कौन सा अखबार है जो राजनीतिक रूप से सबसे अधिक निष्पक्ष है? क्यों?...


play
user

Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:57

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जितने भी न्यूज़ पेपर तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया है वह किसी ना किसी विचार से तो अवश्य ही मिलती होंगी इसके अलावा और एक इंसान होने के नाते उनमें एक बुद्धिमता दो ऑटोमेटिक पाई जाती है तू इन दोनों को मिक्स करके कभी कभी कोई भी न्यूज़ पेपर बना किसने किसी पक्ष में तो अभी से होता है पक्ष में नहीं होता तो विरोध में भी होता है और यह सब यह चलती रहती है देखी हम न्यूज़पेपर कोई आन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को इस चीज पर दोस्त नहीं बन सकते सही बात तो यह है कि अगर कोई चीज हमें प्रभावित करती है तो ही उसे दिखाया जाना आवश्यक है मीडिया ऐसा नहीं है कि पेट नहीं है भारत की मीडिया में जब अभी एक सर्वे आया था वर्ल्ड प्रेस मीडिया और मीडिया विदाउट रिपोर्ट एक एक संस्था है जिसके द्वारा निकाली जाती है तो भारत में मीडिया की आजादी पर जब देखा गया था कितनी रैंक है तो भारत की 180 देशों में 136 व्यक्ति आप सो सकते भारत कितना नहीं चाहिए मीडिया की आजादी को लेकर इसके अलावा और देशों की रिंग पाई गई तो नॉर्वे सबसे ऊपर था नॉर्मल फर्स्ट रैंक पर था इसके अलावा जो सबसे आखरी में देश था वह आप समझ गए होंगे डीपीआर के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया जानकी स्थान नॉर्थ कोरिया वह सबसे आखिरी में बताइए 180 विद नंबर पर था हाई यहां तक कि चाइना भी हमसे पीछे जाना 176 के नंबर पर था चाइना की सही चीजें पता नहीं चल पाती है क्योंकि वहां पर पूरा का पूरा जो कंट्रोल है शी जिनपिंग का है पूरी मीडिया हो चाहे किसी भी चीज है उनकी आदेश मानना ही पड़ता है तो किसी भी अखबार की हर खबर को सच माना भी सही नहीं है कि मीडिया पेड़ भी होता है सभी तरह के मीडिया पेट भी होता है तो अपनाए बुद्धिमता कस्टमर आवश्यक रूप से करें और हर खबर को सही ना माने चाहे वह WhatsApp पर आए चाहे वह किसी मीडिया पर है किसी दल को फॉलो ना करें क्योंकि विकास के मुद्दे को फॉलो करें जो डेवलपमेंट करके देखा जाए आपका निर्दलीय विधायक है उसको फॉलो करें थैंक्यू

jitne bhi news paper tatha electronic media hai vaah kisi na kisi vichar se toh avashya hi milti hongi iske alava aur ek insaan hone ke naate unmen ek buddhimata do Automatic payi jaati hai tu in dono ko mix karke kabhi kabhi koi bhi news paper bana kisne kisi paksh mein toh abhi se hota hai paksh mein nahi hota toh virodh mein bhi hota hai aur yah sab yah chalti rehti hai dekhi hum Newspaper koi Aan electronic media ko is cheez par dost nahi ban sakte sahi baat toh yah hai ki agar koi cheez hamein prabhavit karti hai toh hi use dikhaya jana aavashyak hai media aisa nahi hai ki pet nahi hai bharat ki media mein jab abhi ek survey aaya tha world press media aur media without report ek ek sanstha hai jiske dwara nikali jaati hai toh bharat mein media ki azadi par jab dekha gaya tha kitni rank hai toh bharat ki 180 deshon mein 136 vyakti aap so sakte bharat kitna nahi chahiye media ki azadi ko lekar iske alava aur deshon ki ring payi gayi toh norway sabse upar tha normal first rank par tha iske alava jo sabse aakhri mein desh tha vaah aap samajh gaye honge DPR ke democratic Republic peoples Republic of korea janki sthan north korea vaah sabse aakhiri mein bataye 180 with number par tha high yahan tak ki china bhi humse peeche jana 176 ke number par tha china ki sahi cheezen pata nahi chal pati hai kyonki wahan par pura ka pura jo control hai shi jinping ka hai puri media ho chahen kisi bhi cheez hai unki aadesh manana hi padta hai toh kisi bhi akhbaar ki har khabar ko sach mana bhi sahi nahi hai ki media ped bhi hota hai sabhi tarah ke media pet bhi hota hai toh apnaye buddhimata customer aavashyak roop se kare aur har khabar ko sahi na maane chahen vaah WhatsApp par aaye chahen vaah kisi media par hai kisi dal ko follow na kare kyonki vikas ke mudde ko follow kare jo development karke dekha jaaye aapka nirdaliya vidhayak hai usko follow kare thainkyu

जितने भी न्यूज़ पेपर तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया है वह किसी ना किसी विचार से तो अवश्य ही मिलती

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  162
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

shubham dadheech

Motivational counsellor

2:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो या प्रिंट मीडिया इसे भारत के लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना गया है| हर राज्य, हर शहर, हर गांव का अलग अखबार होता है, अलग रेडीयो होता है, अलग लोकल न्यूज़ होता है| निर्भर यह करता है कि इसका जो संवाददाता है उसका जो संपादक है उसका जो न्यूज़ रिपोर्टर है उसकी जो खबर संचालन की व्यस्थाएं, वह कैसी है ? वह इसी बात से निर्भर करती है कि वह जो चैनल है मीडिया का वह कितना निष्पक्ष है? आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि वह मीडिया जो निष्पक्ष रुप से जनता के मुद्दों को सरकार तक पहुंचाएं और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाएं, वही निष्पक्ष मीडिया है| और साथ ही साथ जो लोगों को ज्ञान की जानकारी भी दे, रोजगार की जानकारी भी दे, और वह खबरें ना छापें जो उसके टीआरपी के लिए अच्छा हो| वैसे हर न्यूज़ चैनल अच्छा ही होता है, आप किसी को बुरा नहीं कह सकते और यह बड़ा मुश्किल काम है| अगर मैंने किसी को सही मान लिया कल को कोई और गलत निकल गया फिर उसको सही मान लिया कल को कोई और गलत निकल गया इसलिए एक पाठक होने के नाते मैं यही कहूंगा कि आप अपने एंड्रॉयड मोबाइल पर एक ही न्यूज़ डाउनलोड करें और उसकी खबर पढ़ें| अगर आपको पसंद आता है, तो रखें नहीं पसंद आता तो अन इनस्टॉल करें| कुछ अच्छे न्यूज़ चैनल मैं मानता हूं दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर है, अमर उजाला भी अच्छा है| तो यह तो आप की खबरों की पसंद के अनुसार ही निश्चित होगा, कि आप कौन सा मीडिया पसंद करेंगे? आई होप आप मेरी बात समझ गए होंगे।

dekhiye electronic media ho ya print media ise bharat ke loktantra ka chautha stambh mana gaya hai har rajya har shehar har gaon ka alag akhbaar hota hai alag rediyo hota hai alag local news hota hai nirbhar yah karta hai ki iska jo samvadadata hai uska jo sampadak hai uska jo news reporter hai uski jo khabar sanchalan ki vyasthaen vaah kaisi hai vaah isi baat se nirbhar karti hai ki vaah jo channel hai media ka vaah kitna nishpaksh hai aap is baat se andaja laga sakte hain ki vaah media jo nishpaksh roop se janta ke muddon ko sarkar tak paunchaye aur sarkar ki yojnao ko janta tak paunchaye wahi nishpaksh media hai aur saath hi saath jo logo ko gyaan ki jaankari bhi de rojgar ki jaankari bhi de aur vaah khabren na chapen jo uske trp ke liye accha ho waise har news channel accha hi hota hai aap kisi ko bura nahi keh sakte aur yah bada mushkil kaam hai agar maine kisi ko sahi maan liya kal ko koi aur galat nikal gaya phir usko sahi maan liya kal ko koi aur galat nikal gaya isliye ek pathak hone ke naate main yahi kahunga ki aap apne android mobile par ek hi news download kare aur uski khabar padhen agar aapko pasand aata hai toh rakhen nahi pasand aata toh an install kare kuch acche news channel main manata hoon dainik jagran dainik bhaskar hai amar ujaala bhi accha hai toh yah toh aap ki khabaro ki pasand ke anusaar hi nishchit hoga ki aap kaun sa media pasand karenge I hope aap meri baat samajh gaye honge

देखिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो या प्रिंट मीडिया इसे भारत के लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना गया

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  225
WhatsApp_icon
user

Pragati

Aspiring Lawyer

0:49
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप जैसा कि हम कह सकते हैं कि राजनीतिक रुप से जो भी अखबार अब बिल्कुल निष्पक्ष हैं और हर तरह से सही चीज दिखाते हैं इसमें हमें यह चीज और जान योगी कि हर जगह अपने अपने लोकल अखबार हर जगह हर राज्य के तो उस हिसाब से भी कुछ फर्क आ जाएगा लेकिन वह हिंदी के अखबार उत्तर प्रदेश के हिसाब से हैं वह अमर उजाला सबसे निष्पक्ष है और सही खबर देता है लोगों को और अंग्रेजी के अखबार में अगर हम कहें तो जो द हिंदू अखबार है वह भी सबसे निष्पक्ष है और उसमें जो भी खबर हम पाते हैं वह सबसे सही और राजनीतिक रुप से बिल्कुल सही होती है और उसका कोई भी किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई भी फोर्स का जवाब नहीं होता वह किसी के लिए वायरस यानी कि वह किसी का साइड लेती नहीं है और जो होता है वह उसी तरह से दिखाती है

aap jaisa ki hum keh sakte hain ki raajnitik roop se jo bhi akhbaar ab bilkul nishpaksh hain aur har tarah se sahi cheez dikhate hain isme hamein yah cheez aur jaan yogi ki har jagah apne apne local akhbaar har jagah har rajya ke toh us hisab se bhi kuch fark aa jaega lekin vaah hindi ke akhbaar uttar pradesh ke hisab se hain vaah amar ujaala sabse nishpaksh hai aur sahi khabar deta hai logo ko aur angrezi ke akhbaar mein agar hum kahein toh jo the hindu akhbaar hai vaah bhi sabse nishpaksh hai aur usme jo bhi khabar hum paate hain vaah sabse sahi aur raajnitik roop se bilkul sahi hoti hai aur uska koi bhi kisi bhi raajnitik party ka koi bhi force ka jawab nahi hota vaah kisi ke liye virus yani ki vaah kisi ka side leti nahi hai aur jo hota hai vaah usi tarah se dikhati hai

आप जैसा कि हम कह सकते हैं कि राजनीतिक रुप से जो भी अखबार अब बिल्कुल निष्पक्ष हैं और हर तरह

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  143
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!