पुजारा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला रन बनाने के लिए 50 गेंदों से अधिक का इस्तेमाल किया, क्या वह बहुत डिफेंसिव थे? सही रणनीति क्या होनी चाहिए थी?...


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S

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:04
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कभी बढ़िया रणनीति थी और वह 5152 गंदे इसलिए खेल नहीं पड़ी पुजारा को क्योंकि उस पथ पर लूट कॉल का इंतजार कर रहा था आपको रन बनाने के लिए जो भी बात में रन बनाने के लिए गया वह आउट हो गया तो वैसे मैं पुजारा खराब गेंद का इंतजार कर रहे थे और वह खराब गेंद आते आते बहुत समय लग गया लेकिन उन्होंने आरोप रेस्टोरेंट का जो प्रदर्शन किया वह काबिले तारीफ था और वैसा मतलब बहुत कम ही आपको देखने को मिलता है आजकल T20 क्रिकेट के जमाने में कोई इतनी गंदे खेल रहे और घना बनाए बहुत ज्यादा मुश्किल है रंग बनाना आज के जमाने में रंगना बनाने से पहले से खेलने का जहां तक प्रश्न है कहीं मुश्किल नजर आता है तो मतलब अंजलि बल था वह मेरे हिसाब से टेस्ट क्रिकेट वही है 4 दिन में मैच फिर भी खत्म हो गया तो पुजारा की झोपड़ी थी इसलिए उनको पता था कि उस टेस्ट मैच में समय कोई फायदा नहीं है और उन्होंने उस हिसाब से चैटिंग की बहुत मजा आया मुझे

kabhi badhiya rananiti thi aur vaah 5152 gande isliye khel nahi padi pujara ko kyonki us path par loot call ka intejar kar raha tha aapko run banaane ke liye jo bhi baat mein run banaane ke liye gaya vaah out ho gaya toh waise main pujara kharaab gend ka intejar kar rahe the aur vaah kharaab gend aate aate bahut samay lag gaya lekin unhone aarop restaurant ka jo pradarshan kiya vaah kabile tareef tha aur waisa matlab bahut kam hi aapko dekhne ko milta hai aajkal T20 cricket ke jamaane mein koi itni gande khel rahe aur ghana banaye bahut zyada mushkil hai rang banana aaj ke jamaane mein rangana banaane se pehle se khelne ka jahan tak prashna hai kahin mushkil nazar aata hai toh matlab anjali bal tha vaah mere hisab se test cricket wahi hai 4 din mein match phir bhi khatam ho gaya toh pujara ki jhopdi thi isliye unko pata tha ki us test match mein samay koi fayda nahi hai aur unhone us hisab se chatting ki bahut maza aaya mujhe

कभी बढ़िया रणनीति थी और वह 5152 गंदे इसलिए खेल नहीं पड़ी पुजारा को क्योंकि उस पथ पर लूट कॉ

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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

1:48
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वह बेहद अच्छा खेलता मतलब मैं उस मैच में उस वक्त मैं लाइव कमेंट्री करें कि मुझे याद है क्यों ने 51 गेंद खेलने के बाद अपना एक रन बनाया और जिस तरह से फ्रूट उन्होंने 51 गेंद खेली आप यकीन मानिए आज कल की क्रिकेट में आपको इस तरह का पेशेंट देखने को इस तरह टेंपरामेंट देखने को नहीं मिलेगा वह क्लास क्रिकेट टाइम मैं कहूंगी कि मैंने अपनी लाइफ में इतना क्लास क्रिकेट नहीं देखा हो जिससे शैली का वो खिलाडी है और दूसरे खिलाड़ी आज कल हमने क्रिकेट में देखे हैं और मुझे नहीं लगता कोई भी इतना टाइम पेमेंट अपना दिखा सकता है मेरे सामने की बात है और पुजारा जिस तरह से खेल जाते बहुत सही रणनीति थी उस वक्त हमें जरूरत थी वैसे खेल की एक बात मैं जरूर कहूंगी कि उस मैच में हमें जरूरत थी एक बड़ी पारी कि आपने क्या 1 गेंद खेली थी और आपने 1 रन भी नहीं बनाया था उसके बाद हमें जरूरत थी कि आप आ करके थोड़ी रन बनाते और एक बड़ी पारियों की हम पूजा का सही की उम्मीद रख सकते हैं लेकिन तू जा रहा था हालांकि वह पूरा नहीं कर पाए लेकिन उनकी क्या बना कर कमरे में जो किया वह मेरी लाइफ का बेस्ट था मैंने इतनी अच्छी बल्लेबाजी कभी नहीं देखी आपने सामने लाइव मैच में इस तरह से जब कोई और कि वह पिक इतनी खतरनाक थी हम सबके सामने की बातें जोहानसबर्ग की पिच की जरूरत थी उस वक्त भारत को कटिंग करके ले वरना हम वह आसानी से गवा सकते थे लेकिन देखी आखिरकार उसका रिजल्ट क्या निकला कि भारत और खेलकूद जीत जाता है भारत उस गेम को जीत जाता है तो वह मुझे लगता है कि टर्निंग पॉइंट पुजारा की वहीं रानी थी थी उनका वही टैलेंट है दोनों ने दिखाई थी अगर उस परथम जल्दी विकेट खो देते तो 247 आंसर नहीं बना पाते तो यह जरूरी था और वह हुआ सही रणनीति बिल्कुल सही रणनीति थी उसमें कोई बदलाव की जरूरत नहीं थी डिफेंस बुखार के लिए बहुत समय था अब आराम से गिरने लिए और परेशान किया सामने के गेंदबाजों को बिल्कुल राहुल द्रविड़

vaah behad accha khelta matlab main us match mein us waqt main live commentary karen ki mujhe yaad hai kyon ne 51 gend khelne ke baad apna ek run banaya aur jis tarah se fruit unhone 51 gend kheli aap yakin maniye aaj kal ki cricket mein aapko is tarah ka patient dekhne ko is tarah temparament dekhne ko nahi milega vaah class cricket time main kahungi ki maine apni life mein itna class cricket nahi dekha ho jisse shaili ka vo khiladi hai aur dusre khiladi aaj kal humne cricket mein dekhe hain aur mujhe nahi lagta koi bhi itna time payment apna dikha sakta hai mere saamne ki baat hai aur pujara jis tarah se khel jaate bahut sahi rananiti thi us waqt hamein zaroorat thi waise khel ki ek baat main zaroor kahungi ki us match mein hamein zaroorat thi ek badi paari ki aapne kya 1 gend kheli thi aur aapne 1 run bhi nahi banaya tha uske baad hamein zaroorat thi ki aap aa karke thodi run banate aur ek badi paariyon ki hum puja ka sahi ki ummid rakh sakte hain lekin tu ja raha tha halanki vaah pura nahi kar paye lekin unki kya bana kar kamre mein jo kiya vaah meri life ka best tha maine itni achi ballebaji kabhi nahi dekhi aapne saamne live match mein is tarah se jab koi aur ki vaah pic itni khataranaak thi hum sabke saamne ki batein johanasabarg ki pitch ki zaroorat thi us waqt bharat ko cutting karke le varana hum vaah aasani se gawa sakte the lekin dekhi aakhirkaar uska result kya nikala ki bharat aur khelkud jeet jata hai bharat us game ko jeet jata hai toh vaah mujhe lagta hai ki turning point pujara ki wahin rani thi thi unka wahi talent hai dono ne dikhai thi agar us partham jaldi wicket kho dete toh 247 answer nahi bana paate toh yah zaroori tha aur vaah hua sahi rananiti bilkul sahi rananiti thi usmein koi badlav ki zaroorat nahi thi defence bukhar ke liye bahut samay tha ab aaram se girne liye aur pareshan kiya saamne ke gendbaazon ko bilkul rahul dravid

वह बेहद अच्छा खेलता मतलब मैं उस मैच में उस वक्त मैं लाइव कमेंट्री करें कि मुझे याद है क्यो

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

1:41

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दक्षिण अफ्रीका में हो रहे तीसरे टेस्ट मैच में जब चेतेश्वर पुजारा बल्लेबाजी कर रहे थे तो ऐसा लग रहा था कि वह वहां पर रन बनाने की इच्छा को कर आए हैं ऐसा लग रहा था कि वह बस टाइम निकालने की कोशिश कर रहे हैं अपने विकेट को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जो एक तरीके से सही भी था लेकिन इतना ज्यादा डिफेंसिव होना भी मेरे मुताबिक ठीक नहीं है क्योंकि आप अपने विकेट को अगर बचा कर रखते हैं और रन नहीं बनाते हैं तो यह टीम को कहीं से भी फायदा नहीं पहुंचाएगा हालांकि उन्होंने बाद में अच्छी बैटिंग की और रंग भी बनाए लेकिन सबसे पहला रन बनाने में उन्होंने 54 बॉल खेल लिए और सभी लोग काफी हंस भी रहे थे उनके इस प्रदर्शन पर कि उन्होंने इतना स्लो कैसे खेला 53 बोलूं तब तो उन्होंने एक भी रन नहीं बनाया और जो 54वां बॉल उन्होंने खेला उस पर उन्होंने रन लिया तो मेरे मुताबिक सही स्ट्राइक ऑफिस सही रणनीति होनी चाहिए थी कि चेतेश्वर पुजारा को शुरू से ही थोड़े रन बनाने की कोशिश करनी चाहिए थी ऐसा नहीं कि काफी अटैकिंग चलते लेकिन इतना ज्यादा डिफेंसिव खेलना भी सही नहीं है और अगर वह थोड़ी अटैकिंग खेलते जैसे शुरू में ही रन बनाते हो तो जो खराब गंध आ रही थी उन पर रन बनाते तो हो सकता है कि वह और ज्यादा रन बना सकते हैं और भारत की जो टोटल रंस थे उसमें और ज्यादा कंट्रीब्यूट कर पाते तो मेरे मुताबिक किसी भी बल्लेबाज को बहुत ज्यादा डिफेंसिव खेलने की कोई जरूरत नहीं है और उन्हें ज्यादा गंदी बर्बाद किए बिना थोड़े रन बनाते रहना चाहिए जिससे कि स्कोरबोर्ड आगे बढ़ता रहे

dakshin africa mein ho rahe teesre test match mein jab Cheteshwar pujara ballebaji kar rahe the toh aisa lag raha tha ki vaah wahan par run banaane ki iccha ko kar aaye hain aisa lag raha tha ki vaah bus time nikalne ki koshish kar rahe hain apne wicket ko bachane ki koshish kar rahe hain jo ek tarike se sahi bhi tha lekin itna zyada defensive hona bhi mere mutabik theek nahi hai kyonki aap apne wicket ko agar bacha kar rakhte hain aur run nahi banate hain toh yah team ko kahin se bhi fayda nahi pahuchaayega halanki unhone baad mein achi batting ki aur rang bhi banaye lekin sabse pehla run banaane mein unhone 54 ball khel liye aur sabhi log kafi hans bhi rahe the unke is pradarshan par ki unhone itna slow kaise khela 53 bolun tab toh unhone ek bhi run nahi banaya aur jo va ball unhone khela us par unhone run liya toh mere mutabik sahi strike office sahi rananiti honi chahiye thi ki Cheteshwar pujara ko shuru se hi thode run banaane ki koshish karni chahiye thi aisa nahi ki kafi attacking chalte lekin itna zyada defensive khelna bhi sahi nahi hai aur agar vaah thodi attacking khelte jaise shuru mein hi run banate ho toh jo kharaab gandh aa rahi thi un par run banate toh ho sakta hai ki vaah aur zyada run bana sakte hain aur bharat ki jo total rans the usmein aur zyada kantribyut kar paate toh mere mutabik kisi bhi ballebaaz ko bahut zyada defensive khelne ki koi zaroorat nahi hai aur unhe zyada gandi barbad kiye bina thode run banate rehna chahiye jisse ki skorabord aage badhta rahe

दक्षिण अफ्रीका में हो रहे तीसरे टेस्ट मैच में जब चेतेश्वर पुजारा बल्लेबाजी कर रहे थे तो ऐस

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