अस्पताल और डॉक्टरों को चिकित्सा लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?...


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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

1:58

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे अच्छी तरह याद है कि मैं आपसे कहीं कुछ सालों पहले मैं सरकारी अस्पताल में गया अपनी पत्नी को किसी कारण से उसको दिखाना था और वहां पर मैं देखकर आश्चर्यचकित रह गया कि इतनी ज्यादा वहां पर भीड़ होती है एक डॉक्टर के केबिन के बाहर सैकड़ों मरीज जो है वह लगे हुए थे और एक तरीके से समझ लीजिए कि वह दरवाजा तोड़ के अंदर जाने को तैयार थे इतनी लंबी क्यों थी वहां पर और इतना डेकोरेटिव वेट कर रहे थे वहां पर जो भी डॉक्टर बैठा हुआ है उसके पास में दो-चार मिनट का भी समय नहीं रहता है कि वह सारे परिषद को देख सके ऐसी सिचुएशन में अगर हम डॉक्टर की गलती के लिए डॉक्टर को पनिश करने की बात करेंगे तो शायद ही कोई आदमी सरकारी महकमे में बनना चाहेगा जहां पर डॉक्टर की पहले से ही इतनी सारी कमी है मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा जरूरत है इस बात की है कि हम डॉक्टरों की संख्या को बढ़ाएं आज जितने नंबर डॉक्टर हमारे देश में बन रहे हैं उससे कम से कम 5 से 10 गुना डॉक्टर हमें बनाने की जरूरत है तब हम आने वाले 10 सालों के अंदर डॉक्टर की समस्या का समाधान कर सकते हैं दूसरी बात यह है कि सरकारी महकमे के अंदर डॉक्टर की संख्या पढ़नी चाहिए उन की फसल की बढ़ने की है और सरकार के अंदर जो फंडिंग है वह बढ़नी चाहिए ताकि जो डॉक्टर है वह इस नंबर पर सेंड कर दीजिए अगर उसके पास में समय नहीं रहेगा और अगर आप उस को जिम्मेदार ठहराने लगेंगे तो फिर कोई आदमी डॉक्टर नहीं बनना चाहेगा और अगर किसी को डिलीवरी किया हुआ है तब जरूर आप उस को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं लेकिन अगर उसका बोनाफाइड सही तरीके उसने किया तो उसके जिम्मेदार नहीं फहराना चाहिए

mujhe acchi tarah yaad hai ki main aapse kahin kuch salon pehle main sarkari aspatal mein gaya apni patni ko kisi kaaran se usko dikhana tha aur wahan par main dekhkar ashcharyachakit rah gaya ki itni jyada wahan par bheed hoti hai ek doctor ke cabin ke bahar saikadon marij jo hai wah lage hue the aur ek tarike se samajh lijiye ki wah darwaja tod ke andar jaane ko taiyaar the itni lambi kyu thi wahan par aur itna decorative wait kar rahe the wahan par jo bhi doctor baitha hua hai uske paas mein do char minute ka bhi samay nahi rehta hai ki wah sare parishad ko dekh sake aisi situation mein agar hum doctor ki galti ke liye doctor ko penis karne ki baat karenge to shayad hi koi aadmi sarkari mahkame mein banana chahega jaha par doctor ki pehle se hi itni saree kami hai mujhe lagta hai ki sabse jyada zarurat hai is baat ki hai ki hum daktaro ki sankhya ko badhaye aaj jitne number doctor hamare desh mein ban rahe hain usse kum se kum 5 se 10 guna doctor hume banane ki zarurat hai tab hum aane wale 10 salon ke andar doctor ki samasya ka samadhan kar sakte hain dusri baat yeh hai ki sarkari mahkame ke andar doctor ki sankhya padhani chahiye un ki fasal ki badhne ki hai aur sarkar ke andar jo funding hai wah badhani chahiye taki jo doctor hai wah is number par send kar dijiye agar uske paas mein samay nahi rahega aur agar aap us ko zimmedar thaharane lagenge to phir koi aadmi doctor nahi banana chahega aur agar kisi ko delivery kiya hua hai tab jarur aap us ko zimmedar thahara chahiye sakte hain lekin agar uska bonafaid sahi tarike usne kiya to uske zimmedar nahi phaharana chahiye

मुझे अच्छी तरह याद है कि मैं आपसे कहीं कुछ सालों पहले मैं सरकारी अस्पताल में गया अपनी पत्न

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन मैं समझता हूं कि अस्पताल और डॉक्टर को जो चिकित्सा में लापरवाही होती है उसके लिए जिम्मेदार बिल्कुल ठहराना चाहिए क्योंकि अगर कोई ट्रेन एक्सीडेंट हो जाता है तो हम लोग जो सारा आरोप है उठाकर और कौशल जो है वह सीधा रेल मंत्री से ही पूछा और और किसी से नहीं पूछेंगे SDM SDM वगैरा डीआरएम वगैरा होते हैं हम हम उन लोगों से जाकर नहीं पूछते क्वेश्चन हम लोग डायरेक्ट रेलवे मिनिस्टर से पूछा क्योंकि वही उसको आंसर देने के लिए जो है रिस्पॉन्सिबल है उनकी पोस्ट की रिस्पांसिबिलिटी है वह यहां मोर मोर रिस्पांसिबिलिटी तो रेलवे मिनिस्टर के मंत्री है तू वैसे अगर किसी हॉस्पिटल में जो है कोई डॉक्टर मिस्टेक करता है या कोई ना समझ शक्ल से तो हॉस्पिटल को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है जब वह हॉस्पिटल की रिस्पांसिबिलिटी बनती है कि वह आपसे डॉक्टर और नर्स रखे जाएं ऐसा कंडीशन इंवॉल्वमेंट वहां का परफेक्ट रखिए कि कोई मिस्टेक ना हो और यह सब ना हो तो मैं समझता हूं कि बिल्कुल सही है कि डॉक्टरों की जो चिकित्सा है उस की लापरवाही के अस्पताल को जिम्मेदार ठहराया जा

lekin main samajhata hoon ki aspatal aur doctor ko jo chikitsa mein laparwahi hoti hai uske liye zimmedar bilkul thaharana chahiye kyonki agar koi train accident ho jata hai to hum log jo saara aarop hai uthaakar aur kaushal jo hai wah sidhaa rail mantri se hi poocha aur aur kisi se nahi puchenge SDM SDM vagera diaaraem vagera hote hai hum hum un logo chahiye se jaakar nahi poochte question hum log direct railway minister se poocha kyonki wahi usko answer dene ke liye jo hai responsible hai unki post ki responsibility hai wah yahan more more responsibility to railway minister ke mantri hai tu waise agar kisi hospital mein jo hai koi doctor mistake chahiye karta hai ya koi na samajh shakla se to hospital ko hi zimmedar thehraya jata hai jab wah hospital ki responsibility banti hai ki wah aapse doctor aur nurse rakhe jaye aisa condition invalwament wahan ka perfect rakhiye ki koi mistake chahiye na ho aur yeh sab na ho to main samajhata hoon ki bilkul sahi hai ki daktaro ki jo chikitsa hai us ki laparwahi ke aspatal ko zimmedar thehraya ja

लेकिन मैं समझता हूं कि अस्पताल और डॉक्टर को जो चिकित्सा में लापरवाही होती है उसके लिए जिम्

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Anukrati

Journalism Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां डॉक्टर और अस्पतालों को चिकित्सा लापरवाही के लिए जिम्मेदार होना चाहिए एक डॉक्टर को लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना जा सकता है अगर कोई यह साबित कर सकता है कि वह विफलता का दोषी है तो सामान्य चिकित्सक के साथ कोई डॉक्टर दोषी नहीं होगा यदि उचित देखभाल से अभिनय किया जाए इंडियन पीनल कोड 1860 में भारत में चिकित्सा कदाचार का नियम एक चिकित्सक को आपराधिक लापरवाही के साथ आरोप लगाया जा सकता है जब एक मरीज एनेस्थिसिया के प्रभाव से एक ऑपरेशन या अन्य प्रकार के उपचार से मर जाता है अगर यह साबित हो सकता है कि मृत्यु दुर्भावनापूर्ण इरादे का परिणाम है या गंभीर लापरवाही का चिकित्सकों से स्वीकार्य सावधानी बरतने की उम्मीद है और उन्हें वह पूरी करनी चाहिए

haan doctor aur aspataalon ko chikitsa laparwahi ke liye zimmedar hona chahiye ek doctor ko laparwahi ke liye zimmedar mana ja sakta hai agar koi yeh saabit kar sakta hai ki wah vifalta ka doshi hai to samanya chikitsak ke saath koi doctor doshi nahi hoga yadi uchit dekhbhal se abhinay kiya jaye indian penal code 1860 mein bharat mein chikitsa kadachar ka niyam ek chikitsak ko apradhik laparwahi ke saath aarop lagaya ja sakta hai jab ek marij enesthisiya ke prabhav se ek operation ya anya prakar ke upchaar se mar jata hai agar yeh saabit ho sakta hai ki mrityu durbhavanapurn iraade ka parinam hai ya gambhir laparwahi ka chikitsakon se svikarya savdhani bartane ki ummid hai aur unhen chahiye wah puri karni chahiye

हां डॉक्टर और अस्पतालों को चिकित्सा लापरवाही के लिए जिम्मेदार होना चाहिए एक डॉक्टर को लापर

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