क्या डिमॉनीटाइज़ेशन ज़रूरी था? क्या अच्छा हुआ और क्या बुरा, विस्तार से बताएँ ँ?...


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नमस्कार साहब टेस्ट किया है कि डी मोनेटाइजेशन जरूरी था क्या अच्छा हुआ और क्या बुरा हुआ विस्तार से बताएं डी मोनेटाइजेशन जरूरी था क्योंकि जिस जिस जहां तक मेरी जानकारी है या जो ज्ञात हुआ है उससे यह पता चला कि जिस पर अपनी करेंसी छपती थी उसी को हमारे कुछ कुछ सीनियर व्यक्तियों ने यहां पर नाम में नहीं जिक्र करूंगा कुछ सीनियर व्यक्तियों ने उस पेपर को पाकिस्तान भेज दिया था जैसा सुनने में आया कि कोई नया कैंटिक नहीं कह रहा हूं लेकिन होगा तू जिसमें कि पाकिस्तान भेज दिया तू नकली नोट छापने में या किसी अन्य कंट्री में भेजा था जिससे वह नकली नोट छाप सकते थे जिसका हम को नहीं पता चलता कि यह असली नोट है कि नकली नोटों की पेपर की क्वालिटी भरी थी जिससे असली नोट छपते थे नकली नोट छपने लगे थे जिससे आतंकवाद को अच्छा-खासा पैसा मिलता था हमारे आने की गारंटी में फर्जी नोट्य काउंटरफेत नोट्स का सरकुलेशन काफी बढ़ गया था अतः सरकार को मजबूरी में और एकाएक यह भी करना पड़ा 2000 के नोट यह कारण था दूसरा 2000 के नोट को लोगों ने की अपने पास आने की ब्लैक मनी के रूप में रखना चाहते थे क्योंकि उसको दो जने के काम जगह पर ज्यादा पैसा अपने पास संग्रह संग्रहित कर सकते थे इसलिए ऐसा करना पड़ा इसलिए यह आवश्यक था रही उसकी बात तो भाई कोई चीज शुरू करने के लिए जैसे करो ना वायरस मैं तो भाई दिक्कत तो कुछ ना कुछ पड़ेगी या ब्राउन हुआ है तो तो अभी इच्छा नहीं आने के 21 दिन पहले उन्हें तो किसी ने किसी को परेशानी पड़ेगी लेकिन उसके रिजल्ट लंबे समय से ज्यादा लाभकारी होगी इसी तरह से हमारी सरकार ने डिमॉनेटाइजेशन लाएं जिससे कि फर्जी फर्जी सर्वे काउंटर फिडजित सरकुलेशन में है वह रोके जा सके नंबर एक नंबर दो जो मैंने की ब्लैक मनी लोग स्टोर किए थे उसको निकाला जा सके यही सब चीजों के लिए फ्लावर अहीर नुकसान क्या रहा लोगों को नोट बदलना पड़ा उसमें लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा लाइन में लगना पड़ा एक अदृश्य ट्विंकीज ऐसा सुनने में आया है पेपर में उस पार में श्रीनगर इतने बड़े देश में अगर यह छोटा सा हो जाता है कि कोई वह नहीं है तलाब ज्यादा है जिसके घर का आदमी हो गया कोई परेशानी पड़ी तो परेशानी तो है लेकिन अगर देश हित में सोचा जाए तो इतनी बड़ी परेशानी नहीं है धन्यवाद

namaskar saheb test kiya hai ki d monetaijeshan zaroori tha kya accha hua aur kya bura hua vistaar se bataye d monetaijeshan zaroori tha kyonki jis jis jaha tak meri jaankari hai ya jo gyaat hua hai usse yah pata chala ki jis par apni currency chapati thi usi ko hamare kuch kuch senior vyaktiyon ne yahan par naam me nahi jikarr karunga kuch senior vyaktiyon ne us paper ko pakistan bhej diya tha jaisa sunne me aaya ki koi naya kaintik nahi keh raha hoon lekin hoga tu jisme ki pakistan bhej diya tu nakli note chaapne me ya kisi anya country me bheja tha jisse vaah nakli note chhaap sakte the jiska hum ko nahi pata chalta ki yah asli note hai ki nakli noton ki paper ki quality bhari thi jisse asli note chupte the nakli note chapane lage the jisse aatankwad ko accha khasa paisa milta tha hamare aane ki guarantee me farji notya kauntarafet notes ka sarakuleshan kaafi badh gaya tha atah sarkar ko majburi me aur ekaek yah bhi karna pada 2000 ke note yah karan tha doosra 2000 ke note ko logo ne ki apne paas aane ki black money ke roop me rakhna chahte the kyonki usko do jane ke kaam jagah par zyada paisa apne paas sangrah sangrahit kar sakte the isliye aisa karna pada isliye yah aavashyak tha rahi uski baat toh bhai koi cheez shuru karne ke liye jaise karo na virus main toh bhai dikkat toh kuch na kuch padegi ya brown hua hai toh toh abhi iccha nahi aane ke 21 din pehle unhe toh kisi ne kisi ko pareshani padegi lekin uske result lambe samay se zyada labhakari hogi isi tarah se hamari sarkar ne demonitization laye jisse ki farji farji survey counter fidjit sarakuleshan me hai vaah roke ja sake number ek number do jo maine ki black money log store kiye the usko nikaala ja sake yahi sab chijon ke liye flower ahir nuksan kya raha logo ko note badalna pada usme logo ko pareshani ka samana karna pada line me lagna pada ek adrishya twinkij aisa sunne me aaya hai paper me us par me srinagar itne bade desh me agar yah chota sa ho jata hai ki koi vaah nahi hai talab zyada hai jiske ghar ka aadmi ho gaya koi pareshani padi toh pareshani toh hai lekin agar desh hit me socha jaaye toh itni badi pareshani nahi hai dhanyavad

नमस्कार साहब टेस्ट किया है कि डी मोनेटाइजेशन जरूरी था क्या अच्छा हुआ और क्या बुरा हुआ विस्

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