महात्मा गांधी को जितनी प्रशंसा मिलती है, क्या वो उसके लायक हैं?...


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Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

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Abhishek Shekher Gaur

Civil Engineer

2:10

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महात्मा गांधी को जितनी प्रशंसा मिलती है क्या उसके लायक है स्वतंत्रता सेनानी जिसकी जितनी पढ़ाई करी जाए वह कम है मैं मानता हूं लेकिन मैं एक और चीज भी मानता हूं कि मैं डेमोक्रेसी में रहता हूं तो कुछ लोग मेरी बात से सहमत हो सकते हैं पूछो मेरी बात से नहीं सहमत हो सकते हैं जो मेरी बात से सहमत हूं कि मुझे सपोर्ट करेंगे जो मेरी बात से सहमत नहीं होंगे वह मेरा थोड़ा विरोध करेंगे फिर मेरी बात से सहमत नहीं होंगे यार तुम्हारी बात गलत है तो मुझे एक फ्यूज पसंद नहीं आते हैं जैसे कई लोग महात्मा गांधी के उनके अच्छे काम के लिए अगर हम उनको प्रेस करते हैं तो उनके उनसे जो गलत काम हुए हैं उनको क्रिटिसाइज करने का भी हक होना चाहिए असली डेमोक्रेसी तभी है जब आप सही को सही और बोल सकें जब आपको एक लोग को किसी को भी चाहे वह राइट कहे चाहे वह लेफ्ट साइड में जी वाले काहे को किसी एक को दम ऐसा बना दे कि नहीं इस कारण तो कुछ बुरा कह नहीं सकते या फिर इसको अच्छा ही कहना अब वह गलत है चाहे वह अभी का कोई कहे कि मोदी को बुरा नहीं कर सकते तो भी गलत है चाहे उधर से कोई कहे कि जवाहरलाल नेहरू को गलत नहीं कर सकता मैं मानता हूं सही काम की जब लड़ाई करनी चाहिए तो बुरे काम की बुराई भी करनी चाहिए और डेमोक्रेसी हमें यही आजादी देती है तो उनकी उनको जितनी प्रशंसा मिलती है उसके लायक हैं हां लायक हैं क्योंकि उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी बेशक और उनकी लड़ाई होनी भी चाहिए बस उनके चक्कर में और किसी को नहीं भूल जाना चाहिए बाकी लोगों को भी याद रखना चाहिए कई बार होता है ना कि हम लोग के सामने अगर 10 बल्ब रख दिया जाए फिर एक औरत ज्यादा तेज कर दिया जाता हूं बाकी बल को सोचते हैं कि बाकी बल कुछ काम नहीं कर रहा है तो यह नहीं होना चाहिए सबको याद रखना चाहिए एक योगदान सबका था जान सब ने कईयों ने दी है तो हमको भी याद रखना चाहिए थैंक यू

mahatma gandhi ko jitni prashansa milti hai kya uske layak hai swatantrata senani jiski jitni padhai kari jaaye vaah kam hai manata hoon lekin main ek aur cheez bhi manata hoon ki main democracy mein rehta hoon toh kuch log meri baat se sahmat ho sakte hain pucho meri baat se nahi sahmat ho sakte hain jo meri baat se sahmat hoon ki mujhe support karenge jo meri baat se sahmat nahi honge vaah mera thoda virodh karenge phir meri baat se sahmat nahi honge yaar tumhari baat galat hai toh mujhe ek fuse pasand nahi aate hain jaise kai log mahatma gandhi ke unke acche kaam ke liye agar hum unko press karte hain toh unke unse jo galat kaam hue hain unko criticize karne ka bhi haq hona chahiye asli democracy tabhi hai jab aap sahi ko sahi aur bol sake jab aapko ek log ko kisi ko bhi chahen vaah right kahe chahen vaah left side mein ji waale kaahe ko kisi ek ko dum aisa bana de ki nahi is karan toh kuch bura keh nahi sakte ya phir isko accha hi kehna ab vaah galat hai chahen vaah abhi ka koi kahe ki modi ko bura nahi kar sakte toh bhi galat hai chahen udhar se koi kahe ki jawaharlal nehru ko galat nahi kar sakta main manata hoon sahi kaam ki jab ladai karni chahiye toh bure kaam ki burayi bhi karni chahiye aur democracy hamein yahi azadi deti hai toh unki unko jitni prashansa milti hai uske layak hain haan layak hain kyonki unhone desh ki azadi ki ladai ladi beshak aur unki ladai honi bhi chahiye bus unke chakkar mein aur kisi ko nahi bhool jana chahiye baki logo ko bhi yaad rakhna chahiye kai baar hota hai na ki hum log ke saamne agar 10 bulb rakh diya jaaye phir ek aurat zyada tez kar diya jata hoon baki bal ko sochte hain ki baki bal kuch kaam nahi kar raha hai toh yah nahi hona chahiye sabko yaad rakhna chahiye ek yogdan sabka tha jaan sab ne kaiyon ne di hai toh hamko bhi yaad rakhna chahiye thank you

महात्मा गांधी को जितनी प्रशंसा मिलती है क्या उसके लायक है स्वतंत्रता सेनानी जिसकी जितनी पढ

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MonuTiwari

Little Businessman And Motivational Teacher

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Charan

Social Worker8354839129

0:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस विदेशी एजेंट थे क्योंकि इन दोनों ने भगत सिंह सुखदेव राजगुरु को बचाने की कोई भी सत्याग्रह या आंदोलन नहीं चलाया अगर इन दोनों महापुरुष चलाते तो शायद फांसी से बच सकती थी और हमारा देश और पहली स्वतंत्र हो सकता था मगर ऐसा नहीं किया गया

mahatma gandhi aur subhash chandra bose videshi agent the kyonki in dono ne bhagat Singh sukhadeva raajguru ko bachane ki koi bhi satyagrah ya andolan nahi chalaya agar in dono mahapurush chalte toh shayad fansi se bach sakti thi aur hamara desh aur pehli swatantra ho sakta tha magar aisa nahi kiya gaya

महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस विदेशी एजेंट थे क्योंकि इन दोनों ने भगत सिंह सुखदेव राजगु

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anu dube

Student

1:12
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि महात्मा गांधी को जितनी प्रशंसा मिलती है क्या वह उसके लायक है देखिए हमारे देशवासियों या हमारे देश को आजाद दिला लो जितनी सारी लेता है इतनी सारी हमारे देशवासियों ने मेहनत की है और लड़ाई लड़े उन सभी की प्रशंसा हम लोगों से करना कम ही पड़ेगा क्योंकि उन लोग ऐसा काम किया जिससे हम लोग आज आजादी से जी रहे हैं हम लोग जो चाह रहे हैं वह कर रहे हैं अगर हमारे देश के गांधी जी सुभाष चंद्र बोस भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद देश हमारा देश आज भी गुलाम अली रहता और हमारी जिंदगी कैद में होती और हम लोग आज भी अंग्रेजों की गुलामी करते रहते इसलिए गाना चाहूंगा कि हम लोग के द्वारा स्वतंत्रा सेनानी की की हुई प्रशंसा बहुत कम हो गई

aapka sawaal hai ki mahatma gandhi ko jitni prashansa milti hai kya vaah uske layak hai dekhiye hamare deshvasiyon ya hamare desh ko azad dila lo jitni saree leta hai itni saree hamare deshvasiyon ne mehnat ki hai aur ladai lade un sabhi ki prashansa hum logo se karna kam hi padega kyonki un log aisa kaam kiya jisse hum log aaj azadi se ji rahe hain hum log jo chah rahe hain vaah kar rahe hain agar hamare desh ke gandhi ji subhash chandra bose bhagat Singh chandrashekhar azad desh hamara desh aaj bhi gulam ali rehta aur hamari zindagi kaid mein hoti aur hum log aaj bhi angrejo ki gulaami karte rehte isliye gaana chahunga ki hum log ke dwara swatantra senani ki ki hui prashansa bahut kam ho gayi

आपका सवाल है कि महात्मा गांधी को जितनी प्रशंसा मिलती है क्या वह उसके लायक है देखिए हमारे द

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

1:21
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मेरे हिसाब से जिस प्रकार के इंसान महात्मा गांधी थे और इस प्रकार क्योंकि प्रशंसा मिली तो मेरे सबसे को उसके बिल्कुल लायक थे कि किस प्रकार से महात्मा गांधी ने जो है अहिंसा के मार्ग लेकर या फिर हम कह सकते नॉन वायलेंस विषय तरीके से भारत को आजादी दिए तो का नाका पर उन्हें जो है जिस प्रकार की प्रशंसा मिलती है वह किला कि मुझे सबसे ज्यादा भी बोला है कि क्योंकि हम देखते अंबेडकर जयंती जो है लोग बहुत दिलचस्प से बनाते एकदम मनोरंजक ओके बनाते हैं लेकिन जब गांधी जयंती आते तब गांधीजी के ऊपर या गांधी जी के जन्म के दिन आ जाए ऐसी मनोरंजक यात्रा इतना एक्साइटमेंट नहीं दिखता है आशिकी आई नहीं जिस प्रकार से महात्मा गांधी जो एक जनर्लिस्ट रह चुके एक पत्रकार रह चुके हो मैंने तीन या चार न्यूज़ पेपर जो बोले थे उन्होंने वस साउथ अफ्रीका से मैंने पढ़ा था उनके पास डिग्री है सिर्फ दो ही नहीं जिस प्रकार जिन्होंने भारत को एकजुटता लाई है वह हमेशा हां बंटवारे के खिलाफ थे और हमेशा वह हिंदुस्तान के बारे में सोचते हो भारत के बारे में नहीं बल्कि हिंदुस्तान के बारे में सोचते थे और इस प्रकार से उन्होंने अंग्रेजों से हमें बचाया अंग्रेजों को हिंदुस्तान से निकाला है तो का नाका पर उन्हें जो प्रशंसा मिलती है इसके लिए वह बिल्कुल सही और उसके बिल्कुल लायक है

dekhiye mere hisab se jis prakar ke insaan mahatma gandhi the aur is prakar kyonki prashansa mili toh mere sabse ko uske bilkul layak the ki kis prakar se mahatma gandhi ne jo hai ahinsa ke marg lekar ya phir hum keh sakte non violence vishay tarike se bharat ko azadi diye toh ka naka par unhe jo hai jis prakar ki prashansa milti hai vaah kila ki mujhe sabse zyada bhi bola hai ki kyonki hum dekhte ambedkar jayanti jo hai log bahut dilchasp se banate ekdam manoranjak ok banate hain lekin jab gandhi jayanti aate tab gandhiji ke upar ya gandhi ji ke janam ke din aa jaaye aisi manoranjak yatra itna exitement nahi dikhta hai aashiqui I nahi jis prakar se mahatma gandhi jo ek journalist reh chuke ek patrakar reh chuke ho maine teen ya char news paper jo bole the unhone vas south africa se maine padha tha unke paas degree hai sirf do hi nahi jis prakar jinhone bharat ko ekjutata lai hai vaah hamesha haan batware ke khilaf the aur hamesha vaah Hindustan ke bare mein sochte ho bharat ke bare mein nahi balki Hindustan ke bare mein sochte the aur is prakar se unhone angrejo se hamein bachaya angrejo ko Hindustan se nikaala hai toh ka naka par unhe jo prashansa milti hai iske liye vaah bilkul sahi aur uske bilkul layak hai

देखिए मेरे हिसाब से जिस प्रकार के इंसान महात्मा गांधी थे और इस प्रकार क्योंकि प्रशंसा मिली

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Hhhgnbhh

1:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जैसा कि हम जानते हैं कि कोई भी व्यक्ति संपूर्ण नहीं हो सकता उस में कोई ना कोई कमी जरुर होगी तो कहीं जगह महात्मा गांधी जी में भी कमियां थी जिस तरीके से वह पूरे भारत को तो साथ लेकर चलने पर मैं अपने परिवार को साथ लेकर नहीं चल पार ऐसे करके ऐसे करके कुछ और भी कमजोर में देखी गई तो मुझे ऐसा लगता है कि उन कमियों के बाद भी तो उन्होंने भारत को दिया है उसके मुकाबले उनकी कमियां कुछ भी नहीं है उनकी कमी हमेशा नजरअंदाज करी जाती है और जहां तक की बात हुई उनके कि उनको जितना प्रशंसा मिलती है तो हां मैं उसके लायक है 1 अक्टूबर 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है उनके जन्मदिवस पर तो यह जो उनको आदत दिया गया है कि हर एक गर्म नोट पर भी बात करेगी जो करेंसी होती है उस पर भी उनकी तस्वीर होती है तो मुझे लगता है जो भी आदर उन्हें दिया गया है उसके बिल्कुल प्रशंसनीय है वह उसके बिल्कुल काबिल है क्योंकि जिस तरीके देखा गया जिस तरीके से उन्होंने पूरे भारत को एकजुट करके इकट्ठा करके 300 ब्रिटिश भारत से अलग करवाया है उनसे छुटकारा दिलवाया तो इसको ही काबिले तारीफ ही कह सकते हैं तो मुझे ऐसा लगता है कि महात्मा गांधी जी ने जिस तरीके से लोगों को एक साथ लेकर हमेशा पीसफुल ही काम करना चाहा है और लोगों की सोच में बदलाव ले कर आए हैं कि काम अगर हम चाहे तो पी स्कूली भी हो सकता है बड़े से बड़ा काम क्यों ना हो तो यह जो सोच में बदलाव ले कर आए हैं इसकी वजह से मुझे ऐसा लगता है कि उन्हें प्रशंसा जून को मिलती है बे उसके बिल्कुल कहां पर है

dekhiye jaisa ki hum jante hain ki koi bhi vyakti sampurna nahi ho sakta us mein koi na koi kami zaroor hogi toh kahin jagah mahatma gandhi ji mein bhi kamiyan thi jis tarike se vaah poore bharat ko toh saath lekar chalne par main apne parivar ko saath lekar nahi chal par aise karke aise karke kuch aur bhi kamjor mein dekhi gayi toh mujhe aisa lagta hai ki un kamiyon ke baad bhi toh unhone bharat ko diya hai uske muqable unki kamiyan kuch bhi nahi hai unki kami hamesha najarandaj kari jaati hai aur jaha tak ki baat hui unke ki unko jitna prashansa milti hai toh haan main uske layak hai 1 october 2 october ko gandhi jayanti manai jaati hai unke janmadivas par toh yah jo unko aadat diya gaya hai ki har ek garam note par bhi baat karegi jo currency hoti hai us par bhi unki tasveer hoti hai toh mujhe lagta hai jo bhi aadar unhe diya gaya hai uske bilkul prashansaniya hai vaah uske bilkul kaabil hai kyonki jis tarike dekha gaya jis tarike se unhone poore bharat ko ekjut karke ikattha karke 300 british bharat se alag karvaya hai unse chhutkara dilvaya toh isko hi kabile tareef hi keh sakte hain toh mujhe aisa lagta hai ki mahatma gandhi ji ne jis tarike se logo ko ek saath lekar hamesha peaceful hi kaam karna chaha hai aur logo ki soch mein badlav le kar aaye hain ki kaam agar hum chahen toh p skuli bhi ho sakta hai bade se bada kaam kyon na ho toh yah jo soch mein badlav le kar aaye hain iski wajah se mujhe aisa lagta hai ki unhe prashansa june ko milti hai be uske bilkul kahaan par hai

देखिए जैसा कि हम जानते हैं कि कोई भी व्यक्ति संपूर्ण नहीं हो सकता उस में कोई ना कोई कमी जर

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Ishita Seth

Obstinate Programmer

1:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अगर इस फैशन पर मैं अपना ओपिनियन रखना चाहो तो मैं बिल्कुल सहमत हूं इस बात से कि महात्मा गांधी जी को जितनी प्रशंसा मिलती है वह बिल्कुल उसके लायक थे उन्होंने काम किया है इंडिया के लिए उन्होंने इंडिया को तो फ्री करवाने के लिए जितनी मेहनत की है जितने भी आंदोलन उन्होंने चलाएं हैं उन सबका महात्मा गांधी बड़ा हादसा और महात्मा गांधी नहीं होते तो कभी भारत देश को आजादी नहीं मिल पाती और जहां तक देखा जाए कि एक इंसान में मतलब हर चीज अच्छी नहीं हो सकती कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता है तो हम यह कैसे कर सकते हैं कि महात्मा गांधी जी की कमियां होती है सब में होती है महात्मा गांधी जी में भी थी पर लेकिन उन्होंने उनकी अच्छाइयां है उन्होंने जो काम किए हैं वह उनकी वह इतने बड़े हैं कि हम उनकी कमियों को नजरअंदाज कर सकते हैं क्योंकि अगर वह नहीं होते जो Andolan उन्होंने चलाएं अगर वह सब वे सभी काम नहीं करते तो शायद आज भी भारत आजाद नहीं हो पाता मां के जैसा हम हम सुनते हैं हमने कहीं पढ़ा है अब उतना ही मैं भी कहीं पढ़ा है बहुत सारी जगह पर नेट पर निबंध भारत के लिए बहुत ज्यादा होने से कुछ चीज जो इंडिया के लिए बहुत ज्यादा मिलने के टेस्ट में चले गए पर लेकिन उनके पॉजिटिव फिर भी देखा जाता उनके निकट से बहुत ज्यादा है इसलिए जी हां बिलकुल महात्मा जी को जितनी प्रशंसा मिलती है उसके बिल्कुल लायक है

dekhiye agar is fashion par main apna opinion rakhna chaho toh main bilkul sahmat hoon is baat se ki mahatma gandhi ji ko jitni prashansa milti hai vaah bilkul uske layak the unhone kaam kiya hai india ke liye unhone india ko toh free karwane ke liye jitni mehnat ki hai jitne bhi andolan unhone chalaye hain un sabka mahatma gandhi bada hadsa aur mahatma gandhi nahi hote toh kabhi bharat desh ko azadi nahi mil pati aur jaha tak dekha jaaye ki ek insaan mein matlab har cheez achi nahi ho sakti koi bhi insaan perfect nahi hota hai toh hum yah kaise kar sakte hain ki mahatma gandhi ji ki kamiyan hoti hai sab mein hoti hai mahatma gandhi ji mein bhi thi par lekin unhone unki achaiya hai unhone jo kaam kiye hain vaah unki vaah itne bade hain ki hum unki kamiyon ko najarandaj kar sakte hain kyonki agar vaah nahi hote jo Andolan unhone chalaye agar vaah sab ve sabhi kaam nahi karte toh shayad aaj bhi bharat azad nahi ho pata maa ke jaisa hum hum sunte hain humne kahin padha hai ab utana hi main bhi kahin padha hai bahut saree jagah par net par nibandh bharat ke liye bahut zyada hone se kuch cheez jo india ke liye bahut zyada milne ke test mein chale gaye par lekin unke positive phir bhi dekha jata unke nikat se bahut zyada hai isliye ji haan bilkul mahatma ji ko jitni prashansa milti hai uske bilkul layak hai

देखिए अगर इस फैशन पर मैं अपना ओपिनियन रखना चाहो तो मैं बिल्कुल सहमत हूं इस बात से कि महात्

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