क्या आपको लगता है कि लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं?...


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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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ऐसे और सवाल
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Porshia Chawla Ban

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां मुझे ऐसा लगता है कि लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं अब बाकी अगर आप ईमानदारी की परिभाषा की भी बात करें तो कई बार ऐसे डिसीजन लेने पड़ते हैं ऐसी सिचुएशंस लाइफ में आ जाती है कि जहां हम को थोड़ा सा प्रैक्टिकल होना पड़ता है तो इमानदारी हार्ड एंड फास्ट एकदम किताब में लिखी हुई चीज नहीं है जैसा कि और बाकी किसी से भी नहीं है तो इसीलिए थोड़ी सी फ्लैक्सिबिलिटी और कॉमन सेंस लाइफ में यूज करनी चाहिए ईमानदारी से मैं यह कहूंगी कि एंड रिजल्ट जो है वह सबके हित में हो किसी का पुराना हो और सब जायज हो तो हम कहेंगे कि हां ईमानदारी से लिया किया गया कार्य है और पोसिबल है बिल्कुल है कि एक व्यक्ति हर समय ईमानदार रह सके यह कौन है जो विकसित किया जा सकता है और इमानदार रहा जा सकता है धन्यवाद

haan mujhe aisa lagta hai ki log har samay imaandaar ho sakte hain ab baki agar aap imaandaari ki paribhasha ki bhi baat kare toh kai baar aise decision lene padate hain aisi sichueshans life me aa jaati hai ki jaha hum ko thoda sa practical hona padta hai toh imaandari hard and fast ekdam kitab me likhi hui cheez nahi hai jaisa ki aur baki kisi se bhi nahi hai toh isliye thodi si flaiksibiliti aur common sense life me use karni chahiye imaandaari se main yah kahungi ki and result jo hai vaah sabke hit me ho kisi ka purana ho aur sab jayaj ho toh hum kahenge ki haan imaandaari se liya kiya gaya karya hai aur posibal hai bilkul hai ki ek vyakti har samay imaandaar reh sake yah kaun hai jo viksit kiya ja sakta hai aur imaandaar raha ja sakta hai dhanyavad

हां मुझे ऐसा लगता है कि लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं अब बाकी अगर आप ईमानदारी की परिभाषा

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या आपको लगता है कि लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं जो ईमानदार हैं वह जीवन पर्यंत मानता गए थे चाहे वह भूखे रहने चाहे वह अपनी जिंदगी को दांव पर लगाते हैं तड़पते रहे अपमानित होते हैं लेकिन ईमानदारी नहीं छोड़ सकते जिन लोगों ने इमानदारी का चोला पहना है ईमानदारी को पल भर में कपड़ों की तरह बदल देते हैं जैसा समय की नजाकत देखते हैं वैसे वस्त्र धारण कर लेते हैं लेकिन ईमानदार व्यक्ति हर वक्त ही मानता है

kya aapko lagta hai ki log har samay imaandaar ho sakte hain jo imaandaar hain vaah jeevan paryant maanta gaye the chahen vaah bhukhe rehne chahen vaah apni zindagi ko dav par lagate hain tadpate rahe apmanit hote hain lekin imaandaari nahi chhod sakte jin logo ne imaandari ka chola pehna hai imaandaari ko pal bhar me kapdo ki tarah badal dete hain jaisa samay ki nazakat dekhte hain waise vastra dharan kar lete hain lekin imaandaar vyakti har waqt hi maanta hai

क्या आपको लगता है कि लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं जो ईमानदार हैं वह जीवन पर्यंत मानता गए

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Dr. Rajesh K.Yadav

Veterinary Doctor

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Ashok Clinic

Sexologist

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे हम कुछ है कि क्या आपको लगता है कि लोग हर समय मंदार हो सकते हैं तो बताना चाहेंगे कि ईमानदारी एक व्यक्तित्व का हिस्सा है और अगर कोई चीज इंसान के व्यक्तित्व में शामिल है तो वहां पर उसको ऐसा नहीं है कि वह सुबह कुछ और होगी दोपहर में कुछ होगा तो होगी और आत्म कुछ और होगी या अगर कोई व्यक्ति ईमानदार है तो वह पूरे दिन भर जाए सुबह हो दोपहर और शाम हो या कोई साथ दिन हो कोई संस्थान हो वह इमानदार ही रहेगा क्योंकि वह उसके व्यक्तित्व का हिस्सा है धन्यवाद

dekhe hum kuch hai ki kya aapko lagta hai ki log har samay mandar ho sakte hain toh bataana chahenge ki imaandaari ek vyaktitva ka hissa hai aur agar koi cheez insaan ke vyaktitva mein shaamil hai toh wahan par usko aisa nahi hai ki vaah subah kuch aur hogi dopahar mein kuch hoga toh hogi aur aatm kuch aur hogi ya agar koi vyakti imaandaar hai toh vaah poore din bhar jaaye subah ho dopahar aur shaam ho ya koi saath din ho koi sansthan ho vaah imaandaar hi rahega kyonki vaah uske vyaktitva ka hissa hai dhanyavad

देखे हम कुछ है कि क्या आपको लगता है कि लोग हर समय मंदार हो सकते हैं तो बताना चाहेंगे कि ईम

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Monika Sharma

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड्स नहीं मुझे ऐसा नहीं लगता है कि लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं यही रियल आंसर एडवांस अरे जो मैं आपको दे सकती हूं क्योंकि आज का जो वातावरण हो गया है जो लोगों की सोच विचार हो गए हैं उसमें ईमानदारी का स्थान उतना रह नहीं गया है और लोगों से ज्यादा इमानदारी आपको एक्सपेक्ट भी नहीं करनी चाहिए यह बहुत इंपॉर्टेंट है क्योंकि अगर आप एक इमानदार इंसान है तो आप अपने ऊपर काम कर सकते हैं अपनी तरफ से बेस्ट से बेस्ट ज्यादा से ज्यादा ईमानदार रह सकती हैं अपने रिश्तो में अपने प्रोफेशन में लाइट अपने ऑफिस में जहां पर भी आप चाहे आप अपनी तरफ से बेस्ट एफर्ट कर सकते हैं लेकिन आप दूसरों से हमेशा अगर इमानदारी का एक्सपेक्टेशन रखेंगे तो आप दुखी होंगे आप परेशान होंगे तो आजकल इतना लोग इमानदार हो नहीं रहे इसको अगर थोड़ा सा स्वीकार कर लेंगे तो जीवन थोड़ा सा शांति में हो जाएगा थैंक यू सो मच

hello friends nahi mujhe aisa nahi lagta hai ki log har samay imaandaar ho sakte hain yahi real answer advance are jo main aapko de sakti hoon kyonki aaj ka jo vatavaran ho gaya hai jo logo ki soch vichar ho gaye hain usme imaandaari ka sthan utana reh nahi gaya hai aur logo se zyada imaandari aapko expect bhi nahi karni chahiye yah bahut important hai kyonki agar aap ek imaandaar insaan hai toh aap apne upar kaam kar sakte hain apni taraf se best se best zyada se zyada imaandaar reh sakti hain apne rishto mein apne profession mein light apne office mein jaha par bhi aap chahen aap apni taraf se best effort kar sakte hain lekin aap dusro se hamesha agar imaandari ka expectation rakhenge toh aap dukhi honge aap pareshan honge toh aajkal itna log imaandaar ho nahi rahe isko agar thoda sa sweekar kar lenge toh jeevan thoda sa shanti mein ho jaega thank you so match

हेलो फ्रेंड्स नहीं मुझे ऐसा नहीं लगता है कि लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं यही रियल आंसर ए

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Dr Raj Kumar Kochar

Ayurvedic Doctors ( Researcher )

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यदि चाहे तो

yadi chahen toh

यदि चाहे तो

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं भी आपको हर समय ईमानदारी के लिए नहीं कह सकता हूं क्योंकि मैं भी कुछ हटके देश में पैदा हुआ हूं श्री कृष्ण की नीतियों को मानने वाला हूं अपने इष्टदेव की किस्त कैसे हैं कि मानव को समय के अनुकूल परिस्थितियों के अनुकूल अपने आप को चलना चाहिए सभी को चलते साथ जितना चाहिए गरीबी को फिर से दीजिए धोखेबाज को धोखेबाजी से ही किए ईमानदार के साथ ईमानदारी से दुश्मन को हमें सब कुछ बन के हत्यार से ही पराजित करना चाहिए यह प्रस्तुति ने की है भगवानों के अवतारों में यदि देखा जाए तो विष्णु के 24 अवतारों में सबसे कम दाम का है और श्रीकृष्ण की नीतियां नीतियां सर्वश्रेष्ठ कीजिए हैं नीतियों का पालन किया जाए तो माना जीवन में कभी कोई कष्ट आ ही नहीं सकता है उनकी नीति है क्योंकि हमेशा दुश्मन को दुश्मन की हथियार से ही जीतना चाहिए तो तभी कोपल से जीतना चाहिए धोखेबाज को तो क्यों बाजी से शरीर को शराफत से और इमानदार को ईमानदारी से जीना चाहिए कोई तुमको नम्रता से मिलता है तो मुझसे इतना फिल्म बता सकता तो कोई तुम्हारे साथ रेप करता है तो उसे खरीदते ही जीत लो

main bhi aapko har samay imaandaari ke liye nahi keh sakta hoon kyonki main bhi kuch hatake desh mein paida hua hoon shri krishna ki nitiyon ko manne vala hoon apne ishta dev ki kist kaise hain ki manav ko samay ke anukul paristhitiyon ke anukul apne aap ko chalna chahiye sabhi ko chalte saath jitna chahiye garibi ko phir se dijiye dhokhebaj ko dhokhebaji se hi kiye imaandaar ke saath imaandaari se dushman ko hamein sab kuch ban ke hatyar se hi parajit karna chahiye yah prastuti ne ki hai bhagwano ke avataron mein yadi dekha jaaye toh vishnu ke 24 avataron mein sabse kam daam ka hai aur shrikrishna ki nitiyan nitiyan sarvashreshtha kijiye hain nitiyon ka palan kiya jaaye toh mana jeevan mein kabhi koi kasht aa hi nahi sakta hai unki niti hai kyonki hamesha dushman ko dushman ki hathiyar se hi jeetna chahiye toh tabhi kopal se jeetna chahiye dhokhebaj ko toh kyon baazi se sharir ko sharafat se aur imaandaar ko imaandaari se jeena chahiye koi tumko namrata se milta hai toh mujhse itna film bata sakta toh koi tumhare saath rape karta hai toh use kharidte hi jeet lo

मैं भी आपको हर समय ईमानदारी के लिए नहीं कह सकता हूं क्योंकि मैं भी कुछ हटके देश में पैदा ह

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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हर समय ईमानदार बने रहना बड़ा मुश्किल काम है क्योंकि आज की आपाधापी वाली दुनिया में कदम कदम पर ऐसे मौके आते हैं जब ईमानदार बने रहने से काम नहीं चलता लेकिन जहां तक हो सके भारत सख्त लोगों को ईमानदार बने रहना चाहिए और हम हिंदुस्तानी लोग करते भी ऐसा है जब तक बहुत मजबूरी नहीं होती तब तक बेईमानी नहीं करते

har samay imaandaar bane rehna bada mushkil kaam hai kyonki aaj ki apadhapi wali duniya mein kadam kadam par aise mauke aate hain jab imaandaar bane rehne se kaam nahi chalta lekin jaha tak ho sake bharat sakht logo ko imaandaar bane rehna chahiye aur hum hindustani log karte bhi aisa hai jab tak bahut majburi nahi hoti tab tak baimani nahi karte

हर समय ईमानदार बने रहना बड़ा मुश्किल काम है क्योंकि आज की आपाधापी वाली दुनिया में कदम कदम

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SUBHASH RAO

Spoken English Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा नहीं है और मुझे नहीं लगता कि लोग हर समय ईमानदार होना जरूरी है क्योंकि कहीं कहीं ऐसी परिस्थिति होती है कि वहां भी झूठ बोलना और बेईमानी करना नितांत आवश्यक हो जाता है जैसे किसी को रिश्ते में बचाना किसी से रिश्ता निभाना या फिर किसी की जान बचाना कुछ ऐसा है जहां झूठ बोलना पड़ सकता है

aisa nahi hai aur mujhe nahi lagta ki log har samay imaandaar hona zaroori hai kyonki kahin kahin aisi paristithi hoti hai ki wahan bhi jhuth bolna aur baimani karna nitant aavashyak ho jata hai jaise kisi ko rishte mein bachaana kisi se rishta nibhana ya phir kisi ki jaan bachaana kuch aisa hai jaha jhuth bolna pad sakta hai

ऐसा नहीं है और मुझे नहीं लगता कि लोग हर समय ईमानदार होना जरूरी है क्योंकि कहीं कहीं ऐसी पर

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J.P. Y👌g i

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां हर वक्त ईमानदारी का ही होता है और होना भी चाहिए फायदा है मूर्ख लोग होते हैं ईमानदारी से कट के दूसरे लालच और स्वार्थ में अपना हिस्सा बनाते हैं लेकिन हम कुछ भी प्राप्त करते हैं तो हमारे लिए शांति और संतोष गायक होना चाहिए हर मूल्य हर चीज इसलिए खड़े खर्च होता है जो सुविधा प्रदान हो सके और शांति प्रदान कर सकें मनुष्य को शांति से बढ़कर कोई भी चीज नहीं और इमानदारी में ही सबसे ज्यादा शांति और जीवन की सत्यता है

ji haan har waqt imaandaari ka hi hota hai aur hona bhi chahiye fayda hai murkh log hote hain imaandaari se cut ke dusre lalach aur swarth mein apna hissa banate hain lekin hum kuch bhi prapt karte hain toh hamare liye shanti aur santosh gayak hona chahiye har mulya har cheez isliye khade kharch hota hai jo suvidha pradan ho sake aur shanti pradan kar sake manushya ko shanti se badhkar koi bhi cheez nahi aur imaandari mein hi sabse zyada shanti aur jeevan ki satyata hai

जी हां हर वक्त ईमानदारी का ही होता है और होना भी चाहिए फायदा है मूर्ख लोग होते हैं ईमानदार

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Piyush Goel

Mech Engg, Motivator.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ईमानदारी एक गुण है लोग हर समय मंदार ईमानदार हो सकते हैं ऐसा कुछ नहीं है तो 1 गुण है और इसमें समय की कोई पाबंदी नहीं है वह 24 घंटे पूरी जिंदगी कोई बात नहीं है कोई बात नहीं

imaandaari ek gun hai log har samay mandar imaandaar ho sakte hain aisa kuch nahi hai toh 1 gun hai aur isme samay ki koi pabandi nahi hai vaah 24 ghante puri zindagi koi baat nahi hai koi baat nahi

ईमानदारी एक गुण है लोग हर समय मंदार ईमानदार हो सकते हैं ऐसा कुछ नहीं है तो 1 गुण है और इसम

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

1:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है क्या आपको लगता है कि लोग हर समय मंत्र हो सकते हर समय तो ईमानदार नहीं हो सकते कभी कभी मजबूरी हो जाती है जहां वह ईमानदारी नहीं दिखा सकते और कभी कभी भिमानी कर भी लेनी पड़ती यह भी हो सकता है और हर लोग इमानदार हो सकते यह जरूरी नहीं जिसके पास कोई काम नहीं है वह बैठे-बैठे ईमानदारी का लेक्चर दे सकते हैं लेकिन जो जिसको काम करना है कड़ी मेहनत है जो जैसे तो पॉलिटिक्स है इसमें कभी ईमानदारी भी यह लोग नहीं सकते हंड्रेड में 79% लोग झूठी बोलते 1% होगा कि शायद वह सच बोलते हो पॉलिटिक्स एक ऐसी चीज है पुलिस पुलिस में भी यह चीज़ें महिला तिलक में भी एचडी डॉक्टर जब बनता है पेशेंट का कभी सच नहीं बोलते कि तेरे को बाद में बोलते हैं धीरे-धीरे लेकिन पहले तो उठा लेना पड़ता है इस देश के शटर उसका दिमाग जब ठीक हो तो बता दे कि तेरे को यह बीमारी थी आपको और अभी आप ठीक हो कभी कुछ अच्छा करने के लिए झूठ बोल भी लेना पड़ता है होता है यह चीज बाकी पूरी ईमानदारी नहीं दिखा सकते बाद में सच बोल सकता है तो यह हो सकता है बाकी तो झूठ बोलने वाली दुनिया में बहुत बड़ा है जो हर वक्त झूठ बोलते ऐसे भी है और कुछ लोग ऐसे हैं जो सेवर की राह पर चलते और सच सच बोलते हैं गुलाब लाइफ ट्रैक्टर एंड एंजॉय

aapka prashna hai kya aapko lagta hai ki log har samay mantra ho sakte har samay toh imaandaar nahi ho sakte kabhi kabhi majburi ho jaati hai jaha vaah imaandaari nahi dikha sakte aur kabhi kabhi bhimani kar bhi leni padti yah bhi ho sakta hai aur har log imaandaar ho sakte yah zaroori nahi jiske paas koi kaam nahi hai vaah baithe baithe imaandaari ka lecture de sakte hai lekin jo jisko kaam karna hai kadi mehnat hai jo jaise toh politics hai isme kabhi imaandaari bhi yah log nahi sakte hundred mein 79 log jhuthi bolte 1 hoga ki shayad vaah sach bolte ho politics ek aisi cheez hai police police mein bhi yah chize mahila tilak mein bhi hd doctor jab banta hai patient ka kabhi sach nahi bolte ki tere ko baad mein bolte hai dhire dhire lekin pehle toh utha lena padta hai is desh ke shutter uska dimag jab theek ho toh bata de ki tere ko yah bimari thi aapko aur abhi aap theek ho kabhi kuch accha karne ke liye jhuth bol bhi lena padta hai hota hai yah cheez baki puri imaandaari nahi dikha sakte baad mein sach bol sakta hai toh yah ho sakta hai baki toh jhuth bolne wali duniya mein bahut bada hai jo har waqt jhuth bolte aise bhi hai aur kuch log aise hai jo sevar ki raah par chalte aur sach sach bolte hai gulab life tractor and enjoy

आपका प्रश्न है क्या आपको लगता है कि लोग हर समय मंत्र हो सकते हर समय तो ईमानदार नहीं हो सकत

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्त दो चीजें होती हैं एक तो यह कि वह जो आइडियल चीज जो आप चाहते हैं या वह जो स्टैंडर्ड है वह जो बेंचमार्क A1 तो और दूसरा यह कि जो रियालिटी है अब सवाल है कि क्या आपको लगता है कि लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं हां क्यों नहीं हो सकते होने में क्या है होने में तो डर से निकली हो सकते हैं और एक लेकिन क्या वह हैं क्या वह उस तरीके से बढ़ रहे हैं कि वहां हो सकते हैं या वहां पहुंच सकते हैं जी नहीं बिल्कुल नहीं लोग आज प्रतिस्पर्धा में बहुत ज्यादा इससे पहले कभी ऐसा नहीं था आज हमारे पास सब अशोक सुविधाएं हैं जाने के लिए है बात करने के लिए ट्रांसपोर्टेशन के लिए कम्युनिकेशन के लिए सब तरीके की सुख सुविधाएं रहने के लिए खाने पीने के लिए लेकिन आज इंसान इस होड़ में इस तरीके से लगा हुआ है एकत्रित करने में चीजों को अपने आप को ऊपर उठाने में कि उसे समझ नहीं आता वह ध्यान नहीं देता कि मैं किसी का बुरा तो नहीं कर किसी के साथ कोई अन्याय तो नहीं कर रहा कुछ गलत तो नहीं कहा लोग छोड़िए वह तो प्रकृति को भी नहीं छोड़ा तो यहां पर दिक्कत परेशानी आ जाती है अच्छा सारे काम क्या वह सही तरीके से करते हैं जी नहीं सारे काम सही तरीके से नहीं करता है एग्जांपल ही ले लीजिए वह इतने सारे लोग हैं चाहे वह छोटी कंपनियों बड़ी कंपनियों खोलकर बैठे हैं ऑफिस बना कर बैठे हैं कारोबार बना कर बैठे हैं क्या वह टैक्स देते हैं जिन्हें उनके मन में तो हमेशा ही लगा रहता है कि मैं कैसे अपना टैक्स का पैसा बचा लो अरे भाई आप टैक्स नहीं दोगे तो सरकार को पैसा कैसे मिलेगा सरकार काम कैसे करेगी तो जवाब आएगा भाई सरकार भी तो चोर है वहां पर भी तो काम नहीं होता वहां पर भी तो मेरा दिया हुआ पैसा वैसे उपयोग नहीं होता देखिए आप अपना फर्ज तो नहीं भाई है ना उसके बाद हम उसके बस की बात करेंगे कि भी वहां पर क्या कहानी है और उसको भी वही करना है डेफिनिटी उसको भी करना है जिसका जो काम है लेकिन क्या वह हो पा रहे हैं वह हो नहीं पा रहा तो इसीलिए और है कि हम एक दूसरे को देख कर कि नहीं नहीं वह तो नहीं कर रहा तो मेरे को भी करने की जरूरत नहीं है मैं क्यों करूं अगर मैं करता हूं तो मैं बहुत अलग थलग देखता हूं यह सारी हमारे अंदर सोच है यह प्रवृत्ति है तो इसको चेंज करना बहुत जरूरी है और अगर हम इसको नहीं करेंगे तो हम वैसे नहीं हो पाएंगे और ऐड वर्ल्ड रैंकिंग सोती है कई तरीके के रैंक होती है चाहे वह हैप्पीनेस इंडेक्स होता है आ जाए वह फल होता है चाहे वह बहुत सारी चीजें होती हैं तो उसमें हमारा नंबर काफी नीचे आता है भारत देश का नंबर काफी नीचे आता है और यहां पर ईमानदारी का भी होता है तो काफी नीचे आते हैं इस ऑफ़ डूइंग बिज़नेस भी होता है तो अभी हमारी राखी काफी अच्छी हुई है लेकिन यह सारी चीजें हमें को देखनी पड़ेगी मैरिज करनी पड़ी क्या ले जाना पड़ेगा अगर हम चाहे तो हम क्या नहीं कर सकते

dost do cheezen hoti hain ek toh yah ki vaah jo ideal cheez jo aap chahte hain ya vaah jo standard hai vaah jo benchmark A1 toh aur doosra yah ki jo reality hai ab sawaal hai ki kya aapko lagta hai ki log har samay imaandaar ho sakte hain haan kyon nahi ho sakte hone mein kya hai hone mein toh dar se nikli ho sakte hain aur ek lekin kya vaah kya vaah us tarike se badh rahe hain ki wahan ho sakte hain ya wahan pohch sakte hain ji nahi bilkul nahi log aaj pratispardha mein bahut zyada isse pehle kabhi aisa nahi tha aaj hamare paas sab ashok suvidhaen hain jaane ke liye hai baat karne ke liye transportation ke liye communication ke liye sab tarike ki sukh suvidhaen rehne ke liye khane peene ke liye lekin aaj insaan is hod mein is tarike se laga hua hai ekatrit karne mein chijon ko apne aap ko upar uthane mein ki use samajh nahi aata vaah dhyan nahi deta ki main kisi ka bura toh nahi kar kisi ke saath koi anyay toh nahi kar raha kuch galat toh nahi kaha log chodiye vaah toh prakriti ko bhi nahi choda toh yahan par dikkat pareshani aa jaati hai accha saare kaam kya vaah sahi tarike se karte hain ji nahi saare kaam sahi tarike se nahi karta hai example hi le lijiye vaah itne saare log hain chahen vaah choti companion badi companion kholakar baithe hain office bana kar baithe hain karobaar bana kar baithe kya vaah tax dete hain jinhen unke man mein toh hamesha hi laga rehta hai ki main kaise apna tax ka paisa bacha lo are bhai aap tax nahi doge toh sarkar ko paisa kaise milega sarkar kaam kaise karegi toh jawab aayega bhai sarkar bhi toh chor hai wahan par bhi toh kaam nahi hota wahan par bhi toh mera diya hua paisa waise upyog nahi hota dekhiye aap apna farz toh nahi bhai hai na uske baad hum uske bus ki baat karenge ki bhi wahan par kya kahani hai aur usko bhi wahi karna hai definiti usko bhi karna hai jiska jo kaam hai lekin kya vaah ho paa rahe hain vaah ho nahi paa raha toh isliye aur hai ki hum ek dusre ko dekh kar ki nahi nahi vaah toh nahi kar raha toh mere ko bhi karne ki zarurat nahi hai kyon karu agar main karta hoon toh main bahut alag thalag dekhta hoon yah saree hamare andar soch hai yah pravritti hai toh isko change karna bahut zaroori hai aur agar hum isko nahi karenge toh hum waise nahi ho payenge aur aid world ranking soti hai kai tarike ke rank hoti hai chahen vaah Happiness index hota hai aa jaaye vaah fal hota hai chahen vaah bahut saree cheezen hoti hain toh usme hamara number kaafi niche aata hai bharat desh ka number kaafi niche aata hai aur yahan par imaandaari ka bhi hota hai toh kaafi niche aate hain is of doing business bhi hota hai toh abhi hamari rakhi kaafi achi hui hai lekin yah saree cheezen hamein ko dekhni padegi marriage karni padi kya le jana padega agar hum chahen toh hum kya nahi kar sakte

दोस्त दो चीजें होती हैं एक तो यह कि वह जो आइडियल चीज जो आप चाहते हैं या वह जो स्टैंडर्ड है

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Vivek Shukla

Life coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे लोग हर समय ईमानदार नहीं हो सकते जैसे उनकी जरूरतें आपकी जरूरतों से बड़ी होने लगती है वह लोग गलत कार्यों में लिप्त हो जाते हैं क्योंकि लोगों को अपनी चाहत के अनुसार यह अपनी अपनी जरूरत के हिसाब जिंदगी जीनी है तो किसी की नजर में जितना हो सके बचकर अपनी स्वार्थ में लगे रहते हैं हर कोई इंसान किसी से फर्क नहीं पड़ता कि सामने वाले को घटा लग रहा है पता लग रहा है अपना ही चेहरे अगर उसको फायदा है तो किसी के साथ गद्दारी है पर किसी साथ धोखा कर सकता है बहुत कम लोग होते हैं जो वह दूसरे के साथ ईमानदारी के पहले भावनात्मक होती है कि सामने वाला क्या सोचेगा कि आज की यादून एक युग में सिर्फ स्वार्थ उपस्लोप चुके हैं स्वार्थ में भाई-भाई क्या नहीं हो रहा है पानी किसी भी प्रकार से रिश्ते का कोई कमी नहीं है लेकिन ऐसा नहीं कह सकता कि पूरी तरह से इस दुनिया में मन इंसानियत खत्म हो चुकी है फिर प्रेमभाव खत्म हो चुकी है आज भी बहुत सारे लोग भारत जैसे भाई भी बन सकते हैं हम जैसे भाई भी ऐसा मैं कह नहीं सकता लेकिन फिर भी इस दुनिया में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करना गलत होगा तो के बाद फ्रेंड

likhe log har samay imaandaar nahi ho sakte jaise unki jaruratein aapki jaruraton se badi hone lagti hai vaah log galat karyo mein lipt ho jaate hain kyonki logo ko apni chahat ke anusaar yah apni apni zarurat ke hisab zindagi gini hai toh kisi ki nazar mein jitna ho sake bachakar apni swarth mein lage rehte hain har koi insaan kisi se fark nahi padta ki saamne waale ko ghata lag raha hai pata lag raha hai apna hi chehre agar usko fayda hai toh kisi ke saath gaddari hai par kisi saath dhokha kar sakta hai bahut kam log hote hain jo vaah dusre ke saath imaandaari ke pehle bhavnatmak hoti hai ki saamne vala kya sochega ki aaj ki yadun ek yug mein sirf swarth upaslop chuke hain swarth mein bhai bhai kya nahi ho raha hai paani kisi bhi prakar se rishte ka koi kami nahi hai lekin aisa nahi keh sakta ki puri tarah se is duniya mein man insaniyat khatam ho chuki hai phir premabhav khatam ho chuki hai aaj bhi bahut saare log bharat jaise bhai bhi ban sakte hain hum jaise bhai bhi aisa main keh nahi sakta lekin phir bhi is duniya mein kisi par aankh mundakar bharosa karna galat hoga toh ke baad friend

लिखे लोग हर समय ईमानदार नहीं हो सकते जैसे उनकी जरूरतें आपकी जरूरतों से बड़ी होने लगती है व

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Ritu Goyal

Motivational Speaker

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जी नहीं यह बात बिल्कुल गलत है कोई भी इंसान हमेशा ईमानदार नहीं रह सकता क्योंकि लाइफ लाइफ जिंदगी है जिसमें दुख सुख आता है उसने छोटी है सब कुछ होते सिचुएशन के अकॉर्डिंग कभी-कभी हमें किसी के फायदे के लिए भी झूठ बोलना पड़ जाता है तो इसलिए मैं आपसे यही कहूंगी कोई भी इंसान कंटीन्यूसली अपनी जिंदगी में ईमानदार नहीं रह सकता हर समय ईमानदार रहना हमारे लिए नुकसानदायक भी हो जाता है इसलिए कभी-कभी हमें प्यार में किसी के फायदे के लिए किसी को बचाने के लिए हमें झूठ भी बोलना पड़ जाता है तो इसलिए ईमानदारी हमेशा हम दूसरों के सामने तो नहीं कर सकते और हमेशा हमें ईमानदार भी बनकर नहीं रह सकते

ji nahi yah baat bilkul galat hai koi bhi insaan hamesha imaandaar nahi reh sakta kyonki life life zindagi hai jisme dukh sukh aata hai usne choti hai sab kuch hote situation ke according kabhi kabhi hamein kisi ke fayde ke liye bhi jhuth bolna pad jata hai toh isliye main aapse yahi kahungi koi bhi insaan kantinyusali apni zindagi me imaandaar nahi reh sakta har samay imaandaar rehna hamare liye nukasanadayak bhi ho jata hai isliye kabhi kabhi hamein pyar me kisi ke fayde ke liye kisi ko bachane ke liye hamein jhuth bhi bolna pad jata hai toh isliye imaandaari hamesha hum dusro ke saamne toh nahi kar sakte aur hamesha hamein imaandaar bhi bankar nahi reh sakte

जी नहीं यह बात बिल्कुल गलत है कोई भी इंसान हमेशा ईमानदार नहीं रह सकता क्योंकि लाइफ लाइफ जि

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Ved prakash Mishra

Journalist Dainik jagran { Naidunia}

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ईमानदारी एक गुण है जो संस्कारों से आता है यदि आपके संस्कार अच्छे नहीं हैं और बचपन से ही आपको बेईमानी सिखा जाती है तो आप ईमानदार नहीं हो सकती लेकिन यदि कोई व्यक्ति ईमानदार है तो वह व्यापारी नहीं करता है हां कई बार वह पैसे दिवस इमानदारी का साथ छोड़ सकता है लेकिन वह ऐसा जानबूझकर नहीं करता है

imaandaari ek gun hai jo sanskaron se aata hai yadi aapke sanskar acche nahi hain aur bachpan se hi aapko baimani sikha jaati hai toh aap imaandaar nahi ho sakti lekin yadi koi vyakti imaandaar hai toh vaah vyapaari nahi karta hai haan kai baar vaah paise divas imaandari ka saath chod sakta hai lekin vaah aisa janbujhkar nahi karta hai

ईमानदारी एक गुण है जो संस्कारों से आता है यदि आपके संस्कार अच्छे नहीं हैं और बचपन से ही आप

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Shreekant

Startups

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देखिए इसके लिए तो एक बहुत ही अच्छा एक केक रूल है जो फॉलो होता है तो हर व्यक्ति सारे व्यक्ति मोस्ट ऑफ द टाइम ईमानदार हो सकते हैं और कुछ व्यक्ति हर समय इमानदार रहेंगे यह फार्मूला क्वेश्चन जो लाइफ में होती है उसमें ईमानदार है पूरी तरीके से बनाया उसको तोड़ मोड़ करना जो है उसमें ना तो आप का लाभ होगा ना किसी और का लाभ होगा ईमानदार रहना तो बहुत ही जरूरी

dekhiye iske liye toh ek bahut hi accha ek cake rule hai jo follow hota hai toh har vyakti saare vyakti most of the time imaandaar ho sakte hain aur kuch vyakti har samay imaandaar rahenge yah formula question jo life mein hoti hai usme imaandaar hai puri tarike se banaya usko tod mod karna jo hai usme na toh aap ka labh hoga na kisi aur ka labh hoga imaandaar rehna toh bahut hi zaroori

देखिए इसके लिए तो एक बहुत ही अच्छा एक केक रूल है जो फॉलो होता है तो हर व्यक्ति सारे व्यक्त

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Vikas Singh

Political Analyst

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जी नहीं लोग हर समय ईमानदार नहीं रह सकते हैं क्योंकि एकदम ईमानदार होना बहुत कठिन चीजें बहुत सारे डिसीजन हम लेते हैं जो कि जिसमें हमें झूठ बोलना होता है जैसे बिजनेसमैन बिजनेस करते हैं तो प्रोडक्टों बनाते हैं ₹100 का लेकिन उसको बेच मार्केट में बिक वाते हैं 2000 का ईमानदारी कहां है ईमानदारी नहीं है जो बेचने वाला है वह भी अपने मार्जन को रखकर जो कोई कस्टमर आता है उसके पास तो कहता है कि नहीं अरे दो रूपया बचता है ₹5 बसता है जबकि उसको 40 या 50 परसेंट महाजन होता है तो भाई बिजनेस है तो बिजनेस में तो को ईमानदारी नहीं होती है हां यह सत्य है कि आप दैनिक जीवन में ईमानदार रह सकते हैं लेकिन हंड्रेड परसेंट को ईमानदार नहीं हो सकता है हां लेकिन कोशिश करना चाहिए कि ईमानदारी से सत्य की नीति पर काम करना चाहिए कोशिश यह होनी चाहिए कि हम किसी को दुख ना पहुंचाएं कोई ऐसा काम ना करें जिससे लोगों को दुख पहुंचे दुख दर्द का मतलब यह नहीं कि आपके विचार से लोग दुखी हो रहे हैं आप अपना काम कर रहे हैं आप अपना ईमानदारी से काम कर रहे हैं उसको लेकिन लोग देखकर या सुनकर दुखी हो रहे हैं तो वह दुख पहुंचाना नहीं होता है क्योंकि आप तो अपने विचारों के ऊपर कार्य कर रहे हैं आपका नहीं पता क्या लक्ष्य है लक्ष्य के हिसाब से आप उसके पीछे भाग रहे तो लक्ष्य के पीछे भागने वाले को लक्ष्य के पीछे भागना चाहिए उसे आसपास के लोगों को नहीं सोचना चाहिए कि वह उसके बारे में क्या सोचते हैं लेकिन हां कोशिश यह करनी चाहिए कि आप जैसे किसी किसी को प्रताड़ित मत करिए प्रताड़ित का मतलब किसी गरीब किसी किसान किसी मजदूर के साथ नाइंसाफी मत करिए उसका जितना हक है उसको देने की कोशिश करिए कोशिश करिए कि हक से ज्यादा उसे आप कुछ दे अनु विषय पर बैठते हैं रिक्शावाला जब पंद्रह ₹20 हमसे मांगता है तो हम उसे नहीं देते हैं ₹20 लेकिन हम बड़े होटलों में जाते हैं वहां जो 2000 का समान है उसे हम 10000 में 5 मिनट में खा पीकर आते हैं और खर्च करके चले जाते हैं तो भावना चेंज करनी होगी रिक्शावाला बहुत मेहनत करता है गरीब होता है अगर वह गरीब नहीं होता तो रिक्शा क्यों चलाता बहुत सारे यूपी बिहार के जो करीब होते हैं वह दूसरे स्टेट ओं में जाकर रिक्शा चलाते हैं मजदूरी का काम करते हैं भैया उनके घर बहुत कुछ रहता तो इतना दूर आने की क्या जरूरत है उनको यह बात होती है उनके साथ नाइंसाफी मत करिए उनको कुछ देने की कोशिश करें और हमेशा समाज के लिए कुछ अच्छा कार्य करने के लिए सूची जिससे सभी समाज के सभी लोगों का फायदा हो हमें कुछ ऐसा करना चाहिए तो वह होती है ईमानदारी देखिए प्रधानमंत्री मोदी जी ईमानदार आदमी जैसे योगी जी हैं वह ईमानदार इन लोगों को अपने परिवार के लिए कुछ नहीं करना है इन लोगों को जो भी करना है अपने देश के लिए करना है तो हम कह सकते हैं कि यह दो लोग बहुत ही ईमानदार हैं तो ऐसे बहुत सारे लोग हैं हमारे देश में जो ईमानदार हैं और सभी लोगों को ईमानदारी से कार्य करना चाहिए अच्छा से रहना चाहिए अच्छे नियम कानून के हिसाब से चलना चाहिए धन्यवाद

ji nahi log har samay imaandaar nahi reh sakte hai kyonki ekdam imaandaar hona bahut kathin cheezen bahut saare decision hum lete hai jo ki jisme hamein jhuth bolna hota hai jaise bussinessmen business karte hai toh producto banate hai Rs ka lekin usko bech market mein bik vate hai 2000 ka imaandaari kahaan hai imaandaari nahi hai jo bechne vala hai vaah bhi apne marjan ko rakhakar jo koi customer aata hai uske paas toh kahata hai ki nahi are do rupya bachta hai Rs basta hai jabki usko 40 ya 50 percent mahajan hota hai toh bhai business hai toh business mein toh ko imaandaari nahi hoti hai haan yah satya hai ki aap dainik jeevan mein imaandaar reh sakte hai lekin hundred percent ko imaandaar nahi ho sakta hai haan lekin koshish karna chahiye ki imaandaari se satya ki niti par kaam karna chahiye koshish yah honi chahiye ki hum kisi ko dukh na paunchaye koi aisa kaam na kare jisse logo ko dukh pahuche dukh dard ka matlab yah nahi ki aapke vichar se log dukhi ho rahe hai aap apna kaam kar rahe hai aap apna imaandaari se kaam kar rahe hai usko lekin log dekhkar ya sunkar dukhi ho rahe hai toh vaah dukh pahunchana nahi hota hai kyonki aap toh apne vicharon ke upar karya kar rahe hai aapka nahi pata kya lakshya hai lakshya ke hisab se aap uske peeche bhag rahe toh lakshya ke peeche bhagne waale ko lakshya ke peeche bhaagna chahiye use aaspass ke logo ko nahi sochna chahiye ki vaah uske bare mein kya sochte hai lekin haan koshish yah karni chahiye ki aap jaise kisi kisi ko pratarit mat kariye pratarit ka matlab kisi garib kisi kisan kisi majdur ke saath nainsafi mat kariye uska jitna haq hai usko dene ki koshish kariye koshish kariye ki haq se zyada use aap kuch de anu vishay par baithate hai rikshavala jab pandrah Rs humse mangta hai toh hum use nahi dete hai Rs lekin hum bade hotelo mein jaate hai wahan jo 2000 ka saman hai use hum 10000 mein 5 minute mein kha peekar aate hai aur kharch karke chale jaate hai toh bhavna change karni hogi rikshavala bahut mehnat karta hai garib hota hai agar vaah garib nahi hota toh riksha kyon chalata bahut saare up bihar ke jo kareeb hote hai vaah dusre state on mein jaakar riksha chalte hai mazdoori ka kaam karte hai bhaiya unke ghar bahut kuch rehta toh itna dur aane ki kya zarurat hai unko yah baat hoti hai unke saath nainsafi mat kariye unko kuch dene ki koshish kare aur hamesha samaj ke liye kuch accha karya karne ke liye suchi jisse sabhi samaj ke sabhi logo ka fayda ho hamein kuch aisa karna chahiye toh vaah hoti hai imaandaari dekhiye pradhanmantri modi ji imaandaar aadmi jaise yogi ji hai vaah imaandaar in logo ko apne parivar ke liye kuch nahi karna hai in logo ko jo bhi karna hai apne desh ke liye karna hai toh hum keh sakte hai ki yah do log bahut hi imaandaar hai toh aise bahut saare log hai hamare desh mein jo imaandaar hai aur sabhi logo ko imaandaari se karya karna chahiye accha se rehna chahiye acche niyam kanoon ke hisab se chalna chahiye dhanyavad

जी नहीं लोग हर समय ईमानदार नहीं रह सकते हैं क्योंकि एकदम ईमानदार होना बहुत कठिन चीजें बहुत

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Mohit Chouksey

Business Coach at MLM

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हां इसका आंसर तो आई थिंग आप सभी को पता होगा और मैं यह कहना चाहूंगा कि आज के टाइम में ईमानदार पर्सन मिलना तो बहुत ही ज्यादा मुश्किल की बात है और मुझे नहीं लगता कि लोग अगर कोई ईमानदार है तो हर समय ईमानदार ही होगा जैसे शो में एकाध ही प्रश्न आप पैसा मिलेगा किसान जो है उन्हें अपनी लाइफ जी रहा है और हर काम ऑनेस्टी के साथ करता है क्योंकि आज का टाइम ही ऐसा है कि लोग बाद अपनी जॉब में ऑनेस्टी बिल्कुल भूल गए हैं झूठ का सहारा लेते हैं अपने काम में अपने वह अपने अपने दोस्तों के साथ आ सोशल स्टेटस में हर जगह मतलब आजकल फिटनेस चलती है तो इस हिसाब से मुझे नहीं लगता कि कोई व्यक्ति हमेशा मान दा रिटर्न कर पाए थैंक यू सो मच

haan iska answer toh I thing aap sabhi ko pata hoga aur main yah kehna chahunga ki aaj ke time mein imaandaar person milna toh bahut hi zyada mushkil ki baat hai aur mujhe nahi lagta ki log agar koi imaandaar hai toh har samay imaandaar hi hoga jaise show mein ekadh hi prashna aap paisa milega kisan jo hai unhe apni life ji raha hai aur har kaam honesty ke saath karta hai kyonki aaj ka time hi aisa hai ki log baad apni job mein honesty bilkul bhool gaye hain jhuth ka sahara lete hain apne kaam mein apne vaah apne apne doston ke saath aa social status mein har jagah matlab aajkal fitness chalti hai toh is hisab se mujhe nahi lagta ki koi vyakti hamesha maan the return kar paye thank you so match

हां इसका आंसर तो आई थिंग आप सभी को पता होगा और मैं यह कहना चाहूंगा कि आज के टाइम में ईमानद

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Nakul✨

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं मुझे नहीं लगता कि हम ऑनेस्टो सकते हैं हर बार अट एवरी कांटेक्ट कांटेक्ट डिटेल्स चीजें कभी कभी फ्लिप हो सकती हैं और ऐसा नहीं है कि हर बार ईमानदार होना ऑनेस्टो ना ही एक सलूशन होता है कुछ बार हमें ना चाह कर भी अनैतिक से मुंह पर ना पड़ता है कि कैसे सिचुएशंस लाइफ में आते हैं ओके अगर आप हर ट्यूशन में डिशऑनेस्टी दिखाते हैं तो इस नॉट राइट बट कुछ क्वेशंस हो जाती है इसी लाइफ में जिसमें आपको डिशऑनेस्टी दिखानी पड़ती आपको ईमानदारी नहीं मानता नहीं हो सकते सिचुएशन में सो आई डोंट थिंक एनीथिंग रॉन्ग इन ए बर्ड जितना हो सके उतना उसे कंट्रोल करना चाहिए

nahi mujhe nahi lagta ki hum anesto sakte hain har baar attack every Contact Contact details cheezen kabhi kabhi flip ho sakti hain aur aisa nahi hai ki har baar imaandaar hona anesto na hi ek salution hota hai kuch baar hamein na chah kar bhi anaitik se mooh par na padta hai ki kaise sichueshans life mein aate hain ok agar aap har tuition mein dishaanesti dikhate hain toh is not right but kuch kweshans ho jaati hai isi life mein jisme aapko dishaanesti dikhaani padti aapko imaandaari nahi manata nahi ho sakte situation mein so I dont think anything wrong in a bird jitna ho sake utana use control karna chahiye

नहीं मुझे नहीं लगता कि हम ऑनेस्टो सकते हैं हर बार अट एवरी कांटेक्ट कांटेक्ट डिटेल्स चीजें

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Himanshu Verma(Coach Verma)

CEO,Founder (Software Company and Digital Marketing Academy)

1:18
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हेलो दोस्तों दिस इज माय शू बदमाश बिल्कुल लोग ईमानदार हो सकते क्यों नहीं हो सकते बिल्कुल ईमानदार हो सकते लोगों का कहना है कि आज के टाइम में ईमानदारी नहीं होती है सब अपने अपने फायदे के लिए लोग झूठ बोल रहे बिल्कुल गलत बात है हां हो रहा है पर अगर आप अगर आपके अंदर ईमानदारी है और आप की परवरिश अब तक की गई है कि आप ईमानदारी रहेंगे हर चीज में गिव एंड टेक नहीं करेंगे ईमानदारी होना और ईमानदारी ना होना यह डिपेंड करता है कि आप उससे क्या प्राप्त करना चाहते हैं आप अपने रिलेशनशिप में या अपने रिश्तो में अगर आप बिजनेस में किसी भी चीज़ में अगर आप गिव एंड टेक रखेंगे तो मैं ईमानदारी पर खुद अपने आप पर आप शक करेंगे कि मुझे यही मंदार होना चाहिए या नहीं होना चाहिए यह डिपेंड करता है कि आप किस सोच के किस सोच के बंदे हैं और किस सोच तो उस चीज को लागू कर रहे हैं अपनी लाइफ में तो ईमानदार हो सकते हैं बिल्कुल हो सकते लोग बोनस होते हैं तो सब चीजें क्लियर कर देते हैं फेस टू फेस अपनी बातों को रख देते हैं हां रिश्तो तो मेरा मानना है कि ईमानदार होना ही चाहिए और लोग होते भी हैं पर कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इमानदारी ओं को कोई प्रोग्रेस नहीं देते हैं कुछ अच्छा ईमानदार के बारे में सोचते नहीं है तो वह अपना केवेंटेक रखते हैं कि मैंने उसको यह दिया तो मुझे उससे वह प्राप्त नहीं हुआ तो यहां मैं ईमानदारी को फॉलो नहीं करूंगा

hello doston this is my shoe badamash bilkul log imaandaar ho sakte kyon nahi ho sakte bilkul imaandaar ho sakte logo ka kehna hai ki aaj ke time mein imaandaari nahi hoti hai sab apne apne fayde ke liye log jhuth bol rahe bilkul galat baat hai haan ho raha hai par agar aap agar aapke andar imaandaari hai aur aap ki parvarish ab tak ki gayi hai ki aap imaandaari rahenge har cheez mein give and take nahi karenge imaandaari hona aur imaandaari na hona yah depend karta hai ki aap usse kya prapt karna chahte hain aap apne Relationship mein ya apne rishto mein agar aap business mein kisi bhi cheez mein agar aap give and take rakhenge toh main imaandaari par khud apne aap par aap shak karenge ki mujhe yahi mandar hona chahiye ya nahi hona chahiye yah depend karta hai ki aap kis soch ke kis soch ke bande hain aur kis soch toh us cheez ko laagu kar rahe hain apni life mein toh imaandaar ho sakte hain bilkul ho sakte log bonus hote hain toh sab cheezen clear kar dete hain face to face apni baaton ko rakh dete hain haan rishto toh mera manana hai ki imaandaar hona hi chahiye aur log hote bhi hain par kuch log aise hote hain jo imaandari on ko koi progress nahi dete hain kuch accha imaandaar ke bare mein sochte nahi hai toh vaah apna keventek rakhte hain ki maine usko yah diya toh mujhe usse vaah prapt nahi hua toh yahan main imaandaari ko follow nahi karunga

हेलो दोस्तों दिस इज माय शू बदमाश बिल्कुल लोग ईमानदार हो सकते क्यों नहीं हो सकते बिल्कुल ईम

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Mehmood Alum

Law Student

0:11
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बिल्कुल हो सकते हैं क्यों कोई इंसान हमेशा ईमानदार नहीं सकता बिल्कुल हो सकता है अगर वह चाहे तो और इंसान को ऐसा ही होना चाहिए

bilkul ho sakte hain kyon koi insaan hamesha imaandaar nahi sakta bilkul ho sakta hai agar vaah chahen toh aur insaan ko aisa hi hona chahiye

बिल्कुल हो सकते हैं क्यों कोई इंसान हमेशा ईमानदार नहीं सकता बिल्कुल हो सकता है अगर वह चाहे

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

0:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए ईमानदारी एक मन का शुद्ध विचार है वह हर्ष में भी रह सकता है किसी समय नहीं भी रह सकता यदि आप कोशिश करें और हर समय उस प्रभु को याद रखें और सोचे कि कहीं हम ईमानदारी से ने भटक जाए और इसका हम में खामियाजा भुगतना पड़े इसलिए हर समय ईमानदारी कहना ना रहना यह तो अपने विचार पर डिपेंड करता है

dekhiye imaandaari ek man ka shudh vichar hai vaah harsh mein bhi reh sakta hai kisi samay nahi bhi reh sakta yadi aap koshish kare aur har samay us prabhu ko yaad rakhen aur soche ki kahin hum imaandaari se ne bhatak jaaye aur iska hum mein khamiyaja bhugatna pade isliye har samay imaandaari kehna na rehna yah toh apne vichar par depend karta hai

देखिए ईमानदारी एक मन का शुद्ध विचार है वह हर्ष में भी रह सकता है किसी समय नहीं भी रह सकता

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Vimla Bidawatka

Spiritual Thinker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका पूछना है कि क्या लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं ईमानदार का मतलब क्या है आपकी नजर में है ईमानदार पैसों से ईमानदार नहीं रहते ईमानदार मतलब है कि जो भी आपको आपका फर्ज क्या है मतलब जो भी आपको रिस्पांसिबिलिटी मिली है अगर हम वह ठीक से निभाते हैं तो वह भी एक तरह की इमानदारी जिसको हम इस तरह से बोल सकते हैं कि भैया पत्नी धर्म बहुत ईमानदारी से निभा रही है या पति बहुत ईमानदार है तो हर समय हम ईमानदार हो सकते हैं बल्कि ईमानदार होना ज्यादा अच्छा है भाई मान की अपेक्षा क्योंकि अगर आप या हम जो भी हैं एक बार बेईमानी करते तो हमारा दिल अंदर से हम को कचोट है कि हमने कुछ गलत किया यह तब होता है जब आपका विवेक जागृत है मतलब आपको आपकी इधर कौन से सदैव जागृत है अगर वह सोई नहीं है कई लोग तो सो क्या कर बैठे हैं फिर जो भी गलत काम करें तो वह एक जस्टिफाई कर लेते कोई बात नहीं है अभी हमारी तो मजबूरी है इसलिए हमने गलत काम किया ऐसा नहीं है तो जो भी आपका मगर हम विवेक से करते हैं इधर कौन शख्स को की बात सुनकर करते हैं तुम हर समय ईमानदार हो सकते हैं जरूरी नहीं है ईमानदारी का मतलब कि कि पैसे से ईमानदारी 781 ईमानदारी एक तो पैसे से भी हम ईमानदार हर समय हो सकती क्यों नहीं जरूरी थोड़ी ना है कि कोई बेईमानी करना बहुत जरूरी है जिंदगी में बिल्कुल जरूरी नही मांदर है जो सच्चे हैं उनको फिर भगवान मदद करते लेकिन उनको विश्वास होना चाहिए भगवान के ऊपर कि अगर सब कुछ कभी कुछ मुश्किल भी आ गई है तो कोई बात नहीं है यह मुश्किल वैसे ही है जैसे अगर रात है तो उसकी सुबह होगी तो वह और अपने आप पर भरोसा और एक अपने आप से वादा कि मैं कुछ गलत नहीं करूंगा मैं बेईमानी के रास्ते पर नहीं चलूंगा चाहे कुछ भी हो जाए तो फिर जैसे बोलते ना कि अगर तुमने कुछ सोच लिया है अच्छा तो फिर सारी कायनात आपको मदद करती है तो फिर सब पूरी प्रकृति कायनात या सारे लोग मदद करते हैं कभी कभी मुश्किल आ सकती है लेकिन मुश्किलें तो सब्जी बनाती है तो यह छोटे-मोटे मुश्किलों से गाना क्या यह होना चाहिए कि बस इमानदारी इमानदारी है बहुत अच्छी बात है तो फिर छोटी-मोटी मुश्किलें आती है तो वह अडेल की तरह है वह एकदम आराम से

aapka poochna hai ki kya log har samay imaandaar ho sakte hain imaandaar ka matlab kya hai aapki nazar mein hai imaandaar paison se imaandaar nahi rehte imaandaar matlab hai ki jo bhi aapko aapka farz kya hai matlab jo bhi aapko responsibility mili hai agar hum vaah theek se nibhate hain toh vaah bhi ek tarah ki imaandari jisko hum is tarah se bol sakte hain ki bhaiya patni dharm bahut imaandaari se nibha rahi hai ya pati bahut imaandaar hai toh har samay hum imaandaar ho sakte hain balki imaandaar hona zyada accha hai bhai maan ki apeksha kyonki agar aap ya hum jo bhi hain ek baar baimani karte toh hamara dil andar se hum ko kachot hai ki humne kuch galat kiya yah tab hota hai jab aapka vivek jagrit hai matlab aapko aapki idhar kaunsi sadaiv jagrit hai agar vaah soi nahi hai kai log toh so kya kar baithe hain phir jo bhi galat kaam kare toh vaah ek justify kar lete koi baat nahi hai abhi hamari toh majburi hai isliye humne galat kaam kiya aisa nahi hai toh jo bhi aapka magar hum vivek se karte hain idhar kaun sakhs ko ki baat sunkar karte hain tum har samay imaandaar ho sakte hain zaroori nahi hai imaandaari ka matlab ki ki paise se imaandaari 781 imaandaari ek toh paise se bhi hum imaandaar har samay ho sakti kyon nahi zaroori thodi na hai ki koi baimani karna bahut zaroori hai zindagi mein bilkul zaroori nahi mandar hai jo sacche hain unko phir bhagwan madad karte lekin unko vishwas hona chahiye bhagwan ke upar ki agar sab kuch kabhi kuch mushkil bhi aa gayi hai toh koi baat nahi hai yah mushkil waise hi hai jaise agar raat hai toh uski subah hogi toh vaah aur apne aap par bharosa aur ek apne aap se vada ki main kuch galat nahi karunga main baimani ke raste par nahi chalunga chahen kuch bhi ho jaaye toh phir jaise bolte na ki agar tumne kuch soch liya hai accha toh phir saree kayanat aapko madad karti hai toh phir sab puri prakriti kayanat ya saare log madad karte hain kabhi kabhi mushkil aa sakti hai lekin mushkilen toh sabzi banati hai toh yah chhote mote mushkilon se gaana kya yah hona chahiye ki bus imaandari imaandari hai bahut achi baat hai toh phir choti moti mushkilen aati hai toh vaah adel ki tarah hai vaah ekdam aaram se

आपका पूछना है कि क्या लोग हर समय ईमानदार हो सकते हैं ईमानदार का मतलब क्या है आपकी नजर में

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग हैं समय इमानदार नहीं हो सकते हैं क्योंकि कहीं ना कहीं जशन के हिसाब से मन में लोग उत्पन्न हो ही जाता है

log hain samay imaandaar nahi ho sakte hain kyonki kahin na kahin jashan ke hisab se man mein log utpann ho hi jata hai

लोग हैं समय इमानदार नहीं हो सकते हैं क्योंकि कहीं ना कहीं जशन के हिसाब से मन में लोग उत्पन

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