अच्छे लोग कौन होते है, पैसे वाले या ज़मीर वाले?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:26

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्त हम लोगों ने क्या किया बधाई समाज में हम लोगों ने एक पोस्ट एक्टिवेट नजरिया बना लिया है वह नजरिया यह भी है कि भाई जो अमीर आदमी होता है ना वह सही तरीके से पैसे नहीं बनाता वह लोगों पर अत्याचार करते हैं वह चीटिंग करते हैं वह फ्रॉड करता है वह दो नंबर से कैसे बनाते हैं और अमीर बन जाता है लेकिन यह भी एक घटना है और यह गलत है अमीर आदमी है भाई अच्छे लोग नहीं होते यह भी गलत है गरीब आदमी अच्छा इंसान होता है यह भी गलत है इसका इस प्रांत में रहने वाला इंसान अच्छा होता है और इस प्लान के सारे लोग चीटर्स होते हैं ऐसा नहीं होता है इस उम्र का इंसान अच्छा होता है इस उम्र का इंसान अच्छा नहीं होता यह सब बेकार बातें हैं वह अच्छा इंसान वह होता है जिसमें इंसानियत है अच्छा इंसान वह होता है जिसे पता होता है कि मैं क्या सोचता हूं क्या महसूस करता हूं क्या कर्म करता हूं जो मेरे लिए तो सही है यह क्योंकि मेरे को अपनी लाइफ के बारे में भी देखना है नहीं इसको आगे ले जाने सरवाइव नीत बेसिक नींद से उठ कर मुझे अपने फॉर द एक्सपेंशन के लिए काम करना है मेरे को वह हासिल करना है जो मैं हासिल करना चाहता हूं वह मुकाम पर पहुंचना है जिसके में सपने देखता था तो इंसान है से सोचता है उसे करना भी चाहिए लेकिन साथ में वह रास्ता की आंख तैयार करता है यह बहुत जरूरी होता है तो इज नॉट ओनली अबाउट नेशनल सिंबॉल्स आफ इंसान इंसान जिसमे इंसानियत है जिसका धर्म सही हो धर्म क्या होता है धारण करने योग्य जिसके कर्म सही होते हैं जो सोचता वह यह महसूस वही करता है और चर्चा भी वही है यह नहीं कि वह कुछ और सोचे और करे कुछ और इंसानियत जिसमें हैं वह इंसान अच्छा है चाहे वह अमीर हो गरीबों छोटा हो बड़ा हो स्टूडेंट हो रूपेश लोगों में करो इस खास का हो इस रिलेशन का हो इस प्रांत में रहने वाले वाला कोई भी हो इंसान में अगर इंसानियत है वह चीजें करता है जिससे वह अपनी अपना ख्याल आते ही साथ में लोगों का ख्याल रखता है वह सारी चीजें एप्रोप्रियेट होती है जिससे किसी को हानि नहीं होती दुख परेशानी नहीं होती वह इंसान वास्तव में सही या अच्छा इंसान है

dost hum logo ne kya kiya badhai samaj mein hum logo ne ek post activate najariya bana liya hai wah najariya yeh bhi hai ki bhai jo amir aadmi hota hai na wah sahi tarike se paise nahi banata wah logo par atyachar karte hain wah cheating karte hain wah fraud karta hai wah do number se kaise banate hain aur amir ban jata hai lekin yeh bhi ek ghatna hai aur yeh galat hai amir aadmi hai bhai acche log nahi hote yeh bhi galat hai garib aadmi accha insaan hota hai yeh bhi galat hai iska is prant mein rehne vala insaan accha hota hai aur is plan ke saare log chitars hote hain aisa nahi hota hai is umar ka insaan accha hota hai is umar ka insaan accha nahi hota yeh sab bekar batein hain wah accha insaan wah hota hai jisme insaniyat hai accha insaan wah hota hai jise pata hota hai ki main kya sochta hoon kya mehsus karta hoon kya karm karta hoon jo mere liye toh sahi hai yeh kyonki mere ko apni life ke bare mein bhi dekhna hai nahi isko aage le jaane survive neet basic neend se uth kar mujhe apne for the expansion ke liye kaam karna hai mere ko wah hasil karna hai jo main hasil karna chahta hoon wah mukam par pahunchana hai jiske mein sapne dekhta tha toh insaan hai se sochta hai use karna bhi chahiye lekin saath mein wah rasta ki aankh taiyaar karta hai yeh bahut zaroori hota hai toh is not only about national symbols of insaan insaan jisme insaniyat hai jiska dharm sahi ho dharm kya hota hai dharan karne yogya jiske karm sahi hote hain jo sochta wah yeh mehsus wahi karta hai aur charcha bhi wahi hai yeh nahi ki wah kuch aur soche aur kare kuch aur insaniyat jisme hain wah insaan accha hai chahe wah amir ho garibon chota ho bada ho student ho rupesh logo mein karo is khaas ka ho is relation ka ho is prant mein rehne wale vala koi bhi ho insaan mein agar insaniyat hai wah cheezen karta hai jisse wah apni apna khayal aate hi saath mein logo ka khayal rakhta hai wah saree cheezen appropriate hoti hai jisse kisi ko hani nahi hoti dukh pareshani nahi hoti wah insaan vaastav mein sahi ya accha insaan hai

दोस्त हम लोगों ने क्या किया बधाई समाज में हम लोगों ने एक पोस्ट एक्टिवेट नजरिया बना लिया है

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

0:60
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है अच्छे लोग कौन होते हैं पैसे वाले अजमीर वाले थे कि अच्छे लोग वह होते हैं जो अपने एथिक्स वाली उसको जानते हैं समझते हैं अच्छाई की तरफ और जब भी कुछ करते हैं उनके उनके मन में उनका गोल उनका पर फल जो है लाइफ का वह अच्छा ही होता है वह बुराई से अपने आप को बचा कर रखते हैं वह अच्छाई की तरफ अपने आप को फोकस करके रखते हैं अब रही बात के यह पैसे वाले होते हैं जमीर वाले तो ऐसा कहीं नहीं है कि पैसे वालों में जमीर नहीं होता या जमीर जिनमें होता है उनके पास पैसे नहीं होते तो ऐसी ऐसी कोई चीज नहीं है अच्छे लोग अच्छा कैरेक्टर अच्छी सोच और अच्छे कर्म करने वाले अच्छे लोग होते हैं और यह कोई जरूरी नहीं है कि पैसे वाले हो या गरीबी हूं आपको भी हो सकता है इनसे इनकी तुलना थोड़ा सा गलत अप्रोच होगा धन्यवाद

aapka sawal hai acche log kaun hote hain paise wale ajamir wale the ki acche log wah hote hain jo apne ethics wali usko jante hain samajhte hain acchai ki taraf aur jab bhi kuch karte hain unke unke man mein unka gol unka par fal jo hai life ka wah accha hi hota hai wah burayi se apne aap ko bacha kar rakhte hain wah acchai ki taraf apne aap ko focus karke rakhte hain ab rahi baat ke yeh paise wale hote hain zamir wale toh aisa kahin nahi hai ki paise walon mein zamir nahi hota ya zamir jinmein hota hai unke paas paise nahi hote toh aisi aisi koi cheez nahi hai acche log accha character acchi soch aur acche karm karne wale acche log hote hain aur yeh koi zaroori nahi hai ki paise wale ho ya garibi hoon aapko bhi ho sakta hai inse inki tulna thoda sa galat approach hoga dhanyavad

आपका सवाल है अच्छे लोग कौन होते हैं पैसे वाले अजमीर वाले थे कि अच्छे लोग वह होते हैं जो अप

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Vivek Shukla

Life coach

1:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कि आपके जीजू क्वेश्चन है कि लोग अच्छे कौन से होते हैं पैसे वाले जमीर वाले खेत्री यह कहना बहुत ही आसान जमीर वाले ही ज्यादा होते हैं क्योंकि उनको भावनात्मक होते हैं वह एक दूसरे की इज्जत करना जानती है क्यों क्यों नहीं मालूम होता है कि वह इज्जत देंगे तभी उनको इज्जत मिले कल छुट्टी अमीरों की सोच होती है कि उनके द्वार पर हर कोई आएगी तुम तो उनके पास पैसा है अपने लोग अपनी जरूरतों से प्यार करते यह बात बहुत ही कड़वी सच्चाई है कि लोग सिर्फ अपनी जरूरतों के हिसाब से आप करते हैं यह बात सच है कि वह बार-बार उस अमीर के द्वार या फिर उसकी वाहवाही से पीछे नहीं हटेंगे तबीज अमीर गरीब आदमी जो उसकी जमीर के माने उसकी इज्जत करता है ऐसे लोगों की बुराई थोड़ी सी भी मौका मिलने पर बुराई कर देते लेकिन अमीरों की वह कमी रूकमणि गलतियां भी शोक कहा जाता है तो उस टाइप का हो जाता है अमीरों के लोग बुराई नहीं कर सकते क्योंकि उनके पास पैसा है या फिर उनकी वह इज्जत पैसों की तरह से उतना पैसा ही सब कुछ माना जा रहा है दूध कम हो रही है नहीं सकता परसेंट लोग आज भी भारत में ऐसे लोग हैं जो लोगों की इज्जत करते हैं दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हैं तो आज भी पैसे वाले से ज्यादा कहीं मानदार या फिर अच्छे व्यक्ति जमीर वाले होते हैं कि उनका होता है कि मने सामने वाले कुछ ज्यादा रिस्पेक्टिवली ज्यादा इज्जत देने से उनको भी समाज में सम्मानीय रिस्पेक्ट मिलेगा ओके बाय फ्रेंड

ki aapke jiju question hai ki log acche kaunsi hote hain paise wale zamir wale khetri yeh kehna bahut hi aasaan zamir wale hi zyada hote hain kyonki unko bhavnatmak hote hain wah ek dusre ki izzat karna jaanti hai kyon kyon nahi maloom hota hai ki wah izzat denge tabhi unko izzat mile kal chhutti amiron ki soch hoti hai ki unke dwar par har koi aayegi tum toh unke paas paisa hai apne log apni jaruraton se pyar karte yeh baat bahut hi kadvi sacchai hai ki log sirf apni jaruraton ke hisab se aap karte hain yeh baat sach hai ki wah baar baar us amir ke dwar ya phir uski waahwahi se peeche nahi hatenge tabij amir garib aadmi jo uski zamir ke maane uski izzat karta hai aise logo ki burayi thodi si bhi mauka milne par burayi kar dete lekin amiron ki wah kami rukmani galtiya bhi shok kaha jata hai toh us type ka ho jata hai amiron ke log burayi nahi kar sakte kyonki unke paas paisa hai ya phir unki wah izzat paison ki tarah se utana paisa hi sab kuch mana ja raha hai doodh kam ho rahi hai nahi sakta percent log aaj bhi bharat mein aise log hain jo logo ki izzat karte hain dusre ki bhavnao ka sammaan karte hain toh aaj bhi paise wale se zyada kahin mandar ya phir acche vyakti zamir wale hote hain ki unka hota hai ki mane saamne wale kuch zyada respectively zyada izzat dene se unko bhi samaj mein sammaniya respect milega ok by friend

कि आपके जीजू क्वेश्चन है कि लोग अच्छे कौन से होते हैं पैसे वाले जमीर वाले खेत्री यह कहना ब

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

5:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं जिन लोगों का जमीर जिंदा है जो आत्मा की आवाज पर काम करते हैं उनका जीवन सार्थक है धनाढ्य लोगों का जीवन सार्थक पर विशेष तौर से उन लोगों के लिए जो दराडे किसी की सहायता नहीं करते हैं किसी को दान नहीं देते हैं जो केवल एकमात्र लक्ष्मी शोषण लक्ष्मी संग्रह का एक स्थान बने हुए हैं ऐसे लोग लक्ष्मी दास के लाते हैं क्योंकि भी लक्ष्मी को कनेक्शन कर लेते हैं लेकिन ना तो देश हित में से खर्च करते हैं ना देश के विकास में से लगाते हैं ना कोई दूसरों की सहायता करते हैं ऐसे लोग लोग मानवता के लिए सार्थक नहीं देना मानव का हितकर बातें हैं नदी से तुम्हें कुछ लगाते हैं ना दे एकात्मक लोग तो केवल सेल्फिश जीवन जीते हैं उनके लिए ऐसो आराम के लिए पैसा कलेक्शन करते हैं ऐसे लोग जिंदा रहने और ना रहने से कोई अर्थ नहीं है कि मानवता के तारी नहीं मानवता के करीब होते हैं जो दूसरों की सहायता करते हैं दूसरों को तैयार करते हैं जो दूसरों के लिए समर्पित होते हैं जो दूसरों की सेवा में विश्वास रखते हैं ऐसे लोगों को मानवता कलमकार कहा जाता है और यह केवल आपको जमीर वाले लोग मिल सकते हैं जिनकी आत्मा जिंदा है जो आत्मा की आवाज पर काम करते हैं जिनके पास पैसा तो और वह खरगो है लेकिन किसी गरीब को एक रोटी नहीं निकला सकते वे लोग तो केवल निजी स्वार्थ मैं जीवन जीते हैं मैं और मेरा सिर्फ यही बात रहती हैं ऐसे लोग क्या मानताशा करेगी क्या संसार आशा करेगा क्या दे शासन करेगा अर्थात वे लोग जो दूसरों के लिए काम आती जो दूसरों के लिए हैं तेज माता का आरती दूसरों की सहायता करना है अपने लिए तो हर जानवर भी कलेक्शन करता है जानवर भी खाता है लेकिन तू दूसरों के लिए खिलाकर दिखाएं जो दूसरों की सहायता करें तो दूसरों की सेवा करें परोपकार के लिए समर्पित हो ऐसे लोगों को ही मानवता का कारी मानवता का अलंकरण कहना चाहिए मैं बहुत पहले ही कहा था राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने 4 लोगों की मृत्यु हो न मृत्यु से डरो कभी मरो परंतु यों मरो की याद तो करें सभी अथर जीवन तो वही सार्थक है जो तुम्हारे जाने के बाद भी लोग हमें याद करें मारी मंजू जाने के बाद भी युग युग तक तुम्हारे नाम को स्मरण करें ऐसे लोगों पर चाहे पैसा नहीं होता है लेकिन यह दूसरों के लिए समर्पित होते हैं और उनकी यशोगाथा सारे संसार में गाई जाती है जैसे आप उदाहरण स्वरूप कह सकते हैं हमारे अमर शहीद राजगुरु सुखदेव सरदार भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद आप कह सकते हो सुभाष चंद्र बोस महात्मा गांधी जी का जीवन देख लीजिए आप पूरे कम इस तरह जाम में मैं रहा ऐसे लोगों की जीवन की शाम तक हैं जिनकी यशोदा आज भी हम जा रहे हैं बाल गंगाधर तिलक को कई लाला लाजपत राय को कई कई लोगों ने अपना जीवन समर्पित कर दिया मानवता के लिए भारतीयों के लिए और मार खाने के लिए अंग्रेजों से कितना संघर्ष किया उनका सेनानियों के बारे में सोचिए जिन्होंने देश को स्वतंत्र कराने के लिए कितने संघर्ष किए कितनी लाठियां जेली कितनी बार जेल में गए कितनी यातनाएं सहन की अंत में आज उनको क्या मिला शुद्ध करके हम लोग उसका लाभ ले रहे हैं यह नेतागण उसका लाभ मेरे माल मलाई खा रहे हैं लेकिन वह गरीब अपनी जान पर खेलकर के देश को स्वतंत्र आ गए परिणाम आज उसका यह है कि जो जानने वाले हैं जो भारतीय संस्कृति को मानते हैं कि उनकी यशोगाथा हैं आज भी गाते हैं और हमारे बच्चे भी युगों तक उनकी अशोक हटाए गाते रहेंगे हर भारतीय टीम के भी आभारी है क्योंकि उन्होंने हमारे देश के लिए त्याग किया हमारे लिए याद किया हमारे लिए अपनी जान दे दी हमारे लिए यात्रा शैंकी में उन्हें सादर नमन करता हूं नाम करता हम भी मानवता के अलंकार हैं क्योंकि उनका जमीन जिंदा है जिंदा है जिंदा था और वह हमेशा याद रहेंगे हमेशा याद रहेंगे क्योंकि उनका नाम हम लोगों के ऊपर लिखा हुआ है हम हमेशा उन्हें नमन करते रहेंगे

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मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं जिन लोगों का जमीर जिंदा है जो आत्मा की आवाज पर काम करते हैं

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

0:44
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अच्छे लोग अपने स्वभाव से जाने जाते हैं ना कि पैसे से इसलिए जो जमीर वाले लोग होते हैं जो स्वाभिमान वाले लोग होते हैं वह ज्यादा चैट पैसे वाले लोगों में ज्यादातर खा गया कलाकार से भरे रहते हैं घमंडी स्वभाव के होते हैं इसलिए जो सो विवेक पुरुष होते हैं जो विवेक विवेक दान करते हैं सद्गुण ले सकते हैं आपको ज्यादा सम्मान दे नहीं चाहते इसलिए पैसे वाले लेकिन कभी-कभी देखा गया का कुछ अपवाद में पैसे वाले समझ नहीं आती तो ज्यादा से ज्यादा लोग पैसे वाले हंकारी घमंड वाले होते हैं एक दूसरे को इज्जत नहीं करते

acche log apne swabhav se jaane jaate hain na ki paise se isliye jo jamir waale log hote hain jo swabhiman waale log hote hain vaah zyada chat paise waale logo mein jyadatar kha gaya kalakar se bhare rehte hain ghamandi swabhav ke hote hain isliye jo so vivek purush hote hain jo vivek vivek daan karte hain sadgun le sakte hain aapko zyada sammaan de nahi chahte isliye paise waale lekin kabhi kabhi dekha gaya ka kuch apavad mein paise waale samajh nahi aati toh zyada se zyada log paise waale hankari ghamand waale hote hain ek dusre ko izzat nahi karte

अच्छे लोग अपने स्वभाव से जाने जाते हैं ना कि पैसे से इसलिए जो जमीर वाले लोग होते हैं जो स्

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Rashmin Trivedi

Motivational Speaker | Writer | Life Coach

2:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अच्छे लोग अच्छे लोग होते हैं उसमें पैसे वाले या जमीन वाले ऐसे अलग अलग नहीं होते मैंने बहुत सारे पैसे वाले लोगों को अच्छे होते हुए लेते हुए और दूसरे के साथ अच्छा व्यवहार करते हुए देखा है और बहुत सारे जमील वाले लोगों को भी ऐसे देखा है जैसे व्यवहार करते हैं ठीक से पेश आते हैं तो इस तरह का हम यह बॉयफ्रेंड नहीं कर सकते और इस तरह का वर्गीकरण करना अच्छा नहीं है कि पैसे वाले अच्छे नहीं होते हैं जमीर वाले अच्छे होते हैं या जमीन वाले अच्छे नहीं होते हैं कैसे होते इस तरह का वर्गीकरण करना ठीक नहीं है सही बात यह है कि जो अच्छे लोग हैं उनका जमीर ज्यादा अच्छा होता है उनका जमीर वहीं लोगों का अच्छा होता है कि जो किसी के भले के लिए काम करते हैं पैसे वाले लोग भी ऐसे हैं कि अपनी बहुत सारे मिलकर दान में दे देते हैं बहुत लोगों को मदद करते हैं उनको परेशानी होती है फिर भी अच्छा व्यवहार करते हैं ऐसे मैंने बहुत सारे लोगों को देखा है तो जमीन की बात ऐसी है कि सिर्फ जमीन रहने से मैं आपको मदद नहीं कर सकता है आपके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर सकता मेरे पास पैसों की सम्यक स्थिति होनी चाहिए मैं किसी को ठीक से पैसा दे सकूं तो उसके लिए या तो मेरे पास होनी चाहिए तो मेरी कट्टा कर सकूं ऐसी सुविधा होनी चाहिए तो सिर्फ जमीर से काम नहीं चलता और सिर्फ पैसे से भी काम नहीं चलता अगर आपके पास पैसे हैं आपके आसपास सब लोग पैसे वाले हैं तो आप किसी को पैसा देकर मदद नहीं कर सकते उसके साथ कोई अच्छा काम नहीं कर सकते तो इस तरह से यह जो पूरी बात है उसको सम्यक रूप से सोचना चाहिए कोई एक बात को पकड़ कर उसके पक्ष में या विरोध में समझने से कोई रास्ता नहीं निकलेगा अच्छे लोग वही होते हैं कि जो अच्छा काम करते हैं चाहे उनके पास पैसा हो चाहे उनके पास जमीन हो

acche log acche log hote hain usme paise waale ya jameen waale aise alag alag nahi hote maine bahut saare paise waale logo ko acche hote hue lete hue aur dusre ke saath accha vyavhar karte hue dekha hai aur bahut saare jameel waale logo ko bhi aise dekha hai jaise vyavhar karte hain theek se pesh aate hain toh is tarah ka hum yah boyfriend nahi kar sakte aur is tarah ka vargikaran karna accha nahi hai ki paise waale acche nahi hote hain jamir waale acche hote hain ya jameen waale acche nahi hote hain kaise hote is tarah ka vargikaran karna theek nahi hai sahi baat yah hai ki jo acche log hain unka jamir zyada accha hota hai unka jamir wahi logo ka accha hota hai ki jo kisi ke bhale ke liye kaam karte hain paise waale log bhi aise hain ki apni bahut saare milkar daan me de dete hain bahut logo ko madad karte hain unko pareshani hoti hai phir bhi accha vyavhar karte hain aise maine bahut saare logo ko dekha hai toh jameen ki baat aisi hai ki sirf jameen rehne se main aapko madad nahi kar sakta hai aapke saath accha vyavhar nahi kar sakta mere paas paison ki samyak sthiti honi chahiye main kisi ko theek se paisa de sakun toh uske liye ya toh mere paas honi chahiye toh meri katta kar sakun aisi suvidha honi chahiye toh sirf jamir se kaam nahi chalta aur sirf paise se bhi kaam nahi chalta agar aapke paas paise hain aapke aaspass sab log paise waale hain toh aap kisi ko paisa dekar madad nahi kar sakte uske saath koi accha kaam nahi kar sakte toh is tarah se yah jo puri baat hai usko samyak roop se sochna chahiye koi ek baat ko pakad kar uske paksh me ya virodh me samjhne se koi rasta nahi niklega acche log wahi hote hain ki jo accha kaam karte hain chahen unke paas paisa ho chahen unke paas jameen ho

अच्छे लोग अच्छे लोग होते हैं उसमें पैसे वाले या जमीन वाले ऐसे अलग अलग नहीं होते मैंने बहुत

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देखिए अच्छे लोग दोनों प्रकार से हो सकते हैं पैसे वाले जिनके पास अधिक पैसा है वह भी हो सकते हैं जो जमीन रखते हैं हम वह भी अच्छे लोग हो सकते हैं उनकी मानसिकता को दर्शाता है कि वह और उनके बिहेवियर कैसा है वह दर्शाता है कि वह लोग कैसे हैं थैंक यू

dekhie acche log dono prakar se ho sakte hain paise wale jinke paas adhik paisa hai wah bhi ho sakte hain jo jameen rakhte hain hum wah bhi acche log ho sakte hain unki mansikta ko darshata hai ki wah aur unke behaviour kaisa hai wah darshata hai ki wah log kaise hain thank you

देखिए अच्छे लोग दोनों प्रकार से हो सकते हैं पैसे वाले जिनके पास अधिक पैसा है वह भी हो सकते

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आप का सवाल है कि अच्छे लोग कौन होते हैं पैसे वाले या जमीर वाले देखी मेरा मानना यह है कि इंसान चाहे पैसे वाला हो या गरीब हो या अमीर वाला हो तो सही आप ने सवाल किया अचानक वह होते हैं जो आपकी जरूरत में आप के काम आए आपकी मदद करें आपकी सहायता करें और वह कैसे भी हो सकते हैं चाहे वह समीर भाई लोग हो सकते हैं चाहे अमीर हो सकते हैं चाहे गरीब हो सकते हैं यह जरूरी नहीं कि अमीर लोग बुरे होते हैं गरीब लोग अच्छे होते हैं जमीर लोग समीर वाले लोग जैसा कि आपने बताया तो जो आपकी जरूरत में सहायता करें मदद करें वह लोग ही अच्छे होते हैं बढ़िया होते हैं गुड होते हैं

dekhie aap ka sawal hai ki acche log kaun hote hain paise wale ya zamir wale dekhi mera manana yeh hai ki insaan chahe paise vala ho ya garib ho ya amir vala ho toh sahi aap ne sawal kiya achanak wah hote hain jo aapki zarurat mein aap ke kaam aaye aapki madad karein aapki sahayta karein aur wah kaise bhi ho sakte hain chahe wah sameer bhai log ho sakte hain chahe amir ho sakte hain chahe garib ho sakte hain yeh zaroori nahi ki amir log bure hote hain garib log acche hote hain zamir log sameer wale log jaisa ki aapne bataya toh jo aapki zarurat mein sahayta karein madad karein wah log hi acche hote hain badhiya hote hain good hote hain

देखिए आप का सवाल है कि अच्छे लोग कौन होते हैं पैसे वाले या जमीर वाले देखी मेरा मानना यह है

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Ashish Pandey

Psychologist & Happiness Coach

3:11
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अच्छी लोग कौन होते हैं सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि अच्छे लोगों की परिभाषा किया है अच्छा तो हमें कोई भी लग सकता है चाहे वह पैसे वाला हो चाहे वह जमीर मरती हो पर जो बहुत जरूरी बात होती है जिसमें हमें बहुत ज्यादा ध्यान देना होता है वह यह होता है कि हमें पहले अंतर समझना पड़ेगा कि अच्छा व्यक्ति सही है यह सही व्यक्ति सही है हमें किस पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना है एक पिक पसंद ही अपने आप को अच्छा दिखा सकता है पर इसका मतलब यह नहीं है कि वह एक अच्छा रखती हो क्या अगर व्यक्ति सही है तो कुछ भी कर ले वह हमें अच्छा ही लगेगा अच्छाई हमारी इस बात पर निर्भर करती है कि हम सामने वाले व्यक्ति ने क्या देखना चाहते हैं सही व्यक्ति अगर है तो हमें उसकी सारी अच्छाइयां अपने आप दिखने लगेंगे हमें यह कोशिश नहीं करनी पड़ेगी कि हम क्या देखना चाहते हैं जैसे कि अगर हमें किसी व्यक्ति को में यह पसंद है कि उस मधुर भाषी है तो अगर व्यक्ति अपने आपको मधुर भाषी दिखा रहा है तो हमें कोई व्यक्ति अपने आप अच्छा लगने लगेगा यह फर्क नहीं पड़ेगा कि वह हमारे पीठ पीछे कैसा बोलता है कितने बदतमीजी से बात करता है या वह कि अच्छे से बात करता भी है या नहीं करता है फिर वह मैटर नहीं करेगा इसलिए यह बहुत जरूरी है किसी भी व्यक्ति को पहचानने के लिए कि यह मत देखे कि वह कितना अच्छा है यह देखें कि वह कितना सही है अब यहां पर बात आती है कि पैसे वाला व्यक्ति सही है या अच्छे समीर वाला व्यक्ति सही है तो सबसे पहले बात करते हैं पैसे वाले व्यक्ति हैं हमारे पास कितना ही पैसा क्यों ना हो अगर हम उसको इंसानियत में याद या जरूरतमंद की भलाई जरूरतमंद की भलाई करने के लिए अगर हम उसको प्रयोग नहीं कर रहे हैं हम सिर्फ अपने ऊपर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और अपने ही हो पर उसको पेंटर रहे हैं तो हम यह नहीं कह सकते कि हम पूरी तरीके से अच्छे हैं यहां उधर कैसे सही हैं अगर वह पैसा किसी जरूरतमंद के काम नहीं आ रहा है तो अब बात आती है समीर वाले व्यक्ति की अगर उसके अंदर इंसानियत है अगर वह व्यवहार कुशल है तो एक व्यवहारी व्यक्ति अपने व्यवहार से ही जो कम आएगा वह कहीं ज्यादा सेटिस्फाई करेगा जो एक पैसे वाले व्यक्ति से है आप 65 कितना भी कमा सकते हो पर व्यवहार नहीं कमा सकते हैं लेकिन अगर अपने व्यवहार कमाया है तो हम बहुत कुछ कमा सकते हो आपको लोगों का समूह पैसे से नहीं व्यवहार से मिलेगा आपको कितना अच्छा व्यवहार है आप कितने अच्छे से लोगों से मिलते हैं कितना आप उनको ध्यान देते हैं आप उनको कितना केयर करते हैं इस बात से आपको जाना चाहे करना कि आपके पैसों से इंसान को उसकी सीरत से जाना जाता है ना कि उसकी सूरत से ना ही उसके बैंक बैलेंस है ना ही उसके मन में पारा तो सही व्यक्ति की पहचान करें सही व्यक्ति को पहचानने वही असल में अच्छा व्यक्ति है जो सही है थैंक यू

acchi log kaun hote hain sabse pehle toh yeh janana zaroori hai ki acche logo ki paribhasha kiya hai accha toh humein koi bhi lag sakta hai chahe wah paise vala ho chahe wah zamir marti ho par jo bahut zaroori baat hoti hai jisme humein bahut zyada dhyan dena hota hai wah yeh hota hai ki humein pehle antar samajhna padega ki accha vyakti sahi hai yeh sahi vyakti sahi hai humein kis par zyada dhyan kendrit karna hai ek pic pasand hi apne aap ko accha dikha sakta hai par iska matlab yeh nahi hai ki wah ek accha rakhti ho kya agar vyakti sahi hai toh kuch bhi kar le wah humein accha hi lagega acchai hamari is baat par nirbhar karti hai ki hum saamne wale vyakti ne kya dekhna chahte hain sahi vyakti agar hai toh humein uski saree achaiya apne aap dikhne lagenge humein yeh koshish nahi karni padegi ki hum kya dekhna chahte hain jaise ki agar humein kisi vyakti ko mein yeh pasand hai ki us madhur bhashi hai toh agar vyakti apne aapko madhur bhashi dikha raha hai toh humein koi vyakti apne aap accha lagne lagega yeh fark nahi padega ki wah hamare peeth peeche kaisa bolta hai kitne badatamiji se baat karta hai ya wah ki acche se baat karta bhi hai ya nahi karta hai phir wah matter nahi karega isliye yeh bahut zaroori hai kisi bhi vyakti ko pahachanane ke liye ki yeh mat dekhe ki wah kitna accha hai yeh dekhen ki wah kitna sahi hai ab yahan par baat aati hai ki paise vala vyakti sahi hai ya acche sameer vala vyakti sahi hai toh sabse pehle baat karte hain paise wale vyakti hain hamare paas kitna hi paisa kyon na ho agar hum usko insaniyat mein yaad ya jaruratmand ki bhalai jaruratmand ki bhalai karne ke liye agar hum usko prayog nahi kar rahe hain hum sirf apne upar apna dhyan kendrit kar rahe hain aur apne hi ho par usko painter rahe hain toh hum yeh nahi keh sakte ki hum puri tarike se acche hain yahan udhar kaise sahi hain agar wah paisa kisi jaruratmand ke kaam nahi aa raha hai toh ab baat aati hai sameer wale vyakti ki agar uske andar insaniyat hai agar wah vyavahar kushal hai toh ek vyavhaarei vyakti apne vyavahar se hi jo kam aaega wah kahin zyada satisfy karega jo ek paise wale vyakti se hai aap 65 kitna bhi kama sakte ho par vyavahar nahi kama sakte hain lekin agar apne vyavahar kamaya hai toh hum bahut kuch kama sakte ho aapko logo ka samuh paise se nahi vyavahar se milega aapko kitna accha vyavahar hai aap kitne acche se logo se milte hain kitna aap unko dhyan dete hain aap unko kitna care karte hain is baat se aapko jana chahe karna ki aapke paison se insaan ko uski seerat se jana jata hai na ki uski surat se na hi uske bank balance hai na hi uske man mein para toh sahi vyakti ki pehchaan karein sahi vyakti ko pahachanane wahi asal mein accha vyakti hai jo sahi hai thank you

अच्छी लोग कौन होते हैं सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि अच्छे लोगों की परिभाषा किया है अच

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shekhar11

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डिपेंड करता है लेकिन जो भी जमीर के इंसान होते हैं मेष जमीर के पक्के इंसान होते हैं वह लोग ज्यादा अच्छा होते हैं क्योंकि देने जाते वह कभी भरोसा नहीं तोड़ते हैं हमेशा भलाई की बातें करते हैं और सत्य बात करते हैं

depend karta hai lekin jo bhi jamir ke insaan hote hain mesh jamir ke pakke insaan hote hain vaah log zyada accha hote hain kyonki dene jaate vaah kabhi bharosa nahi todte hain hamesha bhalai ki batein karte hain aur satya baat karte hain

डिपेंड करता है लेकिन जो भी जमीर के इंसान होते हैं मेष जमीर के पक्के इंसान होते हैं वह लोग

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