क्या महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण थे?...


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amar dixit

Engineer

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क्या महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण थे नहीं महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम सफल होने के असली कारण नहीं थे हां वह भी एक कारण थे स्वतंत्रता के लिए लेकिन इसमें असली नकली नहीं था क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम में बहुत से लोगों ने अपना अपना योगदान दिया है क्या वह सुभाष चंद्र बोस भगत सिंह हो महात्मा गांधी हो चंद्रशेखर जी बहुत से क्रांतिकारियों और बहुत से नेताओं ने लाला लाजपत राय बगैर उन्होंने अपने योगदान किया और किसी का योगदान छोटा नहीं था किसी का बड़ा नेता हां वह बात अलग है किसी को ज्यादा फेम मिला किसी को कम पर मिला लेकिन योगदान सबका ही बराबर था अकेले गांधी जी की वजह से कभी हम लोग को आजादी ना मिल पाती नहीं अकेले भगत सिंह की वजह से हम लोग आजादी मिल पाती सबका कुछ ना कुछ ही लोग कंट्रीब्यूशन था ही इसलिए कौन बड़ा है कौन छोटा यह इंपोर्टेंट नहीं है इंपॉर्टेंट यह है कि सब ने मिलकर देश को स्वतंत्र कराया है

kya mahatma gandhi hamare swatantrata sangram safal hone ka asli karan the nahi mahatma gandhi hamare swatantrata sangram safal hone ke asli karan nahi the haan vaah bhi ek karan the swatantrata ke liye lekin isme asli nakli nahi tha kyonki swatantrata sangram me bahut se logo ne apna apna yogdan diya hai kya vaah subhash chandra bose bhagat Singh ho mahatma gandhi ho chandrashekhar ji bahut se krantikariyon aur bahut se netaon ne lala lajpat rai bagair unhone apne yogdan kiya aur kisi ka yogdan chota nahi tha kisi ka bada neta haan vaah baat alag hai kisi ko zyada fem mila kisi ko kam par mila lekin yogdan sabka hi barabar tha akele gandhi ji ki wajah se kabhi hum log ko azadi na mil pati nahi akele bhagat Singh ki wajah se hum log azadi mil pati sabka kuch na kuch hi log kantribyushan tha hi isliye kaun bada hai kaun chota yah important nahi hai important yah hai ki sab ne milkar desh ko swatantra karaya hai

क्या महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण थे नहीं महात्मा गांधी ह

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:09
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क्या महात्मा गांधी हमारी स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण जी ने स्वतंत्रता आंदोलन करने वाले महात्मा गांधी अकेले नहीं बहुत तेज नेता अखिल भारतीय कांग्रेस में थे यह सब नरम दल के नेता थे और गरम दल के नेता सुभाष चंद्र बोस इन उन्होंने आजाद हिंद फौज बनाई जो फौज में इतने सारे सेनानी दाखिल हो गए थे कि भारत सरकार को डर लगा था कि कहीं हमें यहां से हार कर भागना ना पड़े इसलिए उन्होंने महात्मा गांधी को हीरो बनाया और उनसे उनको सारी क्रेडिट थी और उनको फिर बाद में हम लोगों ने भी हीरो बना दिया क्योंकि वह राष्ट्रपिता उनको पदवी दे दी और आज भी उन्हीं का नाम लेकर सब राजनेता लोग शासन चला रहे हैं सब लोग कहते हैं कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी बहुत अच्छे थे और यह वह तो फिर उनकी हत्या क्यों हुई कहीं ना कहीं और संतोष को के सीमित था भारत और पाकिस्तान बनने का मेन कारण तो महात्मा गांधी से कौन सा नहीं कर सकता एक देश का विभाजन करने में कितने लाखों लोग के अध्याय हो कि लाखों बलात्कार हुए थे चारों तरफ मारकाट हुई थी इसके जिम्मेदार तो महात्मा गांधी खुद ही उसी से व्यथित होकर नाथूराम गोडसे ने उनको गोली मारी थी इसलिए अत्याचार हमको सही नहीं कर सकते थे नाथूराम को सही किया लेकिन असंतोष बहुत था लोगों में महात्मा गांधी जी के प्रति और हमें स्कूल में किताब में यही पढ़ाई गया कि महात्मा गांधी जी के कारण ही आजादी सिर्फ महात्मा गांधी जी के कारण नहीं मिली लेकिन सब अनामी और नामी नेता और कार्यकर्ता और जनता उस समय की जिसमें एक-एक नागरिक के मन में आजादी की आज तक रही थी और इसलिए वह सब अपना बलिदान देते गए और चाहे उनके साथ खुदीराम बोस बहुत लोग ने अपने प्राणों की आहुति दी है वह सब असली जगजीत के हक़दार हैं लेकिन फिर भी हम सिर्फ महात्मा गांधी जी के मकसद से ठीक है भले महात्मा गांधी जी को मोदी जी लेकिन उन सब लोगों को मैं कदापि नहीं बोलना चाहिए जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी वह सब वीर शहीद हुए इसलिए सब लोग को उन्हें याद करके नमन करना चाहिए और हमेशा उन सब को बहू मान लेना

kya mahatma gandhi hamari swatantrata sangram safal hone ka asli karan ji ne swatantrata andolan karne waale mahatma gandhi akele nahi bahut tez neta akhil bharatiya congress me the yah sab naram dal ke neta the aur garam dal ke neta subhash chandra bose in unhone azad hind fauj banai jo fauj me itne saare senani dakhil ho gaye the ki bharat sarkar ko dar laga tha ki kahin hamein yahan se haar kar bhaagna na pade isliye unhone mahatma gandhi ko hero banaya aur unse unko saari credit thi aur unko phir baad me hum logo ne bhi hero bana diya kyonki vaah rashtrapita unko padvi de di aur aaj bhi unhi ka naam lekar sab raajneta log shasan chala rahe hain sab log kehte hain ki rashtrapita mahatma gandhi ji bahut acche the aur yah vaah toh phir unki hatya kyon hui kahin na kahin aur santosh ko ke simit tha bharat aur pakistan banne ka main karan toh mahatma gandhi se kaun sa nahi kar sakta ek desh ka vibhajan karne me kitne laakhon log ke adhyay ho ki laakhon balatkar hue the charo taraf maar kaat hui thi iske zimmedar toh mahatma gandhi khud hi usi se vyathit hokar nathuram godse ne unko goli mari thi isliye atyachar hamko sahi nahi kar sakte the nathuram ko sahi kiya lekin asantosh bahut tha logo me mahatma gandhi ji ke prati aur hamein school me kitab me yahi padhai gaya ki mahatma gandhi ji ke karan hi azadi sirf mahatma gandhi ji ke karan nahi mili lekin sab anami aur nami neta aur karyakarta aur janta us samay ki jisme ek ek nagarik ke man me azadi ki aaj tak rahi thi aur isliye vaah sab apna balidaan dete gaye aur chahen unke saath khudiram bose bahut log ne apne pranon ki aahutee di hai vaah sab asli jagjeet ke haqdar hain lekin phir bhi hum sirf mahatma gandhi ji ke maksad se theek hai bhale mahatma gandhi ji ko modi ji lekin un sab logo ko main kadapi nahi bolna chahiye jinhone apne pranon ki aahutee di vaah sab veer shaheed hue isliye sab log ko unhe yaad karke naman karna chahiye aur hamesha un sab ko bahu maan lena

क्या महात्मा गांधी हमारी स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण जी ने स्वतंत्रता आंदोलन

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

2:16
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राम राम जी की थी कि आपका प्रश्न है क्या महात्मा गांधी हमारी सुनता का नाम सफल होने का असली कारण से यह नहीं गांधी जी महात्मा गांधी सफल होने का एक बड़ा कारण पीके गांधी जी कितने संत संग्राम में जो भाग गया भारतीय जनता को में नई चेतना जगाई भारत की जनता को जागरूक अंग्रेजी शासन के विरुद्ध तरीके आंदोलन चलाए भारतीय जनता में एकता की भावना पैदा हुई और उसी जनमत पड़ा कारण वह हिंसक विद्या मित्र की जो चंद्र शेखर आजाद भगत सिंह सुखदेव राजगुरु और ऐसे ही देखो क्रांतिकारियों ने अपना अमित पदाधिकारियों को भयभीत किया कि भारतीय एक और युद्ध किया इसमें भारतीय जनता के आधार पर जनमत अंग्रेजों के खिलाफ तैयार कर सकते हैं तो दूसरी ओर अत्याचारी अंग्रेजों का वध भी कर सकते हैं उनको मार भी सकते हैं उनके अत्याचारों का बदला अत्याचारों से ही इंसान की नजाकत और इसलिए हम ही कह सकती हैं कि महात्मा गांधी ने हमारी सुधा का नाम सफल होने का एक बहुत बड़ा कारण बना दी थी लेकिन जिस में चांद तारों ने अपने जान की बाजी लगाई अपने जान की कुर्बानी की शहीद बनी जो भारतीय संत संग्राम के मामले में उनका बलिदान भी अधिकार नहीं था और उन्होंने बुक पर्याप्त भी किया इसकी गांड में भारत छोड़ने पर सजी-धजी

ram ram ji ki thi ki aapka prashna hai kya mahatma gandhi hamari sunta ka naam safal hone ka asli karan se yah nahi gandhi ji mahatma gandhi safal hone ka ek bada karan pk gandhi ji kitne sant sangram me jo bhag gaya bharatiya janta ko me nayi chetna jagai bharat ki janta ko jagruk angrezi shasan ke viruddh tarike andolan chalaye bharatiya janta me ekta ki bhavna paida hui aur usi janmat pada karan vaah hinsak vidya mitra ki jo chandra shekhar azad bhagat Singh sukhadeva raajguru aur aise hi dekho krantikariyon ne apna amit padadhikariyon ko bhayabhit kiya ki bharatiya ek aur yudh kiya isme bharatiya janta ke aadhar par janmat angrejo ke khilaf taiyar kar sakte hain toh dusri aur atyachari angrejo ka vadh bhi kar sakte hain unko maar bhi sakte hain unke atyacharo ka badla atyacharo se hi insaan ki nazakat aur isliye hum hi keh sakti hain ki mahatma gandhi ne hamari sudha ka naam safal hone ka ek bahut bada karan bana di thi lekin jis me chand taaron ne apne jaan ki baazi lagayi apne jaan ki kurbani ki shaheed bani jo bharatiya sant sangram ke mamle me unka balidaan bhi adhikaar nahi tha aur unhone book paryapt bhi kiya iski gaand me bharat chodne par saji dhaji

राम राम जी की थी कि आपका प्रश्न है क्या महात्मा गांधी हमारी सुनता का नाम सफल होने का असली

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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

0:54
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जी हां मैं इस बात को पूरी तरीके से मानता हूं कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम के सफल होने का सबसे बड़ा अगर दारोमदार किसी के ऊपर था तो वोह गांधीजी के ऊपर था l गांधीजी ही वह शख्सियत थे जिन्होंने कि देश के सारे लोगों को नार्थ, ईस्ट, वेस्ट, साउथ सब जगह के लोगों को जोड़ा, हर विचारधारा के लोगों को जोड़ा, गरीब से अमीर लोगों को जोड़ा और एक देश बनाया और अंग्रेजो के खिलाफ में आंदोलन शुरु किया l तो किसी भी राजनेता को अगर क्रेडिट मिलना चाहिए हमारी आजादी का तो उसमें गांधीजी से ज्यादा क्रेडिट किसी को नहीं मिलना चाहिए l किसी भी अन्य नेता जो है उसको गांधीजी के मुकाबले में बहुत ही छोटा कथा और वह गांधीजी की बदौलत थी वह किसी भी मुकाम पर वह पहुंचे थे l और गांधी जी ने जो रोले प्ले किया उसके लिए हमें हमेशा उनका धन्यवाद करना चाहिए और उनके बिना मैं नहीं समझता कि हम आजादी की जंग लड़ सकते थे l

G haan main is baat ko puri tarike se manata hoon ki hamare svatantrata sangram ke safal hone ka chahiye sabse bada agar daromdar kisi ke upar tha to woh gandhiji ke upar tha l gandhiji hi wah shakhisayat chahiye the jinhone ki desh ke sare logo chahiye ko naarth east west south sab jagah ke logo chahiye ko joda har vichardhara ke logo chahiye ko joda garib se amir logo chahiye ko joda aur ek chahiye desh banaya aur angrejo ke khilaf mein andolan shuru kiya chahiye l to kisi bhi raajneta ko agar credit milna chahiye hamari azadi ka chahiye to usamen chahiye gandhiji se zyada credit kisi ko nahi milna chahiye l kisi bhi anya neta jo hai usko gandhiji ke muqable mein bahut hi chota katha aur wah gandhiji ki badaulat thi wah kisi bhi mukam par wah pahuche the l aur gandhi G ne jo rolo play kiya chahiye uske liye hume hamesha unka dhanyavad karna chahiye aur unke bina main nahi samajhata ki hum azadi ki jung lad sakte the l

जी हां मैं इस बात को पूरी तरीके से मानता हूं कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम के सफल होने का सब

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Govind Saraf

Entrepreneur

1:34

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स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण सिर्फ गांधी जी नहीं गांधी जी के साथ अन्य नेता थी वह भी थी जिसमें से एक बहुत बड़ा चेहरा सामने आता है उनका नाम था और नेताजी सुभाष चंद्र बोस नेताजी सुभाष चंद्र बोस हो गए थे जहां दिन का मानना था कि हिंसा के थ्रू अंग्रेजों की अंग्रेजों किस को हटाने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने ही हिटलर से जाकर उनकी सहायता मांगी थी एंड तक यू अंग्रेजों को भारत से जड़ से निकाल पाए तो सिर्फ इसमें गांधी जी को मैं स्वतंत्रा संग्राम का क्रेडिट देना चाहूंगा मैं उन्हें लोगों को देना चाहूंगा जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी स्वतंत्रता के लिए भारत भारत में कई तरीके के कई तरीके की आंदोलन की कितने लोगों ने अपनी जाने का भाई हर्ष सैनिक का हर उस बलिदान को मैं धन्यवाद देना चाहूंगा सलाम करना चाहूंगा जिन्होंने भारत के स्वतंत्र जिला में इतने बड़े मदद किस देश में सिम लेना बहुत गलत हो जाएगा क्योंकि इससे बहुत लोग जुड़े थे बहुत लोगों की सपोर्ट नहीं एकजुट होकर सपोर्ट ने हमें स्वतंत्रता दिलाई से कर आजा स्वतंत्र देशों की तरक्की की राह पर है तो 1 नाम बहुत गलत हो जाएगा स्वतंत्रा के पीछे से एक या दो नाम नहीं बल्कि वह हजारों लोग थे जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर रोड पर उतरे अंग्रेजों के नाक में दम कर दिए और अंग्रेजों का भारत छोड़ना पड़ा इसी के साथ मैं उन सबको धन्यवाद देता हूं जय हिंद

svatantrata sangram safal hone ka chahiye asli kaaran sirf gandhi G nahi gandhi G ke saath anya neta thi wah bhi thi jisme se ek chahiye bahut bada chehra samane aata hai unka naam tha aur netaji subhash chandra bose netaji subhash chandra bose ho gaye the jaha din ka chahiye manana tha ki hinsa ke through angrejo ki angrejo kis ko hatane ke liye netaji subhash chandra bose ne hi hitler se jaakar unki sahayta maangi thi end tak you angrejo ko bharat se jad se nikal chahiye paye to sirf isme gandhi G ko main swatantrata sangram ka chahiye credit dena chahunga main unhen chahiye logo chahiye ko dena chahunga jinhone svatantrata ki ladai ladi svatantrata ke liye bharat bharat mein kai tarike ke kai tarike ki andolan ki kitne logo chahiye ne apni jaane ka chahiye bhai harsh sainik ka chahiye har us chahiye balidaan ko main dhanyavad dena chahunga salaam karna chahunga jinhone bharat ke swatantra jila mein itne bade madad kis desh mein sim lena bahut galat ho jayega kyonki isse bahut log jude the bahut logo chahiye ki support nahi ekjoot hokar support ne hume svatantrata dilai se kar aaja swatantra deshon ki tarakki ki raah par hai to 1 naam bahut galat ho jayega swatantrata ke piche se ek chahiye ya do naam nahi balki wah hajaron chahiye log the jinhone apni jaan ki parvaah kiye bagair road par utare angrejo ke nak mein dum kar diye aur angrejo ka chahiye bharat chodna pada isi ke saath main un sabko dhanyavad deta hoon jai hind

स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण सिर्फ गांधी जी नहीं गांधी जी के साथ अन्य नेता थी

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मंगल पांडे के बाद उन्होंने ही शुरुआत करी थी मंगल पांडे तो एक जरिया था मंगल पांडे मंगल पांडे नहीं होता तो सुनता ही नहीं पहले तो हम तेरे मंगल पांडे को दे देना चाहते हैं

mangal pandey ke baad unhone hi shuruat kari thi mangal pandey toh ek jariya tha mangal pandey mangal pandey nahi hota toh sunta hi nahi pehle toh hum tere mangal pandey ko de dena chahte hain

मंगल पांडे के बाद उन्होंने ही शुरुआत करी थी मंगल पांडे तो एक जरिया था मंगल पांडे मंगल पांड

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:07
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मैं इस बात से इंकार नहीं कर सकता हूं भारत के सुंदर संग्राम में गांधीजी का सहयोग रहा है किंतु उनको इस सुदामा लीला के सुर संग्राम का असली हीरो को नहीं मानता मैं यह श्रेय हमारी उन शहीदों को देना चाहता हूं जब शहीदों की कुर्बानी हो को आज हम लोग भूलते जा रहे हैं उन शहीदों ने अपनी जिंदगी देकर अपने जीवन की परवाह ना करते हुए अपने परिवारों को चाटते हुए हमारे लिए शहीद हो गए यदि मैं इस बात को मानता हूं कि हमारे भाइयों का संग्राम के सफल होने में हमें स्वतंत्र कराने में सर्वाधिक से हमारे उन भारतीय शहीदों का रहा है

main is baat se inkar nahi kar sakta hoon bharat ke sundar sangram mein gandhiji ka chahiye sahyog raha hai kintu chahiye unko is sudama leela ke sur sangram ka chahiye asli hero ko nahi manata main yeh shrey hamari un shahido ko dena chahta hoon jab shahido ki kurbani chahiye ho ko aaj hum log bhultey ja rahe hain un shahido ne apni zindagi dekar apne jeevan ki parvaah na karte huye apne parivaro ko chatate huye hamare liye shahid ho gaye yadi main is baat ko manata hoon ki hamare bhaiyo ka chahiye sangram ke safal hone mein hume swatantra karane mein sarvadhik se hamare un bharatiya shahido ka chahiye raha hai

मैं इस बात से इंकार नहीं कर सकता हूं भारत के सुंदर संग्राम में गांधीजी का सहयोग रहा है किं

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Amit Chamaria

Journalist/Professor

1:05
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छोटे छोटे छोटे कस्बों में हुआ एकजुट किया गया किया गया उनके नाम नहीं आए हैं यार जो बगैर आइटम नहीं लिखे हैं छोटे शहर की आते हैं नाम है पानी अली दरगाह

chhote chote chhote kasbon mein hua ekjoot kiya gaya kiya gaya unke naam nahi aaye hain yaar jo bagair item nahi likhe hain chote sheher ki aate hain naam hai pani ali daragah

छोटे छोटे छोटे कस्बों में हुआ एकजुट किया गया किया गया उनके नाम नहीं आए हैं यार जो बगैर आइट

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Chandraprakash Joshi

Ex-AGM RBI & CEO@ixamBee.com

2:00
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देखिए मैं यह तो नहीं कहूंगा कि असली कारण नकली कारण और कोई भी राष्ट्र एक व्यक्ति से तो बना नहीं होता है और मैं शायद यह भी नहीं कहूंगा कि अगर गांधीजी नहीं होते तो हिंदुस्तान कभी आजाद नहीं होता शायद आजाद तो होता लेकिन पूरे स्वतंत्रता संग्राम में भारत की आजादी की लड़ाई में अगर सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति को ही था और केवल आजादी की लड़ाई में ही नहीं है देश को जो सामाजिक कुरीतियों से आगे लाने में जिन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया अगर गांधीजी के लास्ट के 20 साल का आप काम देखें तो उन्होंने देश में पॉलिटिकल इंडिपेंडेंस करें जितना काम किया है उससे ज्यादा काम उन्होंने सोशल इंडिपेंडेंस सामाजिक आजादी के लिए किया है कि हमारा समाज जिस तरीके से दबा हुआ था जिस तरीके से जातियों में जिस तरीके से धर्म में बटा हुआ था नीचे तबके के लोगों को दबाया जाता था हर चीज में उसके खिलाफ उन्होंने जो संघर्ष किया है वह उनकी महानता है आप गांधी जी आज के टाइम में गांधी जी पर बहुत सारे प्रश्न करने लगे हैं और वह लोग प्रश्न कर रहे हैं जिनका राजनीति में जिनका भारत के इतिहास में कहीं से कहीं तक कुछ खास योगदान नहीं है और वह यह कहने की कोशिश करते हैं कि सारे इतिहासकार झूठे थे जैसे कि यह लोग जो आज बोल रहे हैं यही एक सच्चे थे और सारी इतिहासकारों को क्या गांधीजी ने खरीद लिया था गांधी जी कौन थे वह गांधीजी राजनेता थे आम आदमी के नेता थे वह न तो कोई अंग्रेजों के पद पर बैठे हुए थे क्यों नहीं इतिहासकारों को खरीद लिया था और ना उन्होंने कभी कोई पद आजादी के बाद भी लिया वह ज्यादा टाइम जिंदा भी नहीं रह पाए तो गांधीजी की जो इतनी इज्जत इतना सम्मान और इतना नाम दुनिया में है देश में ही नहीं दुनिया में है वह उनके विचार उनके काम और उनकी वह एबिलिटी की वजह से है जो उन्होंने किया वह आजादी के लिए सबसे बड़े नेता निरंत

dekhie chahiye main yeh to nahi kahunga ki asli kaaran nakli kaaran aur koi bhi rashtra ek chahiye vyakti se to bana nahi hota hai aur main shayad yeh bhi nahi kahunga ki agar gandhiji nahi hote to Hindustan kabhi azad nahi hota shayad azad to hota lekin poore svatantrata sangram mein bharat ki azadi ki ladai mein agar sabse mahatvapurna vyakti ko hi tha aur kewal azadi ki ladai mein hi nahi hai desh ko jo samajik kuritiyon se aage lane mein jinhone mahatvapurna yogdan diya agar gandhiji ke last ke 20 saal ka chahiye aap kaam dekhen to unhone desh mein political Independence kare chahiye jitna kaam kiya chahiye hai usse zyada kaam unhone social Independence samajik azadi ke liye kiya chahiye hai ki hamara samaj jis tarike se daba hua tha jis tarike se jaatiyo mein jis tarike se dharm mein bata hua tha niche tabke ke logo chahiye ko dabaya jata tha har cheez mein uske khilaf unhone jo sangharsh kiya chahiye hai wah unki mahanata hai aap gandhi G aaj ke time mein gandhi G par bahut sare prashna karne lage hain aur wah log prashna kar rahe hain jinka rajneeti mein jinka bharat ke itihas mein kahin se kahin tak kuch khaas yogdan nahi hai aur wah yeh kehne ki koshish karte hain ki sare itihaaskar jhuthe the jaise ki yeh log jo aaj bol rahe hain yahi ek chahiye sacche the aur saree itihasakaron ko kya gandhiji ne kharid liya tha gandhi G kaon the wah gandhiji raajneta the aam aadmi ke neta the wah n to koi angrejo ke pad par baithey huye the kyon nahi itihasakaron ko kharid liya tha aur na unhone kabhi koi pad azadi ke baad bhi liya wah zyada time zinda bhi nahi rah paye to gandhiji ki jo itni izzat itna samman aur itna naam duniya mein hai desh mein hi nahi duniya mein hai wah unke vichar unke kaam aur unki wah ability ki wajah se hai jo unhone kiya chahiye wah azadi ke liye sabse bade neta nirant

देखिए मैं यह तो नहीं कहूंगा कि असली कारण नकली कारण और कोई भी राष्ट्र एक व्यक्ति से तो बना

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Karan Janwa

Automobile Engineer

0:35
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जी हां हमारी स्वतंत्रता संग्राम में बहुत सीमा पुरुषों का योगदान रहा और महात्मा गांधी का योगदान सबसे महत्वपूर्ण था तुम आत्मा गांधी ने भारत के साथ जनता के लिए असहयोग आंदोलन चलाया था और भारत छोड़ो आंदोलन चलाने के बाद भी ब्रिटिश सरकार भारत के सामने झुक गई थी और उसके बाद ही संविधान सभा का निर्माण हुआ और हमने एक आदेश के रूप में हमें आजादी का जीवन जी रहे हैं और आत्मा गांधी को ईश्वर से राष्ट्रपिता कहा जाता है तो हमारे स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी का बहुत बड़ा योगदान था

ji haan hamari swatantrata sangram mein bahut seema purushon ka yogdan raha aur mahatma gandhi ka yogdan sabse mahatvapurna tha tum aatma gandhi ne bharat ke saath janta ke liye asahayog andolan chalaya tha aur bharat chodo andolan chalane ke baad bhi british sarkar bharat ke saamne jhuk gayi thi aur uske baad hi samvidhan sabha ka nirmaan hua aur humne ek aadesh ke roop mein hamein azadi ka jeevan ji rahe hain aur aatma gandhi ko ishwar se rashtrapita kaha jata hai toh hamare swatantrata sangram mein mahatma gandhi ka bahut bada yogdan tha

जी हां हमारी स्वतंत्रता संग्राम में बहुत सीमा पुरुषों का योगदान रहा और महात्मा गांधी का यो

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गांधी जी की आपने बात की हम उसको इग्नोर नहीं कर सकते लेकिन देश की आजादी में जो जाग जो बताना हमारे शहीदों ने पाया अंग्रेजों की सिर्फ गांधीजी के चरखा चलाने के लिए बकरी का दूध पानी से जाती है कि हमारे को जब हमारे अंकल आदि लोगों ने भगत सिंह राजगुरु व सुखदेव हुआ करता हुआ फिर हमारे विज्ञानिक बना देगी गोरी मारी सिरका इंग्लैंड में लड़की को जो मिलता है उसको थोड़ा समझ कर दो शादी गांधी जी की उनसे कुरबानी से हमारी कोई भी मिली है गांधी का रोल भी ठीक कर देखे बगैर मर जाती

gandhi ji ki aapne baat ki hum usko ignore nahi kar sakte lekin desh ki azadi mein jo jag jo batana hamare shaheedo ne paya angrejo ki sirf gandhiji ke charkha chalane ke liye bakri ka doodh pani se jati hai ki hamare ko jab hamare uncle aadi logo ne bhagat Singh rajaguru va sukhadeva hua karta hua phir hamare vigyanik bana degi gori mari sirka england mein ladki ko jo milta hai usko thoda samajh kar do shadi gandhi ji ki unse kurbani se hamari koi bhi mili hai gandhi ka roll bhi theek kar dekhe bagair mar jati

गांधी जी की आपने बात की हम उसको इग्नोर नहीं कर सकते लेकिन देश की आजादी में जो जाग जो बताना

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Vikas Singh

Political Analyst

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हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम को सफल करने वाले गांधी जी नहीं थे हमारे देश का जो स्वतंत्रता संग्राम था उसे सुभाष चंद्र बोस ने लड़ा था सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के माध्यम से हमारे देश को स्वतंत्रता मिली थी और महात्मा गांधी के वजह से कोई स्वतंत्रता नहीं मिली थी उन्होंने कुछ भी नहीं किया इन्होंने किया है मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं कि कुछ भी नहीं किया है यह नरम दल के नेता थे इनका भी कुछ थोड़ा बहुत योगदान रहा है लेकिन हमारे देश को आजादी आजाद हिंद फौज के माध्यम से मिली है आजाद हिंद फौज के डर से अंग्रेज हमारा देश छोड़कर गए थे धन्यवाद

hamare desh ke swatantrata sangram ko safal karne wale gandhi ji nahi the hamare desh ka jo swatantrata sangram tha use subhash chandra bose ne lada tha subhash chandra bose ki azad hind fauj ke maadhyam se hamare desh ko swatantrata mili thi aur mahatma gandhi ke wajah se koi swatantrata nahi mili thi unhone kuch bhi nahi kiya inhone kiya hai aisa nahi keh raha hoon ki kuch bhi nahi kiya hai yeh naram dal ke neta the inka bhi kuch thoda bahut yogdan raha hai lekin hamare desh ko azadi azad hind fauj ke maadhyam se mili hai azad hind fauj ke dar se angrej hamara desh chhodkar gaye the dhanyavad

हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम को सफल करने वाले गांधी जी नहीं थे हमारे देश का जो स्वतंत्र

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Anurag Dubey

Senior Faculty Of UPSC & PCS(J) Prepration call me @ 7895770026 https://www.youtube.com/channel/UC1WJStbxnRAqT5tHl-n0mLw

2:00
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जी हां मैं इस बात से सहमत हूं कि गांधीजी स्वतंत्रता संग्राम में सफल होने के लिए उन्होंने बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया लेकिन असली कारण स्वतंत्रता संग्राम के सफल होने का केवल भारतीय एक भारतीय राजनेता नहीं जबकि मॉडरेट एक्सट्रीमिस्ट के रोल को हमें बिल्कुल नहीं भूलना चाहिए और साथ में रिवॉल्यूशन ए टेरेरिस्ट के बारे में हमें बिल्कुल याद दिला चाहिए कि जब तक मोटरसाइकिल पिक्स एंड प्रैक्टिस की राजनीति करते रहे उसके एक्सट्रीमिस्ट है उन्होंने कहा कभी पहले डिमांड करेंगे उसके बाद नहीं मानेंगे तो हम धरना देंगे ठीक है उसके बाद तीसरी विचारधारा ई पोथी रिवॉल्यूशन रिवॉल्यूशन ही टेरेस्ट जिनको हमने बोला टेरेरिस्ट क्रांतिकारी आंदोलन जिसको बोल सकते हैं उन लोगों की विचारधारा के तहत उन लोगों ने अगर कोई मांग रहा है मांग नहीं देते हैं तो वही उनको सीधी गोली मार दो ठीक है इन तीनों विचारधाराओं में अंग्रेजी तबके में जो भारतीय रह रहा था एक डर फैला हुआ था तो उसके बाद चौथी विचारधारा थी गांधी गांधियन विचारधारा ज्योर्थी उसके अंतर्गत मुख्य रूप से जो कार्य था वह यह था कि अहिंसा एवं शांति के साथ किसी की चीज की डिमांड करो अगर हम इस चीज का पूरा क्रेडिट गांधी जी को दे देंगे तो आप खुश सोचेगा कि कोई व्यक्ति मांगने पर अगर कोई किसी से मांग रहा है तो क्या मांगने पर आसानी से कुछ चीज मिल जब आसानी से कोई चीज मांगे मिल नहीं सकती तो यह तो आजादी थी स्वतंत्र संग्राम था यह मांगने पर कैसे मिल सकता था तो इसके लिए जो मैंने योगदान दे सकते हैं उसमें चारों से जिसको जाता है मोटर एक्स एक्स इमेज ट्रिपल सी टेस्ट गांधियन लेकिन गांधियन छोरी ने एक बड़ा मांस मूवमेंट इकट्ठा किया इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन उस मास मूवमेंट के खट्टा होने के लिए जो प्लेटफार्म तैयार किया था एक्स मिस्टर रिवॉल्यूशनरी टेरेस्ट ने खट्टा किया था क्योंकि अब बोलो इसमें क्रांति में आ चुके थे या फिर आंदोलन में आ चुके तो वही पूरा का पूरा गांधीजी समेट ले गए और गांधीजी जनता के द्वारा क्या संवाद हुआ अंग्रेजों का संवाद इसबगोल

ji haan main is baat se sahmat hoon ki gandhiji swatantrata sangram mein safal hone ke liye unhone bahut hi mahatvapurna yogdan diya lekin asli kaaran swatantrata sangram ke safal hone ka keval bharatiya ek bharatiya raajneta nahi jabki moderate eksatrimist ke roll ko humein bilkul nahi bhoolna chahiye aur saath mein revolution a terrorist ke bare mein humein bilkul yaad dila chahiye ki jab tak motorcycle picks end practice ki rajneeti karte rahe uske eksatrimist hai unhone kaha kabhi pehle demand karenge uske baad nahi manenge toh hum dharna denge theek hai uske baad teesri vichardhara ee pothi revolution revolution hi terest jinako humne bola terrorist krantikari andolan jisko bol sakte hain un logo ki vichardhara ke tahat un logo ne agar koi maang raha hai maang nahi dete hain toh wahi unko sidhi goli maar do theek hai in tatvo vichardharaon mein angrezi tabke mein jo bharatiya reh raha tha ek dar faila hua tha toh uske baad chauthi vichardhara thi gandhi gandhiyan vichardhara jyorthi uske antargat mukhya roop se jo karya tha wah yeh tha ki ahinsha evam shanti ke saath kisi ki cheez ki demand karo agar hum is cheez ka pura credit gandhi ji ko de denge toh aap khush sochega ki koi vyakti mangne par agar koi kisi se maang raha hai toh kya mangne par aasani se kuch cheez mil jab aasani se koi cheez mange mil nahi sakti toh yeh toh azadi thi swatantra sangram tha yeh mangne par kaise mil sakta tha toh iske liye jo maine yogdan de sakte hain usme charo se jisko jata hai motor x x image triple si test gandhiyan lekin gandhiyan chhori ne ek bada maas movement ikattha kiya ismein koi do rai nahi hai lekin us mass movement ke khatta hone ke liye jo platform taiyaar kiya tha x mister rivalyushanari terest ne khatta kiya tha kyonki ab bolo ismein kranti mein aa chuke the ya phir andolan mein aa chuke toh wahi pura ka pura gandhiji samet le gaye aur gandhiji janta ke dwara kya sanvaad hua angrejo ka sanvaad isabgol

जी हां मैं इस बात से सहमत हूं कि गांधीजी स्वतंत्रता संग्राम में सफल होने के लिए उन्होंने ब

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Vinod Tiwari

Journalist

2:16
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विकी मैं आपको तो गांधी जी को समझने के लिए हमको पहले सख्त की हो जाना पड़ेगा क्योंकि गांधी जी सत्य के रास्ते पर चलते आज के समय में गांधी को समझने वाले इसलिए नहीं है क्योंकि सत्य सत्य की राह पर हम चल रहे हैं अधिक खराब देश की जनसंख्या कितनी है सत्य की राह पर चल रही है लेकिन गांधी जी हमेशा सत्य की लड़ाई लड़ी है गांधीजी वह हमारे देश भक्तों ने एक लाठी एक धोती उस पर अपना डाटा और नमक नमक नमक को आज आयोडीन कहा जाता है जिसमें तमाम तरह के 10th के नमक नमक सत्याग्रह की लड़ाई राम बोलने वाले पौधे किस तत्व को समझने की अंकुश की राह पर चलना पड़ेगा और आज के समय में सत्य की राह पर पूरी नहीं कर सकता क्योंकि आज का जमाना ऐसा आ गया है कि आज तक तू हमेशा लोग प्रणाम करेंगे नहीं करेंगे इसके बारे में समझाना पड़ेगा सवाल उठता है कि 6 मीटर शक्ति के बारे में क्या समझेगा 6 महीने से वह 8 महीने का होगा 10 महीने का 1 साल का होगा डेढ़ साल का होगा लेकिन उसकी पहली पाठशाला घर रहेगी और मैं जब उसको हम सत्य के बारे में सत्य की राह पर चलना दिखाएंगे तभी वह गांधी जी को समझ पाएगा तभी गांधी जी के विचारों को चलेगा और तभी देश में वह कुछ पर कर पाएगा उड़ सकते कितनी विजय सत्य सच बोल के सत्य काम करने में मिलती है उत्तर की अब तक की जो है डीजे में उतना फल नहीं मिलता क्योंकि कहा गया है कि सत्य की जीत होती है वह बहुत लंबे समय तक स्थिति है सत्य की जीत है कुछ पल के लिए हम को दिखती है बड़ी मजबूत है लेकिन जब भरभरा कर गिरती है तो उसका कोई औचित्य नहीं देता इसलिए गांधी जी के बारे में कहा जाता है गांधी जी हमारे राष्ट्रपिता देव ने देश के लिए बहुत कुछ किया आदेश को हमारे युवा गांधीजी को समझ लेंगे तो आजादी बेरोजगारी अपराध यह सब समझ जाएंगे और हमारा दिखाओ जो देश है

vicky main aapko toh gandhi ji ko samjhne ke liye hamko pehle sakht ki ho jana padega kyonki gandhi ji satya ke raste par chalte aaj ke samay mein gandhi ko samjhne waale isliye nahi hai kyonki satya satya ki raah par hum chal rahe hain adhik kharab desh ki jansankhya kitni hai satya ki raah par chal rahi hai lekin gandhi ji hamesha satya ki ladai ladi hai gandhiji vaah hamare desh bhakton ne ek lathi ek dhoti us par apna data aur namak namak namak ko aaj IODINE kaha jata hai jisme tamaam tarah ke 10th ke namak namak satyagrah ki ladai ram bolne waale paudhe kis tatva ko samjhne ki ankush ki raah par chalna padega aur aaj ke samay mein satya ki raah par puri nahi kar sakta kyonki aaj ka jamana aisa aa gaya hai ki aaj tak tu hamesha log pranam karenge nahi karenge iske bare mein samajhana padega sawaal uthata hai ki 6 meter shakti ke bare mein kya samjhega 6 mahine se vaah 8 mahine ka hoga 10 mahine ka 1 saal ka hoga dedh saal ka hoga lekin uski pehli pathashala ghar rahegi aur main jab usko hum satya ke bare mein satya ki raah par chalna dikhayenge tabhi vaah gandhi ji ko samajh payega tabhi gandhi ji ke vicharon ko chalega aur tabhi desh mein vaah kuch par kar payega ud sakte kitni vijay satya sach bol ke satya kaam karne mein milti hai uttar ki ab tak ki jo hai DJ mein utana fal nahi milta kyonki kaha gaya hai ki satya ki jeet hoti hai vaah bahut lambe samay tak sthiti hai satya ki jeet hai kuch pal ke liye hum ko dikhti hai badi majboot hai lekin jab bharbhara kar girti hai toh uska koi auchitya nahi deta isliye gandhi ji ke bare mein kaha jata hai gandhi ji hamare rashtrapita dev ne desh ke liye bahut kuch kiya aadesh ko hamare yuva gandhiji ko samajh lenge toh azadi berojgari apradh yah sab samajh jaenge aur hamara dikhaao jo desh hai

विकी मैं आपको तो गांधी जी को समझने के लिए हमको पहले सख्त की हो जाना पड़ेगा क्योंकि गांधी ज

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Abhinandan Kumar Tiwari

Phd, M-Tech software Expect

0:17
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नहीं उठा देना मैं भगत सिंह बन कर आ गया उन्होंने उन्होंने किया है वह कहीं ज्यादा है

nahi utha dena main bhagat Singh ban kar aa gaya unhone unhone kiya hai wah kahin zyada hai

नहीं उठा देना मैं भगत सिंह बन कर आ गया उन्होंने उन्होंने किया है वह कहीं ज्यादा है

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Abhishek Shekher Gaur

Civil Engineer

3:42
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लेकिन कोई भी एक आदमी स्वतंत्रता संग्राम की सफलता के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकता कोई उसका असली कारण नहीं हो सकता कि सिर्फ एक आदमी था बस उसी की वजह से इसीलिए मुझे कुछ जैसे हो गाने हैं थोड़ा जो बचपन में सुने थे और थोड़ा सा थोड़ी आपत्ति होती है जो भी पढ़ लिया है तो के क्योंकि मुझे पता है कि अब मुझे पता है कि आजादी से ठीक पहले अंग्रेजों के खिलाफ नवीन स्ट्राइक कर दी थी तो अब मुझे पता है किसने क्या-क्या चीजें चल रही थी वर्ल्ड वॉर भी हुई थी और वर्ल्ड वर्सेस इंग्लैंड को बहुत सारा नुकसान भी हुआ था उसके पास इतना मतलब इतना परेशान थी कि वह अगस्त में भाग गई जबकि वह 48 में भागने वाली थी वह 47 अगस्त नहीं पाती इंडिया से तो यह बाद में पता चलता है उससे पहले आप सुन चुके होते हैं वह की दे दे दी हमें आजादी बिना खडक बिना ढाल साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल तो हां उनको ज्यादा श्रेय दिया जाता है ऐसा नहीं होना चाहिए सबको बराबर श्रेय दिया जाना चाहिए और सिर्फ यही कारण नहीं थे बहुत लोगों ने लड़ाइयां लड़ी है बहुत लोगों ने जाने दी हैं जाके शहजादी नहीं आई थी यह सच्चा चलकर से आजादी नहीं आई थी एक बहुत बड़ा बहुत बड़ी लड़ाई सुभाष चंद्र बोस जी उधर लड़ रहे थे और बहुत सारे लोगों ने तो जान दे दी 18 साल के खुदीराम बोस ने अपनी जान दे दी सोचिए 18 साल का लड़का तो बहुत लोगों ने जानती है बहुत लोगों के स्तर के बाद जाकर आजादी मिली है तो इसके लिए सिर्फ एक आदमी को श्रेय देना मैं सही नहीं मानता हूं हां मैं यह मानता हूं कि वह बहुत बड़ी बाइंडिंग पोस्ट है वही बहुत बड़ी पांडे फोर्स है या फिर मतलब लोगों को जोड़ने का काम उन्होंने बहुत अच्छा किया अब वह एक अच्छा काम था क्योंकि जो लोग थोड़ा एक्सट्रीमा डलहौजी के मतलब की मतलब जो कहते थे कि अंग्रेजों को लात मार के भगा देते हैं उनका हर कोई साथ नहीं दे सकता सच बात है क्योंकि हर कोई लड़ने को तैयार नहीं होता आपको हर जगह लड़ने वाले लोग नहीं मिलेंगे तो वह लोग जब गांधी जी ने सत्याग्रह की बात करी तो वह लोग गांधी जी के साथ चल रहा है तो बहुत बड़ा एक्शन के साथ आराम से चला गया क्योंकि उनको लड़ना नहीं था उनको प्रोटेस्ट करना था तो पेंडिंग फॉर थे वह बहुत सारे लोगों को उन्होंने अंग्रेजों के सामने रखा लेकिन फिर भी मैं यही बात कहूंगा कि किसी एक उससे देना सही नहीं है कि असली कारण महात्मा गांधी का नहीं बहुत सारी चीजें जो थी वर्ल्ड वॉर हुई उसकी वजह से इंग्लैंड कमजोर हुआ इतनी सारी दिक्कतें उसको हो रही थी वह इंडिया में और ज्यादा पैसे अपने जो लोग काम कर रहे हैं उनके लिए नहीं कर सकता था और उसको दिक्कत हो रही थी दर सुभाष चंद्र बोस इमेज जी की आर्मी जो मैंने बनाई थी वह वह भी लड़ रही थी उनसे भी ब्रिटिश सेना लड़ रही है तो उसको बहुत दिक्कत थी उस समय तो इंग्लैंड सिर्फ महात्मा गांधी जी की वजह छोड़कर नहीं गया यह अगर कोई एक कहता भी है तो वो एकदम गलत कहता है उसको हिस्ट्री पढ़ने की सख्त जरूरत है थैंक यू

lekin koi bhi ek aadmi swatantrata sangram ki safalta ke liye zimmedar nahi ho sakta koi uska asli karan nahi ho sakta ki sirf ek aadmi tha bus usi ki wajah se isliye mujhe kuch jaise ho gaane hain thoda jo bachpan mein sune the aur thoda sa thodi apatti hoti hai jo bhi padh liya hai toh ke kyonki mujhe pata hai ki ab mujhe pata hai ki azadi se theek pehle angrejo ke khilaf naveen strike kar di thi toh ab mujhe pata hai kisne kya kya cheezen chal rahi thi world war bhi hui thi aur world versus england ko bahut saara nuksan bhi hua tha uske paas itna matlab itna pareshan thi ki vaah august mein bhag gayi jabki vaah 48 mein bhagne wali thi vaah 47 august nahi pati india se toh yah baad mein pata chalta hai usse pehle aap sun chuke hote hain vaah ki de de di hamein azadi bina khadak bina dhal sabarmati ke sant tune kar diya kamaal toh haan unko zyada shrey diya jata hai aisa nahi hona chahiye sabko barabar shrey diya jana chahiye aur sirf yahi karan nahi the bahut logo ne ladaiyan ladi hai bahut logo ne jaane di hain jake shehzadi nahi I thi yah saccha chalkar se azadi nahi I thi ek bahut bada bahut badi ladai subhash chandra bose ji udhar lad rahe the aur bahut saare logo ne toh jaan de di 18 saal ke khudiram bose ne apni jaan de di sochiye 18 saal ka ladka toh bahut logo ne jaanti hai bahut logo ke sthar ke baad jaakar azadi mili hai toh iske liye sirf ek aadmi ko shrey dena main sahi nahi manata hoon haan main yah manata hoon ki vaah bahut badi Binding post hai wahi bahut badi pandey force hai ya phir matlab logo ko jodne ka kaam unhone bahut accha kiya ab vaah ek accha kaam tha kyonki jo log thoda eksatrima dalhousie ke matlab ki matlab jo kehte the ki angrejo ko laat maar ke bhaga dete hain unka har koi saath nahi de sakta sach baat hai kyonki har koi ladane ko taiyar nahi hota aapko har jagah ladane waale log nahi milenge toh vaah log jab gandhi ji ne satyagrah ki baat kari toh vaah log gandhi ji ke saath chal raha hai toh bahut bada action ke saath aaram se chala gaya kyonki unko ladna nahi tha unko protest karna tha toh pending for the vaah bahut saare logo ko unhone angrejo ke saamne rakha lekin phir bhi main yahi baat kahunga ki kisi ek usse dena sahi nahi hai ki asli karan mahatma gandhi ka nahi bahut saree cheezen jo thi world war hui uski wajah se england kamjor hua itni saree dikkaten usko ho rahi thi vaah india mein aur zyada paise apne jo log kaam kar rahe hain unke liye nahi kar sakta tha aur usko dikkat ho rahi thi dar subhash chandra bose image ji ki army jo maine banai thi vaah vaah bhi lad rahi thi unse bhi british sena lad rahi hai toh usko bahut dikkat thi us samay toh england sirf mahatma gandhi ji ki wajah chhodkar nahi gaya yah agar koi ek kahata bhi hai toh vo ekdam galat kahata hai usko history padhne ki sakht zarurat hai thank you

लेकिन कोई भी एक आदमी स्वतंत्रता संग्राम की सफलता के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकता कोई उसका अस

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Ved prakash Mishra

Journalist Dainik jagran { Naidunia}

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भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी जी की महत्वपूर्ण भूमिका थी लेकिन केवल यह कहना कि महात्मा गांधी के कारण जो है स्वतंत्र संग्राम सफल हुआ या वह स्वतंत्र संग्राम सफल होने का असली कारण बताइए दूसरे हमारे जितने भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे उनके साथ अन्याय होगा हमारे देश को आजादी कोई एक दिन के आंदोलन या किसी एक व्यक्ति के आंदोलन से नहीं मिली है यह लंबे संघर्ष का परिणाम रहा है हमारे देश को अंग्रेजों की 200 साल की गुलामी के बाद आजादी मिली है तो किसी एक व्यक्ति को इसका श्रेय देना मेरे विचार में अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अभी लगवाया उनको नजरअंदाज करना होगा इतना जरूर है कि महात्मा गांधी जो है प्रशासन नामांतरण के एक प्रमुख चेहरे के सामने अरुण ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एक अलग ही 29 अधिकारी के अहिंसात्मक तरीके से कैसे देश को आजादी दिलाई जा सकती है

bharat ke swatantrata sangram mein mahatma gandhi ji ki mahatvapurna bhumika thi lekin keval yah kehna ki mahatma gandhi ke karan jo hai swatantra sangram safal hua ya vaah swatantra sangram safal hone ka asli karan bataye dusre hamare jitne bhi swatantrata sangram senani the unke saath anyay hoga hamare desh ko azadi koi ek din ke andolan ya kisi ek vyakti ke andolan se nahi mili hai yah lambe sangharsh ka parinam raha hai hamare desh ko angrejo ki 200 saal ki gulaami ke baad azadi mili hai toh kisi ek vyakti ko iska shrey dena mere vichar mein anya swatantrata sangram senaniyon ka abhi lagwaya unko najarandaj karna hoga itna zaroor hai ki mahatma gandhi jo hai prashasan naamantaran ke ek pramukh chehre ke saamne arun ne azadi ki ladai mein mahatvapurna bhumika nibhaai ek alag hi 29 adhikari ke ahinsatmak tarike se kaise desh ko azadi dilai ja sakti hai

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी जी की महत्वपूर्ण भूमिका थी लेकिन केवल यह कहना

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

0:53
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कृष्ण के माता मंदिर मल्लेश्वरम सफल होने का असली कारण तथा को बताएंगे कि महात्मा गांधी ने भारत की आजादी में योगदान दिया इस बात को हर एक की मानता है लेकिन अकेले वही एक ऐसा कारण थे जिसकी वजह से ज्यादा आजादी मिली तो ऐसा नहीं है आजादी के लिए हर एक व्यक्ति ने अपने स्तर पर जो भी जिससे बन पड़ता था उसने कार्य किया क्रांतिकारी लोग हो जय हो नेताजी सुभाष चंद्र बोस हूं चाहे वह दूसरे वल्लभभाई पटेल रहे हैं आपके दूसरा नेता रहे हो उन्होंने भी अपने स्तर पर कहा लाला लाजपत राय हैं और भी तमाम में इन दिनों आजादी के लिए प्रयास किया और यहां पर महात्मा गांधी के प्रयास भी अनुकरणीय है बहुत अच्छे हैं लेकिन अकेले वही अकारण रहे ऐसा नहीं है धन्यवाद

krishna ke mata mandir malleshwaram safal hone ka asli karan tatha ko batayenge ki mahatma gandhi ne bharat ki azadi mein yogdan diya is baat ko har ek ki manata hai lekin akele wahi ek aisa karan the jiski wajah se zyada azadi mili toh aisa nahi hai azadi ke liye har ek vyakti ne apne sthar par jo bhi jisse ban padta tha usne karya kiya krantikari log ho jai ho netaji subhash chandra bose hoon chahen vaah dusre vallabhbhai patel rahe hain aapke doosra neta rahe ho unhone bhi apne sthar par kaha lala lajpat rai hain aur bhi tamaam mein in dino azadi ke liye prayas kiya aur yahan par mahatma gandhi ke prayas bhi anukaraneey hai bahut acche hain lekin akele wahi akaran rahe aisa nahi hai dhanyavad

कृष्ण के माता मंदिर मल्लेश्वरम सफल होने का असली कारण तथा को बताएंगे कि महात्मा गांधी ने भा

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क्या महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम को सफल बनाने के असली कारण थे तो महात्मा गांधी हमारी स्वतंत्रता संग्राम को असफल बनाने के असली कारण थे लेकिन इसमें मुख्य रोल महात्मा गांधी अर्थात नरम दल और भगत सिंह राजगुरु जैसे लोगों का गरम दल दोनों इसमें बराबर सहभागिता निभाएं हैं जहां कहीं पर भी नरम दल की आवश्यकता पर अर्थात जहां पर नरम बन के कार्य सिद्ध हो रहा था वहां पर नरम दल के लोग अर्थात गांधी जी आगे आए और यहां पर तोड़फोड़ करके मारपीट करके दंड देकर के जहां कार्य सिद्ध हो रहा था वहां पर भगत सिंह राजगुरु सुखदेव जैसे लोग अर्थात गरम दल के लोग शामिल हुए अर्थात नरम दल और हम दोनों एक दूसरे के पूरक हैं और सभी संग्राम क्रांतियों आंदोलन के अगुआ महात्मा गांधी थे इसलिए महात्मा गांधी को स्वतंत्रता संग्राम के सफल होने का असली कारण कहा जा सकता है

kya mahatma gandhi hamare swatantrata sangram ko safal banane ke asli karan the toh mahatma gandhi hamari swatantrata sangram ko asafal banane ke asli karan the lekin isme mukhya roll mahatma gandhi arthat naram dal aur bhagat Singh raajguru jaise logo ka garam dal dono isme barabar sahabhagita nibhayen hain jaha kahin par bhi naram dal ki avashyakta par arthat jaha par naram ban ke karya siddh ho raha tha wahan par naram dal ke log arthat gandhi ji aage aaye aur yahan par thorphor karke maar peet karke dand dekar ke jaha karya siddh ho raha tha wahan par bhagat Singh raajguru sukhadeva jaise log arthat garam dal ke log shaamil hue arthat naram dal aur hum dono ek dusre ke purak hain aur sabhi sangram krantiyon andolan ke aguaa mahatma gandhi the isliye mahatma gandhi ko swatantrata sangram ke safal hone ka asli karan kaha ja sakta hai

क्या महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम को सफल बनाने के असली कारण थे तो महात्मा गांधी

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Sanjay Narwal

News Bureau Chief

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20 जून का सिस्टम है जो हम लोगों ने देख पड़ा है अकेले बगैर क्रांति के आजादी मिली

20 june ka system hai jo hum logo ne dekh pada hai akele bagair kranti ke azadi mili

20 जून का सिस्टम है जो हम लोगों ने देख पड़ा है अकेले बगैर क्रांति के आजादी मिली

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Bhim Singh

Politician|Activist|SupremeCourt lawyer|Author

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वसंत भाग 1 संग्राम साहिब युद्ध और उसमें कितने लोग हमारे पार्टी में चले गए क्या हुआ भविष्य को देखिए गांधी जी का फोन उठा और बहुत ही इसमें आप नेताजी सुभाष चंद्र बोस जंक्शन से गुजरात में बारिश गांधी

vasant bhag 1 sangram sahib yudh aur usme kitne log hamare party mein chale gaye kya hua bhavishya ko dekhie gandhi ji ka phone utha aur bahut hi ismein aap netaji subhash chandra bose junction se gujarat mein barish gandhi

वसंत भाग 1 संग्राम साहिब युद्ध और उसमें कितने लोग हमारे पार्टी में चले गए क्या हुआ भविष्य

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Parvez Khan

Journalist

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निश्चित रूप से महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम में के सफल होने के असली कारण थे क्योंकि वह स्वतंत्र आंदोलन में एक लाइक की जरूरत थी महात्मा गांधी से पहले जो सफलता आंदोलन चल रहा था वह अलग-अलग गुटों के अंदर बैठा हुआ था इसलिए अंग्रेज इसका फायदा उठाकर दमनकारी नीतियां अपना रहे थे और स्वतंत्र सेनानियों का दमन कर के स्वतंत्र आंदोलन को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे महात्मा गांधी साउथ अफ्रीका से वापस आए और उन्होंने जनता आंदोलन की कमान संभाली तो सारे देश के स्वतंत्र आंदोलन में जो लोग हिस्सा ले रहे थे उन्होंने पूरी शिद्दत के साथ या हिंसात्मक लड़ाई शुरू की और अंग्रेजों का विरोध शुरू किया नतीजा यह हुआ कि एक लंबी लड़ाई के बात हमारा देश आजाद हुआ तो इसलिए महात्मा गांधी ने का बहुत बड़ा योगदान हमारे नितेश की सफलता में है

nishchit roop se mahatma gandhi hamare swatantrata sangram mein ke safal hone ke asli karan the kyonki vaah swatantra andolan mein ek like ki zarurat thi mahatma gandhi se pehle jo safalta andolan chal raha tha vaah alag alag guton ke andar baitha hua tha isliye angrej iska fayda uthaakar damankari nitiyan apna rahe the aur swatantra senaniyon ka daman kar ke swatantra andolan ko aage nahi badhne de rahe the mahatma gandhi south africa se wapas aaye aur unhone janta andolan ki kamaan sambhali toh saare desh ke swatantra andolan mein jo log hissa le rahe the unhone puri shiddat ke saath ya hinsatmak ladai shuru ki aur angrejo ka virodh shuru kiya natija yah hua ki ek lambi ladai ke baat hamara desh azad hua toh isliye mahatma gandhi ne ka bahut bada yogdan hamare nitesh ki safalta mein hai

निश्चित रूप से महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम में के सफल होने के असली कारण थे क्यो

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Ashish Singh

Co-Founder

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आजादी में महात्मा गांधी की अहम भूमिका जरूर थी बट से उनकी अकेले भूमिका से देश आजाद नहीं हुआ ब्रिटिश वायसराय और प्रधानमंत्री ने बीयर बातचीत आ रहा था कि सुभाष चंद्र बोस से जो इंडियन नेशनल आर्मी का जो गठन था वह भी एक बहुत बड़ा डर पैदा किया था ब्रिटिश के मन में जो एक बहुत बड़ा ही इंपैक्ट था उनके पीछे हटने का और भारत को सौंप देने का भारतीयों को

azadi me mahatma gandhi ki aham bhumika zaroor thi but se unki akele bhumika se desh azad nahi hua british viceroy aur pradhanmantri ne beer batchit aa raha tha ki subhash chandra bose se jo indian national army ka jo gathan tha vaah bhi ek bahut bada dar paida kiya tha british ke man me jo ek bahut bada hi impact tha unke peeche hatane ka aur bharat ko saunp dene ka bharatiyon ko

आजादी में महात्मा गांधी की अहम भूमिका जरूर थी बट से उनकी अकेले भूमिका से देश आजाद नहीं हुआ

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और क्या महत्व है जी हमारी स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण थे मैं हूं देखता हूं और मैं आपको इसका आंसर बताना चाहता हूं जी आप बिल्कुल महात्मा गांधी हमारी सूरत में संग्राम की सफल होने का असली कारण थे क्योंकि ऐसा के आधार पर ही होने से लोगों को संगठित किया क्योंकि मैं सौ पंद्रह से पहले लोगों को थे इतने पैसे नहीं थे राष्ट्रवादी भावनाओं में नाव ज्यादा उनका इंटरेस्ट नहीं था थी लेकिन बहुत कम थे लेकिन जब 1915 में दक्षिण अफ्रीका से महात्मा गांधी लौटे उसके बाद उन्हें तैयार है जो हिंसा पर आधारित था को स्थापित किया और इंसाफ की डगर पर चलते हैं उन्होंने कई आंदोलन किए जिनमें प्रमुख खबर हमने तो ऐसा ही हो सजनवा जानवर चुनाव कितने खेड़ा अहमदाबाद और और टेंपल रन कितनी आंदोलन के सफल हुए सकते हैं 1770 प्यारे थे बिक्री काफी लोगों ने से प्रभावित हुए राष्ट्रीय वाली भावना में गतिरोध के कारण अंग्रेजों को भी इनके सामने घुटने टेकने पड़े हो अंततः अंग्रेज़ों को भारत को स्वतंत्र करना पड़ा धन्यवाद

aur kya mahatva hai ji hamari swatantrata sangram safal hone ka asli karan the main hoon dekhta hoon aur main aapko iska answer batana chahta hoon ji aap bilkul mahatma gandhi hamari surat me sangram ki safal hone ka asli karan the kyonki aisa ke aadhar par hi hone se logo ko sangathit kiya kyonki main sau pandrah se pehle logo ko the itne paise nahi the rashtrawadi bhavnao me nav zyada unka interest nahi tha thi lekin bahut kam the lekin jab 1915 me dakshin africa se mahatma gandhi laute uske baad unhe taiyar hai jo hinsa par aadharit tha ko sthapit kiya aur insaaf ki Dagar par chalte hain unhone kai andolan kiye jinmein pramukh khabar humne toh aisa hi ho sajanwa janwar chunav kitne kheda ahmedabad aur aur temple run kitni andolan ke safal hue sakte hain 1770 pyare the bikri kaafi logo ne se prabhavit hue rashtriya wali bhavna me gatirodh ke karan angrejo ko bhi inke saamne ghutne tekne pade ho antatah angrezon ko bharat ko swatantra karna pada dhanyavad

और क्या महत्व है जी हमारी स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण थे मैं हूं देखता हूं और

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Shimla Bawri

Indian Politician

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गांधी जी ने मुल्तान में धीरे कर कि देश के बारे में बहुत अच्छा सोचा भूतिया स्थान

gandhi ji ne multan mein dhire kar ki desh ke bare mein bahut accha socha bhutiya sthan

गांधी जी ने मुल्तान में धीरे कर कि देश के बारे में बहुत अच्छा सोचा भूतिया स्थान

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Sagar सागर

Engineer ,Singer,Director

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जी नहीं मेरा मानना है कि महात्मा गांधी चाहिए पाकिस्तान बनने का असल कारण थे मेरा मानना है कि देश में चल शेखर आजाद भगत सिंह राजगुरु सुखदेव सुभाष चंद्र बोस जैसे लोगों की हत्या उसके लिए गांधीजी असल कारण थे देश के आजादी को देर से आजादी मिली उसके लिए गांधीजी अचल कारण थे बिस्मिल्लाह को लोगों का नरसंहार हुआ उसके लिए गांधीजी असल कारण थे पाकिस्तान से लाखों ट्रेनों में भरकर हिंदू की लाश जाएगी उसके लिए गांधीजी असल कारण देश में जो आज जातिवाद का जहर है उसके लिए गांधीजी असर कारण है मैं तो ऐसा ही समझता हूं बाकी आप की जानकारी इंटरनेट से या सूचना के अधिकार से भी प्राप्त कर सकते हैं एक गांधी जी द्वारा किए गए कृतज्ञ को कैसे छुपाया गया है धन्यवाद

ji nahi mera manana hai ki mahatma gandhi chahiye pakistan banne ka asal karan the mera manana hai ki desh me chal shekhar azad bhagat Singh raajguru sukhadeva subhash chandra bose jaise logo ki hatya uske liye gandhiji asal karan the desh ke azadi ko der se azadi mili uske liye gandhiji achal karan the bismillah ko logo ka narasanhar hua uske liye gandhiji asal karan the pakistan se laakhon traino me bharkar hindu ki laash jayegi uske liye gandhiji asal karan desh me jo aaj jaatiwad ka zehar hai uske liye gandhiji asar karan hai main toh aisa hi samajhata hoon baki aap ki jaankari internet se ya soochna ke adhikaar se bhi prapt kar sakte hain ek gandhi ji dwara kiye gaye kritagya ko kaise chupaya gaya hai dhanyavad

जी नहीं मेरा मानना है कि महात्मा गांधी चाहिए पाकिस्तान बनने का असल कारण थे मेरा मानना है

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chaudhary

Upsc Aspirants

0:29
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आक्रोष लेगी क्या महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण थी तो हमारे स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण शेखर आजाद भगत सिंह सुभाष चंद्र बोस लाल बहादुर शास्त्री सुखदेव बालस्वरूप लाला लाजपत राय उधम सिंह हार्दिक फेस

akrosh legi kya mahatma gandhi hamare swatantrata sangram safal hone ka asli karan thi toh hamare swatantrata sangram safal hone ka asli karan shekhar azad bhagat Singh subhash chandra bose laal bahadur shastri sukhadeva balswarup lala lajpat rai udham Singh hardik face

आक्रोष लेगी क्या महात्मा गांधी हमारे स्वतंत्रता संग्राम सफल होने का असली कारण थी तो हमारे

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Devendra Roy

Regional Editor

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दादी के लिए तो गांधीजी नहीं थे अब इसमें और मैं आपको पीछे ले जाऊंगा बोल्शेविक क्रांति की तरह आपको याद होगा कि जब जानकारी और बोल्शेविक क्रांति हुई तो अब यह ब्रिटेन को यह लग गया कि अब हवाई फोन शुरू नहीं किया जा सकता तो उन्होंने दुनिया के तमाम देशों को आजाद करना शुरू किया और हमें भी आजादी उसी क्रम में मिली है यह नहीं वह आपको दम होना चाहिए कि गांधीजी या किसी के चलते आप को आजादी मिली है आजादी एक भौतिक परिवर्तन था उस समय बोल्शेविक क्रांति के बाद अगर आप उसे पड़ेंगे आप ही में जाएंगे कई चीजों के उत्तर आपको मिलेंगे की बोल्शेविक क्रांति के बाद एक एक कदम यूं मुलाकात किया लेकिन इसको दूसरे ढंग से उन्होंने कैप्चर करने के लिए फिर यूएनओ बनना आपका जो है आज इस ग्रुप में आप देख रहे हैं डब्ल्यूटीओ देख रहे हैं या विभिन्न वैश्विक संगठन जिनके ऊपर टेबल जी का कब्जा है अमेरिका से लेकर के तमाम का आज कहीं ना कहीं हम भी उन के नियमों और दिशा निर्देशों में बन चुके हैं तो एक प्रकार के उन्होंने अब दूसरे तरीके से हमें गुलामी की जंजीरों में बात करने को हम आजाद हैं लेकिन कहीं ना कहीं हम राशन की नीतियों में बैठे हुए उनकी नियमों में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व का एकमात्र संगठन है सिकंदर की गेहूं की मोनोपोली चलती है हमारी आप की नहीं चलती

dadi ke liye toh gandhiji nahi the ab ismein aur main aapko peeche le jaunga bolshevik kranti ki tarah aapko yaad hoga ki jab jankari aur bolshevik kranti hui toh ab yeh britain ko yeh lag gaya ki ab hawai phone shuru nahi kiya ja sakta toh unhone duniya ke tamam deshon ko azad karna shuru kiya aur humein bhi azadi usi kram mein mili hai yeh nahi wah aapko dum hona chahiye ki gandhiji ya kisi ke chalte aap ko azadi mili hai azadi ek bhautik parivartan tha us samay bolshevik kranti ke baad agar aap use padenge aap hi mein jaenge kai chijon ke uttar aapko milenge ki bolshevik kranti ke baad ek ek kadam yun mulakat kiya lekin isko dusre dhang se unhone capture karne ke liye phir UNO banana aapka jo hai aaj is group mein aap dekh rahe hain wto dekh rahe hain ya vibhinn vaishvik sangathan jinke upar table ji ka kabza hai america se lekar ke tamam ka aaj kahin na kahin hum bhi un ke niyamon aur disha nirdeshon mein ban chuke hain toh ek prakar ke unhone ab dusre tarike se humein gulami ki janjiron mein baat karne ko hum azad hain lekin kahin na kahin hum raashan ki nitiyon mein baithe hue unki niyamon mein antararashtriya mudra kosh aur vishwa ka ekmatra sangathan hai sikandar ki gehun ki monopoly chalti hai hamari aap ki nahi chalti

दादी के लिए तो गांधीजी नहीं थे अब इसमें और मैं आपको पीछे ले जाऊंगा बोल्शेविक क्रांति की तर

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नहीं मेरी राय में महात्मा गांधी केवल महात्मा गांधी स्कूल की सफलता के लिए जिम्मेदार नहीं क्योंकि यह सभी लोगों का एक मिलाजुला स्वरूप था जिसके कारण है स्वतंत्रता आंदोलन सफल हुआ आप भी सुना दो केवल अहिंसा से केवल सत्याग्रह से आप कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकते जब तक आप को पूरा सहयोग सभी तरह के लोगों का नहीं मिल सकता

nahi meri rai mein mahatma gandhi keval mahatma gandhi school ki safalta ke liye zimmedar nahi kyonki yah sabhi logo ka ek milajula swaroop tha jiske karan hai swatantrata andolan safal hua aap bhi suna do keval ahinsa se keval satyagrah se aap kuch bhi prapt nahi kar sakte jab tak aap ko pura sahyog sabhi tarah ke logo ka nahi mil sakta

नहीं मेरी राय में महात्मा गांधी केवल महात्मा गांधी स्कूल की सफलता के लिए जिम्मेदार नहीं क्

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Prakhar Srivastava

IAS Aspirant

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देखिए गांधी जी जन नेता थे और लोकप्रिय नेता थे और पूरे देश के नेता थे गरीबों के अमीरों के सब लोग उन्हें मानते थे अपना नेता और वह थे उन्होंने निश्चित रूप से अपने जीवन काल में बहुत अच्छी तरीके से अंग्रेजों को निकालने के लिए निरंतर प्रयास किए गए आंदोलन चलाएं लेकिन कोई भी आंदोलन यह तो बहुत बड़ा आंदोलन का कोई छोटा-मोटा आंदोलन बिगर सफल होता है उसमें कई लोग शामिल होते हैं आप देखिए जब क्रिकेट टीम हमारी वर्ल्ड कप में करके आती है तो पूरे टूर्नामेंट में जो 11 के 11 खिलाड़ी रहते हैं 15 खिलाड़ी रहते हैं उन सब को अपना योगदान देना होता कभी आप नहीं देखोगे कि सचिन तेंदुलकर ने अकेले वर्ल्ड कप जीता दिया या विराट कोहली ने अकेले कुछ कर दिया या महेंद्र सिंह धोनी ने अकेले वर्ल्ड कप जीता दिया है ना यह लोग एक कैप्टन हो सकते हैं बड़े खिलाड़ी हो सकते हैं लेकिन जब पूरी टीम खेलती है एक साथ तभी एक अच्छा मैच जीता जाता है बालों को भी अच्छा करना होता है बिल्डिंग में भी लोगों को अच्छे कैच लेने होते हैं और रिंग करते समय भी तीन चार खिलाड़ियों को अच्छे स्कूल करने होते हैं ठीक उसी तरह से जब हमारा स्वतंत्र संग्राम चल रहा था तो कई नेताओं ने अपने अपने ढंग से योगदान दिया गांधीजी शांति प्रिय नेता थे उन्होंने शांति के साथ निकालने का प्रयास किया सत्य और अहिंसा पर चलकर तो दूसरी और के नेता थे जिन्होंने अपने अपने तरीके इस्तेमाल की जैसे भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु जो युवा नेता थे 22 23 साल की उम्र में जिन्हें फांसी मिल गई उन्होंने बम फोड़कर के अंग्रेजों को भगाने का प्रयास किया सुभाष चंद्र बोस नेताजी जो सबसे महान नेता जिनको मैं मानता हूं उन्होंने तो पूरी एक्सैना बना ली थी लेकिन उसमें धोखेबाज लोग निकल गए जिसकी वजह से फूट पड़ गई वह काम नहीं आया ठीक है इसी तरह से चंद्रशेखर थे युवा नेता थे गर्म जोश वाले इसी तरह से बहुत सारे नेता थे तो सबका योगदान रहता है हां लेकिन गांधीजी का योगदान नकारा नहीं जा सकता उनका भी बहुत बड़ा योगदान था लेकिन सारे जो क्रांतिकारी थे उनकी वजह से हमें आजादी मिली है

dekhie gandhi ji jan neta the aur lokpriya neta the aur poore desh ke neta the garibon ke amiron ke sab log unhein maante the apna neta aur wah the unhone nishchit roop se apne jeevan kaal mein bahut acchi tarike se angrejo ko nikalne ke liye nirantar prayas kiye gaye andolan chalaye lekin koi bhi andolan yeh toh bahut bada andolan ka koi chota mota andolan bigger safal hota hai usme kai log shaamil hote hain aap dekhie jab cricket team hamari world cup mein karke aati hai toh poore tournament mein jo 11 ke 11 khiladi rehte hain 15 khiladi rehte hain un sab ko apna yogdan dena hota kabhi aap nahi dekhoge ki sachin tendulkar ne akele world cup jita diya ya virat kohli ne akele kuch kar diya ya mahendra Singh dhoni ne akele world cup jita diya hai na yeh log ek captain ho sakte hain bade khiladi ho sakte hain lekin jab puri team khelti hai ek saath tabhi ek accha match jita jata hai balon ko bhi accha karna hota hai building mein bhi logo ko acche catch lene hote hain aur ring karte samay bhi teen char khiladiyon ko acche school karne hote hain theek usi tarah se jab hamara swatantra sangram chal raha tha toh kai netaon ne apne apne dhang se yogdan diya gandhiji shanti priya neta the unhone shanti ke saath nikalne ka prayas kiya satya aur ahinsha par chalkar toh dusri aur ke neta the jinhone apne apne tarike istemal ki jaise bhagat Singh sukhadeva aur rajaguru jo yuva neta the 22 23 saal ki umar mein jinhen fansi mil gayi unhone bomb fodakar ke angrejo ko bhagne ka prayas kiya subhash chandra bose netaji jo sabse mahaan neta jinako main manata hoon unhone toh puri eksaina bana li thi lekin usme dhokhebaj log nikal gaye jiski wajah se feet pad gayi wah kaam nahi aaya theek hai isi tarah se chandrasekhar the yuva neta the garam josh wale isi tarah se bahut saare neta the toh sabka yogdan rehta hai haan lekin gandhiji ka yogdan nakara nahi ja sakta unka bhi bahut bada yogdan tha lekin saare jo krantikari the unki wajah se humein azadi mili hai

देखिए गांधी जी जन नेता थे और लोकप्रिय नेता थे और पूरे देश के नेता थे गरीबों के अमीरों के स

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