टैक्स क्यों है?...


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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी राज्य द्वारा व्यक्तियों या विविध संस्था से जो अधिभार या धन लिया जाता है उसे कर या टैक्स कहते हैं राष्ट्र के अधीन आने वाली विभिन्न संस्थाएं भी तरह तरह के कर लगाती है कर रियायत धन मनी के रूप में लगाया जाता है किंतु यह धन के तुल्य श्रम के रूप से भी लगाया जा सकता है कर दो तरह के हो सकते हैं प्रत्यक्ष कर या अप्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कर एक तरफ इसे जनता पर भोज के रुप में देखा जा सकता है वही इसे सरकार को चलाने के लिए आधारभूत आवश्यकता के रूप में भी समझा जा सकता है

kisi rajya dwara vyaktiyon ya vividh sanstha se jo adhibhar ya dhan liya jata hai use kar ya tax kehte hain rashtra ke adheen aane wali vibhinn sansthayen bhi tarah tarah ke kar lagati hai kar riyayat dhan money ke roop mein lagaya jata hai kintu yah dhan ke tulya shram ke roop se bhi lagaya ja sakta hai kar do tarah ke ho sakte hain pratyaksh kar ya apratyaksh ya apratyaksh kar ek taraf ise janta par bhoj ke roop mein dekha ja sakta hai wahi ise sarkar ko chalane ke liye adharbhut avashyakta ke roop mein bhi samjha ja sakta hai

किसी राज्य द्वारा व्यक्तियों या विविध संस्था से जो अधिभार या धन लिया जाता है उसे कर या टैक

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Anukrati

Journalism Graduate

0:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी उत्पाद आए या गतिविधि पर सरकार द्वारा शुल्क लगाए जाने वाले शुल्क को करिया टेक्स्ट कहते हैं अगर टेक्स्ट सीधे व्यक्तिगत या कॉरपोरेटर पर लगाया जाए तो यह प्रत्यक्ष टैक्स होता है और यदि टैक्स एक माल क्या सेवा की कीमत पर लगाया जाए तो उसे अप्रत्यक्ष टैक्स कहा जाता है टैक्सेशन का उद्देश्य सरकारी व्यय को विश करना है टैक्स के सबसे महत्वपूर्ण उपयोग में से एक है सार्वजनिक सामान और सेवाओं जैसे स्ट्रीट लाइटिंग और सड़क की सफाई की कीमत निकालना

kisi utpaad aaye ya gatividhi par sarkar dwara shulk lagaye jaane waale shulk ko Caria text kehte hain agar text sidhe vyaktigat ya karporetar par lagaya jaaye toh yah pratyaksh tax hota hai aur yadi tax ek maal kya seva ki kimat par lagaya jaaye toh use apratyaksh tax kaha jata hai taxation ka uddeshya sarkari vyay ko wish karna hai tax ke sabse mahatvapurna upyog mein se ek hai sarvajanik saamaan aur sewaon jaise street lighting aur sadak ki safaai ki kimat nikalna

किसी उत्पाद आए या गतिविधि पर सरकार द्वारा शुल्क लगाए जाने वाले शुल्क को करिया टेक्स्ट कहते

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Manish Singh

VOLUNTEER

0:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखित टैक्स एक ऐसी आए हैं इनका में जो गवर्नमेंट हमसे लेती है हमारी जितनी भी कमाई होती हमारी इतनी मंथली इनकम होती है उसे कुछ पर्सेंट कार्बन टैक्स के रूप में काट लेती है जिसका यूज होता है कंट्री के डेवलपमेंट मैं आपके घर के पास जो सरके बनती हैं जो बड़े-बड़े कार्यालय बनते हैं पुल बनते हैं मेट्रो से बनते हैं कि सरकार के पास नहीं जाता है जिससे आर्मी को फंड क्या जाता है गवर्नमेंट स्कूलों को फंड किया जाता है नदिया बनती है तालाब कहना यह सब जो बंदे जितने भी गवर्नमेंट प्रोजेक्ट होते हैं सिंपली बाद में बताऊं तुझे इतनी भी गवर्नमेंट प्रोडक्ट्स होते हैं वह इन्हीं टैक्स के पैसों से उस पर काम चलता है

likhit tax ek aisi aaye hain inka mein jo government humse leti hai hamari jitni bhi kamai hoti hamari itni monthly income hoti hai use kuch percent carbon tax ke roop mein kaat leti hai jiska use hota hai country ke development main aapke ghar ke paas jo sarake banti hain jo bade bade karyalay bante hain pool bante hain metro se bante hain ki sarkar ke paas nahi jata hai jisse army ko fund kya jata hai government schoolon ko fund kiya jata hai nadiya banti hai taalab kehna yah sab jo bande jitne bhi government project hote hain simply baad mein bataun tujhe itni bhi government products hote hain vaah inhin tax ke paison se us par kaam chalta hai

लिखित टैक्स एक ऐसी आए हैं इनका में जो गवर्नमेंट हमसे लेती है हमारी जितनी भी कमाई होती हमार

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