क्या अल्कायदा, तालिबान और ISIS संयुक्त￰ राज्य अमेरिका की देन हैं?...


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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अलकायदा तालिबान आईएसआईएस जितनी आतंकवादी संगठन है इनको सपोर्ट करने वाले हमारे विश्व के बहुत सारे देश है बिट्टू पावर के देश भी हैं जिनका डायरेक्टली नहीं तो इनडायरेक्टली सपोर्ट करते हैं जब इनकी विचारधारा बहुत आगे बढ़ जाती है अलकायदा यह सब जो मजबूत हो जाते हैं इनके यह सब युवाओं को भ्रमित करने में सफल होने लगते हैं तो यह क्या करते हैं कि जो देश उनका सपोर्ट करता है उसी देश पर यह बम अटैक करते हैं जब बम अटैक करते हैं तब समझ में आता है कि नहीं आतंकवाद से पूरे विश्व को खतरा है अगर विश्व को खतरा है अगर मैं आतंकवाद का सपोर्ट करता हूं तो आतंकवादी मुझे भी नहीं छोड़ेंगे अब जाकर हिंदुस्तान ने आवाज उठाई कि आतंकवाद के खिलाफ हम सभी लोगों को मिलजुलकर लड़ना चाहिए मोदी जी ने आवाज उठाई पूरे विश्व में और मोदी जी ऐसे नेता हैं ऐसे लीडर हैं कि जिनके आगे सब लोग नतमस्तक होते हैं अमेरिका ब्रिटेन सारा देश भारत के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है तो अब आतंकवाद का खात्मा होगा अब कोई देश आतंकवाद का सपोर्ट नहीं कर सकता है कोई भी पैसे की फंडिंग नहीं कर सकता है कि आतंकवाद आतंकवाद को मिसाइल बम बंदूक कहां से मिलती है सपोर्ट करते हैं लेकिन अमेरिका ने बोल दिया है कि अब आतंकवाद का कोई सपोर्ट नहीं करेगा क्योंकि आतंकवादियों ने अमेरिका के नागरिकों को भी शिकार बनाया है और रसिया तो पहले से ही आतंकवाद के विरुद्ध है लेकिन अमेरिका और रसिया की थोड़ी सी बनती नहीं है तो इसलिए लेकिन आज मोदी जी ने सब को एकत्रित कर दिया है और धीरे-धीरे आतंकवाद का खात्मा होगा मोदी जी 2019 में प्रधानमंत्री बनेंगे और 2022 23 तक पूरे विश्व के आतंकवादियों को खत्म कर दिया जाएगा धन्यवाद

alqaida taliban ISIS jitni aatankwadi sangathan hai inko support karne waale hamare vishwa ke bahut saare desh hai bittu power ke desh bhi hain jinka directly nahi toh indirectly support karte hain jab inki vichardhara bahut aage badh jaati hai alqaida yah sab jo majboot ho jaate hain inke yah sab yuvaon ko bharmit karne mein safal hone lagte hain toh yah kya karte hain ki jo desh unka support karta hai usi desh par yah bomb attack karte hain jab bomb attack karte hain tab samajh mein aata hai ki nahi aatankwad se poore vishwa ko khatra hai agar vishwa ko khatra hai agar main aatankwad ka support karta hoon toh aatankwadi mujhe bhi nahi chodenge ab jaakar Hindustan ne awaaz uthayi ki aatankwad ke khilaf hum sabhi logo ko miljulakar ladna chahiye modi ji ne awaaz uthayi poore vishwa mein aur modi ji aise neta hain aise leader hain ki jinke aage sab log natamastak hote hain america britain saara desh bharat ke saath milkar aatankwad ke khilaf ladai lad raha hai toh ab aatankwad ka khatma hoga ab koi desh aatankwad ka support nahi kar sakta hai koi bhi paise ki funding nahi kar sakta hai ki aatankwad aatankwad ko missile bomb bandook kahaan se milti hai support karte hain lekin america ne bol diya hai ki ab aatankwad ka koi support nahi karega kyonki aatankwadion ne america ke nagriko ko bhi shikaar banaya hai aur rasiya toh pehle se hi aatankwad ke viruddh hai lekin america aur rasiya ki thodi si banti nahi hai toh isliye lekin aaj modi ji ne sab ko ekatrit kar diya hai aur dhire dhire aatankwad ka khatma hoga modi ji 2019 mein pradhanmantri banenge aur 2022 23 tak poore vishwa ke aatankwadion ko khatam kar diya jaega dhanyavad

अलकायदा तालिबान आईएसआईएस जितनी आतंकवादी संगठन है इनको सपोर्ट करने वाले हमारे विश्व के बहुत

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अलकायदा तालिबान तो संयुक्त राज्य अमेरिका के दिन है ही आईएसआईएस पर रूस की कार्यवाही से अमेरिका का चिंतित होना यह बताता है कि आई एस आई एस की चिंता स्वराज अमेरिका को इतनी ज्यादा रहती है हम प्रत्येक शुरू से ही है तो कह सकते हैं कि अरब कंट्री तथा पाकिस्तान अफगानिस्तान में संयुक्त राज्य अमेरिका की दखल के लिए इन रूपों को बनाया गया था और कहीं ना कहीं अमेरिका को भी इस चीज का भोग भोगना पड़ा था जैसे ही 2001 में जो हमला हुआ था कुछ लोग कहते हैं जैसे कि एडवर्ड + जोसेफ स्नोडेन ने कहा था कि वह हमला एक नाटक था 2001 में ट्विन टावर को गिराना एक नाटक था वह भी सकता है अपन कुछ नहीं कह सकते कि सबसे नजदीक की बात अलग है लेकिन मुझे लगी यह बात तो पक्का है कि अलकायदा तालिबान और आईएसआईएस जरूर संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की फंडिंग से चल रहे हैं और इसमें आतंकवाद का विरोध करने वाले रसिया जो है वह पूर्ण रुप से सहायता करता है अच्छी बात यह है कि रशिया भारत का बहुत पूर्ववर्ती मित्र का है और आगे भी मित्र बना रहे इस बात के लिए हम ईश्वर होना पड़ेगा अपने हथियारों के बकरे के लिए अमेरिका किसी भी हद तक जा सकता है और मुझे लगता है कि विश्व में शांति रहने के लिए सबसे अधिक कौन सी समय करनी चाहिए क्योंकि जी-20 में पिछली बार रसिया के प्रेसिडेंट मिला मेरे पति ने साफ साफ कहता कि उन्हें पता है कि यहां पर बैठे हुए कितने सदस्य देश है जो ISIS को फंडिंग करते हैं तो यह सब चीजें सबके सामने खुली हुई है विश्व मंच पर सही जरूरत यह है कि सभी लोग साथ में आएं और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट लड़ाई करें तो यह चीजें खत्म हो सकती है वरना अपने आप को सबसे बेस्ट बनने की कोशिश करते हैं हम इंसानियत को खत्म कर देंगे थैंक यू

alqaida taliban toh sanyukt rajya america ke din hai hi ISIS par rus ki karyavahi se america ka chintit hona yah batata hai ki I s I s ki chinta swaraj america ko itni zyada rehti hai hum pratyek shuru se hi hai toh keh sakte hai ki arab country tatha pakistan afghanistan mein sanyukt rajya america ki dakhal ke liye in roopon ko banaya gaya tha aur kahin na kahin america ko bhi is cheez ka bhog bhogna pada tha jaise hi 2001 mein jo hamla hua tha kuch log kehte hai jaise ki Edward joseph snowden ne kaha tha ki vaah hamla ek natak tha 2001 mein twin tower ko girana ek natak tha vaah bhi sakta hai apan kuch nahi keh sakte ki sabse nazdeek ki baat alag hai lekin mujhe lagi yah baat toh pakka hai ki alqaida taliban aur ISIS zaroor sanyukt rashtra america ki funding se chal rahe hai aur isme aatankwad ka virodh karne waale rasiya jo hai vaah purn roop se sahayta karta hai achi baat yah hai ki rashiya bharat ka bahut poorvavartee mitra ka hai aur aage bhi mitra bana rahe is baat ke liye hum ishwar hona padega apne hathiyaron ke bakre ke liye america kisi bhi had tak ja sakta hai aur mujhe lagta hai ki vishwa mein shanti rehne ke liye sabse adhik kaun si samay karni chahiye kyonki ji 20 mein pichali baar rasiya ke president mila mere pati ne saaf saaf kahata ki unhe pata hai ki yahan par baithe hue kitne sadasya desh hai jo ISIS ko funding karte hai toh yah sab cheezen sabke saamne khuli hui hai vishwa manch par sahi zarurat yah hai ki sabhi log saath mein aaen aur aatankwad ke khilaf ekjut ladai kare toh yah cheezen khatam ho sakti hai varna apne aap ko sabse best banne ki koshish karte hai hum insaniyat ko khatam kar denge thank you

अलकायदा तालिबान तो संयुक्त राज्य अमेरिका के दिन है ही आईएसआईएस पर रूस की कार्यवाही से अमेर

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