समाज परिप्रेक्ष्य की तीन विशेषताएं बताएं?...


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Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

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सामाजिक सद्भाव सामाजिक समरसता सामाजिक समानता इस समाज अध्यक्ष की तीन प्रमुख विशेषताएं हैं

samajik sadbhav samajik samarsata samajik samanata is samaj adhyaksh ki teen pramukh visheshtayen hain

सामाजिक सद्भाव सामाजिक समरसता सामाजिक समानता इस समाज अध्यक्ष की तीन प्रमुख विशेषताएं हैं

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सामाजिक परिपेक्ष यह हिंदी का शब्द मेरे लिए थोड़ा कठिन है लेकिन मैं यह मानता हूं कि जो समाज से संबंधित है वहीं सामाजिक परिपेक्ष है दुनिया में 185 ज्यादा देश है अलग-अलग समाज है हर समाज में कुछ अच्छी मानी जाती है कुछ चीज अच्छी नहीं मानी जाती हमारे देश में कुछ अच्छी मानी जाती है जैसे कोई बच्चा सवेरे 4:00 बजे उठता है नहाता धोता है पूजा करता है फिर पढ़ाई करता है उसको बहुत अच्छा माना जाता है चाहे वह फंस भी जनना अच्छा स्कूल ना करें कि हर बच्चे का अपना अलग हर व्यक्ति का अपना अलग होता है अगर आप बात नहीं किसी प्रोवेशन से पूछे थे एक पेड़ के 2 पत्ते एक समान नहीं हो सकते 2 बच्चे एक समान कैसे हो सकते हो किसी बच्चे को सवेरे 4:00 बजे उठकर पढ़ने में अच्छा महसूस होता है याद होता है किसी को रात को 10:00 बजे पढ़ने में अच्छा याद तोता होता है यह सब यह q1q पर निर्भर करता है अगर हम समाजशास्त्र को अच्छे से पढ़े हैं यह सब चीजें हमारे सामने स्पष्ट हो जाएगी

samajik paripeksh yah hindi ka shabd mere liye thoda kathin hai lekin main yah maanta hoon ki jo samaj se sambandhit hai wahi samajik paripeksh hai duniya me 185 zyada desh hai alag alag samaj hai har samaj me kuch achi maani jaati hai kuch cheez achi nahi maani jaati hamare desh me kuch achi maani jaati hai jaise koi baccha savere 4 00 baje uthata hai nahata dhota hai puja karta hai phir padhai karta hai usko bahut accha mana jata hai chahen vaah fans bhi janana accha school na kare ki har bacche ka apna alag har vyakti ka apna alag hota hai agar aap baat nahi kisi proveshan se pooche the ek ped ke 2 patte ek saman nahi ho sakte 2 bacche ek saman kaise ho sakte ho kisi bacche ko savere 4 00 baje uthakar padhne me accha mehsus hota hai yaad hota hai kisi ko raat ko 10 00 baje padhne me accha yaad tota hota hai yah sab yah q1q par nirbhar karta hai agar hum samajshastra ko acche se padhe hain yah sab cheezen hamare saamne spasht ho jayegi

सामाजिक परिपेक्ष यह हिंदी का शब्द मेरे लिए थोड़ा कठिन है लेकिन मैं यह मानता हूं कि जो समाज

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी समाज परी पक्षी की तीन विशेषताएं जो है इस प्रकार है जैसे कि समाज शास्त्रियों ने समाज की परिभाषा का अर्थ व में जो नदी है और समाज के साथ जुड़ी हुई आर्थिक विशेषताएं तो है एचडी है और यह विशेषताएं हैं जो है समाज का अर्थ स्पष्ट करते और हालांकि समाजशास्त्र में सैद्धांतिक समाजशास्त्र के लक्षणों को भी है तो अर्थों में लिखकर या अधिक सदस्य जो है एक से अधिक सदस्य की आवश्यकता होती है और अकेला व्यक्ति के जीवन में आता नहीं कर सकता है और यदि वह किसी तरह जीवन में निर्वाह कर भी ले तो तब भी वह समाज नहीं कहा जा सकता है और दूसरा घर वृहद संस्कृति समाज में अनगिनत समूह में समूह को जया एक समूह कहते हैं और इन एथनिक समूह की जो अपनी एक संस्कृति होती है यह सामान एक सामान्य भाषा होती है खान-पान होता है और जीवन पद्धति है है और तिथि त्योहार होते हैं और क्षेत्र इयत्ता क्षेत्र इयत्ता जॉनसन का आग्रह है की किसी भी संस्कृति का जो है संस्कृति का जो है कौन-कौन आ को उद्गम का जो चित्र है अवश्य होता है और प्रत्येक क्षेत्र की अंतर्राष्ट्रीय सीमा होती है और इसी को जो है देश की सत्यता कहते हैं

kisi samaj pari pakshi ki teen visheshtayen jo hai is prakar hai jaise ki samaj shastriyo ne samaj ki paribhasha ka arth va mein jo nadi hai aur samaj ke saath judi hui aarthik visheshtayen toh hai hd hai aur yah visheshtayen hain jo hai samaj ka arth spasht karte aur halaki samajshastra mein saiddhaantik samajshastra ke lakshano ko bhi hai toh arthon mein likhkar ya adhik sadasya jo hai ek se adhik sadasya ki avashyakta hoti hai aur akela vyakti ke jeevan mein aata nahi kar sakta hai aur yadi vaah kisi tarah jeevan mein nirvah kar bhi le toh tab bhi vaah samaj nahi kaha ja sakta hai aur doosra ghar vrihad sanskriti samaj mein anaginat samuh mein samuh ko jaya ek samuh kehte hain aur in ethnic samuh ki jo apni ek sanskriti hoti hai yah saamaan ek samanya bhasha hoti hai khan pan hota hai aur jeevan paddhatee hai hai aur tithi tyohar hote hain aur kshetra iyatta kshetra iyatta johnson ka agrah hai ki kisi bhi sanskriti ka jo hai sanskriti ka jo hai kaun kaun aa ko udgam ka jo chitra hai avashya hota hai aur pratyek kshetra ki antarrashtriya seema hoti hai aur isi ko jo hai desh ki satyata kehte hain

किसी समाज परी पक्षी की तीन विशेषताएं जो है इस प्रकार है जैसे कि समाज शास्त्रियों ने समाज क

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