शिक्षित होने के बावजूद लोग अभी भी क्यों सोचते हैं कि पीके ड्राइव करना ठीक है?...


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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन मुझे लगता है एक शिक्षित व्यक्ति को ड्रिंक करने के बाद कभी ड्राइव नहीं करना चाहिए इससे बहुत ज्यादा उसके एक्सीडेंट के खर्चे खतरे बढ़ जाते हैं इसके अलावा एक फैमिली जो उस पर डिपेंड है अगर अनुभवाचे लाडली उसकी डेथ हो जाती है ड्राइविंग करते हुए तो पूरी फैमिली सर्वाइव करना पड़ता है तो मुझे लगता है कि हालांकि गवर्मेंट परिचालन करती है जो लोग ड्रिंक करके ड्राइव करते हैं उन पर चालान भी होता है लेकिन मैं एक उम्मीद जरुर रखता हूं एक सच्चे समाजसेवी मतलब इस तरह के काम ना किया जाए ताकि वह अपने को तो अपनी फैमिली को भी सेव रख सके तुझे रहा है इस बात को मानता हूं कि न्यू ईयर का टाइम है 30% है तो लोगों में जोश रहता है पार्टी करने का पार्टी के बाद लेट नाइट पार्टीज होती है उसके बाद घर आना होता है तो होता है कि चल जाता है लेकिन फिर भी मैं यह जरूर कहूंगा कि ड्रिंक आकर बहुत ज्यादा किया तो बिल्कुल ड्राइव कभी नहीं करना चाहिए

lekin mujhe lagta hai ek shikshit vyakti ko drink karne ke baad kabhi drive nahi karna chahiye isse bahut zyada uske accident ke kharche khatre badh jaate hain iske alava ek family jo us par depend hai agar anubhvache laadalee uski death ho jaati hai driving karte hue toh puri family Survive karna padta hai toh mujhe lagta hai ki halaki government parichalan karti hai jo log drink karke drive karte hain un par chalan bhi hota hai lekin main ek ummid zaroor rakhta hoon ek sacche samajsevi matlab is tarah ke kaam na kiya jaaye taki vaah apne ko toh apni family ko bhi save rakh sake tujhe raha hai is baat ko manata hoon ki new year ka time hai 30 hai toh logo mein josh rehta hai party karne ka party ke baad late night parties hoti hai uske baad ghar aana hota hai toh hota hai ki chal jata hai lekin phir bhi main yah zaroor kahunga ki drink aakar bahut zyada kiya toh bilkul drive kabhi nahi karna chahiye

लेकिन मुझे लगता है एक शिक्षित व्यक्ति को ड्रिंक करने के बाद कभी ड्राइव नहीं करना चाहिए इसस

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:06

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए लुक शिक्षित होने के बावजूद अभी भी यह सोचते हैं या नहीं सोचते हैं कि PK ज्वाइन करना ठीक है कि नहीं पर मैं जरूर करूंगी कि यह गलत है चाहे कोई इंसान सेक्सी तो या अशिक्षित हो शिक्षा एक बहुत बड़ा रहती है सही और गलत में लेकिन शिक्षा से सिर्फ आप कोशिश जान सकते हैं पर आपको इंपलाई तो खुद से ही करना पड़ेगा इस शिक्षित होना और शिक्षित होना रिलेटेड नहीं है क्योंकि बहुत सारे और शिक्षित लोग बहुत समझदार होते हैं और ऐसी चीजें नहीं करते जिससे उनकी जो दूसरों की जान को खतरा हो और वैसे भी पीने के बाद शिक्षित अशिक्षित में कोई फर्क रह नहीं जाता अगर वह अपने कंट्रोल में नहीं है तो और फिर उस इंसान को यही लगता है कि वह जो कर रहे हैं वह ठीक ही कर रहे लोग भूल जाते हैं कि उनका परिवार उनके लिए वेट कर रहा है घर पर तो शिक्षित हो या अशिक्षित हो PK चाय करना तो गलत ही है और बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए और जो संता ने अगर ज्यादा पी ली है तो उसके आसपास पर लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि वह सुरक्षित घर पहुंच जाए

dekhiye look shikshit hone ke bawajud abhi bhi yah sochte hain ya nahi sochte hain ki PK join karna theek hai ki nahi par main zaroor karungi ki yah galat hai chahen koi insaan sexy toh ya ashikshit ho shiksha ek bahut bada rehti hai sahi aur galat mein lekin shiksha se sirf aap koshish jaan sakte hain par aapko employee toh khud se hi karna padega is shikshit hona aur shikshit hona related nahi hai kyonki bahut saare aur shikshit log bahut samajhdar hote hain aur aisi cheezen nahi karte jisse unki jo dusro ki jaan ko khatra ho aur waise bhi peene ke baad shikshit ashikshit mein koi fark reh nahi jata agar vaah apne control mein nahi hai toh aur phir us insaan ko yahi lagta hai ki vaah jo kar rahe hain vaah theek hi kar rahe log bhool jaate hain ki unka parivar unke liye wait kar raha hai ghar par toh shikshit ho ya ashikshit ho PK chai karna toh galat hi hai aur bilkul bhi nahi karna chahiye aur jo santa ne agar zyada p li hai toh uske aaspass par logo ko dhyan rakhna chahiye ki vaah surakshit ghar pohch jaaye

देखिए लुक शिक्षित होने के बावजूद अभी भी यह सोचते हैं या नहीं सोचते हैं कि PK ज्वाइन करना ठ

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हद कर आपने बहुत ही सही सवाल पूछा कि शिक्षित होने के बाद भी लोग ड्रिंक एंड ड्राइव क्यों करते हैं बात गाड़ी को चलाते हैं तो यह बिल्कुल सही सवाल पूछा आपने और मैं बताना चाहूंगा कि कई बार जो लोग भूल जाते हैं और क्यों परेशान हो जाती है दारु दारु पीने के बाद वह गाड़ी चलाते हैं जिसमें कभी कभी बहुत हादसे इंसिडेंट भी हमको देखने को मिल जाता है बहुत डेंजर एक्सीडेंट भी हो जाता है और कई बार तो लोगों की जान भी चली जाती है तो इसलिए जो जगह जगह पर है वह बोल डर लगा रहता है कि डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव का मतलब आज जिन्होंने दारु पिउन को यह भी समझना चाहिए कि उनकी जो फैमिली है वह घर पर बैठ कर रही है तो सिर्फ वह गाड़ी चलाने के हाल हालत में हो हम इतने भी दारु नहीं पीनी चाहिए कि वह बेहोश होकर गिर तो मलहम लोगों को जो है यह दारू पीने का सिलसिला थोड़ा काम करना चाहिए और और अपना स्वास्थ्य बेहतर करने पर ध्यान देंगे तो वह ज्यादा अच्छा रहेगा

had kar aapne bahut hi sahi sawaal poocha ki shikshit hone ke baad bhi log drink and drive kyon karte hain baat gaadi ko chalte hain toh yah bilkul sahi sawaal poocha aapne aur main bataana chahunga ki kai baar jo log bhool jaate hain aur kyon pareshan ho jaati hai daaru daaru peene ke baad vaah gaadi chalte hain jisme kabhi kabhi bahut haadse incident bhi hamko dekhne ko mil jata hai bahut danger accident bhi ho jata hai aur kai baar toh logo ki jaan bhi chali jaati hai toh isliye jo jagah jagah par hai vaah bol dar laga rehta hai ki dont drink and drive ka matlab aaj jinhone daaru piun ko yah bhi samajhna chahiye ki unki jo family hai vaah ghar par baith kar rahi hai toh sirf vaah gaadi chalane ke haal halat mein ho hum itne bhi daaru nahi peeni chahiye ki vaah behosh hokar gir toh malhum logo ko jo hai yah daaru peene ka silsila thoda kaam karna chahiye aur aur apna swasthya behtar karne par dhyan denge toh vaah zyada accha rahega

हद कर आपने बहुत ही सही सवाल पूछा कि शिक्षित होने के बाद भी लोग ड्रिंक एंड ड्राइव क्यों करत

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए, वही हम लोगों की परसेप्शन डिफरेंट हो जाते हैं क्योंकि आप किसी के लिए शिक्षित होता है जो पढ़ा लिखा हो जो ९वीं १०वीं पास कर ले, जो अच्छे से पढ़े इंजीनियरिंग कर ले l पर मेरे लिए शिक्षित वो होता है जो अपने आप को संभाल सके, जिसके अंदर वैल्यूज हो l तो कहने के लिए मैं कह सकती हो कि हां जी को सब्जी बेच रहा वह शिक्षक है और कहने के लिए जोआयआयटी से हो, वह शिक्षक ना हो I तो शिक्षित होना अपने अंदर की खूबी होती है तो हम आप जब हमें पता है कि कौन सी चीज सही है और कौन सी चीज गलत है l जब हम इस चीज को पहचान सके तो उसे कैसे शिक्षित होना तो जो लोग पीकर ड्राइव करते हैं वह शिक्षक तो होते ही नहीं है मेरे ख्याल से l और पीके जो ड्राइव करने से वह लोग इतने लापरवाह होते हैं कि उन्हें अपनी जिंदगी की तो परवाह होती ही नहीं है l वही केवल जो दूसरा बंदा रोड पर होता है उसकी जिंदगी भी परवाह नहीं होती है l तो मेरे हिसाब से मेरा परसेप्शन है कि जो शिक्षित लोग होते हैं वे पीकर ड्राइव करते ही नहीं क्योंकि वह जिम्मेदार लोग होते हैं l उन्हें पता होता है कि क्या चीज सही है और क्या चीज गलत है l

dekhiye wahi hum logo ki perception different ho jaate hain kyonki aap kisi ke liye shikshit hota hai jo padha likha ho jo 9vin 10vin paas kar le jo acche se padhe Engineering kar le l par mere liye shikshit vo hota hai jo apne aap ko sambhaal sake jiske andar values ho l toh kehne ke liye main keh sakti ho ki haan ji ko sabzi bech raha vaah shikshak hai aur kehne ke liye joaayaayati se ho vaah shikshak na ho I toh shikshit hona apne andar ki khoobi hoti hai toh hum aap jab hamein pata hai ki kaun si cheez sahi hai aur kaun si cheez galat hai l jab hum is cheez ko pehchaan sake toh use kaise shikshit hona toh jo log peekar drive karte hain vaah shikshak toh hote hi nahi hai mere khayal se l aur pk jo drive karne se vaah log itne laaparavaah hote hain ki unhe apni zindagi ki toh parvaah hoti hi nahi hai l wahi keval jo doosra banda road par hota hai uski zindagi bhi parvaah nahi hoti hai l toh mere hisab se mera perception hai ki jo shikshit log hote hain ve peekar drive karte hi nahi kyonki vaah zimmedar log hote hain l unhe pata hota hai ki kya cheez sahi hai aur kya cheez galat hai l

देखिए, वही हम लोगों की परसेप्शन डिफरेंट हो जाते हैं क्योंकि आप किसी के लिए शिक्षित होता है

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