क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है?...


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Manish Menghani

Health & parenting Advisor

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ऐसे और सवाल
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Vijay Panchal

Yoga Trainer, Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीने के लिए पैसा तो चाहिए और हमें अगर हमारी जो जरूरत है उसे पूरा करना है तो इतने पैसे तो चाहिए कोई जरूरी नहीं है क्या आपके पास बहुत सारे पैसे होना चाहिए कई ऐसे लोग हैं जो कम पैसों में भी अच्छी तरह से खुश कर खुशहाल जिंदगी रहा है

jeene ke liye paisa toh chahiye aur hamein agar hamari jo zarurat hai use pura karna hai toh itne paise toh chahiye koi zaroori nahi hai kya aapke paas bahut saare paise hona chahiye kai aise log hain jo kam paison me bhi achi tarah se khush kar khushahal zindagi raha hai

जीने के लिए पैसा तो चाहिए और हमें अगर हमारी जो जरूरत है उसे पूरा करना है तो इतने पैसे तो च

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Sonu Kumar

Yoga Trainer

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Anita Maurya

कवियित्री & गायिकी

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खुशहाल जीवन के लिए पैसा नहीं केवल भौतिक सुख के लिए भौतिक सुख का मतलब है कि आप अच्छे कपड़े पहने अच्छे खाए पिए अच्छे घर में मचा व्यवस्था हो इसको कहते हैं भौतिक सुख भौतिक सुख के लिए ऐसा मायने रखता है लेकिन यहां प्यार की बात आती है तो प्यार के लिए खूबसूरत दिन होना बहुत जरूरी है

khushahal jeevan ke liye paisa nahi keval bhautik sukh ke liye bhautik sukh ka matlab hai ki aap acche kapde pehne acche khaye piye acche ghar me macha vyavastha ho isko kehte hain bhautik sukh bhautik sukh ke liye aisa maayne rakhta hai lekin yahan pyar ki baat aati hai toh pyar ke liye khoobsurat din hona bahut zaroori hai

खुशहाल जीवन के लिए पैसा नहीं केवल भौतिक सुख के लिए भौतिक सुख का मतलब है कि आप अच्छे कपड़े

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लौकिक जीवन की खुशहाली के लिए पैसे की आवश्यकता है लेकिन आत्मिक शांति में पैसा काम नहीं करता उसके लिए अपनी जान की आवश्यकता तक में पूरी तरह साथ में ध्यान नहीं हुआ हम आगे बढ़ सकते हैं अपनी सीमित नहीं होंगे तब तक हम फ्रेंड भटकता कि लोग हमें पैसे भी प्रदूषित हो जाता है हम तो झूठे सुख को सुख कहे मानत है मन को झूठा सुख दे सकता है लेकिन ऐसा कुछ कम भी नहीं है ऐसे कर सकता वहां भी पड़ती है जिसे आप बीमार हो आजकल की इलाज के लिए भी माता-पिता की सेवा के लिए समाज की सेवा के लिए अगर आप समाज सेवा जन कल्याण में लगाते हैं तो पैसा आपके लिए बहुत उपयोगी है लेकिन अंकल अनधिकृत तौर पर कमाया गया पैसा बेईमानी से तंग आ गया हूं यार ऐसा तो कभी फलीभूत नहीं होता है ईमानदारी से कमाई है उसमें आप समाज की सेवा में लगाइए अपने घर परिवार में लगाइए माता पिता की सेवा कीजिए गरीबों की मदद की जो बीमार होने की दवा वगैरा लाइए जो बच्चे पढ़ना चाहते हैं कि शाम को खाना खिला इस तरह के जो कार्य करे नहीं तो पैसा आपसे बचेगा अपनी कमाई का कम से कम 10 - अगर आप समाज सेवा में गरीबों की सेवा में मदद कीजिए व्यवहारिक सुख का साधन बनेगा लेकिन सुख आत्म संतोष में है जीवन की विविधताओं में

laukik jeevan ki khushahali ke liye paise ki avashyakta hai lekin atmik shanti me paisa kaam nahi karta uske liye apni jaan ki avashyakta tak me puri tarah saath me dhyan nahi hua hum aage badh sakte hain apni simit nahi honge tab tak hum friend bhatakta ki log hamein paise bhi pradushit ho jata hai hum toh jhuthe sukh ko sukh kahe manat hai man ko jhutha sukh de sakta hai lekin aisa kuch kam bhi nahi hai aise kar sakta wahan bhi padti hai jise aap bimar ho aajkal ki ilaj ke liye bhi mata pita ki seva ke liye samaj ki seva ke liye agar aap samaj seva jan kalyan me lagate hain toh paisa aapke liye bahut upyogi hai lekin uncle anadhikrit taur par kamaya gaya paisa baimani se tang aa gaya hoon yaar aisa toh kabhi falibhut nahi hota hai imaandaari se kamai hai usme aap samaj ki seva me lagaaiye apne ghar parivar me lagaaiye mata pita ki seva kijiye garibon ki madad ki jo bimar hone ki dawa vagera laiye jo bacche padhna chahte hain ki shaam ko khana khila is tarah ke jo karya kare nahi toh paisa aapse bachega apni kamai ka kam se kam 10 agar aap samaj seva me garibon ki seva me madad kijiye vyavaharik sukh ka sadhan banega lekin sukh aatm santosh me hai jeevan ki vividhtaon me

लौकिक जीवन की खुशहाली के लिए पैसे की आवश्यकता है लेकिन आत्मिक शांति में पैसा काम नहीं करता

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M H Warsi

Motivational Speaker, Teachers' Trainer, Voice Over Artist, Youtuber, Photographer, Video-Grapher, Mimicry Artist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिक जीवन में दो ही चीज है शक्ति और पैसा यह हर जगह काम रखती है काम आती है लेकिन आपने कहा है कि क्या पुषाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है तो मेरे भाई देखिए माने तो रखता है लेकिन यही है कि मैं यह कह सकता हूं कि पैसा बहुत कुछ है लेकिन सब कुछ तो नहीं है क्योंकि जिन लोगों के पास बहुत पैसा है वह भी खुशहाल नहीं है उनके जीवन में भी बहुत सारी ऐसी परेशानियां हैं जिनका कोई हल नहीं है जैसे कोई एक बहुत मालदार व्यक्ति है उसको शुगर की बीमारी है तो उसका पैसा उसमें कोई सहयोग नहीं कर सकता मैं तो यह कि उसे कुछ दिनों के लिए वह शुगर उसकी कम कर सकता है लेकिन उसे खुशहाली नहीं दे सकता बहुत से धनाढ्य व्यक्ति ऐसे हैं जिनके जीवन में बहुत पैसा है जैसे टाटा समूह के मालिक रतन जी टाटा उनके अपनी कोई औलाद नहीं है लेकिन उनके पास पैसा किस कदर है यह आप जानते हैं मैं एक धनी अरबपति व्यक्ति हैं तो इसलिए यह कह सकते हैं कि पैसा जीवन में खुशहाली के लिए वाकई जरूरी है यह कहना ठीक नहीं होगा हां जीवन के लिए पैसा जरूरी है मायने रखता है लेकिन खुशहाली के लिए जरूरी नहीं है खुशाली एक अलग चीज का नाम है एक से कम पैसे वाला व्यक्ति भी ज्यादा खुश रह सकता है और एक ज्यादा पैसे वाला व्यक्ति भी कम खुश रह सकता है यह उसकी अपनी इच्छाशक्ति पर डिपेंड करता है

lick jeevan me do hi cheez hai shakti aur paisa yah har jagah kaam rakhti hai kaam aati hai lekin aapne kaha hai ki kya pushal jeevan ke liye paisa vaakai maayne rakhta hai toh mere bhai dekhiye maane toh rakhta hai lekin yahi hai ki main yah keh sakta hoon ki paisa bahut kuch hai lekin sab kuch toh nahi hai kyonki jin logo ke paas bahut paisa hai vaah bhi khushahal nahi hai unke jeevan me bhi bahut saari aisi pareshaniya hain jinka koi hal nahi hai jaise koi ek bahut maldar vyakti hai usko sugar ki bimari hai toh uska paisa usme koi sahyog nahi kar sakta main toh yah ki use kuch dino ke liye vaah sugar uski kam kar sakta hai lekin use khushahali nahi de sakta bahut se dhanadhya vyakti aise hain jinke jeevan me bahut paisa hai jaise tata samuh ke malik ratan ji tata unke apni koi aulad nahi hai lekin unke paas paisa kis kadar hai yah aap jante hain main ek dhani arabpati vyakti hain toh isliye yah keh sakte hain ki paisa jeevan me khushahali ke liye vaakai zaroori hai yah kehna theek nahi hoga haan jeevan ke liye paisa zaroori hai maayne rakhta hai lekin khushahali ke liye zaroori nahi hai khushali ek alag cheez ka naam hai ek se kam paise vala vyakti bhi zyada khush reh sakta hai aur ek zyada paise vala vyakti bhi kam khush reh sakta hai yah uski apni ichchhaashakti par depend karta hai

लिक जीवन में दो ही चीज है शक्ति और पैसा यह हर जगह काम रखती है काम आती है लेकिन आपने कहा है

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Dr.Paramjit Singh

Health and Fitness Expert/ Lecturer In Physical Education/

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Bobby Desai

Yoga Trainer And YouTuber 9521381450

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हां खुशहाल जीवन के लिए पैसा व के मायने रखता है हां सही में मायने रखता है ऐसा नहीं होगा आर्थिक दृष्टिकोण से आप गिरे हुए होंगे तो आप मानसिक दृष्टिकोण से बहुत है पर हो चुके होंगे बहुत ही टेंशन में रहते होंगे और आपको हर समय यही टेंशन लगी रही हो गई थी कि मेरे पास पैसा नहीं है पैसा नहीं पैसा नहीं है तो लोग आपको तरह-तरह के ताने-बाने और आप अपने घर की जितनी भी दुश्मन चीजें होती उनको अगर नहीं ला पाते हो तो आप अपने घर से ही डिस्टर्ब रहने लगे इतना पैसा नहीं थी लेकिन बार-बार और अपनी सभी सामान्य जरूरतें पूरी हो इतना पैसा तो होना चाहिए उसके बाद में तो अगर आप ज्यादा कमाना सत्तू आपके दिमाग सोच और विचार पर निर्भर करता है इसलिए पैसा वाकई मायने रखता है आपको ऐसे वीडियो देखने हैं तो मेरा नया यूट्यूब चैनल है माइंड पावर करके वहां पर जाकर सब्सक्राइब करें और मेरे चैनल पर नई-नई जानकारी पाते रहें

haan khushahal jeevan ke liye paisa va ke maayne rakhta hai haan sahi me maayne rakhta hai aisa nahi hoga aarthik drishtikon se aap gire hue honge toh aap mansik drishtikon se bahut hai par ho chuke honge bahut hi tension me rehte honge aur aapko har samay yahi tension lagi rahi ho gayi thi ki mere paas paisa nahi hai paisa nahi paisa nahi hai toh log aapko tarah tarah ke tane bane aur aap apne ghar ki jitni bhi dushman cheezen hoti unko agar nahi la paate ho toh aap apne ghar se hi disturb rehne lage itna paisa nahi thi lekin baar baar aur apni sabhi samanya jaruratein puri ho itna paisa toh hona chahiye uske baad me toh agar aap zyada kamana sattu aapke dimag soch aur vichar par nirbhar karta hai isliye paisa vaakai maayne rakhta hai aapko aise video dekhne hain toh mera naya youtube channel hai mind power karke wahan par jaakar subscribe kare aur mere channel par nayi nayi jaankari paate rahein

हां खुशहाल जीवन के लिए पैसा व के मायने रखता है हां सही में मायने रखता है ऐसा नहीं होगा आर्

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी नमस्कार प्रश्न है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है तो फिर मेरी व्यक्तिगत राय आ जाना चाहेंगे तो मैं तो रहूंगा बिल्कुल नहीं ऐसा कोई मायने नहीं रखता है जीवन को खुशहाल बनाने में इसके पीछे जो मेरा धड़का है जो मैं अपने जीवन के अनुभव से कुछ सीख पा रहा हूं कि आप जीवन में आपको जीने के लिए क्या चाहिए जिससे रोटी कपड़ा मकान सबसे बेसिक नीड जो है रोटी आप खुद पैदा कर सकते हैं और उसको पैदा करने में मुझे नहीं लग रहा है कि पैसे की बहुत बड़ी भूमिका दूसरा कपड़ा कपड़े में आज मिलो हमें लग रहा है कि कपड़ा बनाना बहुत कठिन है लेकिन आज से 20 साल पहले भी भारत के ऐसे कई गांव थे जहां पर लोग अपने कपड़े खुद बना करते थे छोटे-छोटे यंत्र थी मशीन टीचर के थे और तीसरा मकान तो हमेशा भारत में स्थानीय था के आधार पर बनाए गए हैं मतलब चावल नॉर्थईस्ट है तो वहां अपने अनुसार घर यदि हो पहाड़ी इलाका है उसके अनुसार अपना घर यदि मैदानी भाग में है उसका अलग वीडियो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में है उसका अलग यदि भूकंप पर ज्यादा होता होगा ऐसे जगह पर है उसका फिनाले घर का तरीका और वहां की सारी वस्तुएं सही हो निर्मित स्थानीय बस तुम्हें यह बात है लकड़ी है और मिट्टी है इस तरीके से बनता था तो यह बात हुई थी इसके बाद प्रकृति के पास इतने संसाधन है जितना कि अगर तुम दुनिया का आदमी के बाद में प्रयोग करें फिर भी कुछ ना कुछ बची जाएगा मत लो ना हो 6 गुना संसाधन हमारे प्रकृति में ज्यादा मौजूद है तो उसमें कहीं भी पैसा का एक रोल नहीं है लेकिन 17वीं शताब्दी के बाद से जो पूरी दुनिया में इंग्लैंड के द्वारा बैंकिंग सिस्टम का बीजारोपण हुआ 1694 में बैंक ऑफ इंडिया एंड को मद्रास ऑल बैंक का जाता है मतलब हर बैंक की माता इंग्लैंड के बैंक को खा जाता है यहां से अपनी दुनिया में करेंसी नोट और यह जो आपके पेपर करंसी है या डॉलर है या जो भी अलग-अलग देशों में प्रचलित मुद्रा मुद्रा मुद्रा उस जब से प्रचलन में आया तब से हम यह लगने लगा कि तमाम चीजें पैसे और करेंसी नोट के इर्द-गिर्द घूमती है भारत या हमको कि हम में भारत में ज्यादा बात करता हमें अपने भारत को घुमा है समझा है और भारतीयता के ऊपर थोड़ा बहुत समझ पाता हूं भारत में कुल 8 तरह के धंधे केवल करेंसी नोट में अब धमकी किसको बनना पड़ेगा आज भी तरह का धनुष में धान गेहूं मक्का के तमाम चीजों को हम धन के रूप में समझाने करते हैं पशुओं पशुओं में अशोक घोड़ा गधा हाथी गांव मतलब गाय बैल और सब सारी प्रजातियां की सभी जाति को हमने एक धन करो दिया इसके अलावा विद्या का निधन के रूप में देखा कलाकार ने विद्या का धन के रूप में देखा कि स्त्री बेटी को भी हमने एक धन के रूप में कन्या को भी हमने धन के रूप में देखा मतलब अभी अपने घर के कान होते थे लक्ष्मी तो ऐसा 813 का धनु तथा समाज में और जिसकी बदौलत हम अपना हमको आता जाता था कि हम केवल बस तीन करोड रूपए है तो आप बहुत संपन्न है ऐसा कुछ आपकी सारी कुछ आपके सामाजिकता पावड़ा पारिवारिक दस्तक आपके पास कितने अनाज हैं कितने खाद्यान्न है कितनी पशुधन की तमाम बातें लेकिन आज जो कि हम एक शताब्दी में आ जाए फर्स्ट सेंचुरी और इसमें कहीं ना कहीं हम सभी लोग भौतिकवादी दुनिया की तरफ ज्यादा देखना चाहते पसंद करते हैं कि हां हमारे पास जितने भी लग्जरियस लाइफ के जितने भी मापदंड है ऐसे ही कूलर पंखा और लिस्ट कार और एरोप्लेन बुलेट सारी कुछ हमारे पास और इसी की दौड़ में ऐसी के रोड में पैसा कहीं ना कहीं एक बहुत अहम रोल अदा करता है तब हमें लगता है कि हां खुशहाल जीवन के लिए पैसे अनिवार्य हैं लेकिन अगर उसका दूसरा पक्ष जवाब देखेंगे सोचेंगे कोई भी देश में जो भी आज बड़े बड़े उद्योगपति हैं या कोई बहुत बड़े भक्त खरबपति बनना चाहते हैं मिलेनियर मिलेंगे बनना चाहते हैं कितना कमाने कोई लक्ष्य होगा जीवन का क्यों कमाना है कहां करना है क्या करना है लेकिन ऐसा कुछ नहीं है उनके उनका कोई लक्ष्य अपने जीवन शुरू करते हैं कमाई से और अंत होता हूं तो कमाई कमाते कमाते मर जाते हैं परिवार टूट रहे छोटा होता जा रहा समाज बढ़ता चला जा रहा है आने वाली पीढ़ी को हम क्या दे रहे हैं हम मेरा घर की और होगा बच्चे तो हैं और घर बनाते हैं उसका बच्चा केवल है बनाएगा इस्तेमाल प्रक्रिया में हम हर अगली पीढ़ी को क्या दे रहे हैं तो इसलिए मान लीजिए कि आपको दो टापू पर रखा गया पहला टापू जहां पर केवल धन ही धन है केवल धन हां तो दूर तक आपकी नजर जा रही है क्या वह धन ही धन है पर एक ऐसा टापू है जिसमें केवल धन नहीं है बाकी सारी चीजें खाने के लिए सारी वस्तुएं पहनने के लिए सारी सारी कपड़े रहने के लिए घर पानी हवा सभी कुछ मौजूद है तो आप कौन से टापू के रहना पसंद करेंगे तो मुझे तो विश्वास है कि 100% पूरे सौ प्रतिशत लोग दूसरे टॉपिक रहना पसंद करेंगे जिसमें सारे संसाधन है तो यह तरह से एक स्टेट ऑफ माइंड हो गया है आज के वर्तमान दौर में पूरी दुनिया में ऐसा द्वारा गया जिसमें हम कहीं ना कहीं हम सारी चीजों से अपना ध्यान हटाकर केवल और केवल अपने आपको पैसे पर केंद्रित इसमें एक प्रश्न करना चाहूंगा कि माल आप खर्च क्या करते हैं अपने दैनिक जीवन में तो ज्यादा दलों के प्रश्न उत्तर देंगे पैसा खर्च करते हैं तो हमने कहा कि भाई आप लो ₹100 लो और लो खर्च करो तो सो रुपए चाहते हैं तो क्या हुआ बिल्कुल नहीं खर्चा होता है चीनी लाते हो आप मैंने आदमी खत्म आटा खत्म चावल खत्म दाल खत्म गाड़ी में बढ़ाओ पेट्रोल खत्म तो खर्च हो रहा है ना खर्च मतलब जिसकी मात्रा घट रही है पैसे की माता सुना घटना हमारे जितना हमारी सरकार यह बात समझने वाले और यह जिस मूल्य पर जब नहीं समझ में आएगा कि हमने एक किताब भी लिखा है बैंकों का मायाजाल बैंकिंग सिस्टम पर एक बड़ा धन भी है और आज की जयपुर करंसी नोट उसको लेकर के कई आरटीआई बिहार में सरकार के ऊपर लगाया है पिछले 600 साल से एक्टिव तो फिर समझ में आया कि आधुनिक व्यवस्था में करेंसी नोट का कितना बड़ा हमने जगह दे दिया है और उस जगह से हम तमाम चीजों से दूर हटते जा रहे हैं आज हमारे पास पैसा तो बहुत है लेकिन परिवार नहीं है समाज नहीं है वह खुशी नहीं आना तो नहीं है प्रकृति नहीं है सब चीज को हम ने पीछे छोड़ दिया इससे की खुशी के लिए यह जो भी साथी मानते हैं खुशहाल जीवन जी कुछ सस्टेनेबल डेवलपमेंट मॉडल नहीं है पैसा आपको ही दुनिया छोड़ना पड़ेगा और पैसे के अलावा सारी चीजों को आप को पकड़ना पड़ेगा जितनी हमारी चिंता देंगे तो मैं रिसोर्ट से से चाहे वह चाहे वह खनिज हो चाहे वह जितने भी क्रॉप्स मत ले इतनी भी खाद्यान्न हो या चाहे जितने भी हमारी हवा हो पेड़-पौधे हो पंचतत्व जोगी पंचमी चंचल हवा आदमी इन सब चीजों का ही अपना मूल्य है इसका अपना ओरिजिनल बाकी सब छोटी बात उसे कोई फेस वैल्यू नहीं है बस और हमने उसमें एक वैल्यू दे दिया पुट अप कर दिया पैसे का क्या वैल्यू अपने आप ने कहा कि उसका वैल्यू है अपने आप में संसाधनों का अपने किसी भी आधार में किसी भी रूप में तो यह मेरा कहने का मतलब है धन्यवाद

ji namaskar prashna hai ki kya khushahal jeevan ke liye paisa vaakai maayne rakhta hai toh phir meri vyaktigat rai aa jana chahenge toh main toh rahunga bilkul nahi aisa koi maayne nahi rakhta hai jeevan ko khushahal banane me iske peeche jo mera dhadaka hai jo main apne jeevan ke anubhav se kuch seekh paa raha hoon ki aap jeevan me aapko jeene ke liye kya chahiye jisse roti kapda makan sabse basic need jo hai roti aap khud paida kar sakte hain aur usko paida karne me mujhe nahi lag raha hai ki paise ki bahut badi bhumika doosra kapda kapde me aaj milo hamein lag raha hai ki kapda banana bahut kathin hai lekin aaj se 20 saal pehle bhi bharat ke aise kai gaon the jaha par log apne kapde khud bana karte the chote chote yantra thi machine teacher ke the aur teesra makan toh hamesha bharat me sthaniye tha ke aadhar par banaye gaye hain matlab chawal northeast hai toh wahan apne anusaar ghar yadi ho pahadi ilaka hai uske anusaar apna ghar yadi maidaani bhag me hai uska alag video baadh prabhavit kshetra me hai uska alag yadi bhukamp par zyada hota hoga aise jagah par hai uska finale ghar ka tarika aur wahan ki saari vastuyen sahi ho nirmit sthaniye bus tumhe yah baat hai lakdi hai aur mitti hai is tarike se banta tha toh yah baat hui thi iske baad prakriti ke paas itne sansadhan hai jitna ki agar tum duniya ka aadmi ke baad me prayog kare phir bhi kuch na kuch bachi jaega mat lo na ho 6 guna sansadhan hamare prakriti me zyada maujud hai toh usme kahin bhi paisa ka ek roll nahi hai lekin vi shatabdi ke baad se jo puri duniya me england ke dwara banking system ka bijaropan hua 1694 me bank of india and ko madras all bank ka jata hai matlab har bank ki mata england ke bank ko kha jata hai yahan se apni duniya me currency note aur yah jo aapke paper currency hai ya dollar hai ya jo bhi alag alag deshon me prachalit mudra mudra mudra us jab se prachalan me aaya tab se hum yah lagne laga ki tamaam cheezen paise aur currency note ke ird gird ghoomti hai bharat ya hamko ki hum me bharat me zyada baat karta hamein apne bharat ko ghuma hai samjha hai aur bharatiyta ke upar thoda bahut samajh pata hoon bharat me kul 8 tarah ke dhande keval currency note me ab dhamki kisko banna padega aaj bhi tarah ka dhanush me dhaan gehun makka ke tamaam chijon ko hum dhan ke roop me samjhane karte hain pashuo pashuo me ashok ghoda gadha haathi gaon matlab gaay bail aur sab saari prajatiya ki sabhi jati ko humne ek dhan karo diya iske alava vidya ka nidhan ke roop me dekha kalakar ne vidya ka dhan ke roop me dekha ki stree beti ko bhi humne ek dhan ke roop me kanya ko bhi humne dhan ke roop me dekha matlab abhi apne ghar ke kaan hote the laxmi toh aisa 813 ka dhanu tatha samaj me aur jiski badaulat hum apna hamko aata jata tha ki hum keval bus teen crore rupee hai toh aap bahut sampann hai aisa kuch aapki saari kuch aapke samajikta pavada parivarik dastak aapke paas kitne anaaj hain kitne khadyann hai kitni pashudhan ki tamaam batein lekin aaj jo ki hum ek shatabdi me aa jaaye first century aur isme kahin na kahin hum sabhi log bhautikvadi duniya ki taraf zyada dekhna chahte pasand karte hain ki haan hamare paas jitne bhi lagjariyas life ke jitne bhi maapdand hai aise hi cooler pankha aur list car aur aeroplane bullet saari kuch hamare paas aur isi ki daudh me aisi ke road me paisa kahin na kahin ek bahut aham roll ada karta hai tab hamein lagta hai ki haan khushahal jeevan ke liye paise anivarya hain lekin agar uska doosra paksh jawab dekhenge sochenge koi bhi desh me jo bhi aaj bade bade udyogpati hain ya koi bahut bade bhakt kharabpati banna chahte hain mileniyar milenge banna chahte hain kitna kamane koi lakshya hoga jeevan ka kyon kamana hai kaha karna hai kya karna hai lekin aisa kuch nahi hai unke unka koi lakshya apne jeevan shuru karte hain kamai se aur ant hota hoon toh kamai kamate kamate mar jaate hain parivar toot rahe chota hota ja raha samaj badhta chala ja raha hai aane wali peedhi ko hum kya de rahe hain hum mera ghar ki aur hoga 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hain toh humne kaha ki bhai aap lo Rs lo aur lo kharch karo toh so rupaye chahte hain toh kya hua bilkul nahi kharcha hota hai chini laate ho aap maine aadmi khatam atta khatam chawal khatam daal khatam gaadi me badhao petrol khatam toh kharch ho raha hai na kharch matlab jiski matra ghat rahi hai paise ki mata suna ghatna hamare jitna hamari sarkar yah baat samjhne waale aur yah jis mulya par jab nahi samajh me aayega ki humne ek kitab bhi likha hai bankon ka mayajal banking system par ek bada dhan bhi hai aur aaj ki jaipur currency note usko lekar ke kai rti bihar me sarkar ke upar lagaya hai pichle 600 saal se active toh phir samajh me aaya ki aadhunik vyavastha me currency note ka kitna bada humne jagah de diya hai aur us jagah se hum tamaam chijon se dur hatate ja rahe hain aaj hamare paas paisa toh bahut hai lekin parivar nahi hai samaj nahi hai vaah khushi nahi aana toh nahi hai prakriti nahi hai sab cheez ko hum ne peeche chhod diya isse ki khushi ke liye yah jo bhi sathi maante hain khushahal jeevan ji kuch sustainable development model nahi hai paisa aapko hi duniya chhodna padega aur paise ke alava saari chijon ko aap ko pakadna padega jitni hamari chinta denge toh main resort se se chahen vaah chahen vaah khanij ho chahen vaah jitne bhi crops mat le itni bhi khadyann ho ya chahen jitne bhi hamari hawa ho ped paudhe ho panchatatwa jogi panchami chanchal hawa aadmi in sab chijon ka hi apna mulya hai iska apna original baki sab choti baat use koi face value nahi hai bus aur humne usme ek value de diya put up kar diya paise ka kya value apne aap ne kaha ki uska value hai apne aap me sansadhano ka apne kisi bhi aadhar me kisi bhi roop me toh yah mera kehne ka matlab hai dhanyavad

जी नमस्कार प्रश्न है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है तो फिर मेरी व्यक्त

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उसका आपका प्रश्न है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है तो इसका जवाब है पैसा आज हमारी जरूरत है हमें पैसे की आवश्यकता रहती है क्योंकि कोई भी काम जो पैसे से होता है वह पैसे के द्वारा ही होगा परंतु केवल और केवल हम पैसे के द्वारा खुशहाल हो जाएंगे यह हमारी बहुत बड़ी गलतफहमी है समाज में आप बहुत से ऐसे लोगों को देखेंगे जिनके पास धन की बहुत ढेर लगे हुए हैं परंतु उनका जीवन खुशहाल नहीं है क्योंकि कई बार उनके संबंध अच्छे नहीं होते और कई बार उनके अर्थ वर्क अच्छे नहीं होता सेहत अच्छी ना हो तो पैसा कुछ नहीं कर पाता पैसा भी हो और व्यक्ति जागरूक भी हो तो उस पैसे को वह अच्छे से यूज कर सकता है इसलिए खुशहाल जीवन के लिए पैसे की मात्रा की व्यवस्था परंतु उसके अलावा व्यक्ति को बाकी वस्तुओं की भी आवश्यकता पड़ती है खासकर संबंधों की और अच्छी सेहत की धन्यवाद

uska aapka prashna hai ki kya khushahal jeevan ke liye paisa vaakai maayne rakhta hai toh iska jawab hai paisa aaj hamari zarurat hai hamein paise ki avashyakta rehti hai kyonki koi bhi kaam jo paise se hota hai vaah paise ke dwara hi hoga parantu keval aur keval hum paise ke dwara khushahal ho jaenge yah hamari bahut badi galatfahamee hai samaj me aap bahut se aise logo ko dekhenge jinke paas dhan ki bahut dher lage hue hain parantu unka jeevan khushahal nahi hai kyonki kai baar unke sambandh acche nahi hote aur kai baar unke arth work acche nahi hota sehat achi na ho toh paisa kuch nahi kar pata paisa bhi ho aur vyakti jagruk bhi ho toh us paise ko vaah acche se use kar sakta hai isliye khushahal jeevan ke liye paise ki matra ki vyavastha parantu uske alava vyakti ko baki vastuon ki bhi avashyakta padti hai khaskar sambandhon ki aur achi sehat ki dhanyavad

उसका आपका प्रश्न है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है तो इसका जवाब है पैस

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Bhupendra Chugh

Business Owner

0:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप मेरे पॉवरबंद उसके बाद आपको आपके हर सवाल का जवाब मेरी वीडियो में मिल जाएगा क्योंकि मैं ऑलरेडी पहली बहुत लोगों को इन सवालों के जवाब पहले भी देख चुका हूं और जैसी आप मुझे फॉलो करोगे आपको इस सवाल का जवाब भी मिल जाएगा और भी आपके मन में कोई सवाल होंगे तो उनका भी जवाब मिल जाएगा इसके अलावा कोई और सवाल हूं तो आप वह भी पूछ सकते हैं बाद में

aap mere pavaraband uske baad aapko aapke har sawaal ka jawab meri video me mil jaega kyonki main already pehli bahut logo ko in sawalon ke jawab pehle bhi dekh chuka hoon aur jaisi aap mujhe follow karoge aapko is sawaal ka jawab bhi mil jaega aur bhi aapke man me koi sawaal honge toh unka bhi jawab mil jaega iske alava koi aur sawaal hoon toh aap vaah bhi puch sakte hain baad me

आप मेरे पॉवरबंद उसके बाद आपको आपके हर सवाल का जवाब मेरी वीडियो में मिल जाएगा क्योंकि मैं

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Dr. K K Jangra

Agriculture Officer

2:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के युग में जीवन की खुशहाली की जो परिभाषा तय कर दी गई है उसमें निश्चित तौर पर पैसा मायने रखता है लेकिन उसके साथ-साथ यह भी यह कड़वी सच्चाई है कि आपके पास जरूरत के अनुसार या जरूरत से अधिक पैसा होने के बावजूद भी आपका जीवन सही मायने में खुशहाल हो नहीं है क्योंकि पैसा रूपया आपको भौतिक सुख तो दे सकता है लेकिन जो मानसिक और खासतौर सर आत्मिक सुख है उसका पैसे धन दौलत जायदाद से कुछ लेना-देना नहीं है यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका बहुत विस्तृत उत्तर हो सकता है लेकिन थोड़े शब्दों में जीवन का लक्ष्य क्या है इस पर विचार किया जाना जरूरी है कि वह भौतिक सुख संपदा से परिपूर्ण खुशहाल हो या फिर जीवन आनंद आनंद की भी हो जीवन का आनंद ही जीवन का लक्ष्य है और यदि हम आनंद की बात करें तो उसमें पैसे का जो प्रभाव है पैसे की आवश्यकता है पैसे का जो रोल है जीवन के आनंद के लिए वह बहुत ना के बराबर है ऐसे आज के युग में भी कुछ लोग आपको मिल जाएंगे जिनके पास रुपए पैसे के नाम पर धन दौलत के नाम पर कुछ भी नहीं है लेकिन उनका जीवन पूरी तरह से आनंदित है वह सामान्य धनी लोगों के अपेक्षा अपने जीवन को पूर्ण उल्लास और आनंद के साथ व्यतीत करते हैं इस प्रकार मेरी निगाह में खुशहाल जीवन की अपेक्षा आनंद पूर्ण जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण है धन्यवाद

aaj ke yug me jeevan ki khushahali ki jo paribhasha tay kar di gayi hai usme nishchit taur par paisa maayne rakhta hai lekin uske saath saath yah bhi yah kadavi sacchai hai ki aapke paas zarurat ke anusaar ya zarurat se adhik paisa hone ke bawajud bhi aapka jeevan sahi maayne me khushahal ho nahi hai kyonki paisa rupya aapko bhautik sukh toh de sakta hai lekin jo mansik aur khaasataur sir atmik sukh hai uska paise dhan daulat jaydaad se kuch lena dena nahi hai yah ek aisa prashna hai jiska bahut vistrit uttar ho sakta hai lekin thode shabdon me jeevan ka lakshya kya hai is par vichar kiya jana zaroori hai ki vaah bhautik sukh sampada se paripurna khushahal ho ya phir jeevan anand anand ki bhi ho jeevan ka anand hi jeevan ka lakshya hai aur yadi hum anand ki baat kare toh usme paise ka jo prabhav hai paise ki avashyakta hai paise ka jo roll hai jeevan ke anand ke liye vaah bahut na ke barabar hai aise aaj ke yug me bhi kuch log aapko mil jaenge jinke paas rupaye paise ke naam par dhan daulat ke naam par kuch bhi nahi hai lekin unka jeevan puri tarah se anandit hai vaah samanya dhani logo ke apeksha apne jeevan ko purn ullas aur anand ke saath vyatit karte hain is prakar meri nigah me khushahal jeevan ki apeksha anand purn jeevan zyada mahatvapurna hai dhanyavad

आज के युग में जीवन की खुशहाली की जो परिभाषा तय कर दी गई है उसमें निश्चित तौर पर पैसा मायने

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Sushmita Singh

Senior Software Engineer

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां इधर से मैं कहना चाहूंगी कि खुशहाल जीवन के लिए पैसा मायने रखता है बट पूरी तरीके से नहीं क्योंकि अगर मैं आपको एक एग्जांपल लिखकर बता ना चाहूं तो और सब कुछ मालूम कोई भी एक इंसान है जिसके घर से कैसे छोटा सा घर है या फिर उनका जो फैमिली लाइफ में एक छोटे से इनकम पर चल रहा है तो उनके बच्चे दूर पढ़ते हैं या फिर आगे बढ़ते हमेशा बचपन से ही सोच के चलते कि मैं बड़ा हूं लूंगा फिर उनको वही मेंटालिटी नहीं जाती कि बेटा तुम बड़े होकर पढ़ना तो कुछ बनना तो हमारा फ्यूचर और बेटर होगा तो बच्चे भी वही सोच कर बड़े होते उनके मन में भी हमें से कम अपने मां-बाप को और बेटा लिख दे सकता हूं या फिर कुछ नहीं गाड़ी आएगी तो उसके उसके पीछे क्या चीज है पैसा पैसा ही सब मेन रीजन है कि पैसा कमाएंगे तभी वह आगे जाकर घर ले सकते हो और घर लेंगे तभी उनके पास खुशियां आएगी बट यह सब आपकी लेकिन के ऊपर डिपेंड करता है हो सकता है कि घर खरीद लो उसके बाद भी आपको वहां पर हो सेटिस्फेक्शन नहीं आएगा कि आप तब आप यह सोचोगे कि अरे यार अभी तुम्हारे घर खरीदी घर तो मेरा 2BHK रवि मेरी फैमिली बढ़ेगी तो मुझे और उनकी ज्यादा जरूरत पड़ेगी तो मुझे और बड़ा घर लेना पड़ेगा या फिर अभी तो ऐसे एरिया में घर एरिया में घर लेना है तो आप फिर उसके पीछे पीपल के पीछे और पैसे कमाने हैं तो वह इंपॉर्टेंट नहीं है तो थीम के यहां पर इंपॉर्टेंट यह है आपके खुशहाल जीवन के लिए कि आपका सेटिस्फेक्शन कितना मायने रखते आप अपने आप को एक अपने मेंटल लेखक ने आपको कितना मिनट के लिए कंट्रोल कर सकते हो अगर आप सेटिस्फाइड हो गया थोड़ा सा जो भी चीज आपके हाथ में है अगर आपस में विचार करके अगर खुश रहने का कोशिश करते हो कि हां मैं इतने से ही घर में खुश हो कर काम लेकर सब क्योंकि मैं रह पा रहा हूं तो आई थिंग को पैसे से ज्यादा मैटर करता है

haan idhar se main kehna chahungi ki khushahal jeevan ke liye paisa maayne rakhta hai but puri tarike se nahi kyonki agar main aapko ek example likhkar bata na chahu toh aur sab kuch maloom koi bhi ek insaan hai jiske ghar se kaise chota sa ghar hai ya phir unka jo family life me ek chote se income par chal raha hai toh unke bacche dur padhte hain ya phir aage badhte hamesha bachpan se hi soch ke chalte ki main bada hoon lunga phir unko wahi mentalaity nahi jaati ki beta tum bade hokar padhna toh kuch banna toh hamara future aur better hoga toh bacche bhi wahi soch kar bade hote unke man me bhi hamein se kam apne maa baap ko aur beta likh de sakta hoon ya phir kuch nahi gaadi aayegi toh uske uske peeche kya cheez hai paisa paisa hi sab main reason hai ki paisa kamayenge tabhi vaah aage jaakar ghar le sakte ho aur ghar lenge tabhi unke paas khushiya aayegi but yah sab aapki lekin ke upar depend karta hai ho sakta hai ki ghar kharid lo uske baad bhi aapko wahan par ho setisfekshan nahi aayega ki aap tab aap yah sochoge ki are yaar abhi tumhare ghar kharidi ghar toh mera 2BHK ravi meri family badhegi toh mujhe aur unki zyada zarurat padegi toh mujhe aur bada ghar lena padega ya phir abhi toh aise area me ghar area me ghar lena hai toh aap phir uske peeche pipal ke peeche aur paise kamane hain toh vaah important nahi hai toh theme ke yahan par important yah hai aapke khushahal jeevan ke liye ki aapka setisfekshan kitna maayne rakhte aap apne aap ko ek apne mental lekhak ne aapko kitna minute ke liye control kar sakte ho agar aap setisfaid ho gaya thoda sa jo bhi cheez aapke hath me hai agar aapas me vichar karke agar khush rehne ka koshish karte ho ki haan main itne se hi ghar me khush ho kar kaam lekar sab kyonki main reh paa raha hoon toh I thing ko paise se zyada matter karta hai

हां इधर से मैं कहना चाहूंगी कि खुशहाल जीवन के लिए पैसा मायने रखता है बट पूरी तरीके से नहीं

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Nandini Jain

Yoga Trainer ,Naturopath ,Motivational Teacher You Tuber

1:03
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आपका प्रश्न है क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा बाकी मायने रखता है बिल्कुल खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाक्य में ही मायने रखता है कि हमारी जो बेसिक नीड्स है हंसने की पहले हमारी वह पूरी होनी बहुत जरूरी है अगर हमारी कोई नीड जिनको की बेसिक नीड जो कि सही मायने में जरूरत है उसके लिए पैसा बहुत मायने रखता है यह पैसे के पीछे ही नैतिकता अपनी-अपनी ग्रेटनेस है या अपनी नैतिकता की या हमारे समाज की फैमिली के प्रति जिम्मेदारी है या अपने लिए जो जिम्मेदारी है उनको भूल कर बैठ जाना भी ठीक नहीं है इसलिए बेसिक नीड्स को तो पूरा करने के लिए पैसा बहुत जरूरी है पैसे के पीछे भागना जरूरी नहीं है और ना ही ठीक है

aapka prashna hai kya khushahal jeevan ke liye paisa baki maayne rakhta hai bilkul khushahal jeevan ke liye paisa vakya me hi maayne rakhta hai ki hamari jo basic needs hai hasne ki pehle hamari vaah puri honi bahut zaroori hai agar hamari koi need jinako ki basic need jo ki sahi maayne me zarurat hai uske liye paisa bahut maayne rakhta hai yah paise ke peeche hi naitikta apni apni gretanes hai ya apni naitikta ki ya hamare samaj ki family ke prati jimmedari hai ya apne liye jo jimmedari hai unko bhool kar baith jana bhi theek nahi hai isliye basic needs ko toh pura karne ke liye paisa bahut zaroori hai paise ke peeche bhaagna zaroori nahi hai aur na hi theek hai

आपका प्रश्न है क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा बाकी मायने रखता है बिल्कुल खुशहाल जीवन के लिए

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Dr S K Goel

Astrologer

0:11
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नहीं ऐसा कोई जरूरी नहीं है सफल जीवन के लिए बहुत चीज बच्चों की जरूरत पड़ती है केवल पैसा ही मां पर आड़े नहीं आता

nahi aisa koi zaroori nahi hai safal jeevan ke liye bahut cheez baccho ki zarurat padti hai keval paisa hi maa par ade nahi aata

नहीं ऐसा कोई जरूरी नहीं है सफल जीवन के लिए बहुत चीज बच्चों की जरूरत पड़ती है केवल पैसा ही

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Aditya Kumar Tiwari

Director, Eduvento Classes

0:30
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जीवन जीना है तो पैसे की जरूरत तो पड़ेगी गाड़ी चलानी है तो आपको पेट्रोल तो चाहिए होगा और तू की गाड़ी चलानी है कड़ी अच्छे से चलानी है तो पेट्रोल चाहिए ठीक वैसे ही आपको जीवन जीने के लिए खुशहाल जीवन के लिए पैसा चाहिए तो पैसे डेफिनटली मायने रखता है लेकिन पैसा उतना ही मायने रखता है जितना गाड़ी के लिए पेट्रोल मायने रखता है पेट्रोल के लिए गाड़ी नहीं चलाई जाती ठीक वैसे ही जीवन पैसे के लिए नहीं किया जाता पैसा सिर्फ इंधन है कि जीवन चलाने के लिए आवश्यक है

jeevan jeena hai toh paise ki zarurat toh padegi gaadi chalani hai toh aapko petrol toh chahiye hoga aur tu ki gaadi chalani hai kadi acche se chalani hai toh petrol chahiye theek waise hi aapko jeevan jeene ke liye khushahal jeevan ke liye paisa chahiye toh paise definatali maayne rakhta hai lekin paisa utana hi maayne rakhta hai jitna gaadi ke liye petrol maayne rakhta hai petrol ke liye gaadi nahi chalai jaati theek waise hi jeevan paise ke liye nahi kiya jata paisa sirf indhan hai ki jeevan chalane ke liye aavashyak hai

जीवन जीना है तो पैसे की जरूरत तो पड़ेगी गाड़ी चलानी है तो आपको पेट्रोल तो चाहिए होगा और तू

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Shipra Ranjan

Life Coach

1:03
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आपके सवाल है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है तो हां पैसा मायने रखता है पर कुछ हद तक पूरी तरीके से पैसे की वजह से ही खुशियां आती हो ऐसा नहीं हो सकता खुशियां आपको अपने एयरपोर्ट से लेनी पड़ती है कमानी पड़ती है अपनी इसे जैसे आप कमाते हैं वैसे ही आपको खुशियां भी कमा नहीं पड़ती हैं जिसके लिए आपका नेचर अब का स्वाभाव आपके दूसरों के साथ नहीं बात करने का रवैया किसके साथ में आप इस तरीके से बिहेव कर रहे हैं कैसे रह रहे हैं इन सब चीजों पर निर्भर करती हैं आपकी खुशियां खाली पैसे से आप खुशियां नहीं खरीद सकते उदाहरण के तौर पर पैसे से आप गद्दा खरीदते हैं पलंग खरीद सकते हैं नींद नहीं सकते नींद भी मिलेगा जब आप खुश रहेंगे सुकून की नींद आएगी और जब नींद आएगी तभी इंसान स्वस्थ रहेगा तो पैसे से आप काफी कुछ खरीद सकते हैं पर सब कुछ नहीं खरीद सकते ऐसा जरूरी है जिंदगी में लेकिन सिर्फ पैसा ही जरूरी नहीं है शुभ रहे धन्यवाद

aapke sawaal hai ki kya khushahal jeevan ke liye paisa vaakai maayne rakhta hai toh haan paisa maayne rakhta hai par kuch had tak puri tarike se paise ki wajah se hi khushiya aati ho aisa nahi ho sakta khushiya aapko apne airport se leni padti hai kamani padti hai apni ise jaise aap kamate hain waise hi aapko khushiya bhi kama nahi padti hain jiske liye aapka nature ab ka swabhaav aapke dusro ke saath nahi baat karne ka ravaiya kiske saath mein aap is tarike se behave kar rahe hain kaise reh rahe hain in sab chijon par nirbhar karti hain aapki khushiya khaali paise se aap khushiya nahi kharid sakte udaharan ke taur par paise se aap gadda kharidte hain palang kharid sakte hain neend nahi sakte neend bhi milega jab aap khush rahenge sukoon ki neend aayegi aur jab neend aayegi tabhi insaan swasthya rahega toh paise se aap kaafi kuch kharid sakte hain par sab kuch nahi kharid sakte aisa zaroori hai zindagi mein lekin sirf paisa hi zaroori nahi hai shubha rahe dhanyavad

आपके सवाल है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है तो हां पैसा मायने रखता है

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Ashok Clinic

Sexologist

0:18

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Porshia Chawla Ban

Psychologist

1:57
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हां बिल्कुल खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है और अगर किसी के पास पैसा नहीं हुई है या कम है तो भी वह खुशहाल हो सकता है पैसा एक पीरियड नहीं है कि यह होगा ही तो ही खुशहाली होगी लेकिन दूसरी तरफ आप यह देखिए कि जो भी लोग पैसा अटैक करते हैं या जिनके जीवन में पैसा है तो कहीं ना कहीं उनकी मानसिकता में एक रात में है कहीं ना कहीं उनकी मानसिकता में हम देखेंगे कि एक वह ग्रहण शीलता जो है पैसे के लिए आपको पैसे वाला इंसान बना दिया वह मानसिकता आपको पैसे वाला इंसान बनाती है तो आप पहले अपने विचारों में अमीर होते हैं और फिर आप जीवन में मिलते हैं पैसे के रूप में अब जो व्यक्ति खुद से बना है मेहनत करके बना है या जिसको कीमत मालूम है तो वह पैसा को ठीक से इस्तेमाल भी करता है अब वह जो खुशहाली उसके जीवन में आती है तो उससे फिर वह अपने रिश्ते भी बना कर रख पाता है अपने राजू परिवार जन है और उनका और सोसाइटी है उनके लिए भी कर पाता है ऐसा नहीं है कि सोसाइटी के लिए खुशहाल जीवन में पैसा इंपॉर्टेंट है क्योंकि एक्सचेंज जो है गुड का सर्विस इसका पैसे से होता है और जिंदगी को सहूलियत देने के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए सुख बढ़ाने के लिए पैसे का रोल है तो रोल है उसका सब कुछ वह ऐसा नहीं है लेकिन रोल जरूर है तो फिर बैलेंस में कोई रहता है तो वह यह बात समझ जाएगा कि उसको पैसा भी कम आना है और बाकी की चीजों में बनाते चलो

haan bilkul khushahal jeevan ke liye paisa vaakai maayne rakhta hai aur agar kisi ke paas paisa nahi hui hai ya kam hai toh bhi vaah khushahal ho sakta hai paisa ek period nahi hai ki yah hoga hi toh hi khushahali hogi lekin dusri taraf aap yah dekhiye ki jo bhi log paisa attack karte hain ya jinke jeevan mein paisa hai toh kahin na kahin unki mansikta mein ek raat mein hai kahin na kahin unki mansikta mein hum dekhenge ki ek vaah grahan sheelta jo hai paise ke liye aapko paise vala insaan bana diya vaah mansikta aapko paise vala insaan banati hai toh aap pehle apne vicharon mein amir hote hain aur phir aap jeevan mein milte hain paise ke roop mein ab jo vyakti khud se bana hai mehnat karke bana hai ya jisko kimat maloom hai toh vaah paisa ko theek se istemal bhi karta hai ab vaah jo khushahali uske jeevan mein aati hai toh usse phir vaah apne rishte bhi bana kar rakh pata hai apne raju parivar jan hai aur unka aur society hai unke liye bhi kar pata hai aisa nahi hai ki society ke liye khushahal jeevan mein paisa important hai kyonki exchange jo hai good ka service iska paise se hota hai aur zindagi ko sahuliyat dene ke liye suvidhaen badhane ke liye sukh badhane ke liye paise ka roll hai toh roll hai uska sab kuch vaah aisa nahi hai lekin roll zaroor hai toh phir balance mein koi rehta hai toh vaah yah baat samajh jaega ki usko paisa bhi kam aana hai aur baki ki chijon mein banate chalo

हां बिल्कुल खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है और अगर किसी के पास पैसा नहीं हुई है

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Surendra Sharma

अध्यापन

0:13
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हां खुशहाल जीवन के लिए पैसा तो मैं पढ़ है ही बल्कि जीवन को सुखी में बनाने के लिए इंसान को धैर्य धारण करना अति आवश्यक

haan khushahal jeevan ke liye paisa toh main padh hai hi balki jeevan ko sukhi mein banane ke liye insaan ko dhairya dharan karna ati aavashyak

हां खुशहाल जीवन के लिए पैसा तो मैं पढ़ है ही बल्कि जीवन को सुखी में बनाने के लिए इंसान को

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Rimjhim Singh

Behavioral Science, Personality Development, Soft Skills, English Language, V&A, IELTS, TOEFL, PTE Trainer; PET, Life Reinvent Coach & Motivational Speaker

2:31
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सवाल यह है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है अगर खुशियां आपकी भौतिक सुख-सुविधाओं से जुड़ी हुई है तो जी हां पैसा बिल्कुल मायने रखेगा क्योंकि भौतिक सुख-सुविधाओं को अर्जन करने के लिए आपको कहीं ना कहीं पैसा कमाने की जरूरत पड़ जाएगी मैं यह नहीं कह रही कि पैसा जिंदगी है मायने नहीं रखता लक्ष्मी जीवन में सरस्वती जितना ही मायने रखती है पर जीवन का लक्ष लक्ष बैलेंस बनाने में होना चाहिए तो पैसा सुख सुविधाएं जुटाने में छोटी-बड़ी परिस्थितियों में काम आता ही है और बिल्कुल पैसा मायने रखता है लेकिन खुशहाली के लिए समृद्धि के लिए लक्ष्मी का स्वरूप सिर्फ पैसा नोट या कोइंस या सोना चांदी नहीं है एक समृद्धि भी है लक्ष्मी समृद्धि का स्वरूप है वह पैसा किस मार्ग से गुजर कर आया है क्या वह आपके लिए समृद्धि लाया है या फिर वह आपके लिए नेगेटिव इडियट करके लाया तो सही मार्ग से गुजर कर आया हुआ पैसा सही तरीके से कमाया हुआ पैसा जो किसी की हाय या बंधुओं से किसी तरीके से पीड़ित ना हो ऐसा पैसा आपके लिए खुशहाली बिल आता है अगर आपको देने में सुख मिलता है और लेने में आपको कष्ट महसूस होता है तो फिर जो आपके पास पैसा बचता है क्योंकि वो किसी का मांगे हुआ करें एक ही कोई आपको भेज दिया कर गलत रास्ते से कमाया हुआ नहीं है तो फिर आपके लिए वह कैसा कहीं ना कहीं खुशहाली भी लाता है हालांकि अलग बात है कि हर पैसे वाला इंसान खुश नहीं होता और हर खुशी सान पैसे वाला नहीं होता खुशी मन के अंदर की एक-एक फीलिंग है आप खुशी किसी चीज से महसूस कर भी सकते हैं और उसी चीज को लेकर आप अपने मन में क्ले सकते हैं अगर मेरे पास एक गिलास पानी है तो मैं उसे खुश भी हो सकती हो और फिर यह सोचकर दुखी भी रह सकती हूं कि वह ठंडा नहीं है या ज्यादा गर्म है या पानी इतना स्वादिष्ट नहीं है जब पानी लोकल बोतल स्त्री से नहीं आया या पैसे नहीं आया है खुश रहने के लिए हमारी पॉजिटिव सोच और हमारा कर्म व्यवहार बेहद जरूरी है धन्यवाद

sawaal yah hai ki kya khushahal jeevan ke liye paisa vaakai maayne rakhta hai agar khushiya aapki bhautik sukh suvidhaon se judi hui hai toh ji haan paisa bilkul maayne rakhega kyonki bhautik sukh suvidhaon ko arjan karne ke liye aapko kahin na kahin paisa kamane ki zarurat pad jayegi main yah nahi keh rahi ki paisa zindagi hai maayne nahi rakhta laxmi jeevan mein saraswati jitna hi maayne rakhti hai par jeevan ka lakshya laksha balance banane mein hona chahiye toh paisa sukh suvidhaen jutane mein choti badi paristhitiyon mein kaam aata hi hai aur bilkul paisa maayne rakhta hai lekin khushahali ke liye samridhi ke liye laxmi ka swaroop sirf paisa note ya coins ya sona chaandi nahi hai ek samridhi bhi hai laxmi samridhi ka swaroop hai vaah paisa kis marg se gujar kar aaya hai kya vaah aapke liye samridhi laya hai ya phir vaah aapke liye Negative idiot karke laya toh sahi marg se gujar kar aaya hua paisa sahi tarike se kamaya hua paisa jo kisi ki hi ya bandhuon se kisi tarike se peedit na ho aisa paisa aapke liye khushahali bill aata hai agar aapko dene mein sukh milta hai aur lene mein aapko kasht mehsus hota hai toh phir jo aapke paas paisa bachta hai kyonki vo kisi ka mange hua kare ek hi koi aapko bhej diya kar galat raste se kamaya hua nahi hai toh phir aapke liye vaah kaisa kahin na kahin khushahali bhi lata hai halaki alag baat hai ki har paise vala insaan khush nahi hota aur har khushi saan paise vala nahi hota khushi man ke andar ki ek ek feeling hai aap khushi kisi cheez se mehsus kar bhi sakte hain aur usi cheez ko lekar aap apne man mein clay sakte hain agar mere paas ek gilas paani hai toh main use khush bhi ho sakti ho aur phir yah sochkar dukhi bhi reh sakti hoon ki vaah thanda nahi hai ya zyada garam hai ya paani itna swaadisht nahi hai jab paani local bottle stree se nahi aaya ya paise nahi aaya hai khush rehne ke liye hamari positive soch aur hamara karm vyavhar behad zaroori hai dhanyavad

सवाल यह है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है अगर खुशियां आपकी भौतिक सुख-स

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Mausam Babbar and, Dr. Rishu Singh

Managing Directors - Risham IAS Academy

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आपका क्वेश्चन है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा मायने रखता है पैसा मायने रखता है बट यह जरूरी नहीं है कि आप पैसे से ही सब कुछ खरीद कुछ रिलेशन अपने ऐसे होते हैं जो आप पैसे से नहीं खरीद सकते खुशहाल जिंदगी के लिए अपनापन अपनों का प्यार और दुआएं जो आप पैसों से कभी नहीं खरीद सकते किसी हद तक मायने रखता है जैसे अगर आप कोई फैसिलिटी चाहते हैं अपनी जिंदगी में जो आपकी सुख सुविधाओं के लिए हो उसके लिए मायने रखता है लेकिन यह कहना कि खुशहाल जिंदगी के लिए सिर्फ पैसा ही मायने रखता है यह नहीं हुआ इसमें आपके अपनों से जितना भी आपके आसपास का एकमात्र ईयर है उसमें अगर आप इमोशंस के साथ बंधे हुए हैं आस्था आपकी जो भी लोग हैं आप उनसे एशिया में नहीं है तो आपकी जिंदगी खुशहाल नजर आएगी दुआओं में आप लोगों की अगर है प्यार आपसे लोग करते हैं आप उनसे करते हैं तो आपकी जिंदगी खुशहाल नजर आएगी आपने खुद ने देखा होगा कि पैसा बहुत होता है लेकिन वह भी रोते हुए नजर आते हैं तो यह भी नहीं है कि पैसे के बिना भी खुशहाल जिंदगी होती है लेकिन यह भी नहीं कह सकते किस से पैसे के बिना भी कुछ नहीं होगा या नहीं आप देखते होंगे की झोपड़ी में भी आपको खुशहाल जिंदगी नजर आएगी लेकिन सुख सुविधाएं होते हुए और प्यार भी हो और जो चीजें हम खरीद नहीं सकते हैं पैसों से वह जिंदगी में वह भी आपके पास है तो खुशहाल ही खुशहाल जिंदगी

aapka question hai ki kya khushahal jeevan ke liye paisa maayne rakhta hai paisa maayne rakhta hai but yah zaroori nahi hai ki aap paise se hi sab kuch kharid kuch relation apne aise hote hain jo aap paise se nahi kharid sakte khushahal zindagi ke liye apnapan apnon ka pyar aur duaen jo aap paison se kabhi nahi kharid sakte kisi had tak maayne rakhta hai jaise agar aap koi facility chahte hain apni zindagi mein jo aapki sukh suvidhaon ke liye ho uske liye maayne rakhta hai lekin yah kehna ki khushahal zindagi ke liye sirf paisa hi maayne rakhta hai yah nahi hua isme aapke apnon se jitna bhi aapke aaspass ka ekmatra year hai usme agar aap emotional ke saath bandhe hue hain astha aapki jo bhi log hain aap unse asia mein nahi hai toh aapki zindagi khushahal nazar aayegi duaaon mein aap logo ki agar hai pyar aapse log karte hain aap unse karte hain toh aapki zindagi khushahal nazar aayegi aapne khud ne dekha hoga ki paisa bahut hota hai lekin vaah bhi rote hue nazar aate hain toh yah bhi nahi hai ki paise ke bina bhi khushahal zindagi hoti hai lekin yah bhi nahi keh sakte kis se paise ke bina bhi kuch nahi hoga ya nahi aap dekhte honge ki jhopdi mein bhi aapko khushahal zindagi nazar aayegi lekin sukh suvidhaen hote hue aur pyar bhi ho aur jo cheezen hum kharid nahi sakte hain paison se vaah zindagi mein vaah bhi aapke paas hai toh khushahal hi khushahal zindagi

आपका क्वेश्चन है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा मायने रखता है पैसा मायने रखता है बट यह जर

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

2:21
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आपका सवाल है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा बाकी मायने रखता है यह पहली चीज यह समझिए कि खुशहाल या खुशहाली खुशी हैप्पीनेस यह क्या है यह साइकोलॉजि के हिसाब से 1 स्टेट ऑफ माइंड ही मतलब यह एक ऐसा जज्बा है जो आप हर इंसान का अलग अलग होता है जिन लोगों को पैसे में खुशी मिलती है यकीनन उनके जीवन में पैसा शायद खुशी लाता है पर यह जरूरी नहीं है कि हर इंसान की जीवनधारा में हर इंसान के लिए ऐसा ही मायने रखें और उनको लगे कि पैसे से खुशी मिलती है तो यह सोच अलग है अब आपका सवाल के क्या बाकी पैसे के खुशहाल जिंदगी के लिए पैसा मायने रखता है तो मेरा अगर आप मुझसे मेरी राय जानना चाहे तो मैं कहूंगी नहीं तुझे मैंने कोई इंसान अपने जीवन के मायने अपने जीवन की छोटी छोटी छोटी छोटी छोटी खुशियां होती हैं उनके अपने जीवन में वह ढूंढते हैं और उसमें खुश रहते हैं दाल रोटी खाते भी खुश रहता है कोई महलों में बैठकर भी खुश नहीं रहता तो आप अपनी खुशी किस तरह डिफाइन करते हैं उसकी परिभाषा कैसे लिखते हैं कोई एक सर्दी की धूप सेकते हुए भी खुश रहता है और कोई बहुत बड़े मतलब हाई एंड रेस्पॉन्ड में बैठकर हॉट हिटर्स के अंदर भी वह उनका मन अंदर से उदास रहता है तो सब सिर्फ पैसे से जो खुशी चाहते हैं वह शायद रहते भी होंगे कुछ लेकिन हर इंसान पैसे से खुशी नहीं चाहता इस बात पर ध्यान दें अगर आप अपने लिए खुशाली ढूंढना चाहते हैं तो अपने अंदर झांके यह पता करें कि आपको क्या चीज खुशी देती है और कोशिश करेंगे ऐसी स्थितियां बने ऐसी परिस्थितियां मैंने आपके जीवन में और जो है जैसा है उसमें संतुष्ट हैं तो आपको अपने आप ही बहुत खुशहाल जीवन मिलेगा यह जरूरी नहीं है कि पैसा ही हो और पैसा ही किसी को खुशी दे यह जरूरी नहीं है हां लेकिन जो लोग पैसे को अपना परिभाषा बना लेते हैं खुशी की उनके लिए शायद यह बात सच हो मगर हर एक के लिए नहीं धन्यवाद

aapka sawaal hai ki kya khushahal jeevan ke liye paisa baki maayne rakhta hai yah pehli cheez yah samjhiye ki khushahal ya khushahali khushi Happiness yah kya hai yah psycology ke hisab se 1 state of mind hi matlab yah ek aisa jajba hai jo aap har insaan ka alag alag hota hai jin logo ko paise mein khushi milti hai yakinan unke jeevan mein paisa shayad khushi lata hai par yah zaroori nahi hai ki har insaan ki jivandhara mein har insaan ke liye aisa hi maayne rakhen aur unko lage ki paise se khushi milti hai toh yah soch alag hai ab aapka sawaal ke kya baki paise ke khushahal zindagi ke liye paisa maayne rakhta hai toh mera agar aap mujhse meri rai janana chahen toh main kahungi nahi tujhe maine koi insaan apne jeevan ke maayne apne jeevan ki choti choti choti choti choti khushiya hoti hain unke apne jeevan mein vaah dhoondhate hain aur usme khush rehte hain daal roti khate bhi khush rehta hai koi mahalon mein baithkar bhi khush nahi rehta toh aap apni khushi kis tarah define karte hain uski paribhasha kaise likhte hain koi ek sardi ki dhoop sekte hue bhi khush rehta hai aur koi bahut bade matlab high and respand mein baithkar hot hitars ke andar bhi vaah unka man andar se udaas rehta hai toh sab sirf paise se jo khushi chahte hain vaah shayad rehte bhi honge kuch lekin har insaan paise se khushi nahi chahta is baat par dhyan de agar aap apne liye khushali dhundhana chahte hain toh apne andar jhanke yah pata kare ki aapko kya cheez khushi deti hai aur koshish karenge aisi sthitiyan bane aisi paristhiyaann maine aapke jeevan mein aur jo hai jaisa hai usme santusht hain toh aapko apne aap hi bahut khushahal jeevan milega yah zaroori nahi hai ki paisa hi ho aur paisa hi kisi ko khushi de yah zaroori nahi hai haan lekin jo log paise ko apna paribhasha bana lete hain khushi ki unke liye shayad yah baat sach ho magar har ek ke liye nahi dhanyavad

आपका सवाल है कि क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा बाकी मायने रखता है यह पहली चीज यह समझिए कि खु

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:37
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खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है लेकिन पैसा कन्फेशन योगा कब खाएगी ऐसे खाना ठीक है कुछ जरूरत होती है वह बिना पैसों के पूरी नहीं होती है तो निर्जीव चीज है या कुछ न कुछ खरीदा जाता काम करोगे तो पैसे मिले

khushahal jeevan ke liye paisa vaakai maayne rakhta hai lekin paisa confession yoga kab khaegee aise khana theek hai kuch zarurat hoti hai vaah bina paison ke puri nahi hoti hai toh nirjeev cheez hai ya kuch na kuch kharida jata kaam karoge toh paise mile

खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है लेकिन पैसा कन्फेशन योगा कब खाएगी ऐसे खाना ठीक ह

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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

1:04
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क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है या का सवाल है यह बात सच है कि आजकल के आधुनिक रहन-सहन के लिए पैसे की बड़ी आवश्यकता है लेकिन उससे जीवन खुशहाल हो जाएगा ऐसा नहीं कह सकते आपका जीवन सुविधा कौन हो सकता है खुशहाल होने के लिए तो आपको मन की शांति की जरूरत पड़ती है और कहा गया है कि साईं इतना दीजिए जामे कुटुम समाय मैं भी भूखा ना रहूं अतिथि न भूखा जाए वह खुद के निर्वहन के लिए जो धन मिल जाए और आपके दरवाजे पर कोई मित्र बंधु आए वह भी संतुष्ट होकर जाए इतना ही पैसा जरूरी होता है बहुत ज्यादा धन तो बहुत प्लेस लेकर आता है हमारे यहां तो अपरिग्रह का भी सिद्धांत सिखाया जाता है तो पैसे से आप पलंग खरीद सकते हैं लेकिन नींद नहीं खरीद सकते हैं तो आप यह याद रखेगी पैसे से खुशहाली नहीं आ सकती आप की सुविधाएं बढ़ सकती है खुशहाली के लिए तो आपके अंतर्मन नहीं झांकना होगा

kya khushahal jeevan ke liye paisa vaakai maayne rakhta hai ya ka sawaal hai yah baat sach hai ki aajkal ke aadhunik rahan sahan ke liye paise ki badi avashyakta hai lekin usse jeevan khushahal ho jaega aisa nahi keh sakte aapka jeevan suvidha kaun ho sakta hai khushahal hone ke liye toh aapko man ki shanti ki zarurat padti hai aur kaha gaya hai ki sai itna dijiye jame kutum samaye main bhi bhukha na rahun atithi na bhukha jaaye vaah khud ke nirvahan ke liye jo dhan mil jaaye aur aapke darwaze par koi mitra bandhu aaye vaah bhi santusht hokar jaaye itna hi paisa zaroori hota hai bahut zyada dhan toh bahut place lekar aata hai hamare yahan toh aparigrah ka bhi siddhant sikhaya jata hai toh paise se aap palang kharid sakte hain lekin neend nahi kharid sakte hain toh aap yah yaad rakhegi paise se khushahali nahi aa sakti aap ki suvidhaen badh sakti hai khushahali ke liye toh aapke antarman nahi jhankana hoga

क्या खुशहाल जीवन के लिए पैसा वाकई मायने रखता है या का सवाल है यह बात सच है कि आजकल के आधुन

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:32
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दोस्त पहले यह समझते हैं कि पैसा क्या कर आता है यह पैसे से क्या संभव है पैसे से आपकी जरूरत की चीजें मिल सकती हैं आप उसे खरीद सकते हैं पैसे आप लग्जरी लाइफ साल भी जी सकते हैं पैसे से बुनियादी सुख-सुविधाओं की के साथ-साथ आप ऐसो आराम भी खरीद सकते हैं क्या पैसा इंपॉर्टेंट देखने की बातें पढ़ने जहां पर पैसा काम करता है वहां कुछ और काम नहीं करता लेकिन क्या पैसा ही सब कुछ है जी नहीं पैसा सब कुछ नहीं है भले ही मेरे पास करोड़ो रुपए ना हो लेकिन मेरे पास इतने हैं कि मेरा जीवन संतोष पूर्वक चल सकता है मेरे पास अच्छा तो और छत का मतलब ही नहीं कि मेरा अपना मकान हो घर में रेंटेड कॉमेडी इसमें भी हो तो कोई दिक्कत नहीं है और मेरे पास रहने के लिए खाने के लिए और घर को सुचारू रूप से चलाने के लिए राशन पानी हो जॉब हो और बेसिक्स हो तो मेरे हिसाब से वहां पर आप फिर भी अच्छा जीवन बिता सकते हैं संतोष है के जीवन बिता सकते हैं वह कैसे भाई आपके पास भले ही ऐशो आराम ना हो आपके पास ऐसी ना हो लेकिन अगर आपके पास कूलर भी हो ना तो आप किस नजरिए से किस तरीके से अपनी लाइफ को साबित आते हैं वह इंपोर्ट होते हैं आपका सोच क्या होता है आपकी पर्सपेक्टिव क्या होती हैं क्या आप जानते हैं क्या आप खुश रहना जानते हैं आपको समझ जाते हैं कि भाई यह नहीं होने से क्या आप चिंतित रहते हैं या नहीं होने से भी आपको कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता ऐसी हो या ना हो आप ऐसे ही लाइफ काउंटेबली सकते हैं आपको ज्यादा फर्क नहीं पड़ता तो ऐसा जीवन या ऐसी मानसिकता अगर आप रखते हैं तो आपका जीवन डेफिनेटली खुशहाल है उसके कंपैरिजन में जिसके पास सब कुछ है बड़ी गाड़ी में जा रहा है लेकिन दिमाग एक क्षण के लिए भी शांत नहीं है और शांति हमेशा बनी रहती है तो क्या फायदा उस उस बड़ी गाड़ी का उस लाइफस्टाइल का हो जीवन का भाई मैं कहीं पर भी हूं जो भी कुछ हूं अगर मैंने अपने दिमाग पर अपने आप पर काबू पा रखा है मैं बहुत संतुलित अवस्था में हूं मुझे संतोष जी व संतोष पुरवा के जीवन अमिता ने आ रहा है तो भाई मैं बहुत भाग्यशाली हूं यह हर लोग नहीं कर सकते यह भी एक तरीके की आर्ट होती है जिसमें थोड़ा साइंस लगता है और हम अगर यह सीख जाएं तो बहुत बढ़िया से सहजता से हमारे जीवन की जीवनी और कट जाएगी सोच कर देखेगा

dost pehle yah samajhte hai ki paisa kya kar aata hai yah paise se kya sambhav hai paise se aapki zarurat ki cheezen mil sakti hai aap use kharid sakte hai paise aap luxury life saal bhi ji sakte hai paise se buniyadi sukh suvidhaon ki ke saath saath aap aiso aaram bhi kharid sakte hai kya paisa important dekhne ki batein padhne jaha par paisa kaam karta hai wahan kuch aur kaam nahi karta lekin kya paisa hi sab kuch hai ji nahi paisa sab kuch nahi hai bhale hi mere paas croredo rupaye na ho lekin mere paas itne hai ki mera jeevan santosh purvak chal sakta hai mere paas accha toh aur chhat ka matlab hi nahi ki mera apna makan ho ghar mein rented comedy isme bhi ho toh koi dikkat nahi hai aur mere paas rehne ke liye khane ke liye aur ghar ko sucharu roop se chalane ke liye raashan paani ho job ho aur basics ho toh mere hisab se wahan par aap phir bhi accha jeevan bita sakte hai santosh hai ke jeevan bita sakte hai vaah kaise bhai aapke paas bhale hi aisho aaram na ho aapke paas aisi na ho lekin agar aapke paas cooler bhi ho na toh aap kis nazariye se kis tarike se apni life ko saabit aate hai vaah import hote hai aapka soch kya hota hai aapki parsapektiv kya hoti hai kya aap jante hai kya aap khush rehna jante hai aapko samajh jaate hai ki bhai yah nahi hone se kya aap chintit rehte hai ya nahi hone se bhi aapko koi zyada fark nahi padta aisi ho ya na ho aap aise hi life countably sakte hai aapko zyada fark nahi padta toh aisa jeevan ya aisi mansikta agar aap rakhte hai toh aapka jeevan definetli khushahal hai uske kampairijan mein jiske paas sab kuch hai baadi gaadi mein ja raha hai lekin dimag ek kshan ke liye bhi shaant nahi hai aur shanti hamesha bani rehti hai toh kya fayda us us baadi gaadi ka us lifestyle ka ho jeevan ka bhai main kahin par bhi hoon jo bhi kuch hoon agar maine apne dimag par apne aap par kabu paa rakha hai bahut santulit avastha mein hoon mujhe santosh ji va santosh purva ke jeevan Amita ne aa raha hai toh bhai main bahut bhagyashali hoon yah har log nahi kar sakte yah bhi ek tarike ki art hoti hai jisme thoda science lagta hai aur hum agar yah seekh jayen toh bahut badhiya se sahajata se hamare jeevan ki jeevni aur cut jayegi soch kar dekhega

दोस्त पहले यह समझते हैं कि पैसा क्या कर आता है यह पैसे से क्या संभव है पैसे से आपकी जरूरत

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ShAshWaT SRiVaStAvA

CaReer AnD EdUcaTiOnaL GuIde

0:46
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अगर ऐसा होता तो कोई इंसान कभी दुख देखता ही नहीं भाव चल सकती अगर ईमानदार है क्या इसमें कुछ नहीं दिक्कत नहीं है ईमानदार और

agar aisa hota toh koi insaan kabhi dukh dekhta hi nahi bhav chal sakti agar imaandaar hai kya isme kuch nahi dikkat nahi hai imaandaar aur

अगर ऐसा होता तो कोई इंसान कभी दुख देखता ही नहीं भाव चल सकती अगर ईमानदार है क्या इसमें कुछ

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