uske liye main kuch sochta hoon dekhta hoon kya main apne bare mein khaali sochta hoon yah dusro ke bare mein bhi soch raha hoon unke unke liye kaam karta hoon main toh aisa jaan chahta hoon jaha par mere paas hai yah awareness vo mere paas yah buddhi ho jisse buddhi ke bal par main kuch aisa hi aur chuninda disijans le paun aisi life jeene ka prayas kar saku jo mujhe sukoon de shanti de mujhe vaah amir parivar ya garib parivar waisa vala difrentashieshan nahi karna mujhe toh yah dekhna ki vaah kaun sa parivar hai wahan par jaha par khushiya hain bhale hi unke paas paise nahi hai aiso aaram nahi hai ya maan lijiye basic level ke kaam karte hain lekin wahan par sukh samridhi hai santosh hai ek dusre par vishwas hai ek pyar hai ek bhavna hai ek dusre ke prati main us parivar mein hamesha jaan lena chahunga mera parivar present parivar mujhe bahut accha lagta hai aur main bhagwan ke liye bhagwan ko shukra ke saath karta hoon ki main is parivar mein aaya hoon aur yah buddhi jo bhi kuch mila hai yah jo sanskar mile mujhe apne parivar se mile hain gharwaalon se sabse pehle milta hai iske liye bhi bahut dhanyavad karta hoon aur main chahta hoon kya nahi mile life mein bhi mere ko sabse important cheez jo mujhe lagti hai wahi rehti hai ki bhai mere ko jo mere jo sanskar hai vaah sahi hone chahiye jo buddhi hai vaah sahi honi chahiye yah saree cheezen aati hain aapke ghar parivar se toh main isko amir va garib varg aise karke nahi dekhta main toh vaah parivar dekhta hoon jaha par sukh aur samridhi aur santosh ho hansi ho prem ho bus itna kaafi hai

देखे वास्तव में इन दोनों में से कुछ भी नहीं होना चाहूंगा मैं बताता हूं क्यों लेकिन जरूरी न

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Amit

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदमी और जानवर की तुलना किसी भी रूप में सही नहीं मानी जा सकती पालतू जानवर से क्या मतलब है मैं समझ नहीं पा रहा लेकिन अगर सिर्फ जानवर इंसान की बात की जाए तो अच्छी बात है गरीब ही सही लेकिन मैं स्वाभिमानी इंसान के रूप में ज्यादा जीवन व्यतीत करना पसंद करूंगा

aadmi aur janwar ki tulna kisi bhi roop mein sahi nahi maani ja sakti paaltu janwar se kya matlab hai samajh nahi paa raha lekin agar sirf janwar insaan ki baat ki jaaye toh achi baat hai garib hi sahi lekin main svaabhimaani insaan ke roop mein zyada jeevan vyatit karna pasand karunga

आदमी और जानवर की तुलना किसी भी रूप में सही नहीं मानी जा सकती पालतू जानवर से क्या मतलब है म

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M S Aditya Pandit

Entrepreneur | Politician

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मैं सोचा कि आप अपने पहले मैच की समय ऐसी सवालों की जाति क्या है आपके ब्लू पिक्चर अमीरी गरीबी

main socha ki aap apne pehle match ki samay aisi sawalon ki jati kya hai aapke blue picture amiri gareebi

मैं सोचा कि आप अपने पहले मैच की समय ऐसी सवालों की जाति क्या है आपके ब्लू पिक्चर अमीरी गरीब

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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

निश्चित रूप से मैं एक गरीब व्यक्ति बनना चाहूंगा क्योंकि अमीर आदमी का कुत्ता भी आखिर कुत्ता ही होगा उसे चाहे जितनी सुख और सुविधा दी मालिक के आगे पीछे कुछ खिलाना ही उसकी नियति है लेकिन गरीब आदमी अपने माथे पर अपना भाग्य लेकर पैदा होता है वह गरीब पैदा हो सकता है लेकिन गरीब बने रहना उसकी नियति नहीं हो सकती अगर मनोबल के साथ उठेगा तो पूरी दुनिया को जीत सकता है इसीलिए गरीब व्यक्ति होना बहुत सम्मान की बात है बजाय इसके कि आप किसी अमीर आदमी के कुत्ते वन पर उसके आगे पूछ हिलाते रहें

nishchit roop se main ek garib vyakti banna chahunga kyonki amir aadmi ka kutta bhi aakhir kutta hi hoga use chahen jitni sukh aur suvidha di malik ke aage peeche kuch khilana hi uski niyati hai lekin garib aadmi apne mathe par apna bhagya lekar paida hota hai vaah garib paida ho sakta hai lekin garib bane rehna uski niyati nahi ho sakti agar manobal ke saath uthega toh puri duniya ko jeet sakta hai isliye garib vyakti hona bahut sammaan ki baat hai bajay iske ki aap kisi amir aadmi ke kutte van par uske aage puch hilaate rahein

निश्चित रूप से मैं एक गरीब व्यक्ति बनना चाहूंगा क्योंकि अमीर आदमी का कुत्ता भी आखिर कुत्ता

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J.P. Y👌g i

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल आप इसमें से क्या होना चाहेंगे अमीर परिवार का पालतू कुत्ता जानवर या एक गरीब व्यक्ति मेरा कहना यही है कि जानवर से व्यक्ति है जानवर से बेहतर तो व्यक्ति ही होगा कि मानव जीवन कैसी दुनिया सभी जानवर रूप में कुत्ते ही हैं फालतू ही है क्योंकि कहीं ना कहीं विश्वास में जुड़ा हुआ है कि सुख सुविधाएं गरीब व्यक्ति तो एक तपस्वी है

aapka sawaal aap isme se kya hona chahenge amir parivar ka paaltu kutta janwar ya ek garib vyakti mera kehna yahi hai ki janwar se vyakti hai janwar se behtar toh vyakti hi hoga ki manav jeevan kaisi duniya sabhi janwar roop mein kutte hi hain faltu hi hai kyonki kahin na kahin vishwas mein juda hua hai ki sukh suvidhaen garib vyakti toh ek tapaswi hai

आपका सवाल आप इसमें से क्या होना चाहेंगे अमीर परिवार का पालतू कुत्ता जानवर या एक गरीब व्य

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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

1:16
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक गरीब इंसान होना ज्यादा अच्छा रहेगा अमीर परिवार के पालतू जानवर की तुलना में क्यों क्योंकि पालतू जानवर हमेशा जनवरी का ताजा अमीर परिवार का हो या गरीब परिवार में हुआ लेकिन गरीब आदमी अगर मेहनत करता है लगन उसके अंदर है हिम्मत है हौसला है तो हकीकत में एक ना एक दिन बहुत ज्यादा अमीर बन सकता है और यह सब बातें भी इंसान के इंसान व्यक्ति व्यक्ति की सोच पर निर्भर करती हैं तो मेरा मानना है कि गरीब आदमी बनना ज्यादा बेहतर है क्योंकि इस दुनिया में ऊपर वाले परवरदिगार की जो सबसे अनमोल वस्तु है उसमें सबसे कीमती चीज भेजी है वह इंसान भी है इंसान से कीमती कुछ नहीं है इंसान चाहे गरीब हो अमीर हो अरबपतियों करोड़पति हो संत पति ओसिया कितना भी पैसे वाला हो या भले ही वह शाम को एक ही रोटी सूखी खाते हो लेकिन फिर भी वो धरती के सबसे अनमोल धरोहर उस परवरदिगार की है जो खुद परवरदिगार का कहना है धर्मों में एक है धर्म की किताबों में लिखा है हमारे धर्म गुरु सभी धर्म और बताते हैं तो मेरे साथी अगर आपको आपके सवाल का जवाब सेटिंग मिल गया तो मुझे फोन कर दीजिएगा कमेंट करके जरूर बताइए

ek garib insaan hona zyada accha rahega amir parivar ke paaltu janwar ki tulna mein kyon kyonki paaltu janwar hamesha january ka taaza amir parivar ka ho ya garib parivar mein hua lekin garib aadmi agar mehnat karta hai lagan uske andar hai himmat hai hausla hai toh haqiqat mein ek na ek din bahut zyada amir ban sakta hai aur yah sab batein bhi insaan ke insaan vyakti vyakti ki soch par nirbhar karti hain toh mera manana hai ki garib aadmi banna zyada behtar hai kyonki is duniya mein upar waale paravaradigar ki jo sabse anmol vastu hai usme sabse kimti cheez bheji hai vaah insaan bhi hai insaan se kimti kuch nahi hai insaan chahen garib ho amir ho arabpatiyo crorepati ho sant pati osia kitna bhi paise vala ho ya bhale hi vaah shaam ko ek hi roti sukhi khate ho lekin phir bhi vo dharti ke sabse anmol dharohar us paravaradigar ki hai jo khud paravaradigar ka kehna hai dharmon mein ek hai dharm ki kitabon mein likha hai hamare dharm guru sabhi dharm aur batatey hain toh mere sathi agar aapko aapke sawaal ka jawab setting mil gaya toh mujhe phone kar dijiyega comment karke zaroor bataiye

एक गरीब इंसान होना ज्यादा अच्छा रहेगा अमीर परिवार के पालतू जानवर की तुलना में क्यों क्योंक

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Vivek Shukla

Life coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मुझे आजादी पसंद है कोई भी व्यक्ति के अमीर घर का कुत्ता नहीं बनना पसंद नहीं करेगा वह गरीब रहना पसंद कर सकता है क्योंकि गरीब आदमी स्वच्छंद हो सकता है थोड़ा उसे प्रॉब्लम हो सकता लेकिन अमीरों के कुत्ते बनने से अच्छा होता है मुझे नहीं लालच है कि मुझे पास बहुत सारे पैसे होंगे फिर बहुत सारी आराम है फिर मैं जिंदगी में संतुष्ट हूं तो अपने गरीब परिवार से हूं यदि मुझे आजादी मिली है तो गरीब परिवार से ही मिलेगी मेरे मन का होगा मैं जो चाहूं कर सकता हूं मुझे स्वतंत्रता होगी अमित की कुत्ते हमेशा दूर चाटते ही दिव्य खिलखिलाते हुए वहीं पड़े रहेंगे एकड़ में बांधने से आजादी नहीं मिल सकती ऐसी सोच मेरे पास कभी नहीं आ सकती है फिर मैं से कभी सोच भी नहीं सकता बेहतरीन जिंदगी यही होगा कि मैं गरीब हूं लेकिन गरीब परिवार में रहूं और गरीबी सहित सा हूं लेकिन कभी कुत्ते की जिंदगी ना पीता हूं ओके बाय फ्रेंड

dekhiye mujhe azadi pasand hai koi bhi vyakti ke amir ghar ka kutta nahi bana pasand nahi karega vaah garib rehna pasand kar sakta hai kyonki garib aadmi swacchand ho sakta hai thoda use problem ho sakta lekin amiron ke kutte banne se accha hota hai mujhe nahi lalach hai ki mujhe paas bahut saare paise honge phir bahut saree aaram hai phir main zindagi mein santusht hoon toh apne garib parivar se hoon yadi mujhe azadi mili hai toh garib parivar se hi milegi mere man ka hoga main jo chahu kar sakta hoon mujhe swatantrata hogi amit ki kutte hamesha dur chatte hi divya khilkhilate hue wahi pade rahenge acre mein bandhne se azadi nahi mil sakti aisi soch mere paas kabhi nahi aa sakti hai phir main se kabhi soch bhi nahi sakta behtareen zindagi yahi hoga ki main garib hoon lekin garib parivar mein rahun aur garibi sahit sa hoon lekin kabhi kutte ki zindagi na pita hoon ok bye friend

देखिए मुझे आजादी पसंद है कोई भी व्यक्ति के अमीर घर का कुत्ता नहीं बनना पसंद नहीं करेगा वह

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SUBHASH RAO

Spoken English Trainer

0:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसा कि आपने कहा कि क्या बनना चाहेंगे एक अमीर परिवार का पालतू जानवर या एक गरीब व्यक्ति तो मैं जाऊंगा कि मैं एक गरीब व्यक्ति बनो लेकिन स्वतंत्र की गुलामी की जिंदगी स्वाभिमान ही जिंदगी हो तो यार जिसको बिल्कुल ठीक नहीं होता तो आत्मसम्मान की जिंदगी जीना ही अच्छी जिंदगी है और इससे है कि शैतान रहे स्वाभिमानी रहे और गरीब परिवार में रहे तो ज्यादा बेहतर होगा लेकिन गुलामी की जिंदगी बिल्कुल ठीक नहीं

jaisa ki aapne kaha ki kya banna chahenge ek amir parivar ka paaltu janwar ya ek garib vyakti toh main jaunga ki main ek garib vyakti bano lekin swatantra ki gulaami ki zindagi swabhiman hi zindagi ho toh yaar jisko bilkul theek nahi hota toh atmasamman ki zindagi jeena hi achi zindagi hai aur isse hai ki shaitaan rahe svaabhimaani rahe aur garib parivar mein rahe toh zyada behtar hoga lekin gulaami ki zindagi bilkul theek nahi

जैसा कि आपने कहा कि क्या बनना चाहेंगे एक अमीर परिवार का पालतू जानवर या एक गरीब व्यक्ति तो

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं गरीब व्यक्ति का पसंद करूंगा किसी अमीर परिवार में पालतू जानवर की तरह जीना पसंद नहीं करूंगा क्योंकि अमीर व्यक्ति जो बनता है बनाते हैं वह आप लोगों का हार्दिक शुभ काम करते हैं इसकी क्लास भी यही है एवं सिद्धांत जबकि मेरा मानना यह है एक गरीब की कुटिया पर आगे लिखा रहता है सुस्वागतम और एक अमीर पेट के अंदर उतना ही नैरोनेस होता है और गांव में जो छोटी-छोटी जो परियां होती हैं उनमें उतनी ही अधिक विशालता होती है मेरे मित्र मैं फ्री बंद कर दो पीना पसंद करूंगा अमीर के घर पालतू कुत्ता बनकर के पालतू जानवर वक्त करके दिनेश करता है और अमीरी में पालतू जानवर बंद करता है जो स्वाभिमानी व्यक्ति को कभी भी कभी भी स्वीकार नहीं करनी चाहिए

main garib vyakti ka pasand karunga kisi amir parivar mein paaltu janwar ki tarah jeena pasand nahi karunga kyonki amir vyakti jo banta hai banate hain vaah aap logo ka hardik shubha kaam karte hain iski class bhi yahi hai evam siddhant jabki mera manana yah hai ek garib ki kuttiya par aage likha rehta hai suswagatam aur ek amir pet ke andar utana hi nairones hota hai aur gaon mein jo choti choti jo pariyaan hoti hain unmen utani hi adhik vishalata hoti hai mere mitra main free band kar do peena pasand karunga amir ke ghar paaltu kutta bankar ke paaltu janwar waqt karke dinesh karta hai aur amiri mein paaltu janwar band karta hai jo svaabhimaani vyakti ko kabhi bhi kabhi bhi sweekar nahi karni chahiye

मैं गरीब व्यक्ति का पसंद करूंगा किसी अमीर परिवार में पालतू जानवर की तरह जीना पसंद नहीं करू

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Mohit Chouksey

Business Coach at MLM

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मैं सवाल का आंसर यह कहना चाहूंगा कि अगर मुझे 24:00 मिलती है कि मैं कहां अपना धन मिले ना चाहूं एक अमीर फैमिली में ऐसा पेड़ और गरीब परिवार में ऐसा क्यों मन तो बिल्कुल मैं गरीब परिवार को चुनना चाहूंगा क्योंकि ऐसा है कि देखिए एक ह्यूमन ह्यूमन होता है और एनिमल एनिमल होता उसको कितनी अच्छे से ठीक किया जाए फिर भी आप एक एनिमल की लाइट नहीं है वहां पर आपकी विशेष नहीं आप बोल नहीं सकते अगर आप गरीब हैं तो अब इसलिए आप अपने कर्म करके अपनी स्थिति को बदल सकते हैं पर अगर आप गरीब घर में पैदा होते हैं तो बिल्कुल आपके पास स्ट्रगल करके सीखने के बहुत सारे मौके होते हैं तो मेरे सबसे मुझे एक गरीब फैमिली में पैदा होना अच्छा लगा ऐसे कंपेयर टू व्हिच फैमिली 78 थैंक यू

dekhiye main sawaal ka answer yah kehna chahunga ki agar mujhe 24 00 milti hai ki main kahaan apna dhan mile na chahu ek amir family mein aisa ped aur garib parivar mein aisa kyon man toh bilkul main garib parivar ko chunana chahunga kyonki aisa hai ki dekhiye ek human human hota hai aur animal animal hota usko kitni acche se theek kiya jaaye phir bhi aap ek animal ki light nahi hai wahan par aapki vishesh nahi aap bol nahi sakte agar aap garib hain toh ab isliye aap apne karm karke apni sthiti ko badal sakte hain par agar aap garib ghar mein paida hote hain toh bilkul aapke paas struggle karke sikhne ke bahut saare mauke hote hain toh mere sabse mujhe ek garib family mein paida hona accha laga aise compare to which family 78 thank you

देखिए मैं सवाल का आंसर यह कहना चाहूंगा कि अगर मुझे 24:00 मिलती है कि मैं कहां अपना धन मिले

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:21
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल काफी इंटरेस्टिंग लग रहा है इसलिए मैं इसका जवाब देता हूं कि किसी भी व्यक्ति को यह जान लेना आवश्यक है कि उसका जन्म जरूर गरीब परिवार में होता है या वह बचपन से जरूर गरीब होता है लेकिन मरते तो गरीब नहीं होता यह एक स्टेटमेंट है जो एक महान व्यक्ति ने कहा था यानी कि इंसान अपनी किस्मत और मेहनत से खुद का भविष्य निर्धारित करता है उसकी किस्मत किसके हाथ में उसकी मेहनत भी उसके हाथ में जो वह करेगा वैसा बन जाएगा हर किसी की किस्मत गरीब नहीं होती हर किसी की मेहनत गरीब होना नहीं होती हां आपकी सोच से जगह जरूर आप हमेशा हमेशा के लिए गरीब नहीं रह सकते हैं अपनी सोच से हमेशा अमीर के अमीर बने रह सकते हैं और आपकी सोच का अंतर पड़ता है गरीब और अमीर होने में आपको क्या लगता है क्यों एक परिवार में जो अभी परिवार है वह अमीर होता चला जाता है और गरीब है वह और गरीब होता चला जाता है केवल सोच का अंतर है मुझे लगता है सोच को अवधारणा को बदलने की आवश्यकता है आप मेहनत कीजिए हर चीज में मेहनत कीजिए जो भी चीज आपको पसंद आए वह कीजिए धन को अपनी तरफ आकर्षित कीजिए पोजिटिव काम कीजिए मोटिवेटेड वाले काम कीजिए जरूर आप अच्छे व्यक्ति बनेंगे न सिर्फ अच्छे बनेंगे बल्कि धन दौलत शोहरत एवं ताप की तरफ दौड़ कर आएगी धन्यवाद

aapka sawaal kaafi interesting lag raha hai isliye main iska jawab deta hoon ki kisi bhi vyakti ko yah jaan lena aavashyak hai ki uska janam zaroor garib parivar mein hota hai ya vaah bachpan se zaroor garib hota hai lekin marte toh garib nahi hota yah ek statement hai jo ek mahaan vyakti ne kaha tha yani ki insaan apni kismat aur mehnat se khud ka bhavishya nirdharit karta hai uski kismat kiske hath mein uski mehnat bhi uske hath mein jo vaah karega waisa ban jaega har kisi ki kismat garib nahi hoti har kisi ki mehnat garib hona nahi hoti haan aapki soch se jagah zaroor aap hamesha hamesha ke liye garib nahi reh sakte hain apni soch se hamesha amir ke amir bane reh sakte hain aur aapki soch ka antar padta hai garib aur amir hone mein aapko kya lagta hai kyon ek parivar mein jo abhi parivar hai vaah amir hota chala jata hai aur garib hai vaah aur garib hota chala jata hai keval soch ka antar hai mujhe lagta hai soch ko avdharna ko badalne ki avashyakta hai aap mehnat kijiye har cheez mein mehnat kijiye jo bhi cheez aapko pasand aaye vaah kijiye dhan ko apni taraf aakarshit kijiye pojitiv kaam kijiye motivated waale kaam kijiye zaroor aap acche vyakti banenge na sirf acche banenge balki dhan daulat shoharat evam taap ki taraf daudh kar aayegi dhanyavad

आपका सवाल काफी इंटरेस्टिंग लग रहा है इसलिए मैं इसका जवाब देता हूं कि किसी भी व्यक्ति को यह

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Mehmood Alum

Law Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं ना तो किसी अमीर आदमी का पालतू जानवर बनना चाहूंगा और ना ही एक गरीब व्यक्ति रहना चाहूंगा बल्कि मैं एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर जीवन जीना चाहूंगा

main na toh kisi amir aadmi ka paaltu janwar banna chahunga aur na hi ek garib vyakti rehna chahunga balki main ek swatantra aur aatmanirbhar jeevan jeena chahunga

मैं ना तो किसी अमीर आदमी का पालतू जानवर बनना चाहूंगा और ना ही एक गरीब व्यक्ति रहना चाहूंगा

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए इन दोनों में से कोई भी नहीं बनना चाहेगा ना वह किसी अमीर आदमी का पालतू जानवर और ना ही कड़ी व्यक्ति हर कोई चाहेगा मैं अमीर बनो मैं ईश्वर का भक्त बनो क्या कोई भी चौहान मनु यह तो उसकी किस्मत है वह किसी अमीर आदमी का जानवर बनता है या कोई करीब बनता है यह सोच तो कोई सोच भी नहीं सकता

dekhiye in dono mein se koi bhi nahi banna chahega na vaah kisi amir aadmi ka paaltu janwar aur na hi kadi vyakti har koi chahega main amir bano main ishwar ka bhakt bano kya koi bhi Chauhan manu yah toh uski kismat hai vaah kisi amir aadmi ka janwar banta hai ya koi kareeb banta hai yah soch toh koi soch bhi nahi sakta

देखिए इन दोनों में से कोई भी नहीं बनना चाहेगा ना वह किसी अमीर आदमी का पालतू जानवर और ना ही

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Vimla Bidawatka

Spiritual Thinker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका पूछना है कि आप इन में से क्या होना चाहेंगे अमीर परिवार का पालतू जानवर या एक गरीब व्यक्ति तो नाचुली एक गरीब व्यक्ति होना ज्यादा पसंद करेंगे क्योंकि अमीर आदमी है लेकिन है तो उसका पालतू जानवर ही ना तो वह जानवर से तो फिर एक इंसान होना अच्छा है फिर कम से कम इंसान तो है गरीब है अमीर है क्या हुआ उसमें विवेक शक्ति है और पैसों का क्या है आज गरीब है वह अपनी मेहनत से कमा सकता है तो मुझे लगता है मनुष्य जन्म बहुत कीमती है और वह कितने लाख जन्मों के बाद मिलता है तो मनुष्य जन्म अगर मिल गया तो उसके बाद तो फिर वह अपने अपने पुरुषार्थ से अपनी मेहनत से वह कुछ भी कर सकता है तो अगर हमारे पास कोई चॉइस है कि आप इन दोनों में से क्या बनना चाहेंगे तो हंड्रेड परसेंट मैं बोलूंगी कि मैं कम से कम अमीर परिवार का पालतू कुत्ता तो नहीं बनना चाहूंगी क्योंकि इस तरह से जैसे कि एक पक्षी है और वह पिंजरे में है अब वह पिंजरा सोने का है या पीतल का है या लोहे का पीला तो पिंजरा है अब पक्षी को क्या पता कि सोने क्या है अब तो उससे क्या होगा तो नहीं मनुष्य जन्म कीमती है इसलिए चाहे गरीब है अमीर है लेकिन मैं बनना चाहूंगी इंसान का जन्म लेकर और चाहे गरीब है तो कोई बात नहीं है गरीब व्यक्ति बनना पसंद करेंगे

aapka poochna hai ki aap in mein se kya hona chahenge amir parivar ka paaltu janwar ya ek garib vyakti toh nachuli ek garib vyakti hona zyada pasand karenge kyonki amir aadmi hai lekin hai toh uska paaltu janwar hi na toh vaah janwar se toh phir ek insaan hona accha hai phir kam se kam insaan toh hai garib hai amir hai kya hua usme vivek shakti hai aur paison ka kya hai aaj garib hai vaah apni mehnat se kama sakta hai toh mujhe lagta hai manushya janam bahut kimti hai aur vaah kitne lakh janmon ke baad milta hai toh manushya janam agar mil gaya toh uske baad toh phir vaah apne apne purusharth se apni mehnat se vaah kuch bhi kar sakta hai toh agar hamare paas koi choice hai ki aap in dono mein se kya banna chahenge toh hundred percent main bolungi ki main kam se kam amir parivar ka paaltu kutta toh nahi banna chahungi kyonki is tarah se jaise ki ek pakshi hai aur vaah pinjare mein hai ab vaah pinjara sone ka hai ya pital ka hai ya lohe ka peela toh pinjara hai ab pakshi ko kya pata ki sone kya hai ab toh usse kya hoga toh nahi manushya janam kimti hai isliye chahen garib hai amir hai lekin main banna chahungi insaan ka janam lekar aur chahen garib hai toh koi baat nahi hai garib vyakti banna pasand karenge

आपका पूछना है कि आप इन में से क्या होना चाहेंगे अमीर परिवार का पालतू जानवर या एक गरीब व्यक

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Rinku Kumar Meena

managing director (MD)life expert hindi writer tourist guides writing self employed मैं चाहता हूं हर व्यक्ति को अपने जीवन में खुश रहने का पूरा अधिकार है चाहे वह लड़का या लड़की और वह जो चाहे कर सकती अपनी लाइफ से उसका भी अधिकार होना चाहिए और मैं चाहता हूं लड़कियां भी अपना जीवन पूरी तरीके से खुश हो कर दिया चाहे वह अपने परिवार में हो या ससुराल में विश्वास करता हूं

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देखिए कर देखा जाए तो वैसे हर व्यक्ति को अपनी लाइफ स्वतंत्र जीने में मजा आता है आप इंसान की बात करें या जानवर की है सभी अपने तरीके से जीना चाहिए किस के अंदर किसी के अंदर अपनी लाइफ नहीं जीना चाहे मैं भी ऐसी ऐसी लाइफ जीना चाहता हूं तो मैं रह सकता हूं बस चलता है कि अगर मैं वहां रहकर लोगों की सहायता कर सकूं और लोगों के विकास में कुछ सहयोग कर सकूं मैं मार रहे सकता हूं

dekhiye kar dekha jaaye toh waise har vyakti ko apni life swatantra jeene mein maza aata hai aap insaan ki baat kare ya janwar ki hai sabhi apne tarike se jeena chahiye kis ke andar kisi ke andar apni life nahi jeena chahen main bhi aisi aisi life jeena chahta hoon toh main reh sakta hoon bus chalta hai ki agar main wahan rahkar logo ki sahayta kar saku aur logo ke vikas mein kuch sahyog kar saku main maar rahe sakta hoon

देखिए कर देखा जाए तो वैसे हर व्यक्ति को अपनी लाइफ स्वतंत्र जीने में मजा आता है आप इंसान की

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Ashish

STUDENT Of class 6

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अमीर परिवार के सूजन होने से अच्छा है कि मैं गरीब हूं

amir parivar ke sujan hone se accha hai ki main garib hoon

अमीर परिवार के सूजन होने से अच्छा है कि मैं गरीब हूं

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Damini

Study

0:21
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मैं तो एक गरीब व्यक्ति ही रहना चाहूंगी क्योंकि अमीर परिवार का पालतू जानवर बन कर मैं अपनी खुशी को जाहिर नहीं कर सकती मगर एक गरीब व्यक्ति होकर चाहे दुख में ही कुछ थोड़ी सी भी खुशी मिले तुम उसे जाहिर कर सकते हो

main toh ek garib vyakti hi rehna chahungi kyonki amir parivar ka paaltu janwar ban kar main apni khushi ko jaahir nahi kar sakti magar ek garib vyakti hokar chahen dukh mein hi kuch thodi si bhi khushi mile tum use jaahir kar sakte ho

मैं तो एक गरीब व्यक्ति ही रहना चाहूंगी क्योंकि अमीर परिवार का पालतू जानवर बन कर मैं अपनी ख

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मैं बता दूं क्या अभी परिवार परिवार के पालतू जानवर से बेहतर है कि मैं गरीब

main bata doon kya abhi parivar parivar ke paaltu janwar se behtar hai ki main garib

मैं बता दूं क्या अभी परिवार परिवार के पालतू जानवर से बेहतर है कि मैं गरीब

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देखिए आमिर परिवार के पालतू कुत्ता होने से कहीं ज्यादा अच्छा है कि हम गरीब व्यक्ति ही बंद करें

dekhiye aamir parivar ke paaltu kutta hone se kahin zyada accha hai ki hum garib vyakti hi band karen

देखिए आमिर परिवार के पालतू कुत्ता होने से कहीं ज्यादा अच्छा है कि हम गरीब व्यक्ति ही बंद क

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मम्मी परिवार का पालतू जानवर बनने से चाहे कि एक गरीब व्यक्ति बनकर अपनी मेहनत से अमीर हो जाए

mummy parivar ka paaltu janwar banne se chahen ki ek garib vyakti bankar apni mehnat se amir ho jaaye

मम्मी परिवार का पालतू जानवर बनने से चाहे कि एक गरीब व्यक्ति बनकर अपनी मेहनत से अमीर हो जाए

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एक गरीब व्यक्ति बनना पसंद करोगी अमीर परिवारों का पालतू जानवर बनने से अच्छा है क्योंकि गरीब व्यक्ति जो है भगवान ने सिर्फ भगवान या जो भी है शुभम मनुष्य ही जाता है जिसमें दिमाग दिया है हाथ पर हर चीज जो है हमारे इंसान में दी है जानवरों को वह क्षमता नहीं दी है जानवरों में कुछ खूबियां होती है कि से कुत्ते में नाचती होती है क्यों होती है बहुत अच्छा कर जीवन हमें देखना है तो यह इंसान के रूप में मिला है उसको अच्छे दीजिए

ek garib vyakti bana pasand karogi amir parivaron ka paaltu janwar banne se accha hai kyonki garib vyakti jo hai bhagwan ne sirf bhagwan ya jo bhi hai subham manushya hi jata hai jisme dimag diya hai hath par har cheez jo hai hamare insaan mein di hai jaanvaro ko vaah kshamta nahi di hai jaanvaro mein kuch khubiya hoti hai ki se kutte mein nachati hoti hai kyon hoti hai bahut accha kar jeevan hamein dekhna hai toh yah insaan ke roop mein mila hai usko acche dijiye

एक गरीब व्यक्ति बनना पसंद करोगी अमीर परिवारों का पालतू जानवर बनने से अच्छा है क्योंकि गरीब

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हम हमारी जो सोच है वे यह सोचे कि हम ना तो अमीर बने ना गरीब बने हम बीच के व्यक्ति रहे हम गरीब लोगों में ही आते हैं और हम गरीबों का ही भला चाहते हैं क्योंकि जब वह हमारा जो कर्तव्य इसी प्रकार से है कि हम अपने जो यह हमारी सोच होनी चाहिए कि गरीबों के प्रति निष्ठा हमको आगे बढ़ना चाहिए

hum hamari jo soch hai ve yah soche ki hum na toh amir bane na garib bane hum beech ke vyakti rahe hum garib logo mein hi aate hain aur hum garibon ka hi bhala chahte hain kyonki jab vaah hamara jo kartavya isi prakar se hai ki hum apne jo yah hamari soch honi chahiye ki garibon ke prati nishtha hamko aage badhana chahiye

हम हमारी जो सोच है वे यह सोचे कि हम ना तो अमीर बने ना गरीब बने हम बीच के व्यक्ति रहे हम गर

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sanjay bhargav

जय परशुराम

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देखिए कोई भी व्यक्ति है वह कभी गलत तो बना नहीं चाहेगा हर कोई अपनी उन्नति सोचता है पर गरीब भी रहते हैं अमीर भी रहते हैं और कितने लोग परिवार के फालतू बंद कर भी रहते हैं पर वह अपनी इच्छा से नहीं रहते उनकी कंडीशन परिस्थिति उनसे ऐसा करवा देती है क्योंकि आदमी के पास जैसी प्रसिद्ध हुए वह वैसा ही करेगा अब गरीब आदमी से पूछिए आप गरीब क्या हुए तो वह क्या जवाब देगा क्योंकि वह खुद तो गरीब हुआ नहीं उसने उसने यह सोचा होगा कि मैं गरीब हो जाऊं बहुत अब गरीब हुआ है उसकी प्रारब्ध सही वह गरीब है तो अपने आप से बनने की तो कोई इच्छा नहीं है हर कोई उन्नति चाहता गरीब आदमी भी उठना चाहता है कोई भी हो तो उन्नति का रास्ता ही चुनेंगे

dekhiye koi bhi vyakti hai vaah kabhi galat toh bana nahi chahega har koi apni unnati sochta hai par garib bhi rehte hai amir bhi rehte hai aur kitne log parivar ke faltu band kar bhi rehte hai par vaah apni iccha se nahi rehte unki condition paristhiti unse aisa karva deti hai kyonki aadmi ke paas jaisi prasiddh hue vaah waisa hi karega ab garib aadmi se puchiye aap garib kya hue toh vaah kya jawab dega kyonki vaah khud toh garib hua nahi usne usne yah socha hoga ki main garib ho jaaun bahut ab garib hua hai uski prarabdh sahi vaah garib hai toh apne aap se banne ki toh koi iccha nahi hai har koi unnati chahta garib aadmi bhi uthna chahta hai koi bhi ho toh unnati ka rasta hi chunenge

देखिए कोई भी व्यक्ति है वह कभी गलत तो बना नहीं चाहेगा हर कोई अपनी उन्नति सोचता है पर गरीब

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Aakib Malik

Network Marketing Sami Direct.Distributor

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मैं गरीब बनकर ही रहना चाहूंगा क्योंकि एक गरीब वक्त व्यक्ति जतन इज्जत दार होते हैं और मैं एक गरीब व्यक्ति और गरीब व्यक्ति हो अमीर के पालतू जानवर से बेहतर है गरीबी

main garib bankar hi rehna chahunga kyonki ek garib waqt vyakti jatan izzat daar hote hain aur main ek garib vyakti aur garib vyakti ho amir ke paaltu janwar se behtar hai gareebi

मैं गरीब बनकर ही रहना चाहूंगा क्योंकि एक गरीब वक्त व्यक्ति जतन इज्जत दार होते हैं और मैं ए

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Lokesh kesharwani

Psychologist & Philosopher (Life Coach), Counsellor Of Everything.

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देखिए इसमें यह कोई बात नहीं है कोई भी इंसान हां मेरे परिवार का पालतू जानवर बनना चाहेगा या फिर गरीब देखकर बनना चाहेगा इंसान को किसी प्रकार की कोई पाबंदी ना हो जिस को किसी प्रकार की कोई भी प्रेशर ना पड़े जो किसी के दबाव में काम न करे जो करे वह अपने मन से और खुश रहें धन्यवाद

dekhiye isme yah koi baat nahi hai koi bhi insaan haan mere parivar ka paaltu janwar banna chahega ya phir garib dekhkar banna chahega insaan ko kisi prakar ki koi pabandi na ho jis ko kisi prakar ki koi bhi pressure na pade jo kisi ke dabaav mein kaam na kare jo kare vaah apne man se aur khush rahein dhanyavad

देखिए इसमें यह कोई बात नहीं है कोई भी इंसान हां मेरे परिवार का पालतू जानवर बनना चाहेगा या

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बिछिया का सवाल तो बहुत अच्छा है तो मैं आपको बताना चाहता हूं अमीर परिवार का पालतू जानवर है गरीब है तो मैं एक गरीब व्यक्ति बनना चाहता हूं क्योंकि एक गरीब एक गरीब जरूर आता है कि दिल से बहुत बड़ा रहता है उस सुकून की दो रोटी खाता है मैं गरीब ही बनना पसंद करूंगा

bichhiya ka sawaal toh bahut accha hai toh main aapko bataana chahta hoon amir parivar ka paaltu janwar hai garib hai toh main ek garib vyakti banna chahta hoon kyonki ek garib ek garib zaroor aata hai ki dil se bahut bada rehta hai us sukoon ki do roti khaata hai garib hi banna pasand karunga

बिछिया का सवाल तो बहुत अच्छा है तो मैं आपको बताना चाहता हूं अमीर परिवार का पालतू जानवर है

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देखिए यह चीज तो सच वेशन पर डिपेंड करती है कि यह चीज आप किस समय में सोच रहे हैं जैसे कि यदि आप अगर उस संबंध में आपका जन्म किसी जानवर की प्रजाति में हुआ है मान लीजिए कि आप पर कोई जानवर है तो आप उस समय यह सोचेंगे कि अगर आप मां सब कुछ देख कर आपको 12 का जन्म मिला है तो आप उसमें क्या सोचेंगे यार इससे तो अच्छी जिंदगी यही होगी कि हम किसी आप अमीर आदमी के घर आज के दिन अगर यहां पर जन्म लिया होता लोग होते या तो हमको वहां पर अच्छा अच्छा खाने को मिलता है या कुछ आराम से अपने मतलब जिंदगी कट जाती है और यहां की ऐसी जिंदगी से तो अच्छा रहता और यदि सर आप उस समय पर एक आदमी के रूप में अगर आप ने जन्म लिया है तो आप उस समय यह सोचेंगे कि आप किसी के यहां पर उसकी रखवाली करने से अच्छा है कि हम एक गरीब आदमी बनकर अपने खुद के मालिक बन जाए अपनी झोपड़ी के वह अच्छा रहेगा तो यह उस सिचुएशन पर डिपेंड करता है कि आप की सिचुएशन में है उस समय और यह उसी समय यह डिपेंड करता है कि आप कौन सी

dekhiye yah cheez toh sach veshan par depend karti hai ki yah cheez aap kis samay mein soch rahe hain jaise ki yadi aap agar us sambandh mein aapka janam kisi janwar ki prajati mein hua hai maan lijiye ki aap par koi janwar hai toh aap us samay yah sochenge ki agar aap maa sab kuch dekh kar aapko 12 ka janam mila hai toh aap usme kya sochenge yaar isse toh achi zindagi yahi hogi ki hum kisi aap amir aadmi ke ghar aaj ke din agar yahan par janam liya hota log hote ya toh hamko wahan par accha accha khane ko milta hai ya kuch aaram se apne matlab zindagi cut jaati hai aur yahan ki aisi zindagi se toh accha rehta aur yadi sir aap us samay par ek aadmi ke roop mein agar aap ne janam liya hai toh aap us samay yah sochenge ki aap kisi ke yahan par uski rakhawali karne se accha hai ki hum ek garib aadmi bankar apne khud ke malik ban jaaye apni jhopdi ke vaah accha rahega toh yah us situation par depend karta hai ki aap ki situation mein hai us samay aur yah usi samay yah depend karta hai ki aap kaun si

देखिए यह चीज तो सच वेशन पर डिपेंड करती है कि यह चीज आप किस समय में सोच रहे हैं जैसे कि यदि

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Er Jaisingh

Mathematics Solution, 1:00PM TO 2:00PM

1:05
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सत कर्मों से पूर्व जन्म के कर्मों से मनुष्य योनि प्राप्त होती है 8400000 योनियों के बाद मनुष्य योनि प्राप्त होती है मनुष्य योनि बुद्धिजीवी बनाई गई है जो कि चंद्रमा का पता लगा रहे सूर्य का पता लगा रहे हैं हर ग्रहों का पता लगा रहे हैं इसलिए यह जो है मनुष्य योनि बुद्धिजीवी है तो मनुष्य योनि जिसको मिल गई वही समझो तो बहुत ही भाग्यशाली हुआ इसका सदुपयोग करें और आगे बढ़े और दूसरे जन्म को सुधारें और मोक्ष की ओर बढ़े यही अपना कर्तव्य यूपी अर्थात एक व्यक्ति के रूप में पैदा हुए हैं यही अति उत्तम चीज है कुत्ता बिल्ली चींटी चमगादर बंदे की इच्छाएं छोड़िए अब जैसी इच्छा करोगे वैसा बन जाओगे इसलिए व्यक्ति हमको जो प्रभु ने दिया इंसान बस इसी में मग्न रहे इसी में मस्त रहें दाल रोटी खाया और मोक्ष की ओर जाएं

sat karmon se purv janam ke karmon se manushya yoni prapt hoti hai 8400000 yoniyon ke baad manushya yoni prapt hoti hai manushya yoni buddhijeevi banai gayi hai jo ki chandrama ka pata laga rahe surya ka pata laga rahe hain har grahon ka pata laga rahe hain isliye yah jo hai manushya yoni buddhijeevi hai toh manushya yoni jisko mil gayi wahi samjho toh bahut hi bhagyashali hua iska sadupyog kare aur aage badhe aur dusre janam ko sudhare aur moksha ki aur badhe yahi apna kartavya up arthat ek vyakti ke roop mein paida hue hain yahi ati uttam cheez hai kutta billi chinti chamagadar bande ki ichhaen chodiye ab jaisi iccha karoge waisa ban jaoge isliye vyakti hamko jo prabhu ne diya insaan bus isi mein magn rahe isi mein mast rahein daal roti khaya aur moksha ki aur jayen

सत कर्मों से पूर्व जन्म के कर्मों से मनुष्य योनि प्राप्त होती है 8400000 योनियों के बाद मन

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