आपातकाल इंदिरा गांधी द्वारा क्यों घोषित की गई थी?...


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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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देखिए सर 1971 में पाकिस्तान के साथ जो वॉर हुई थी, उसकी वजह से जो जीडीपी था, वह वैसे ही बहुत कम हो गया था| अकाल पड़ा था, अन एम्प्लोयमेंट था, तेल के क्राइसेस थे, जिसकी वजह से इकोनॉमी पर और असर पड़ा| जोर्ज फ़र्नान्डिस जो थे जो प्रेसिडेंट थे उस टाइम की ऑल इंडिया रेलवे मेंस के, उन्होंने एक स्ट्राइक ओर्गनाइस करवा दी थी रेलवे की 1974 में, जिसमें बहुत लोगो को अरेस्ट किया गया था| जया प्रकाश नारायण थी उन्होंने भी बहुत ज्यादा प्रोटेस्ट करना शुरु कर दिया था, अपनी करप्ट गवर्नमेंट के खिलाफ| और जुडिशरी जो लॉ एंड ऑर्डर था उसके ऊपर से भी गवर्नमेंट कि पकड़ छूटती जा रही थी| 12 जून 1975 को इंदिरा गांधी के जो इलेक्शन थे लोकसभा के वह अलाहाबाद कोर्ट ने वोयड याने की गलत डिक्लेअर कर दिए थे और उनको रिजाइन करना था लेकिन उन्होंने रेजिग्नेशन ना देकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ रुख किया| हालाकि वो सुप्रीम कोर्ट में भी हार गई | इंदिरा गांधी को एक्चुली डाउट था कि जो उनके खिलाफ ये सब चीज़े हो रही है जो इंटरनली जो उथल पुथल मची हुई थी उसमें अमेरिकन सीआईए कहा था| दूसरी तरफ JP जो थे उन्होंने सत्याग्रह बुलाया था और उन्होंने रेलीज की थी बहुत सारी, इंदिरा गांधी की रेसिग्नेशन के लिए 25 जून 1975 को| अब समय आ गया था जब इंदिरा गांधी को लगने लगा था कि पकड़ उनके हाथ से छूट रही है, कंट्रोल नहीं है उनके हाथ में, तब उन्होंने 25 जून 1975 को इमरजेंसी डिक्लेअर की थी, जो 21 महीने तक चली थी याने की मार्च 21, 1977 तक ये चली और इस तरह से, इस वजह से उन्होंने अमरजनसी डिक्लेअर|

dekhiye sir 1971 mein pakistan ke saath jo war hui thi uski wajah se jo gdp tha vaah waise hi bahut kam ho gaya tha akaal pada tha an employament tha tel ke kraises the jiski wajah se economy par aur asar pada jorj farnandis jo the jo president the us time ki all india railway mains ke unhone ek strike organais karva di thi railway ki 1974 mein jisme bahut logo ko arrest kiya gaya tha jaya prakash narayan thi unhone bhi bahut zyada protest karna shuru kar diya tha apni corrupt government ke khilaf aur judiciary jo law and order tha uske upar se bhi government ki pakad chutti ja rahi thi 12 june 1975 ko indira gandhi ke jo election the lok sabha ke vaah allahabad court ne voyad yane ki galat declare kar diye the aur unko resign karna tha lekin unhone resignation na dekar supreme court ki taraf rukh kiya halaki vo supreme court mein bhi haar gayi indira gandhi ko ekchuli doubt tha ki jo unke khilaf ye sab chizey ho rahi hai jo intaranali jo uthal puthal machi hui thi usme american CIA kaha tha dusri taraf JP jo the unhone satyagrah bulaya tha aur unhone relij ki thi bahut saree indira gandhi ki resigneshan ke liye 25 june 1975 ko ab samay aa gaya tha jab indira gandhi ko lagne laga tha ki pakad unke hath se chhut rahi hai control nahi hai unke hath mein tab unhone 25 june 1975 ko emergency declare ki thi jo 21 mahine tak chali thi yane ki march 21 1977 tak ye chali aur is tarah se is wajah se unhone amarajanasi declare

देखिए सर 1971 में पाकिस्तान के साथ जो वॉर हुई थी, उसकी वजह से जो जीडीपी था, वह वैसे ही बहु

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत का 21 महीने का आपातकाल पीरियड होता वह भारत का सबसे तेज धार के 100 सबसे बुरा पीरियड कब माना जाता है पॉलिटिक्स में क्योंकि यह भारत का तीसरा आपातकाल पीरियड था और यह बात कल पीरियड है तब शुरू हुआ जब 1971 में भारत ने पाकिस्तान के साथ युद्ध किया और भारत की आर्थिक स्थिति ज्योति बहुत खराब हो चुकी थी आर्थिक स्थिति के कारण जो है लोगों को नौकरियां नहीं मिल रही थी लोगों को खाना नहीं मिल रहा तो लोगों को लगभग महंगाई का सामना करना पड़ रहा है लोगों के पास पैसे भी नहीं थे महंगाई मां से लड़ने के लिए और सब यही नहीं जिस प्रकार से 1971 में इंदिरा गांधी ने बहुमत पाई थी पार्लिमेंट में तो उन्होंने से कई सारे नियम निकाले जिसके जिससे उन्हें ज्यादा पावर में लग गए ऐसे प्राइम मिनिस्टर और पार्टी के अध्यक्ष में भी जिसके कारण अपोजीशन ने जो है उनके सकते हैं एक रैली निकाली और भाई ने जिस प्रकार से इंडियन रुपी उन्होंने भी टाइप कर किसने कहा था कि कि उनकी तनख्वाह जाती वह भी नहीं बोल रही थी और अपोजिशन पार्टी भी इस बात का आप रेस्ट कर रहे थे इस बात के नारे लगा रही थी तो इंदिरा गांधी को डर लग रहा था कि खाना खा पर मेरी सत्ता चली जाएगी क्योंकि 1971 में जो है इंदिरा गांधी ने पार्लिमेंट में जो है उनकी और उनकी पार्टी ने ओपन नंबर से जो है उन्हें सरकार बनाई थी और इसी डर के कारण की इंदिरा गांधी को लगा कि मेरी सरकार ज्यादा देर तक चलेगी नहीं तो उन्होंने आपातकाल घोषित करें और आपातकाल घोषित करने के बाद जितने भी न्यूज़ पेपर उन सबको ठप करने की मांग कर देखो जितने भी लोग से बाहर थे उन्हें वापस से उनको जेल भेजा करो ग्रुप प्रोटेस्ट कर रहे थे खुद ने जेल भेजा गया और कई सारी चीजों की आपात काल पीरियड में होती है तो मेरे हिसाब से इसी कारण इंदिरा गांधी जी ने आपातकाल घोषित किया था

bharat ka 21 mahine ka aapatkal period hota vaah bharat ka sabse tez dhar ke 100 sabse bura period kab mana jata hai politics mein kyonki yah bharat ka teesra aapatkal period tha aur yah baat kal period hai tab shuru hua jab 1971 mein bharat ne pakistan ke saath yudh kiya aur bharat ki aarthik sthiti jyoti bahut kharab ho chuki thi aarthik sthiti ke karan jo hai logo ko naukriyan nahi mil rahi thi logo ko khana nahi mil raha toh logo ko lagbhag mahangai ka samana karna pad raha hai logo ke paas paise bhi nahi the mahangai maa se ladane ke liye aur sab yahi nahi jis prakar se 1971 mein indira gandhi ne bahumat payi thi Parliament mein toh unhone se kai saare niyam nikale jiske jisse unhe zyada power mein lag gaye aise prime minister aur party ke adhyaksh mein bhi jiske karan apojishan ne jo hai unke sakte hain ek rally nikali aur bhai ne jis prakar se indian rupee unhone bhi type kar kisne kaha tha ki ki unki tankhvaah jaati vaah bhi nahi bol rahi thi aur opposition party bhi is baat ka aap rest kar rahe the is baat ke nare laga rahi thi toh indira gandhi ko dar lag raha tha ki khana kha par meri satta chali jayegi kyonki 1971 mein jo hai indira gandhi ne Parliament mein jo hai unki aur unki party ne open number se jo hai unhe sarkar banai thi aur isi dar ke karan ki indira gandhi ko laga ki meri sarkar zyada der tak chalegi nahi toh unhone aapatkal ghoshit kare aur aapatkal ghoshit karne ke baad jitne bhi news paper un sabko thap karne ki maang kar dekho jitne bhi log se bahar the unhe wapas se unko jail bheja karo group protest kar rahe the khud ne jail bheja gaya aur kai saree chijon ki aapaat kaal period mein hoti hai toh mere hisab se isi karan indira gandhi ji ne aapatkal ghoshit kiya tha

भारत का 21 महीने का आपातकाल पीरियड होता वह भारत का सबसे तेज धार के 100 सबसे बुरा पीरियड कब

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

1:20

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बांग्लादेश उदय को इंदिरा गांधी के भी राजनीतिक जीवन का उत्कृष्ट कहा जा सकता है 1971 में ही हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी का रायबरेली सीट से निर्वाचन अभी ठहरा दिया था इस चुनाव में राजनारायण थोड़े ही मतों से हारे थे गांधी ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी उन्हें इसके मिल गया में प्रधानमंत्री पद पर बनी रह सकती थी परंतु वह सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकती थी और ना ही सदन में वह दे सकती थी जब 1975 में रायबरेली के चुनाव में गड़बड़ी के आरोपियों के कारण और जे पी द्वारा संपूर्ण क्रांति के नारे के अंतर्गत समूचा विपक्ष ने एकजुट होकर इंदिरा गांधी की सत्ता के खिलाफ संघर्ष छेड़ दिया तब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगा दिया आपातकाल में नागरिक अधिकार रद्द कर दिए गए प्रश्न और मीडिया पर सेंसरशिप लागू हो गई कई विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया संजय गांधी के नेतृत्व में जबरन नसबंदी अभियान सत्ता पक्ष द्वारा दमन के कारण आपातकाल को इंदिरा गांधी के राजनीतिक जीवन का निम्न बिंदु माना जाने लगा इसका 1977 के चुनाव में जनता ने मां को जवाब दिया 1977 में Amazon से हटा ली गई और आम चुनाव हुए जिसमें इंदिरा गांधी की अभूतपूर्व हार हुई

bangladesh uday ko indira gandhi ke bhi raajnitik jeevan ka utkrasht kaha ja sakta hai 1971 mein hi highcourt ne indira gandhi ka raebareli seat se nirvachan abhi thahara diya tha is chunav mein rajnarayan thode hi maton se hare the gandhi ne is nirnay ko supreme court mein chunauti di unhe iske mil gaya mein pradhanmantri pad par bani reh sakti thi parantu vaah sadan ki karyavahi mein bhag nahi le sakti thi aur na hi sadan mein vaah de sakti thi jab 1975 mein raebareli ke chunav mein gadbadi ke aaropiyon ke karan aur je p dwara sampurna kranti ke nare ke antargat samucha vipaksh ne ekjut hokar indira gandhi ki satta ke khilaf sangharsh ched diya tab indira gandhi ne aapatkal laga diya aapatkal mein nagarik adhikaar radd kar diye gaye prashna aur media par censorship laagu ho gayi kai vipakshi netaon ko jail mein daal diya gaya sanjay gandhi ke netritva mein jabran nasbandi abhiyan satta paksh dwara daman ke karan aapatkal ko indira gandhi ke raajnitik jeevan ka nimn bindu mana jaane laga iska 1977 ke chunav mein janta ne maa ko jawab diya 1977 mein Amazon se hata li gayi aur aam chunav hue jisme indira gandhi ki abhutpurv haar hui

बांग्लादेश उदय को इंदिरा गांधी के भी राजनीतिक जीवन का उत्कृष्ट कहा जा सकता है 1971 में ही

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